MP को मिलेगा 6 लेन एक्सप्रेस कॉरिडोर! ग्वालियर से नागपुर का सफर होगा बेहद आसान

सागर
 ग्वालियर और नागपुर शहरों को सिक्सलेन हाइवे से जोड़ने के लिए नए कारीडोर का सर्वे तेजी से चल रहा है. इस कॉरिडोर को केंद्र सरकार द्वारा सहमति मिलने के बाद सरकार द्वारा फिजिबिलिटी सर्वे कराया जा रहा है. जिसमें ये देखा जाएगा कि इस कॉरिडोर पर कैसा ट्रैफिक रहेगा. फिलहाल ये तय किया गया है कि 40 हजार करोड़ की लागत से 569 किमी लंबा सिक्सलेन हाइवे बनाया जाएगा, जो मध्य प्रदेश के 9 जिलों से गुजरेगा. इन सभी जिलों में सिक्सलेन कॉरिडोर के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर की स्थापना की जाएगी, जो इन जिलों के व्यवसाय में पंख लगाएंगे। 

भूतल परिवहन मंत्रालय की सहमति के बाद सर्वे कार्य शुरु
ग्वालियर से नागपुर की कनेक्टिविटी अभी तक सीधे तौर पर नहीं है. ऐसे में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने ग्वालियर, बैतूल, नागपुर कारीडोर के लिए सहमति दे दी है. फिलहाल जो प्रस्ताव है, उसके तहत 40 हजार करोड़ की लागत से 569 किमी लंबा सिक्स लेन कॉरिडोर बनाया जाएगा. ये कॉरिडोर ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम और बैतूल से होते हुए नागपुर तक जाएगा. ग्वालियर से शुरू होकर यह मार्ग नागपुर तक पहुंचेगा। 

फिजिबिलिटी सर्वे और डीपीआर की तैयारी
फिलहाल इस कारीडोर के लिए NHAI (National Highways Authority of India) द्वारा फिजिबिलिटी सर्वे किया जा रहा है. जिसका उद्देश्य ये है कि इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक की स्थिति क्या होगी और क्या लाभ होगा. इसी आधार पर जल्द ही कॉरिडोर के अलाइनमेंट और डीपीआर को अंतिम रुप दिया जाएगा. फिलहाल इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि इसे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की तरह बनाया जाए. ये अभी जो सड़क हैं, उसी का चौड़ीकरण सिक्सलेन के रूप में किया जाए। 

ब्लैक स्पाॅट खत्म करने का होगा काम
प्रस्तावित ग्वालियर बैतूल नागपुर कॉरिडोर के निर्माण की शुरूआत से ही यातायात सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है. एनएचएआई कॉरिडोर के सिवनी जिले से गुजरने वाले हिस्से में लखनादौन और खवासा के बीच ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए काम कर रहा है. इन ब्लैक स्पाॅट पर अंडरपास, ओवरब्रिज और पुलों का निर्माण किया जाएगा. अंडरपास के जरिए लोकल ट्रैफिक को अलग से रास्ता दिया जाएगा। 

सफर में 6-7 घंटे कम लगेगा वक्त
इस कॉरिडोर के बनने से ग्वालियर और नागपुर के बीच यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा. फिलहाल ग्वालियर से नागपुर जाने में 22 से 24 घंटे लगते हैं. सिक्सलेन कारीडोर के बाद ये वक्त महज 16 से 18 घंटे रह जाएगा. इसके साथ ही सफर सुरक्षित हो जाएगा। 

हर जिले में इंडस्ट्रियल क्लस्टर से व्यवसाय को लगेगे पंख
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि, ”ये कॉरिडोर मध्य प्रदेश के जिन 9 जिलों से गुजर रहा है, वहां कॉरिडोर के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाए जाएंगे. जिनका उद्देश्य लाजिस्टिक हब तैयार करना है. इस कॉरिडोर से पर्यटन व्यावसाय को पंख लगने के अलावा, खनिज, फल, अनाज, दवाईयां और प्लास्टिक व्यावसाय को पंख लगेगे. उद्यमियों की लागत और सफर में लगने वाला समय कम होगा. इस हाइवे की ग्वालियर-आगरा हाइवे और नागपुर पुणे मुंबई हाइवे से कनेक्टिविटी आसान हो 
जाएगी। 

