मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती सरोज देवी माहेश्वरी को दी श्रद्धांजलि

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना पहुंचकर मणिकांत माहेश्वरी की माताजी स्व. श्रीमती सरोज देवी माहेश्वरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी कोतवाली के पीछे स्थित माहेश्वरी निवास में स्व. श्रीमती माहेश्वरी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, खजुराहो सांसद बीडी शर्मा, महापौर योगेश ताम्रकार, समाजसेवी श्रीकृष्ण माहेश्वरी, पूर्व महापौर ममता पाण्डेय, पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र, समाजसेवी डॉ. स्वप्ना वर्मा, सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा का त्वरित असर: कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा बीते दिन आरंग विकासखंड के एलआरसी सेंटर, कोसरंगी के अवलोकन किया गया था तथा कोसरंगी में जन चौपाल के दौरान की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए आज मीरा एवं राधा ग्राम संगठन, कोसरंगी की महिलाओं को 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं।

मुख्यमंत्री  साय ने एलआरसी सेंटर के निरीक्षण के दौरान ग्राम संगठन की महिलाओं से मुलाकात कर उनके आजीविका गतिविधियों और कार्यों की जानकारी ली थी।  महिलाओं ने जन चौपाल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री  साय ने महिलाओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को शीघ्र सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन करते हुए आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम संगठन की दीदियों को जिला पंचायत सदस्य  गुरु सौरभ साहेब एवं  जनपद पंचायत आरंग अध्यक्ष मती ताकेश्वरी मुरली साहू की उपस्थिति में सिलाई मशीन प्रदान किया गया।

ग्राम कोसरंगी के ग्राम संगठन की दीदी मती सपना पटेल ने बताया कि मेरे समूह कल जन चौपाल में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी हमारे गांव आए थे जहां हमने सिलाई मशीन की मांग की जिसके बाद हमे आज जिला प्रशासन द्वारा सिलाई मशीन दे दी गई। मीरा ग्राम संगठन की सदस्य मती यशोदा मांडले ने बताया कि कल हमारे ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री  जी का कार्यक्रम था जिसमें हमने सिलाई मशीन की मांग की थी और हमें सिलाई मशीन मिल गई।

मांग जल्द पूरी होने पर उत्साहित दीदियों ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने उनकी जरूरत को समझते हुए तुरंत निर्णय लिया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ताकत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित होगा।

राज्य स्तरीय जैव-विविधता पुरस्कारों में दक्षिण पन्ना का परचम, “जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” सम्मान से हुआ सम्मानित

भोपाल

अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस 22 मई 2026 के अवसर पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा घोषित “राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार 2024 एवं 2025” में दक्षिण पन्ना वनमण्डल को “जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” श्रेणी में सम्मानित किया गया।

दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा जैव-विविधता संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनेक अभिनव एवं जनभागीदारी आधारित कार्य किए गए। वनमण्डल द्वारा पक्षियों, तितलियों, औषधीय पौधों, विरासत वृक्षों, प्राकृतिक झिरियों तथा स्थानीय जैविक धरोहरों का व्यापक अभिलेखीकरण एवं दस्तावेजीकरण किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जैव-विविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए गए। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में दक्षिण पन्ना द्वारा “वल्चर फ्रेंडली गौशाला”, सतत मॉनिटरिंग, प्रतिबंधित दवाइयों की रोकथाम एवं ग्रामीण सहयोग आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021 में जहां गिद्धों की संख्या 614 थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1127 तक पहुँच गई।

मानव-सर्प संघर्ष को कम करने एवं सर्पदंश से बचाव के लिये दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा विशेष “सांप-सीढ़ी” आधारित शैक्षणिक खेल विकसित किया गया। इस नवाचार के माध्यम से हजारों बच्चों एवं ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार एवं वैज्ञानिक जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई गई। इस पहल से जनजागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा मानव-सर्प संघर्ष संबंधी भ्रांतियों को कम करने में सहायता मिली।

