रायपुर में पवन खेड़ा का RSS पर हमला, बोले- आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं, राम के नाम पर भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं

रायपुर
 कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा कि भगवान राम के नाम पर भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। वे अभनपुर में रविवार को कांग्रेस शहर व जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए शनिवार की देर रात पहुंचे थे।

उन्होंने राजधानी के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मीडिया से बातचीत में अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर कहा कि पूरा राम मंदिर ट्रस्ट एक ऐसा प्रयोग था, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का था और उनकी निगरानी में था। इसकी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की भी नजर रही है।

उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। सोशल मीडिया के इस दौर में उन्होंने इस प्रशिक्षण शिविर को जरूरी बताया और कहा कि इससे कार्यकर्ताओं को सीखने और संवाद करने का अच्छा मौका मिला है।

राम मंदिर ट्रस्ट पर पवन खेड़ा ने उठाए सवाल
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर पवन खेड़ा ने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सोच और निगरानी में बना है और इसकी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की भी नजर रही है।

RSS का इतिहास में कोई योगदान नहीं रहा
RSS के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान पर पवन खेड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का देश के स्वतंत्रता आंदोलन और इतिहास में कोई योगदान नहीं रहा है।

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक सामने आई घटनाएं संघ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे संगठनों ने देश और हिंदू समाज को नुकसान पहुंचाने का काम किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बयानों पर ज्यादा समय खर्च करने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

आज होगा प्रशिक्षण शिविर का समापन
रायपुर में पिछले कई दिनों से कांग्रेस के जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। शिविर में संगठन को मजबूत बनाने, चुनाव की तैयारी, मीडिया प्रबंधन और जनता से बेहतर संवाद जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इससे पहले राहुल गांधी प्रशिक्षण शिविर शामिल हुए थे और उन्होंने संगठन को मजबूत करने टिप्स दी थी।

राम ने छोड़ा राजपाठ और ये कर रहे चोरी
खेड़ा ने कहा कि भगवान राम सिद्धांत के लिए राजपाठ छोड़ दिए, उस भगवान राम के नाम पर सत्ता भी हासिल करेंगे और चोरी करेंगे, यह संभव नहीं है। उन्होंने आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि आरएसएस का देश के स्वतंत्रता आंदोलन और इतिहास में कोई योगदान नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक सामने आई घटनाएं संघ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे संगठनों ने देश और हिंदू समाज को नुकसान पहुंचाने का काम किया है।

 

अफगानिस्तान में पाकिस्तान का बड़ा हमला, आधी रात की एयरस्ट्राइक में 35 लोगों की मौत, एक महीने में चौथा अटैक

काबुल 
 पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है. पाकिस्तान ने अफगान सीमा से सटे इलाकों में मिलिट्री ऑपरेशन चलाने का दावा किया है. पाकिस्तान सरकार के मुताबिक सुरक्षा बलों ने पहले खुफिया सूचना के आधार पर जमीनी अभियान चलाया और उसके बाद अफगानिस्तान सीमा के पास आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले (कैलिब्रेटेड स्ट्राइक) किए. इस कार्रवाई में कुल 35 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है. यह ऑपरेशन ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था. रिपोर्ट् के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से यह एक महीने में चौथा हमला है. इससे पहले 10 जून को पाकिस्तान के हमले में 26 लोग मारे गए थे। 

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि हाल के दिनों में देशभर में सुरक्षा बलों पर बढ़ते आतंकी हमलों के जवाब में यह अभियान शुरू किया गया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। 

कराची हमले के बाद हुई कार्रवाई
शनिवार को कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स
के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था. इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया, जबकि एक हमलावर घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया. पाकिस्तानी सेना के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अफगान नागरिक है. इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार ने ली थी। 

किन ठिकानों को बनाया निशाना?
पाकिस्तान के मुताबिक सबसे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में खुफिया सूचना के आधार पर जमीनी अभियान चलाया गया. इस दौरान पाकिस्तान ने दावा किया कि ‘खान फरोश’ नाम का एक प्रमुख कमांडर समेत चार आतंकवादी मारे गए. इसके बाद अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाकों में मौजूद जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े ठिकानों पर सटीक हमले किए गए. पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में स्थित तीन ठिकाने नष्ट कर दिए गए, जहां 25 आतंकवादी मारे गए. इसके अलावा बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट करने की बात कही गई है। 

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में क्यों बढ़ रहा तनाव?
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और पुलिस पर हमले लगातार बढ़े हैं. पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले करते हैं. हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है. पाकिस्तान इससे पहले भी कई बार सीमा पार कर हवाई हमला करता रहा है। 

बस्तर में आज से शुरू होगा 618वां गोंचा महापर्व, वैदिक विधि से होगा भगवान जगन्नाथ का महाभिषेक

जगदलपुर.