LPG New Rules: अब नियम तोड़े तो बंद होगी गैस सप्लाई, ई-KYC और 25 दिन का लॉक-इन अनिवार्य

भोपाल
 देश में रसोई गैस (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के इस्तेमाल को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा नए और कड़े नियम प्रभावी कर दिए गए हैं. सरकार की ‘एक परिवार, एक गैस कनेक्शन’ नीति के तहत जारी की गई इन गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी को रोकना और सब्सिडी के वितरण को पारदर्शी बनाना है. यदि उपभोक्ता तय समय सीमा के भीतर इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनकी गैस आपूर्ति रोकी जा सकती है। 

नए नियमों के तहत प्रमुख बदलाव और आवश्यक दिशा-निर्देश निम्नलिखित हैं
1. पीएनजी और एलपीजी का दोहरा कनेक्शन प्रतिबंधित

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन घरों में पीएनजी (PNG) कनेक्शन चालू है, वे अब घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर का उपयोग नहीं कर सकेंगे. सरकार ने साफ किया है कि पीएनजी नेटवर्क वाले क्षेत्रों में सिलेंडर की आवश्यकता नहीं है. ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर करना होगा. ऐसा न करने पर तेल कंपनियों (Indane, Bharat Gas, HP Gas) द्वारा एलपीजी कनेक्शन को ब्लॉक कर दिया जाएगा और रिफिल बुकिंग रोक दी जाएगी. उपभोक्ता अपने वितरक के पास सिलेंडर और रेगुलेटर जमा कर सुरक्षा राशि वापस पा सकते हैं। 

2. सिलेंडर बुकिंग के लिए ‘लॉक-इन पीरियड’ तय
सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और एडवांस बुकिंग पर अंकुश लगाने के लिए दो बुकिंग के बीच न्यूनतम समयावधि निर्धारित की गई है:

शहरी क्षेत्र: उपभोक्ता अपने पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के कम से कम 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे.

ग्रामीण क्षेत्र: ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच 45 दिनों का अनिवार्य अंतर रखना होगा। 

3. ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
सभी सक्रिय एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके बिना उपभोक्ताओं की रिफिल बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी. साथ ही, जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक कर योग्य आय ₹10 लाख या उससे अधिक है, उन्हें एलपीजी सब्सिडी के दायरे से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। 

4. सुरक्षित डिलीवरी के लिए DAC व्यवस्था
गैस चोरी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है. सिलेंडर की डिलीवरी तभी होगी जब उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) को डिलीवरी एजेंट के साथ साझा करेंगे. उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपने नजदीकी गैस वितरक से संपर्क कर ई-केवाईसी की स्थिति जांच लें और नियमों का समय पर पालन करें। 

 

रक्षा उत्पाद की 3 एमएसएमई इकाइयों ने डिफेंस टेक भारत 2026” में किया मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व

भोपाल 

मध्यप्रदेश की रक्षा उत्पाद से जुड़ी 3 एमएसएमई इकाइयों ने बेंगलुरु में संपन्न हुए तीन दिवसीय डिफेंस टेक भारत “Def-Tech Bharat 2026” में सहभागिता कर मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रयासों को प्रदर्शित किया।

उद्योग आयुक्त  दिलीप कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा सहभागी इकाईयों को प्रदर्शनी में स्टॉल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की इकाइयों को अपने उत्पादों एवं तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में नए व्यावसायिक अवसरों एवं संभावित साझेदारियों से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। फेस्टिवल में शामिल प्रतिभागियों ने मध्यप्रदेश की प्रस्तुतियों की सराहना भी की।

 

केन्द्रीय विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने किया संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर का निरीक्षण

भोपाल 

भारत सरकार के विद्युत सचिव  पंकज अग्रवाल ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्युत गृह की विद्युत उत्पादन क्षमता, संचालन दक्षता व कोयला लोडिंग, सैंपलिंग एवं परीक्षण प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। उन्होंने उत्पादन उपलब्धियों एवं परिचालन प्रणाली की सराहना करते हुए इसे विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का उदाहरण बताया।

 पंकज अग्रवाल ने मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की समीक्षा बैठक कर संयंत्र में कोयले की गुणवत्ता, आपूर्ति प्रक्रिया तथा परीक्षण तंत्र को विस्तार से समझा एवं अभियंताओं से इस संबंध में व्यावहारिक अनुभव और चुनौतियों की जानकारी प्राप्त की। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक  सिंह ने विद्युत सचिव को कोयले की लोडिंग, अनलोडिंग, सैंपलिंग एवं परीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया का विस्तृत प्रस्तुति‍करण दिया।

