देवी-देवताओं या भारत माता के नाम पर शपथ नहीं, केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

तिरुवनंतपुरम
केरल हाई कोर्ट ने शपथ को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने साफ कहा कि स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधि शपथ लेते समय कानून में तय शब्दों से बाहर नहीं जा सकते. यानी शपथ  ईश्वर के नाम पर ली जा सकती है या फिर बिना ईश्वर का नाम लिए सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा की जा सकती है. उसमें देवी-देवताओं, भारत माता, किसी संगठन, राजनीतिक शहीद या किसी व्यक्ति का नाम जोड़ना मान्य नहीं है. इसी आधार पर अदालत ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के कुछ पार्षदों की शपथ को अवैध माना. कोर्ट ने कहा कि अपनी तरफ से कोई भी नया शब्द जोड़ना पूरी तरह गलत माना जाएगा। 

यह मामला तब अदालत पहुंचा जब तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 पार्षदों ने शपथ लेते समय अलग-अलग हिंदू देवी-देवताओं, ‘भारतम्बा’, ‘भारत माता’, गुरुदेव, अपने राजनीतिक आंदोलन के शहीदों के नाम लिए. इसी से जुड़ी एक दूसरी याचिका पलक्कड़ जिले के वडक्कनचेरी ग्राम पंचायत सदस्य की शपथ को लेकर भी थी. उस सदस्य ने ‘ईश्वर की कृपा से उम्मन चांडी के नाम पर’ शपथ ली थी. इन दोनों मामलों को देखते हुए हाई कोर्ट ने पूछा कि क्या कानून शपथ के तय प्रारूप से बाहर जाने की इजाजत देता है। 

कोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने अपने फैसले में कहा कि केरल म्युनिसिपैलिटी एक्ट (नगरपालिका अधिनियम), केरल पंचायत राज एक्ट के तहत शपथ का सिर्फ दो ही तरीका है. पहला, ईश्वर के नाम पर शपथ लेना. दूसरा, ईश्वर का नाम लिए बिना सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करना. अदालत ने साफ कहा कि ईश्वर शब्द का दायरा बढ़ाकर किसी खास देवी-देवता, भारत माता, राजनीतिक शहीद, संगठन या व्यक्ति का नाम जोड़ना कानून के खिलाफ है। 

कोर्ट ने यह भी कहा कि शपथ सिर्फ औपचारिकता नहीं है. यह जनता के प्रति एक गंभीर वादा है कि चुना हुआ प्रतिनिधि संविधान का पालन करेगा, कानून के मुताबिक काम करेगा, ईमानदारी से जनता की सेवा करेगा. इसलिए शपथ वही मानी जाएगी जो कानून में लिखे तरीके से ली गई हो। 

पार्षदों की सदस्यता पर क्या असर पड़ेगा?
हाई कोर्ट ने कहा कि शपथ गलत तरीके से ली गई थी, इसलिए वह वैध नहीं मानी जा सकती. लेकिन सिर्फ इस वजह से चुने हुए प्रतिनिधियों का जनादेश खत्म नहीं किया जाएगा. अदालत ने आदेश दिया है कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद, वडक्कनचेरी पंचायत सदस्य चार हफ्ते के भीतर दोबारा सही तरीके से शपथ लें. अदालत ने यह भी माना कि इन लोगों ने शायद यह सोचकर ऐसा किया कि उनका तरीका कानूनी रूप से सही है, इसलिए उन पर कोई सजा या जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। 

तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षदों के मामले में अदालत ने राहत दी है. कोर्ट ने कहा कि अब तक उनके द्वारा किए गए काम केरल म्युनिसिपैलिटी एक्ट की धारा 531 के तहत सुरक्षित रहेंगे. यानी उनकी अब तक की कार्रवाई सिर्फ शपथ की गलती के आधार पर रद्द नहीं होगी. लेकिन वडक्कनचेरी ग्राम पंचायत सदस्य के मामले में तस्वीर अलग है. कोर्ट ने कहा कि पंचायत राज एक्ट में ऐसी सुरक्षा का प्रावधान नहीं है, इसलिए उस सदस्य ने अब तक जो काम किए, वे अमान्य माने जाएंगे. हालांकि उसे भी दोबारा शपथ लेने का मौका दिया गया है। 

फैसले में नारायण गुरु की सीख और संविधान में दर्ज धर्मनिरपेक्षता का जिक्र करते हुए कहा गया कि लोग भगवान को भले ही अलग-अलग नामों से पुकारें, लेकिन कानूनन शपथ सिर्फ ईश्वर के नाम पर या सत्यनिष्ठा से ही ली जा सकती है. इसमें अपनी तरफ से कोई भी नाम जोड़ना ठीक नहीं है। 

 

CG में मानसून हुआ एक्टिव, अगले 2 दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में मानसून के दस्तक से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ ही बारिश का दौर भी जारी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन कई जिलों में गरज और चमक के साथ ही मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई है, तो चलिए जानते हैं कि आपके जिले में आज का मौसम कैसा रहेगा ?

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम ?
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के सभी संभागों के कुछ स्थानों पर मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ वर्षा हुई है। दंतेवाड़ा और रायगढ़ के एक-दो जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। मौसमी द्रोधणका राजस्थान से उत्तरी मध्य प्रदेश, दधिणी उत्तर प्रदेश, धिहार और झारखांड होते हुए गांगीय पधिम पश्चिम तक समुद्र तल पर बनी हुई है। मध्य प्रदेश के दधिण पूर्व भागों में ऊपरी हवा का चक्रवाती पररसांचरण समुद्र तल से 3.1 धकमी ऊपर धस्थत है।

प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम
प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की आशंका है। अगले 2 दिनों में प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। रायपुर शहर में 25 जून को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने, गरज-चमक के साथ बारिश तथा अंधड़ चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

साधारण परिवारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान, ट्राइबल यूथ हॉस्टल बन रहा प्रतिभाओं का सशक्त मंच

राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री

युवा शक्ति की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान – मुख्यमंत्री साय

मुख्य परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया सफलता का मंत्र, कहा- अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ही सबसे बड़ी पूंजी

दूरस्थ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई दमदार मौजूदगी

नई दिल्ली
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, सुदीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

चायत की आमसभा में बवाल, उपसरपंच से मारपीट; सरपंच पुत्र समेत कई लोगों पर आरोप

अभनपुर.

ग्राम पंचायत जौंदी में आयोजित आमसभा के दौरान उपसरपंच के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। उपसरपंच पोखन लाल यदु ने थाना गोबरा नवापारा में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच पुत्र सहित कई लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।

शिकायत के अनुसार, 24 जून को ग्राम पंचायत जौंदी में आमसभा आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर चर्चा हो रही थी। बताया गया कि सूची में कुल 169 हितग्राहियों के नाम थे, जिनमें से 120 लोगों के नाम शामिल नहीं होने पर कुछ ग्रामीणों द्वारा उपसरपंच पर नाम कटवाने का आरोप लगाया गया।

उपसरपंच का आरोप
उपसरपंच का आरोप है कि इसी बात को लेकर टोमन लाल साहू ने सभा में लोगों को उनके खिलाफ भड़काया। बैठक समाप्त होने के दौरान कथित रूप से उनका कॉलर पकड़कर पंचायत भवन के बाहर ले जाया गया, जहां चिंतामणि, टोमन साहू, मिथलेश साहू, अलखराम साहू, बैतल साहू, लेखराम साहू, प्रहलाद साहू और एस कुमार सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उनकी मोटरसाइकिल को भी गिरा दिया गया। घटना का वीडियो ग्रामीण चेतन साहू द्वारा बनाए जाने की बात भी कही गई है। उपसरपंच ने बताया कि मारपीट के कारण उनके जबड़े में चोट आई है और दर्द बना हुआ है।

मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
पोखन लाल यदु ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले हुई पंचायत बैठकों में भी उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट का प्रयास किया जा चुका है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पंचायत की आमसभा में हुई इस मारपीट की घटना पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

CM साय का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- सत्ता के अहंकार में कुचली गई संविधान की आत्मा

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संविधान हत्या दिवस पर कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिवस’ करार दिया।

CM साय ने तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार पर आपातकाल थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचला गया। MISA के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानी और पत्रकार जेल भेजे गए।

PM मोदी के फैसले का किया स्वागत
उन्होंने कहा कि 25 जून लोकतंत्र का काला दिवस है। आइए, हम सब मिलकर इस दिन संविधान की रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया।
25 जून 1975 – भारतीय लोकतंत्र का वह काला दिवस, जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता के अहंकार ने संविधान की आत्मा को कुचलकर पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया।

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा ने रचा इतिहास

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा ने रचा इतिहास

स्वर्ण पदक के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई

भोपाल

भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के प्रथम दिवस सायंकालीन सत्र में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी देव मीणा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पोल वॉल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

देव ने न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर भारतीय एथलेटिक्स में मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता के पहले ही दिन प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का अवसर प्रदान किया।

देव मीणा ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

पोल वॉल्ट स्पर्धा में देव मीणा ने 5.46 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। देव की इस उपलब्धि ने उन्हें देश के शीर्ष पोल वॉल्टरों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है।

एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई

राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाले देव मीणा ने आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी सफलता है, बल्कि मध्यप्रदेश और देश के लिए भी गर्व का विषय है।

प्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन

देव मीणा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

खेल मंत्री श्री सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने देव मीणा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देव आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

देव मीणा की यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है।

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर /नई दिल्ली
 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

चेतन से प्यार, केतन से नजदीकियां! आखिर सिया चाहती क्या थी? टीवी एक्ट्रेस का फूटा गुस्सा

 पुणे

पुणे के चर्चित लोहगढ़ हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं. पुलिस जांच में अब मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके परिवार की पृष्ठभूमि को भी खंगाला जा रहा है. जानकारी के अनुसार, सिया गोयल पुणे के गंगाधाम इलाके स्थित न्यू एरा सोसायटी में अपने परिवार के साथ रहती थी. उसके परिवार में माता-पिता और एक भाई शामिल हैं। 

जांच में यह भी पता चला है कि सिया और चेतन की पहली मुलाकात पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में हुई थी. इसी मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया. पुलिस अब दोनों के रिश्तों, कॉल रिकॉर्ड, मुलाकातों और आपसी संवाद से जुड़ी जानकारियों को खंगाल रही है। 

फूटा टीवी एक्ट्रेस का गुस्सा, सिया पर एक्शन की डिमांड
 केतन अग्रवाल की मौत ने सनसनी मचाई हुई है. 26 साल के लड़के की मौत लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हुई. वो पहाड़ी से नीचे गिर पड़े, जिसमें उनकी जान चली गई. पहले इसे महज एक हादसा बताया जा रहा था. लेकिन फिर ये बात सामने आई कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने लवर चेतन चौधरी के साथ केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का दिया। 

इस घटना ने हर किसी को हैरानी में डाल दिया है. सभी सिया से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया है. टीवी सेलेब्स भी अपनी नाराजगी बयां करते दिख रहे हैं. हिना खान के बाद अब आंचल खुराना ने केतन अग्रवाल के साथ जो कुछ हुआ, उसपर दुख जताया है. आंचल ने सिया को लेकर भी बड़ी बात कह डाली है। 

रोडीज विनर ने जताई नाराजगी
अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करके आंचल खुराना ने कहा- केतन अग्रवाल सिर्फ 26 साल का लड़का था. एक करोड़पति बाप के बेटे की एक करोड़पति बाप की बेटी से अरेंज मैरिज फिक्स होती है. दोनों परिवार एक-दूसरे के करीबी हैं, तो वो अपने बच्चों की भी शादी तय कर लेते हैं. लेकिन जो बेटी है उसका चेतन के साथ अफेयर चल रहा होता है. आप ये बात अपने पेरेंट्स से कह सकती थीं, आप अपने मंगेतर को ये बात बता सकती थीं. लेकिन उसने केतन को पहाड़ी से नीचे फेंकना सही समझा। 

‘यार ये सिर्फ लड़का या लड़की की बात नहीं है. मैं ये कहना चाह रही हूं कि इस पीढ़ी को हो क्या गया है? हमें किसी पर भी अत्याचार नहीं करना चाहिए. सिया के अंदर केतन को मारने की हिम्मत आई, लेकिन अपने माता-पिता को अफेयर का सच बताने की हिम्मत नहीं थी. क्या तुम सीरियस हो? तुम उसके घर से भाग सकती थी, कुछ और कर सकती थी. किसी को मारने की क्या जरूरत थी? ये आखिर हो क्या रहा है? मेरे हिसाब से उस लड़की को भी उसी खाई से धक्का दे देना चाहिए. इस मामले में कोई कोर्ट केस भी नहीं होना चाहिए। 

 सिया आखिर चाहती क्या थी? 
 पुणे के बहुचर्चित लोहगढ़ किला केस का सबसे चर्चित नाम. एक ऐसी लड़की, जिसकी जिंदगी में एक तरफ केतन अग्रवाल था, जिससे कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी, तो दूसरी तरफ चेतन था, जिसके साथ उसके अफेयर की बात पुलिस जांच का हिस्सा बन चुकी है। 

