UPSC Prelims में अभ्यर्थियों की अग्निपरीक्षा! तपती जमीन पर नंगे पैर पहुंचे एग्जाम सेंटर

ग्वालियर.

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नई दिल्ली की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 रविवार को ग्वालियर शहर के 21 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई। अभ्यर्थियों की थ्री लेयर चेकिंग के बाद प्रवेश दिया गया। जूते पहनकर परीक्षा देने पहुंचे कई छात्रों को रोका गया और बाहर ही उतरवाए गए।

ऐसे में वे 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी से तपती जमीन में नंगे पैर कक्ष तक पहुंचे। समय से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश बंद कर दिया गया था। छात्र एवं छात्राओं के अनुसार पेपर में लेंदी प्रश्न पूछे गए थे, जिस कारण से टाइम मैनेजमेंट में कमी आई। ओवरऑल छात्रों का पहला पेपर माडरेट रहा।

परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी गर्मी से रहे बेहाल
प्रारंभिक परीक्षा परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी, जिसका पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक कम्प्लीट हो चुका है। इस दौरान छात्राें को गर्मी ने भी बहुत परेशान किया। परीक्षा कक्ष में लगे पंखे भी जवाब दे गए। कुछ संस्थानों में पसीने से तर बरत होकर विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। अब दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगा। सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। पहले पेपर से दुखी छात्र दूसरे पेपर की तैयारी के लिए सड़क किनारे पेड़ की छांव में करते नजर आए।

इन केंद्रों पर हुई परीक्षा
वीआरजी कालेज, एमएलबी कालेज, साइंस कालेज, बीएड कालेज, केआरजी कालेज, पद्मा स्कूल, गजराराजा स्कूल, गवर्नमेंट एसएस स्कूल टकसाल, पावनबीसी स्कूल, कालपी ब्रिज स्कूल, पालीटेक्निक कालेज, गोरखी स्कूल, गवर्नमेंट कन्या विद्यालय शिंदे की छावनी, गवर्नमेंट हायर सेकंडरी स्कूल मामा का बाजार, गवर्नमेंट हिंदी विद्यापीठ, एमएलबी स्कूल मुरार, उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक एक, जीवाजी राव स्कूल, महाराजा मानसिंह कालेज।

छात्रों ने कहा…
बदले पैटर्न से हुई परेशानी: पेपर का इस बार पैटर्न बदला हुआ था, जो कि टफ था। सवाल लेंदी थे, जिन्हें समझने में दिक्कत आई। समय प्रबंधन की कमी रही, जिस कारण से कुछ प्रश्न छूट गए।
-दुष्यंत कुमार, महोबा

चौथी बार कर रही प्रयास: मैंने चौथा अटेम्प्ट दिया है। इस बार का पेपर मुझे टफ लगा। मैं पहले तीन बार मेंस तक पहुंच चुकी हूं, लेकिन साक्षात्कार में नहीं हो सका। इस बार सिलेक्शन के लिए प्रयासरत हूं।
– निधि बरैया, सिथौली

यह मेरा पहला अटेम्प्ट है: मुझे पेपर माडरेट लगा। सवालों को घुमाकर पूछा गया था, जिससे कई सवाल छूट गए। यह मेरा पहला अटेम्प्ट है, इसलिए मुझे ज्यादा चिंता नहीं है। अागे और अच्छा करूंगा।
– सचिन द्विवेदी, मुरार

पुलिस में हूं, सपना आइएएस बनना: मैं पुलिस में हूं, शिवपुरी में सेवाए दे रहा हूं। मैं अपने सीनियर्स से बहुत प्रभावित हूं। उनकी तरह ही मैं आइएएस, आइपीएस बनना चाहता हूं, इसलिए नौकरी के साथ तैयारी कर रहा हूं।
– आदित्य तिवारी, दतिया

गर्मी से परेशान हुए: परीक्षा के खौफ के साथ ही गर्मी ने बहुत परेशान किया। कक्ष में पंखों की स्थिति सही नहीं थी। इसलिए एक तरफ पसीना पोछते रहे और दूसरी तरफ प्रश्न पत्र हल करते रहे।
– ललित सूर्यवंशी, ग्वालियर

सीहोर में 15 दिन की बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

अमलाहा.

