MP Weather: मध्य प्रदेश के 43 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, मानसून की रफ्तार धीमी; ग्वालियर-चंबल को करना होगा इंतजार

भोपाल 

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद उसकी रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 43 जिलों में आज शनिवार को मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना भी जताई गई है।

विभाग के अनुसार, मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। सामान्य स्थिति में इस समय तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ने के कारण इसमें 2-3 दिन की और देरी होने की संभावना है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे देर से पहुंचने वाला है।.

मानसून ने 24 जून को दी थी दस्तक
गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। पहले ही दिन इंदौर, धार, आलीराजपुर, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। हालांकि, इसके बाद से परिस्थितियां थमी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है।

शनिवार को इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
इस बीच, शनिवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग समेत प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, मंदसौर और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।

एमपी के कई हिस्सों में दिखा आंधी-बारिश का दौर
इससे पहले, शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच और उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी बरसा। शाजापुर, दतिया, राजगढ़ और मंडला समेत कई इलाकों में मौसम बदला रहा। इस बदलते मौसम के बीच बालाघाट और देवास जिलों से दर्दनाक हादसे भी सामने आए, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने और दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 5 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

कहां-कहां है अलर्ट?
मौसम केंद्र ने रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल सहित कुल 43 जिलों में आज बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का भी अनुमान है।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। खासकर सोयाबीन, मक्का और दलहन की फसलों पर अतिरिक्त नजर रखने की जरूरत है।

कब तक सुधरेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48-72 घंटों में एक नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य भर में मानसून की गति बढ़ सकती है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुरकलां जैसे उत्तरी जिलों में सामान्य बारिश में सबसे ज्यादा देरी हो सकती है।

वर्षा के आंकड़ों में सुधार
पिछले तीन दिनों की बारिश से प्रदेश की औसत वर्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। लगातार बारिश के कारण बारिश का घाटा घटा है, हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है।

एमपी में तेज बारिश…सिवनी में 2 इंच पानी गिरा इससे पहले शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। सिवनी में करीब 2 इंच पानी गिर गया। शाजापुर के शुजालपुर, अकोदिया समेत आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिरा।

वहीं, दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के बैहर तहसील के बिरवा ग्राम पंचायत में बिजली गिरने से 2 बच्चों सहित 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए। मृतकों की पहचान लल्की मेरावी, झामसिंह ताराम (35) और सतीश वलके के रूप में हुई है।

वहीं, देवास के खटांबा गांव में सूरज की पूजा के दौरान आंधी-बारिश से गैलरी गिर गई। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत 3 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान लक्ष्मीबाई और भगवंताबाई के रूप में हुई है।

आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। खरगोन में तापमान सबसे कम 30 डिग्री पहुंच गया। खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री, बैतूल में 32.7 डिग्री, सिवनी-उमरिया में 33.2 डिग्री, धार में 33.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 

 

केतन मर्डर केस में नया खुलासा! सिया गोयल कॉमर्स ग्रेजुएट नहीं, 12वीं फेल; जांच में सामने आई नई बातें

पुणे 

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. लोनावला ग्रामीण पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को शुक्रवार को गुप्त रूप से लोहगढ़ किले के पास लेकर गई थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों को सुबह करीब 11 बजे किले के पास लाया गया था. इस दौरान जांच अधिकारियों ने दोनों से पूछा कि वे किले तक पहुंचने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल कर पहुंचे थे। 

पुलिस का कहना है कि किले तक पहुंचने के लिए दो अलग-अलग रास्ते हैं. सिया और चेतन से यह पहचान करने को कहा गया कि उन्होंने कौन-सा रास्ता अपनाया था. घटनास्थल के रास्ते की जांच के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को वापस पुलिस थाने ले गई. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस आने वाले दिनों में सिया गोयल के माता-पिता के बयान भी दर्ज कर सकती है। 

दरअसल सिया और चेतन से पूछताछ कर रही पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन एक-दूसरे पर आरोप मढ़कर जांच को भटकाने और देरी कराने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। 

‘बस 10वीं पास है सिया’
इस बीच सिया गोयल को लेकर नए दावे सामने आए हैं. केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि शादी तय होने से पहले उनके परिवार को सिया की शिक्षा और उसके व्यक्तित्व को लेकर गलत जानकारी दी गई थी. विशाल अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब दोनों परिवारों के बीच रिश्ता तय हो रहा था, तब उन्हें बताया गया था कि सिया बी.कॉम कर चुकी है और जल्द ही अपना बेकरी का कारोबार शुरू करने की सोच रही है। 

केतन के पिता के मुताबिक, पुलिस जांच के दौरान सामने आई जानकारी से उन्हें बड़ा झटका लगा. उन्होंने दावा किया कि जांच में पता चला है कि सिया केवल 10वीं पास है और 12वीं की परीक्षा भी पास नहीं कर सकी थी. विशाल अग्रवाल के मुताबिक, यह जानकारी पहले उनसे छिपाई गई थी। 

‘बुरी आदतों से परेशान था परिवार’
केतन के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि सिया को शराब पीने समेत कई बुरी आदतें थीं और उसका परिवार भी उसके व्यवहार से परेशान था. उनका दावा है कि इसी वजह से परिजनों ने एक अच्छे और संपन्न परिवार में उसकी शादी कराने का फैसला किया, ताकि उसकी जिंदगी पटरी पर आ सके। 

विशाल अग्रवाल के अनुसार, इसी सोच के तहत सिया के परिवार ने उस पर केतन से शादी करने का दबाव बनाया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। 

लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस पहले ही सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है. दोनों इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं. पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से केतन की हत्या की साजिश रची थी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। 

भारत दौरे पर आएंगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कब होगी यात्रा

नई दिल्ली/ वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसको लेकर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप की भारत यात्रा की दिशा में काम चल रहा है और उम्मीद है कि अगले साल की शुरुआत में यह दौरा हो सकेगा. IANS की रिपोर्ट के मुताबिक वॉशिंगटन डीसी में भारत-अमेरिका संबंधों पर बात करते हुए रुबियो ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते शानदार दौर में हैं. उन्होंने बताया कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बेहद अच्छी मुलाकात हुई थी. दोनों देश अब व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। 

रुबियो ने कहा, ‘हम ट्रेड डील को अंतिम रूप देने से बस कुछ कदम दूर हैं. बातचीत बेहद सकारात्मक रही है. जल्द ही क्वाड की अगली बैठक भी होगी. मैं खुद इस साल के अंत से पहले भारत जाने की उम्मीद करता हूं और अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा की तैयारी करूंगा.’ यदि ट्रंप अगले साल भारत आते हैं तो दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। 

रुबियो ने कहा- इस साल के अंत में वे भी भारत का दौरा करेंगे
व्हाइट हाउस में न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा, मैं साल के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे की तैयारियों के सिलसिले में भारत की यात्रा करूंगा। भारत-अमेरिका के संबंधों को लेकर रुबियो ने कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत स्थिति में हैं और जी7 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच हुई हालिया मुलाकात के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में बेहतरी हुई है।    

फरवरी 2020 में ट्रंप ने किया था भारत दौरा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरी बार फरवरी 2020 में भारत का दौरा किया था। उस समय उन्होंने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता से पहले अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप रैली को भी संबोधित किया था। साल 2024 में अमेरिकी सत्ता में दोबारा लौटने के बाद भी ट्रंप ने भारत के साथ बेहतर संबंधों को बढ़ावा दिया है और दोनों देश व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को बढ़ा रहे हैं। 

राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी में कई समानताएं
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका को असीमित संभावनाओं वाले स्वाभाविक साझेदार बताते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन प्रौद्योगिकी, रक्षा, निवेश और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी व्यक्तिगत संबंधों से भी मजबूती मिल रही है। व्हाइट हाउस में आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में गोर ने भारत में अपने पहले छह महीनों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि देश की विविधता, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अमेरिका के साथ मजबूत होती साझेदारी ने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य को लेकर उनके विश्वास को और मजबूत किया है। 

अमेरिकी राजदूत ने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच करीबी कार्य संबंधों की भी तारीफ करते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत नींव बताया। प्रधानमंत्री मोदी के बारे में गोर ने कहा, ‘वे बेहद ऊर्जावान हैं, हर काम में व्यक्तिगत रूप से रुचि लेते हैं और परिणाम देने पर जोर देते हैं। मुझे उनमें और राष्ट्रपति ट्रंप में कई समानताएं दिखाई देती हैं, क्योंकि दोनों ही खुद नेतृत्व करते हुए काम पूरा कराने में विश्वास रखते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘दोनों की सोच काफी हद तक एक जैसी है और दोनों परिणाम देना चाहते हैं।’ भविष्य की प्राथमिकताओं पर गोर ने कहा कि उनका ध्यान भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने, रक्षा सहयोग का विस्तार करने और पैक्स सिलिका जैसी पहलों को आगे बढ़ाने पर रहेगा। 

भारत दौरे पर क्या बोले रुबियो?
जब उनसे ट्रंप के संभावित भारत दौरे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं. उम्मीद है कि अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति भारत जाएंगे. भारत अमेरिका का बेहद करीबी साझेदार और सहयोगी है.’ रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के व्यक्तिगत रिश्तों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच जितनी करीबी है, उससे ज्यादा शायद ही किसी और नेता के साथ हो. कूटनीति में ऐसे रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। 

ट्रेड डील पर भी जल्द हो सकता है फैसला
रुबियो के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. अगर यह समझौता पूरा होता है तो दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई तेजी मिलेगी। 

मोदी से ट्रंप के अच्छे संबंध
मार्को रूबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच बहुत जल्द ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की उम्मीद है। ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा करेंगे। मैं राष्ट्रपति की यात्रा को अंतिम रूप देने के लिए भारत जा रहा हूं। रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।

हम साथ मिलकर कर रहें काम
भारत, अमेरिका और वेनेजुएला से बातचीत कर रहा है। हम सप्लाई बढ़ाने के लिए बहुत मिलकर काम कर रहे हैं। भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है जिनके पास भारी कच्चे तेल (heavy crude) को रिफाइन करने की क्षमता है। उन्होंने खुद को पीएम मोदी का प्रशंसक बताते हुए कहा कि मोदी ने भारत को ग्लोबल पावर बनाया है।

ट्रंप आखिरी बार कब आए थे भारत?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आखिरी बार फरवरी 2020 में भारत की यात्रा की थी। जब ट्रंप ने अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप रैली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ भाग लिया था, जिसके बाद दोनों नेताओं ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय चर्चा की थी।

 

बीच पर रोमांटिक अंदाज में नजर आए सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल, Kiss करते हुए तस्वीरें वायरल

मुंबई 

बॉलीवुड के पावर कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल इन दिनों रोमांटिक वेकेशन पर हैं. 23 जून को कपल ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह सेलिब्रेट की. दोनों की रोमांटिक तस्वीरें इंटरनेट पर छाई हुई हैं। 
सोनाक्षी-जहीर ने अब वेकेशन की कुछ नई तस्वीरें साझा की हैं. तस्वीरों में कपल की सिजलिंग केमिस्ट्री से आप भी नजरें नहीं हटा पाएंगे। वेकेशन फोटोज में सोनाक्षी और जहीर एक दूजे की बांहों में कोजी होते हुए दिखाई दे रहे हैं। 
एक फोटो में जहीर इकबाल अपनी लेडी लव सोनाक्षी को बांहों में लेकर उन्हें गाल पर Kiss करते दिखे. सोनाक्षी भी खुशी से चहकती नजर आईं। 
वेकेशन की इस तस्वीर में सोनाक्षी पति जहीर की गोद में बैठी हुई नजर आ रही हैं. कपल का किलर अंदाज फैंस का दिल जीत रहा है। सोनाक्षी इस फोटो में पति जहीर इकबाल की बांहों में बांहे डाली नजर आईं. कपल की मिलियन डॉलर स्माइल उनकी खुशी को जगजाहिर कर रही है।        

सोनाक्षी का बीच लुक भी सुपर कूल है. व्हाइट शर्ट और डेनिम शॉर्ट्स में एक्ट्रेस स्टनिंग लगीं. उन्होंने ओपन हेयर और लाइट मेकअप के साथ अपना लुक कंप्लीट किया। जहीर भी अपनी पत्नी से ट्विनिंग करते नजर आए. व्हाइट शर्ट और जींस में सुपर डैशिंग लगे।  बीच पर सोनाक्षी-जहीर ने एक दूजे संग काफी हसीन पल बिताए. दोनों की सिजलिंग केमिस्ट्री देखकर किसी भी धड़कनें तेज हो सकती है।    बता दें कि सोनाक्षी और जहीर ने लंबी डेटिंग के बाद साल जून 2024 में सादगी से रजिस्टर मैरिज की थी. शादी के 2 साल बाद भी दोनों का रिश्ता किसी न्यूलीमैरिड कपल जैसा फ्रेश और प्यार से भरा ही लगता है. 

 

अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ ने पहले दिन की कमाई से बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म को दर्शकों का मिक्स्ड रिस्पॉन्स मिल रहा है. हालांकि, ज्यादातर रिव्यूज पॉजिटिव हैं. कई दिग्गद सितारों से सजी फिल्म ने बढ़िया ओपनिंग की है. आइए जानते हैं फिल्म की पहले दिन की कमाई कैसी रही.

बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा फिल्म का कलेक्शन?
‘वेलकम टू द जंगल’ की रिलीज से पहले 25 जून को फिल्म के पेड प्रीव्यू शो रखे गए थे, जिससे फिल्म की कमाई की अच्छी शुरुआत हुई. अब फिल्म के पेड प्रीव्यू और पहले दिन की शुरुआती कमाई के आंकड़े भी सामने आ गए हैं.

ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के मुताबिक, अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने गुरुवार को पेड प्रीमियर से 3.75 करोड़ रुपये अपने खाते में किए. वहीं, फिल्म ने अपने ओपनिंग डे पर इंडिया में 15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. गुरुवार को हुए पेड प्रिव्यूज को मिलाकर फिल्म का कुल नेट इंडिया कलेक्शन 18.75 करोड़ रुपये और ग्रॉस इंडिया कलेक्शन 22.50 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, विदेशी मार्केट से फिल्म को 6.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन मिला है, जिसके बाद फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 29 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. हालांकि, ऑफिशियल आंकड़े आाना अभी बाकी है.

‘भूत बंगला’ को छोड़ा पीछे
‘वेलकम टू द जंगल’ ने अक्षय की पिछली फिल्म ‘भूत बंगला’ की ओपनिंग कमाई को पीछे छोड़ दिया है. ‘भूत बंगला’ ने भारत में पहले दिन 12.25 करोड़ की नेट ओपनिंग की थी. वहीं,  प्रीमियर से फिल्म की 3.75 करोड़ की कमाई हुई थी, जिससे फिल्म की ओपनिंग 16 करोड़ रुपये रही थी. वहीं, ‘वेलकम टू द जंगल’ ओपनिंग कमाई में इससे आगे निकल गई है.

‘वेलकम टू द जंगल’ की शुक्रवार को 10,892 शोज में कुल मिलाकर 26.46% की थिएटर ऑक्यूपेंसी देखी गई. इसमें मॉर्निंग शोज में 11%, दोपहर के शोज में 26.85%, शाम के शोज में 28.85% और रात के शोज में 39.15% की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई.

‘अल्फा’ के आगे टिक पाएगी अक्षय की फिल्म?
अक्षय कुमार की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन तो कदम जमाती नजर आ रही है. लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म ओपनिंग वीकेंड और उसके बाद वर्किंग डेज में कैसा परफॉर्म करती है. आने वाले दिनों में अक्षय की फिल्म को ‘अल्फा’, ‘धमाल 4’, और ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ जैसी कई नई थिएट्रिकल रिलीज से टक्कर मिलने वाली है. इस क्लैश का असर फिल्म की कमाई पर कितना पड़ेगा, ये देखने वाली बात होगी.

बता दें कि फिल्म का पहला पार्ट ‘वेलकम’ साल 2007 में रिलीज हुआ था. फिल्म सुपरहिट हुई थी. इसके बाद फिल्म का सीक्वल ‘वेलकम बैक’ साल 2015 में आया था. अब अहमद खान फिल्म का तीसरा पार्ट वेलकम टू द जंगल लेकर आए हैं. फिल्म को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है, लेकिन ज्यादातर पॉजिटिव रिव्यूज हैं.

फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, रवीना टंडन, परेश रावल, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडीज समेत 32 सितारे हैं. फिल्म को अहमद खान ने डायरेक्ट किया है. अगर आपने ओपनिंग डे पर फिल्म को मिस कर दिया है तो अभी टिकट बुक करें और जल्दी से देख आएं ‘वेलकम टू द जंगल’.

Gold-Silver Price Crash: जून में ₹17,000 टूटा सोना, ₹51,000 लुढ़की चांदी; जानें गिरावट की बड़ी वजह

इंदौर 

जिन लोगों ने जून से पहले सोना-चांदी खरीदा था, उनके लिए जून का महीना अच्‍छा नहीं रहा है, क्‍योंकि इस महीने के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, बहुत से निवेशक अब सोने-चांदी पर खरीदारी को लेकर दांव लगा रहे हैं। 

जून में सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट तब आई है, जब ईरान-अमेरिका जंग खत्‍म हो चुका है और शांति वार्ता शुरू हो चुकी है. ऐसे में सोने-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, लेकिन फिर भी ये कीमती धातुएं तेजी से नीचे आई हैं. आइए समझते हैं कि इतनी भारी गिरावट क्‍यों आई है…

जून में सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट
मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में हर 10 ग्राम पर 17,000 रुपये की गिरावट आई है. यह 29 मई से अब तक 10.36 फीसदी की गिरावट है. इसी तरह चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है. जून महीने के दौरान चांदी 51,000 रुपये कम हो गई है यानी इसमें 18.56 फीसदी की गिरावट आई है. इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशक सोने-चांदी में दांव लगाने पर विचार कर रहे हैं। 

सोने-चांदी के दाम में क्‍यों आई इतनी बड़ी गिरावट? 
ईरान और अमेरिका के बीच जंग रुकने के बाद सोने और चांदी के भाव में तेजी की उम्‍मीद की जा रही थी, लेकिन फिर अमेकिरकी फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से एक बयान के बाद इसके दाम में भारी गिरावट आई. फेडरल रिजर्व के चेरमैन केविन वॉर्श ने संकेत दिया कि इस साल ब्याज दरों में में बढ़ोतरी हो सकती है. इस संकेत के बाद सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. वहीं कई एक्‍स्‍पर्ट्स भी फेडरलब रिजर्व की अगली मीटिंग में रेट में बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं, जिस कारण सोने-चांदी में लगातार गिरावट देखी जा रही है। 

इसके अलावा, निवेशकों ने ऊपरी स्‍तरों से सोने और चांदी में बिकवाली की है और सेफ असेट के बजाय शेयर बाजार में निवेश बढ़ाया है, जिस कारण सोने की गिरावट और भी बड़ी हो चुकी है।  

अभी तक कितना गिरा सोना और चांदी? 
जनवरी 2026 में अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से सोना करीब 29% गिर चुका है. यह टूटकर 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे आ चुका है. वहीं, चांदी में 50% से अधिक की गिरावट आई है. यह 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है। 

 

₹12 हजार कमाने वाले के खाते में ₹165 करोड़ का लेनदेन, CBI ने किया चौंकाने वाला खुलासा

भिलाई
खुर्सीपार निवासी अनिमेष सिंह के बैंक खाते में वर्ष 2020 में आए 165 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो4 (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष बताया है कि उसे इस राशि के स्रोत और उसके आगे कहां-कहां हस्तांतरित किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल की खंडपीठ में हुई।

सीबीआई ने न्यायालय को अवगत कराया कि जांच के दौरान बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया है। एजेंसी को अब यह जानकारी मिल चुकी है कि संबंधित राशि किन माध्यमों से खाते में पहुंची और बाद में उसका उपयोग अथवा हस्तांतरण किस प्रकार किया गया। सीबीआई ने कोर्ट से कहा है कि वह अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट आगामी सुनवाई में प्रस्तुत करेगी। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है।

यस बैंक के खाते में हुई थी धनवर्षा
यह मामला वर्ष 2020 में तब चर्चा में आया था, जब लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह आय वाले खुर्सीपार निवासी अनिमेष सिंह के यस बैंक खाते में 165 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई थी। मामले को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गईं और धन के स्रोत को लेकर सवाल उठे। इसके बाद अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रभु नाथ मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी।

शुरुआत से ही राज्य सरकार में स्पष्टता का अभाव
अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी का कहना है कि इस मामले में राज्य सरकार का रवैया शुरू से ही स्पष्ट नहीं रहा। उनके अनुसार, प्रारंभिक चरण में सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया था कि मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी-ईओडब्ल्यू) से कराई जा रही है, लेकिन बाद में जांच की प्रगति और निष्कर्षों को लेकर लगातार अस्पष्टता बनी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस सरकार और बाद में भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित पूरी और सटीक जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई, जिसके कारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी खिंचती रही।

परत दर परत मामला उजागर होने की आशा
त्रिपाठी का कहना है कि अब जब हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है, तब मामले की परत-दर-परत जानकारी सामने आ रही है। उनका दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हो सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें सीबीआई अपनी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।

 

जेल में बंद 2 यूट्यूबर्स पर दूसरी FIR, महिला से ₹50 हजार और वीडियो हटाने के लिए ₹2 लाख मांगने का आरोप

दुर्ग-भिलाई
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट विवाद में फंसे 2 यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में दूसरी FIR दर्ज की है।

दरअसल, महिला ग्राहक सेवा केंद्र चलाती हैं। यूट्यूबर्स ने आरोप लगाया था कि वह ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर उनके अंगूठे का निशान लगवाकर खाते से पैसे निकाल लेती है। जबकि महिला का आरोप था कि यूट्यूबर्स ने बातचीत को तोड़-मरोड़कर वीडियो तैयार किया।

पीड़िता का कहना है कि सोशल मीडिया से वीडियो हटाने के बदले यूट्यूबर्स ने 50 हजार मांगे। 35 हजार रुपए देने के बाद वीडियो तो हटा दिया गया, लेकिन फिर से 2 लाख रुपए की डिमांड की, न देने पर बदनाम करने और नए वीडियो जारी करने की धमकी दी।

पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी यूट्यूबर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। हालांकि, दोनों ही आरोपी भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट मामले में जेल में हैं।

ब्लैकमेलिंग की पूरी कहानी…
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला नाम का नेहा मिश्रा है, जो उमदा की रहने वाली है और पिछले 5 सालों से वह गांव में ग्राहक सेवा केंद्र चलाती है। 25 जून को उसने पुरानी भिलाई थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में बताया गया है कि कुछ समय पहले सागर साहू अपने साथी पुष्पराज सिंह के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने के बहाने उनके दफ्तर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने बात को गलत तरीके से दिखाकर वीडियो बनाया और उसे खबर के रूप में वायरल किया।

नेहा ने आरोप लगाया है कि 3 जून को वीडियो हटाने के बदले उनसे 50 हजार रुपए की मांग की गई। बदनामी के डर से उसने अपनी जमा पूंजी से 35 हजार रुपए आरोपियों को दे दिए। रकम मिलने के बाद वीडियो हटा दिया गया था।

2 लाख मांगे, नहीं देने पर नई वीडियो वायरल करने की धमकी
यह भी आरोप है कि बाद में आरोपियों ने नेहा से फिर 2 लाख रुपए की मांग की। पैसे न देने पर बदनाम करने और नए वीडियो जारी करने की धमकी दी गई। पैसे न देने पर आरोपियों ने 3 से अधिक अलग-अलग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।

इससे महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और उन्हें अपने ग्राहक सेवा केंद्र जाने में भी शर्मिंदगी महसूस हो रही है। पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस बोली- जांच के बाद करेंगे आगे की कार्रवाई
पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद शुरुआती तौर पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

9 दिन पहले भी मामला दर्ज हुआ था
यह पहली बार नहीं है जब दोनों यूट्यूबर्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई है। करीब 9 दिन पहले भी उनके खिलाफ एक और मामले में केस दर्ज किया गया था। यह मामला महादेव सट्टा ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े वायरल स्क्रीनशॉट से संबंधित था।

सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से एक मैसेज दिखाया गया था, जिसमें लिखा था- “नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं।” इसी स्क्रीनशॉट के आधार पर दोनों यूट्यूबर्स ने खबरें वायरल की थीं।

भूपेश बघेल ने बताया था फर्जी कंटेंट
वायरल चैट सामने आने के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी वायरल चैट और उससे जुड़े कंटेंट को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि उनकी लीगल टीम फर्जी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।

डिजिटल दुनिया से विश्व पटल तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन: मंत्री राजेश अग्रवाल

डिजिटल दुनिया से विश्व पटल तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन: मंत्री राजेश अग्रवाल

लखनपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से मिले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल 

युवा डिजिटल क्रिएटर्स से संवाद कर पर्यटन, संस्कृति और स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान

रायपुर,
 छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से लखनपुर (अंबिकापुर) में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर मीट में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए डिजिटल क्रिएटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों, लोक संस्कृति और जनजातीय जीवन की सकारात्मक एवं प्रेरणादायी कहानियों को व्यापक स्तर पर साझा करने का आग्रह किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम लोगों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान दिलाने का सशक्त उपकरण भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, धार्मिक आस्था, वन्यजीव और जनजातीय जीवन का अद्भुत संगम है, जिसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने में डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आग्रह किया कि वे अपनी रचनात्मक सामग्री के माध्यम से चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर घाटी, सिरपुर, भोरमदेव, रामगढ़, मैनपाट, बारसूर, चंद्रखुरी, दंतेवाड़ा सहित प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल किसी स्थान का प्रचार नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार, हस्तशिल्प, लोक कला, संस्कृति और आर्थिक समृद्धि से भी सीधे जुड़ा हुआ क्षेत्र है।

संवाद के दौरान राजेश अग्रवाल ने स्वच्छता को सफल पर्यटन की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यटन स्थल ही पर्यटकों के मन में स्थायी छाप छोड़ते हैं। उन्होंने सभी डिजिटल क्रिएटर्स से अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प ले, तो छत्तीसगढ़ देश के सबसे स्वच्छ और आकर्षक पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आगामी 29 एवं 30 जून को सरगुजा के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थल रामगढ़ में आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स एवं डिजिटल क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से रामगढ़ महोत्सव की विशेषताओं, ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्थानीय लोक कला और पर्यटन आकर्षणों को देशभर के लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है और यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से बड़ी संख्या में पर्यटक एवं संस्कृति प्रेमी रामगढ़ महोत्सव से जुड़ेंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से हमारे युवा इस अभियान के सशक्त भागीदार बन सकते हैं। मुझे विश्वास है कि डिजिटल क्रिएटर्स के सहयोग से छत्तीसगढ़ की सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और हमारे प्रमुख पर्यटन आयोजनों की पहचान दुनिया के हर कोने तक पहुंचेगी।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक आयोजनों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन, जनजातीय संस्कृति के संवर्धन तथा स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल को बेहतर सड़क, मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक प्रचार-प्रसार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा हुई। बताया गया कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और समग्र आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम मानते हुए प्रदेश के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के साथ-साथ उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों का समग्र विकास, आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण, सांस्कृतिक आयोजनों का विस्तार तथा डिजिटल माध्यमों से वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान स्थापित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स ने भी प्रदेश के पर्यटन स्थलों को नवीन एवं रचनात्मक शैली में प्रस्तुत करने, सकारात्मक सामग्री तैयार करने, स्वच्छता और जिम्मेदार पर्यटन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ आगामी रामगढ़ महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का विश्वास दिलाया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स उपस्थित रहे। यह संवाद कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख आयोजनों को डिजिटल माध्यमों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जनसहभागिता और आधुनिक डिजिटल संचार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए।

रायपुर में अब मॉल और कॉमर्शियल भवनों की होगी जांच, कोचिंग सेंटर्स के बाद प्रशासन का बड़ा अभियान

रायपुर 

रायपुर में कोचिंग सेंटर्स पर चल रही जांच अब सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक सीमित नहीं रहेगी। शहर के बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, मॉल, कॉम्प्लेक्स और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों को भी प्रशासन ने जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

इसकी वजह छत्तीसगढ़ शासन का 19 जून को जारी वह आदेश है, जिसमें प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं की सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

भीड़भाड़ वाले संस्थानों पर पहले फोकस
शासन के निर्देश के बाद रायपुर जिला प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम लगातार तीसरे दिन भी शहर के कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में उन कोचिंग संस्थानों की जांच की जा रही है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अन्य लोग पहुंचते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग संस्थानों के बाद शहर के अन्य बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, मॉल, कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण शुरू किया जाएगा। इनमें अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाओं की सघन जांच की जाएगी।

NBC-2016 और BIS मानकों का पालन अनिवार्य
नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के आदेश में राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शासन ने स्पष्ट किया है कि बहुमंजिला आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड यूज भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकासी मार्ग, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच की जाए।

सभी नगरीय निकायों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे भवन मालिकों और संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करें और नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित न रहने दें।

तीन दिन से लगातार चल रही जांच
जांच अभियान के पहले दिन एलन, अनअकैडमी, विद्यापीठ, RCC और अकादजा कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कुछ संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों के बैठने, वेंटिलेशन की कमी और फायर सेफ्टी मानकों से जुड़ी खामियां सामने आई थीं। संबंधित संचालकों को एक सप्ताह के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

3 कोचिंग सेंटर को नोटिस जारी
दूसरे दिन चाणक्य कोचिंग सेंटर, इम्पैक्ट कोचिंग और CLAT कोचिंग सेंटर की जांच हुई। चाणक्य कोचिंग फायर ऑडिट सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं कर सका, जबकि इम्पैक्ट कोचिंग में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं मिला। CLAT कोचिंग सेंटर की लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद पाया गया। तीनों संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है।

तीसरे दिन PATH IAS पहुंची टीम
बुधवार को नगर निगम की टीम जोन-4 स्थित PATH IAS अकादमी पहुंची। यहां भवन में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकासी और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की गई। अधिकारियों ने संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अब मॉल और कॉम्प्लेक्स भी रडार पर
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में बहुमंजिला कॉमर्शियल भवनों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण किया जाएगा। जहां फायर सेफ्टी, लिफ्ट सुरक्षा या इमरजेंसी एग्जिट व्यवस्था में लापरवाही मिलेगी, वहां नोटिस, जुर्माना और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

19 जून के शासनादेश के बाद राजधानी में भवन सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। लगातार हो रही जांच से साफ संकेत है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों और भवन संचालकों पर आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है।

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