8वें वेतन आयोग में DA मर्जर पर बड़ी चर्चा, कर्मचारियों की सैलरी को लेकर आया नया अपडेट

नई दिल्ली

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई से निपटने में मदद के लिए नियमित तरीके से महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी का लाभ दिया जाता है, लेकिन अब आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज होने से कर्मचारी संघ इससे भी बड़ी मांग कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में शामिल कर दिया जाए। 

8वें वेतन आयोग के तहत मांग
यह मांग आठवें वेतन आयोग की चल रही परामर्श प्रॉसेस के तहत किया गया है. अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी संघ (AINPSEF) सहित कर्मचारी संगठनों द्वारा दिए गए अपडेट के दौरान सामने आई है। 

सैलरी का हिस्‍सा बनाने की मांग
आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं पर अपनी खास कवरेज के दौरान, इंडिया टुडे डॉट इन को पता चला है कि यूनियन का मानना ​​है कि महंगाई भत्ता (डीए) का वर्तमान स्तर यह बताता है कि पिछले कुछ सालों में जीवन यापन की लागत में कितनी तेजी से बढ़ोतरी हुई है और अब इसे संशोधित सैलरी स्‍ट्रक्‍चर का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। 

सैलरी और पेंशन होगा प्रभावित
यह मुद्दा महत्वपूर्ण है क्योंकि महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में शामिल करने से लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और रिटायर बेनिफिट्स सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। 

महंगाई भत्ता क्या है?
       महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए भुगतान की जाने वाली एक अतिरिक्त राशि है. आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ता (डीए) में संशोधन करती है ताकि कर्मचारी अपनी क्रय शक्ति को आंशिक रूप से बनाए रख सकें। 

दो बार बढ़ता है महंगाई भत्ता  
महंगाई के आंकड़ों के आधार पर महंगाई भत्ते में आमतौर पर साल में दो बार संशोधन किया जाता है. मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनके मूल वेतन से अलग से महंगाई भत्ता (डीए) दिया जाता है। 

कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई NCJCM बैठक

 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर रोजना नए – नए अपडेट्स सामने आ रहे हैं। लगातार मीटिंग का दौर जारी है। लाखों सरकारी कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगी की नजरें इस बात पर जमी हुईं हैं कि सरकार मिनिमम पेंशन से लेकर फिटमेंट फैक्टर कितना रखती है। इसी बीच नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM) की 49वीं बैठक कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में हुई। इसमें कर्मचारी संघों और सरकारी अधिकारियों ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, भर्ती, पदोन्नति, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई ।

नई स‍िफार‍िश देने से पहले आयोग ने अलग कर्मचारी यून‍ियनों के साथ विचार-विमर्श का प्रोसेस शुरू कर द‍िया है। इस हाई लेवल मीट‍िंग में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच सैलरी, अलाउंस, प्रमोशन और पेंशन जैसे मामले पर बातचीत हुई। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह 8वें वेतन आयोग के तहत चल रही चर्चाओं के बीच हो रही है। आयोग ने देश भर के कर्मचारी संघों और स्टाफ एसोसिएशनों के साथ बातचीत पहले ही शुरू कर दी है।

मीटिंग में कौन – कौन हुए शामिल?
NCJCM के स्टाफ साइड की ओर से शेयर किए गए दस्तावेजों के अनुसार, मीटिंग में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, व्यय सचिव, कार्मिक सचिव, डाक विभाग के सचिव, शिक्षा सचिव, स्वास्थ्य सचिव और कई अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के अधिकारी शामिल थे। स्टाफ साइड का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं में स्टाफ साइड के सचिव शिव गोपाल मिश्रा, एम. राघवैय्या, डॉ. एन. कनैय्या, गुमान सिंह, जे.आर. भोसले, सी. श्रीकुमार और कर्मचारियों के कई अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा
मीटिंग के दौरान कर्मचार‍ियों के प्रत‍िन‍िध‍ि ने पक्ष रखते हुए कैबिनेट सेक्रेटरी को जानकारी दी क‍ि उन्होंने वेतन आयोग को अपना ड‍िटेल्‍ड ज्ञापन पहले ही दे द‍िया है। ज्ञापन में न्‍यूनतम सैलरी हाइक, फ‍िटमेंट फैक्टर, एनुअल इंक्रीमेंट की दर और प्रमोशन पॉल‍िसी जैसे अहम प्‍वाइंट को शामिल किया गया है। यूनियनों की तरफ से सरकार से मांग की गई क‍ि आठवें वेतन आयोग के कामकाज के दौरान कर्मचारी संगठनों के साथ लगातार बातचीत बनाकर रखा जाए। इससे कर्मचारियों की उम्‍मीदों को सही तरीके से आयोग के सामने रखा जा सकेगा। सैलरी, अलाउंस के साथ एनपीएस (NPS) और यूपीएस (UPS) को वापस लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

स्‍वास्‍थ्‍य सेवा और मेड‍िकल र‍िम्‍बर्समेंट में सुधार की मांग
मीटिंग में हेल्थ सर्विस को लेकर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि CGHS और CS(MA) नियमों के तहत इलाज के खर्च का पूरा र‍िम्‍बर्समेंट होना चाहिए। उन्होंने शिकायत की कि हीयर‍िंग मशीन के लिए र‍िम्‍बर्समेंट की दर को प‍िछले 12 साल से नहीं बदला गया। इस पर कैबिनेट सेक्रेटरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों की जांच की जाए और तीन महीने के अंदर फैसला लिया जाए। इसके अलावा, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ‘चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस’ और अतिरिक्त CGHS सेंटर की स्थापना पर बातचीत हुई।

मॉनसून को लेकर बड़ी खुशखबरी, इस दिन होगी एंट्री; कई राज्यों में झमाझम बारिश के आसार

नई दिल्ली

 उत्तर भारत समेत पूरे देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है। सभी लोग मॉनसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, केरल में मॉनसून की एंट्री की खबर ने सबके लिए बड़ी खुशखबरी दी है। केरल में इस बार समय से पहले मॉनसून की एंट्री होने जा रही है। यह 26 मई को दस्तक देगा। हालांकि, इस मॉडल में प्लस माइनस चार दिन का गैप हो सकता है। इस हफ्ते कई दिनों तक उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में हीटवेव से लेकर भीषण हीटवेव की स्थिति रहने वाली है। वहीं, सप्ताह के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत में और अगले तीन चार दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी छिटपुट से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो 15 और 16 मई को जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में छिटपुट से हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 15 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में और पूर्वी राजस्थान में 15 और 16 मई को छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली चलने की संभावना है। 15 मई को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में गरज के साथ आंधी चलने की संभावना है। इस दौरान आंधी की स्पीड 70 किमी प्रति घंटे हो सकती है। वहीं, 15 मई को पश्चिम राजस्थान के कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी चल सकती है।

पूर्वोत्तर भारत में 15 से 17 मई के दौरान नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में छिटपुट से लेकर काफी व्यापक स्तर पर बारिश होगी। 15-17 मई और 20 से 21 मई को अरुणाचल प्रदेश में, 15-21 मई को असम, मेघालय में, 15, 20 और 21 मई को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम में छिटपुट भारी बारिश होगी।

लगातार तीसरे साल समय से पहले आ रहा मानसून

आम तौर पर केरल में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसमें बदलाव देखा जा रहा है-

2024 में: मानसून 30 मई को पहुंचा था।

2025 में: मानसून ने 24 मई को ही दस्तक दे दी थी।

2026 का अनुमान: इस बार भी यह 26 मई तक पहुंच सकता है। यह भी सामान्य से जल्दी है।

अंडमान में कल पहुंचेगा मानसून
IMD के मुताबिक मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। 16 मई (शनिवार) के आसपास दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मानसून के आगे बढ़ने की पूरी संभावना है। वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक ‘वेल-मार्क्ड लो प्रेशर’ एरिया बना हुआ है, जो मानसून की गति में सहायक हो रहा है।

