रायपुर में धर्मांतरण के आरोप में दो पास्टर गिरफ्तार, थाने में ईसाई समाज का जोरदार विरोध

रायपुर.

रायपुर ग्रामीण के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मांठ में धर्मांतरण से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो पास्टर को गिरफ्तार किया है।

वहीं, इस गिरफ्तारी के विरोध में ईसाई समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और कार्रवाई को गलत आरोपों के आधार पर की गई गिरफ्तारी बताते हुए विरोध जताया। मामला खरोरा थाना क्षेत्र का है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से और आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए उन्हें विधानसभा थाना लाया गया है।

ग्रामीणों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मामला तब सामने आया जब ग्राम मांठ निवासी हेमंत मरावी ने अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके के साथ खरोरा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उसका सहयोगी पीयूष पटेल पिछले कुछ समय से गांव के आदिवासी मोहल्ले में लगातार आ-जा रहे थे और ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं।

विरोध के बावजूद जारी रही गतिविधियां
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियों का कई बार विरोध कर समझाइश दी गई थी कि वे गांव में इस तरह की गतिविधियां न करें और किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव न डालें, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार गांव में आते रहे और लोगों को प्रार्थना सभाओं में शामिल होने तथा धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते रहे। शिकायत के अनुसार, 24 जून की शाम करीब 7 बजे सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल एक बार फिर ग्राम मांठ के आदिवासी मोहल्ले पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों को एकत्र कर प्रार्थना करने और ईसाई धर्म स्वीकार करने की बात कही। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद गांव के लोगों ने पुलिस को इस गतिविधि की सूचना दी। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि उसी दिन मोहल्ले के एक घर में ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने शिकायत और जांच के आधार पर पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उनके सहयोगी पीयूष पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

थाने में ईसाई समाज का विरोध
दोनों पास्टर की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग विधानसभा थाना पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना है कि यह गिरफ्तारी गलत आरोपों के आधार पर की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

CM साय ने UPSC प्रीलिम्स में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात, बढ़ाया हौसला

नई दिल्ली.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।
उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया भूमिपूजन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया भूमिपूजन

टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट की स्थापना, 235 करोड़ का निवेश कर रही स्विफ्ट टेक्सटाइल्स, 4650 लोगों को मिलेगा रोजगार

कपड़ा उद्योग की नई पहचान बनेगा नवा रायपुर, टेक्सटाइल पार्क में तीन यूनिट्स को जमीन आबंटित

81 एकड़ में विकसित किया जा रहा टेक्सटाइल पार्क, निवेशकों के लिए तैयार की जा रही सभी जरूरी अधोसंरचनाएं

रायपुर. 
राज्य शासन द्वारा नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क में आज पहला मील का पत्थर लगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है।

टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट के लिए भूमिपूजन करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि एक टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ इंडस्ट्रियल क्षमता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के साधन भी बनाती है। इस सेक्टर में हमारे युवाओं और महिलाओं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रोजगार देने की बहुत क्षमता है। हमारी सरकार घर के पास ही अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हमारे लोग छत्तीसगढ़ में ही अपना खुशहाल भविष्य बना सकें। नवा रायपुर में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की मेनुफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना इस दिशा में एक और अहम कदम है।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस मौके पर कहा कि हम छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाएंगे। इस सेक्टर में हम राज्य के युवाओं को बहुत बड़ी संख्या में रोजगार दे सकते हैं। इसके लिए निवेशकों की जो भी जरूरतें होंगी, बिजली, पानी, अधोसंरचना, कनेक्टीविटी… सभी हम प्राथमिकता से उपलब्ध कराएंगे। छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाईयों पर ले जाने और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की श्रीमती रेवती गांधी, रमेश कृष्णन, विष्णु निरंजन और सेल्वा कुमार सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।   

नवा रायपुर में 81 एकड़ में बन रहा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क

राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles) तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।  

235 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश के साथ स्विफ्ट टेक्सटाइल्स से लगभग 4650 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे यह राज्य में रोजगार पैदा करने वाले सबसे बड़े टेक्सटाइल निवेशों में से एक बन जाएगा। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।

नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में मेनुफेक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आबंटित किए जा चुके हैं। इनके द्वारा करीब 445 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्तावित हैं, जिससे 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इन निवेशों से मध्य भारत में एक प्रमुख टेक्सटाइल और रोजगार केंद्र के रूप में छत्तीसगढ़ की भूमिका और मजबूत होगी।

राज्य की नई औद्योगिक नीति में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स थ्रस्ट सेक्टर के रूप में हैं चिन्हांकित

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स को प्रमुख क्षेत्रों (थ्रस्ट सेक्टर) के रूप में प्राथमिकता दी गई है। नई नीति में राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने वाले श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रधानता दी गई है। रोजगार सृजन को और बढ़ावा देने नई नीति में महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रति माह की दर से 5 साल की अवधि के लिए रोजगार सहायता प्रदान करने के प्रावधान हैं। इससे छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल और गारमेंट निवेश के लिए देश में सबसे आकर्षक जगहों में से एक बन गया है।

राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा के निवेश का वादा मिला है, जिससे अलग-अलग सेक्टर में 1.6 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा, राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की ओर बढ़ेगा सिरपुर, सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार

विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की ओर बढ़ेगा सिरपुर, सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार

पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक 

यूनेस्को विश्व विरासत सूची, लाइट एंड साउंड शो, बांस राफ्टिंग, आधुनिक पर्यटक सुविधाओं और सिरपुर महोत्सव को लेकर लिए गए कई अहम निर्णय

रायपुर, 
 छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में प्रथम बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे।

पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए।

सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।

राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके लिए ओडिशा के कोणार्क तथा तमिलनाडु के केलडी स्थित संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण जुलाई माह में कराया जाएगा तथा अगस्त-सितंबर तक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में पहुंचे सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरावशेषों को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने तथा नए उत्खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर उनका चयन करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिला प्रशासन महासमुंद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सुरंग टीला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन अथवा विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने का प्रस्ताव तैयार करने पर भी बल दिया गया।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रस्तुत सिरपुर एकीकृत विकास योजना के प्रस्तुतीकरण पर पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए कि कोर एवं बफर क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, प्रस्तावित बौद्ध पार्क को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, सुरंग टीला के लाइट एंड साउंड शो की स्क्रिप्ट 15 दिनों के भीतर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाए तथा आगामी पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय-सीमा में तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिरपुर के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए अंतर्विभागीय समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। बैठक के अंत में पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने सभी विभागों से समन्वित एवं समयबद्ध प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज

अवैध रेत भंडारण पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, गुडलू में 135 घनमीटर रेत जब्त

83 हजार रुपये से अधिक अर्थदंड व राजस्व वसूला गया, नियम तोड़ने वालों को चेतावनी

रायपुर, 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, जवाबदेही और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण संबंधी स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप जशपुर जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अवैध रेत भंडारण एवं रेत तस्करी संबंधी शिकायत पर खनिज विभाग ने त्वरित जांच कर बड़ी कार्रवाई की है।

जांच के दौरान बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत गुडलू में 19 जून 2026 को 135 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया। शिकायत प्राप्त होते ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त कर लिया। मामले में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण के मामले में 40 हजार 780 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। वहीं अवैध रेत परिवहन के चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 42 हजार 736 रुपये की राशि खनिज मद में जमा कराई गई। इस प्रकार कुल 83 हजार रुपये से अधिक की राशि अर्थदंड एवं राजस्व के रूप में वसूल की गई।

सहायक खनि अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकना है।

 प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी दिव्यांग चांदनी के लिए सहारा, एक शिकायत पर मिली पेंशन की सुविधा

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी दिव्यांग चांदनी के लिए सहारा, एक शिकायत पर मिली पेंशन की सुविधा

समयबद्ध कार्रवाई से दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ हुआ सुनिश्चित

रायपुर
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आई है। हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

इसी क्रम में जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घरजियाबथान निवासी योगेश यादव ने अपनी 65 प्रतिशत दिव्यांग पुत्री चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिव्यांग पेंशन का लाभ नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई थी।

शिकायत प्राप्त होते ही जनपद पंचायत पत्थलगांव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर प्रकरण की जांच की गई। जांच में चांदनी यादव को दिव्यांग पेंशन योजना के लिए पात्र पाया गया, जिसके बाद उनकी पेंशन स्वीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

अब चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत नियमित रूप से पेंशन का लाभ प्राप्त होगा। निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का सफल निराकरण कर प्रकरण का निस्तारण किया गया।

चांदनी के पिता योगेश यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और भरोसेमंद साबित हो रही है। उन्होंने अपनी पुत्री को समय पर न्याय एवं योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

24 घंटे सक्रिय है मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेश के नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कराने के साथ-साथ सुझाव एवं फीडबैक भी साझा कर सकते हैं। हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक आसानी से अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचा सकते हैं।

राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं और 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाती है, जिससे आवेदक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकता है।

यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता, तो प्रकरण स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण और जांच के लिए भेज दिया जाता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे संचालित रहती है। इसके संचालन के लिए तीन पालियों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है तथा सचिव स्तर के अधिकारी और मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाती है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन की संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण बनकर जरूरतमंद नागरिकों तक समय पर राहत और योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

खेतों तक समय पर पहुंच रहे कृषि आदान, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

खेतों तक समय पर पहुंच रहे कृषि आदान, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर, 
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। सहकारिता विभाग और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी और नैनो यूरिया समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाने से किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसका लाभ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर के प्रगतिशील किसान विष्णु राठौर को भी मिला है, जिन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया है।

धान की खेती के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन करने वाले किसान विष्णु राठौर बताते हैं कि पहले खेती के मौसम में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। कई बार आवश्यक कृषि आदान समय पर नहीं मिलने से बुआई और फसल प्रबंधन प्रभावित होता था। लेकिन अब सहकारी समिति के माध्यम से उन्हें जरूरत के अनुसार उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी और नैनो यूरिया समय पर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे खेती की पूरी योजना व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है और फसलों का पोषण भी बेहतर तरीके से हो पा रहा है।

राठौर ने बताया कि नैनो यूरिया तथा संतुलित उर्वरकों के उपयोग से धान की फसल में अच्छी बढ़वार हुई है और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं सब्जी फसलों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ पैदावार भी बढ़ी है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता से खेती की लागत नियंत्रित हुई है तथा कृषि कार्यों का प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक आसान और प्रभावी हो गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाएं और सहकारिता विभाग की प्रभावी व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। सहकारी समिति के माध्यम से खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता से अब किसानों को कृषि सामग्री के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता और खेती का कार्य समय पर पूरा हो जाता है। इससे किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती के प्रति उनका उत्साह भी पहले से अधिक हुआ है।

राज्य सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों, सहकारिता विभाग की सुदृढ़ वितरण व्यवस्था तथा सहकारी समितियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश में कृषि व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा और किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। किसान विष्णु राठौर की सफलता आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। साय सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

CM साय ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, स्वास्थ्य सेवाओं और खाद-बीज उपलब्धता पर हुई अहम चर्चा

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

किसानों के लिए खाद और बीज आपूर्ति पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

कालाबाजारी पर सख्ती और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

केंद्र से सहयोग से राज्य सरकार विकास को गति देने के लिए प्रयासरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

महतारी वंदन योजना में फिर जुड़ेंगे नए नाम, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पोर्टल खोलने का दिया भरोसा

रायपुर.

महतारी वंदन योजना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. योजना से अब तक नहीं जुड़ पाईं विवाहित महिलाओं के लिए जल्द ही पोर्टल खोलने की तैयारी है. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री की अनुमति मिल चुकी है, और अगले एक सप्ताह के भीतर पोर्टल शुरू करने की तैयारी की जा रही है.

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में बताया कि पोर्टल खोलने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी. सबसे पहले बस्तर संभाग के जिलों में पोर्टल खोला जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के अन्य संभागों में भी आवेदन और पंजीयन की सुविधा शुरू की जाएगी. इस माध्यम से सरकार का उद्देश्य उन पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहुंचाना है, जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर सकी हैं, या जिनका नाम योजना में शामिल नहीं हो पाया है.

बता दें कि महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है. पोर्टल खुलने से बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं को राहत मिलेगी जो लंबे समय से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रही थीं. पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगी. इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे. महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है.

मध्य प्रदेश में हर चुनाव लड़ेगी शिवसेना, राष्ट्रीय सचिव बोले- उद्धव के घमंड से टूटी पार्टी

छिन्दवाड़ा 
 शिवसेना मध्य प्रदेश में हर तरह के चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी उतारेगी. ये कहना है शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव अभिजीत अडसूल का. छिंदावाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे अभिजीत ने कहा कि शिवसेना अब पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा में भी अपने कैंडिडेट उतारकर चुनाव लड़वाने जा रही है. इसके लिए पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी है। 

उद्धव के घमंड से टूट गई शिवसेना : अभिजीत
शिंदे गुट शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव और महाराष्ट्र के पूर्व विधायक अभिजीत अडसूल ने छिन्दवाड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया. कार्यकर्ताओं के इस सम्मेलन में उन्होंने पार्टी विस्तार की रणनीति के साथ ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को पार्टी से जोड़ने और सदस्यता अभियान चलाने की बात कही. महाराष्ट्र में चले ऑपरेशन टाइगर पर अभिजीत ने कहा, ” शिवसेना UBT को छोड़कर 6 सांसद शिवसेना शिंदे में शामिल हो गए हैं. इसका सबसे बड़ा कारण उद्धव ठाकरे की अकड़बाजी (घमंड) है क्योंकि वे कार्यकर्ताओं से ठीक से व्यवहार और उनसे मुलाकात भी ठीक से नहीं करते थे, जिसकी वजह से कार्यकता दूर होते गए और फिर उन्होंने लोकप्रिय नेता एकनाथ शिंदे का साथ पकड़ लिया। 

2 साल पहले भी चला था एक ऑपरेशन
अभिजीत अडसूल ने कहा, ” 2 साल पहले भी एक ऐसा ही ऑपरेशन महाराष्ट्र में चला था क्योंकि शिवसेना के हाई कमान राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को वक्त नहीं देते थे. 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ अलग हुए. शिंदे मुख्यमंत्री बने थे और हमने पार्टी को खड़ा करने के लिए बहुत मेहनत की लेकिन अपनी आंखों के सामने पार्टी की स्थिति खराब होती देखना पसंद नहीं था. इसलिए हमें उद्धव ठाकरे को अलग करना पड़ा क्योंकि बाला साहब ठाकरे ने जिस उद्देश्य से पार्टी का गठन किया था, वो अपने उद्देश्यों से भटक रही थी। 

बीजेपी और शिंदे शिवसेना के विचार एक : अभिजीत
शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव अभिजीत अडसूल ने कहा, ” बालासाहेब ठाकरे के सपनों को सत्ता के लिए उद्धव ठाकरे ने उसी दिन तोड़ दिया था, जब कांग्रेस और NCP ने मिलकर सरकार बनाई थी, जिससे महाराष्ट्र का विकास रुक रहा था. शिंदे की सरकार बीजेपी के साथ बनी तो महाराष्ट्र ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली क्योंकि बीजेपी के साथ विचार भी मिलते हैं. अब केंद्र की सरकार और राज्य की सरकार मिलकर विकास कर रही है। 

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