कोयला की गुणवत्ता के समाधान का आश्वासन

कोयले की गुणवत्ता एवं ग्रेड विभेद से संबंधित चुनौतियों को गंभीरता से सुनकर उन्होंने इस दिशा में सकारात्मक एवं व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कंपनी द्वारा अपनाई गई फ्लाई ऐश प्रबंधन एवं निस्तारण व्यवस्था की विशेष सराहना की तथा विशेष रूप से  सिंगाजी ताप विद्युत गृह में विकसित प्रणाली को इस क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल बताया।

विद्युत उत्पादन यूनिट के बेहतर प्रदर्शन को बताया सराहनीय

 अग्रवाल ने कंपनी के विद्युत उत्पादन प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की उत्पादन इकाइयाँ उच्च दक्षता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं, जो सराहनीय है। उत्पादन क्षमता के साथ गुणवत्ता आधारित संचालन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में कंपनी के प्रयास उल्लेखनीय हैं।

बिरसिंगपुर परिसर के पर्यावरण को सराहा

केन्द्रीय विद्युत सचिव  अग्रवाल व पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक सहित उपस्थित वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा विद्युत गृह परिसर में वृक्षारोपण किया गया।  अग्रवाल ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह परिसर में विकसित हरित वातावरण, स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे सतत् एवं उत्तरदायी औद्योगिक संचालन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

 

सादगी और मितव्ययिता का संदेश, जनसेवा का अटल संकल्प

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सादगी से जनसेवा की एक अलग मिसाल पेश की। सिंगरौली की धरा पर उतरते ही मुख्यमंत्री ने मितव्ययिता के जरिए जनसेवा का अटल संकल्प व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ एक टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल (एनसीएल ग्राउंड) पहुंचे।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सादगी, जनसरोकार और संसाधनों के संयमित एवं समुचित उपयोग के संदेश को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री अपने कारकेड और विशेष काफिले के बजाय टूरिस्ट बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जिससे उनकी सादगीपूर्ण और जनसामान्य से जुड़ी कार्यशैली की झलक मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ बस में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री मती संपतिया उइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सिंगरौली  रामनिवास शाह, विधायक देवसर  राजेंद्र मेश्राम, विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम, विधायक सिंहावल  विश्वामित्र पाठक तथा मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन भी मौजूद थे। साथ ही सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  वीरेंद्र गोयल, नगर निगम अध्यक्ष  देवेश पाण्डेय, जनप्रतिनिधि  कांतदेव सिंह एवं  सुंदरलाल शाह भी बस में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सरल और सहज अंदाज नागरिकों को भा गया। बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि जनप्रतिनिधियों की पहचान केवल पद और प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव, सादगी और सेवा भावना से होती है। मुख्यमंत्री का यह कदम प्रधानमंत्री  मोदी के उस मितव्ययितापूर्ण दृष्टिकोण को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसमें जनप्रतिनिधियों को सादगी, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों के साथ काम करने की प्रेरणा दी जाती है।

 

 

शुभ-लाभ” भारतीय अर्थचिंतन का मूल दर्शन है, जीवन-दर्शन का शाश्वत आधार है : मंत्री परमार

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स केवल वित्तीय विशेषज्ञ नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति, पारदर्शिता एवं सुशासन के सशक्त स्तंभ हैं। भारतीय परम्परा में अर्थव्यवस्था का चिंतन केवल लाभ और उपभोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह नैतिकता, लोककल्याण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित एक व्यापक दार्शनिक दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है। “शुभ-लाभ” भारतीय अर्थचिंतन का मूल दर्शन है, जिसमें कमाई ईमानदारी, सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा से हो तथा उसका उपयोग समाजोपयोगी कार्यों एवं लोककल्याण के लिए किया जाए। मंत्री  परमार शनिवार को, भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह में नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री  परमार ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण “वसुधैव कुटुम्बकम्” का है, जहाँ दुनिया केवल बाजार नहीं, बल्कि आत्मीयता, सहअस्तित्व और मानवता से जुड़ा एक परिवार है। भारत की यही सांस्कृतिक चेतना, हमें विश्वमंच पर पुनः सिरमौर बनने की संकल्पना को साकार करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने नव-योग्य सीए विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, क्षमता एवं कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए समाज, राष्ट्र एवं मानवता के कल्याण के लिए समर्पित करने का आह्वान किया।

