LPG और पेट्रोल-डीजल की चिंता खत्म! भारत ने चुपचाप अगस्त तक का तेल कोटा किया फुल

नई दिल्ली
 मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर ईंधन की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. लेकिन इस संकट के बावजूद भारत में रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं होने वाली है. इसका कारण यह है कि भारतीय रिफाइनरियों ने बेहद सूझबूझ के साथ देश में कम-से-कम अगस्त 2026 तक के लिए कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) का इंतजाम कर लिया है। 

उद्योग सूत्रों के अनुसार, भारतीय कंपनियों ने हाल के हफ्तों में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) और अन्य वैश्विक विक्रेताओं से कच्चे तेल और एलपीजी की रिकॉर्ड खरीद की है. इस वजह से अगस्त तक की घरेलू जरूरतों को पूरा करने करने की व्‍यवस्‍था हो गई है। 

ऐसे आ रहा है तेल
सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए भारतीय रिफाइनरियां भारतीय कंपनियां फ्री-ऑन-बोर्ड (FOB) आधार पर समंदर के बीचों-बीच ही एक जहाज से दूसरे जहाज में क्रूड और एलपीजी ट्रांसफर करके खेप उठा रही हैं.इसे शिप-टू-शिप (Ship-to-Ship) ट्रांसफरकहते हैं. इसके लिए एडीएनओसी अपने फुजैराह स्टोरेज, जिर्कू और दास द्वीप (Das Island) से कच्चे तेल की खेप भारतीय रिफाइनरियों को उपलब्‍ध करा रहा है. इसके अलावा मलेशिया और ओमान के सोहार क्षेत्र में भी यह री-लोडिंग सुविधा दी जा रही है. भारत के लिए एलपीजी की मुख्य लोडिंग सोहार से की जा रही है। 

भारतीय रिफाइनरी के एक अधिकारी ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि भारत के पास अब एलपीजी का कम-से-कम जुलाई के मध्य तक का पर्याप्त स्टॉक है और कच्चे तेल को लेकर भी अगस्त तक कोई समस्या नहीं होगी। 

HPCL ने खरीदा 40 लाख बैरल मुरबान क्रूड
सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पो
रेशन लिमिटेड (HPCL) धड़ाधड़ तेल खरीद रही है. व्यापारिक सूत्रों के ने बताया कि एचपीसीएल ने अगस्त डिलीवरी के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से 40 लाख बैरल मुरबान (Murban) क्रूड की बड़ी खेप खरीदी है. यह सौदा टोटलएनर्जीज की ट्रेडिंग शाखा टोट्सा और ‘मर्कुरिया’ के जरिए जुलाई के डेटेड ब्रेंट बेंचमार्क से करीब 40 सेंट प्रति बैरल प्रीमियम पर तय हुआ है. इससे ठीक एक हफ्ते पहले HPCL ने अपनी 1.80 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली राजस्थान रिफाइनरी के लिए ब्राजील और पश्चिम अफ्रीका से भी 20 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा था। 

लैटिन अमेरिका और अफ्रीका से आ रहा तेल
केवल एचपीसीएल ही नहीं, बल्कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और मैंगलोर रिफाइनरी (MRPL) जैसी अन्य दिग्गज भारतीय कंपनियों ने भी स्पॉट टेंडर के जरिए ताबड़तोड़ खरीदारी की है. मिडिल ईस्ट में युद्ध छिड़ने के बाद भारत ने समय रहते अपनी रणनीति बदलते हुए पारंपरिक खाड़ी देशों से निर्भरता घटाकर लैटिन अमेरिका और अफ्रीका से तेल का आयात बढ़ा दिया था. सऊदी अरब से भी भारत को लगातार बैकअप सपोर्ट मिलता रहा। 

नौसेना को अगले महीने मिलेगी बड़ी ताकत, पनडुब्बी किलर समेत दो वॉरशिप होंगे शामिल

मुंबई 
भारतीय नौसेना जुलाई में दो स्वदेशी युद्धपोतों को सेवा में शामिल करने की तैयारी कर रही है. 21 जून को तीन युद्धपोतों – INS दुनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय के ऐतिहासिक ट्रिपल कमीशनिंग के तुरंत बाद यह एक्सपेंशन हो रहा है. स्टेल्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि और एंटी-सबमरीन वारफेयर वेसल INS मालवन की कमीशनिंग जुलाई में होगी। 

INS महेंद्रगिरि: प्रोजेक्ट 17A का अंतिम और शक्तिशाली फ्रिगेट
INS महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट 17A नीलगिरी क्लास का सातवां और अंतिम जहाज है. इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है. विशाखापट्टनम में कमीशन किया जाएगा. यह जहाज भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण का प्रमुख मील का पत्थर है. इसमें लगभग 75 प्रतिशत पार्ट्स स्वदेशी हैं। 

नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया यह स्टेल्थ फ्रिगेट मल्टी-डायमेंशनल युद्ध के लिए तैयार है. इसमें एंटी-एयर, एंटी-सर्फेस और एंटी-सबमरीन क्षमताएं हैं. ब्रह्मोस मिसाइल और मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम से लैस यह जहाज दुश्मन के लक्ष्यों को दूर से भेदने में सक्षम है. एडवांस स्टेल्थ फीचर्स के कारण रडार पर पकड़ना मुश्किल है. लगभग 6700 टन वजन वाला यह जहाज हेलिकॉप्टर भी ऑपरेट कर सकता है। 

INS मालवन: तटीय क्षेत्रों का सबमरीन शिकारी
INS मालवन एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) प्रोग्राम का दूसरा जहाज है. कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया यह 80 मीटर लंबा और लगभग 1100 टन वजन का जहाज कोच्चि में कमीशन होगा. यह मुख्य रूप से तटीय जल क्षेत्रों में सबमरीन निगरानी और हमले के लिए डिजाइन किया गया है। 

जहाज टॉरपीडो, एंटी-सबमरीन रॉकेट, एडवांस्ड सोनार और आधुनिक रडार से सुसज्जित है. यह माइन वॉरफेयर और लो-इंटेंसिटी समुद्री अभियानों में भी सक्षम है. महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया यह जहाज 2003 तक सेवा दे चुके पुराने माइंसवीपर की विरासत को आगे बढ़ाएगा. इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है, जिसमें कई एमएसएमई इकाइयों द्वारा विकसित सिस्टम शामिल हैं। 

भारतीय महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां
हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियां, सबमरीन मूवमेंट और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. ऐसे में INS महेंद्रगिरि जैसे स्टेल्थ फ्रिगेट लंबी दूरी की पेट्रोलिंग और बहु-आयामी युद्ध के लिए उपयोगी होंगे. वहीं, INS मालवन तटीय सुरक्षा और सबमरीन खतरे से निपटने में मजबूती देगा। 

नौसेना का लक्ष्य 2026 में रिकॉर्ड संख्या में जहाज शामिल करना है. इससे बेड़े की संख्या 150 से ज्यादा हो जाएगी और समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी. 21 जून की ट्रिपल कमीशनिंग के बाद जुलाई में दो और स्वदेशी युद्धपोतों का शामिल होना भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण का सिलसिला जारी रखेगा। 

INS महेंद्रगिरि और INS मालवन समुद्री सुरक्षा को नई ऊंचाई देंगे. यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की कहानी को मजबूत करता है. आने वाले समय में और कई स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स जुड़ेंगे, जो हिंद महासागर में भारत की स्थिति को और मजबूत बनाएंगे। 

पुरी रथयात्रा 2026: रथ निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार, मूर्तिकारों की अद्भुत कलाकारी ने मोहा मन

 पुरी
 भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा के लिए तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। पुरी में रथों के निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ ली है, जहां पारंपरिक सेवक अपनी पूरी निष्ठा के साथ रथों को भव्य रूप देने में जुटे हैं।

रथ निर्माण की अद्यतन स्थिति 
रथों के निर्माण में तकनीकी और कलात्मक दोनों पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य महाराणा की देखरेख में साथी महाराणा और भोई सेवकों के सहयोग से निर्माण कार्य निरंतर जारी है।

        द्वार बेढ़ा और पटाबाड़िया: तीनों रथों के लिए निर्धारित 12 द्वार बेढ़ों में से प्रत्येक रथ के लिए दो-दो द्वार बेढ़ों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।  

वहीं, रथों की वेदी के चारों ओर ‘पटाबाड़िया’ (लकड़ी की घेराबंदी) का कार्य अंतिम चरण में है। 13 परस्त पोटल स्थापित होने के बाद, शेष चार कोनों पर भी जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा।

        कलात्मक नक्काशी: रूपकार सेवकों की मेहनत रथों की सुंदरता में चार चांद लगा रही है। तीनों रथों के 24 नाटगोड़ों में से 12 पर कंदर्प रूप की नक्काशी पूरी हो चुकी है।  

शेष 12 पर काम तेजी से चल रहा है, साथ ही पूर्ण हो चुकी प्रतिमाओं को पॉलिश और अलंकृत करने का काम भी जारी है।

        कलश और पंखुड़ी: रथों के बड़े कलश पेंडी और 32 पंखुड़ियों का निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है, जो रथों की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं।

तकनीकी और सुरक्षात्मक कार्य
निर्माण के साथ-साथ रथों की मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दोलवेदी स्थित अस्थायी कमारशाला में ओझा कमार सेवक रथों के जोड़ स्थानों के लिए लोहे के उपकरण तैयार कर रहे हैं। 

