रायपुर : किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

रायपुर : किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

उप मुख्यमंत्री शर्मा पहुंचे नक्सलियों की मांद कहलाने वाले ग्राम किसकोड़ो, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा किसकोड़ो – उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर

कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

       गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

       ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।

        उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।

        जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे “भारत माता की जय” के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

Chhattisgarh Weather: अगले 7 दिन झमाझम बारिश के आसार, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट

रायपुर 

छत्तीसगढ़ में शनिवार से मौसम का स्वरूप बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले सात दिनों तक बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश होने के भी संकेत दिए गए हैं, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय तीन अलग-अलग मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। इन सिस्टमों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून पूरे छत्तीसगढ़ में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

लगातार होने वाली बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई और खेती के अन्य कार्यों को फायदा मिलेगा। हालांकि, अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति भी बन सकती है। 

अगले एक सप्ताह तक बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है।पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।

इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून
अब तक मानसून ने प्रदेश के 18 से अधिक जिलों में दस्तक दे दी है। इनमें शामिल हैं—

    रायपुर
    दुर्ग
    धमतरी
    गरियाबंद
    महासमुंद
    बलौदाबाजार
    बेमेतरा
    कबीरधाम

    राजनांदगांव
    मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
    खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
    कांकेर
    कोंडागांव
    नारायणपुर
    बस्तर
    दंतेवाड़ा
    सुकमा
    बीजापुर

अगले 48 घंटे में इन जिलों में मानसून की एंट्री
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के भीतर मानसून इन जिलों में भी दस्तक दे सकता है—

    सरगुजा
    सूरजपुर
    बलरामपुर
    कोरिया
    मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
    जशपुर
    कोरबा
    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
    बिलासपुर
    मुंगेली
    जांजगीर-चांपा
    सक्ती
    सारंगढ़-बिलाईगढ़
    रायगढ़

हालांकि इन क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन भारतीय मौसम विभाग ने अभी तक इन जिलों में मानसून के आधिकारिक प्रवेश की घोषणा नहीं की है।

तापमान में भी आएगी गिरावट
बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज होने लगी है। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर में अधिकतम 39.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।मौसम विभाग का अनुमान है कि लगातार बारिश के चलते अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में और कमी आएगी तथा उमस से लोगों को राहत मिलेगी।

अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंचा मानसून
मानसून ने अब तक 18 से अधिक जिलों में स्ट्राइक किया है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं।

इन जिलों में एंट्री बाकी
सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है।

हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है।

बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति; फिर भी 54% तक कम वर्षा
प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है:

बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम)

दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम)

सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है।

कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता
रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कम धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी महासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी

कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी
राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति) मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कम बलौदाबाजार व सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी सक्ती: 83% कम

खरीफ सीजन के लिए अगले 10 दिन अहम
प्रदेश में मानसून देर से आने और कमजोर होने के कारण बारिश बहुत कम हुई है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में अभी तक बोनी (बुवाई) के लायक खेतों में जरूरी नमी नहीं बन पाई है।

रायपुर में आज ऐसा रहेगा मौसम
रायपुर में आज (शनिवार) गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं गुणवत्ता सत्र संपन्न

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस
वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं गुणवत्ता सत्र संपन्न

उद्यमियों को भेल और गेल सहित मानक ब्यूरो से मिले अनेक टिप्स
उत्पाद की गुणवत्ता, भारतीय मानकों और प्रमाणन प्रक्रियाओं के संबंध में दी गई व्यावहारिक जानकारी

भोपाल

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम तथा “उत्पाद गुणवत्ता के लिए भारतीय मानक के लिए“सशक्त उद्यमी, समृद्ध मध्यप्रदेश—हार्ट ऑफ इंडिया, हार्ट ऑफ ग्रोथ” की थीम पर हुए सत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, प्रतिष्ठित निजी कंपनियों एवं संस्थागत खरीदारों से जोड़ने के साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता, भारतीय मानकों और प्रमाणन प्रक्रियाओं के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।