बीते 15 दिनों से लगातार रात्रि में की जा रही बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणजन अमलाहा डीसी पहुंचे, जहां उन्होंने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि रात में बार-बार बिजली काटे जाने से आमजन, किसान और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और तत्काल रात्रिकालीन बिजली कटौती बंद करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आगामी 72 घंटे के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो समस्त ग्रामवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में नई और पुरानी चंदेरी के ग्रामीणों ने यह अनोखा प्रदर्शन किया। हाथों में मशालें थामे लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पटाखे फोड़कर अपना विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच रात में 2 से 3 घंटे तक लगातार दो से तीन बार बिजली काटी जा रही है। पेयजल संकट और मच्छरों का बढ़ा प्रकोप रात के समय बिजली गुल रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, बिजली के अभाव में पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। इस कारण गांवों में पेयजल का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शहरों को 24 घंटे बिजली, गांवों में अंधेरा प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहरों को 24 घंटे बिजली देकर ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ दे रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों को अंधेरे में रखा जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि यदि प्रदेश में बिजली का कोई बड़ा संकट है, तो सरकार को औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों की बिजली काटनी चाहिए। बिजली संकट का खामियाजा गरीब किसानों और ग्रामीणों को नहीं भुगतना चाहिए। सीएम से हस्तक्षेप की मांग, आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि रात्रिकालीन बिजली कटौती तुरंत बंद करने के सख्त निर्देश जारी किए जाएं। यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

V-MARC की नई वायर रेंज लॉन्च, बोले विशेषज्ञ — “सुरक्षा और तकनीक का नया दौर शुरू”

विवेक झा, भोपाल। विद्युत और पावर केबल उद्योग की अग्रणी कंपनी V-MARC ने राजधानी भोपाल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अपनी अत्याधुनिक वायर रेंज E Beam Cross Linked Flexi TUF HFFR Wire सहित कई नए विद्युत उत्पादों का अनावरण किया। कंपनी ने दावा किया कि यह वायर देश की सबसे सुरक्षित वायर श्रेणी में शामिल है, जो आधुनिक तकनीक और उच्च सुरक्षा मानकों के साथ तैयार की गई है।

कार्यक्रम में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के 90 से अधिक डीलर्स एवं व्यापारियों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान कंपनी अधिकारियों ने नई तकनीकों, विद्युत सुरक्षा और वायर उद्योग के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की।

150 डिग्री तापमान पर भी प्रभावी, E-Beam तकनीक बनी खासियत

कंपनी अधिकारियों ने बताया कि नई वायर रेंज में अत्याधुनिक Electron Beam Cross Linked Technology का उपयोग किया गया है। इस तकनीक के कारण वायर का इंसुलेशन अत्यधिक तापमान में भी सुरक्षित और प्रभावी बना रहता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायर लगभग 150 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम है। यही वजह है कि इसे हाई सेफ्टी और हाई परफॉर्मेंस श्रेणी का उत्पाद माना जा रहा है।

कंपनी का कहना है कि इस तकनीक से वायर की मजबूती, लचीलापन और अग्नि सुरक्षा क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। HFFR तकनीक होने के कारण आग लगने की स्थिति में धुआं और जहरीली गैसें भी कम निकलती हैं, जिससे मानव सुरक्षा बढ़ती है।

“तकनीकी नवाचार ही हमारी पहचान”

कार्यक्रम में कंपनी के FMEG नेशनल हेड विनय दामोदर राव, मध्य प्रदेश स्टेट हेड नीरज खटोड़ एवं उनकी टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने कहा कि V-MARC लगातार तकनीकी नवाचार और आधुनिक समाधान विकसित करने के लिए जानी जाती है।

नीरज खटोड़ ने बताया कि कंपनी समय-समय पर अपने उत्पादों में तकनीकी उन्नयन करती रहती है ताकि ग्राहकों को सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें।

इसी क्रम में कंपनी ने वायर एवं केबल के साथ-साथ स्विचेस, MCBs, फैन, गीजर और स्ट्रीट लाइट जैसे कई नए उत्पाद भी बाजार में उतारे हैं।

