इंदौर में नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़, ₹44 हजार की फेक करेंसी और प्रिंटिंग मशीन बरामद

इंदौर

इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक बड़े खुलासे का कारण बन गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से पहले एक युवक पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 44 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन तथा अन्य सामग्री जब्त की है।गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार राजनगर सेक्टर-ए, चंदन नगर निवासी यशवंत यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून को वह रिजलाय फाटा-नावदा पंथ रोड स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद था। इसी दौरान एक युवक चाय-नाश्ता करने के बाद भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट देने लगा।

रेस्टोरेंट संचालक को हुआ शक, मौके पर पकड़ लिया
नोट देखते ही रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को उसके नकली होने का संदेह हुआ। उन्होंने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से युवक को मौके पर ही रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान ग्राम अटाहेड़ा, थाना देपालपुर निवासी दीपक पटेल के रूप में बताई। उसने खुद को मजदूर बताते हुए दावा किया कि यह नोट उसे मजदूरी के भुगतान में मिले थे। हालांकि तलाशी के दौरान उसके पास से 4 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए।

खंडवा एसटीएफ ने भी पकड़ा था
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी संजय वैष्णव पहले भी नकली नोट के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसे खंडवा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से यही अवैध कारोबार शुरू कर दिया। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की भी जांच कर रही है।

पूछताछ में खुला मास्टरमाइंड का नाम
सख्ती से पूछताछ करने पर दीपक ने खुलासा किया कि नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय पुत्र महेश वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय को भी गिरफ्तार कर लिया। संजय के कब्जे से करीब 40 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस के अनुसार संजय दीपक को बाजार में जाली नोट चलाने के लिए देता था।

पहले भी नकली नोट मामले में जा चुका है जेल
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसे पूर्व में एसटीएफ खंडवा नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उस समय भी उसके पास से जाली नोट बरामद हुए थे और जेल भेजा गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

MP Weather Update: 15 जिलों में झमाझम बारिश, 2 दिन में भोपाल-उज्जैन पहुंचेगा मानसून; ग्वालियर-चंबल में इंतजार जारी

 भोपाल
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। संभावना है कि मानसून इसी दौरान भोपाल और उज्जैन संभाग तक पहुंच जाएगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा। इस बीच शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

 दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने आगर-मालवा और सीहोर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर समेत कई जिलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने के आसार हैं।

शाजापुर में सबसे ज्यादा बरसात
गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक 51 मिमी (दो इंच से ज्यादा) वर्षा शाजापुर में दर्ज की गई, जबकि श्योपुर और बालाघाट में भी करीब आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, खरगोन और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई।

बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। खरगोन सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बैतूल, सिवनी, खंडवा, धार और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे रहा। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री, इंदौर 33.9 डिग्री, उज्जैन 33.8 डिग्री, जबलपुर 38.1 डिग्री और ग्वालियर 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

15 जिलों में हुई बारिश
गुरुवार को शाजापुर और नर्मदापुरम में करीब 2 इंच बारिश हुई। श्योपुर, रायसेन और सागर में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं गुना में 1 इंच, पचमढ़ी में पौन इंच और बालाघाट में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, बैतूल, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, मैहर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत
शाजापुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए इंदौर के जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।

कई शहरों में तापमान गिरा
बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। खरगोन सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

अभी भी सामान्य से कम बारिश
मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में वर्षा की कमी कुछ कम हुई है। एक जून से अब तक सामान्य रूप से 91.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 52.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी प्रदेश अभी भी सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश पर है। हालांकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, जिससे स्पष्ट है कि हाल की बारिश ने स्थिति में करीब सात प्रतिशत सुधार किया है।

किन जिलों में कम और कहां ज्यादा बारिश
अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

15 जिलों तक पहुंच चुका है मानसून
अब तक मानसून प्रदेश के 15 जिलों-आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी में प्रवेश कर चुका है। इन जिलों के कई क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 

Pune Fort Case: सिया की WhatsApp चैट से बड़ा खुलासा! ट्रैकिंग का प्लान केतन का था या चेतन का? माता-पिता ने की कड़ी सजा की मांग