इस साल ‘सामान्य से कम’ रह सकती है बारिश
जहां एक तरफ मानसून जल्दी आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने बारिश की मात्रा को लेकर चिंता भी जताई है। अप्रैल में जारी पहले लॉन्ग रेंज फोरकास्ट के मुताबिक इस साल मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। यह लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 92 प्रतिशत रह सकती है।

एल नीनो का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के आसपास ‘एल नीनो’ (El Nino) की स्थिति बन सकती है। एल नीनो का भारतीय मानसून पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इसे अक्सर कम बारिश या सूखे की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मानसून?
भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए मानसून की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। देश की कुल वार्षिक वर्षा का 70% से अधिक हिस्सा इसी सीजन (जून से सितंबर) में प्राप्त होता है। यह न केवल धान जैसी फसलों की सिंचाई के लिए जरूरी है, बल्कि देश भर के जलाशयों के जल स्तर को बनाए रखने के लिए भी अनिवार्य है। इसके अलावा, मानसून ही भीषण गर्मी और लू से राहत दिलाता है।

कैसे तय होती है तारीख?
IMD मानसून की तारीख तय करने के लिए कई वैज्ञानिक कारकों का विश्लेषण करता है। इसमें उत्तर-पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान, दक्षिण भारत में मानसून पूर्व की बारिश, हवाओं का पैटर्न और हिंद महासागर व दक्षिण चीन सागर के ऊपर बादलों की हलचल शामिल है। अब मौसम विभाग मई के अंत तक मानसून के भौगोलिक विस्तार (किस राज्य में कब पहुंचेगा) को लेकर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा।

वहीं, दक्षिण भारत में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 

मॉनसून से पहले बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून के आगमन से पहले ही दक्षिण भारत में झमाझम बरसात हो रही है। 15-19 मई के दौरान केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, आंतिरक कर्नाटक, लक्षद्वीप में 15-16 मई को छिअपुट से लेकर व्यापक स्तर पर गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने वाली हैं। 

पेट्रोल-डीजल बचत पर PM मोदी की अपील, लॉकडाउन को लेकर किरेन रिजिजू का बड़ा बयान

नई  दिल्ली 

क्या भारत में लॉकडाउन लगने वाला है? इसको लेकर मोदी सरकार के मंत्री का बड़ा बयान आया है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर अपडेट दी है। उन्होंने कहाकि अभी भारत में हालात इतने नहीं बिगड़े हैं कि ऐसा कदम उठाना पड़े। लेकिन खराब समय के लिए अभी से सतर्कता जरूरी है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के नागरिकों से तेल बचाने और अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह दी थी। पीएम मोदी ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच लोगों को और पैनिक बाइंग से बचने के लिए भी कहा था। केंद्रीय मंत्री रिजिजू प्रधानमंत्री के इसी बयान के संदर्भ में अपनी बात रख रहे थे।

इतनी क्राइसिस नहीं कि…

किरेण रिजिजू ने कहाकि भारत में इतनी क्राइसिस की हालत नहीं हैं। टाइम्स नाऊ पर बोलते हुए उन्होंने कहाकि पश्चिम एशिया में समस्या काफी ज्यादा है। इसके चलते दुनिया भर में एनर्जी क्राइसिस चल रही है। व्यापार के रास्तों पर भी असर पड़ा है। रिजिजू ने कहाकि भारत ने पश्चिम एशिया में तनाव पैदा नहीं किया है। लेकिन दुर्भाग्य से हमें इस संकट में घसीटा जा रहा है। ऐसे में हमें खुद के स्तर पर तैयारी करनी पड़ेगी। उन्होंने कहाकि हमें बाहरी दया पर निर्भर नहीं रह सकते। इन सबको देखते हुए ही प्रधानमंत्री ने एक आह्वान किया है। हमें पेट्रोल-डीजल बचाने के साथ अन्य चीजों पर भी ध्यान देना होगा।

घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहाकि पिछले 12 साल से पीएम मोदी, लगातार घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। साथ ही वह विदेशी आयत पर निर्भरता कम करने की कोशिशों में भी जुटे हैं। उन्होंने कहाकि पीएम मोदी ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। हालांकि भारत अभी भी तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है। ऐसे में हमें अपने लीडर को जरूर सुनना होगा। खासकर ऐसे वक्त में जबकि वैश्विक स्तर पर मुश्किलें हैं। यह नॉर्मल समय नहीं है।

विपक्ष पर भी निशाना

इस दौरान रिजिजू ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहाकि कठिन समय में साथ देने की जगह, विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने में जुटा है। केंद्रीय मंत्री ने कहाकि मैं विपक्ष को संसद में जवाब देना चाहता हूं। संकट के समय, देश को अपने नेता के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से कहाकि जब हालात सामान्य होंगे तो राजनीति कर लीजिएगा। लेकिन मुश्किल हालात में हर किसी का साथ चाहिए होता है। ऐसे में विपक्ष को यह बात भूलनी नहीं चाहिए।

कश्मीर के पहलगाम में बड़ा हादसा, खाई में गिरी पर्यटकों की गाड़ी; 2 की मौत, 4 घायल

श्रीनगर

गुजरात से कश्मीर घूमने आए एक दंपति की शनिवार को पहलगाम में सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। इस हादसे में वाहन चालक और तीन अन्य पर्यटकों समेत चार लोग जख्मी हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल अनंतनाग में पहुंचाया गया है।

यहां मिली जानकारी के अनुसार, पहलगाम से आड़ृ घाटी की तरफ गुजरात से आए पर्यटकों का एक दल टवैरा टैक्सी जिसका पंजीकरण नंबर जेके21ए–0379 था, में रवाना हुआ। टैक्सी को पहलगाम के साथ सटे रंगवार लारीपोरा का रहने वाला रईस अहमद बट चला रहा था।

ड्राइवर ने स्टेयरिंग से खोया नियंत्रण

पहलगाम से करीब चार किलोमीटर आगे एक मोढ़ पर चालक का नियंत्रण स्टेयरिंग से हट गया और टैक्सी बेकाबू होकर सड़क के नीचे गहरी खायी में जा गिरी। टैक्सी को नीचे गिरते देख, वहां सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन रुक गए। उनमें सवार लोग भी बाहर निकल आए।

सूचना मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंच गए । सभी ने मिलकर बचाव कार्य करते हुए नीचे खायी में गिरे वाहन में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया।

दो लोगों की मौत

अस्पताल में डॉक्टरों ने बविन भावसर को मृत लाया घोषित कर दिया। उसकी पत्नी अवनी भावसर जो गंभीर रूप से घायल थी, कुछ ही देर बाद में उसने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। दो अन्य अन्य पर्यटक अशोक भाई और उसकी पत्नी नैना बेन व चालक रईस की हालत स्थिर, लेकिन स्थिति चिंताजनक बताई जाती है।

पहलगाम पुलिस ने इस सिलसिले में एक मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरु कर दी है। कुछ लोगों के अनुसार, वाहन की गति तेज थी और इसी कारण पहाड़ी पर मोढ़ काटते हुए वाहन चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया था। अलबत्ता, पहलगाम पुलिस थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है,जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सही कारण की पुष्टि हाे सकेगी।

 

NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मांधारे गिरफ्तार

नई  दिल्ली 

नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने दूसरे मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी एक महिला और बायोलॉजी की लेक्चरर है और उसका नाम मनीषा गुरुनाथ मांधारे है। जानकारी के मुताबिक मनीषा मांधारे एनटीए की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा रह चुकी है। एक दिन पहले ही सीबीआई ने रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था। जांचकर्ताओं ने उसे मास्टरमाइंड और नीट पेपर लीक सरगना का मुखिया बताया था।