बस्तर का ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध गोंचा महापर्व सोमवार से देव स्नान पूर्णिमा के साथ आरंभ हो रहा है. श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा का वैदिक विधि से महाभिषेक होगा. महाभिषेक के बाद परंपरा अनुसार तीनों देव 15 दिनों के लिए अनसर में रहेंगे और दर्शन बंद रहेंगे.

617 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा इस वर्ष अपने 618वें वर्ष में प्रवेश कर रही है. आषाढ़ शुक्ल पक्ष में आयोजित होने वाला यह पर्व बस्तर की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है. रथयात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु आस्था और उत्साह के साथ शामिल होते हैं. तीनों देवों की प्रतिमाएं भव्य रथों में नगर भ्रमण कर सिरहासार तक पहुंचती हैं. बस्तर की पारंपरिक तुपकी सलामी इस महापर्व की सबसे अनूठी पहचान मानी जाती है.

बांस से बनी तुपकी से भगवान को दी जाने वाली सलामी देश में केवल जगदलपुर में ही देखने को मिलती है. सोमवार सुबह शालिग्राम की शोभायात्रा और इंद्रावती के पवित्र जल से महाभिषेक की परंपरा निभाई जाएगी. अब श्रद्धालुओं को 15 जुलाई के नेत्रोत्सव पर पुनः भगवान के दर्शन प्राप्त होंगे. महापर्व को लेकर मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बना हुआ है.

CM मोहन यादव की नीमच को बड़ी सौगात, 500 मेगावॉट सोलर पार्क का करेंगे उद्घाटन

नीमच 

मध्यप्रदेश में से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां सरकार लोगों को बड़ी सौगात देनें जा रही है। जी हां सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सौर पार्क का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा करोड़ो रूपए के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी करेंगे।  

सोमवार को राज्य को मुख्यमंत्री मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सोलर पार्क का शुभारंभ करेंगे। दोनों सौर परियोजनाओं की 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर आई है, जो कि देश की न्यूनतम दरों में शामिल है। ऐसे में लोगों को सस्ती बिजली की सौगात मिलेगी। परियोजनाओं, 440 मेगावॉट की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना पॉवर परचेज एग्रीमेंट और 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। इस मौके पर केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे।

अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी के साथ प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में भोपाल में 440 मेगावॉट के मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का पॉवर परचेज एग्रीमेंट होगा। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रदेश की पहली सोलर ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इस परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर निविदा पर प्राप्त हुई है, जो देश में न्यूनतम है।

पुणे केतन मर्डर केस: खाई के पास क्यों बैठी थी सिया? पुलिस जांच में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा

पुणे
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई नए अहम सुराग मिले हैं. जांच अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल का वारदात के दौरान बैठना केवल अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को हमला करने का संकेत देना नहीं था, बल्कि यह उसकी अपनी सुरक्षा के लिए भी पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा था। 

पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले पर बनाई गई योजना के तहत सिया को पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने बैठना था. जैसे ही वह बैठती, यह चेतन चौधरी के लिए संकेत होता कि अब केतन अग्रवाल को पीछे से धक्का दिया जा सकता है. पुलिस का कहना है कि दोनों ने यह तरीका इसलिए चुना ताकि धक्का दिए जाने के दौरान यदि केतन खुद को बचाने के लिए सिया को पकड़ने की कोशिश करे तो वह उसकी पहुंच से दूर रहे और खुद खाई में गिरने से बच जाए। 