व्यक्तिगत (शासकीय) श्रेणी में दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रथम पुरस्कार एवं वनरक्षक  वीरेंद्र पटेल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा दक्षिण पन्ना क्षेत्र में 129 महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का अभिलेखीकरण एवं जनजागरूकता कार्य किया गया। वहीं  वीरेंद्र पटेल द्वारा कल्दा क्षेत्र में 97 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण कर पक्षी एवं जैवविविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय कार्य किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल की यह उपलब्धि जनभागीदारी, टीम भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार आधारित संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। यह सम्मान न केवल दक्षिण पन्ना वन विभाग बल्कि पूरे पन्ना जिले के लिए गौरव का विषय है तथा भविष्य में जैव-विविधता संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रेरणादायक सिद्ध होगा।

जैव-विविधता संरक्षण में डिंडोरी वनमण्डल हुआ पुरस्कृत

मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रारंभ किये गये “राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 एवं 2025 अंतर्गत वनमंडल डिंडोरी को पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध श्रेष्ठ वनमंडल अतंर्गत वर्ष 2023-24 में प्रथम स्थान एवं वर्ष 2024-25 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष  वीरेंद्र आर. तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने की तथा राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. बी. बालाजी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव  सुदीप सिंह ने किया। राज्य स्तरीय पुरस्कार दक्षिण पन्ना वनमण्डल की ओर से वनमण्डलाधिकारी अनुपम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवई  नितेश पटेल एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्दा  परिवेश भदौरिया द्वारा प्राप्त किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल के नामांकन की अनुशंसा जिला कलेक्टर मती उषा परमार एवं वनमण्डलाधिकारी द्वारा की गई थी।

 

देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, दो और मरीजों ने तोड़ा दम; मृतकों की संख्या 8 हुई

देवास 

देवास जिले के टोंककला में 14 मई को हुए पटाखा फैक्टरी हादसे में झुलसे अजय और निरंजन ने भी दम तोड़ दिया। शुक्रवार रात इलाज के दौरान दोनों घायलों की मौत हो गई। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। फैक्ट्री विस्फोट के बाद से दोनों का उपचार MYH में चल रहा था। बर्न यूनिट में दोनों मरीजों की हालत अभी बेहद गंभीर बनी हुई थी। दोनों बिहार के रहने वाले थे।

वहीं इंदौर के एमवाय अस्पताल में एडमिट एक मरीज की सोमवार रात मौत हो गई थी। सोमवार को जिस मरीज की मौत हुई थी उसका नाम राम (20) पिता मुकेश कुमार था।
वहीं हादसे में घायल विशाल (25) को सिर में गंभीर चोट आने के बाद न्यूरो सर्जरी वार्ड में एडमिट है। धमाके के दौरान विशाल दूर जाकर गिर पड़ा था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और खून का थक्का जम गया। विशाल की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। विशाल को आज दोपहर 1 बजे बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

बर्न यूनिट में संक्रमण की आशंका को देखते हुए पांच नर्सिंग कर्मचारियों की शिफ्ट वाइज 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। उधर, चोइथराम हॉस्पिटल में एडमिट चार मरीजों में से तीन को सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। अभी यहां एक मरीज एडमिट है। उसकी हालत ठीक है। उसे बुधवार को डिस्चार्ज किया जाएगा।

देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मृत मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार के थे। शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की जानकारी सामने आई थी। गुरुवार देर रात अमलतास अस्पताल में इलाजरत दो मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। अब राम की मौत सहित मृतकों की संख्या छह हो गई है।

ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के मकान तक हिल गए। हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखे। कुछ लोगों के कपड़े स्किन से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर बाल और जले अवशेष बिखरे पड़े मिले।

ग्वालियर में दर्दनाक घटना! दुल्हन के बाद दूल्हे ने भी लगाई फांसी, 27 दिन पहले हुई थी शादी

ग्वालियर
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवविवाहित जोड़े की आत्महत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. एक महीने पहले जिन दो परिवारों में शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. सिद्धार्थ कांदिल और मेघा उर्फ ज्योति की शादी 25 अप्रैल को हुई थी, लेकिन शादी के 27 दिन बाद ही दोनों की मौत हो गई। 

जानकारी के मुताबिक, शादी के कुछ दिन बाद मेघा अपने मायके मुरार चली गई थी. बताया जा रहा है कि 1 मई को वह मायके पहुंची थी. इसके बाद 20 मई को उसने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. नवविवाहिता की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। 