 पुणे

लोहगढ़ किले पर ट्रैकिंग सिया की जिद थी या चेतन की. ऐसा तो नहीं यह केतन का बनाया हुआ प्लान था ? पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के बीच अब एक नया दावा सामने आया है. इस बार यह दावा किसी पुलिस अधिकारी या जांच एजेंसी का नहीं, बल्कि मुख्य आरोपी सिया गोयल की मां पूजा गोयल का है. उनका कहना है कि जिस लोहगढ़ ट्रैकिंग को लेकर अब पूरी कहानी खड़ी की जा रही है, वहां जाने के लिए सिया नहीं, बल्कि केतन लगातार कह रहे थे. इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि इस बात के WhatsApp चैट आज भी सिया के मोबाइल में मौजूद हैं। 

उधर पुलिस का दावा है कि 18 जून को लोहगढ़ किले पर हुई घटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. वहीं दूसरी ओर सिया के माता-पिता का कहना है कि उन्हें अपनी बेटी और चेतन चौधरी के कथित प्रेम संबंधों की कोई जानकारी नहीं थी और न ही कभी यह महसूस हुआ कि सिया शादी से खुश नहीं थी। 

 मां ने खोला WhatsApp चैट का जिक्र

पूजा गोयल ने बातचीत में सबसे अहम दावा ट्रैकिंग को लेकर किया. उन्होंने कहा कि जब 18 जून को लोहगढ़ जाने की बात हुई तो सिया खुद वहां जाने के पक्ष में नहीं थी. उसने वीडियो कॉल पर अपनी होने वाली सास से भी कहा था कि उसे ट्रैकिंग पर नहीं जाना है. पूजा गोयल के मुताबिक, सिया ने उनसे कहा था कि वह केतन को मना कर चुकी है. उसने अपनी होने वाली सास से भी कहा कि आप ही केतन को समझाइए कि ट्रैकिंग का कार्यक्रम टाल दें, क्योंकि अगले दिन महाबलेश्वर जाना था और थकान हो जाएगी. लेकिन परिवार की ओर से जवाब मिला कि यदि केतन कह रहे हैं तो चले जाओ.  यहीं पर पूजा गोयल ने एक और बड़ा दावा किया. उनका कहना है कि इस पूरी बातचीत के WhatsApp चैट मोबाइल में मौजूद हैं। 

केस में भावुक होकर बोले सिया के मां- बाप  …
 केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए पहलू सामने आ रहे हैं. इस बीच पहली बार सिया गोयल के माता-पिता ने सामने आकर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि केतन और सिया का रिश्ता कैसे तय हुआ था और चेतन चौधरी के बारे में उन्हें क्या जानकारी थी। 

केतन के घरवालों ने शादी में देखा था सिया को
सिया के पिता प्रवीण गोयल ने बताया कि यह रिश्ता किसी मैट्रिमोनियल वेबसाइट या पारंपरिक रिश्ते के जरिए नहीं हुआ था. उनके मुताबिक, परिवार के एक शादी समारोह के दौरान गोवा में पहली बार सिया को देखकर केतन के परिवार की ओर से रिश्ते की बात की गई थी. बाद में दोनों परिवारों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और रिश्ता तय हो गया। 

पुलिस का दावा इससे अलग
हालांकि, पुलिस की जांच अब तक एक अलग तस्वीर पेश कर रही है. जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर उन्हें यह संदेह है कि लोहगढ़ की यात्रा पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी. पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि घटना से एक दिन पहले सिया गोयल और चेतन चौधरी पुणे के लुल्लानगर स्थित एक कैफे में मिले थे. वहीं कथित तौर पर पूरी योजना पर चर्चा हुई. पुलिस का आरोप है कि दोनों ने पहले से तय योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया. इस मामले में दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है। 

हमें सिर्फ दोस्ती की जानकारी थी
पूजा गोयल ने यह भी स्वीकार किया कि चेतन चौधरी और सिया एक-दूसरे को जानते थे. उनके अनुसार दोनों की पहचान एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी और उन्हें केवल इतनी जानकारी थी कि दोनों दोस्त हैं. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि उन्हें कभी यह नहीं लगा कि दोनों के बीच प्रेम संबंध हैं. उनका कहना है कि यदि उन्हें जरा भी आभास होता कि मामला सिर्फ दोस्ती तक सीमित नहीं है तो वह कभी शादी की तैयारियां आगे नहीं बढ़ातीं. उनका दावा है कि सगाई के बाद भी घर में कभी ऐसा माहौल नहीं बना जिससे लगे कि सिया इस रिश्ते से खुश नहीं है। 

केतन हमारे बेटे जैसे थे
सिया के पिता प्रवीण गोयल बातचीत के दौरान कई बार भावुक दिखाई दिए. उन्होंने कहा कि केतन उनके घर कई बार आए. परिवार के साथ खाना खाया. वह उन्हें “पापा जी” कहकर बुलाते थे और धीरे-धीरे बेटे जैसे हो गए थे. प्रवीण गोयल का कहना है कि यदि केतन को कभी यह संदेह था कि सिया का फोन लगातार व्यस्त रहता है या वह किसी और से बात करती है, तो इस बारे में उन्हें सीधे बताया जाना चाहिए था. उनका कहना है कि यदि परिवारों के बीच यह बातचीत पहले हो जाती तो शायद हालात अलग होते। 

एक बार भी नहीं कहा कि शादी नहीं करनी
पूजा गोयल का दावा है कि शादी तय होने के बाद उन्होंने कई बार सिया से पूछा कि क्या वह केतन से शादी करना चाहती है. हर बार जवाब एक ही मिला मुझे केतन पसंद हैं और मैं शादी करना चाहती हूं. उनका कहना है कि यदि सिया शादी के खिलाफ होती तो परिवार बाली प्री-वेडिंग ट्रिप की तैयारी क्यों करता? उन्होंने बताया कि बेटी की शॉपिंग पर लगभग 50 हजार रुपये खर्च किए गए थे. जन्मदिन की ड्रेस खरीदी गई थी. शादी और जन्मदिन से जुड़े कई कार्यक्रम तय थे. परिवार के अनुसार यदि बेटी ने एक बार भी शादी से इनकार किया होता तो ये सारी तैयारियां वहीं रुक जातीं। 

अगर दोषी है तो सजा मिलनी चाहिए
प्रवीण गोयल से पूछा गया कि यदि जांच में उनकी बेटी दोषी पाई जाती है तो उनका क्या कहना होगा. उन्होंने कहा कि यदि अदालत और जांच एजेंसियां यह साबित कर देती हैं कि उनकी बेटी ने अपराध किया है, तो उसे कानून के मुताबिक सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने यहां तक कहा कि न्याय में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए. पूजा गोयल ने भी कहा कि यदि उनकी बेटी ने वास्तव में अपराध किया है तो उसे भी वहीं से गिरा देना चाहिए। 

‘अगर हम सिया के साथ थे तो हमें फांसी दे दो’
मामले में सामने आए आरोपों और जांच के बीच सिया के माता-पिता ने कहा कि उन्हें चेतन चौधरी के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं थी. उनका कहना है कि अगर उन्हें पहले से किसी भी बात की जानकारी होती तो वे कभी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं होते। 

आजतक से बातचीत में सिया के माता-पिता ने कहा कि यदि जांच में यह साबित हो जाता है किं उनके परिवार की कोई गलती है या उन्हें किसी बात की जानकारी थी, तो उन्हें भी सबसे कड़ी सजा दी जाए. उन्होंने कहा, ‘अगर हमारी गलती पाई गई तो हमें भी फांसी दे दीजिए। 

‘सिया को भी किले से धक्का दे दो’
उन्होंने अपनी बेटी को लेकर भी भावुक बयान दिया. उनका कहना था कि यदि सिया दोषी साबित होती है तो उसे भी कानून के मुताबिक सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उसने यह अपराध किया है तो उसे भी उसी किले पर ले जाकर धक्का दे देना चाहिए जहां से गिरकर केतन की मौत हुई। 

सिया के पिता प्रवीण गोयल इमोश्नल होकर बताते हैं कि केतन जब भी उनके घर आता था, उन्हें हमेशा पापा जी कहकर बुलाता था. वह घंटों घर में बैठता, परिवार के साथ समय बिताता और सभी के साथ घुलमिल जाता था. उनके मुताबिक धीरे-धीरे रिश्ता इतना करीब हो गया था कि उन्हें केतन अपने बेटे से भी ज्यादा प्रिय लगने लगा था. उन्होंने कहा कि केतन का व्यवहार, उसका सम्मान और परिवार के प्रति उसका अपनापन उन्हें बेहद प्रभावित करता था. यही वजह है कि जब केतन की मौत की खबर आई तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं थी, बल्कि दो परिवारों के बीच बने एक रिश्ते के टूट जाने जैसा भी था. सिया के माता-पिता के इस बयान के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। 