मंत्री  परमार ने युवाओं से जीवन को समाजोपयोगी बनाते हुए राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज देश को ऐसे युवा पेशेवरों की आवश्यकता है, जो नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता एवं राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभाएँ। मंत्री  परमार ने सभी नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उज्ज्वल एवं सफल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य सीए अभय छाजेड़ ने भी नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, प्रोफेशन में उपलब्ध नई संभावनाओं तथा बदलते समय के साथ निरंतर सीखते रहने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को प्रोफेशन में उत्कृष्टता प्राप्त करने एवं ICAI की गरिमा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

दीक्षांत समारोह में भोपाल शाखा के लगभग 80 नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने अपने अभिभावकों के साथ सहभागिता कर उपाधि एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त किए। इस अवसर पर भोपाल शाखा के अध्यक्ष सीए आदित्य वास्तव, सचिव सीए अभिषेक जैन, पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सचिव, वरिष्ठ सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में देशभर के 10 हजार 390 नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने एक साथ सहभागिता की। यह समारोह केंद्रीय स्तर पर आयोजित किया गया, जिसमें देश की विभिन्न शाखाओं ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। भोपाल शाखा को पहली बार इस गौरवपूर्ण आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ।

“राइजिंग मध्यप्रदेश” के विजन के साथ निवेश, नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर हो रहे सृजित : मंत्री परमार

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज उद्योग, कृषि, तकनीक एवं ऊर्जा के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। “राइजिंग मध्यप्रदेश” के विजन के साथ प्रदेश में निवेश, नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

मंत्री  परमार शनिवार को गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं भारतीय मीडिया एंड इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में भोपाल स्थित एम.एस.एम.ई. एग्जीबिशन सेंटर, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय “तृतीय संस्करण इंडिया इंडस्ट्रियल मशीनरी एंड टूल्स एक्सपो–2026” तथा “भारत सोलर एंड ईवी एक्सपो–2026” के द्वितीय दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

मंत्री  परमार ने प्रदर्शनी में लगी विभिन्न औद्योगिक मशीनरी, आधुनिक उपकरणों, सोलर तकनीक एवं ईवी सेक्टर से संबंधित स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता, आधुनिक मशीनरी तथा औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मंत्री  परमार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश में औद्योगिक विकास, तकनीकी उन्नयन, नवाचार एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प एवं मुख्यमंत्री डॉ.यादव के औद्योगिक विकास के विजन को साकार करने की दिशा में ऐसे एक्सपो प्रभावी मंच सिद्ध हो रहे हैं, जो प्रदेश में तकनीकी विकास, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार की संभावनाओं को और अधिक सशक्त बनाएंगे।

कार्यक्रम में गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष  विजय गौड़ एवं भारतीय मीडिया एंड इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर  भारत बालियान द्वारा मंत्री  इन्दर सिंह परमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह प्रदर्शनी 22 से 24 मई तक आयोजित है, जिसमें देशभर की अनेक औद्योगिक, मशीनरी, सोलर एवं ईवी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियाँ सहभागिता कर रही हैं।

 

MP में किसानों का अनोखा विरोध, प्याज की बोरियों को पहनाई माला, बोले- खेती घाटे का सौदा

पिपलियामंडी

लगातार गिरते प्याज के दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। मेहनत, लागत और महीनों की देखभाल के बाद भी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं।

आक्रोश के बीच शनिवार को मल्हारगढ़ ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बालागुड़ा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्याज उत्पादक किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि खेती अब फायदे का नहीं बल्कि घाटे का सौदा बन चुकी हैं।

किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करते हुए प्याज पर माला चढ़ाकर और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। किसानों का कहना था कि जिस प्याज की फसल से उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद थी, वहीं अब उनके लिए परेशानी और कर्ज का कारण बन गई हैं।

किसान सुनील बद्रीलाल पाटीदार ने बताया कि उन्होंने करीब 2 बीघा जमीन में प्याज की खेती की थी। अच्छी मेहनत और देखभाल के बाद करीब 150 क्विंटल प्याज का उत्पादन हुआ, लेकिन वर्तमान बाजार भाव किसानों के लिए किसी सदमे से कम नहीं हैं। खेती में खाद, बीज, मजदूरी, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और कटाई सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपए का खर्च आया हैं।