पत्नी की मौत से सिद्धार्थ पूरी तरह टूट गया था. बताया जा रहा है कि वह गहरे सदमे में चला गया था. पत्नी की मौत के दो दिन बाद 22 मई को सिद्धार्थ ने भी पिंटो पार्क स्थित अपने घर के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

पुलिस जांच में जुटी, मोबाइल रिकॉर्डिंग खंगाल रही टीम
घटना के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है. जिन घरों में कुछ दिन पहले शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ आंसू और मातम दिखाई दे रहा है. नवविवाहित जोड़े की लगातार दो मौतों ने सभी को हैरान कर दिया है। 

मामले में पुलिस ने दोनों घटनाओं को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल रिकॉर्डिंग की मदद से आत्महत्या की वजह तलाशने में जुटी हुई है. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है। 

सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और मोबाइल रिकॉर्डिंग समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके। 

Twisha Sharma Case: पति समर्थ को भोपाल कोर्ट से बड़ा झटका, 7 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर

भोपाल
भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. कड़ी सुरक्षा के बीच समर्थ को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता की अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में भारी भीड़ देखने को मिली. इस दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मामले की विस्तृत बहस हुई। 

पुलिस ने रिमांड के लिए तर्क देते हुए कहा कि घटनास्थल का वेरिफिकेशन, अन्य साक्ष्यों की जब्ती और विस्तृत बयान दर्ज करने के लिए आरोपी का कस्टडी में रहना जरूरी है. वहीं बचाव पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकांश साक्ष्य पहले ही जुटाए जा चुके हैं और एक दिन की रिमांड पर्याप्त है. सुनवाई के दौरान मृतका ट्विशा के भाई मेजर हर्षित समेत परिजन भी अदालत पहुंचे। 

पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड, कोर्ट ने तुरंत कर दी मंजूर, परिजन बोले- पहली जीत मिली

ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह की 7 दिन की रिमांड भोपाल कोर्ट ने मंजूर कर दी है. कोर्ट ने आरोपी का पासपोर्ट भी जब्‍त कर लिया है. कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को माना. इधर, समर्थ के वकीलों ने इसका विरोध किया और कोर्ट से केवल 1 दिन की रिमांड देने का अनुरोध किया था. ट्विशा के परिजनों ने इसे अपनी पहली जीत बताया है. पुलिस ने जिला अस्‍पताल में मेडिकल कराने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया था. समर्थ सिंह के भाई सिद्धार्थ और वकीलों की टीम पहले से ही कोर्ट परिसर में थी. समर्थ सिंह की अग्रिम बेल पहले ही कोर्ट रद्द कर चुकी थी, इसके बाद समर्थ फरार हो गया था और उस पर 30 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। 

दूसरे पोस्टमार्टम के लिए आज भोपाल पहुंचेगी AIIMS दिल्ली की टीम, चार्टर्ड विमान से रवाना होंगे डॉक्टर

 ट्विशा शर्मा डेथ केस में दूसरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक AIIMS दिल्ली की फॉरेंसिक टीम रविवार को भोपाल पहुंचेगी. यह टीम ट्विशा शर्मा के दोबारा पोस्टमार्टम के लिए गठित किए गए मेडिकल बोर्ड का हिस्सा होगी. सूत्रों के अनुसार अदालत के आदेश में केवल AIIMS दिल्ली के निदेशक को मेडिकल बोर्ड गठित करने के लिए अधिकृत किया गया था. कोर्ट का आदेश मिलने के बाद AIIMS दिल्ली के फॉरेंसिक विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने निदेशक की मंजूरी से चार वरिष्ठ डॉक्टरों का विशेष मेडिकल बोर्ड तैयार किया है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रविवार सुबह पोस्टमार्टम कराने के लिए आधिकारिक अनुरोध AIIMS दिल्ली को भेजा गया. इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी. टीम अत्याधुनिक फॉरेंसिक उपकरणों के साथ रविवार शाम करीब 6 बजे राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए चार्टर्ड विमान से भोपाल के लिए रवाना होगी. यही मेडिकल बोर्ड ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम करेगा. पूरे मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है, क्योंकि केस पहले ही हाई प्रोफाइल और संवेदनशील बन चुका है। 

 पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड, समर्थ के वकील ने किया विरोध, बोले- एक दिन काफी

 ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपी समर्थ सिंह को लेकर कोर्ट में शनिवार को अहम सुनवाई हुई. पुलिस ने अदालत से समर्थ सिंह की 7 दिन की रिमांड मांगी. पुलिस का तर्क था कि मामले में स्पॉट वेरिफिकेशन कराना है, कई अन्य साक्ष्यों की जब्ती बाकी है और कुछ लोगों के विस्तृत बयान भी दर्ज किए जाने हैं. जांच एजेंसी ने कहा कि केस में डिजिटल एविडेंस और घटनास्थल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल अभी जारी है, इसलिए आरोपी से लंबी पूछताछ जरूरी है. वहीं समर्थ सिंह के वकील ने पुलिस की मांग का विरोध किया. बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में जरूरी साक्ष्यों की जब्ती पहले ही हो चुकी है और लंबे समय की रिमांड की आवश्यकता नहीं है. वकील ने कहा कि यदि पूछताछ करनी भी है तो एक दिन की रिमांड पर्याप्त होगी. मामले को लेकर अदालत में दोनों पक्षों के बीच विस्तृत बहस हुई. अब कोर्ट के फैसले पर सभी की नजर टिकी हुई है। 

समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने किया गिरफ्तार

ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जबलपुर पुलिस ने समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस को हैंडओवर कर दिया था. पुलिस उसे भोपाल ले आई है और दोपहर तक उसे कोर्ट में पेश किया।

समर्थ सिंह शुक्रवार (22 मई) को जबलपुर जिला जज के कोर्ट रूम में सरेंडर करने पहुंचा था. 12 मई से फरार चल रहे समर्थ सिंह पर 30 हजार रुपये का इनाम रखा गया था. इसके अलावा, पुलिस ने लुक आउट नोटिस भी जारी किया था. इस बीच समर्थ सिंह के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी और जज को बताया था कि समर्थ सरेंडर करने को तैयार है। 

गिरफ्तारी से बच रहा था समर्थ सिंह
शुक्रवार को सरेंडर करने के बाद भोपाल पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था. अब समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. पेशे से वकील समर्थ सिंह 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से गिरफ्तारी से बच रहा था. बार काउंसिल ने उसकी वकालत का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. जबलपुर जिला न्यायालय में उसके मौजूद होने की खबर मिलने के कुछ देर बाद जबलपुर पुलिस ने समर्थ को हिरासत में लिया और ओमती थाने ले गई, जहां उसे भोपाल पुलिस को सौंप दिया गया। 

पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. इससे पहले, शुक्रवार को समर्थ सिंह ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अपनी याचिका वापस ले ली थी. इसके साथ ही समर्थ के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. आत्मसमर्पण के लिए जबलपुर जिला कोर्ट पहुंचने पर भी गहमागहमी रही क्योंकि ट्विशा के परिजनों के वकील ने यह कहते हुए विरोध किया कि हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक आरोपी समर्थ को या तो भोपाल जिला न्यायालय या फिर मामले के जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहिए। 

ऑयल कंपनियों के नए नियम से बढ़ी मुश्किलें, भोपाल निगम को अब ₹49 महंगा पड़ेगा डीजल

भोपाल 

 हैं। अब उन्हें आम उपभोक्ताओं के मुकाबले 30 प्रतिशत तक महंगा ईंधन खरीदना पड़ेगा। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। भोपाल नगर निगम की बात करें तो अब उसे 49 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त देने होंगे। 

बता दें कि कुछ दिन पहले तेल कंपनियों द्वारा बल्क उपभोक्ताओं के लिए डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए थे। अब कंपनियों ने पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बल्क उपभोक्ताओं को डिस्काउंट रेट पर नहीं, बल्कि निर्धारित बल्क रेट पर ही डीजल-पेट्रोल दिया जाए।

कंपनियों ने यह भी हिदायत दी है कि यदि किसी पंप से बल्क उपभोक्ताओं को कम दरों पर डीजल-पेट्रोल दिया गया तो संबंधित पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसका असर भोपाल में देखने को मिलने लगा है।