सिया के इशारे पर केतन ने दिया धक्का?
गौरतलब है कि केतन अग्रवाल की हत्या का मामले में हर दिन नई परतें खुल रही हैं. अब पुलिस जांच में पता चला है कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने ही इशारा देकर अपने प्रेमी चेतन चौधरी से उन्हें लोहागढ़ किले की खाई में धक्का दिलवाया था. यह घटना 18 जून को हुई थी. फिलहाल दोनों आरोपी अब पुलिस की पकड़ में हैं। 

तलाक के बाद छलका ईशा देओल का दर्द, बोलीं- ‘गलती हो जाती है’, रोमांस पर भी खुलकर की बात

मुंबई 

ईशा देओल ने 2012 में बिजनेसमैन भरत तख्तानी से शादी रचाई थी. 2024 में आपसी सहमति से दोनों ने 12 साल पुरानी शादी को खत्म करने का ऐलान किया. तलाक के बाद ईशा ने जिंदगी में खालीपन और प्यार की कमी पर बात की है. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें रोमांस पसंद है। 

तलाक के बाद प्यार की कमी 
Curly Tales संग बातचीत में ईशा ने कहा कि मेरा मानना है कि प्यार और रोमांस किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में सबसे अहम चीजें हैं, और फिलहाल ये चीजें मेरी जिंदगी में मिसिंग हैं. मुझे रोमांटिक होना बहुत पसंद है, मैं पूरी तरह एक रोम-कॉम वाली इंसान हूं. मुझे प्यार के गाने और प्यार की कहानियां बहुत पसंद हैं। 

ईशा से पूछा गया कि क्या पति से अलग होने के बाद प्यार के लिए उनका नजरिया बदला. इस पर उन्होंने कहा कि नहीं, ये चीजें बदलती नहीं हैं. ब्रेकअप होते रहते हैं. मेरे भी पहले बॉयफ्रेंड रहे हैं जिनसे मैं अलग हुई. ऐसी चीजें होती हैं, पर इससे प्यार के प्रति मेरा नजरिया नहीं बदला है. ना ही इसमें कोई कमी आई है.  हम सबने हेमाजी और धर्मेंद्रजी के बीच के निःस्वार्थ प्यार को देखा है। 

तलाक के बारे में उन्होंने कहा कि ये कुछ बहुत निजी है. ये दो लोगों के बीच की बात है. हमारे पेशे के कारण यह सब सार्वजनिक हो जाता है. मैं ऐसी इंसान नहीं हूं  और न ही भरत या उनका परिवार, जो हर चीज को इतना खुलकर बताए. पर उस वक्त हमें सार्वजनिक किया गया और इसमें बच्चों का भी सवाल आता है. ये जिंदगी के बहुत संवेदनशील हिस्से हैं. इनमें बहुत संभलकर चलना होता है. ईशा ने ये भी कहा कि उनके इस फैसले में परिवार ने साथ दिया। 

एक्ट्रेस ने कहा कि वो अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेती हैं. ना कि किसी की सलाह पर निर्भर रहती हैं. ईशा का कहना है कि उनका फैसला सही हो या गलत उसकी जिम्मेदारी वो खुद लेती हैं। 

बता दें कि ईशा और भरत की दो बेटियां राध्या और मिराया हैं. बड़ी बेटी का जन्म 2017 में हुआ और छोटी का जन्म 2019 में हुआ. तलाक के बाद ईशा और भरत मिलकर बेटियों की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं।  

Silver Price Crash: चांदी के दाम में 4% से ज्यादा की बड़ी गिरावट, जानिए चीन कनेक्शन और वजह

नई दिल्ली

भारत के बाजार जहां मुहर्रम की वजह से बंद हैं वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में चांदी के भाव में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। आज यानी शुक्रवार (26 जून) को कॉमेक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कॉमेक्स सिल्वर में और भी तेज बिकवाली देखी गई और यह 4.44 प्रतिशत गिरकर 55.77 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि इसका पिछला बंद भाव 58.025 डॉलर प्रति औंस था।

वहीं, कॉमेक्स गोल्ड 44.80 डॉलर यानी 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,002.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र के दौरान इसने 4,001.20 डॉलर प्रति औंस का निचला स्तर भी छुआ।

यह गिरावट सोने के लिए लगातार चौथे साप्ताहिक नुकसान की ओर इशारा करती है। हाल के अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कीमतों में दबाव अभी भी बना हुआ है, जिससे निवेशकों का ध्यान फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा पर केंद्रित हो गया है।

क्यों गिर रहे सोने-चांदी के दाम
चीन से आई सुस्त मांग की खबर:
रॉयटर्स की खबर के मुताबिक चीन के हांगकांग के माध्यम से सोने के शुद्ध आयात में मई के दौरान लगभग 38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक से भौतिक मांग के कमजोर पड़ने का संकेत है। चीन से कम मांग की खबर ने भी वैश्विक सोने के बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।

महंगाई ने बढ़ाई फेड की चिंता: गुरुवार (25 जून) को जारी आंकड़ों से पता चला कि अमेरिका में मई के दौरान महंगाई तीन वर्षों में पहली बार 4 प्रतिशत के स्तर को पार कर गई। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव के चलते बढ़ती ऊर्जा कीमतें रहीं। मुद्रास्फीति में यह तेज वृद्धि उन उम्मीदों को मजबूत करती है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त करना जारी रख सकता है।

फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: फेड अधिकारियों ने भी सतर्क रुख अपनाया है। शिकागो फेड प्रेसिडेंट ऑस्टेन गूल्सबी ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मुद्रास्फीति में कुछ सुधार के बावजूद, मुद्रास्फीति का दबाव अभी भी ऊंचा बना हुआ है। वहीं, न्यूयॉर्क फेड प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी ऊपर है।

CME FedWatch के आंकड़ों के अनुसार, ट्रेडर्स अब इस वर्ष तीन ब्याज दर वृद्धि की संभावना जता रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में सितंबर में दर वृद्धि की उम्मीदें तेजी से बढ़ी हैं। ब्याज दरों में वृद्धि का सीधा असर सोने-चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर पड़ता है, क्योंकि निवेशक उनकी बजाय ब्याज देने वाली संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।

मजबूत डॉलर ने बढ़ाई कीमतों पर मुश्किल: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त की ओर बढ़ रहा है, जो सोने-चांदी के लिए एक और नकारात्मक संकेत है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है, जिससे मांग पर दबाव पड़ता है और कीमतों में गिरावट आती है। इसके अलावा, डॉलर की मजबूती वैश्विक बाजारों में निवेशकों के जोखिम उठाने के रुख को भी प्रभावित करती है।

जियो-पॉलिटिकल टेंशन का बाजार पर असर: जियो-पॉलिटिकल टेंशन भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने एक जहाज पर हमले की रिपोर्ट के बाद होर्मुज के माध्यम से जहाजों के संरक्षण अभियानों को रोक दिया है। इस घटना ने अमेरिका-ईरान के नाजुक शांति समझौते को लेकर नई अनिश्चितताएं पैदा कर दी हैं। इस तरह की घटनाओं से ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा बना रहता है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।

अमेरिकी PCE डेटा पर टिकी निगाहें: बाजार सहभागी अब आगामी अमेरिकी PCE (व्यक्तिगत उपभोग व्यय) मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। यह डेटा ब्याज दरों की उम्मीदों और कीमती धातुओं की दिशा के लिए अतिरिक्त संकेत प्रदान कर सकता है। PCE, फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति मापक माना जाता है, इसलिए इसके आंकड़ों का बाजार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

 

दल-बदल मामले में कांग्रेस को बड़ा झटका, विधायक निर्मला सप्रे केस में हाई कोर्ट ने याचिका की खारिज

 जबलपुर
हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे से जुड़े बहुचर्चित दल-बदल विवाद में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को इस मामले का शीघ्र निपटारा करने अथवा कोई विशेष निर्देश जारी करने से इन्कार करते हुए याचिका निरस्त कर दी।

कोर्ट ने साफ किया कि विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दल-बदल कानून के तहत दायर आवेदन पर विधिसम्मत सुनवाई जारी है और संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। ऐसे में हाई कोर्ट के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

उमंग सिंघार ने दायर की थी याचिका
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की ओर से दायर याचिका में मांग की गई थी कि कांग्रेस से निर्वाचित विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई कर उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाए। याचिका में आरोप लगाया गया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच साझा कर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हुईं और व्यवहारिक रूप से भाजपा का समर्थन करती रहीं।

विधायक सप्रे ने कहा कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता नहीं ली
वहीं विधायक सप्रे ने जवाब में कहा कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण नहीं की है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। राज्य शासन ने भी कोर्ट को अवगत कराया कि विधानसभा अध्यक्ष मामले की सुनवाई कर रहे हैं और कोई असाधारण परिस्थिति नहीं है, जिससे न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़े।

18 जून को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे सार्वजनिक कर दिया है। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, विधायक सप्रे की ओर से अधिवक्ता संजय अग्रवाल तथा याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल ने पैरवी की।

लंबे समय से लंबित है मामला, अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे : उमंग सिंघार
हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध दलबदल संबंधी मामले में विधानसभा अध्यक्ष को शीघ्र निराकरण के निर्देश के साथ याचिका निरस्त होने के बाद अब कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि लंबे समय से मामला विधानसभा अध्यक्ष के पास लंबित है, इसलिए हाई कोर्ट में निर्णय के लिए याचिका लगाई गई थी। नियम कहता है कि अध्यक्ष को आवेदन पर 90 दिनों में निर्णय करना है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जाएगी।

 

साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, केरल से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार

दंतेवाड़ा.

दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 61 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम से बैंक खाते संचालित कर ठगी की रकम जमा करते थे और बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था.

विशेष टीम ने केरल पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में कई बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. एक आरोपी गिरफ्तारी के बाद फरार भी हुआ, लेकिन अगले ही दिन दोबारा पकड़ लिया गया. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी सफलता मानी जा रही है.

साइबर ठगों के पास ₹7.5 लाख कैश
ज्ञात हो कि रामपुर जिले के थाना पटवाई क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया था. इसी दौरान सोहना पुल रोड पर एक संदिग्ध थार गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली गई. गाड़ी में सवार तीन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं, जब पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी कैलाश सिंह और रामपुर निवासी विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है.

आरोपियों के कब्जे से करीब साढ़े सात लाख रुपये की नकदी बरामद की गई. इसके अलावा एक लैपटॉप, एक एटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, चार अलग-अलग बैंकों की पासबुक, एक भारतीय पासपोर्ट और आधार और पैन कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं.

Bastar में उठाव नहीं होने से करोड़ों की धान सड़ी, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

सुकमा.

सुकमा में धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा गया करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपये मूल्य का धान या तो रिकॉर्ड से गायब मिला या फिर खुले में पड़े-पड़े अमानक हो गया.

जिला स्तरीय सत्यापन में 1115.86 मीट्रिक टन धान रिकॉर्ड से कम पाया गया, जबकि 1295.90 मीट्रिक टन धान डेढ़ साल तक उठाव नहीं होने से खराब हो गया. यह वही धान था, जिसे मिलिंग के बाद गरीब परिवारों तक चावल के रूप में पहुंचना था. विभाग ट्रांसपोर्टिंग लक्ष्य पूरा होने का तर्क दे रहा है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि लक्ष्य पूरा होने के बाद धान की सुरक्षा और समय पर उठाव की जिम्मेदारी किसकी थी? कई स्तरों की निगरानी व्यवस्था के बावजूद करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नुकसान की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं.

बस्तर संभाग में चार लाख क्विंटल धान असुरक्षित पड़ा
धान खरीदी खत्म हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्रदेश के खरीदी केंद्रों में अब भी 10.76 लाख क्विंटल से ज्यादा धान पड़ा हुआ है। मानसून करीब है और समय पर बारिश शुरू होने की स्थिति में यह धान खराब हो सकता है। समर्थन मूल्य के आधार पर इसकी कीमत 333.74 करोड़ रुपए से अधिक है। खरीदी केंद्रों में अभी 7,48,310 क्विंटल मोटा, 1,21,020 क्विंटल पतला और 2,07,250 क्विंटल सरना धान का परिवहन बाकी है। परिवहन में लगातार हो रही देरी के कारण एक बार फिर करोड़ों रुपए के धान के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है।

साल 2025-26 में प्रदेश में कुल 14.10 करोड़ क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इसमें से 12.34 करोड़ क्विंटल धान राइस मिलर्स को और 1.65 करोड़ क्विंटल धान संग्रहण केंद्रों में भेजा गया। नियम के अनुसार 31 मार्च तक खरीदी केंद्रों से धान का पूरा उठाव हो जाना चाहिए था, लेकिन समय-सीमा बढ़ाकर 31 मई कर दी गई। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में धान अब भी केंद्रों में जमा है। अब बारिश में खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।

बड़नगर वैन ब्लास्ट का रहस्य गहराया: पटाखों से किया गया विस्फोट, ‘फिर आ गए’ लिखने के पीछे क्या था मकसद?

उज्जैन
 मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से एक वैन को लटकाकर उसमें ब्लास्ट किया गया है। वीडियो बड़नगर के अडान मोहल्ले का बताया जा रहा है। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

23 जून का है वीडियो
घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। उज्जैन के बड़नगर स्थित अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया।

मुहर्रम के जुलूस के दौरान वैन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट करने का वीडियो देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। जिले की बड़नगर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन को जब्त कर लिया है। आरोपियों का कहना है कि 8 हजार के पटाखों से विस्फोट किया। उज्जैन, उन्हेल, नागदा और महिदपुर पहले से संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए जांच में स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस, यानी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड भी शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब तीन बड़े सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं-

    विस्फोट के पीछे मकसद क्या था?
    गाड़ी पर ‘ले, फिर आ गए’ क्यों लिखा था?
    विस्फोटक कौन सा था और उसे कहां से लाया गया था?

40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाकर उड़ाई थी वैन
दरअसल, 23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसमें टाटा मैजिक गाड़ी को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। इसकी छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे। वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखा था। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भी यही मैसेज लिखा था।

कुछ देर बाद वैन में विस्फोट कर दिया गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामले में शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को अरेस्ट किया गया है। वहीं, क्रेन के मालिक पर भी केस किया गया है।

जाहिद-तपसील ने लहराए थे झंडे
पुलिस के मुताबिक, शोएब ने अडान अखाड़े के बैनर तले मुहर्रम का जुलूस निकाला था। उसी ने कबाड़ में रखी गाड़ी को क्रेन पर लटकवाया था। विस्फोट के समय जाहिद और तपसील गाड़ी की छत पर मौजूद थे। वे ही झंडे लहराते दिखाई दिए थे। ब्लास्ट के पहले दोनों नीचे उतर आए थे।

पुलिस को आरोपियों ने करीब 8 हजार रुपए के पटाखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी तस्दीक की जा रही है।

2500 रुपए किराए पर ली गई थी क्रेन
क्रेन मालिक गोपाल राठौर ने पुलिस को बताया कि अडान अखाड़े के सदस्यों ने पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद ड्राइवर समेत क्रेन भेज दी थी। राठौर का कहना है कि उन्हें वाहन में विस्फोट करने की कोई जानकारी नहीं थी।

शुक्रवार को उज्जैन की फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) बड़नगर पहुंचकर वैन से सेंपल इकट्‌ठा करेंगे।

भीड़भाड़ वाले इलाके में किया गया ब्लास्ट
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़नगर के जय स्तंभ चौक पर भीड़भाड़ वाले इलाके में ये विस्फोट किया गया था। ब्लास्ट के बाद गाड़ी के पार्ट्स, कांच और दूसरी चीजें नीचे गिरीं। इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ।

कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के साथ बड़नगर पहुंचे और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाड़ी में रॉकेट और सुतली बम लगाए गए थे। इसके कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट जैसी स्थिति बनी। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

डेनमार्क में मस्जिदों की अजान पर लगा कानूनी प्रतिबंध, सरकार ने बताई बड़ी वजह

कोपेनहेगन

डेनमार्क की वामपंथी सरकार ने लाउडस्पीकर पर अजान देने पर रोक लगाने की बात कही है। सरकार में मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने कहा कि देश कुछ इलाके ‘इस्लामाबाद के उपनगर’ जैसे लगते हैं। ऐसे में हम अजान को कानूनी तौर पर बैन करने पर विचार कर रहे हैं। डेनमार्क सरकार ने नमाज से पहले अजान पर रोक लगाने के पीछे इस्लाम के प्रभाव के बढ़ने (इस्लामीकरण) की चिंता बताई जा रही है। सत्ताधारी सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी की मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल रोकने की यह तीसरी कोशिश है।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के सदस्य और सरकार में आव्रजन मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने अपने एक बयान में कहा है कि नई सरकार अजान पर रोक लगाने के कानूनी पहलुओं की फिर से जांच शुरू करेगी। उन्होंने इसके लिए प्लान तैयार कर लेने का दावा किया है। बोडस्कोव के नेतृत्व में डेनमार्क की आव्रजन और एकीकरण नीतियों को भी सख्त बनाया जा रहा है।

यूरोप में बढ़ते प्रवासन और इस्लामीकरण को लेकर जारी बहस के बीच अब डेनमार्क ने भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. देश की सरकार मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर दी जाने वाली अजान पर कानूनी प्रतिबंध लगाने की संभावना पर विचार कर रही है. डेनमार्क के इमीग्रेशन मामलों के मंत्री मोर्टन बोडस्कोव ने कहा कि अजान की आवाज डेनमार्क की पहचान का हिस्सा नहीं है और लोग यह महसूस न करें कि वे किसी यूरोपीय शहर की बजाय इस्लामाबाद के किसी शहर में पहुंच गए हैं। 

बोडस्कोव ने डेनिश समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, “डेनमार्क की छतों के ऊपर अजान की आवाज नहीं सुनाई देनी चाहिए.” उनका कहना है कि सरकार इस बात की कानूनी समीक्षा कर रही है कि क्या ऐसा प्रतिबंध देश के संविधान के दायरे में लगाया जा सकता है। 

हालांकि, फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. डेनमार्क का संविधान सार्वजनिक रूप से धार्म के पालन की स्वतंत्रता देता है, इसलिए सरकार को यह भी देखना होगा कि ऐसा कानून संवैधानिक रूप से कितना टिकाऊ होगा। 

पहले भी उठ चुका है यह मुद्दा
डेनमार्क में यह बहस नई नहीं है. राजधानी कोपेनहेगन समेत कई इलाकों में पहले से ही स्थानीय शोर-शराबे से जुड़े नियमों के कारण लाउडस्पीकर पर अजान को सीमित किया गया है. इसके अलावा 2023 में सरकार ने धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर भी कानून बनाया था. यह फैसला उस समय लिया गया था जब कुरान जलाने की घटनाओं के बाद कई मुस्लिम देशों ने कड़ी नाराजगी जताई थी। 

डेनमार्क में करीब 2.7 लाख मुस्लिम रहते हैं और देशभर में लगभग 100 मस्जिदें हैं. ऐसे में अजान पर संभावित प्रतिबंध को मुस्लिम समुदाय से जुड़े बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है। 

यूरोप में तेज हुई इस्लामीकरण पर बहस
हाल के वर्षों में यूरोप के कई देशों में प्रवासन, हिजाब, धार्मिक पहचान और सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों को लेकर बहस लगातार तेज हुई है. कई देशों में दक्षिणपंथी और इमीग्रेशन विरोधी दल यह दावा करते रहे हैं कि बड़े पैमाने पर प्रवासन यूरोपीय सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित कर रहा है। 

बोडस्कोव ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी कहा था कि जो विदेशी कानूनी रूप से डेनमार्क में रहने के हकदार नहीं हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाएगा. उन्होंने इसे सरकार की सख्त प्रवासन नीति का हिस्सा बताया। 

हालांकि सरकार प्रतिबंध की तैयारी कर रही है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं होगा. संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है और किसी भी नए कानून को अदालत में चुनौती दी जा सकती है. इसलिए सरकार फिलहाल कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रही है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन की सरकार पहले भी अपनी सख्त प्रवासन नीतियों को लेकर सुर्खियों में रही है। 

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