आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने वाले ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने वाले ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

एआई से डरने की नहीं, उसे अवसर में बदलने की है जरूरत

वित्त मंत्री ने मैक कॉलेज के राष्ट्रीय सम्मेलन में युवाओं से कहा- बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को करें तैयार

रायपुर, 
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (एमएआईसी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “Artificial Intelligence & Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact” में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर युवाओं का आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों से भयभीत होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के निर्माण का सबसे बड़ा अवसर मानें।

अपने संबोधन में मंत्री चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का स्वर्णिम इतिहास भी ज्ञान, शिक्षा और नवाचार की नींव पर खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत लगभग 1600 वर्षों तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इसलिए रहा क्योंकि यहां शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च स्थान दिया गया।

मंत्री चौधरी ने युवाओं से कहा कि आज दुनिया के सबसे सफल उद्योगपति और उद्यमी वे हैं जिन्होंने नए विचारों और नवाचार के बल पर अपनी पहचान बनाई है। एलन मस्क, एनवीडिया और एप्पल जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीक की शक्ति इतनी बड़ी हो चुकी है कि कई टेक्नोलॉजी कंपनियों का मूल्यांकन अनेक देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। इसलिए युवाओं को समय रहते तकनीकी परिवर्तन को समझकर स्वयं को उसके अनुरूप तैयार करना होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि “जो एआई को अपनाएगा वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। जो इससे दूर भागेगा, वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।” उन्होंने कहा कि हर तकनीकी परिवर्तन चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन वही परिवर्तन नए अवसर भी पैदा करता है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि एआई कई कार्यों को सरल बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकता। इसलिए युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए जहां मानवीय मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्र।

मंत्री चौधरी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ें तथा विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी नेतृत्व का लोहा माना जाता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047” पर कार्य कर रही है। इस दिशा में नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डाटा सेंटर तथा ट्रिपल आईटी में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है।

कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज प्रबंधन, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

एमपी ट्रांसको ने पेंशनर एवं कार्मिकों को अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना में शामिल होने का दिया एक और अवसर

भोपाल

मध्यप्रदेश शासन के उपक्रम म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा संचालित अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत अब तक शामिल होने से वंचित रह गए कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एक और अवसर प्रदान किया गया है।

एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन श्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पात्र कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों से 25 जून से 20 जुलाई 2026 तक पुनः आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो पात्र हितग्राही वर्तमान में योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं और अब इसमें शामिल होना चाहते हैं, उन्हें योजना के प्रारंभ होने की तिथि से अब तक देय सभी अंशदान किस्तों का भुगतान एकमुश्त करना होगा।

योजना के अन्य सभी नियम एवं शर्तें यथावत रहेंगी। एमपी ट्रांसको प्रबंधन ने पात्र कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों से निर्धारित अवधि में आवेदन प्रस्तुत कर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने का आग्रह किया है।

 

रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से ताजिया टकराया; 3 की मौत, 20 से ज्यादा झुलसे

रतलाम

रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में मुहर्रम के अवसर पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। लगभग 10 फीट ऊंचा ताजिया पंचमुखी महादेव मंदिर के समीप से गुजर रहा था, तभी वह 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट फैलने से 3 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग झुलसकर घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान हुई है।

पल भर में चीख-पुकार में बदल गया माहौल
वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी भी मृत्यु होने की सूचना सामने आ रही है। हालांकि प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दोनों मौतों की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस तथा विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पतालों की ओर पहुंच गए।

प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों का उपचार जारी है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर अधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारिक पुष्टि के बाद आंकड़ों में परिवर्तन संभव है।

यह दिल दहला देने वाली घटना पिपलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हतनारा गांव की है। बताया जा रहा है कि जुलूस में लगभग 200 लोग शामिल थे। लोग पूरे उत्साह और अकीदत के साथ ताजिया लेकर आगे बढ़ रहे थे।