एनटीए ने बनाया था एक्सपर्ट

सीबीआई ने शनिवार को इस बारे में एक बयान जारी किया। इस बयान के मुताबिक मनीषा गुरुनाथ मांधारे को एक गहन जांच के बाद गिरफ्तार किया गया है। वह नीट यूजी 2026 परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल थी। मनीषा को एनटीए ने बतौर एक्सपर्ट शामिल किया था। सीबीआई ने बताया कि उसके पास बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों की पूरी एक्सेस थी। मनीषा की भूमिका के बारे में विस्तार से बताते हुए सीबीआई ने कहाकि अप्रैल 2026 में मंधारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिए संभावित नीट परीक्षा उम्मीदवारों को जुटाया। इसके बाद इन छात्रों के लिए अपने पुणे निवास पर कोचिंग क्लासेस चलाईं।

कोचिंग क्लास चलाते हुए लीक किए सवाल

इन कोचिंग क्लासेस के दौरान मंधारे ने बॉटनी और जूलॉजी विषयों से विभिन्न सवाल लीक किए। साथ इसके बारे में विस्तार से समझाया भी। उसने छात्रों से इन सवालों को अपनी नोटबुक में लिखने और किताब में चिन्हित करने को भी कहा। अब मांधारे को आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जाएगा। इनमें से अधिकांश प्रश्न तीन मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से मेल खाते थे। बता दें कि मनीषा एक ब्यूटी पार्लर चलाती है और उसे 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अभी कई हो सकते हैं गिरफ्तार

सीबीआई जांच में शामिल एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एनटीए से दो सेट के प्रश्न पत्र लीक हुए थे। इनमें से एक हाथ से लिखा हुआ और एक टाइप किया हुआ था। इसके पीछे कुलकर्णी और मंधारे थे। अधिकारियों ने कहाकि प्रश्न पत्र तैयार करने वाली पूरी कमेटी और एनटीए के अन्य वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में हैं। आने वाले दिनों में और अधिक गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुरानी भूमिकाओं की भी जांच

एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार है जब पेपर लीक की जांच में हमें एनटीए से जुड़े मिले हैं। एक बार पेपर लीक होने और मैसेजिंग ग्रुप्स में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसका फायदा उठाया। उन्होंने कहाकि हम उन सभी तक पहुंचेंगे, लेकिन फिलहाल हम लीक के स्रोत और उनके सहयोगियों की तलाश में हैं। इसके अलावा जांच एजेंसी, इस बात की भी जांच कर रही है क्या कुलकर्णी और मांधारे पहले भी पेपर लीक में शामिल रह चुके हैं?

एक दिन पहले कुलकर्णी हुआ था गिरफ्तार

कुलकर्णी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था और उसकी प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी। अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते के दौरान उसने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को इकट्ठा किया था। मनीषा को सीबीआई ने एक दिन पहले 14 मई को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने आरोप लगाया कि कुलकर्णी ने पुणे में अपने आवास पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास आयोजित कीं, जहां उसने विकल्पों और सही उत्तरों के साथ प्रश्न लिखवाये। छात्रों के नोटबुक में हाथ से लिखे गये प्रश्न तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से बिल्कुल मेल खाते पाये गये।

NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी का हमला, बोले- सरकार और माफिया की मिलीभगत

नई दिल्ली।

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुए कथित घोटाले को लेकर देश भर में मचा बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। लाखों छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखी है। राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा कि यह पेपर लीक कोई साधारण चूक या प्रशासनिक गलती नहीं है। यह भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से व्यवस्था में बिठाए गए अयोग्य प्रोफेसर के गठजोड़ का नतीजा है।

विचारधारा के कारण सिस्टम हुआ खोखला: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने यह गंभीर आरोप ऐसे समय में लगाया है जब देश के कोने-कोने से छात्र और उनके अभिभावक चिलचिलाती धूप में सड़कों पर उतर कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। कांग्रेस नेता का कहना है कि वर्तमान सरकार ने देश के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों पर अपनी विचारधारा वाले लोगों को काबिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरिट और योग्यता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। जब सिर्फ निष्ठा के आधार पर नियुक्तियां की जाती हैं, तो पूरा सिस्टम खोखला हो जाता है। एनटीए जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं का फेल होना इसी मिलीभगत का परिणाम है। इसी वजह से आज 24 लाख से अधिक होनहार युवाओं के सपनों को चकनाचूर होना पड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुंचा मामला
यह विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब यह पूरा मामला देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में दायर कई याचिकाओं पर लगातार सुनवाई हो रही है। अदालत के आदेश पर ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा रद्द कर दोबारा एग्जाम कराने का फैसला आ चुका है। इसके बावजूद असली बवाल मूल पेपर लीक को लेकर बना हुआ है। इस बीच देश के कई राज्यों में पुलिस ने पेपर लीक गैंग के गुर्गों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि परीक्षा सिस्टम में बहुत बड़ी सेंधमारी हुई थी।