सत्र में विशेष रूप से बीएचईएल, गेल, एनसीएल और पावरग्रिड सहित सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रमों एवं प्रतिष्ठित निजी कंपनियों से प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों ने सीधा संवाद किया। भारतीय मानक ब्यूरो के मोहम्मद रिजवान तथा मोहम्मद तौसीफ ने दी मानकीकरण, प्रमाणन और शुल्क रियायतों की जानकारी दी।भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा विश्व बैंक की RAMP योजना के अंतर्गत वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। 

इस अवसर पर बीएचईएल, गेल इंडिया लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, Resonia, JadeBlue, FabIndia और Olam Agri सहित सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने व्याखान एवं प्रेजेंटेशन दिया | कार्यक्रम में प्रदेश के पंजीकृत एमएसएमई उद्यमियों को इन संस्थाओं की खरीद प्रणाली, वेंडर पंजीकरण प्रक्रिया, निविदाओं में भागीदारी, तकनीकी पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं, समयबद्ध आपूर्ति तथा आपूर्ति शृंखला में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

बीएचईएल के विभाग अध्यक्ष पंकज कुमार झा एवं  प्रबंधक सुमीनाक्षी सिंह ने संस्थान की खरीद प्रक्रिया, वेंडर पंजीकरण व्यवस्था तथा एमएसएमई के लिए उपलब्ध खरीद अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के सक्षम उद्यमों को निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप बीएचईएल की आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

Resonia के सहायक उपाध्यक्ष दीपांकर बरगली ने कॉर्पोरेट वेंडर ऑनबोर्डिंग, खरीद प्रक्रिया और व्यावसायिक अवसरों के संबंध में जानकारी साझा की।

गेल इंडिया लिमिटेड के नवीन जमालमुडी ने वेंडर पंजीकरण, निविदा प्रक्रिया, तकनीकी योग्यता और आपूर्ति शृंखला की आवश्यकताओं से उद्यमियों को अवगत कराया। उन्होंने संस्थागत खरीद में भागीदारी के लिए उद्यम पंजीकरण, आवश्यक अभिलेखों, तकनीकी क्षमता और डिजिटल उपस्थिति के महत्व पर बल दिया।

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के विपुल जैन ने एनसीएल के साथ व्यवसाय करने, वेंडर के रूप में पंजीकरण कराने और संस्थान की खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की सुपल्लवी मिश्रा ने विद्युत पारेषण क्षेत्र में सामग्री आपूर्ति, सिविल कार्य, रखरखाव सेवाओं और अन्य श्रेणियों में एमएसएमई के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।

निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों द्वारा क्रमशः JadeBlue के अमित खामर ने परिधान खुदरा क्षेत्र में उत्पाद गुणवत्ता, निरंतर आपूर्ति और समयबद्ध डिलीवरी से संबंधित अपेक्षाओं पर जानकारी दी। FabIndia की सुनलिनी गर्ग ने पारंपरिक शिल्प, हथकरघा वस्त्र, गृह-सज्जा और कारीगर आधारित उत्पादों से जुड़े उद्यमों के लिए उपलब्ध वेंडर डेवलपमेंट अवसरों पर प्रकाश डाला। Olam Agri के निर्देश त्रिवेदी ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कमोडिटी एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, खाद्य सुरक्षा, ट्रेसेबिलिटी और लॉजिस्टिक्स से संबंधित खरीद अवसरों की जानकारी दी।

वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम के दौरान यह रेखांकित किया गया कि बड़े सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों की आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के लिए उत्पाद की निरंतर गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धी मूल्य, निर्धारित समय पर आपूर्ति, तकनीकी क्षमता और आवश्यक प्रमाणनों का अनुपालन महत्वपूर्ण है।

प्रेजेंटेशन के बाद क्रेता–एमएसएमई संवाद और व्यावसायिक नेटवर्किंग बैठकें आयोजित की गईं। इनमें पंजीकृत उद्यमियों को संस्थागत खरीदारों के प्रतिनिधियों के समक्ष अपने उत्पाद, उत्पादन क्षमता और व्यावसायिक प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा संबंधित संस्थाओं की वर्तमान एवं संभावित खरीद आवश्यकताओं पर सीधे चर्चा करने का अवसर मिला।