पुणे के गंगाधाम इलाके की न्यू एरा सोसायटी में रहने वाली सिया एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती है. उसके पिता प्रवीण गोयल ड्राय फ्रूट और मसालों के कारोबार से जुड़े हैं. परिवार की छवि समाज में सम्मानित मानी जाती है जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में सिया की मुलाकात केतन से हुई थी. बताया जाता है कि पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता चला गया. वहीं दूसरी ओर पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पिछले छह महीनों में सिया और चेतन के बीच 2,004 कॉल हुईं और कुल मिलाकर लगभग 238 घंटे बातचीत हुई. कुछ कॉल दो से तीन घंटे तक लगातार चली थीं. पुलिस का मानना है कि यह लंबी बातचीत कथित साजिश की तैयारी का भी हिस्सा हो सकती है।  

11 फरवरी को हुई मुलाकात, 19 को रोका 
दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान सिया के परिवार ने उसके लिए जीवनसाथी की तलाश भी शुरू कर दी थी. इसी क्रम में अग्रवाल परिवार से रिश्ता तय हुआ. 11 फरवरी को दोनों परिवारों की मुलाकात हुई, 19 फरवरी को रोका सम्पन्न हुआ और 25 नवंबर को शादी की तारीख भी तय कर दी गई. घरों में तैयारियां शुरू हो चुकी थीं. भविष्य के सपने बुने जा रहे थे. परिवार का कहना है कि सिया केवल नाम की होने वाली बहू नहीं थी, बल्कि परिवार का हिस्सा बन चुकी थी. वह कई बार उनके घर आई. होली के अवसर पर आई, पूजा-पाठ में शामिल हुई, पूरा दिन परिवार के साथ बिताया. बातचीत में अपनापन दिखाती थी. किसी को यह आभास तक नहीं हुआ कि उसके मन में कुछ और भी चल रहा है। 

केतन की मां ने मान लिया था बहू 
केतन की मां आज भी इसी बात को याद कर भावुक हो जाती हैं. उनका कहना है कि उन्होंने सिया को बहू मान लिया था. वह घर आती थी, परिवार के साथ घुल-मिलकर रहती थी, इसलिए कभी शक नहीं हुआ. उनका आरोप है कि यदि रिश्तों की वास्तविक स्थिति पहले बता दी जाती तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता. एक तरफ शादी की तैयारियां चल रही थीं, दूसरी तरफ पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन लगातार संपर्क में थे. जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर दोनों के बीच किस तरह का रिश्ता था. परिजनों का दावा है कि दोनों की मुलाकातें होती थीं और वे एक-दूसरे के काफी करीब थे. सोशल मीडिया और जांच से जुड़े कुछ वीडियो भी चर्चा में हैं, जिनमें दोनों को साथ देखा गया है.  इसी बीच केतन के परिवार ने एक और गंभीर दावा किया है. उनका आरोप है कि 14 जून को भी सिया, केतन को लेकर लोहगढ़ किले गई थी. वहां कथित रूप से एक ऐसी घटना हुई, जिसे परिवार हत्या की पहली कोशिश मान रहा है। 

ड्राई फ्रूट का कारोबार करते हैं सिया के पिता
बताया जा रहा है कि सिया के पिता प्रवीण गोयल शहर में ड्राई फ्रूट और मसालों के कारोबार से जुड़े हुए हैं और उनका अपना व्यापारिक प्रतिष्ठान भी है. जांच एजेंसियां परिवार से जुड़े तथ्यों और मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। 

वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए चेतन के बारे में भी कई जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों के मुताबिक चेतन भी ड्राई फ्रूट के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था. उसने बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी. फिलहाल पुलिस उसके पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। 

अधिकारियों का मानना है कि मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए दोनों के बीच संबंधों की प्रकृति और घटनाओं के क्रम को समझना बेहद जरूरी है. इसी वजह से जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी सबूतों की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी हैं. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और मामले से जुड़े हर तथ्य को सत्यापित करने का प्रयास किया जा रहा है। 

साबित हुआ आखिर सफर 
परिवार के मुताबिक, उस दिन किले के एक हिस्से में खड़े होने के दौरान केतन को पीछे की ओर धक्का लगा था. वह नीचे की ओर खिसक गया, लेकिन झाड़ियों में हाथ फंस जाने के कारण उसकी जान बच गई. परिवार का कहना है कि बाद में सिया ने सांप आया… सांप आया कहकर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश की.  परिजनों के अनुसार, 19 जून को सिया का जन्मदिन था. जन्मदिन मनाने की बात कहकर उसने 18 जून को केतन को लोहगढ़ किले चलने के लिए कहा. सुबह करीब साढ़े आठ बजे दोनों वहां के लिए निकले. परिवार को लगा कि होने वाले पति-पत्नी घूमने जा रहे हैं. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर केतन की जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. करीब 10:45 बजे फोन आया कि केतन किले की घाटी में गिर गया है. परिवार तुरंत मौके के लिए रवाना हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. केतन की मौत हो चुकी थी। 

सिया के चेहरे पर नहीं थी सिकन 
केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि शुरुआत से ही उन्हें यह घटना हादसा नहीं लगी. उनका आरोप है कि घटनास्थल की परिस्थितियां और बाद की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं. परिवार का दावा है कि जब उन्होंने केतन का शव देखा, तब भी सिया के चेहरे पर वैसा दुख दिखाई नहीं दिया. केतन की मां कहती हैं कि जिस बेटे को उन्होंने लाड़-प्यार से बड़ा किया, जिसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं, वह अचानक उनसे छिन गया. उनकी आवाज में दर्द साफ झलकता है. वह कहती हैं कि केतन हर बात उनसे साझा करता था, लेकिन शायद वह भी नहीं समझ पाया कि उसके आसपास क्या चल रहा है। 

उधर पुलिस तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी है. कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल का पुनर्निर्माण और संबंधित लोगों से पूछताछ लगातार जारी है. जांच एजेंसियां हर उस कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं, जो इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई तक पहुंचा सके. लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अभी भी वही है, जो लाखों लोगों के मन में घूम रहा है. अगर सिया की जिंदगी में चेतन था, जिससे वो प्यार करती थी तो केतन से शादी को क्यों तैयार  हो गई. पुलिस अब यह जांच कर  रही है कि आखिर वह चाहती क्या थी? वैसे तो इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. जवाब शायद जांच पूरी होने के बाद मिलेगा। 

 

 

गर्व नहीं मर्म प्राथमिकता:- डॉ वर्णिका शर्मा

गर्व नहीं मर्म प्राथमिकता:- डॉ वर्णिका शर्मा

मजदूरी के अंधेरे से शिक्षा की रोशनी तक, आयोग का संवेदनशील और सफल प्रयास – डॉ वर्णिका शर्मा

बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए 13 बैगा बच्चों की शिक्षा में हुई वापसी- डॉ वर्णिका शर्मा

रायपुर 
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संवेदनशील प्रयासों और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) बैगा समुदाय के 13 बच्चों को न केवल बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया, बल्कि उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मई 2026 में कबीरधाम जिले के भोरमदेव क्षेत्र के थुहापानी गांव तथा कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास स्थित पशुपालन फार्मों में मानव तस्करी और बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया था। 8 से 15 वर्ष आयु के 13 बैगा आदिवासी बच्चों को कथित रूप से परिवारों को आर्थिक प्रलोभन देकर ले जाया गया था और उनसे मवेशी चराने सहित विभिन्न कार्य कराए जा रहे थे। बच्चों से सुबह से देर रात तक काम लिया जाता था तथा उन्हें उचित मजदूरी और मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं।

मामले की जानकारी मिलने पर कवर्धा पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्डलाइन तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) के संयुक्त अभियान के माध्यम से सभी 13 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस प्रकरण में पुलिस ने 2 मानव तस्करों एवं 6 नियोक्ताओं सहित कुल 8 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की। मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता दी। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर संबंधित विभागों से लगातार जानकारी ली गई तथा यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए कि कोई भी बच्चा दोबारा शोषण का शिकार न हो।

आयोग के निर्देशों के पालन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बोड़ला द्वारा 10 जून 2026 को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार रेस्क्यू किए गए सभी 13 बैगा बच्चों का विद्यालयों में पुनः प्रवेश करा दिया गया है। साथ ही उन्हें शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इस अवसर पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि हर बच्चे का बचपन, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उसका संवैधानिक अधिकार है। बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी जैसी अमानवीय घटनाओं के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है। इन बच्चों की स्कूल वापसी केवल प्रवेश की औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके सपनों, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य की पुनर्स्थापना है।

राजनांदगांव में 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा, संचालक गिरफ्तार

राजनांदगांव में 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा, संचालक गिरफ्तार

राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध आईटीसी का मामला उजागर

रायपुर
राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है।

विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका लाभ हस्तांतरित किया गया।

जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। विभाग के अनुसार यह पूरा लेन-देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है।

जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।

प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है।

राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा तथा फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी जैसे अवैध कृत्यों पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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