पुराने रेट पर डीजल देने से इनकार
नगर निगम की कचरा कलेक्शन गाड़ियां जब तय रिटेल पंपों पर डीजल लेने पहुंचीं तो पंप संचालकों ने पुराने रेट पर डीजल देने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों को बताया गया कि अब बल्क उपभोक्ताओं को 142 रुपए प्रति लीटर की दर से ही डीजल मिलेगा। पहले नगर निगम को करीब 93 रुपए प्रति लीटर की दर से डीजल मिल रहा था। यानी नए और पुराने रेट में करीब 49 रुपए प्रति लीटर का अंतर आ गया है।

कचरा कलेक्शन के काम पर असर
बताया जाता है कि पंपों से समय पर डीजल नहीं मिलने के कारण करीब 2 से 3 घंटे तक कचरा कलेक्शन का काम प्रभावित रहा। अफसरों की दखल के बाद पंपों से डीजल सप्लाई शुरू हुई। जिसके बाद कचरा कलेक्शन दोबारा शुरू किया गया। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन देर से हुआ, जबकि कुछ स्थानों पर गाड़ियां तय समय पर नहीं पहुंच सकीं।

अब तक 5 रुपये महंगे हुए, जानें नई कीमतें

आज शनिवार सुबह फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि की है. ताजा जानकारी के मुताबिक पेट्रोल में करीब 87 पैसे और डीजल के दामों में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई है. इसके साथ-साथ सीएनजी के दाम भी बढ़ाए गए हैं। 

बता दें, मिडिल ईस्ट में तनाव का साफ असर अब दिखाई देने लगा है. आम जनता पर लगातार महंगाई का बोझ बढ़ता ही जा रहा है. जानकारी के लिए बता दें, तेल कंपनियों ने पिछले दस दिनों के अंदर तीसरी बार पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में संशोधन किया है. इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दामों में 3-3 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई थी. उसके बाद 19 मई को दोबारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 87 पैसे और 91 पैसे बढ़ाए गए थे. इस तरह 10 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल करीब 5 रुपये महंगे हो गए हैं। 

राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल के नई कीमतें 87 पैसे बढ़कर 99.51 रुपये प्रति ली. हो गई हैं. इससे पहले यह 98.64 रुपये प्रति ली. की दर से बिक रहा था. वहीं, डीजल के दामों में 91 पैसे बढ़ाए गए हैं. जिससे नई कीमतें 91.58 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति ली. हो गई है. बात सीनएजी की करें तो इसके दाम 1 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं. राजधानी दिल्ली में 1 किलो सीएनजी के नए दाम करीब 81.09 रुपये हैं। 

कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान दिया था कि भारत देश में ईंधन पर्याप्त मात्रा में है. सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि देश में पेट्रोल औऱ डीजल की पर्याप्त मात्रा है. घबराने की कोई बात नहीं है. सप्लाई पूरी तरह से स्थिर बनी हुई है. मंत्रालय ने आगे कहा कि देश की जनता अफवाहों से बचकर रहे और परेशान ना हो। 

MP के 42 जिलों में भीषण लू का अलर्ट, टीकमगढ़-छतरपुर-पन्ना में रेड वार्निंग; 46.8 डिग्री पहुंचा पारा

भोपाल 
मध्य प्रदेश में आगामी दो दिन बाद यानी 25 मई से नौतपा शुरू होना है, लेकिन उससे पहले ही राज्य के सभी जिलों में भीषण गर्मी के साथ साथ अधिकतर जिले लू की चपेट में हैं। प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में सूरज आग उगल रहा है। हालात ये हैं कि, शनिवार सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। लोग घर से निकलते समय छाता, गमछा और दुपट्टे का सहारा ले रहे हैं।

राजधानी भोपाल में स्थित राज्य मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 42 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। बुंदेलखंड क्षेत्र के टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में सबसे गंभीर स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में तेज लू चलने की चेतावनी दी गई है।

नौगांव सबसे गर्म, 46.8 डिग्री पहुंचा पारा
शुक्रवार को छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो में पारा 46.4 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा टीकमगढ़ और सतना में 44.5 डिग्री, दतिया में 44.4 डिग्री तथा दमोह और नरसिंहपुर में 44.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ और सागर में भी तापमान 44 डिग्री के आसपास बना रहा। लगातार बढ़ती गर्मी से दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं।

मौसम विभाग ने शनिवार को कुल 42 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में रेड अलर्ट है जबकि ग्वालियर समेत 21 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट है। 18 जिलों में लू का यलो अलर्ट है।

इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के 10 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। छतरपुर के 2 शहर- नौगांव और खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म रहे। नौगांव में पारा 46.8 डिग्री और खजुराहो में 46.4 डिग्री दर्ज किया गया। टीकमगढ़-सतना में 44.5 डिग्री, दतिया में 44.4 डिग्री, नरसिंहपुर-दमोह में 44.2 डिग्री, सागर-राजगढ़ में पारा 44 डिग्री रहा।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा 43.7 डिग्री, भोपाल में 42.2 डिग्री, इंदौर में 41.4 डिग्री और उज्जैन में 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

बड़े शहरों में भी गर्मी का कहर
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 43.7 डिग्री, भोपाल में 42.2 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.4 डिग्री तापमान पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं।

बड़े शहरों में भी गर्मी का कहर
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 43.7 डिग्री, भोपाल में 42.2 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.4 डिग्री तापमान पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं।

31 मई तक जारी रहेगा भीषण गर्मी का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा के साथ ही गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है। विभाग ने 26 मई तक के लिए जारी पूर्वानुमान में साफ कहा है कि पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं 31 मई तक तापमान अपने चरम पर पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत अधिकांश शहरों में दिन और रात दोनों समय गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए रेड अलर्ट वाले जिलों में टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना को रखा गया है। जबकि ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, मऊगंज और रीवा। इसके अलावा येलो अलर्ट वाले जिलों में भोपाल, उज्जैन, रतलाम, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, शहडोल, सिंगरौली, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत 18 जिले शामिल हैं।

मौसम विभाग की सलाह
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। ऐसे में लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, हल्के सूती कपड़े पहनने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

31 मई तक जारी रहेगा भीषण गर्मी का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा के साथ ही गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है। विभाग ने 26 मई तक के लिए जारी पूर्वानुमान में साफ कहा है कि पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं 31 मई तक तापमान अपने चरम पर पहुंच सकता है।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत अधिकांश शहरों में दिन और रात दोनों समय गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
रेड अलर्ट वाले जिले- टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले- ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, मऊगंज और रीवा।

यलो अलर्ट वाले जिले- भोपाल, उज्जैन, रतलाम, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, शहडोल, सिंगरौली, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत 18 जिले।

दोपहर में बाहर निकलने से बचें
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। ऐसे में लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। 

आयुर्वेद चिकित्सा के सफल प्रयोग की जानकारी और लाभ जन-जन तक पहुंचायें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आयुर्वेद चिकित्सा के सफल प्रयोग की जानकारी और लाभ जन-जन तक पहुंचायें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बुजुर्ग रोगियों के लिए वयोमित्र कार्यक्रम एक आदर्श मॉडल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन से जुड़े स्थानों पर आयुर्वेद पद्धति से चिकित्सा व्यवस्था और वेलनेस केन्द्र स्थापित करने की पहल सराहनीय है। अन्य प्रदेशों में हुए ऐसे सफल प्रयोगों और नवाचारों का अध्ययन कर बेहतर कार्य करते हुए उन्होंने जन-जन तक इनकी जानकारी और इनका लाभ पहुंचाने के आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वृद्ध नागरिकों की डोर टू डोर आयुष देखभाल के लिए वयोमित्र कार्यक्रम उपयोगी है। इसी तरह कारूण्य के अंतर्गत असाध्य रोगों का कष्ट झेल रहे रोगियों के जीवन को गुणवत्तापूर्ण बनाने का कार्य भी प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुष विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के साथ किए गए एमओयू के अंतर्गत प्रदेश में 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें विश्व धरोहर स्थल खजुराहो जिला छतरपुर के साथ ही ओंकारेश्वर जिला खण्डवा, चंदेरी जिला अशोकनगर, चित्रकूट जिला सतना, पचमढ़ी जिला नर्मदापुरम, ओरछा जिला निवाड़ी के अलावा उज्जैन, दतिया, मंदसौर, आलीराजपुर, सिंगरौली और आगर-मालवा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी के साथ ही ऐसी चिकित्सा पद्धतियों का प्रोत्साहन आवश्यक है जो भारतीय परम्परा से जुड़ी हैं। प्रदेश के अनेक स्थानों पर प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य कार्यरत हैं। इनकी सेवाओं से बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित होते हैं। उज्जैन सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का लाभ लेकर शल्य चिकित्सा के बिना रोगियों को लाभान्वित करने के उदाहरण मिलते हैं। सामान्य प्रसव करवाने वाले अस्पताल भी प्रदेश में संचालित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजीवन आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ लेने वाले नागरिकों को भी प्रोत्साहन कार्यक्रमों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य नीति-2017 और विजन-2047 के अनुक्रम में प्रदेश के जिला स्तरीय चिकित्सालयों में विकल्प के रूप में आयुष चिकित्सा के लिए पृथक विंग स्थापित करने का कार्य चल रहा है। प्रत्येक आयुष विंग में पंचकर्म यूनिट की स्थापना भी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यों की गति बढ़ाई जाए। बैठक में बताया गया कि जिलों में आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के व्यापक संचालन के अंतर्गत सुप्रजा, आयुर्विद्या, वयोमित्र, मस्कुलर-स्केलेटल प्रिवेंटिव कार्यक्रम और कारूण्य का लाभ नागरिकों को दिलवाया जा रहा है। जनजातीय बहुल और सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित जिलों में आयुर्वेद औषधियों का वितरण भी सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 22 जिलों के एलोपैथी चिकित्सालयों में आयुष विंग की स्थापना की कार्यवाही चल रही है। पांच नए आयुर्वेदिक कॉलेज स्थापित करने और 12 जिलों में 50 बिस्तर क्षमता के आयुष अस्पताल प्रारंभ करने का कार्य चल रहा है। भारत सरकार से राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत गत दो वर्ष में नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर, झाबुआ और शुजालपुर जिला शाजापुर में नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय के निर्माण की मंजूरी मिली है। भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय के परिसर में 29 करोड़ की लागत से प्रशासनिक और अकादमिक भवन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 6 जिला आयुष कार्यालय बन कर तैयार हो गए हैं। इसी तरह 80 आयुष औषधालयों के भवन बनाए जाने थे, जिनमें से 53 का निर्माण कार्य पूरा हो गया है।

आयुष विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में प्रदेश के सभी 9 आयुष महाविद्यालयों को फर्स्ट रेफेरल यूनिट के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। सभी 9 आयुष महाविद्यालयों में हॉस्टल बनाने, सीट क्षमता का 100 तक उन्नयन करने, यूनानी पाठ्यक्रम हिंदी में उपलब्ध करवाने, आयुष महाविद्यालयों में शोध कार्य बढ़ाने और बालाघाट में आयुष शोध केन्द्र का संचालन प्रारंभ करने का भी लक्ष्य है।

श्रम विभाग से समन्वय कर प्रदेश के लगभग 13 लाख कर्मचारी राज्य बीमा में पंजीकृत श्रमिक परिवारों को आयुष चिकित्सा पद्धति की कैशलेस सुविधा दिलवाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य बीमा में आयुष को शामिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रदेश में 7 आयुष महाविद्यालयों में फार्मेसी विभाग स्थापित करने, आयुष विश्वविद्यालय की पहल और एक प्राकृतिक एवं योग महाविद्यालय स्थापित करने तथा ऐसे जिलों जहां आयुष चिकित्सा सुविधा नहीं है, वहां 20 आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारंभ करने के कार्यों के लिए लगभग 75 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

बैठक में आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव आयुष शोभित जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

पारंपरिक मछली पालन से आगे बढ़कर स्टार्टअप आधारित होगा मत्स्योद्योग : राज्यमंत्री पंवार

पारंपरिक मछली पालन से आगे बढ़कर स्टार्टअप आधारित होगा मत्स्योद्योग : राज्यमंत्री पंवार

मध्यप्रदेश बनेगा देश का ब्लू इकॉनमी हब: केज कल्चर के लिए डेढ़ से दो लाख प्रस्ताव
निवेशकों के लिए नियुक्त होंगे कॉन्टैक्ट ऑफिसर, योजना, सब्सिडी और दस्तावेजीकरण में करेंगे मदद
कोल्ड चेन, हैचरी और फिश फीड पर मिलेगी सब्सिडी: कृषि उत्पादन आयुक्त बर्णवाल

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मत्स्योत्पादन को दोगुना करने के विजन को लेकर ‘मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ के सफल क्रियान्वयन की दिशा में शुक्रवार को राज्य स्तरीय ‘हितधारक सम्मेलन’ हुआ। इस सम्मेलन में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार की उपस्थिति में मत्स्य क्षेत्र के उद्यमियों और निवेशकों ने उत्साह दिखाया।

राज्यमंत्री पंवार ने कहा कि प्रदेश में पहले वर्ष 10 हज़ार केज लगाने का लक्ष्य था, लेकिन निवेशकों की ओर से लगभग 2 लाख केज लगाने के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। यह दिखाता है कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को दोगुना करने की दिशा में विभाग द्वारा सकारात्मक पहल की जा रही है।

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने कहा कि आज का यह समागम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार पहली बार पारंपरिक मत्स्य पालन की सीमाओं से आगे बढ़कर एकीकृत मत्स्योद्योग (हितग्राही और उद्यमी मॉडल) पर काम कर रही है। इसे केवल एक समाज आधारित योजना के रूप में न देखकर, हर वर्ग को साथ लेकर चलने और रोजगार सृजन की ‘स्टार्टअप आधारित ब्लू इकॉनमी’ के रूप में देखा जाना चाहिए।

केज कल्चर के लिए खत्म हो आवेदन की समय सीमा: पंवार

राज्यमंत्री पंवार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केज कल्चर के प्रस्ताव प्राप्त करने की प्रक्रिया को किसी समय-सीमा में न बांधा जाए। इसे एक सतत प्रक्रिया बनाया जाए जिससे अधिक से अधिक युवा उद्यमी और हितग्राही इससे जुड़ सकें। कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मत्स्य विकास के लिए 100 करोड़ रुपये तक खर्च करने को तैयार हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए कोल्ड चेन मेंटेन करने, हैचरी निर्माण और फिश फीड के लिए शासन द्वारा पूरी सहायता और सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बैंकिंग और इंश्योरेंस क्षेत्र के हितधारकों से मत्स्य उत्पादन के आधुनिकीकरण में सहयोग की अपील की।

हर निवेशक के साथ जुड़ेंगे कॉन्टैक्ट ऑफिसर: सचिव सिंह

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के सचिव स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश जलाशयों का केंद्र है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए हर निवेशक के साथ सुविधानुसार एक ‘कॉन्टैक्ट ऑफिसर’ नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी निवेशक के सभी आवश्यक दस्तावेजीकरण, सब्सिडी और अन्य विभागीय कार्यों को पूर्ण कराने में मदद करेगा। साथ ही, विभाग द्वारा मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जुड़े एक्सपर्ट्स की सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने केज कल्चर के प्रस्तावों के अनुरूप प्राथमिक रूप से चयनित केज कल्चर के हितधारकों को अभिस्वीकृति पत्र वितरित किये गए। मत्स्य महासंघ के प्रबंध संचालक अनुराग चौधरी ने सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में निवेशकों और उद्यमियों के साथ ‘राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस’ भी आयोजित की गई, जिसमें स्टेक होल्डर्स से प्राप्त प्रस्तावों और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा, प्रदेश में ‘केज कल्चर’ को बढ़ावा देने के लिए इसमें इस्तेमाल होने वाले सीड, फीड और जाल आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विक्रेताओं के साथ भी विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के संचालक मनोज पथरोलिया, मत्स्य महासंघ के महाप्रबंधक रवि गजभिए समेत प्रदेश भर से आए मत्स्य उद्यमी, निवेशक, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। उप संचालक, मत्स्योद्योग गिरीश मेश्राम ने सभी अतिथियों, निवेशकों और हितधारकों के प्रति आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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