नीदरलैंड से PM मोदी की चेतावनी: भारत को कम आंकना अब भारी पड़ेगा

द हेग

नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज का भारत अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है और उसकी आकांक्षाएं अब केवल अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत अब बड़े सपने देख रहा है
करीब 40 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत कह रहा है कि हमें केवल परिवर्तन नहीं चाहिए, हमें सर्वश्रेष्ठ चाहिए और सबसे तेज गति चाहिए। जब आकांक्षाएं असीमित होती हैं तो प्रयास भी असीमित हो जाते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत अब ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है, वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना चाहता है, हरित ऊर्जा में नेतृत्व करना चाहता है और दुनिया की विकास शक्ति बनना चाहता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े और सफल एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। इससे पहले G20 Summit का सफल आयोजन भी भारत की बढ़ती वैश्विक क्षमता का उदाहरण है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम  
उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में भारत में केवल चार यूनिकॉर्न कंपनियां थीं, जबकि अब लगभग 125 सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप अब एआई, रक्षा, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने हालिया विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 80 से 90 प्रतिशत तक मतदान हुआ, जबकि महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।

वैश्विक संकटों पर PM मोदी की चेतावनी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मौजूदा वैश्विक हालात पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय युद्ध, आतंकवाद, आर्थिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों के दौर से गुजर रही है। Vienna को “सिटी ऑफ पीस” बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यदि दुनिया ने समय रहते हालात नहीं संभाले तो पिछले कई दशकों की उपलब्धियां व्यर्थ हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और दुनिया को “विकास बनाम विनाश” के बीच चुनाव करना होगा।

विपक्ष पर कटाक्ष
प्रधानमंत्री ने हल्के अंदाज में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या “झालमुड़ी” अब हेग तक पहुंच गई है। इसे राजनीतिक हलकों में विपक्षी दलों पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है।  नीदरलैंड के ट्यूलिप फूल का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत कमल के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा, ट्यूलिप और कमल दोनों हमें सिखाते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या धरती में, सुंदरता और शक्ति दोनों प्राप्त की जा सकती हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि India और Netherlands वैश्विक मंचों पर मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर Surya Kant की सफाई, बोले- देश के युवाओं पर मुझे गर्व है

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी ‘कॉकरोच’ वाली एक टिप्पणी को लेकर पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने उनकी मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया और इसे देश के युवाओं पर हमला बताकर दिखाया।  

CJI सूर्यकांत ने कहा कि उन्होंने युवाओं की आलोचना नहीं की थी, बल्कि उन लोगों की बात की थी जो फर्जी और नकली डिग्री के सहारे वकालत जैसे पेशों में प्रवेश कर जाते हैं। 

उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में कहा, ‘मुझे दुख है कि मीडिया के एक हिस्से ने मेरी मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया. मैंने खास तौर पर उन लोगों की आलोचना की थी जो फर्जी डिग्री के जरिए बार यानी कानूनी पेशे में आए हैं. ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी घुस गए हैं और वे परजीवियों की तरह हैं. यह कहना पूरी तरह गलत है कि मैंने देश के युवाओं की आलोचना की। 

CJI ने आगे कहा कि उन्हें भारत के युवाओं पर गर्व है और वे उन्हें विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं न सिर्फ देश की वर्तमान और भविष्य की मानव संसाधन क्षमता पर गर्व करता हूं, बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है. भारतीय युवाओं का मेरे प्रति सम्मान है और मैं उन्हें विकसित भारत के स्तंभ के रूप में देखता हूं। 