मानक ब्यूरो का हुआ विशेष सत्र

कार्यक्रम के समानांतर आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो के विशेष सत्र का संचालन ब्यूरो के अधिकारी मोहम्मद रिजवान तथा मोहम्मद तौसीफ ने किया। दोनों अधिकारियों ने एमएसएमई उद्यमियों को भारतीय मानकों, उत्पाद प्रमाणन, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों, BIS लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और उद्यमों के लिए उपलब्ध शुल्क रियायतों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानकीकरण और प्रमाणन को केवल वैधानिक अनुपालन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह उत्पाद की गुणवत्ता, बाजार में विश्वसनीयता, उपभोक्ताओं के विश्वास और बड़े संस्थागत बाजारों तक पहुँच बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

सत्र में बताया गया कि 22 जून 2026 की स्थिति में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा 22 हजार 860 से अधिक भारतीय मानक विकसित किए गए हैं। कुल 1,477 उत्पाद BIS प्रमाणन के दायरे में हैं तथा मानव स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सहित विभिन्न कारणों से 600 से अधिक उत्पादों के लिए अनिवार्य प्रमाणन लागू है। देशभर में 53 हजार से अधिक BIS लाइसेंस संचालित हैं। उद्यमियों को लागू भारतीय मानक की पहचान करने, मानक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने, कारखाना निरीक्षण, उत्पाद नमूना परीक्षण तथा लाइसेंस प्रदान किए जाने की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

बीआईएसअधिकारियों ने गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के संबंध में बताया कि इनका उद्देश्य उत्पादों की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना, उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ाना, मानव, पशु एवं पादप स्वास्थ्य की रक्षा करना, पर्यावरण संरक्षण तथा अनुचित व्यापार व्यवहारों को रोकना है। उद्यमियों को यह भी बताया गया कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के अंतर्गत चिन्हित उत्पादों का निर्माण, आयात अथवा विक्रय निर्धारित भारतीय मानकों और प्रमाणन आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाना आवश्यक होता है।

सत्र में एमएसएमई के लिए BIS द्वारा प्रदान की जा रही विशेष शुल्क रियायतों की जानकारी भी दी गई। सूक्ष्म उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को वार्षिक न्यूनतम मार्किंग शुल्क में 80 प्रतिशत, लघु उद्यमों को 50 प्रतिशत तथा मध्यम उद्यमों को 20 प्रतिशत तक रियायत उपलब्ध है। महिला उद्यमियों को संबंधित उद्यम श्रेणी में मिलने वाली रियायत के अतिरिक्त 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट प्रदान किए जाने का प्रावधान है।

यह स्पष्ट किया गया कि वेंडर डेवलपमेंट और उत्पाद मानकीकरण एक-दूसरे के पूरक हैं। वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम उद्यमों को संभावित खरीदारों और नए बाजारों से जोड़ता है, जबकि BIS मानकों का अनुपालन और उत्पाद प्रमाणन उन्हें संस्थागत खरीद एवं बड़ी आपूर्ति शृंखलाओं की गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करता है। 

MP Weather: मध्य प्रदेश के 43 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, मानसून की रफ्तार धीमी; ग्वालियर-चंबल को करना होगा इंतजार

भोपाल 

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद उसकी रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 43 जिलों में आज शनिवार को मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना भी जताई गई है।

विभाग के अनुसार, मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। सामान्य स्थिति में इस समय तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ने के कारण इसमें 2-3 दिन की और देरी होने की संभावना है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे देर से पहुंचने वाला है।.

मानसून ने 24 जून को दी थी दस्तक
गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। पहले ही दिन इंदौर, धार, आलीराजपुर, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। हालांकि, इसके बाद से परिस्थितियां थमी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है।

शनिवार को इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
इस बीच, शनिवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग समेत प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, मंदसौर और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।

एमपी के कई हिस्सों में दिखा आंधी-बारिश का दौर
इससे पहले, शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच और उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी बरसा। शाजापुर, दतिया, राजगढ़ और मंडला समेत कई इलाकों में मौसम बदला रहा। इस बदलते मौसम के बीच बालाघाट और देवास जिलों से दर्दनाक हादसे भी सामने आए, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने और दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 5 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