इसी दौरान ताजिये का ऊपरी हिस्सा करीब 20 फीट की ऊंचाई से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन से छू गया। पलक झपकते ही पूरे ताजिये में तेज करंट दौड़ गया और जो लोग उसे कंधा दे रहे थे, वे इस जानलेवा करंट की चपेट में आ गए।

CM मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले- आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का किया गया प्रयास

भोपाल 

लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लंबे समय से यह मांग है कि उन्हें भी स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्ज की  मांग उठाई।कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपए मासिक पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी मांग रखी गई थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।

सम्मेलन में सोलंकी ने 95 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं सभी लोकतंत्र सेनानियों से कहता हूं कि खूब जियो और 95 वर्ष की आयु तक पहुंचकर सम्मान प्राप्त करो।” उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक है।

वे राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया।

आपातकाल के सेनानियों (मीसाबंदियों) के अखिल भारतीय संगठन ‘लोकतंत्र सेनानी संघ, मध्य प्रदेश’ के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर से लगभग दो हजार मीसाबंदी और उनके परिवार शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिरकत कर रहे हैं। उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद कैलाश सोनी तथा संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक भी मंच साझा कर रहे हैं।

सीएम बोले-कांग्रेस ने आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लोकतंत्र सेनानियों ने लड़ी, जबकि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था को रोकने और दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के समय कई देश हमारे साथ या हमारे बाद स्वतंत्र हुए थे। इजरायल हमसे एक वर्ष बाद आजाद हुआ, लेकिन आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनकर खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की पांचवीं पीढ़ी राजनीति में आ चुकी है, लेकिन उसकी कार्यशैली नहीं बदली। उन्होंने अपने बचपन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आपातकाल लगा, तब उनकी उम्र मात्र नौ वर्ष थी। उनके पिता 19 महीने तक जेल में रहे। उस समय परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजरा, लेकिन थोड़ी-बहुत खेती होने के कारण घर का गुजारा चलता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कांग्रेस के लोग जेल में बंद लोगों से कांग्रेस की सदस्यता लेने की शर्त पर रिहाई की बात करते थे।

डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष की वजह से आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई, लेकिन भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की राजनीतिक स्थिति सभी के सामने है। लोकतंत्र की मशाल जलाए रखने का श्रेय लोकतंत्र सेनानियों को जाता है।

मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई नई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। उन्हें सरकारी रेस्ट हाउस में दो दिन तक निशुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में पार्क और मार्गों का नामकरण किया जाएगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस से भी उपचार की व्यवस्था कराई जाएगी।उन्होंने यह भी घोषणा की कि अधिक आयु के कारण जिन लोकतंत्र सेनानियों को जिला या बैंक शाखा बदलने में परेशानी होती है, उनकी सुविधा के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। जिन सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में लोकतंत्र सेनानियों को अधिकारी स्तर का सम्मान देने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस संविधान बचाने की बात करती है, लेकिन उसने हमेशा एक परिवार को आगे बढ़ाने और सत्ता के बल पर दूसरों को दबाने का प्रयास किया।

इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले वीर सेनानियों का सम्मान समारोह है। कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बीजेपी के प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह मंत्री कृष्णा गौर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया विधायक रामेश्वर शर्मा मौजूद हैं।

पूर्व मंत्री सहित तीन वयोवृद्ध लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया।

इमरजेंसी पर बनी फिल्म भी दिखाई
कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे लोकतंत्र प्रहरी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल द्वारा तैयार किया गया है।

इम्तियाज अली की ‘मैं वापस आऊंगा’ ने दूसरे हफ्ते में भी बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा ने दूसरे हफ्ते में ऐसा कमाल किया है, जो इसकी रिलीज के दिन शायद ही किसी ने सोचा होगा. दूसरे हफ्ते में इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी पकड़ बनाई है, जो शुक्रवार से इसके सामने आई नई फिल्म कॉकटेल 2 भी नहीं बना पाई. वैसे इन दोनों फिल्मों का एक बहुत दिलचस्प इनडायरेक्ट कनेक्शन भी है.

2012 में आई ओरिजिनल कॉकटेल फिल्म के राइटर इम्तियाज अली थे, लेकिन इसके सीक्वल के राइटर वह नहीं हैं. इम्तियाज की लिखी फिल्म का सीक्वल कॉकटेल 2 जब थिएटर्स में पहुंचा, तो उनकी ही लिखी-डायरेक्ट की हुई मैं वापस आऊंगा एक हफ्ते पहले से बॉक्स ऑफिस पर मौजूद थी. लेकिन इम्तियाज की फिल्म ने दूसरे हफ्ते में होने के बावजूद, कॉकटेल 2 की कमाई में अच्छी-खासी सेंधमारी कर दी.

मैं वापस आऊंगा का तगड़ा बॉक्स ऑफिस होल्ड
इम्तियाज की फिल्म ने बहुत स्लो शुरुआत के बाद, जनता की तारीफों के दम पर धीरे-धीरे अपने दर्शक जुटाए और इस काम में पहला हफ्ता लगा. पहले पूरे हफ्ते में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 12.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, जबकि दूसरे वीकेंड के तीन दिनों में ही मैं वापस आऊंगा ने बॉक्स ऑफिस पर 12 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर डाला. लेकिन फिल्म ने असली कमाल किया दूसरे हफ्ते के वर्किंग डेज में.

सैकनिल्क का डेटा बताता है कि मैं वापस आऊंगा ने गुरुवार को 2.30 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. इतना कलेक्शन फिल्म ने पहले हफ्ते में सिर्फ एक दिन किया था. गुरुवार के कलेक्शन के साथ, पिछले चार वर्किंग डेज में मैं वापस आऊंगा ने 10.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर डाला. यानी पिछले शुक्रवार से शुरू हुए बॉक्स ऑफिस हफ्ते में, वीकेंड के मुकाबले वर्किंग डेज में मैं वापस आऊंगा की कमाई मात्र 12.5% गिरी, जबकि इसी हफ्ते में नई फिल्म कॉकटेल 2 का होल्ड भी इससे बहुत कमजोर रहा.

स्लो पड़ती जा रही कॉकटेल 2
शुक्रवार को रिलीज हुई कॉकटेल 2 ने पहले वीकेंड में बॉक्स ऑफिस पर 47.5 करोड़ रुपये का दमदार कलेक्शन किया था, लेकिन मंडे से ही इसका कलेक्शन सिंगल डिजिट में आ गया. मंगलवार को सस्ते टिकट का ऑफर भी कमाई नहीं बढ़ा पाया और बुधवार को भी कमाई गिरी. गुरुवार का कलेक्शन 4.15 करोड़ रुपये रहा, जो बुधवार के 5.25 करोड़ रुपये से भी कम है. सोमवार से गुरुवार तक, वर्किंग डेज में कॉकटेल 2 का कलेक्शन करीब 27 करोड़ रुपये हुआ है. यानी वीकेंड के मुकाबले इसके वर्किंग डेज का कलेक्शन करीब 43% कम हुआ है.

दोनों फिल्मों की तुलना ही बताती है कि जहां मैं वापस आऊंगा ने दूसरे हफ्ते में, पहले हफ्ते से भी ज्यादा दम दिखाया, वहीं दर्शकों के इसकी तरफ भागने से नई फिल्म कॉकटेल 2 को भी नुकसान हुआ जो पहले हफ्ते में लगातार धीमी पड़ती गई. अब थिएटर्स में अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल नई रिलीज बनकर पहुंच चुकी है और इसकी कॉमेडी की तारीफ हो रही है. देखने वाली बात होगी कि तीसरे हफ्ते में मैं वापस आऊंगा और दूसरे हफ्ते में कॉकटेल 2 बॉक्स ऑफिस पर कितना बच पाती हैं.