इसके बावजूद मंडियों में प्याज के भाव मात्र 200 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि मंडी तक प्याज ले जाने का भाड़ा तक नहीं निकल रहा। मल्हारगढ़ ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार एक तरफ ‘किसान कल्याण वर्ष’ मनाने की बात कर रही हैं, जबकि दूसरी ओर किसान बदहाली और आर्थिक संकट से जूझ रहा हैं।

जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं किसान तुलसीराम पाटीदार ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही हैं। खेती में दिन-रात मेहनत करने और लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही हैं।

किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिनेश पाटीदार ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे ज्यादा परेशान और दुखी देश का अन्नदाता किसान हैं। बालागुड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान प्याज की खेती करते हैं और अच्छी फसल की उम्मीद में भारी निवेश करते हैं, लेकिन लगातार गिरते दामों ने किसानों की कमर तोड़ दी हैं।

किसानों और कांग्रेस नेताओं ने प्याज पर माला चढ़ाकर तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मंडलम अध्यक्ष परमानंद पाटीदार, प्रहलाद पाटीदार, सुनील पाटीदार, लक्ष्मीनारायण पाटीदार, जयशंकर भोला भाई, निलेश पाटीदार, अंशुल पाटीदार, पवन पाटीदार आदि उपस्थित थे।

 