कहां-कहां है अलर्ट?
मौसम केंद्र ने रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल सहित कुल 43 जिलों में आज बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का भी अनुमान है।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। खासकर सोयाबीन, मक्का और दलहन की फसलों पर अतिरिक्त नजर रखने की जरूरत है।

कब तक सुधरेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48-72 घंटों में एक नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य भर में मानसून की गति बढ़ सकती है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुरकलां जैसे उत्तरी जिलों में सामान्य बारिश में सबसे ज्यादा देरी हो सकती है।

वर्षा के आंकड़ों में सुधार
पिछले तीन दिनों की बारिश से प्रदेश की औसत वर्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। लगातार बारिश के कारण बारिश का घाटा घटा है, हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है।

एमपी में तेज बारिश…सिवनी में 2 इंच पानी गिरा इससे पहले शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। सिवनी में करीब 2 इंच पानी गिर गया। शाजापुर के शुजालपुर, अकोदिया समेत आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिरा।

वहीं, दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के बैहर तहसील के बिरवा ग्राम पंचायत में बिजली गिरने से 2 बच्चों सहित 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए। मृतकों की पहचान लल्की मेरावी, झामसिंह ताराम (35) और सतीश वलके के रूप में हुई है।

वहीं, देवास के खटांबा गांव में सूरज की पूजा के दौरान आंधी-बारिश से गैलरी गिर गई। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत 3 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान लक्ष्मीबाई और भगवंताबाई के रूप में हुई है।

आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। खरगोन में तापमान सबसे कम 30 डिग्री पहुंच गया। खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री, बैतूल में 32.7 डिग्री, सिवनी-उमरिया में 33.2 डिग्री, धार में 33.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 

 

केतन मर्डर केस में नया खुलासा! सिया गोयल कॉमर्स ग्रेजुएट नहीं, 12वीं फेल; जांच में सामने आई नई बातें

पुणे 

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. लोनावला ग्रामीण पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को शुक्रवार को गुप्त रूप से लोहगढ़ किले के पास लेकर गई थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों को सुबह करीब 11 बजे किले के पास लाया गया था. इस दौरान जांच अधिकारियों ने दोनों से पूछा कि वे किले तक पहुंचने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल कर पहुंचे थे। 

पुलिस का कहना है कि किले तक पहुंचने के लिए दो अलग-अलग रास्ते हैं. सिया और चेतन से यह पहचान करने को कहा गया कि उन्होंने कौन-सा रास्ता अपनाया था. घटनास्थल के रास्ते की जांच के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को वापस पुलिस थाने ले गई. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस आने वाले दिनों में सिया गोयल के माता-पिता के बयान भी दर्ज कर सकती है। 

दरअसल सिया और चेतन से पूछताछ कर रही पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन एक-दूसरे पर आरोप मढ़कर जांच को भटकाने और देरी कराने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। 

‘बस 10वीं पास है सिया’
इस बीच सिया गोयल को लेकर नए दावे सामने आए हैं. केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि शादी तय होने से पहले उनके परिवार को सिया की शिक्षा और उसके व्यक्तित्व को लेकर गलत जानकारी दी गई थी. विशाल अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब दोनों परिवारों के बीच रिश्ता तय हो रहा था, तब उन्हें बताया गया था कि सिया बी.कॉम कर चुकी है और जल्द ही अपना बेकरी का कारोबार शुरू करने की सोच रही है। 

केतन के पिता के मुताबिक, पुलिस जांच के दौरान सामने आई जानकारी से उन्हें बड़ा झटका लगा. उन्होंने दावा किया कि जांच में पता चला है कि सिया केवल 10वीं पास है और 12वीं की परीक्षा भी पास नहीं कर सकी थी. विशाल अग्रवाल के मुताबिक, यह जानकारी पहले उनसे छिपाई गई थी। 

‘बुरी आदतों से परेशान था परिवार’
केतन के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि सिया को शराब पीने समेत कई बुरी आदतें थीं और उसका परिवार भी उसके व्यवहार से परेशान था. उनका दावा है कि इसी वजह से परिजनों ने एक अच्छे और संपन्न परिवार में उसकी शादी कराने का फैसला किया, ताकि उसकी जिंदगी पटरी पर आ सके। 

विशाल अग्रवाल के अनुसार, इसी सोच के तहत सिया के परिवार ने उस पर केतन से शादी करने का दबाव बनाया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। 

लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस पहले ही सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है. दोनों इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं. पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से केतन की हत्या की साजिश रची थी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। 

भारत दौरे पर आएंगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कब होगी यात्रा

नई दिल्ली/ वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसको लेकर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप की भारत यात्रा की दिशा में काम चल रहा है और उम्मीद है कि अगले साल की शुरुआत में यह दौरा हो सकेगा. IANS की रिपोर्ट के मुताबिक वॉशिंगटन डीसी में भारत-अमेरिका संबंधों पर बात करते हुए रुबियो ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते शानदार दौर में हैं. उन्होंने बताया कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बेहद अच्छी मुलाकात हुई थी. दोनों देश अब व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। 

रुबियो ने कहा, ‘हम ट्रेड डील को अंतिम रूप देने से बस कुछ कदम दूर हैं. बातचीत बेहद सकारात्मक रही है. जल्द ही क्वाड की अगली बैठक भी होगी. मैं खुद इस साल के अंत से पहले भारत जाने की उम्मीद करता हूं और अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा की तैयारी करूंगा.’ यदि ट्रंप अगले साल भारत आते हैं तो दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। 

रुबियो ने कहा- इस साल के अंत में वे भी भारत का दौरा करेंगे
व्हाइट हाउस में न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा, मैं साल के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे की तैयारियों के सिलसिले में भारत की यात्रा करूंगा। भारत-अमेरिका के संबंधों को लेकर रुबियो ने कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत स्थिति में हैं और जी7 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच हुई हालिया मुलाकात के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में बेहतरी हुई है।    

फरवरी 2020 में ट्रंप ने किया था भारत दौरा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरी बार फरवरी 2020 में भारत का दौरा किया था। उस समय उन्होंने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता से पहले अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप रैली को भी संबोधित किया था। साल 2024 में अमेरिकी सत्ता में दोबारा लौटने के बाद भी ट्रंप ने भारत के साथ बेहतर संबंधों को बढ़ावा दिया है और दोनों देश व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को बढ़ा रहे हैं। 

राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी में कई समानताएं
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका को असीमित संभावनाओं वाले स्वाभाविक साझेदार बताते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन प्रौद्योगिकी, रक्षा, निवेश और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी व्यक्तिगत संबंधों से भी मजबूती मिल रही है। व्हाइट हाउस में आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में गोर ने भारत में अपने पहले छह महीनों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि देश की विविधता, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अमेरिका के साथ मजबूत होती साझेदारी ने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य को लेकर उनके विश्वास को और मजबूत किया है। 

अमेरिकी राजदूत ने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच करीबी कार्य संबंधों की भी तारीफ करते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत नींव बताया। प्रधानमंत्री मोदी के बारे में गोर ने कहा, ‘वे बेहद ऊर्जावान हैं, हर काम में व्यक्तिगत रूप से रुचि लेते हैं और परिणाम देने पर जोर देते हैं। मुझे उनमें और राष्ट्रपति ट्रंप में कई समानताएं दिखाई देती हैं, क्योंकि दोनों ही खुद नेतृत्व करते हुए काम पूरा कराने में विश्वास रखते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘दोनों की सोच काफी हद तक एक जैसी है और दोनों परिणाम देना चाहते हैं।’ भविष्य की प्राथमिकताओं पर गोर ने कहा कि उनका ध्यान भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने, रक्षा सहयोग का विस्तार करने और पैक्स सिलिका जैसी पहलों को आगे बढ़ाने पर रहेगा। 

भारत दौरे पर क्या बोले रुबियो?
जब उनसे ट्रंप के संभावित भारत दौरे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं. उम्मीद है कि अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति भारत जाएंगे. भारत अमेरिका का बेहद करीबी साझेदार और सहयोगी है.’ रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के व्यक्तिगत रिश्तों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच जितनी करीबी है, उससे ज्यादा शायद ही किसी और नेता के साथ हो. कूटनीति में ऐसे रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। 

ट्रेड डील पर भी जल्द हो सकता है फैसला
रुबियो के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. अगर यह समझौता पूरा होता है तो दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई तेजी मिलेगी। 

मोदी से ट्रंप के अच्छे संबंध
मार्को रूबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच बहुत जल्द ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की उम्मीद है। ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा करेंगे। मैं राष्ट्रपति की यात्रा को अंतिम रूप देने के लिए भारत जा रहा हूं। रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।

हम साथ मिलकर कर रहें काम
भारत, अमेरिका और वेनेजुएला से बातचीत कर रहा है। हम सप्लाई बढ़ाने के लिए बहुत मिलकर काम कर रहे हैं। भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है जिनके पास भारी कच्चे तेल (heavy crude) को रिफाइन करने की क्षमता है। उन्होंने खुद को पीएम मोदी का प्रशंसक बताते हुए कहा कि मोदी ने भारत को ग्लोबल पावर बनाया है।

ट्रंप आखिरी बार कब आए थे भारत?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आखिरी बार फरवरी 2020 में भारत की यात्रा की थी। जब ट्रंप ने अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप रैली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ भाग लिया था, जिसके बाद दोनों नेताओं ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय चर्चा की थी।

 

बीच पर रोमांटिक अंदाज में नजर आए सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल, Kiss करते हुए तस्वीरें वायरल

मुंबई 

बॉलीवुड के पावर कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल इन दिनों रोमांटिक वेकेशन पर हैं. 23 जून को कपल ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह सेलिब्रेट की. दोनों की रोमांटिक तस्वीरें इंटरनेट पर छाई हुई हैं। 
सोनाक्षी-जहीर ने अब वेकेशन की कुछ नई तस्वीरें साझा की हैं. तस्वीरों में कपल की सिजलिंग केमिस्ट्री से आप भी नजरें नहीं हटा पाएंगे। वेकेशन फोटोज में सोनाक्षी और जहीर एक दूजे की बांहों में कोजी होते हुए दिखाई दे रहे हैं। 
एक फोटो में जहीर इकबाल अपनी लेडी लव सोनाक्षी को बांहों में लेकर उन्हें गाल पर Kiss करते दिखे. सोनाक्षी भी खुशी से चहकती नजर आईं। 
वेकेशन की इस तस्वीर में सोनाक्षी पति जहीर की गोद में बैठी हुई नजर आ रही हैं. कपल का किलर अंदाज फैंस का दिल जीत रहा है। सोनाक्षी इस फोटो में पति जहीर इकबाल की बांहों में बांहे डाली नजर आईं. कपल की मिलियन डॉलर स्माइल उनकी खुशी को जगजाहिर कर रही है।        

सोनाक्षी का बीच लुक भी सुपर कूल है. व्हाइट शर्ट और डेनिम शॉर्ट्स में एक्ट्रेस स्टनिंग लगीं. उन्होंने ओपन हेयर और लाइट मेकअप के साथ अपना लुक कंप्लीट किया। जहीर भी अपनी पत्नी से ट्विनिंग करते नजर आए. व्हाइट शर्ट और जींस में सुपर डैशिंग लगे।  बीच पर सोनाक्षी-जहीर ने एक दूजे संग काफी हसीन पल बिताए. दोनों की सिजलिंग केमिस्ट्री देखकर किसी भी धड़कनें तेज हो सकती है।    बता दें कि सोनाक्षी और जहीर ने लंबी डेटिंग के बाद साल जून 2024 में सादगी से रजिस्टर मैरिज की थी. शादी के 2 साल बाद भी दोनों का रिश्ता किसी न्यूलीमैरिड कपल जैसा फ्रेश और प्यार से भरा ही लगता है. 

 

अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ ने पहले दिन की कमाई से बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म को दर्शकों का मिक्स्ड रिस्पॉन्स मिल रहा है. हालांकि, ज्यादातर रिव्यूज पॉजिटिव हैं. कई दिग्गद सितारों से सजी फिल्म ने बढ़िया ओपनिंग की है. आइए जानते हैं फिल्म की पहले दिन की कमाई कैसी रही.

बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा फिल्म का कलेक्शन?
‘वेलकम टू द जंगल’ की रिलीज से पहले 25 जून को फिल्म के पेड प्रीव्यू शो रखे गए थे, जिससे फिल्म की कमाई की अच्छी शुरुआत हुई. अब फिल्म के पेड प्रीव्यू और पहले दिन की शुरुआती कमाई के आंकड़े भी सामने आ गए हैं.

ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के मुताबिक, अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने गुरुवार को पेड प्रीमियर से 3.75 करोड़ रुपये अपने खाते में किए. वहीं, फिल्म ने अपने ओपनिंग डे पर इंडिया में 15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. गुरुवार को हुए पेड प्रिव्यूज को मिलाकर फिल्म का कुल नेट इंडिया कलेक्शन 18.75 करोड़ रुपये और ग्रॉस इंडिया कलेक्शन 22.50 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, विदेशी मार्केट से फिल्म को 6.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन मिला है, जिसके बाद फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 29 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. हालांकि, ऑफिशियल आंकड़े आाना अभी बाकी है.

‘भूत बंगला’ को छोड़ा पीछे
‘वेलकम टू द जंगल’ ने अक्षय की पिछली फिल्म ‘भूत बंगला’ की ओपनिंग कमाई को पीछे छोड़ दिया है. ‘भूत बंगला’ ने भारत में पहले दिन 12.25 करोड़ की नेट ओपनिंग की थी. वहीं,  प्रीमियर से फिल्म की 3.75 करोड़ की कमाई हुई थी, जिससे फिल्म की ओपनिंग 16 करोड़ रुपये रही थी. वहीं, ‘वेलकम टू द जंगल’ ओपनिंग कमाई में इससे आगे निकल गई है.

‘वेलकम टू द जंगल’ की शुक्रवार को 10,892 शोज में कुल मिलाकर 26.46% की थिएटर ऑक्यूपेंसी देखी गई. इसमें मॉर्निंग शोज में 11%, दोपहर के शोज में 26.85%, शाम के शोज में 28.85% और रात के शोज में 39.15% की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई.

‘अल्फा’ के आगे टिक पाएगी अक्षय की फिल्म?
अक्षय कुमार की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन तो कदम जमाती नजर आ रही है. लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म ओपनिंग वीकेंड और उसके बाद वर्किंग डेज में कैसा परफॉर्म करती है. आने वाले दिनों में अक्षय की फिल्म को ‘अल्फा’, ‘धमाल 4’, और ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ जैसी कई नई थिएट्रिकल रिलीज से टक्कर मिलने वाली है. इस क्लैश का असर फिल्म की कमाई पर कितना पड़ेगा, ये देखने वाली बात होगी.

बता दें कि फिल्म का पहला पार्ट ‘वेलकम’ साल 2007 में रिलीज हुआ था. फिल्म सुपरहिट हुई थी. इसके बाद फिल्म का सीक्वल ‘वेलकम बैक’ साल 2015 में आया था. अब अहमद खान फिल्म का तीसरा पार्ट वेलकम टू द जंगल लेकर आए हैं. फिल्म को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है, लेकिन ज्यादातर पॉजिटिव रिव्यूज हैं.

फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, रवीना टंडन, परेश रावल, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडीज समेत 32 सितारे हैं. फिल्म को अहमद खान ने डायरेक्ट किया है. अगर आपने ओपनिंग डे पर फिल्म को मिस कर दिया है तो अभी टिकट बुक करें और जल्दी से देख आएं ‘वेलकम टू द जंगल’.

Gold-Silver Price Crash: जून में ₹17,000 टूटा सोना, ₹51,000 लुढ़की चांदी; जानें गिरावट की बड़ी वजह

इंदौर 

जिन लोगों ने जून से पहले सोना-चांदी खरीदा था, उनके लिए जून का महीना अच्‍छा नहीं रहा है, क्‍योंकि इस महीने के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, बहुत से निवेशक अब सोने-चांदी पर खरीदारी को लेकर दांव लगा रहे हैं। 

जून में सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट तब आई है, जब ईरान-अमेरिका जंग खत्‍म हो चुका है और शांति वार्ता शुरू हो चुकी है. ऐसे में सोने-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, लेकिन फिर भी ये कीमती धातुएं तेजी से नीचे आई हैं. आइए समझते हैं कि इतनी भारी गिरावट क्‍यों आई है…

जून में सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट
मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में हर 10 ग्राम पर 17,000 रुपये की गिरावट आई है. यह 29 मई से अब तक 10.36 फीसदी की गिरावट है. इसी तरह चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है. जून महीने के दौरान चांदी 51,000 रुपये कम हो गई है यानी इसमें 18.56 फीसदी की गिरावट आई है. इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशक सोने-चांदी में दांव लगाने पर विचार कर रहे हैं। 

सोने-चांदी के दाम में क्‍यों आई इतनी बड़ी गिरावट? 
ईरान और अमेरिका के बीच जंग रुकने के बाद सोने और चांदी के भाव में तेजी की उम्‍मीद की जा रही थी, लेकिन फिर अमेकिरकी फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से एक बयान के बाद इसके दाम में भारी गिरावट आई. फेडरल रिजर्व के चेरमैन केविन वॉर्श ने संकेत दिया कि इस साल ब्याज दरों में में बढ़ोतरी हो सकती है. इस संकेत के बाद सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. वहीं कई एक्‍स्‍पर्ट्स भी फेडरलब रिजर्व की अगली मीटिंग में रेट में बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं, जिस कारण सोने-चांदी में लगातार गिरावट देखी जा रही है। 

इसके अलावा, निवेशकों ने ऊपरी स्‍तरों से सोने और चांदी में बिकवाली की है और सेफ असेट के बजाय शेयर बाजार में निवेश बढ़ाया है, जिस कारण सोने की गिरावट और भी बड़ी हो चुकी है।  

अभी तक कितना गिरा सोना और चांदी? 
जनवरी 2026 में अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से सोना करीब 29% गिर चुका है. यह टूटकर 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे आ चुका है. वहीं, चांदी में 50% से अधिक की गिरावट आई है. यह 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है। 

 

₹12 हजार कमाने वाले के खाते में ₹165 करोड़ का लेनदेन, CBI ने किया चौंकाने वाला खुलासा

भिलाई
खुर्सीपार निवासी अनिमेष सिंह के बैंक खाते में वर्ष 2020 में आए 165 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो4 (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष बताया है कि उसे इस राशि के स्रोत और उसके आगे कहां-कहां हस्तांतरित किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल की खंडपीठ में हुई।

सीबीआई ने न्यायालय को अवगत कराया कि जांच के दौरान बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया है। एजेंसी को अब यह जानकारी मिल चुकी है कि संबंधित राशि किन माध्यमों से खाते में पहुंची और बाद में उसका उपयोग अथवा हस्तांतरण किस प्रकार किया गया। सीबीआई ने कोर्ट से कहा है कि वह अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट आगामी सुनवाई में प्रस्तुत करेगी। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है।

यस बैंक के खाते में हुई थी धनवर्षा
यह मामला वर्ष 2020 में तब चर्चा में आया था, जब लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह आय वाले खुर्सीपार निवासी अनिमेष सिंह के यस बैंक खाते में 165 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई थी। मामले को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गईं और धन के स्रोत को लेकर सवाल उठे। इसके बाद अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रभु नाथ मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी।

शुरुआत से ही राज्य सरकार में स्पष्टता का अभाव
अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी का कहना है कि इस मामले में राज्य सरकार का रवैया शुरू से ही स्पष्ट नहीं रहा। उनके अनुसार, प्रारंभिक चरण में सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया था कि मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी-ईओडब्ल्यू) से कराई जा रही है, लेकिन बाद में जांच की प्रगति और निष्कर्षों को लेकर लगातार अस्पष्टता बनी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस सरकार और बाद में भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित पूरी और सटीक जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई, जिसके कारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी खिंचती रही।

परत दर परत मामला उजागर होने की आशा
त्रिपाठी का कहना है कि अब जब हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है, तब मामले की परत-दर-परत जानकारी सामने आ रही है। उनका दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हो सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें सीबीआई अपनी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।

 

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