कार की जगह, स्कूटर से गया चेतन
जांच में यह भी सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी मौजूदगी छिपाने के लिए पूरी तैयारी की थी. पुलिस के मुताबिक, वह 18 जून की सुबह पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहगढ़ किले तक कार की बजाय स्कूटर से गया. अधिकारियों का कहना है कि उसने कार इसलिए नहीं ली क्योंकि टोल प्लाजा पर उसकी पहचान दर्ज होने का खतरा था. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया स्कूटर भी जब्त कर लिया है। 

हुडी उतारकर काली टी-शर्ट पहन ली
पुलिस के अनुसार, चेतन किले पर चढ़ते समय हुडी पहनकर गया था. बाद में उसने हुडी उतारकर केवल काली टी-शर्ट पहन ली और लौटते समय फिर से हुडी पहन ली. जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने पहचान छिपाने और लोगों का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से ऐसा किया। 

 हर कोई सुनना चाहता था सिर्फ इसी सवाल का जवाब 

‘सिया, आपने आखिर केतन को क्यों मारा ?… ‘ जैसे ही पुलिस आरोपी सिया गोयल को क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए लोहागढ़ किले पर लेकर पहुंची, सवालों की बौछार शुरू हो गई. हर कोई उसके मुंह से एक जवाब सुनना चाहता था, लेकिन सिया पूरी तरह खामोश रही. उसने न किसी सवाल का जवाब दिया और न ही कोई प्रतिक्रिया दी. इस बीच पुलिस ने जांच में कई नए दावे किए हैं, जिनमें साजिश,  संकेत और पूरी प्लानिंग को लेकर अहम खुलासे शामिल हैं. हालांकि मामले की जांच जारी है। 

रविवार को लोहागढ़ किले का माहौल सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग था. पुलिस की कई गाड़ियां, अधिकारियों की मौजूदगी और बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी किले के प्रवेश द्वार पर पहले से मौजूद थे. सभी की निगाहें एक ही गाड़ी पर टिकी थीं, जिसमें पुलिस आरोपी सिया गोयल को लेकर पहुंचने वाली थी. कुछ ही देर में पुलिस का काफिला वहां पहुंचा. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच सिया को वाहन से उतारा गया. जैसे ही वह कैमरों के सामने आई, पत्रकारों ने एक साथ सवाल पूछने शुरू कर दिए. सबसे ज्यादा गूंजा एक ही सवाल सिया, आपने आखिर केतन को क्यों मारा?  इसके बाद कई और सवाल पूछे गए. किसी ने पूछा कि क्या उसे अपने किए पर पछतावा है, तो किसी ने जानना चाहा कि कथित साजिश की वजह क्या थी. लेकिन इन सभी सवालों के बीच सिया पूरी तरह शांत रही. उसने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गई। 

एक शब्द नहीं बोली सिया

मीडिया के लगातार सवालों के बावजूद सिया ने न कोई बयान दिया और न ही किसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की. कुछ देर बाद वह वापस पुलिस वाहन में बैठ गई. पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले पर केवल पूछताछ के लिए नहीं, बल्कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए लेकर पहुंची थी. जांच अधिकारियों के मुताबिक, 18 जून को जिस स्थान पर केतन अग्रवाल की मौत हुई थी, वहां घटनाक्रम को दोबारा समझने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई गई. डमी (पुतले) की मदद से पुलिस ने उस पूरे घटनाक्रम को दोहराने की कोशिश की, जैसा आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया है. इस दौरान अधिकारियों ने घटनास्थल पर मौजूद दूरी, रास्तों, चट्टानों की स्थिति और घटनाक्रम के संभावित क्रम का भी बारीकी से परीक्षण किया। 

पुलिस का दावा: पहले से बनाई गई थी योजना
जांच अधिकारियों का कहना है कि अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि यह पूरी घटना कथित तौर पर पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी. पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी ने पहले ही तय कर लिया था कि लोहागढ़ किले पर किस स्थान पर घटना को अंजाम देना है. जांच में यह भी सामने आया है कि सिया को बैठकर चेतन को संकेत देना था. बैठने का बहाना पानी पीना या जूते का फीता बांधना तय किया गया था. जैसे ही वह बैठती, चेतन कथित तौर पर पीछे से आकर केतन अग्रवाल को धक्का देता. पुलिस का दावा है कि दोनों ने इसी योजना के अनुसार कथित वारदात को अंजाम दिया। 

बैठने का संकेत क्यों चुना गया?
जांच में सामने आई सबसे अहम बात यह है कि बैठने का संकेत केवल इशारा देने का तरीका नहीं था. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि आरोपियों को डर था कि यदि धक्का दिए जाने के बाद केतन गिरते समय सिया को पकड़ने की कोशिश करेगा तो वह भी खाई में गिर सकती है. इसी वजह से कथित तौर पर ऐसा संकेत चुना गया, जिसमें सिया कुछ दूरी पर बैठ जाए और धक्का दिए जाने के समय केतन की पहुंच से बाहर रहे. यदि यह दावा जांच में पुष्ट होता है तो यह पूरे मामले की कथित योजना को और अधिक सुनियोजित बताता है। 

चेतन ने भी बनाई थी अलग रणनीति
पुलिस के मुताबिक, सह-आरोपी चेतन चौधरी ने भी अपनी मौजूदगी छिपाने के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी. जांच अधिकारियों का कहना है कि वह पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहागढ़ किले तक कार से नहीं बल्कि स्कूटर से पहुंचा. पुलिस का मानना है कि उसने ऐसा इसलिए किया ताकि टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उसकी कार दर्ज न हो. जांच टीम ने वह स्कूटर भी जब्त कर लिया है, जिससे वह कथित तौर पर घटनास्थल तक पहुंचा था. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन ने लोहागढ़ पहुंचने के बाद अपना पहनावा बदला था. अधिकारियों के मुताबिक, वह किले पर चढ़ते समय हुडी पहनकर गया था. बाद में उसने हुडी उतार दी और काले रंग की टी-शर्ट में दिखाई दिया. वापस लौटते समय उसने फिर से वही हुडी पहन ली. जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने ऐसा लोगों का ध्यान कम जाए और पहचान छिपाने की कोशिश के तहत किया। 

पहले भी किया था रेकी
जांच एजेंसियों का दावा है कि घटना वाले दिन दोनों आरोपी पहली बार लोहागढ़ नहीं पहुंचे थे. पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया है कि वे पहले भी किले पर आए थे. पुलिस के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर उस दौरान उपयुक्त स्थान की तलाश की और योजना को अमल में लाने के लिए कुछ प्रैक्टिस भी की थी. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह अभ्यास किस स्थान पर किया गया था और क्या उस दौरान कोई अन्य व्यक्ति भी उनके संपर्क में था। 

परिवार से भी पूछताछ
पुलिस ने सिया गोयल के पिता, मां और भाई से भी लंबी पूछताछ की. तीनों के बयान दर्ज किए गए हैं. जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या परिवार को दोनों आरोपियों के संबंधों या कथित योजना की कोई जानकारी थी. हालांकि पुलिस ने पूछताछ से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। 

सोमवार को अदालत में पेश होंगे आरोपी
दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है. ऐसे में पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी और आगे की पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है. जांच एजेंसियों का कहना है कि अभी कई डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाना बाकी है. मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है. हालांकि पुलिस ने जांच में कई महत्वपूर्ण दावे किए हैं, लेकिन इस हाई-प्रोफाइल मामले में अभी भी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं. क्या कथित योजना वास्तव में पहले से बनाई गई थी? क्या सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्य पुलिस के दावों की पुष्टि करेंगे? क्या जांच में कोई और व्यक्ति भी सामने आएगा? इन सभी सवालों का जवाब आगे की जांच और अदालत की सुनवाई के दौरान ही सामने आएगा। 

क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया
रविवार को पुलिस सिया गोयल को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची, जहां डमी की मदद से पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया. इस दौरान यह समझने की कोशिश की गई कि 18 जून को कथित वारदात किस क्रम में हुई थी। 

पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट होता है कि पूरी घटना बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम देने की कथित साजिश रची गई थी. दोनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे पहले भी लोहगढ़ किले पर जाकर वारदात के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश कर चुके थे और कथित तौर पर उसकी ‘प्रैक्टिस’ भी की थी. हालांकि पुलिस अभी यह पता लगा रही है कि उन्होंने यह रिहर्सल किस दूसरी जगह की थी। 

मामले की जांच के तहत शनिवार को पुलिस ने सिया गोयल के पिता, मां और भाई से भी कई घंटों तक पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए. वहीं, सोमवार को दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड समाप्त होने पर उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांच एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी। 

छत्तीसगढ़ में 71 करोड़ रुपये के धान घोटाले का खुलासा, शॉर्टेज के नाम पर हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा

राजनांदगांव.

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधीन आने वाले चार जिलों में धान सूखत के नाम पर 71 करोड़ की कमी बताए जाने के बाद भी अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पायी है जबकि जांच में प्रारंभिक रूप से यह प्रमाणित हो गया है कि शार्टेज के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अंतर्गत राजनांदगांव से लेकर मोहला मानपुर, खैरागढ़ और कवर्धा जिले आते हैं। इन जिलों में धान खरीदी के बाद धान शार्टेज के नाम पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया गया है कि सभी चारों जिलों को मिलाकर 71 करोड़ का धान शार्टेज बताया गया है। जब शार्टेज का मामला सामने आया, तब प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और जांच कराई गई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी है। खबर है कि जिन गाड़ियों का डीओ काटा गया उन गाड़ियों की धर्मकांटा में तौल होने पर सभी गाड़ी में 8 से 10 किलो धान अधिक पाया गया है।

ऐसी स्थिति में धान का शार्टेज होना समझ से परे है, अगर शासन स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई तो करोड़ों रूपये का नुकसान हो सकता है। राशि जमा कराई जा रही – भरत जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने बताया कि सोसायटियों में शार्टेज के मामले को गंभीरता से लिया गया है। अब सोसायटियों से शार्टेज की राशि जमा कराई जा रही है।

फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही जारी करें नोटिस, जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही जारी करें नोटिस, जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85% भूमि अधिग्रहीत, बोले मुख्यमंत्री सभी प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करें 

ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापना में तेजी लाएं, निजी क्षेत्र के निवेश को दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री

लाइन लॉस पर फीडरवार तय होगी जवाबदेही, बिजली चोरी के विरुद्ध चलाएं विशेष अभियान: मुख्यमंत्री

मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए: मुख्यमंत्री

जनहित की प्रत्येक परियोजना समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, स्वास्थ्य, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

लखनऊ, 
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्नि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला स्तरीय महिला एवं पुरुष चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराया जाए। जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है अथवा जिनके पास अब तक वैध फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपद में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित प्रदेश की विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

बैठक में गत सीएम-समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर अर्थात 84.80 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 643.60 हेक्टेयर के सापेक्ष 315.73 हेक्टेयर अर्थात 49.05 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1539.19 हेक्टेयर के सापेक्ष 654.77 हेक्टेयर तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 895.34 हेक्टेयर के सापेक्ष 266.82 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों हेतु निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेंगे, इसलिए इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास हेतु भी पर्याप्त भूमि की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी एवं जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिए। बैठक में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति एवं भूमि अधिग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में ग्रेटर नोएडा स्थित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए अधिकांश भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण एवं विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए प्रस्तावित मॉडल बिल्डिंग बायलॉज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर आगामी 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य, जनपद एवं विकास खंड स्तर पर रिक्त पदों पर चयन एवं तैनाती की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निजी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं तथा निजी क्षेत्र निवेश के लिए इच्छुक है। आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।

बैठक में डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए डेटा सेंटर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मेनहोल से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को हटाने एवं पृथक्करण की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई तथा इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। 

ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त मेरठ, आगरा एवं सहारनपुर को लाइन लॉस के संबंध में फीडरवार जवाबदेही निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी बिजली चोरी की शिकायतें हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।

आज क्यों टूटा शेयर बाजार? मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भारी बिकवाली, 24,000 पर फिसला निफ्टी

मुंबई 

अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को फिर से जंग शुरू हो गई थी, जिसके बाद तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली. इनका असर एशिया समेत भारतीय बजार में दिखाई दे रहा है. भारतीय बाजार में गिरावट आई है. सेंसेक्‍स 200 अंक से ज्‍यादा टूट चुका है, जबकि निफ्टी भी फ्लैट कारोबार कर रहा है. सबसे ज्‍यादा दर्द मिडकैप और स्‍मॉल कैप में है, जो क्रमश: 0.34 फीसदी और 0.55 फीसदी तक गिर चुके हैं। 

बीएसई के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 17 शेयरों में तेजी है और 13 शेयर गिरकर कारोबार कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट कोटक महिंद्रा बैंक में 3 फीसदी की रही है, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा, अडानी पोर्ट और कुछ अन्‍य शेयरों में 1 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। 

9.30 बजे तक सेंसेक्‍स करीब 200 अंक गिरकर 76,910.61 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 40 अंक गिरकर  24,020 पर था. निफ्टी बैंक में 200 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट देखने को मिली. ग्‍लोबल तनाव के साथ ही कई अन्‍य वहजों से मार्केट में गिरावट आई है. आइए जानते हैं… 

क्‍यों आई शेयर बाजार में गिरावट? 

    सबसे बडी वजह तेल कीमतों में तेजी देखी जा रही है. ब्रेंट क्रूड वायदा 0.85% बढ़कर 72.6 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1% से अधिक बढ़कर 70.01 डॉलर प्रति बैरल हो गया। 

    एशिाई बाजारों में भी दबाव दिखाई दे रहा है. निक्केई 1 फीसदी गिर चुका है और कोस्‍पी में 2 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. वहीं ग्‍लोबल मार्केट में भी दबाव बना हुआ है। 

    अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और आशंका है कि कहीं शांति समझौता बीच में ही ना टूट जाए। 

    फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से अगली बैठक में ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है. इस अनुमान के कारण शेयर बाजारों में दबाव दिखाई दे रहा है। 

124 शेयरों में लोअर सर्किट
बीएसई पर आज ट्रेड करने वाले 3,768 शेयरों में से 1,543 शेयरों में तेजी है और 2,002 शेयर गिरे हुए हैं. 223 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वहीं 86 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर हैं और 46 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोाबर कर रहे हैं. 96 शेयरों में अपर सर्किट है और 124 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है। 

छत्तीसगढ़ में BTech एडमिशन प्रक्रिया शुरू, कल से ऑनलाइन काउंसिलिंग का पहला चरण

दुर्ग.

इस वर्ष प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) द्वारा बीटेक प्रवेश के लिए ऑनलाईन काउंसिलिंग प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ हो रही है। यह समय उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्होंने पीईटी परीक्षा दी है और अब अपने भविष्य के लिए कॉलेज एवं ब्रांच का चयन करेंगे।

डीटीई ने बीटेक काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसके अनुसार प्रथम चरण की काउंसिलिंग 30 जून से प्रारंभ हो रही है। इस वर्ष व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा 14 मई को प्रवेश परीक्षा पीईटी आयोजित की गयी। इस परीक्षा में दुर्ग शहर के केंद्रों में 2362 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1951 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 411 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।

दुर्ग शहर में लगभग 7 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हैं। जिससे विद्यार्थियों के पास अनेक विकल्प उपलब्ध है। ऐसे में केवल प्रवेश लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सही कॉलेज और सही ब्रांच का चयन करना अधिक महत्वपूर्ण है।

CM विष्णु देव साय आज असंग देव कबीर आश्रम पहुंचेंगे, कबीर जयंती महोत्सव में करेंगे शिरकत

रायपुर.

मुख्यमंत्री आज सोमवार को रायपुर और जांजगीर-चांपा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे असंग देव कबीर आश्रम, सोनपैरी में आयोजित कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से चांपा पहुंचकर विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर से कार द्वारा प्रस्थान करेंगे और असंग देव कबीर आश्रम, सोनपैरी पहुंचेंगे। यहां दोपहर तक आयोजित कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सोनपैरी से रवाना होकर 12:55 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड, रायपुर पहुंचेंगे और दोपहर 1:00 बजे हेलीकॉप्टर से चांपा के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1:45 बजे भालेराय मैदान हेलीपेड, चांपा पहुंचने के बाद वे 1:55 बजे देवांगन धर्मशाला, थाना पारा पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री का दोपहर 2 बजे से 2.30 बजे तक का समय आरक्षित रखा गया है। इसके बाद वे 2:30 बजे देवांगन धर्मशाला से रवाना होकर 2:35 बजे हेलीपेड पहुंचेंगे और 2:40 बजे हेलीकॉप्टर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3:25 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड, रायपुर पहुंचेंगे और वहां से 3:30 बजे मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे। दोपहर 3:35 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के बाद उनका समय आरक्षित रहेगा।

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