मध्यप्रदेश का पॉवर हाउस है सिंगरौली, अब बनेगी गोल्ड सिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब, युवा, नारी और किसान हमारी प्राथमिकता है। गरीबों का कल्याण, बहनों का सम्मान, युवाओं को अवसर और किसानों के हित में जो भी मदद संभव होगी, हम वो सब करेंगे। मध्यप्रदेश में 89 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में जुलाई 2023 से मात्र 450 रुपये में बहनों को निरंतर घरेलू गैस सिलेण्डर दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मई के महीने में प्रदेश की बहनों को डबल सौगात मिली है। इसी माह 13 तारीख को प्रदेश की सवा करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना के 1500-1500 रुपये पहुंचे है और आज (23 मई को) गैस सिलेंडर भरवाने की सब्सिडी राशि भी उन्हें मिल रही है। वृद्धजनों के सम्मान में भी सरकार ने कभी कोई कमी नहीं की। इसी कार्यक्रम के जरिये प्रदेश के 33 लाख 71 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को अप्रैल माह की 202 करोड़ 26 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सिंगरौली नगर के एनसीएल ग्राउण्ड में महिलाओं को गैस रिफिलिंग सब्सिडी एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि वितरण तथा विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से पात्रतानुसार राशि का अंतरण संबंधित हितग्राहियों के खातों में किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार अंत्योदय और विकास के पथ पर अभूतपूर्व कार्य कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण और गांवों की गली-गली का विकास ही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा किआज यदि हमारा विंध्य क्षेत्र प्रगति, उन्नति, पर्यटन और आधुनिक अधोसंरचनाओं के विकास की नई कहानी लिख रहा है, तो इसका केंद्र बिन्दु सिंगरौली ही है। उन्होंने कहा कि विंघ्य अब रिन्यूएबल एनर्जी का भी हब बन रहा है। रीवा जिले में एशिया के सबसे बड़े सोलर पार्क का प्लांट बना है। जल्द ही यह क्षेत्र एनर्जी-इंडस्ट्री-स्पिरिचुअल कॉरिडोर के रूप में उभरेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जाधानी सिंगरौली पूरे देश की ऊर्जा शक्ति का मजबूत आधार बन चुका है। सिंगरौली मध्यप्रदेश का पॉवर हाउस है। यह प्रदेश का ग्रोथ सेन्टर भी है। इसके विकास के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला किंग सिंगरौली अब गोल्ड सिटी बनने जा रही है। सिंगरौली में प्रदेश के पहले चकरिया गोल्ड ब्लॉक के लिए अनुबंध हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली गौरव दिवस की पूर्व संध्या अवसर पर पूरे जिले को 552 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत वाले 71 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी। सिंगरौली जिले का गठन 24 मई 2008 को किया गया था। यह राज्य का 50वां जिला है। इसका जिला मुख्यालय वैढ़न (बैढ़न) में स्थित है। मुख्यमंत्री ने यहां 486 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से 50 विकास कार्यों का भूमि पूजन तथा 65 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से 21 नवनिर्मित विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें सीएसआर के तहत 19 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों (सिंगरौली में 13.30 करोड़ से स्पोर्टस काम्प्लेक्स के निर्माण सहित) का भूमि पूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने मंच से शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ दिव्यांग भाई-बहनों को ट्राय सायकिल देकर उनके जीवन में खुशियों का नया रंग भर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई विभिन्न मांगों के संबंध में कहा कि आपकी भावना ही हमारी भावना है। क्षेत्र के विकास के लिए जो भी मांग की गई है, वे सभी पूरी की जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी अलग ही पहचान बना रहा है। मध्यप्रदेश भी इस विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के कल्याण के लिए प्रदेश के खजाने में कोई कमी नहीं है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें समृद्ध हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल बचाना हमारी जरूरत है। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण का महाभियान चल रहा है। सोमवार, 25 मई को प्रदेशव्यापी गंगा दशहरा महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस दिन प्रदेश के हर गांव-शहर में शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधि, आमजन सब एक साथ मिल-जुलकर पुराने जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए कार्य करेंगे। कार्यक्रम में सरकार के तीन माह तक लगातार चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ पर केन्द्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सिंगरौली जिले के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगरौली को रेल, सड़क और हवाई मार्ग की सौगातें मिली हैं। एक दौर में यहां की जनता आवागमन के लिए परेशान होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की एमपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में सिंगरौली जिले के 5 विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संभावनाओं की धरती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली जिले के 4 सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 90.14 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं का 89.14 प्रतिशत आया है। यह भगवान कृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के नाम पर प्रदेश में विद्यालय खोलने का सरकार को मिला इनाम है। भगवान कृष्ण ने महाभारत में कर्मवाद के सिद्धांत पर पवित्र गीता का संदेश दिया। भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग हम सभी को मित्रता की महत्ता बताता है। राज्य सरकार प्रदेशभर में गीता भवनों का निर्माण कर रही है। गांवों की समृद्धि के लिए बिजली और पानी के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में सबसे पहले नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। देश की आजादी के बाद के 55 साल तक प्रदेश में बिजली का उत्पादन सिर्फ 5000 मेगावाट हुआ करता था। लेकिन बीते 20 सालों में ही हमारी सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश का बिजली उत्पादन बढ़कर 25 हजार मेगावाट से अधिक हो गया है। अब दिल्ली की मेट्रो ट्रेन भी मध्यप्रदेश में पैदा हुई बिजली से चल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पशुपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। वैश्विक संकट के दौर में किसानों का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। राज्य सरकार किसानों से किए सभी वादे पूरे कर रही है। सच्चा वादा-पक्का काम हमारा संकल्प है। इसी संकल्प के चलते प्रदेश में किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में गेहूं के बढ़ते उत्पादन को देखते हुए केन्द्र सरकार प्रदेश की गेहूं खरीदी का कोटा 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। प्रत्येक किसान का गेहूं खरीदने के लिए स्लॉट बुकिंग की तारीख 28 मई तक बढ़ाई गई है। हमारी सरकार किसानों द्वारा उत्पादित गेहूं का दाना-दाना खरीदेगी।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक संकट के समय पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री  मोदी के भाव के अनुरूप हम भी सादगी और मितव्यता से काम कर रहे हैं। हमने अपना कारकेड छोटा कर लिया है और आज ही सिंगरौली से बस से यात्रा का क्रम प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि आप लोग भी अनावश्यक खर्च से बचें, जो जरूरी है वो ही करें। आज सामूहिक विवाह समारोहों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने खुद के पुत्र का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराया है। सामूहिक विवाह सम्मेलन धन, समय एवं ऊर्जा के अपव्यय को रोकने का बड़ा जरिया हैं।

सीधी-सिंगरौली लोकसभा क्षेत्र से सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि सिंगरौली को जिला बने 18 वर्ष पूरे हो चुके हैं। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली के भविष्य की नींव रखी गई है। सिंगरौली को 552 करोड़ की लागत के 71 विकास कार्यों की सौगात मिली है। सीधी को सिंगरौली से जोड़ने के लिए मुख्य मार्ग और 35 प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों का भूमि-पूजन हुआ है। चितरंगी में 25 करोड़ की लागत के 100 बेड के अस्पताल की नींव रखी गई है। सिंगरौली में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का भूमि-पूजन भी किया गया है। सिंगरौली में 35 करोड़ की लागत के 21 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भी शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री को जनअपेक्षाओं से अवगत कराते हुए मांग रखी कि सिंगरौली एयरपोर्ट को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नियमित संचालन की मंजूरी दिलाई जाए। सिंगरौली की हवाई पट्टी रीवा एयरपोर्ट से भी लंबी है। उन्होंने सिंगरौली में अंतर्राज्यीय बस अड्डा बनाए जाने की मांग भी की।

विधायक सिंगरौली  रामनिवास शाह ने कहा कि आज कोयला खदान और बिजली उत्पादन के मामले में सिंगरौली ने देश में अपनी नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि सिंगरौली में श्रम न्यायालय, जिला उपभोक्ता केंद्र, जिला जेल बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जनता की मांग पर सिंगरौली में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाए जाने की मांग की।

इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री मती सम्पतियाउइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री मती राधा सिंह, विधायक देवसर  राजेन्द्र मेश्राम, विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम, विधायक सिंहावल  विश्वामित्र पाठक सहित अन्य जिला एवं ब्लॉक स्तरीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते दो सप्ताह के दौरान विभिन्न जिलों में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ 7 लाख रुपए से अधिक की अवैध शराब, तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। साथ ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है।

सागर जिले में मकरोनिया एवं यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अंग्रेजी शराब से भरे एक कंटेनर ट्रक को पकड़ा। पुलिस ने करीब 1500 पेटी अंग्रेजी शराब सहित लगभग 1 करोड़ 8 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा थाना पुलिस ने 2574 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बोलेरो पिकअप सहित 27 लाख 74 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने 4859 लीटर अवैध देशी एवं अंग्रेजी शराब के साथ 9 चार पहिया और 5 दुपहिया वाहन जब्त किए, जिनकी कुल कीमत करीब 80 लाख 62 हजार रुपए आंकी गई है।

इंदौर जिले की कनाडिया थाना पुलिस ने 340 पेटी बीयर यानी 4080 लीटर बीयर सहित लगभग 74 लाख 24 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। धार जिले के धामनोद थाना पुलिस ने ट्रक से 514 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद कर ट्रक सहित करीब 40 लाख 84 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की।

रतलाम पुलिस ने कंटेनर ट्रक से 5172 बल्क लीटर अवैध बीयर जब्त करते हुए लगभग 25 लाख 68 हजार रुपए की कार्रवाई की। आलीराजपुर जिले के आजादनगर और जोबट थाना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में 120 पेटी अवैध शराब, 40 पेटी बीयर और 33 पेटी बीयर सहित करीब 15 लाख 97 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की।

मुरैना जिले की कोतवाली, माताबसैया और रिठौराकलां थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में अवैध देशी शराब और बोलेरो वाहन सहित लगभग 7 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। कटनी जिले में ऑपरेशन “शिकंजा” के तहत विजयराघवगढ़ पुलिस ने अवैध शराब और कार सहित करीब 6 लाख 39 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की।

डिंडोरी जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने 84.39 लीटर अवैध शराब, मोटरसाइकिल, मोबाइल और नगदी सहित 5 लाख 37 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं सीधी जिले के जमोड़ी थाना पुलिस ने बोलेरो वाहन से 25 पेटी बीयर सहित लगभग 5 लाख 75 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की।

दतिया जिले के अतरेटा थाना पुलिस ने 146 लीटर अवैध शराब और स्कॉर्पियो वाहन सहित करीब 4 लाख 61 हजार रुपए की कार्रवाई की। छतरपुर जिले में ईशानगर और जुझारनगर पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में अवैध शराब और कार सहित लगभग 1 लाख 70 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की।

सिंगरौली जिले के बरगवां थाना पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर कार से 152 लीटर अवैध शराब जब्त कर करीब 1 लाख 81 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं उज्जैन जिले की नागझिरी थाना पुलिस ने 312 क्वार्टर अवैध अंग्रेजी शराब और मोटरसाइकिल सहित 1 लाख 74 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है।

मध्यप्रदेश police का कहना है कि अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आमजन की सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई निरंतर की जा रही है।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu