मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों को 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर

 मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्रीओ.पी. चौधरी के सतत प्रयासों से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों ग्रामीण परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

स्वीकृत कार्यों में सर्वाधिक 16 करोड़ 73 लाख 27 हजार रुपये की लागत से रायगढ़ शहर के विजयपुर क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले सीनियर सिटीजन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यह आधुनिक केंद्र वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा।

स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लैलूंगा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा एवं तमनार विकासखंडों के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन हेतु कुल 9 करोड़ 52 लाख 71 हजार रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

पशुधन संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिले में नवीन पशु चिकित्सालय भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। रायगढ़ विकासखंड के पतरापाली सहित विभिन्न ग्रामों में पशु चिकित्सालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार एवं परामर्श सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लैलूंगा, तमनार, घरघोड़ा एवं रायगढ़ विकासखंड के विभिन्न गांवों में नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।

शिक्षा, पोषण एवं खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए तमनार विकासखंड के पेलमा एवं लालपुर में नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण तथा पेलमा एवं खर्रा में प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं रायगढ़ विकासखंड के लामीदरहा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन निर्माण के लिए भी राशि मंजूर की गई है, जिससे ग्रामीणों को राशन वितरण की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

जिला प्रशासन ने सभी निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह विकास पैकेज रायगढ़ के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

‘सेफ क्लिक’ अभियान के तहत प्रदेशभर के नव आरक्षकों को दिया जा रहा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण

भोपाल 

पुलिस महानिदेशककैलाश मकवाणा के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में प्रशिक्षणरत नव आरक्षकों को 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक साइबर अपराधों की रोकथाम एवं जन-जागरूकता संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी प्रशिक्षण में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 637 नव आरक्षकों को राज्य साइबर पुलिस उज्जैन इकाई के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा डिजिटल अरेस्ट, वित्तीय धोखाधड़ी (फाइनेंशियल फ्रॉड), ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। नव आरक्षकों को साइबर अपराध होने की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र, साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों एवं डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के प्रभावी उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणरत नव आरक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाकर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन श्रीमती मनीषा पाठक सोनी, राज्य साइबर पुलिस उज्जैन इकाई की पुलिस अधीक्षक श्रीमती लीना मारोठ, उप पुलिस अधीक्षकनंदकिशोर मालवीय, श्रीमती शैलजा भदोरिया, सहायक लोक अभियोजन अधिकारीप्रहलाद घटिया सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘सेफ क्लिक’ अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेशभर में विभिन्न प्रशिक्षण, जनसंवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

 

मानसून को लेकर नया अपडेट, 45 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

भोपाल

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अब 27 से 30 जून के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद ही मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इस दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

भोपाल में तेज धूप, नौगांव सबसे गर्म

राजधानी भोपाल में गुरुवार को दिनभर तेज धूप रही। बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी का असर बढ़ गया। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। छतरपुर जिले का नौगांव गुरुवार को प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मंडला में तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री ज्यादा 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
दक्षिणी हिस्सों में आंधी और बौछारें

प्रदेश के आसपास बने प्रेरित चक्रवात के प्रभाव से गुरुवार को दक्षिणी हिस्सों में मौसम बदला। कई जगह 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली और गरज-चमक के साथ बौछारें हुईं।

सबसे अधिक 11 मिलीमीटर वर्षा श्योपुर और बालाघाट जिले के मलाजखंड में दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा में भी हल्की से तेज वर्षा हुई।
 

45 जिलों के लिए अलर्ट जारी

मौसम केंद्र ने प्रदेश के 45 जिलों के लिए आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

आरेंज अलर्ट: सीहोर, आगर

येलो अलर्ट: भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपूर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, मैहर और पांढ़ुर्णा।
वर्षा आंकड़े (शाम साढ़े पांच बजे तक)
शहर     वर्षा (मिलीमीटर)

इंदौर     9.0
खंडवा     6.0
श्योपुर     11.0
शिवपुरी     4.0
छिंदवाड़ा     0.6
बालाघाट जिले का मलाजखंड     11.0
चार बड़े शहरों का तापमान

शहर     अधिकतम तापमान     न्यूनतम तापमान

भोपाल     32.8     22.0
इंदौर     33.9     21.5
ग्वालियर     40.5     29.5
जबलपुर     38.1     26.1

एमपी में 8 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों का IPS प्रमोशन लगभग तय, दो नामों पर नहीं हुआ विचार

भोपाल

मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के आठ अधिकारियों को IPS संवर्ग में पदोन्नति दी जाएगी। गुरुवार को मंत्रालय में हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में इन अधिकारियों के नाम तय किए गए। करीब दो माह में अधिसूचना जारी होने के बाद इन्हें IPS संवर्ग आवंटित किया जाएगा।
नौ पदों के लिए हुई थी DPC

वर्ष 2025 के लिए आयोजित इस DPC में कुल नौ पदों पर विचार किया गया था। 1997 बैच के अमृत लाल मीणा का नाम भी बैठक में शामिल किया गया, लेकिन उनके संबंध में निर्णय घोषित नहीं किया गया। मीणा का जाति प्रमाण पत्र मामला छानबीन समिति में लंबित है।

वहीं, राजेश मिश्रा और संदीप मिश्रा के नामों पर विचार नहीं किया गया। राजेश मिश्रा के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, जबकि संदीप मिश्रा की एसीआर अनुकूल नहीं होने के कारण उन्हें प्रक्रिया से बाहर रखा गया।
DPC में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य संजय वर्मा, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दो वरिष्ठ IPS अधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, DGP कैलाश मकवाणा और ACS Home संजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।

पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों को 2017 बैच आवंटित किया जाएगा। करीब 27 से 28 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें यह पदोन्नति मिलने जा रही है।
MP में सबसे देरी से हो रही पदोन्नति

राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की IPS में पदोन्नति को लेकर मध्य प्रदेश में देरी की स्थिति बनी हुई है। बड़े राज्यों में सबसे देरी से पदोन्नति मध्य प्रदेश में ही हो रही है। तेलंगाना सहित कुछ राज्यों में 2010 से 2012 बैच तक के पुलिस अधिकारी पदोन्नत होकर IPS बन चुके हैं। इस वजह से राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पदोन्नति के मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा से करीब 10 वर्ष पीछे चल रहे हैं।

जल्द होगी IAS पदोन्नति के लिए DPC

राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS संवर्ग में 13 अधिकारियों की पदोन्नति के लिए भी जल्द DPC बैठक होने वाली है। इसमें वर्ष 2007 और 2008 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है।
ये अधिकारी होंगे पदोन्नत

IPS संवर्ग में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में 1997 बैच के सीताराम सस्त्या और 1998 बैच की निमिषा पांडेय, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ और समर वर्मा शामिल हैं।

 

द्मश्री अलंकरण मिलने पर परिषद में अभिनंदन समारोह

भोपाल 

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष एवं ख्यातिलब्ध पर्यावरणविदमोहन नागर को राष्ट्रपति से पद्मश्री अलंकरण मिलने पर परिषद के राज्य कार्यालय में में भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। अलंकरण को राष्ट्रसेवा में किये गये प्रयासों का प्रतिफल निरूपित करते हुएनागर ने भाव विभोर होकर कहा कि यह सम्मान हर उस कार्यकर्ता का है जो निरंतर मां भारती की सेवा में अपना सर्वस्व समर्पित कर रहे हैं।नागर ने पद्मश्री अलंकरण मिलने के बाद भोपाल में राज्यपालमंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की।

परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड ने अपने अभिनंदन उदबोधन में कहा किनागर के सम्मान ने परिषद को न केवल समाज सेवा के क्षेत्र में प्रतिष्ठा प्रदान की है बल्कि उनके अलंकरण से परिषद से अपेक्षाओं में भी वृद्धि हुई है। अभिनंदन समारोह में राज्य, संभाग एवं जिला कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारियों सहित नेटवर्क से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने सहभागिता की। 

‘शुभेंदु बाबू पर रोक लगाए भारत’, बांग्लादेशी सांसद की मांग से मचा सियासी बवाल

ढाका

 बांग्लादेश की संसद में सत्तारूढ़ BNP के सांसद ने अपने देश के स्पीकर से एक बेहद बचकाना मांग की है. बांग्लादेश के सांसद जीएम सिराज ने अपने देश की संसद में कहा है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बयानबाजियों पर लगाम लगाया जाए, उनके बयान भारत-बांग्लादेश की दोस्ती के हित में नहीं हैं। 

सिराज ने बांग्लादेश की संसद में 2026-27 वित्तीय वर्ष के प्रस्तावित बजट पर चर्चा के दौरान यह बात कही. सिराज ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर भारत की ओर से घुसपैठ रोकने की भी मांग की। 

BNP सांसद ने संसद की कार्यवाही के दौरान कहा, “माननीय स्पीकर महोदय, मैं आपके माध्यम से मोदी सरकार से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु बाबू को रोका जाना चाहिए. बांग्लादेश के खिलाफ उनके सभी बयान, जो वे समय-समय पर देते रहते हैं, दोनों देशों की दोस्ती में बाधा बन गए हैं। 

उन्होंने कहा कि यहां शेख हसीना का कोई लेना-देना नहीं है. हमें शेख हसीना की कोई चिंता नहीं है. वह अब बांग्लादेश में नहीं हैं. वे अब सीन से बाहर हैं। 

यह कहते हुए कि बांग्लादेश की राजनीति में शेख हसीना अब अहम नहीं रहीं, जीएम सिराज ने आगे कहा, “हम सभी बांग्लादेश-भारत की दोस्ती को दोस्ताना और सम्मानजनक तरीके से बनाए रखना चाहते हैं। 

जीएम सिराज ने कहा कि कोई अपने पड़ोसी से मुंह नहीं मोड़ सकता. उन्होंने ने कहा, “दो दोस्तों के बीच दोस्ती कम समय की हो सकती है; यहां तक ​​कि पति-पत्नी का रिश्ता भी कम समय का हो सकता है. पति-पत्नी का तलाक हो सकता है. लेकिन भारत और बांग्लादेश के बीच पड़ोसी के इस रिश्ते में तलाक नहीं हो सकता। 

बांग्लादेश में भारत के नए हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी के बांग्लादेश पहुंचने के बाद दोनों देशों के रिश्तों पर दिए गए बयानों का ज़िक्र करते हुए, जीएम सिराज ने कहा कि उन बयानों ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी थी। 

इस सांसद ने भारत से लोगों का दिल जीतने की अपील करते हुए कहा कि हम भारत-विरोधी या बांग्लादेश-विरोधी भावना नहीं चाहते. ऐसी बातें नहीं होनी चाहिए. हम शांतिपूर्ण स्थिति में रहना चाहते हैं. इस संबंध में भारत की मौजूदा सरकार से मेरा विनम्र अनुरोध है कि कृपया लोगों को जबरन वापस भेजने (पुश-इन) की कार्रवाई बंद करें। 

बता दें कि पश्चिम बंगाल समेत भारत के अन्य हिस्सों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान चल रहा है. सरकार ऐसे बांग्लादेशियों को पकड़कर वापस भेज रही है. हालांकि बांग्लादेश इन कदमों का विरोध कर रहा है और कह रहा है कि इन्हें भारत जबरन बांग्लादेश में धकेल रहा है। 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कलेक्टर कांफ्रेंस संपन्न

भोपाल 

मुख्य सचिवअनुराग जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश को विकसित किए जाने के लिए बुनियादी रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण और मानवसंसाधन को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए आसान प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने सुशासन के अनेक बिंदुओं की नियमित समीक्षा से आए बदलाव के लिए कलेक्टर्स की तारीफ की। मुख्य सचिवजैन ने गुरूवार को मंत्रालय से वी.सी के माध्यम से कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ कलेक्टर्स कांफ्रेंस में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। पुलिस महानिदेशकैलाश मकवाना भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्य सचिवजैन ने कलेक्टर्स से कहा कि शहरीकरण के तहत मास्टर प्लान तैयार करने के साथ औद्योगीकरण के लिए निवेश आकर्षित करने पर भी काम किया जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवसंसाधन के कौशल विकास पर भी काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पी.एम गतिशक्ति पर निर्माण कार्यों और संपत्ति की मेपिंग चल रही है, कलेक्टर्स सी.एम गतिशक्ति पर भी प्रदेश के निर्माण कार्यों और समस्त प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी अपडेट करें जिससे नियमित समीक्षा हों सके। उन्होंने शासकीय संपत्ति का उपयोग अन्य विभागों द्वारा किए जाने पर भी बल दिया।जैन ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भवन के निर्माण के बाद रिक्त हुए स्कूल भवनों में आयुष बेलनेस सेंटर, उप-स्वास्थ्य केंद्र,आगंनवाड़ी आदि संचालित किए जा सकते है।

कानून व्यवस्था पर समन्वित प्रयास करने के निर्देश

बैठक की शुरूआत में कानून व्यवस्था की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिवजैन ने निर्देश दिए कि अनुभाग स्तर पर एस.डी.एम और एस.डी.ओपी तथा जिला स्तर पर डी.एम और एस.पी संयुक्त रूप से भ्रमण आदि कर कानून व्यवस्था उत्कृष्ट बनाएं। उन्होंने एनकार्ड की नियमित बैठक करने और साइबर फ्राड जैसी घटनाएं रोकने के लिए गम्भीरता से कार्यवाही करने को कहा है। डीजीपीकैलाश मकवाना ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाने और साइबर धोखाधडी को रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पाक्सो एक्ट के तहत एक माह में चार्ज सीट प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखने के लिए कहा है। विस्फोटक अधिनियम की शर्तों का शतप्रतिशत पालन कराने के लिए लाइसेंसी संस्थानों का संयुक्त पुलिस और प्रशासन को निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। बैठक में नवीन न्याय संहिता के क्रियान्वयन के लिए न्यू क्रिमीनल लॉ और ई-साक्ष्य में गम्भीरता से कार्य करने और समय सीमा में चालान पेश करने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि रियल टाइम में संवाद हो जिससे अपराधों को रोका जा सके। इस दौरान अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर कार्यवाही के लिए विशेष कार्यवाही सतत् रूप से करने के निर्देश दिए गए है।

बेसिक सुशासन आवश्यक

सुशासन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिवजैन लोक सेवा गांरटी और सीएम हेल्पलाइन के समय-सीमा से बाहर के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा से स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्य सचिव ने भू-अधिग्रहण मामलों में समय पर अवार्ड आदि पारित करने के कलेक्टर को निर्देश दिए जिससे नागरिक अनावश्यक रूप से परेशान न हों और परियोजनाएं समय से पूरी हो सकें। इस दौरान नामातरण, सीमांकन, बटवारा और शासकीय विभागों को भूमि आवंटन के प्रकरणों की भी समीक्षा की गयी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि लोकसेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन से आमजन को बेसिक सुशासन दिया जा सकता है।

स्वास्थ्य एवं पोषण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टर से कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अधिकाधिक समय दें और स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास के अमले का संयुक्त भ्रमण कराकर स्वास्थ्य कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बेहतर स्थिति में लाएं। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमीं लाने के लिए सतत् प्रयास करने की जरूतर बताई और प्रसव पूर्व होने वाली जाँच तथा संस्थागत प्रसव कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने अनमोल 2.0 कार्यक्रम में सही डाटा एंट्री करने पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को पोषण के साथ ही उचित उपचार उपलब्ध कराने को कहा है। अगले माह होने वाले दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान के लिए अभी से योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि पेयजल स्त्रोतों की जाँच हो और उनका शुद्धीकरण किया जाए। मुख्य सचिव ने निक्षयमित्र टी.बी मुक्त भारत अभियान को प्रधानमंत्री की प्राथमिकता का अभियान बताते हुए कहा है कि क्षय रोग के मरीजों को उपचार के साथ ही पोषण किट उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी योगदान लिया जाए। बैठक में 1075 पीएससी से चयनित डाक्टर्स के अस्पतालों में पदभार ग्रहण करने के जानकारी दी गयी है। कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य विभाग की नियमित समीक्षा करें और स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की निगरानी करें।

मुख्य सचिवजैन ने जिलों में एकल नल-जल योजना के संचालन की समीक्षा की और निर्देश दिए कि इन योजनाओं के संचालन के लिए मापदंड अनुसार संचालन समिति बनाएं। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा है। मुख्य सचिव ने कुछ जिलों में मानसून की देरी के दृष्टिगत पेयजल की उपलब्धता निरंतर बनाएं रखने के निर्देश दिए। जनजातीय मामलों की समीक्षा में मुख्य सचिव ने सामुदायिक वन संसाधन के संरक्षण एवं प्रबंधन की समीक्षा करते हुए समुदाय से अभी तक प्राप्त वन अधिकार अधिनियम के तहत नवीन दावों और निरस्त दावों के प्रकरणों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि वन,राजस्व और जनजातीय कार्य विभाग इस दिशा में संयुक्त पहल करें। विशेष ग्राम सभाओं में दावों पर चर्चा करें जिससे गुणवत्ता बेहतर हों।

100 प्रतिशत बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करें

मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्कूल जाने योग्य बच्चों के प्रवेश और ड्रॉप आउट बच्चों के पुन:प्रवेश की स्थिति पर संतोष्व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आस-पास के बसाहटों के बच्चों का सौ फीसदी नामांकन हो। उन्होंने आगंनबाड़ी की स्कूल से मैपिंग के कार्य की भी समीक्षा की। इस दौरान उल्लास नवभारत साक्षारता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए असाक्षर व्यक्तियों को चिह्न्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर विद्यार्थी की अपार आइडी बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं आपूर्ति ने बताया कि कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए पूर्व में लगायी गयी सीलिंग को शिथिल कर दिया गया है। शहरों में पीएनजी कलेक्शन दिए जाने के काम में काफी तेजी आई है। मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि शहरों में पीएनजी के कार्य में और तेजी लाए जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। बैठक में पांडुलपियों के डिजिटलीकरण कार्य की समीक्षा हुई और मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि वाले जिले रूचि लेकर पांडुलिपियां संगृहित करें और उनका डिजिटलीकरण कराएं। प्रदेश में अबतक 18 लाख से अधिक पांडुलिपि डिजिटलीकृत हुई हैं।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में प्रदेश अव्वल

मुख्य सचिव ने 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लिए लागू प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्यप्रदेश के प्रथम स्थान पर आने पर कलेक्टर्स की तारीफ की। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक को 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रूपये मासिक पेंशन मिलती है। उन्होंने संबल योजना के प्रकरणों को समय पर निराकृत करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने जी राम जी योजना में पंजीकृत श्रमिकों को बीओसीडब्ल्यू श्रम सेवा पोर्टल पर रजिस्ट्रर करने के लिए कहा है। बैठक के अंत में डॉग वाइट के प्रकरणों की समीक्षा की गयी और वन-पशुपालन तथा नगरीय निकायों को समन्वित रूप से पशु आश्रय स्थल सभी 55 जिलों में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में न्यूनतम 1-1 एबीसी सेंटर स्थापित करने के लिए भी कहा है। बैठक में बताया गया कि सभी 55 जिलों में पशुनिगरानी समिति गठित की जा चुकी है।

 

प्रदेश में राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग के बारे में विशेषज्ञों ने दी जानकारी

भोपाल 

प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा गुरुवार को राज्य स्तरीय कार्याशाला का आयोजन किया गया। पलाश रेसी‍डेन्‍सी भोपाल में आयोजित इस कार्यशाला में योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में नई दिल्‍ली से आए विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसमें राज्य शिक्षा केंद्र के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और सभी जिलों के नोडल अधिकारी तथा उनके सहायक शामिल हुए।

कार्यशाला का शुभारंभ स्‍कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार के सीनियर कन्‍सलटेंटराघवेन्‍द्र खरे, छात्रवृति प्रकोष्ठ के उपसंचालक डॉ. मुकेश शर्मा एवं राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के संयुक्‍त संचालकप्राचीश जैन ने किया। कार्यशाला में राष्‍ट्रीय मेरिट कम मीन्‍स छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत नेशनल स्‍कॉलरशिप पोर्टल NSP पर नवीन/ नवीनीकरण पंजीयन से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में विस्‍तृत चर्चा की गई। साथ ही योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रदेश के जिला नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। तकनीकी समन्‍वयकश्‍याम मनोहर शर्मा तथा स्‍कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, नई दिल्‍ली की प्रतिनिधि सुश्री सोनल नागर एवं श्रीमती रीता ने प्रतिभागयिों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस अवसर राज्‍य नोडल अधिकारीआनंद शर्मा, श्रीमती अनुराधा यादव, राज्‍य समन्‍वयक श्रीमती ज्‍योति श्रीवास्‍तव सहित कार्यशाला में प्रत्‍येक जिले के नोडल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित है राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना

राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना राज्य के शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं नगरीय निकायों के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 8वीं के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार स्‍कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग नई दिल्‍ली द्वारा चयन परीक्षा में पात्र छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा छात्रवृत्ति की राशि सीधे हितग्राही विद्यार्थी के खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ पाने के लिए छात्र को विगत वर्ष कक्षा 7वीं में न्यूनतम ‘सी’ ग्रेड से उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही, अभिभावक की सकल वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्‍य के लिए निर्धारित कोटा में मेरिट सूची के अनुसार प्रतिवर्ष मध्‍यप्रदेश के 6 हजार 446 विद्यार्थियों का चयन इस छात्रवृत्ति के लिए किया जाता है।

 

जीआरपी इंदौर ने अंतर्राज्यीय शातिर चोर को किया गिरफ्तार

भोपाल

रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्यवाहियों के क्रम में मध्यप्रदेश पुलिस की रेल इकाई (जीआरपी) को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। जीआरपी इंदौर ने सूक्ष्म विवेचना, तकनीकी विश्लेषण एवं लगातार की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप एक अंतर्राज्यीय शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

16 मार्च को इंदौर निवासी फरियादिया ने रिपोर्ट दर्ज की थी कि वह  अपने पति के साथ ट्रेन में अहमदाबाद से इंदौर की यात्रा कर रही थीं। यात्रा के दौरान उन्होंने अपना पर्स सिरहाने रखकर विश्राम किया था। इंदौर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि अज्ञात व्यक्ति उनका पर्स चोरी कर ले गया है। चोरी गए सामान में लगभग 11.8 तोला सोने के आभूषण, मोबाइल फोन एवं नगदी शामिल थी। फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना जीआरपी इंदौर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेल इंदौरअरविंद तिवारी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान टीम ने इंदौर से रतलाम तक रेलवे मार्ग पर विभिन्न स्टेशनों पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विस्तृत परीक्षण किया। लगातार फुटेज विश्लेषण एवं साइबर सेल की तकनीकी सहायता से संदिग्ध आरोपी की पहचान स्थापित की गई।

जांच के दौरान आरोपी की गतिविधियों एवं लोकेशन का लगातार विश्लेषण किया गया। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस टीमों को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, तेलंगाना तथा दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के अनेक शहरों में भेजा गया। लगातार प्रयासों के बाद आरोपी को नीमच से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया एक सोने का हार, दो सोने के कंगन, चार सोने की अंगूठियां, एक जोड़ी सोने के टॉप्स तथा चोरी किया गया लेडीज पर्स सहित लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु एवं कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में अपराध करना स्वीकार किया।

मध्यप्रदेश पुलिस रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। यात्रियों से अपील है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे पुलिस को दें।

 

आईईएचई एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ झारखंड के बीच हुआ एमओयू

भोपाल

उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ झारखंड, रांची के बीच गुरुवार को एक एमओयू हुआ है। एमओयू के अंतर्गत रिसर्च स्कॉलर्स एवं फैकल्टी एक्सचेंज, वैज्ञानिक शोध, अकादमिक प्रोजेक्ट्स, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस एवं संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। एमओयू से दोनों संस्थाओं के विद्यार्थियों, रिसर्च स्कॉलर्स एवं फैकल्टी को लाभ होगा। साथ ही दोनों संस्थाओं के बीच जॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट एवं पेटेंट पर भी कार्य किया जाएगा। इस दौरान आईईएचई संस्थान द्वारा संस्थान की अकादमिक गतिविधि, रिसर्च कार्यों एवं उपलब्धियों के बारे में प्रेजेंटेशन दिया गया।

एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान एक मॉनिटरिंग टीम गठित करेंगे। एमओयू के दौरान सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ झारखंड के कुलगुरु, प्रोफेसर सारंग मेढेकर, रजिस्ट्रार,के. खोसला राव, डीन (आर एंड डी), प्रोफेसर मनोज कुमार तथा आईईएचई के संचालक, डॉक्टर प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल, प्रोफेसर अनुज, प्रोफेसर शैलजा दुबे, प्रोफेसर बी.के. सिन्हा, प्रोफेसर अमित जैन, प्रोफेसर महेंद्र सिंघई, प्रोफेसर सभाकांत द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

 

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