वेलकम 3 vs कॉकटेल 2: बॉक्स ऑफिस पर आज से बड़ा क्लैश, टिकट ऑफर से बढ़ी टक्कर

बॉक्स ऑफिस पर आज से एक बहुत बड़ा और दिलचस्प मुकाबला शुरू हो चुका है. अक्षय कुमार की मच-अवेटीड और भारी-भरकम स्टारकास्ट वाली कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) आज यानी 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. लेकिन, अक्षय कुमार की इस मल्टी-स्टारर फिल्म की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है, क्योंकि थियेटर्स में पहले से ही शाहिद कपूर की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ मजबूती से पैर जमाए बैठी है.

दरअसल अब ‘वेलकम 3’ के क्रेज को टक्कर देने और अपनी फिल्म की रफ्तार बनाए रखने के लिए ‘कॉकटेल 2’ के मेकर्स ने एक ऐसा तगड़ा और हैरान करने वाला प्लान बनाया है, जो पहले ही दिन अक्षय की फिल्म का खेल बिगाड़ सकता है.

एक टिकट पर दो लोगों के मजे
अक्षय कुमार की बड़ी फिल्म के पहले दिन के कलेक्शन में सेंध लगाने के लिए ‘कॉकटेल 2’ के मेकर्स ने 26 जून यानी आज के लिए एक बेहद आकर्षक ऑफर का ऐलान कर दिया है. मेकर्स ने अपनी फिल्म पर ‘बाय 1 गेट 1 फ्री’ (Buy 1 Get 1 Free) का टिकट ऑफर लॉन्च किया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप सिनेमाघर जाकर ‘कॉकटेल 2’ की एक टिकट खरीदते हैं, तो दूसरी टिकट आपको बिल्कुल मुफ्त मिलेगी. यानी सिर्फ एक टिकट की कीमत पर दो लोग आराम से फिल्म का लुत्फ उठा सकते हैं. हालांकि, मेकर्स ने साफ किया है कि यह धमाकेदार ऑफर सिर्फ आज (शुक्रवार) के लिए ही लागू रहेगा.

क्या ‘वेलकम टू द जंगल’ को पहले ही दिन होगा नुकसान?
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अगर दर्शकों ने शाहिद कपूर की फिल्म के इस ‘एक पर एक फ्री’ वाले ऑफर का फायदा उठाना शुरू किया, तो इसका सीधा और बड़ा नुकसान अपने पहले ही दिन ‘वेलकम टू द जंगल’ को उठाना पड़ सकता है. वीकेंड की शुरुआत में लोग अक्सर कम बजट में मनोरंजन तलाशते हैं और ऐसे में यह ऑफर दर्शकों को ‘वेलकम 3’ के बजाय ‘कॉकटेल 2’ की तरफ खींच सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो ‘वेलकम टू द जंगल’ की ओपनिंग डे की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा. अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि आज ऑडियंस इन दोनों फिल्मों में से किसे ज्यादा भाव देती है.

‘कॉकटेल 2’ का रिपोर्ट कार्ड
अगर ‘कॉकटेल 2’ के अब तक के प्रदर्शन की बात करें, तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा कारोबार कर रही है. बॉक्स ऑफिस ट्रैकर वेबसाइट सैक्लनिक के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने अपने सातवें दिन यानी गुरुवार को 4.90 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया. इसी के साथ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की पहले हफ्ते की कुल कमाई 70 करोड़ रुपये (नेट) के आंकड़े तक पहुंच गई है.

क्या 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो पाएंगे शाहिद कपूर?
ट्रेड एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि ‘कॉकटेल 2’ अपने दूसरे वीकेंड के खत्म होने तक आसानी से 75 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी. लेकिन सबसे बड़ा सवाल इसके आगे के सफर को लेकर है. अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ‘बाय 1 गेट 1 फ्री’ जैसे ऑफर्स और बाहरी मदद मिलने के बाद भी शाहिद कपूर की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये (नेट) का जादुई और प्रतिष्ठित आंकड़ा छू पाती है या नहीं?

वेलकम टू द जंगल रिव्यू: 32 सितारों की ब्रेनरॉट कॉमेडी ने किया सरप्राइज

किसी फिल्म से जब कोई उम्मीद ना हो, तब उसे देखना अपने आप में ही एक थ्रिलिंग एक्सपीरियंस होता है. थिएटर्स में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडर, परेश रावल जैसे 32 सितारों से सजी फिल्म वेलकम टू द जंगल (वेलकम 3) रिलीज हुई है, जिससे कोई कुछ खास उम्मीद नहीं लगा रहा था. इसके पीछे दो कारण हैं. पहला इसका ट्रेलर जिसने काफी निराश किया था, और फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट में कमी पैदा कर दी थी. दूसरा इसके डायरेक्टर अहमद खान, जिनकी पिछली फिल्म हीरोपंती 2 बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी.

वेलकम टू द जंगलजब अनाउंस हुई, तो लोगों के मन में शक पैदा हुआ कि क्या अहमद खान इस फिल्म की नैया पार लगा पाएंगे? रिलीज से पहले तक स्टारकास्ट ने तो डायरेक्टर की जमकर तारीफ की. अब फिल्म रिलीज हो गई है, तो इसे देखने के बाद एक बहुत बड़ा सरप्राइज मिला है. आइए, आपको बताते हैं कि इस मल्टी-स्टारर ‘ब्रेनरॉट’ फिल्म ने किस तरह सरप्राइज किया.

‘फेक’ फिल्म के चक्कर में असली खतरा से हुआ सामना
एक अरबपति बिजनेसमैन काजा (जाकिर हुसैन) इंडिया में अपनी काली कमाई से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा है. एक दिन उसे खबर मिलती है कि अगर उसने अपनी काली कमाई का कोई हल नहीं निकाला तो उसपर इनकम टैक्स की रेड पर जाएगी. ऐसे में वो अपने मैनेजर दुबे (जॉनी लिवर) के साथ मिलकर 2000 करोड़ रुपये की एक फ्लॉप फिल्म बनाने का प्लान करता है. मैनेजर देव (परेश रावल) और दास (राजपाल यादव) जैसे दो फ्लॉप डायरेक्टर और नयनसुख (श्रेयस तलपड़े) जैसे आधे-अंधे कैमरामैन को हायर करता है. देव और दास के पास एक धांसू स्क्रिप्ट है- वेलकम टू द जंगल. इसके लिए वो एक फ्लॉप का हीरो राजीव (अक्षय कुमार) को कास्ट करते हैं. राजीव के साथ-साथ येड़ा शेट्टी अन्ना (सुनील शेट्टी) और रोमियो भाई (अरशद वारसी) जैसे डॉन की भी फिल्म में एंट्री हो जाती है, जो दरअसल उदय-मजनू के कजिन हैं.

इस फ्लॉप फिल्म में देव और दाव नादिया (दिशा पाटनी) को बतौर हीरोइन कास्ट करते हैं, जो पहले भी राजीव की गर्लफ्रेंड थी. इस फ्लॉप फिल्म में सिर्फ इतने एक्टर्स नहीं, टीवी-भोजपुरी-पंजाबी सिनेमा हर तरफ से एक्टर्स को कास्ट किया जाता है. बिजनेसमैन काजी अपनी फिल्म को फ्लॉप करने का पूरा प्लान बना लेता है, लेकिन तभी बाजी उसपर उलटी पड़ जाती है. इनकम टैक्स की रेड में काजा के सारे पैसे चले जाते हैं, जिससे वो कंगाल हो जाता है. अब उसे ये फिल्म किसी भी हाल में हिट चाहिए, जिसके लिए पूरी टीम एक रियल लोकेशन में जाकर असली लोगों के बीच शूटिंग करने लगती है. वहां उनका सामना असली आतंकवादी जतारा (जैकी श्रॉफ) से होता है. अब क्या ये फ्लॉप फिल्म वेलकम टू द जंगल पूरी बन पाएगी? यही इसका बेसिक प्लॉट है.

एंटरटेनिंग है ये ब्रेनरॉट फिल्म
अक्षय की मल्टी-स्टारर फिल्म का असली मजा इसकी कास्ट है, जिन्होंने इस पूरी फिल्म को एक एकसाथ अपने मजबूत कंधों पर उठाए रखा. फिल्म की कहानी एक पॉइंट के बाद भले ही मायने नहीं रखेगी, मगर जो एंटरटेनमेंट ये आपको दिलाती है उसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी. फिल्म में कई सारे ऐसे मोमेंट्स हैं जहां आप दिल खोलकर हंसते हैं. इसकी सबसे खास बात यही है कि फिल्म खुद को ‘ब्रेनरॉट’ कहला रही है. लेकिन वो देखने में भी आपको मजा ही आता है. सभी एक्टर्स की आपस में जुगलबंदी काफी अच्छी है. कॉमेडी सरप्राइजिंगली काफी क्लीन और देखने में अच्छी है. हालांकि वेलकम 3 में कुछ मोमेंट्स हैं जब आप थोड़े बोर से होने लगेंगे. लेकिन अंत में आते-आते फिल्म काफी दिलचस्प और मजेदार बन जाती है. जिस तरह की एक्साइटमेंट ट्रेलर ने सेटअप की थी, उसके मुताबिक फिल्म काफी बेहतर निकलकर आई है.

वेलकम टू द जंगल का फर्स्ट हाल्फ काफी सही है, इसमें कहानी और विलेन को अच्छे से सेटअप किया जाता है. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, परेश रावल, और जॉनी लिवर के काफी सीन्स ऐसे हैं, जो आपको खुलकर हंसने पर मजबूर करेंगे. इन सभी एक्टर्स को बाकी स्टारकास्ट का भी बढ़िया सपोर्ट मिला है. सेकेंड हाल्फ में चीजें थोड़ी गड़बड़ होने लगती हैं, मगर अंत आते-आते वो संभल भी जाती हैं. इस फिल्म से एक बड़ी शिकायत ये है कि इसका वीएफएक्स काफी सस्ता सा लगा. इसकी वजह से कुछ सीन्स बेहद अटपटे लगे. लेकिन अंत में ये एक फुल-टाइमपास कॉमेडी फिल्म बनकर सामने आती है, जिसमें डायरेक्टर अहमद खान की तारीफ बनती है.

डायरेक्टर की होगी तारीफ
अभी तक डायरेक्टर अहमद खान को लेकर जो सवाल उठे थे, ऐसा लगता है कि उन्होंने इस फिल्म से दूर कर दिया है. सबसे पहले उनकी इस बात की तारीफ होगी कि उन्होंने 32-34 स्टार एक्टर्स को एक ही फिल्म में लेने का फैसला लिया. और यही नहीं, सबको एक जैसा स्क्रीन टाइम देने की कोशिश की. उन्होंने अपनी फिल्म में हर एक्टर से कुछ ना कुछ ऐसा कराया, जिसे देखकर मजा जरूर से आया. इस 2 घंटे 45 मिनट की फिल्म को उन्होंने काफी अच्छी तरह से संभालकर रखा. लेकिन ऐसा भी लगता है कि वो इस फिल्म को थोड़ी और बेहतर बना सकते थे. इसी में उनकी बतौर डायरेक्टर थोड़ी बहुत कमी नजर आई. बाकी दिवंगत राइटर नीरज वोहरा की इस ओरिजिनल कहानी को उन्होंने सही तरीके से पर्दे पर दिखाया है. हालांकि फिल्म में ऐसा कोई गाना नहीं था, जो बाद में चलकर याद रह जाए जिसमें अहमद खान शायद थोड़ा चूक गए हैं.

स्टार्स-कैमियो के दम पर उठी फिल्म
फिल्म वेलकम टू द जंगल को लेकर अब ये कहा जा सकता है कि अगर इसमें 32-34 एक्टर्स नहीं होते, तो शायद ये फिल्म उतनी एंटरटेनिंग नहीं होती. इसके पीछे की वजह ये है कि हर एक एक्टर स्क्रीन पर अपनी ओर से कुछ अनोखा और क्रिएटिव लेकर आया, जिसे देखने में मजा आता है. अक्षय ने जो इस फिल्म में अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाली है, उसके लिए आप थिएटर में ताली जरूर बजाएंगे. वैसे तो वो कॉमेडी के ‘खिलाड़ी’ है हीं. मगर उनके साथ परेश रावल, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े और जॉनी लिवर ने जो केमिस्ट्री बिठाई, वो सोने पर सुहागा जैसा था.

वहीं बात करें बाकी एक्टर्स—कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, तुषार कपूर, और जाकिर हुसैन की—तो उन्होंने अपना काम अच्छे से निभाया. उन्हें जितना रोल दिया गया, वो उन्होंने पूरी सच्चाई के साथ प्ले किया. बस सिंगर दलेर मेहंदी इस फिल्म में मिसकास्ट लगे. उन्होंने बड़ी कोशिश की कि वो अपने काम से इंप्रेस कर सकें, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. इनके अलावा फिल्म में दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस भी थीं, जिन्होंने ग्लैमर के मामले में कोई कमी नहीं छोड़ी.

छा गई अक्षय-रवीना की केमिस्ट्री
फिल्म में रवीना टंडन भी हैं, जो करीब 20 साल बाद अक्षय के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आईं. सच कहा जाए तो वो फिल्म में इकलौती हीरोइन लगीं, जिनके पास करने के लिए काफी कुछ था और उन्होंने अपना काम सही ढंग से किया भी है. वहीं आफताब शिवदसानी, हेमंत पांडे अपने रोल के साथ सही से न्याय कर पाए. मगर फिल्म में अगर किन्हीं सितारों के काम सबसे अलग नजर आए, तो वो थे फरीदा जलाल और किरण कुमार. वेटरन एक्ट्रेस फरीदा जलाल को आप इस फिल्म में कुछ ऐसा करते देखेंगे, जिसे देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा. घबराइए नहीं, उन्होंने एक ऐसा यादगार काम किया है जिसे देखने में आपको सचमुच मजा आएगा. वहीं किरण कुमार ने उनका बढ़िया साथ दिया.

फिल्म में अक्षय का डबल रोल है; ये तो मेकर्स ने खुद ही अपने गानों से रिवील कर दिया था. उनके साथ महाभारत के दुर्योधन, करण और अर्जुन, यानी पुनीत इस्सर, पंकज धीर और फिरोज खान हैं, जो कुछ देर के लिए ही सही, मगर बढ़िया काम करके निकल जाते हैं. वहीं, वेलकम 3 के विलेन जैकी श्रॉफ बने, जिनका खूंखार अवतार आपको डराने और हंसाने का काम करेगा. उनके चमचे बने विंदु दारा सिंह भी अच्छे दिखे. इस फिल्म में दो कैमियो हैं—उर्वशी रौतेला और लारा दत्ता. दोनों ही एक्ट्रेसेस ने अपना काम बढ़िया किया है.

कुल मिलाकर, अगर आप एक फैमिली-कॉमेडी फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो वेलकम टू द जंगल आपकी लिस्ट में जरूर आ सकती है, बशर्ते, आपको अपना दिमाग थिएटर हॉल से बाहर छोड़ना पड़ेगा. अगर आप कहानी की बारीकियों और उसके निष्कर्ष को ढूंढने में लगे रहेंगे, तो ये फिल्म आपको हंसाएगी कम, परेशान करेगी. ये एक नो-ब्रेनर कॉमेडी फिल्म है, जिसे सिर्फ बिना लॉजिक के एंजॉय किया जा सकता है.

Mohla-Manpur में पुलिस बैरिकेड तोड़कर भागा ट्रक, दर्दनाक हादसे में मासूम की मौत

मोहला-मानपुर-अंबागढ़.

छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से हिट एंड रन की बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. तेज रफ्तार ट्रक ने गुंडरदेही गांव के पास शुक्रवार सुबह मासूम को रौंद दिया. हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

पुलिस ने जब ट्रक को पकड़ने की कोशिश तो, चालक बैरिकेड्स तोड़कर महाराष्ट्र बॉर्डर की ओर भाग निकला. इस दौरान पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए. जानकारी के मुताबिक, गुंडरदेही में सड़क किनारे खेल रहे बच्चे को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। दर्दनाक हादसे में मासूम की मौत हो गई. मृतक के परिजनों की सूचना पर पुलिस एक्टिव हुई और ट्रक चालक को पकड़ने के प्रयास शरू कर दिए. मोहला और मानपुर थाना के पास ट्रक को पकड़ने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे. मौके पर कई पुलिसकर्मी भी मौजूद थे.

आरोपी चालक घटनास्थल के बाद काफी रफ्तार में ट्रक दौड़ा रहा था. मोहला में पुलिसकर्मियों के रुकवाने पर भी चालक ट्रक को बिना रोके बेरिकेड तोड़ते हुए आगे निकल गया. घटना की सूचना के बाद मानपुर थाना के बाहर भी बेरिकेडिंग की गई थी. जब ट्रक पास में पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी चालक ने दोबारा बेरिकेडिंग तोड़ दो और भाग निकला. हालांकि पुलिस लगातार आरोपी पीछा करती रही. वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर आई. आखिरकार चालक को कोरकोट्टी गांव के पास पकड़ गया. वह फिलहाल पुलिस की हिरासत में है.

आरोपी को पकड़कर पुलिस थाना लेकर आ रही है. चालक नशे में था या नहीं इसकी जांच की जा रही है. पूछताछ के बाद आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इधर गुंडरदेही में हादसे से ग्रामीणों में रोष व्यापत है. मौके पर चक्काजाम की स्थिति बन गई है. मोहला-मानपुर। जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गुंडरदेही गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मासूम बच्चे को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल पीछा शुरू कर दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन

कच्चे घर की परेशानियों से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने बदली पूरे परिवार की तस्वीर और तकदीर

रायपुर, 
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार इसका प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मिट्टी के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला यह परिवार आज प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मजबूत एवं सुरक्षित पक्के घर में सम्मान और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है।

बीते 24 जून को पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने अमृतलाल के नए आवास का अवलोकन किया। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अमृतलाल ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सुरक्षित जीवन जीना भी चुनौती बना रहता था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। योजना की सहायता से उन्हें मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का घर मिला। अब बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिल गई है। स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार की जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और पूरे परिवार में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

अमृतलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और नई उम्मीद का आधार बन रही है।

Narayanpur में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, हथियारों का जखीरा और 24 लाख रुपये बरामद

नारायणपुर.

नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत नारायणपुर पुलिस और सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग सर्च ऑपरेशनों में बड़ी सफलता मिली है। थाना ओरछा क्षेत्र के टेकला जंगल-पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया।

वहीं, थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद कर सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के हथियारों के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है।
विश्वसनीय सूचना के आधार पर चलाए गए इन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपाए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण सुरक्षित बरामद किए। पुलिस के अनुसार, यह सफलता लगातार चलाए जा रहे सर्च और एरिया डोमिनेशन अभियान का परिणाम है।

टेकला जंगल-पहाड़ी में मिले जखीरे से एक INSAS रायफल, दो SLR रायफल, दो .303 रायफल, दो 30-ओसी बंदूक, एक BGL लॉन्चर और एक सिंगल शॉट बंदूक बरामद की गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में मैगजीन, सैकड़ों जिंदा कारतूस, डेटोनेटर तथा बायोफेंग संचार उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, यह डंप नक्सलियों की गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र था। एक अन्य अभियान के तहत 25 जून को थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सली संगठन के आर्थिक नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं। बरामद राशि के स्रोत और उसके उपयोग की भी जांच की जा रही है।

अभियान लगातार रहेगा जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य संसाधनों की तलाश कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई आगे भी तेज की जाएगी, ताकि नक्सली संगठन की संचालन क्षमता को कमजोर किया जा सके।

जनता से सहयोग की अपील
नारायणपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि आमजन के सहयोग से जिले में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

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