हर उत्पाद की कई स्तरों पर जांच

मध्य प्रदेश स्टेट हेड नीरज खटोड़ ने बताया कि किसी भी उत्पाद को बाजार में उतारने से पहले विभिन्न तकनीकी और गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरना पड़ता है। प्रत्येक उत्पाद की सुरक्षा, मजबूती और कार्यक्षमता की कई चरणों में जांच की जाती है ताकि अंतिम उपभोक्ता को उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद मिल सके।

व्यापारियों ने भी नई वायर रेंज को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

कच्चे माल की महंगाई और प्रतिस्पर्धा से जूझ रही वायर इंडस्ट्री

कॉपर और एल्यूमिनियम की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

देश की वायर और केबल इंडस्ट्री इस समय जहां तेजी से बढ़ती मांग का लाभ उठा रही है, वहीं दूसरी ओर कच्चे माल की महंगाई और बढ़ती प्रतिस्पर्धा उद्योग के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।

मीडिया से बातचीत में नीरज खटोड़ ने बताया कि कॉपर और एल्यूमिनियम की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव से उत्पादन लागत बढ़ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम स्तर के निर्माताओं पर पड़ रहा है। सीमित मार्जिन और लंबी क्रेडिट अवधि के कारण कई व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और EV सेक्टर से बढ़ रही मांग

बिजली, रियल एस्टेट, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, स्मार्ट सिटी, डेटा सेंटर और सोलर प्रोजेक्ट्स में तेजी से हो रहे निवेश के कारण वायर और केबल इंडस्ट्री का भविष्य मजबूत दिखाई दे रहा है।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से भी उच्च गुणवत्ता वाले वायर और केबल की मांग तेजी से बढ़ रही है।

नकली वायर से सुरक्षा पर खतरा

उद्योग जगत ने बाजार में बिक रहे नकली और घटिया गुणवत्ता वाले वायर को गंभीर चिंता का विषय बताया। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे उत्पाद न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि ब्रांडेड कंपनियों की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

व्यापारिक संगठनों ने सरकार से गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की है।

“आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा बाजार”

नीरज खटोड़ का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, बिजली खपत और औद्योगिक विकास के चलते वायर एवं केबल सेक्टर आने वाले वर्षों में मजबूत वृद्धि दर्ज करेगा। नई तकनीक, सुरक्षित उत्पाद और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरत इस उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

खंडवा को रेलवे की बड़ी सौगात! जयपुर-हैदराबाद के बीच नई साप्ताहिक ट्रेन शुरू

खंडवा/भोपाल.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर-हैदराबाद के बीच रेल यात्रियों की मांग को देखते हुए स्थाई साप्ताहिक ट्रेन की सुविधा दी है। इस ट्रेन के स्थाई शुरू होने से जयपुर हैदराबाद के बीच यात्रा करने की आम जनों को सुविधा मिलेगी। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के प्रयासों से खंडवा को अनेक ट्रेनों के स्टापेज मिल रहे हैं।

मध्य रेल समिति सदस्य मनोज सोनी ने बताया कि खंडवा स्टेशन से देशभर के शहरों से सीधी रेल कनेक्टिविटी सुलभ मिल सके इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे द्वारा समय समय पर त्योहारों और पिक सीजन। में स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती है। जिसे सीजन, त्यौहार खत्म होने पर बंद कर दिया जाता है। इसके अंतर्गत स्पेशल किराया ट्रेन 07019/20 जयपुर हैदराबाद साप्ताहिक चलाई जा रही थी। इसमें लगातार यात्रियों का रिस्पॉन्स मिल रहा था।

अब रेलवे बोर्ड में इसे स्थाई साप्ताहिक चलाने का परिपत्र जारी किया है। 24 जुलाई 2026 से ट्रेन संख्या 17089 प्रति शुक्रवार हैदराबाद से रवाना होकर अगले दिन खंडवा प्रति शनिवार सुबह 9.25 बजे आगमन कर जयपुर के लिए रवाना होगी। वापसी में 26 जुलाई 2026 से ट्रेन संख्या 17090 प्रति रविवार जयपुर से निकलकर खंडवा प्रति सोमवार सुबह 11.30 बजे आकर हैदराबाद जाएगी ।इसके स्थाई परिचालन से रेल यात्रियों को स्पेशल का अतिरिक्त किराया नहीं चुकाना पड़ेगा। यात्रियों को नार्मल किराया देना होगा साथ ही स्पेशल ट्रेने अनेकों बार विलंब से चलती है। अब यह स्थाई होने से समय पर भी चलेगी। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।

ट्रेन के स्टापेज
हैदराबाद, सिकंदराबाद,कामारेड्डी,निजामाबाद, मूदखेड़, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला जंक्शन, मलकापुर, खंडवा जंक्शन, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, अजमेर जंक्शन, मादार जंक्शन, किशनगढ़, फुलेरा और जयपुर।

सप्ताह में चार दिन ट्रेन की सुविधा:
12719/20 जयपुर हैदराबाद द्वि साप्ताहिक
17019/20 हिसार जयपुर हैदराबाद साप्ताहिक
17089/90 जयपुर हैदराबाद साप्ताहिक (24 जुलाई से शुरू)

ट्विशा केस में बड़ा अपडेट! दिल्ली All India Institute of Medical Sciences की टीम ने पूरा किया दूसरा पोस्टमार्टम

नई दिल्ली.

नोएडा की 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज का दिन अहम है। भोपाल एम्स में पुलिस की भारी मुस्तैदी के बीच ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में मौत का सच जानने के लिए दोबारा यह प्रक्रिया अपनाई गई।

ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद भदभदा श्मशान घाट में शाम 5 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम रविवार को ही भोपाल पहुंची। राज्य सरकार की औपचारिक अपील और भोपाल कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली एम्स के निदेशक खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः लिया है संज्ञान
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ सोमवार, 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने इस स्वतः संज्ञान मामले को “एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं” शीर्षक दिया है, जो पुलिस व स्थानीय प्रशासन की शुरुआती भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ससुराल में मिला था शव, पति 7 दिन की रिमांड पर
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधीं त्विषा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी पाई गई थीं। मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद त्विषा के पति वकील समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

ट्विशा केस में बड़ा अपडेट! AIIMS में दूसरा पोस्टमार्टम जारी, भदभदा घाट पर होगा अंतिम संस्कार

भोपाल/नई दिल्ली.

नोएडा की 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज का दिन अहम है। भोपाल एम्स में पुलिस की भारी मुस्तैदी के बीच त्विषा का दूसरा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में मौत का सच जानने के लिए दोबारा यह प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके बाद भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में त्विषा का अंतिम संस्कार होगा।

बता दें कि दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम रविवार को ही भोपाल पहुंची। राज्य सरकार की औपचारिक अपील और भोपाल कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली एम्स के निदेशक खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः लिया है संज्ञान
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ सोमवार, 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने इस स्वतः संज्ञान मामले को “एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं” शीर्षक दिया है, जो पुलिस व स्थानीय प्रशासन की शुरुआती भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ससुराल में मिला था शव, पति 7 दिन की रिमांड पर
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधीं त्विषा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी पाई गई थीं। मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद त्विषा के पति वकील समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 10 दिनों तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह को शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया, जिसे शनिवार को स्थानीय अदालत ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

दूसरी तरफ, आरोपी सास गिरिबाला सिंह का दावा है कि पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मांग की है कि सीबीआई को जल्द से जल्द इस मामले की कमान संभालनी चाहिए।

दंतेवाड़ा में रनिंग वाटर स्टैंड निर्माण घोटाला! लाखों के गबन का आरोप

दंतेवाड़ा.

बस्तर में एक बार फिर संसाधनों के दोहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सरकार जहां नक्सल मुक्त बस्तर और औद्योगिक विकास की बात कर रही है, वहीं बस्तर का लौह अयस्क और पानी दूसरे राज्यों के उद्योगों की ताकत बन रहा है. किरंदुल की खदानों से रोजाना हजारों टन लौह अयस्क स्लरी पाइपलाइन के जरिए बाहर भेजा जा रहा है.

साथ ही शबरी नदी और मदाड़ी नाले का पानी भी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में उपयोग हो रहा है. बताया जा रहा है कि आंध्रप्रदेश में लगने वाला विशाल स्टील प्लांट देश के सबसे बड़े संयंत्रों में शामिल होगा. इधर बस्तर के युवाओं का सवाल है कि जब संसाधन यहां के हैं, तो रोजगार और उद्योग बाहर क्यों जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे क्षेत्र के हजारों युवाओं की रोजगार संभावनाएं प्रभावित हुई हैं. ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि खनन और अपशिष्ट से खेती और नदी-नाले प्रभावित हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि बस्तर केवल कच्चा माल देने वाला इलाका बनकर रह गया है.

