PM मोदी से मिले Amazon CEO, भारत में ₹1220000000000 लाख करोड़ निवेश का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली
अमेजन ने भारत में एक और बड़े निवेश का एलान किया है। Amazon के CEO एंडी जेसी भारत दौरे पर हैं, और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से मुलाकात की। इस दौरान एंडी जेसी ने घोषणा की है कि कंपनी 2030 तक AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए देश में अतिरिक्त $13 बिलियन (1.22 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। यह अतिरिक्त निवेश Amazon द्वारा भारत में $35 बिलियन के नए निवेश की घोषणा के छह महीने के भीतर किया गया है।

कंपनी के अनुसार, दिसंबर 2025 में घोषित $35 बिलियन और 25 जून को घोषित $13 बिलियन के निवेश को मिलाकर, 2010-2030 के बीच भारत में Amazon का कुल निवेश $88 बिलियन से ज़्यादा हो गया है।

AI में भारी निवेश
इस नए निवेश के साथ, Amazon भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाली सबसे बड़ी ग्लोबल कंपनियों में से एक बन गई है। इसके अलावा, Amazon भारत में सबसे बड़ी विदेशी निवेशक, ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने वाली सबसे बड़ी कंपनी और देश में सबसे ज़्यादा नौकरियां देने वाली कंपनियों में से एक है।

अमेज़न के CEO एंडी जेसी ने कहा: “हम एक दशक से भी पहले भारत आए थे और तब से अपने अलग-अलग बिज़नेस के ज़रिए ग्राहकों, सेलर्स, डेवलपर्स, स्टार्ट-अप्स और कंपनियों को सेवा दे रहे हैं। हमें बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, खासकर हमारे ई-कॉमर्स, AI और क्लाउड बिज़नेस में ज़बरदस्त ग्रोथ हुई है।”

20 साल में 88 अरब डॉलर का निवेश
अमेजन ने भले ही 6 महीने के भीतर 48 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान कर डाला है, लेकिन साल 2010 से 2030 तक के कुल निवेश को देखा जाए तो अमेजन ने भारत में करीब 88 अरब डॉलर का निवेश कर दिया है. हालिया निवेश घोषणा के बाद अमेजन भारत में ग्‍लोबल एआई और क्‍लाउड इन्‍फ्रा पैसे लगाने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है. साथ ही यह सबसे बड़ी विदेशी निवेशक भी बन चुकी है. अमेजन भारत में सबसे बड़ी विदेशी निर्यात करने वाली ई-कॉमर्स कंपनी के साथ ही जॉब पैदा करने वाली विदेशी कंपनी भी है। 

कई साल से भारत में दे रहे सेवाएं
अमेजन के सीईओ ने बताया कि उनकी कंपनी दशकों पहले भारत आई थी और इसके बाद से ही यहां लगातार सेवाएं दे रही है. अमेजन आज अपने कस्‍टमर्स, सेलर, डेवलपर्स, स्‍टार्टअप और छोटी कंपनियों सहित तमाम कारोबार को सेवाएं दे रही है. अभी तक का प्रदर्शन काफी बेहत रहा है, खासकर ई-कॉमर्स, एआई और क्‍लाउड के बिजनेस में अमेजन काफी अच्‍छा काम कर रही है। 

पीएम मोदी की जमकर तारीफ
एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद कहा क‍ि अमेजन भारत में अपने विकास के साथ यहां छोटे कारोबारियों की मदद करने और जॉब पैदा करने में भी सहयोग दे रही है. हमने अगले 5 साल में 48 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है, जो देश के हर क्षेत्र की डिमांड के हिसाब से किया जाएगा. हम पीएम मोदी के विजन से काफी प्रभावित हैं, जो विकसित और आत्‍मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं के जरिये लॉन्‍ग टर्म में विकास का हिस्‍सा बनने के लिए प्रेरित करते हैं। 

38 लाख नौकरियां पैदा करने में मदद
एंडी जेसी ने कहा कि पीएम मोदी के इस विजन के साथ अमेजन ने करीब 38 लाख नौकरियां पैदा की हैं और 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात में भी मदद की है. इसके अलावा 1.5 करोड़ से ज्‍यादा छोटे कारोबारियों तक एआई का फायदा पहुंचाने के साथ साल 2030 तक 40 लाख सरकारी स्‍कूलों तक भी एआई की सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्‍य है. साल 2026 से 2030 के बीच भारत में अमेजन 48 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जिसमें से 21 अरब डॉलर का इस्‍तेमाल तो सिर्फ एआई और क्‍लाउड निवेश में किया जाएगा। 

भारत को लेकर क्या हैं प्राथमिकताएं
एंडी जेसी ने कहा, “जैसे-जैसे हम भारत में Amazon का विस्तार कर रहे हैं, हमारे बिज़नेस की प्राथमिकताएं भारत की प्राथमिकताओं के साथ मेल खाती जा रही हैं – जैसे AI तक पहुंच को आसान बनाना, छोटे बिज़नेस को डिजिटल बनाना, रोज़गार पैदा करना और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना।

भारत में अपने बिज़नेस की बढ़ती मांग को पूरा करने और देश को इन प्राथमिकताओं को हासिल करने में मदद करने के लिए हम अगले पाँच सालों में $48 बिलियन से ज़्यादा का निवेश कर रहे हैं।” एंडी जेसी ने यह भी कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न से प्रेरित हैं और भारत के साथ लंबे समय तक पार्टनर बने रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

अतीक से अदावत, सपा से बगावत और अब BJP की लिस्ट में शामिल हुईं पूजा पाल

लखनऊ 
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में एक चर्चित नाम समाजवादी पार्टी की बागी नेता पूजा पाल का है. पूजा पाल को यूपी बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। 

पूजा पाल को पिछले साल समाजवादी पार्टी (SP) से निकाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री की तारीफ की थी. पार्टी से निकाले जाने के कुछ वक्त बाद उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात भी की थी। प्रयागराज का प्रतिनिधित्व करने वाली पाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों और गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था। 

अतीक अहमद से पूजा पाल की अदावत क्यों?
पूजा पाल को समाजवादी पार्टी से तब निकाला गया, जब उन्होंने पूर्व सांसद और विधायक अतीक अहमद के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की सख्त कार्रवाई की सार्वजनिक रूप से तारीफ की थी. पूजा ने अतीक अहमद पर ही अपने पति राजू पाल की हत्या का आरोप लगाया था. यह हत्या उनकी शादी के महज नौ दिन बाद ही कर दी गई थी। 

यूपी विधानसभा में पूजा पाल ने योगी की ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीतियों की तारीफ करते हुए कहा था, “मैं मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं कि उन्होंने मुझे इंसाफ दिलाया, जबकि किसी और ने मेरी बात नहीं सुनी। 

इसके बाद, कुछ ही घंटों के अंदर समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव के हस्ताक्षर वाला निष्कासन पत्र जारी किया, जिसमें पार्टी के निर्देशों को लगातार न मानने और संगठन के लिए नुकसानदेह गतिविधियों में शामिल होने का हवाला दिया गया था। 

पूजा पाल कौन हैं?
पूजा पाल, बीएसपी के पूर्व विधायक राजू पाल की पत्नी हैं. राजू पाल की हत्या उनकी शादी के सिर्फ 10 दिन बाद ही कर दी गई थी. राजू पाल की हत्या का आरोप माफिया डॉन अतीक अहमद के भाई अशरफ पर लगा था. बीएसपी ने पूजा पाल को इलाहाबाद शहर की पश्चिमी सीट पर हुए उपचुनाव में अतीक अहमद के भाई अशरफ के खिलाफ मैदान में उतारा था, लेकिन वह हार गईं थीं। 

साल 2007 के चुनावों में पूजा पाल को फिर से BSP ने टिकट दिया. 2012 में वे दोबारा उसी सीट से चुनी गईं. फरवरी 2018 में बीजेपी नेता और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात के बाद मायावती ने उन्हें बीएसपी से निकाल दिया था. पूजा 2019 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं और 2022 के विधानसभा चुनाव में कौशाम्बी जिले की चैल सीट से जीत हासिल की। 

IPS बद्रीनारायण मीणा बने बस्तर रेंज के नए IG, पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

रायपुर.

राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज के नए आईजी नियुक्त किए हैं। इसका आदेश आज गृह (पुलिस) विभाग ने जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के पद पर पदस्थ बद्रीनारायण मीणा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

राज्य सरकार द्वारा जारी इस प्रशासनिक आदेश के बाद मीणा अब बस्तर रेंज की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल होने के कारण यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार के आदेश के अनुसार यह पदस्थापना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

NIA के आईजी बनाए गए हैं सुंदरराज पी
बता दें कि बस्तर आईजी छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके चलते बस्तर आईजी का पद खाली था। वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी लंबे समय तक बस्तर रेंज के आईजी रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने बस्तर के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चलाए, जिससे माओवादी संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान का प्रमुख चेहरा रहे सुंदरराज पी
सुंदरराज पी की रणनीति केवल सशस्त्र कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। उन्होंने खुफिया तंत्र को मजबूत करने, स्थानीय युवाओं को सुरक्षा अभियानों से जोड़ने, नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने और सड़क व विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। अबूझमाड़ जैसे इलाकों में सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

रिश्तेदारों की संपत्ति पर कांग्रेस के आरोप, CM मोहन यादव के बचाव में उतरी मंत्रियों की फौज

भोपाल 

सीएम मोहन यादव और उनके परिवार पर जमीनों की खरीद फरोख्त के आरोप पर बीजेपी ने अब हमलावर रुख अपना लिया है। मामले में सीएम के बचाव में प्रदेश के मंत्रियों की फौज उतर आई। बीजेपी ने राज्य सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों के बयानों के वीडियो जारी किए जिसमें सीएम मोहन यादव पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह से लेकर तुलसी सिलावट, चेतन काश्यप, कृष्णा गौर, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इंदर सिंह परमार ने इस मामले में कांग्रेस पर पलटवार किया। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने तो सीएम CM Mohan Yadav पर गलत आरोप लगाने पर कांग्रेस को मानहानि का नोटिस देने की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सीएम के रिश्तेदारों की संपत्ति भी जोड़ रही है।

प्रदेश कांग्रेस ने सीएम डॉ. मोहन यादव व उनके परिवार के सदस्यों पर कई एकड़ जमीन खरीदने के आरोप लगाए हैं। बुधवार को इस मामले में बीजेपी नेताओं और मंत्रियों ने न केवल सीएम पर लग रहे आरोपों का बचाव किया बल्कि रॉबर्ट वाड्रा के बहाने कांग्रेस को ही घेरा।

प्रदेश के लोक निर्माण विभाग यानि पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने सीएम मोहन यादव पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का षड्यंत्र रचा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक दिवालियापन के दौर से गुजर रही है।

सीएम मोहन यादव के रिश्तेदारों की संपत्ति को उनसे जोड़ा
मंत्री राकेश सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जब रॉबर्ट वाड्रा का नाम भूमि घोटालों में आता है तो कांग्रेसी इसे व्यक्तिगत बताते हुए किनारा करते हैं जबकि सीएम मोहन यादव के रिश्तेदारों की संपत्ति को उनसे जोड़ा जाता है। उन्होंने मामले में कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि उसे मानहानि का नोटिस देंगे।

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सरकारी और निजी ट्रस्ट में अंतर होता है, यह कांग्रेस समझ नहीं पाई। जिस वीर भारत न्यास को 1 रुपए में उज्जैन में भूमि देने का आरोप लगाया जा रहा है, वह संस्कृति विभाग का हिस्सा है, न कि निजी न्यास। उन्होंने बताया कि अब लीगल सेल पूरे प्रकरण को देख रहा है।

बीजेपी ने सभी मंत्रियों के बयानों के बाकायदा वीडियो जारी किए
सरकार के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों तुलसी सिलावट, चेतन काश्यप, कृष्णा गौर, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इंदर सिंह परमार ने भी जमीन विवाद पर सीएम मोहन यादव का पक्ष प्रस्तुत किया। इससे पहले शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी मामले में कांग्रेस पर सवाल दागे थे। बीजेपी ने सभी मंत्रियों के बयानों के बाकायदा वीडियो जारी किए हैं।

बुजुर्गों और असहाय लोगों का आदर करना हमारा धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बुजुर्गों और असहाय लोगों का आदर करना हमारा धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

निर्धन परिवार, वृद्धजन और दिव्यांग साथी स्वयं को बेसहारा न समझें
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंत्योदय का संकल्प हो रहा है सिद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 33 लाख 92 हजार 695 सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए 203 करोड़ 56 लाख रुपये
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय से हितग्राहियों को किया वर्चुअली संबोधित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि घर में बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद होना, तपती धूप में ठंडी छांव के समान होता है। हमारी संस्कृति में बुजुर्गों, असहायों और समाज के सबसे कमजोर वर्ग को आदर देना केवल कर्तव्य नहीं बल्कि हमारा धर्म माना गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी कोशिश है कि राज्य का कोई भी निर्धन परिवार, माताएं, बहनें या हमारे दिव्यांग साथी स्वयं को बेसहारा न समझें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार भी गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के कल्याण में जुटी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण के लिए मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम से विभिन्न जिलों के हितग्राही वर्चुअली जुड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 33 लाख 92 हजार 695 से अधिक भाई-बहनों और बुजुर्गों के खातों में माह मई महीने की 203 करोड़ 56 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, संजय शुक्ला, मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर कार्यक्रम में उपस्थित थी।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन सरकार के स्नेह, सम्मान और सुरक्षा का वचन है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं है, अपितु निर्धन परिवारों, दिव्यांग साथियों में आपके प्रति सरकार का स्नेह, सम्मान और सुरक्षा का वचन है। राज्य सरकार सभी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है। सरकार प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसान हितैषी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा और इसे चुकाने की समयावधि 31 मार्च नहीं होगी, बल्कि किसान जिस तारीख को कर्ज लेंगे, उसे अगले 12 माह की अवधि में ऋण भरना होगा।

10 साल में देश के 25 करोड़ से ज्यादा लोग बाहर आए गरीबी से

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है। पिछले 10 वर्षों में देश के 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 80 करोड़ से अधिक लोगों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत, जल-जीवन मिशन, उज्जवला योजना जैसी योजनाओं ने जन-कल्याण का इतिहास लिखा है। राज्य सरकार अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी है। सरकार गरीब, युवा, नारी और किसान कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से वरिष्ठजन, माताएं-बहनें और हितग्राही वर्चुअली सम्मिलत हुए।

 

‘बालिका वधू’ की सुमित्रा स्मिता बंसल का छलका दर्द, बोलीं- काम की वजह से बेटी से बढ़ गई थी दूरी

मुंबई 
 टेलीविजन की दुनिया में अभिनेत्री स्मिता बंसल ने ‘बालिका वधू’ शो में ‘सुमित्रा’ का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। हाल ही में उन्होंने एक टीवी टॉक शो ‘तुम हो ना- घर की सुपरस्टार’ में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक अनुभव साझा किया और बताया कि लगातार शूटिंग और काम की व्यस्तता के कारण उन्हें अपने घर और बच्चों के साथ समय नहीं मिल पाता था। शो के दौरान बातचीत में स्मिता बंसल ने कहा, ”एक कलाकार होने के नाते मैं अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाती हूं लेकिन इसी बीच कई बार परिवार से दूर रहने का दर्द भी मुझे अंदर ही अंदर महसूस होता है। प्रोफेशनल कमिटमेंट्स के चलते कई बार मैं अपने निजी रिश्तों को उतना समय नहीं दे पाती, जितना एक मां के रूप में देना चाहिए।”

 शो के दौरान स्मिता ने बताया, “एक बार जब मैं शूटिंग से घर लौटी, तो मैंने अपनी बेटी को खुद सुलाने का फैसला किया। उस समय मेरी बेटी ने मेरे साथ सोने से मना कर दिया और अपनी दादी के साथ सोने की इच्छा जताई। उस पल मुझे एहसास हुआ कि काम की वजह से मेरे और मेरी बेटी के बीच भावनात्मक रूप से थोड़ी दूरी आ गई है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा दर्द था।”

स्मिता बंसल ने आगे बताया, ”लोग मुझे टीवी पर अलग-अलग किरदारों के लिए जानते थे। कभी कोई मुझे ‘आनंदी की मां’ कहता था, तो कभी ‘जग्या की मां’। हालांकि असल जिंदगी में मैं अपनी ही बेटी के साथ उतना समय नहीं बिता पा रही थी, जितना मैं चाहती थी। एक मां के रूप में यह मेरे लिए सबसे बड़ी कमी और सबसे बड़ा पछतावा रहा है, जिसे चाहकर भी मैं पूरी तरह बदल नहीं सकती।”

बातचीत के दौरान स्मिता ने अपने अभिनय करियर को लेकर कहा, ”मैंने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए हैं जो मजबूत महिलाओं की कहानियों को दिखाते हैं। ये वे महिलाएं थीं, जो बिना ज्यादा बोले भी अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करती हैं और मजबूती से आगे बढ़ती हैं। इन किरदारों ने मुझे यह समझने में मदद की कि असली ताकत हमेशा बड़े-बड़े शब्दों या दिखावे में नहीं होती, बल्कि कई बार यह रोजमर्रा की जिंदगी के छोटे-छोटे त्याग और धैर्य में छिपी होती है।”

उन्होंने कहा, ”समय के साथ मैं इन किरदारों से खुद को जोड़ने लगी हूं, क्योंकि वास्तविक जीवन में भी महिलाएं कई बार बिना शिकायत किए अपने परिवार और जिम्मेदारियों के लिए बहुत कुछ सहती हैं।”

अगर उनके निजी जीवन की बात करें तो स्मिता बंसल ने साल 2002 में निर्देशक और अभिनेता अंकुश मोहला से शादी की थी। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम स्टाशा बंसल और अनघा बंसल हैं।

भाजपा कार्यसमिति में बदला सियासी समीकरण, 33% महिला भागीदारी और पहली बार मुस्लिम महिला को जगह

भोपाल
 मध्यप्रदेश भाजपा ने  अपनी बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची जारी कर दी है। कुल 106 सदस्यों वाली इस नई टीम में संगठनात्मक संतुलन, अनुभव और सामाजिक प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है। पिछली बार 164 सदस्यों की तुलना में इस बार सूची को अधिक संक्षिप्त किया गया है। नई कार्यसमिति की पहली बैठक 15 जुलाई के आसपास ओरछा में आयोजित किए जाने की संभावना है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने से ठीक पहले घोषित इस सूची को केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया बताया जा रहा है।

33% महिला प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन पर जोर
इस बार संगठन ने महिला भागीदारी को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। कुल 35 महिला नेताओं को मुख्य कार्यसमिति में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि भोपाल की बिलकिस जहां को पहली बार मुस्लिम महिला प्रतिनिधि के रूप में स्थान मिला है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, संपतिया उइके, निर्मला भूरिया और पूर्व सांसद रीति पाठक जैसी प्रमुख महिला नेताओं को भी सूची में जगह दी गई है।

वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रण
पार्टी ने 41 वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रित सदस्यों की श्रेणी में शामिल किया है, जो पिछली सूची के मुकाबले बढ़ोतरी दर्शाता है। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, अनुसुइया उइके, कुसुम मेहदेले, माया सिंह और यशोधरा राजे सिंधिया जैसी वरिष्ठ हस्तियां शामिल हैं। स्थाई आमंत्रित सूची में 8 वरिष्ठ महिला नेताओं को भी स्थान दिया गया है।

सत्ता और संगठन का मजबूत समन्वय
नई कार्यसमिति में सत्ता पक्ष और संगठन का स्पष्ट समन्वय देखने को मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, वीरेंद्र कुमार और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी स्थान दिया गया है।

इसके अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित राज्य मंत्रिमंडल के 15 मंत्री, 3 राज्य मंत्री, 20 से अधिक विधायक तथा 6 लोकसभा और 3 राज्यसभा सांसदों को भी समिति में शामिल किया गया है।

सिंधिया समर्थकों को भी प्रतिनिधित्व
संगठन ने इस बार उन नेताओं को भी जगह दी है जो चुनावी हार के बाद सक्रिय राजनीति में अपेक्षाकृत कम प्रभाव में थे। इनमें इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिर्राज दंडौतिया और संतराम सिरोनिया जैसे नाम शामिल हैं। वहीं सिंधिया समर्थक दो मंत्री – तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत – को भी कार्यसमिति में जगह दी गई है। नई कार्यसमिति को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सामाजिक संतुलन और राजनीतिक अनुभव के मेल के रूप में देखा जा रहा है।

 

रायपुर में धर्मांतरण के आरोप में दो पास्टर गिरफ्तार, थाने में ईसाई समाज का जोरदार विरोध

रायपुर.

रायपुर ग्रामीण के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मांठ में धर्मांतरण से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो पास्टर को गिरफ्तार किया है।

वहीं, इस गिरफ्तारी के विरोध में ईसाई समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और कार्रवाई को गलत आरोपों के आधार पर की गई गिरफ्तारी बताते हुए विरोध जताया। मामला खरोरा थाना क्षेत्र का है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से और आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए उन्हें विधानसभा थाना लाया गया है।

ग्रामीणों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मामला तब सामने आया जब ग्राम मांठ निवासी हेमंत मरावी ने अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके के साथ खरोरा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उसका सहयोगी पीयूष पटेल पिछले कुछ समय से गांव के आदिवासी मोहल्ले में लगातार आ-जा रहे थे और ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं।

विरोध के बावजूद जारी रही गतिविधियां
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियों का कई बार विरोध कर समझाइश दी गई थी कि वे गांव में इस तरह की गतिविधियां न करें और किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव न डालें, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार गांव में आते रहे और लोगों को प्रार्थना सभाओं में शामिल होने तथा धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते रहे। शिकायत के अनुसार, 24 जून की शाम करीब 7 बजे सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल एक बार फिर ग्राम मांठ के आदिवासी मोहल्ले पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों को एकत्र कर प्रार्थना करने और ईसाई धर्म स्वीकार करने की बात कही। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद गांव के लोगों ने पुलिस को इस गतिविधि की सूचना दी। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि उसी दिन मोहल्ले के एक घर में ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने शिकायत और जांच के आधार पर पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उनके सहयोगी पीयूष पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

थाने में ईसाई समाज का विरोध
दोनों पास्टर की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग विधानसभा थाना पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना है कि यह गिरफ्तारी गलत आरोपों के आधार पर की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

CM साय ने UPSC प्रीलिम्स में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात, बढ़ाया हौसला

नई दिल्ली.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।
उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया भूमिपूजन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया भूमिपूजन

टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट की स्थापना, 235 करोड़ का निवेश कर रही स्विफ्ट टेक्सटाइल्स, 4650 लोगों को मिलेगा रोजगार

कपड़ा उद्योग की नई पहचान बनेगा नवा रायपुर, टेक्सटाइल पार्क में तीन यूनिट्स को जमीन आबंटित

81 एकड़ में विकसित किया जा रहा टेक्सटाइल पार्क, निवेशकों के लिए तैयार की जा रही सभी जरूरी अधोसंरचनाएं

रायपुर. 
राज्य शासन द्वारा नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क में आज पहला मील का पत्थर लगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है।

टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट के लिए भूमिपूजन करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि एक टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ इंडस्ट्रियल क्षमता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के साधन भी बनाती है। इस सेक्टर में हमारे युवाओं और महिलाओं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रोजगार देने की बहुत क्षमता है। हमारी सरकार घर के पास ही अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हमारे लोग छत्तीसगढ़ में ही अपना खुशहाल भविष्य बना सकें। नवा रायपुर में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की मेनुफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना इस दिशा में एक और अहम कदम है।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस मौके पर कहा कि हम छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाएंगे। इस सेक्टर में हम राज्य के युवाओं को बहुत बड़ी संख्या में रोजगार दे सकते हैं। इसके लिए निवेशकों की जो भी जरूरतें होंगी, बिजली, पानी, अधोसंरचना, कनेक्टीविटी… सभी हम प्राथमिकता से उपलब्ध कराएंगे। छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाईयों पर ले जाने और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की श्रीमती रेवती गांधी, रमेश कृष्णन, विष्णु निरंजन और सेल्वा कुमार सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।   

नवा रायपुर में 81 एकड़ में बन रहा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क

राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles) तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।  

235 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश के साथ स्विफ्ट टेक्सटाइल्स से लगभग 4650 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे यह राज्य में रोजगार पैदा करने वाले सबसे बड़े टेक्सटाइल निवेशों में से एक बन जाएगा। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।

नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में मेनुफेक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आबंटित किए जा चुके हैं। इनके द्वारा करीब 445 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्तावित हैं, जिससे 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इन निवेशों से मध्य भारत में एक प्रमुख टेक्सटाइल और रोजगार केंद्र के रूप में छत्तीसगढ़ की भूमिका और मजबूत होगी।

राज्य की नई औद्योगिक नीति में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स थ्रस्ट सेक्टर के रूप में हैं चिन्हांकित

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स को प्रमुख क्षेत्रों (थ्रस्ट सेक्टर) के रूप में प्राथमिकता दी गई है। नई नीति में राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने वाले श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रधानता दी गई है। रोजगार सृजन को और बढ़ावा देने नई नीति में महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रति माह की दर से 5 साल की अवधि के लिए रोजगार सहायता प्रदान करने के प्रावधान हैं। इससे छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल और गारमेंट निवेश के लिए देश में सबसे आकर्षक जगहों में से एक बन गया है।

राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा के निवेश का वादा मिला है, जिससे अलग-अलग सेक्टर में 1.6 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा, राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

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