इसमें एल-क्लैम्प, यू-क्लैम्प और कलश कांटे शामिल हैं। इसके अलावा, पहियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महाराणा सेवकों द्वारा धुरी (पई) के जोड़ स्थानों पर नट-बोल्ट की सहायता से लोहे की प्लेटें फिट की जा रही हैं।

नाटगोड़ों पर चढ़ाया जा रहा रंगों का लेप 
चित्रकार सेवकों की सक्रियता ने रथों को जीवंत कर दिया है। पोटल पाराभाड़ी पर रंगाई का काम पूरा होने के बाद, अब पार्श्व देव-देवियों की प्रतिमाओं, शिखर डमरू, आंवला, उलट शुआ और नाटगोड़ों पर रंगों का लेप चढ़ाया जा रहा है। 

इन बाहरी सजावटों के साथ रथ अब धीरे-धीरे अपने दिव्य स्वरूप में ढल रहे हैं। विभिन्न सेवकों की इस सामूहिक सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट है कि रथयात्रा की तैयारियां अपने पूर्णता की ओर अग्रसर हैं, जिससे भक्तों में उत्साह का माहौल है। 

30 जून को बंद हो जाएंगे LPG कनेक्शन? इंडेन, HP और भारत गैस की चेतावनी से मचा हड़कंप

नई दिल्ली

सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि 30 जून 2026 के बाद इंडेन, भारत गैस और HP गैस के एलपीजी कनेक्शन काट दिए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने ऐसी कोई लास्ट डेट घोषित नहीं की है, लेकिन जिन इलाकों में PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी से PNG में शिफ्ट होने का दबाव जरूर बढ़ गया है।

क्या है नया LPG-PNG नियम?
केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे PNG अपनाने के लिए कहा गया है। साथ ही “नो ड्यूल कनेक्शन पॉलिसी” लागू की गई है। इसका मतलब है कि अगर किसी उपभोक्ता के घर में PNG कनेक्शन सक्रिय है, तो वह नया LPG कनेक्शन नहीं ले सकता और कई मामलों में LPG कनेक्शन सरेंडर करना पड़ सकता है।

क्या 30 जून डेड लाइन है?
मार्च 2026 के आदेश में PNG अपनाने के लिए 90 दिन का समय दिया गया था, जो जून के अंत में पूरा हो रहा है। हालांकि, अभी तक पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह नहीं कहा है कि 30 जून के बाद सभी LPG कनेक्शन स्वतः बंद कर दिए जाएंगे। यानी 30 जून को देशभर में LPG कनेक्शन काटे जाने की खबर पूरी तरह सही नहीं है, लेकिन जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां भविष्य में LPG सप्लाई पर प्रतिबंध या सीमाएं लगाई जा सकती हैं।

10 लाख से ज्या परिवारों ने छोड़ा LPG
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार मार्च 2026 से अब तक 10.02 लाख PNG कनेक्शन एक्टिव किए गए और 3.22 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ। इस दौरान लगभग 9.94 लाख नए उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इतना ही नहीं, करीब 1 लाख परिवार LPG छोड़कर PNG अपना चुके हैं।

सरकार PNG को क्यों बढ़ावा दे रही है?
सरकार का मानना है कि PNG लगातार गैस सप्लाई देता है और सिलेंडर बुकिंग की जरूरत नहीं होती। यह सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर है साथ ही डिलीवरी और परिवहन लागत कम करता है।

HPCL और Indian Oil की सलाह
HPCL ने उपभोक्ताओं से कहा है कि PNG “सुविधाजनक और निर्बाध” ऊर्जा समाधान है। वहीं इंडियन ऑयल ने भी पेट्रोलियम मंत्रालय के संदेश को साझा करते हुए PNG को क्लीन और ग्रीन फ्यूल बताया है।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

अगर आपके क्षेत्र में PNG सुविधा उपलब्ध है स्थानीय गैस डिस्ट्रिब्यूटर कंपनी से संपर्क करें और PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करें। LPG और PNG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने के नियमों की जानकारी लें। किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
क्या अभी LPG सिलेंडर बंद हो जाएंगे?

नहीं। फिलहाल इंडेन, भारत गैस और HP गैस के घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति जारी है। सरकार ने सिर्फ PNG को बढ़ावा देने और दोहरे कनेक्शन को रोकने की नीति अपनाई है। किसी भी बड़े कदम से पहले आमतौर पर अलग से आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी।

Rain Alert: भीषण गर्मी के बीच इन 7 राज्यों में अगले 7 दिन होगी मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली

उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले चार से पांच दिनों तक विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ में हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, अगले 48 घंटे के दौरान दक्षिण पश्चिम मॉनसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा के बाकी हिससों, छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के कुछ इलाकों में पहुंचने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके अलावा, इस हफ्ते पूर्वोत्तर भारत, उप हिमलयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। आज 22 जून को मेघालय में कहीं-कहीं से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