रॉयल्टी और औद्योगिक लाभ का बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों को मिलने का भी मुद्दा उठ रहा है. अब मांग उठ रही है कि दक्षिण बस्तर में ही बड़ा इस्पात संयंत्र स्थापित कर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए. स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बस्तर के हितों की अनदेखी हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा.

बांधवगढ़ में खूनी बाघ का आतंक! घर में घुसकर महिला को मार डाला, 3 परिजन घायल

उमरिया.

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा क्षेत्र अंतर्गत खेरवा मोहल्ला में शुक्रवार तड़के एक बाघ की घुसपैठ से पूरे गांव में दहशत फैल गई। बाघ घर में घुस आया और सो रही महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। महिला को बचाने पहुंचे पति, पिता और ससुर भी बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद पूरे इलाके में भय, तनाव और आक्रोश का माहौल है। मृत महिला की पहचान फूल बाई पति पहलू पाल (करीब 40 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सुबह लगभग तीन बजे बाघ अचानक घर के भीतर घुस गया और महिला पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर पति पहलू पाल, पिता और ससुर दशई पाल उसे बचाने दौड़े, लेकिन बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया। घायलों को गंभीर हालत में मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

घंटों घर में डटा रहा बाघ
घटना के कई घंटे बाद तक बाघ घर के भीतर मौजूद बताया गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई। परिवार के अन्य सदस्यों पर हमले की आशंका बनी रही। गांव के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन डर के कारण कोई घर के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
वन अमला बाघ को सुरक्षित बाहर निकालने और क्षेत्र खाली कराने में जुटा रहा। इसी दौरान नाराज ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्राधिकारी पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में चोट आई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे।

वन विभाग के सामने दोहरी चुनौती
बताया जा रहा है कि मृतका के पिता कुछ दिन पहले पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बेटी के घर आए थे, लेकिन यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। फिलहाल वन विभाग के सामने बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने के साथ ग्रामीणों के आक्रोश को शांत करने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

सीएम ने की आर्थिक सहायता का एलान
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला, जिला उमरिया में बाघ के हमले में एक महिला और कुछ नागरिकों की मौत हो गई है। मरने वाले के परिजनों को 25 लाख की सहायता राशि दी जा रही है। घायलों के निशुल्क इलाज की व्यवस्था के आदेश दिए हैं।

भोपाल में बर्थडे पार्टी के बाद युवकों का हाईवोल्टेज ड्रामा, तेज रफ्तार कार से कई लोगों को मारी टक्कर

भोपाल.

भोपाल में शनिवार रात एक बेकाबू कार ने खूब उत्पात मचाया। कार चला रहे युवक नशे में धुत थे। बर्थडे पार्टी के बाद उन्होंने कई लोगों, गाड़ियों और ठेलों को टक्कर मारी। करीब 10-12 किलोमीटर तक उत्पात मचाया। एक्सीडेंट में कई लोगों के घायल होने की खबर है।

बैरागढ़ इलाके में जन्मदिन मनाया फिर मचाया उत्पात
शनिवार रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच की घटना बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक सर्वा दुबे, आदित्य, तुषार खरे और संभव जायसवाल सहित कुछ युवक बैरागढ़ इलाके में जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठे हुए थे। पार्टी के दौरान शराब पी और फिर टोयोटा हाइराइडर कार से निकले।

कई लोगों और वाहनों को मारी टक्कर
पहले आदित्य नाम का युवक कार चला रहा था। फिर स्टेशन के पास उसने गाड़ी सर्वा दुबे को दे दी। सर्वा दुबे ने तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाई। रास्ते में ठेले, बाइक और कई लोगों को टक्कर मारता आगे बढ़ा। कीर्ति मेडिकल के पास से लेकर अशोका गार्डन, अयोध्या नगर, कोलार रोड और मीनाल इलाके तक तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को चपेट में लिया।

3 थानों की पुलिस ने पीछा करके किया अरेस्ट
आरोपी युवकों ने एक पुलिस आरक्षक को भी टक्कर मारी। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि कुछ युवक कार से उत्पात मचा रहे हैं तो पुलिस एक्टिव हो गई। 3 थानों की पुलिस ने कार का पीछा किया और 10-12 किलोमीटर भागने के बाद मिनाल के पास पकड़ा।

आरोपियों को भीड़ ने घेरा, पुलिस ने बचाकर निकाला
एक्सीडेंट से गुस्साए हजारों लोगों ने आरोपियों को घेर लिया। हालात बेकाबू हो गए थे। पुलिस ने आरोपी युवकों को भीड़ से बचाकर निकाला। पुलिस ने 2 आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लिया। एक आरोपी के फरार होने की आशंका है।

घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं
एक्सीडेंट में घायल लोगों के अयोध्या नगर और अशोका गार्डन इलाके के अस्पतालों में होने की संभावना है। घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन संख्या ज्यादा बताई जा रही है। सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबर: मध्यप्रदेश का नौगांव सबसे गर्म, 46.8 डिग्री पर पहुंचा पारा, खजुराहो में 46.4, भोपाल में 42.2 और इंदौर में 41.4 डिग्री तापमान

पुलिस बोली- आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई 
बजरिया थाना प्रभारी शिल्पा गौरव ने कहा कि घटना बेहद गंभीर है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अजमेर ट्रिप पर हुआ था बड़ा विवाद! ट्विशा केस में समर्थ सिंह ने कबूला झगड़ा

भोपाल.

भोपाल में त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान पति समर्थ सिंह ने बताया कि 17 अप्रैल को गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद त्विषा के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। यह बयान उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि समार्थ सिंह ने पत्नी से गर्भ में पल रहे बच्चे के पिता को लेकर सवाल पूछे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में थी।

अजमेर यात्रा को लेकर हुआ था विवाद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया कि त्विषा शर्मा और समर्थ सिंह के बीच विवाह के पांच महीनों के दौरान अक्सर विवाद होते थे। मौत से कुछ घंटे पहले भी दोनों के बीच राजस्थान के अजमेर जाने को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद 12 मई को भोपाल स्थित उनके घर में त्विषा शर्मा मृत पाई गईं।

मां को भेजे संदेशों में जताई परेशानी
जांच के दौरान त्विषा शर्मा और उनकी मां के बीच हुए संदेश भी सामने आए हैं। इन संदेशों में उन्होंने गर्भावस्था के दौरान ससुराल के माहौल को लेकर तनाव और असहजता व्यक्त की थी। एक संदेश में उन्होंने लिखा था, “मेरा दम घुट रहा है मां।” परिवार का आरोप है कि त्विषा लगातार अपने माता-पिता से उन्हें वहां से ले जाने की गुहार लगा रही थीं।

मौत से पहले मां को किया था फोन
त्विषा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में अधिकारी हैं, ने बताया कि 12 मई की रात करीब 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। बातचीत के दौरान अचानक समार्थ सिंह कमरे में पहुंचे, जिसके बाद कॉल कट गई। परिवार ने इसके बाद त्विषा , समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। कुछ घंटों बाद समार्थ की मां गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मौत की जानकारी परिवार को दी।

समार्थ सिंह पुलिस रिमांड पर
समर्थ सिंह फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। वह घटना के बाद से लापता थे और बाद में जबलपुर में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर भोपाल ले आई। उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। उनकी मां गिरिबाला सिंह, जो सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, को अग्रिम जमानत मिली है। पुलिस ने उन पर जांच में सहयोग नहीं करने और नोटिसों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

अदालत में समार्थ सिंह के व्यवहार पर चर्चा
शुक्रवार को अदालत में पेशी के दौरान समार्थ सिंह का व्यवहार भी चर्चा का विषय बना। मौजूद लोगों के अनुसार, वह अदालत में पूरी तरह शांत और आत्मविश्वास से भरे दिखाई दिए। उनके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या पछावे के संकेत नहीं थे।

AIIMS करेगा दूसरा पोस्टमार्टम
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर रविवार को नई दिल्ली स्थित AIIMS के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम भोपाल में त्विषा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम करेगी। त्विषा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मौत के बाद उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस मामले ने व्यापक जनआक्रोश पैदा कर दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu