बस्तर में सड़कों की सुरक्षा के लिए सख्ती, आयरन केज व्हील वाले ट्रैक्टरों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

जगदलपुर.

बस्तर जिले में अब लोहे के केजव्हील वाले ट्रैक्टरों के सड़क पर संचालन पर कड़ी निगरानी रखी
जाएगी. कलेक्टर के निर्देश पर ऐसे ट्रैक्टरों के खिलाफ चालानी और कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं.

खेतों में उपयोग होने वाले लोहे के पहिए सड़क पर चलने से डामर और सीमेंट सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त होती हैं. इसके कारण सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है. उच्च न्यायालय के निर्देशों और लोक निर्माण विभाग के आदेशों के पालन में यह कदम उठाया गया है. प्रशासन ने खेतों से निकलते ही केजव्हील हटाकर रबर टायर लगाने को अनिवार्य बताया है. परिवहन और लोक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से निगरानी अभियान चलाएंगे. इसके साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मोटरयान नियमों को लेकर जनजागरूकता अभियान भी संचालित होगा. किसानों को नियमों की जानकारी देकर सुरक्षित परिवहन के लिए प्रेरित किया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. इस पहल का उद्देश्य सड़कों की सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति का संरक्षण सुनिश्चित करना है. जिला प्रशासन ने सभी किसानों से नियमों का पालन करने की अपील की है.

CM विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान, बकाया बिजली बिल जमा करने के लिए 3 महीने की अतिरिक्त मोहलत, सरचार्ज माफ

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं, उन्हें भुगतान के लिए तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी।

इस विशेष अवधि के दौरान बकाया बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का सरचार्ज नहीं वसूला जाएगा, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में ऐसे कई उपभोक्ता हैं, जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। ऐसे सभी उपभोक्ता अब अगले तीन महीने के भीतर अपना बकाया बिल जमा कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य लोगों पर आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें राहत प्रदान करना है।

10 प्रतिशत की विशेष छूट भी मिलेगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल सरचार्ज माफ ही नहीं किया जाएगा, बल्कि निर्धारित अवधि के भीतर बकाया बिजली बिल का भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा और वे कम राशि में अपना लंबित बिल जमा कर सकेंगे।

उपभोक्ताओं से समय पर योजना का लाभ लेने की अपील
राज्य सरकार ने पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस विशेष राहत योजना का लाभ उठाते हुए अगले तीन महीने के भीतर अपना बकाया बिजली बिल जमा करें। सरकार का मानना है कि इस फैसले से जहां उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं बिजली वितरण कंपनियों को भी बकाया राशि की वसूली में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री के इस फैसले को बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। लंबे समय से बकाया बिल के कारण सरचार्ज का बोझ झेल रहे हजारों उपभोक्ता अब बिना अतिरिक्त शुल्क के भुगतान कर सकेंगे और 10 प्रतिशत की छूट का लाभ भी उठा पाएंगे।

CM विष्णुदेव साय कबीर जयंती महोत्सव में हुए शामिल, बोले- मेरी वाणी और जीवन पर कबीर साहब का गहरा प्रभाव

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सोनपैरी स्थित असंग देव कबीर आश्रम पहुंचे, जहां वे आयोजित कबीर जयंती महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उनके साथ कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे। साथ ही राज्यपाल गहलोत और मुख्यमंत्री साय ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

CM साय ने कार्यक्रम को किया संबोधित
CM साय ने महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर कबीर साहब का विशेष आशीर्वाद है और पूरे प्रदेश में कबीरपंथ के अनुयायी बड़ी संख्या में हैं। उन्होंने कहा मेरा बचपन भी कबीरपंथ के करीब बीता है। मेरे जीवन और मेरी वाणी पर कबीर जी के विचारों का गहरा प्रभाव है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व की रमन सरकार के समय ही कवर्धा का नाम बदलकर कबीरधाम रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कबीरदास जी की निडरता की भी सराहना की।

27 लाख लोगों को मिला पीएम आवास का लाभ
CM साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार को अभी ढाई साल हुए हैं। पीएम मोदी का प्रदेश की जनता से वादा था मोदी की गारंटी, जिसे पूरा करने की कोशिश कर रहे है। पीएम आवास के तहत लोगों को आवास दिया गया है और 27 लाख लोगों को इसका फायदा मिला है। हमारी सरकार के समय 18 लाख स्वीकृति हुई और पीएम आवास का निर्माण सबसे अधिक छत्तीसगढ़ में हो रहा है।

CM साय ने गिनाई उपलब्धी
उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि नक्सलवाद का खात्मा किया गया, 3 हजार से ज्यादा आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी पीएम आवास की सुविधा दी जाएगी। विशेष अनुसूचित जनजाति के लोगों को 32 हजार आवास मिला, गरीबों को मकान, महिलाओं को महतारी वंदन के तहत किश्त दी जा रही है। हम विकास और विरासत के स्लोगन के साथ काम कर रहे हैं।

मठ मंदिरों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही राम लला अयोध्या दर्शन योजना भी चला रहे हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे।

राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट

भोपाल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक भवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल को मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त होने, यूसीसी को लेकर मिल रहे व्यापक जन समर्थन एवं इस संदर्भ में राज्य सरकार की आगामी कार्य योजना से भी अवगत कराया।

प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल क्रियान्वयन, गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा में प्रस्तावित शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, 4 कृषि उपजों को हाल ही में मिले जीआई टैग से संबंधित किसानों को मिलने वाले लाभ, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न प्रयासों एवं सरकार को मिली उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

 

छिंदवाड़ा में सियासी हलचल तेज, जैतपुर में कमलनाथ के ‘लापता’ पोस्टर लगे, BJP-Congress आमने-सामने

छिंदवाड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री और छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में हैं। छिंदवाड़ा के ग्राम जैतपुर में ग्रामीणों ने कमलनाथ के लापता होने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से सामने रखा गया है।

भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा सांसद बंटी विवेक साहू ने आरोप लगाया है कि छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में कई समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन विधायक कमलनाथ जनता के बीच नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने पेयजल संकट, ग्रामीण इलाकों में अधूरी व्यवस्थाओं और बारिश की कमी से बढ़ रही परेशानियों को लेकर कमलनाथ पर सवाल उठाए हैं।

2 अप्रैल को हुआ था आखिरी दौरा
कमलनाथ आखिरी बार 2 अप्रैल को छिंदवाड़ा दौरे पर आए थे। इसके बाद उनकी क्षेत्र में सक्रियता को लेकर भाजपा लगातार सवाल उठा रही है।

छिंदवाड़ा की राजनीति में बढ़ी हलचल
लोकसभा चुनाव के बाद छिंदवाड़ा की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भाजपा जिले में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सक्रिय है, जबकि कांग्रेस अपने परंपरागत वोट बैंक को बनाए रखने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में जैतपुर में लगाए गए पोस्टरों को आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

खंडवा में 200 एकड़ जंगल से हटाया अतिक्रमण, 30 JCB और 600 कर्मचारियों की बड़ी कार्रवाई

खंडवा 

खंडवा में सोमवार को आमाखुजरी जंगल की करीब 200 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमणकारियों ने यहां पेड़-झाड़ियां काटकर मक्के की फसल बोई थी। वन, राजस्व और पुलिस विभाग के 600 अधिकारी-कर्मचारी 30 जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई में जुटे, जो करीब 6 घंटे तक कार्रवाई चली।

गुड़ी वन परिक्षेत्र के आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमणकारियों ने झोपड़ियों तान दी है, बारिश के समय यहां बोवनी की तैयारी की जा रही थी।गश्त कर रही फ्लायंग स्क्वाड की टीम पर महिलाओं को आगे कर अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया था।जिसमें आठ वनकर्मी बुरी तरह घायल हो गए थे।

अतिक्रमणकारियों के इस हमले के बाद पुलिस-प्रशासन सोमवार को हरकत में आया और बड़ी संख्या में फोर्स लेकर कलेक्टर-एसपी आमाखुजरी जंगल में पहुंचे है। 30 जेसीबी के माध्यम से सुबह से चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 70 प्रतिशत से ज्यादा अतिक्रमण हटाकर यहां से अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा गया है। जंगल में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई जारी है।

 किसी भी तरह के विरोध से निपटने के लिए 60 महिला पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहीं। टीम अपने साथ आंसू गैस लेकर पहुंची थी। जंगल में गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर झटका लगने से गैस का गोला फट गया। इसकी चपेट में कुछ पुलिसकर्मी आ गए। बाद में पेटी को खोलकर पूरी गैस बाहर की गई।

इस दौरान कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, एसपी अगम जैन, एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएफओ राकेश कुमार डामोर भी आमाखुजरी में रहे। इससे पहले रविवार को जंगल में बुआई रोकने गए 40 वनरक्षकों की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने पथराव कर दिया था। इसमें 8 कर्मचारी घायल हो गए थे।

600 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी रहे तैनात
पुलिस-प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों द्वारा पेड़-झाड़ियां काटकर बोई गई मक्के की फसल को 30 जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया। करीब छह घंटे तक चले अभियान में 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे। अभियान के दौरान किसी भी संभावित विरोध से निपटने के लिए 60 महिला पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

आंसू गैस के गोले भी साथ लाए थे
सुरक्षा के मद्देनजर आंसू गैस के गोले भी साथ लाए गए थे, हालांकि जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्ते में झटका लगने से एक गैस गोला अनजाने में फट गया, जिसकी चपेट में कुछ पुलिसकर्मी आ गए। बाद में पेटी खोलकर शेष गैस बाहर निकाली गई। कार्रवाई के दौरान कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारणेकर और डीएफओ राकेश कुमार डामोर लगातार मौके पर मौजूद है।

प्रशासन के अनुसार आमाखुजरी में दूसरे दिन भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही और अब तक लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। जंगल में अभी भी बड़ी संख्या में पुलिस और वन अमला तैनात है।

महिलाओं को आगे कर वन अमले पर बरसाए थे पत्थर

रविवार को आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर करीब 400 अतिक्रमणकारियों ने महिलाओं को आगे कर गोफन से पत्थर फेंके। लाठियों से भी हमला किया। किसी वनकर्मी का सिर फूट गया तो किसी का कान कट गया। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

3 साल की जुड़वां बहनों ने रचा इतिहास, बनीं दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर, मिला वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान

भोपाल 

जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे खिलौनों और रंग-बिरंगी किताबों में व्यस्त रहते हैं, उसी उम्र में भोपाल की सान्वी नाहर और समन्वी नाहर ने अपनी ड्रमिंग से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

महज 3 साल 9 महीने की उम्र में दोनों बहनों ने ‘यंगेस्ट फीमेल ड्रमर’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में अपना नाम दर्ज कराया। उनकी इस उपलब्धि के बाद ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया।

21 मार्च 2026 को दोनों बच्चियों ने ड्रम सेट पर तय ट्रैक को लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक बिना रुके सफलतापूर्वक बजाया। रिकॉर्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संस्था ने उनके प्रदर्शन की जांच की और फिर उन्हें आधिकारिक तौर पर प्रमाण-पत्र, मेडल और ट्रॉफी से सम्मानित किया।

उनकी उपलब्धि को संस्था के आधिकारिक रिकॉर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी शामिल किया गया है। इतनी कम उम्र में संगीत के कठिन वाद्य यंत्र पर ऐसा नियंत्रण हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

छोटी उम्र में कैसे रचा इतिहास?
ड्रमिंग को संगीत की सबसे चुनौतीपूर्ण विधाओं में गिना जाता है। इसमें दोनों हाथों और दोनों पैरों का एक साथ सही तालमेल होना जरूरी होता है। यही वजह है कि आमतौर पर बच्चों को पांच साल या उससे अधिक उम्र के बाद ही ड्रम सीखने की सलाह दी जाती है। लेकिन सान्वी और समन्वी ने इस सोच को बदल दिया।

उनकी मां डॉ. निकिता नाहर के मुताबिक, दोनों ने करीब सवा तीन साल की उम्र में ड्रम सीखना शुरू किया था। शुरुआत आसान नहीं थी। परिवार कई संगीत शिक्षकों के पास पहुंचा, लेकिन लगभग सभी ने इतनी छोटी उम्र का हवाला देकर सिखाने से इनकार कर दिया।

इसके बाद भोपाल की योगी म्यूजिक वैली एकेडमी के प्रशिक्षक युग नामदेव ‘योगी’ ने यह चुनौती स्वीकार की। उन्होंने बच्चियों को बिल्कुल शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण दिया। लगातार अभ्यास, सही तकनीक और परिवार के सहयोग की बदौलत दोनों ने कुछ ही महीनों में ऐसी पकड़ बना ली कि उनका प्रदर्शन वर्ल्ड रिकॉर्ड तक पहुंच गया।

मेहनत, परिवार का साथ और सही मार्गदर्शन
रिकॉर्ड बनाने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि अनुशासन भी जरूरी था। प्रशिक्षक युग नामदेव के अनुसार, रिकॉर्ड की शर्त थी कि दोनों बच्चियों को लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक एक तय ट्रैक बिना किसी गलती के पूरा करना होगा।

इसके लिए उन्होंने लगभग एक महीने तक हर दिन उसी ट्रैक का नियमित अभ्यास किया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और रिकॉर्ड के लिए भेजा गया वीडियो और जरूरी दस्तावेज मंजूर कर लिए गए। सान्वी और समन्वी एक डॉक्टर परिवार से हैं।

उनके दादा डॉ. अक्षय नाहर, पिता डॉ. सक्षम नाहर और मां डॉ. निकिता नाहर सभी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने बेटियों की रुचि को कभी नजरअंदाज नहीं किया और उन्हें सीखने का पूरा मौका दिया।

 

MP Monsoon Update: 40 जिलों में अब तक नहीं पहुंचा मानसून, 38% कम बारिश; उज्जैन-देवास में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल
 मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। प्रदेश के केवल 15 जिलों तक ही मानसून पहुंच पाया है, जबकि 40 जिलों में अब तक इसकी एंट्री नहीं हुई है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

वहीं, राजधानी भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश के 6 जिले उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 4 इंच या इससे अधिक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कहीं-न-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

42 जिलों में तेज बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, नीमच और मंदसौर जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि इन जिलों में मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है।

एक जगह थम गया मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था। इसके बाद अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा की गई। हालांकि इसके बाद मानसून आगे नहीं बढ़ पाया। इसकी वजह से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई इलाकों में दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर बना हुआ है और तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।

रविवार को कई जिलों में हुई बारिश
रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। मंदसौर और रतलाम में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में आधा इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई।

इसके अलावा गुना, श्योपुर, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन और छतरपुर समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक महसूस की गई।

इन जिलों पर मानसून मेहरबान
24 जून को बड़वानी जिले में मानसून की दस्तक हुई है और अब मानसून यहां मेहरबान हो गया है. जिले के कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और खेतों में बुवाई का काम तेज हो गया है. हालांकि तेज बारिश से कुछ जगहों पर नुकसान भी हुआ है. पलसूद क्षेत्र के वेदपुरी गांव में एक किसान का मकान ढह गया, जिसमें दबकर एक गाय की मौत हो गई. हालांकि घटना के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया. वहीं पाटी के बोकराटा क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर आने से पुलिस को सुरक्षा के लिए मोर्चा संभालना पड़ा। 

नदी-नाले उफान पर
इधर, पाटी के बोकराटा-चौकी मार्ग पर लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए. पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. बसें और दोपहिया वाहन किनारे खड़े रहे और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिसकर्मियों ने पुल पर निगरानी करते हुए लोगों को जान जोखिम में डालकर पुल पार नहीं करने की समझाइश दी। 

चौकी प्रभारी आशीष शर्मा ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दे। 

2-3 दिनों में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को करेगा कवर
छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन बारिश में वृद्धि का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के सभी संभाग के कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. वहीं अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण पश्चिम मानसून के पूरे प्रदेश में बढ़ने का अनुमान है। 

बीते दिन की बात करे तो छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तापमान सबसे ज्यादा रहा. यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं राजधानी रायपुर में तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा और आज भी 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 

24 जून को हुई थी मानसून की एंट्री
मध्यप्रदेश में मानसून ने 24 जून को प्रवेश किया था। इसके बावजूद अब तक केवल 15 जिलों तक ही इसका विस्तार हो सका है, जबकि प्रदेश के 40 जिले अभी भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून महीने में अब तक राज्य में सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में किसान और आम लोग दोनों ही मानसून के तेजी से सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं।

 

Gold-Silver Price Today: जून में सोना-चांदी हुए सस्ते, जानें कितने गिरे भाव और नए रेट्स

 नई दिल्‍ली
ग्‍लोबल दबाव के बीच, शेयर बाजार से लेकर कमोडिटी मार्केट तक में भारी गिरावट देखने को मिली है. सोना और चांदी के दाम भी तेजी से नीचे आए हैं. सोमवार को भी सोना और चांदी के दाम टूट गए. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में सोने की कीमतों में 1000 रुपये तक की गिरावट आई है। 

MCX पर सोमवार को सोना 1022 रुपये या 0.71% गिरकर 1,43,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी की कीमत करीब 1900 रुपये या 1 फीसदी से ज्‍यादा गिरकर 2,19,522 रुपये प्रति किलो पर थी. सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट की वजह, फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मानी जा रही है। 

फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा रेट में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ने के कारण डॉलर इंडेक्‍स में तेजी आई है, जिस कारण कीमती धातुओं पर दबाव दिखाई दे रहा है. वहीं महंगाई बढ़ने का भी खतरा बना हुआ है. अगर रेट में बढ़ोतरी होती है, तो ग्‍लोबल स्‍तर पर महंगाई बढ़ने की उम्‍मीद है। 

जून में सोना और चांदी में बड़ी गिरावट 
जून का महीना शुरू होने के बाद से ही सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट हुई है. एमसीएक्‍स पर 29 मई को चांदी की कीमत 2.67 लाख रुपये पहुंच गई थी, लेकिन अब 2.19 लाख रुपये पर कारोबार कर रही है. ऐसे में चांदी के भाव में 48000 रुपये या 18 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं गोल्‍ड की बात करें तो 29 मई को एमसीएक्‍स पर सोना 1.61 लाख रुपये पर पहुंच गया था, लेकिन यहां से 18,000 रुपये या 11 फीसदी गिरकर यह 1.43 लाख रुपये पर आ चुका है। 

इंटरनेशनल स्‍तर पर सोने-चांदी का भाव 
ग्‍लोबल मार्केट में भी सोने-चांदी का भाव गिरकर कारोबार कर रहा है. सोना 26 डॉलर प्रति औंस या 0.67 फीसदी टूटकर 4,062 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है. वहीं चांदी की बात करें तो यह 2 डॉलर प्रति औंस या 2 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। 

क्‍या अभी सोना और चांदी खरीदना चाहिए? 
एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप सोने और चांदी में निवेश का प्‍लान बना रहे हैं तो अभी इसमें निवेश करने का सही मौका है, लेकिन आपको ग्‍लोबल सेंटिमेंट को लेकर सतर्क भी रहना चाहिए. किसी भी गिरावट पर आप थोड़ा-थोड़ा करके सोने-चांदी की खरीदारी कर सकते हैं और लॉन्‍ग टर्म नजरिए के साथ सोने-चांदी में निवेश जारी रख सकते हैं. हालांकि, आपको अपने पोर्टफोलियो का 20 फीसदी से ज्‍यादा सोने-चांदी में एक्‍सपोजर नहीं रखना चाहिए, वरना किसी भी निगेटिव सेंटिमेंट पर आपके पोर्टफोलियो में दबाव बढ़ सकता है। 

कोंडागांव में पंचायत भवन की छत का पलस्तर गिरा, दो प्रशिक्षु युवतियां घायल

कोंडागांव.

मालगांव पंचायत भवन में सिलाई प्रशिक्षण के दौरान बड़ा हादसा टल गया. भवन की छत का पलस्तर अचानक गिरने से दो प्रशिक्षु युवतियां घायल हो गईं. दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया. घटना के समय भवन में करीब दर्जनभर महिलाएं और युवतियां प्रशिक्षण ले रही थीं.

हादसे से प्रशिक्षण केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने पंचायत भवन की जर्जर हालत पर चिंता जताई है. महिलाओं ने भवन की तत्काल मरम्मत की मांग की है. जनपद सदस्य ने भवन सुरक्षित होने तक प्रशिक्षण केंद्र को दूसरे स्थान पर संचालित करने की मांग उठाई. उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया.

ग्रामीणों ने घायल छात्राओं को सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है. यह घटना सरकारी भवनों के नियमित रखरखाव की आवश्यकता की ओर संकेत करती है. अब प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है.

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