इन सात राज्यों में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, 22-28 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश होगी। इसमें से 22-26 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी है। 23-28 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, 22-24 जून और 24-28 जून के दौरान असम, मेघालय में, 22-23 जून और 26-28 जून के दौरान नगालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।

कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल में भी बारिश बरसात
दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 22-28 जून के दौरान, उत्तरी कर्नाटक में 22-25 जून के दौरान, दक्षिणी कर्नाटक में 23-24 जून के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 22-24 जून और 28 जून को रायलसीमा में 22-25 जून और 28 जून को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने वाली है। तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 22-28 जून के दौरान, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक में 26-28 जून, दक्षिणी कर्नाटक में 22 जून, 25-28 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 25-27 जून के दौरान रायसीमा में 26-27 जून के दौरान बहुत भारी बरसात होगी।

जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में बारिश का अलर्ट
वहीं, पूर्वी भारत की बात करें तो 22-28 जून के दौरान अंडमान-निकोबार द्वीप, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में, 22-23 जून और 26-28 जून के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, 28 जून को बिहार में, 22-23 जून के दौरान ओडिशा में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। 24-25 जून के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, 22-28 जून के दौरान झारखंड, 22-27 जून के दौरान बिहार, 24-28 जून के दौरान ओडिशा में कहीं कहीं बारिश होगी। वहीं, उत्तर भारत की बात करें तो 22 जून को जम्मू कश्मीर, लद्दाख में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। 23-28 जून के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 22-28 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में कहीं कहीं छिटपुट बारिश होगी। 22-26 जून के दौरान जममू कश्मीर, 22-25 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने वाली हैं। साथ ही, 22-26 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश में तेज हवाएं चलने वाली हैं। 22-26 जून के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में, 24 जून को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की संभावना है। साथ ही, 25-28 जून के दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाएं चलने वाली हैं। 22 जून को हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में कहीं-कहीं ओले गिरेंगे।

पश्चिम बंगाल का बड़ा फैसला! हासीमारा और कलाईकुंडा एयरबेस को मिली 62 एकड़ जमीन, पूर्वी सीमा होगी और मजबूत

कलकत्ता

पूर्वी भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने हसीमारा एयर फोर्स स्टेशन के लिए 25 एकड़ और कलाईकुंडा एयर फोर्स स्टेशन के लिए 37 एकड़ जमीन आवंटित करने का फैसला किया है। 

यह जमीन दोनों एयरबेस के बुनियादी ढांचे के विस्तार, नई सुविधाओं और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल होगी. यह कदम भारत की पूर्वी हवाई सुरक्षा व्यवस्था को नई ताकत देगा, खासकर चीन की सीमा के करीब। 

हसीमारा एयरबेस: राफेल और S-400 का गढ़
हसीमारा एयरबेस अलीपुरद्वार जिले में भूटान सीमा के पास स्थित है. यह भारतीय वायुसेना का बेहद महत्वपूर्ण फॉरवर्ड बेस है. यहां राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट की दूसरी स्क्वाड्रन तैनात है, जो पूर्वी क्षेत्र और भारत-चीन सीमा पर भारत की लड़ाकू क्षमता को बहुत बढ़ाती है। 

राफेल बेहद आधुनिक मल्टीरोल फाइटर है जो लंबी दूरी तक हमला कर सकता है. दुश्मन के रडार से बच सकता है. हवा से हवा, हवा से जमीन दोनों तरह के मिशन कर सकता है. सूत्रों के अनुसार इस बेस पर S-400 ट्रायम्फ लंबी दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम भी मौजूद हैं. सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है। 

1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद 1963 में इस बेस को सक्रिय किया गया था. चुम्बी घाटी त्रिजंक्शन के पास होने के कारण यह सिलीगुड़ी कॉरिडोर और पूर्वी हिमालय क्षेत्र की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है. अतिरिक्त जमीन मिलने से यहां रनवे सुविधाएं, हैंगर, रखरखाव कार्यशालाएं और सैनिकों की आवास व्यवस्था बेहतर होगी.

कलाईकुंडा एयरबेस: ट्रेनिंग और ऑपरेशन का प्रमुख केंद्र
पश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित कलाईकुंडा एयरबेस पूर्वी एयर कमांड के तहत एक बड़ा फाइटर और ट्रेनिंग हब है. यहां Su-30 MKI और हॉक ट्रेनर एयरक्राफ्ट तैनात रहते हैं. यह बेस अंतरराष्ट्रीय एयर एक्सरसाइज के लिए भी प्रसिद्ध है, खासकर सिंगापुर एयर फोर्स के साथ हुए कई द्विपक्षीय अभ्यास यहां हो चुके हैं। 

कलाईकुंडा की रनवे लगभग 10,000 फीट लंबी है, जो फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट दोनों को संभाल सकती है. मिली 37 एकड़ जमीन से यहां लॉजिस्टिक्स, आवास, रखरखाव और सपोर्ट सुविधाएं बढ़ेंगी. यह विकास गेम चेंजर साबित होगा क्योंकि शांति और युद्धकाल दोनों में यहां तैनाती बदलती रहती है। 

राफेल और S-400 का संयोजन हसीमारा को दुश्मन के लिए बहुत खतरनाक बना देता है. S-400 सिस्टम 400 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के विमान, मिसाइल और ड्रोन को नष्ट कर सकता है. राफेल इस डिफेंस को आक्रामक ताकत देता है। 

पूर्वी क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच इन बेसों का विस्तार जरूरी है. दोनों बेस सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी देश से जोड़ता है। 

पूर्वी कमान की तैयारियों में तेजी
भारतीय वायुसेना पूर्वी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रही है. हसीमारा और कलाईकुंडा के विस्तार के साथ-साथ नए रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और लॉजिस्टिक सपोर्ट को मजबूत किया जा रहा है. यह विकास न सिर्फ चीन बल्कि समग्र क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार रहने में मदद करेगा। 

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जमीन आवंटन से रक्षा मंत्रालय और वायुसेना को तेजी से काम करने में आसानी होगी. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा क्योंकि बुनियादी ढांचे के निर्माण में स्थानीय कंपनियां और मजदूर शामिल होंगे। 

पूर्वी भारत की भौगोलिक स्थिति काफी संवेदनशील है. भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और चीन की सीमाएं यहां करीब हैं. इन बेसों का मजबूत होना न सिर्फ हवाई श्रेष्ठता बल्कि थल सेना और नौसेना के साथ समन्वय में भी मदद करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध में एयरबेस सिर्फ विमान उड़ाने के स्थान नहीं रह गए हैं. ये कमांड सेंटर, ड्रोन बेस, लॉजिस्टिक हब और इंटेलिजेंस यूनिट का काम भी करते हैं. अतिरिक्त जमीन इन बहु-उद्देशीय क्षमताओं को विकसित करने में उपयोगी होगी। 

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा हसीमारा और कलाईकुंडा एयरबेस के लिए जमीन आवंटित करना पूर्वी भारत की सुरक्षा दृष्टि से एक महत्वपूर्ण फैसला है. राफेल और S-400 जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों के साथ इन बेसों का विस्तार भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में मजबूती देगा. आने वाले समय में इन बेसों की क्षमता बढ़ने से वायुसेना की तैयारियां और बेहतर होंगी तथा देश की समग्र रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई मिलेगी। 

MLC चुनाव में महायुति का जलवा! 17 में 16 सीटें जीतकर उद्धव-शरद और कांग्रेस का किया सूपड़ा साफ

 मुंबई

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस-उद्धव ठाकरे और शरद पवार की पार्टी का खाता नहीं खुला जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति ने क्लीन स्वीप करने में कामयाब रही. 17 एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में 16 सीटें बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी जीतने में सफल रही है और एक सीट बीजेपी के बागी उम्मीदवार ने जीती है। 

विधान परिषद (एमएलसी) की कुल 17 सीटों में से 6 सीटों पर उम्मीदवारों पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं जबकि बाकी 11 सीटों पर नतीजे सोमवार को आए हैं। 

महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की सियासी बगावत बीच आए एमएलसी चुनाव ने विपक्ष को दोहरा झटका दिया है. एक तरह उद्धव ठाकरे की पार्टी पहले ही टूट चुकी है और अब एमएलसी चुनाव में उसका खाता भी नहीं खुल सका. नागपुर में जरूर बड़ा सियासी उल्टफेर हुआ है, जहां एकनाथ शिंदे की पार्टी को बीजेपी के बागी उम्मीदार से मात खानी पड़ी है। 

महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव के नतीजे
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में सांगली-सातारा, नागपुर, भंडारा गोंदिया, अमरावती और धाराशिव में बीजेपी जीतने में सफल रही है तो शिवसेना के मुस्लिम उम्मीदवार सईद खान ने परभणी हिंगोली में जीत दर्ज की है. नासिक सीट पर शिंदे गुट वाले शिवसेना को तगड़ा झटका लगा। 

वहीं, 6 सीट पर ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिसमें विक्रम काकड़े (पुणे), प्राजक्त तनपुरे (अहिल्यानगर), रवींद्र फाटक (ठाणे), अनिकेत तटकरे (कोंकण), दुष्यंत चतुर्वेदी (यवतमाल) और अरुण लखानी (वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर) शामिल है. निर्विरोध चुनाव जीतने वाले सभी उम्मीदवार सत्ता पक्ष के हैं। 

नागपुर से लेकर नासिक और नांदेड़ तक
नांदेड़ की विधान परिषद सीट पर बीजेपी के अमरनाथ राजुरकर जीतने में सफल रहे. उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी रामदास पाटिल को हराया है। 

 नागपुर एमएलसी सीट के लिए उपचुनाव हुए हैं, जहां पर बीजेपी के डॉ राजीव पोतदार जीते और कांग्रेस के अतुल लोंढे हार गए हैं. पोतदार ने कांग्रेस के अतुल लोंढे को 552 वोटों के अंतर से हराया. पोतदार को 682 वोट मिले, जबकि लोंढे को सिर्फ़ 130 वोटों से संतोष करना पड़ा.धाराशिव-लातूर-बीड क्षेत्र से बीजेपी के बसवराज पाटिल ने कांग्रेस के महेश देशमुख को 721 वोटों से हराया. पाटिल को 845 वोट मिले जबकि देशमुख को सिर्फ़ 124 वोट मिले। 

भंडारा-गोंदिया सीट से भाजपा के अविनाश ब्राह्मणकर जीते और  कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी  नरेश ईश्वरकर हार गए हैं. इसी तरह से छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट से भाजपा के सुहास शिरसाट जीते हैं और शिवसेना (यूबीटी) के हारे गणेश लोखंडे हार गए हैं। 

परभणी-हिंगोली सीट से शिवसेना के सईद खान जीते,  उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी के प्रत्याशी डॉ. विवेक नावंदर को मात दी है। 

जलगांव: भाजपा के नंदकिशोर महाजन जीते, हारे शरद तायडे (शिवसेना उद्धव गुट)
सांगली-सतारा: भाजपा के धैर्यशील कदम जीते, हारे अभयसिंह जगताप (एनसीपी शरद पवार गुट)
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शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला! मदरसा शिक्षा बजट में भारी कटौती, अब आधे से भी कम हुआ आवंटन

 कोलकाता

पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए आज का दिन काफी अहम है. आज राज्य की बीजेपी सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया है. शुभेंदु सरकार में वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने वित्ती वर्स 2026-27 के लिए सदन में बजट पेश किया. इस बार बंगाल में मदरसा एजुकेशन का बजट घटाकर आधा कर दिया गया है। 

सदन में बजट पेश करते हुए स्वपन दासगुप्ता ने कहा, हमारा टारगेट विकसित भारत और विकसित बंगाल है. मैं घोषणा करता हूं कि सभी मौजूदा और चल रही सामाजिक योजनाएं जारी रहेंगी. हम जिम्मेदार होंगे और पारदर्शिता के साथ कानून का पालन करेंगे. हमें लोगों का भरोसा जीतना होगा। 

गुप्ता ने आगे बताया, हम इमरजेंसी हेल्पलाइन के लिए डायल 112 शुरू कर रहे हैं. कांथी में एक नया पुलिस जिला होगा. कुछ नई नगर पालिकाएं खोली जाएंगी. नए फायर स्टेशन भी खोले जाएंगे। 

मतलब यह कि 3548 करोड़ रुपये की कटौती वित्त वर्ष 2026-27 में अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसों के लिए की गई है, जो कि बड़ी कटौती है. इस साल के बजट में इस फंड को आधे से भी कम कर दिया गया है. वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 में इस विभाग के लिए 2,165.42 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा. जानकारी के मुताबिक, बंगाल में करीब 614 मान्यता प्राप्त सरकार मदरसे हैं. इनमें करीब साढ़े 4 लाख छात्र पड़ते हैं। 

बंगाल में शुभेंदु सरकार का पहला बजट
बंगाल में बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत की वृद्धि, सभी प्रमुख सामाजिक योजनाओं को जारी रखने और एक लाख सरकारी रिक्तियों को भरने का वादा किया है.  वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में राज्य का वार्षिक बजट पेश करते हुए अपनी घोषणाओं के जरिये राजकोषीय अनुशासन और कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। 

सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाया
स्वप्नदास गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों को मिलने वाली महंगाई राहत में वृद्धि एक अक्टूबर से प्रभावी होगी और कुल डीए 38 प्रतिशत हो जाएगा. नई सरकार के रोजगार लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में एक लाख रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा, जिनमें एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे.

पिछली सरकार के मुकाबले आधे से भी कम बजट
वहीं, स्वप्नदास गुप्ता ने बताया कि बंगाल में बीजेपी सरकार ने माइनॉरिटी अफेयर्स और मदरसा एजुकेशन के लिए 2165 करोड़ रुपए कर दिए हैं. ये रकम पिछली TMC सरकार की तुलना में आधी से भी कम है. बता दें कि तत्कालीन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए माइनॉरिटी अफेयर्स और मदरसा एजुकेशन के लिए 5713 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। 

अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़
उन्होंने कहा कि सभी मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखा जाएगा. उन्होंने अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए. महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा प्रदान करने के लिए 550 करोड़ रुपये की घोषणा करते हुए कहा कि इस योजना को सुगम बनाने के लिए जल्द ही ‘पिंक कार्ड’ प्रणाली शुरू की जाएगी। 

वित्त मंत्री बोले- पिछली सरकार ₹8.15 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ गई
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार को पिछली सरकार से 8.15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज का बोझ विरासत में मिला है। वित्तीय अनुशासन को बहाल करना और शासन में जनता का विश्वास जीतना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक ढांचा तैयार करना हमारी सोच का मुख्य आधार है और हमें शासन व्यवस्था में लोगों का भरोसा वापस कायम करना होगा।

बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा।

इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा की ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।

बंगाल सरकार के 10 बड़े फैसले…
BSF को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपना– भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और बाड़ (फेंसिंग) लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 एकड़ जमीन 45 दिनों के भीतर दी जाएगी, जिससे सीमा से जुड़ा पुराना विवाद खत्म होगा।

बंगाल में CAA की प्रक्रिया शुरू- CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा। पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी।

आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाओं को लागू करना- पश्चिम बंगाल सरकार अब केंद्र सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ योजना से जुड़ गई है, जिसके तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।

जनगणना को शुरू करने का फैसला- राज्य में काफी समय से अटकी पड़ी जनगणना को तुरंत शुरू करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जून 2025 के इस आदेश पर पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था।

सरकारी नौकरियों की उम्र सीमा में छूट- सरकारी नौकरियों और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने आवेदन की उम्र सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला किया है।

अफसरों को केंद्रीय ट्रेनिंग पर भेजने की मंजूरी– पुरानी नीति को बदलते हुए अब राज्य के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और डब्लूबीपीएस (WBPS) अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी गई है।

भारतीय न्याय संहिता को अपनाना– सरकार ने राज्य में नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों (जैसे भारतीय न्याय संहिता) को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। ये कानून पुराने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह लेंगे, जिन्हें पिछली सरकार ने राज्य में आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया था।

हिंसा पीड़ित बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को मदद- साल 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकारी नौकरी या आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार इन मामलों की दोबारा जांच कराने और पीड़ित परिवारों को पूरी कानूनी सहायता देने के लिए भी तैयार है।

धर्म आधारित कल्याणकारी योजनाओं को बंद किया- मदरसा विभाग और अन्य धर्मों से जुड़ी वित्तीय सहायता वाली योजनाओं को जून महीने से बंद करने का फैसला लिया गया है। सरकार अब बिना किसी भेदभाव के सबके लिए समान योजनाएं चलाएगी।

गोहत्या पर नया नोटिस- सरकार ने गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि बिना ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के किसी भी मवेशी-भैंस की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंध है।

मालदा बॉर्डर पर हाई वोल्टेज ड्रामा! घुसपैठियों को रोकने पहुंची BSF का 7000 लोगों ने घेरा रास्ता

कलकत्ता 

 पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अचानक स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गयी. सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह को पकड़ा और उन्हें वापस खदेड़ने (पुश-बैक) की कोशिश की. तभी सीमा के उस पार से बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और लगभग 5 से 7 हजार बांग्लादेशी नागरिकों की भारी भीड़ ने जीरो लाइन पर आकर इस कदम का कड़ा विरोध किया. हंगामा शुरू कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी और रेड फ्लैग (लाल झंडा) लगा दिया गया है। 

सुखदेवपुर गांव में घुसपैठ की कोशिश, ग्रामीणों ने BSF के साथ मिलकर संभाला मोर्चा
स्थानीय निवासियों के अनुसार, उथल-पुथल की शुरुआत तब हुई, जब करीब 15 बांग्लादेशी नागरिकों ने मालदा के सुखदेवपुर गांव में जबरन घुसने का प्रयास किया. गांव के पीयूष मंडल और चपला मंडल ने बताया कि इन घुसपैठियों को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीएसएफ के जवानों के साथ मिलकर उन्हें पीछे धकेल दिया। 

ग्रामीणों का आरोप- महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं असामाजिक तत्व
ग्रामीणों का आरोप है कि सीमा पार से आने वाले ये असामाजिक तत्व अक्सर भारतीय सीमा में घुसकर महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं. ग्रामीणों ने भारत सरकार से मांग की है कि सीमा के इस 1200 मीटर लंबे संवेदनशील हिस्से पर तुरंत फेंसिंग (कंटीले तारों की बाड़) लगायी जाये। 

भाजपा ने ममता बनर्जी पर बोला तीखा हमला
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद इस घटना से सियासत गरमा गयी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कौस्तुभ बागची ने इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद जब तृणमूल कांग्रेस के अपने सहयोगियों ने उनसे दूरी बना ली है, तो सीमा पार की विभाजनकारी ताकतों से मदद मांगी जा रही है. बागची ने कड़े शब्दों में कहा कि अब राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार है और घुसपैठ की ऐसी किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। 

 पैनिक न हों, बीएसएफ पर रखें भरोसा : सुकांत मजूमदार
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सीमावर्ती इलाके के नागरिकों से शांत रहने और किसी भी तरह के भ्रम या पैनिक में न आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. भारतीय नागरिकों को बीएसएफ की क्षमता पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। 

शांतनु ठाकुर बोले- जान-बूझकर बांग्लादेशियों को भारत में धकेला जा रहा
केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश की तरफ से जान-बूझकर अपने नागरिकों को भारत में धकेलने की साजिश रची जा रही है, जिसे कभी कामयाब नहीं होने दिया जायेगा. बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ‘घुसपैठ मुक्त बंगाल’ का वादा किया था और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन सौंपने का बड़ा फैसला लिया था। 

Bengal Budget: सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात, DA में 20% बढ़ोतरी; पहले बजट में बड़े ऐलान

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अपना पहला बजट पेश कर दिया. अपने पहले बजट में सरकार ने हर पक्ष को साधने की कोशिश की है. सरकार ने DA (महंगाई भत्ता) में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. साथ ही रिटायर्ड पत्रकारों को 5000 रुपये पेंशन दी जाएगी. बजट में उन लोगों को विशेष भत्ता में दिया जाएगा जिन्हें झूठे केस में जेल भेजा गया. साथ ही गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एक बार में 21,000 रुपये दिए जाएंगे. पिंक कार्ड भी शुरू किया जाएगा। 

वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली सरकार का 2026-27 का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि AI का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. हम पश्चिम बंगाल के लिए AI इम्पैक्ट प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं। 

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की पहल से ऑनलाइन परीक्षा, ऑनलाइन स्क्रूटनी, ऑनलाइन वेरिफिकेशन और ट्रैकिंग की जाएगी. यहां तक की रेत, कोयला और बोल्डर की नीलामी भी ऑनलाइन की जाएगी। 

वित्त मंत्री ने बताया कि प्रशासनिक सुधारों और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए बजट में कई अहम कदम उठाए गए हैं. राज्य के कांथी क्षेत्र को अब एक नया पुलिस जिला बनाया जाएगा. इसके अलावा जनता की सहूलियत के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुछ नई नगरपालिकाएं और नए फायर स्टेशन भी खोले जाएंगे। 

तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर अपना मुख्य ध्यान केंद्रित करेगा. इसके साथ ही राज्य में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन परीक्षा और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। 

राज्य की संस्कृति को सहेजने के लिए कोलकाता में एक नया सांस्कृतिक स्कूल स्थापित करने का ऐलान किया गया है. इसके अलावा स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से विधायकों को मिलने वाले एमएलए फंड (MLA Fund) को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 

विधानसभा के पटल पर बजट पेश करने से पहले सीएम और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की. बताया जा रहा है कि इस बार बजट की फाइलों को सहेजने के लिए बंगाल की परंपरा को ध्यान रखते हुए तैयार की गई हैं. ये फाइलें राज्य की पारंपरिक मैट (चटाई) और जूट से बनाई गई हैं, जो पर्यावरण अनुकूल और किफायती भी हैं। 

बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में खर्च के लिए MLA फंड की राशि में बढ़ोतरी की है. अब इसे 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है. जबकि नदी के कटाव के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया।

बंगाल बजट में शुभेंदु सरकार का बड़ा ऐलान
शुभेंदु सरकार ने राज्य में 1 लाख रिक्त पदों पर भर्ती करने का ऐलान किया है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन पदों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे महिला सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 

यह फैसला सीधे तौर पर ममता बनर्जी के लंबे समय से स्थापित “महिला कल्याण और महिला सशक्तिकरण” वाले राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है. यदि नई BJP सरकार 1 लाख सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण महिलाओं को देती है, तो वह कल्याणकारी सहायता से आगे बढ़कर आर्थिक सशक्तिकरण का नैरेटिव बनाना चाहेगी। 

कर्मचारियों को 20% DA की सौगात; पत्रकारों के लिए भी बड़ा ऐलान
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा, ‘हम भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था विकसित करना चाहते हैं’ और नई सरकार का लक्ष्य एक विकसित तथा भविष्य के लिए तैयार बंगाल बनाना है। 

बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है. इसके बाद कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. सरकार ने राज्य परिवहन निगम के बस कंडक्टरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का भी ऐलान किया है. वहीं, सेवानिवृत्त पत्रकारों को हर महीने 5,000 रुपये पेंशन देने की घोषणा ने भी ध्यान खींचा है. इन फैसलों से लाखों कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पत्रकार समुदाय को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। 

 

5 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग लागू करने का था वादा
भाजपा ने चुनाव से पहले वादा किया था कि सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का बकाया DA देने का भी वादा किया गया था।

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