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच एक वकील को सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिए जाने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। 

सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता वकील को फटकार लगाई और कहा कि वह सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने के लिए जरूरत से ज्यादा कोशिश कर रहा है. अदालत ने उसके सोशल मीडिया व्यवहार और फेसबुक पर इस्तेमाल की गई भाषा पर भी सवाल उठाए। 

बेंच ने कहा था, ‘दुनिया का हर व्यक्ति सीनियर एडवोकेट बनने के योग्य हो सकता है, लेकिन कम से कम आप इसके हकदार नहीं हैं। 

CJI ने कहा था कि अगर दिल्ली हाई कोर्ट ऐसे व्यक्ति को सीनियर एडवोकेट का दर्जा देता है तो सुप्रीम कोर्ट उसके पेशेवर आचरण को देखते हुए उस फैसले को रद्द कर सकता है। 

इसी दौरान उन्होंने कहा था, ‘समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं और आप भी उनके साथ जुड़ना चाहते हैं?’

इसके बाद उन्होंने टिप्पणी की थी कि कुछ युवा ‘कॉकरोच’ जैसे होते हैं, जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और वे मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। 

इसी बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. सोशल मीडिया पर इसे लेकर जमकर बहस हुई। 

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों की डिग्रियों की सत्यता पर भी चिंता जताई. CJI ने कहा कि अदालत कई वकीलों की डिग्रियों की जांच के लिए CBI से जांच कराने पर विचार कर रही है क्योंकि कई डिग्रियों की प्रमाणिकता पर गंभीर सवाल हैं। 

उन्होंने यह भी कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया इस मामले में कार्रवाई नहीं करेगी क्योंकि उन्हें वोटों की जरूरत होती है. अंत में याचिकाकर्ता वकील ने अदालत से माफी मांगी और याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। 

तमिलनाडु में मंत्रालयों का बंटवारा, सीएम विजय ने सौंपे विभागों की जिम्मेदारी

चेन्नई

तमिलनाडु में ऐतिहासिक जीत हासिल करके सत्ता में आए थलापति विजय ने अब मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया है। सीएम विजय की सिफारिश पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को इसका ऐलान किया। जारी आदेश के मुताबिक कुल नौ मंत्रियों में विभागों का बंटवारा किया गया है। मुख्यमंत्री विजय थलापति ने भी कई मंत्रालय अपने पास रखे हैं।

राज्यपाल के आदेश के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय ने अपने पास गृह विभाग, लोक प्रशासन, सामान्य प्रशासन, विशेष कार्यक्रम कार्यान्वयन, महिला एवं युवा कल्याण, नगर प्रशासन और शहरी एवं जल आपूर्ति विभाग रखे हैं। गृह विभाग समेत अन्य प्रमुख विभागों को अपने पास रखकर विजय ने शपथ ग्रहण के दिन वाली अपनी बात को पूरा करने संकेत दिया है। शपथ के बाद विजय ने कहा था कि इस सरकार में सत्ता का केंद्र केवल वह स्वयं होंगे। हालांकि विजय ने कई अन्य मंत्रालयों का बंटवारा अपने मंत्रियों में भी किया है। विजय ने वरिष्ठ राजनेता और गोबीचेट्टिपालयम से विधायक के. ए. सेनगोत्तियान को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है। वह वित्त और पेंशन भत्तों का कार्यभार संभालेंगे।

किस मंत्री को किस मंत्रालय की जिम्मेदारी?
मायलापुर से विधायक और पार्टी के कोषाध्यक्ष पी.वेंकटरामन को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वह उपभोक्ता संरक्षण और मूल्य नियंत्रण विभाग को संभालेंगे।

एक मात्र महिला मंत्री एस. कीर्तना को उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वह उद्योग और निवेश प्रोत्साहन विभाग को संभालेंगी। इसके अलावा करैकुडी जिले के विधायक डॉ. टीके प्रभु को प्राकृतिक संसाधन मंत्री बनाया गया है।

कानून मंत्रालय, उर्जा संसाधन मंत्रालय की जिम्मेदारी विजय ने अपने खास साथी और टीवीके के संयुक्त महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार को सौंपी है। उनके पास बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास, कानून, न्यायालय, जेल, भ्रष्टाचार निरोधक, विधानसभा, चुनाव और पासपोर्ट विभाग भी रहेंगे। वहीं, एग्मोर सीट से विधायक राजमोहन को स्कूल शिक्षा, तमिल विकास, सूचना एवं प्रचार मंत्री बनाया गया है। वे पुरातत्व, तमिल आधिकारिक भाषा एवं संस्कृति, सूचना एवं प्रचार, फिल्म प्रौद्योगिकी, सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, न्यूजप्रिंट नियंत्रण, स्टेशनरी तथा सरकारी प्रेस विभाग संभालेंगे।

इसके अलावा पूर्व आईआरएस अधिकारी डॉक्टर के जी अरुणराज को स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि लोक निर्माण, खेल विकास, भवन,राजमार्ग और लघु बंदरगाह मंत्रालय का प्रभार आधव अर्जुन को दिया गया है। इसके बाद ग्रामीण विकास, पंचायती राज और सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी टीवीके महासचिव एन आनंद को सौंपी गई है।

NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, NTA की एक्सपर्ट टीचर निकली मास्टरमाइंड

 नई दिल्ली
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में सीबीआई के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. मनीषा को नीट-यूजी 2026 के बायोलॉजी पेपर लीक की कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. मनीषा मंडारे पुणे के शिवाजीनगर में स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी की लेक्चरर हैं. कॉलेज सूत्रों के मुताबिक, मनीषा पिछले पांच से छह वर्षों से एनटीए के लिए नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में योगदान दे रही थीं। 

सीबीआई के मुताबिक, मनीषा को एनटीए ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में बतौर एक्सपर्ट नियुक्त किया था और बॉटनी व जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी. जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंडारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है) के जरिए कुछ नीट अभ्यर्थियों को अपने पुणे स्थित घर पर जुटाया और एक स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई. इस क्लास में उन्होंने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल समझाए, उन्हें नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क करवाया। 

सीबीआई का दावा है कि इनमें से अधिकांश सवाल 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर में 6 ठिकानों पर छापेमारी भी की है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक छापेमारी के दौरान जब्त सामग्री की विस्तृत जांच जारी है. बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने (NTA) 3 मई, 2026 को देशभर में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था। 

NEET-UG पेपर लीक मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां
सीबीआई ने पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर 12 मई, 2026 को एफआईआर दर्ज किया था. इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने स्पेशल टीमें बनाकर देशभर में अलग-अलग ठिकानों पर छापे डाले और कई संदिग्धों से पूछताछ की. अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से 5 आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। 

वहीं, कल गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को पुणे कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है, जहां उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा. सीबीआई का कहना है कि अब तक जांच में केमिस्ट्री और बायोलॉजी पेपर लीक के पीछे के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उन बिचौलियों की भी पहचान हुई है, जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को इन विशेष क्लासों तक पहुंचाया था. सीबीआई ने इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर निवासी केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी (P.V. Kulkarni) को भी गिरफ्तार किया है। 

पेपर लीक का मास्टरमाइंड केमिस्ट्री प्रोफेसर भी अरेस्ट
पीवी कुलकर्णी को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कई वर्षों तक मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े अकादमिक कार्यों में शामिल रहे और हाल के समय में एनटीए के साथ कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर केमिस्ट्री एक्सपर्ट के रूप में काम कर रहे थे. उन्हें एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण नीट-यूजी 2026 के केमिस्ट्री प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली थी. पीवी कुलकर्णी ने लातूर के दयानंद कॉलेज में करीब 28 वर्षों तक केमिस्ट्री प्रोफेसर के रूप में काम किया और इस कॉलेज के प्रिंसिपल भी रहे. रिटायरमेंट के बाद वह पुणे में कोचिंग और निजी अकादमिक गतिविधियों से जुड़े थे। 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu