एमपी ट्रांसको ने भिंड में ऊर्जीकृत किया अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर भिंड जिले की पारेषण क्षमता में हुई वृद्धि – मंत्री तोमर

भोपाल

ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने 132 केवी सब स्टेशन भिंड की क्षमता वृद्धि करते हुए 50 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है।इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से सब स्टेशन की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढ़कर 153 एम वी ए की हो गई है। इस सब स्टेशन में यह तीसरा ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है, इससे सब स्टेशन में बढ़ते लोड का उचित प्रबंधन किया जा सकेगा।

एमपी ट्रांसको भिंड जिले में अपने 8 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण का कार्य करती है, जिसमें 132 केवी सबस्टेशन भिंड के अलावा 220 केवी सब स्टेशन मालनपुर, 220 केवी सबस्टेशन मेहगांव एवं 132 केवी सब स्टेशन लाहर, प्रतापपुरा, रान, गोहद एवं गोरमी शामिल है।

इस ट्रांसफार्मर के स्थापित होने से भिंड जिले की ट्रांसफारमेशन केपैसिटी बढ़कर 1619 एम वी ए की हो गई।

 

जनजातीय क्षेत्र के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

भोपाल 

सफलता की कहानी

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के विशेष प्रयासों से खंडवा जिले के खालवा विकासखंड के ग्राम रोशनी में मध्यप्रदेश का पहला इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग एक्वा पार्क तैयार किया गया है। लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस आधुनिक परियोजना ने जनजाति समाज, विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए द्वार खोल दिए हैं।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से स्वयं सहायता समूहों की 160 महिलाएं सीधे जुड़कर आजीविका प्राप्त करेंगी। एक्वा पार्क में आधुनिक तकनीक से मछली उत्पादन, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे ग्रामीण और आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह परियोजना केवल मछली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजातीय समाज के आर्थिक सशक्तिकरण का नया मॉडल बनकर उभर रही है।

मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह लंबे समय से जनजाति समाज के विकास और उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने, गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने, किसानों के खेतों तक मां नर्मदा का पानी पहुंचाकर बहुफसली खेती को बढ़ावा देने तथा जनजाति युवाओं को विदेशों में अध्ययन के अवसर दिलाने जैसी कई महत्वपूर्ण पहल उनके नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

50 एकड़ में विकसित इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग एक्वा पार्क बदलेगा जनजातीय क्षेत्र की अर्थव्यवस्था

मंत्री डॉ. शाह ने बताया है कि नीति आयोग एवं शासन की 10 अलग-अलग योजनाओं के समन्वय से विकसित इस हाईटेक परियोजना को जनजाति क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है। करीब 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस एक्वा पार्क का संचालन 16 आदिवासी महिला स्व-सहायता समूहों की 160 सदस्याओं द्वारा किया जाएगा। यहां बंगाल से लाई गई तलापिया नस्ल की मछलियों का पालन किया जाएगा, जो 6 से 8 माह के भीतर एक से सवा किलो तक वजन प्राप्त कर लेंगी। एक्वा पार्क में आधुनिक तकनीक के तहत मछली पालन की संपूर्ण व्यवस्था विकसित की गई है। मछलियों के पालन के लिए शेड के नीचे 14 बायोफ्लॉक टैंक बनाए गए हैं, जहां प्रारंभिक चरण में मछली बीज छोड़े गए। मछलियों का आकार बढ़ने पर उन्हें ग्रेडिंग कर रिवर्स एक्वा सिस्टम टैंकों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद उन्हें बायोफ्लॉक पॉन्ड में छोड़ा जाएगा। अंतिम चरण में विकसित मछलियों को 1200 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले आवंलिया डेम के बैकवॉटर क्षेत्र में स्थापित 120 आधुनिक केज में डाला जाएगा। इस तकनीक से बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण मछली उत्पादन संभव हो सकेगा।

एक्वा पार्क से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार

परियोजना के तहत अगले 8 से 10 महीनों में प्रतिमाह लगभग 30 टन और सालाना करीब 360 टन मछली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से सालाना लाखों रूपये के टर्नओवर का अनुमान है। इससे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने के साथ जनजाति महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

ग्राम रोशनी का यह इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क “आत्मनिर्भर आदिवासी – समृद्ध मध्यप्रदेश” की सोच को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहन रोकड़े का कहना है कि मंत्री डॉ. विजय शाह की दूरदर्शी सोच और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण आज जनजाति समाज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह एक्वा पार्क पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक मॉडल साबित होगा।

 

MP में भीषण गर्मी का कहर, राजस्थान की तपती हवाओं से खजुराहो-नौगांव में पारा 46 डिग्री पहुंचा

 भोपाल

राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने पूरे मध्य प्रदेश को भीषण गर्मी की चपेट में ले लिया है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया, जिससे लोगों को तीखी लू का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव में सबसे अधिक 46 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक रहा।
पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में तीखी लू, सिवनी में रात का तापमान 31.2 डिग्री रिकॉर्ड

प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान 41.5 से 44 डिग्री के बीच रहा, जबकि पूर्वी इलाकों में तापमान 41.7 से 46 डिग्री तक पहुंच गया। दमोह में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। सिवनी में रात का तापमान 31.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा रहा। मौसम विज्ञानी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक है, वहां लू जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम केंद्र ने जारी की चेतावनी: सतना-छतरपुर समेत कई जिलों में तीव्र ऊष्ण लहर का ‘रेड अलर्ट’

मौसम केंद्र ने जारी की चेतावनी सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र ऊष्ण लहर का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सागर, दमोह और शिवपुरी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, जबलपुर और बालाघाट सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)

प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

    शहर – अधिकतम – न्यूनतम
    भोपाल – 42.0 – 29.0
    इंदौर – 40.4 – 26.3
    ग्वालियर – 43.3 – 29.0
    जबलपुर – 43.8 – 28.3

नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आह्वान पर गंगा दशहरा पर जन आंदोलन बनेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान”

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिन्दु संस्कृति के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी और प्रकृति एवं जन-जीवन को धन्य किया था। इस वर्ष गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए जन-जन को जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी आधारित व्यापक अभियान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की आवश्यकता है और इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता जरूरी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी विज़न के अनुक्रम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 25 मई को प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है।

दो चरणों में होंगे विशेष कार्यक्रम

गंगा दशहरा पर आयोजित कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जनसहभागिता से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके बाद द्वितीय चरण में गंगा दशहरा विषय पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। कार्यक्रमों में क्षेत्र के सांसद, विधायक, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

श्रमदान से होगा जल संरचनाओं का पुनर्जीवन

अभियान के अंतर्गत जनसमुदाय, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन किया जाएगा। श्रमदान तथा मशीन, ईंधन और परिवहन जैसे संसाधनों के सहयोग से कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

इसके साथ ही घाटों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी और बंद पड़े पुराने बोरवेल और ट्यूबवेल के पास रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिल सके। शासन द्वारा प्रत्येक जिले में 4 से 5 उत्कृष्ट कार्य चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक चलेगा अभियान

अभियान में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ औद्योगिक, सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संगठनों और महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त अथवा जिला शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे।

 

नई नीति लाएगी क्रांति, एकीकृत मत्स्योद्योग नीति के साथ दोगुना होगा मत्स्योत्पादन: राज्यमंत्री पंवार

भोपाल

प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शुक्रवार को भोपाल में ‘हितधारक सम्मेलन’ का आयोजन होगा। मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा कि मछली पालन और उससे जुड़े उद्योगों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए मध्यप्रदेश में ‘एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ लागू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार और विभाग का मुख्य लक्ष्य आगामी वर्षों में मत्स्य उत्पादन और इससे जुड़े व्यापार को दोगुना करना है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में ‘हितग्राही मॉडल’ और ‘उद्यमी मॉडल’ को प्रमुखता से लागू किया जाएगा।

राज्यमंत्री  पंवार ने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के मत्स्योद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इससे न केवल राज्य में नया निवेश आएगा बल्कि युवाओं और मछुआ समुदाय के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में लागू की गई यह नीति प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी। हमारा प्रमुख लक्ष्य स्थानीय मछुआरों को सीधा लाभ पहुँचाना है। इसके लिए ‘हितग्राही मॉडल’ और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्यमी मॉडल’ पर काम किया जा रहा है। मंत्री  पंवार ने बताया कि पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ ‘केज कल्चर’ जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

जलाशयों में आधुनिक ‘केज कल्चर’ तकनीक और अन्य इंटीग्रेटेड गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के मंत्री, कृषि उत्पादन आयुक्त और विभागीय सचिव विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। यह सम्मेलन निवेशकों, उद्यमियों और मत्स्य पालकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों की जब्ती के विरुद्ध कार्यवाही

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 49 लाख रूपए से अधिक मूल्‍य के गांजा, ड्रग्‍स, स्‍मैक, डोडा चूरा जब्‍त किए हैं। साथ ही कफ सीरप एवं इंजेक्‍शन भी जब्‍त किए है।

इंदौर : पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 05 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एमडी ड्रग्स एवं अवैध हथियार सहित लगभग 01 करोड़ रूपए की संपत्ति जब्‍त की।

सीधी : जिले में ऑपरेशन “प्रहार 2.0” के तहत प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना कमर्जी पुलिस ने अवैध नशीली कफ सिरप तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 912 शीशी ऑनरेक्‍स कफ सीरप एवं बोलेरो वाहन सहित लगभग 11 लाख 88 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं थाना कोतवाली एवं जमोड़ी पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में 208 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप एवं एक आल्टो कार जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

इसी प्रकार थाना रामपुर नैकिन क्षेत्र में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप जप्त की है।

मऊगंज : पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार-2.0’ के तहत लौर पुलिस ने खीरी ओवरब्रिज के पास से एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1200 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (आनरेक्स) जप्त की।

अनूपपुर : जिले की चौकी सरई पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए 56 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रूपये है, जब्‍त किया है।

शिवपुरी : थाना कोतवाली पुलिस ने स्मैक विक्रय करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 15.82 ग्राम स्मैक एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

श्योपुर : पुलिस ने कराहल थाना क्षेत्र में कार्यवाही करते हुए राजस्थान से स्मैक लेकर आ रहे चार तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 38.48 ग्राम स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें सहित लगभग 5 लाख 35 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

गुना : जिले के कैंट थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए 28 किलो से अधिक का गांजा, बोलेरो कार एवं मोटर सायकिल सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं मृगवास थाना क्षेत्र में दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 02 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार धरनावदा थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्मैक तस्करों को गिरफ्तार कर अवैध स्‍मैक जब्‍त कर लगभग 1 लाख 95 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

जीआरपी भोपाल : जीआरपी भोपाल ने अवैध मादक पदार्थ के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 14 किलो 630 ग्राम गांजा कीमती लगभग 2 लाख 40 हजार जप्त कर गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है।

जबलपुर : पुलिस की क्राइम ब्रांच एवं थाना हनुमानताल पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीले इंजेक्शन एवं गांजा के अवैध कारोबार में लिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 125 नग नशीले इंजेक्शन, 430 ग्राम गांजा एवं 18 हजार नगद जप्त किए।

मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।

 

राज्यमंत्री गौर ने किया 2 करोड़ 24 लाख के डामरीकरण कार्यों का भूमि पूजन

भोपाल

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गुरुवार को गोविंदपुरा में नागरिकों को बेहतर एवं सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्यमंत्री  गौर ने अयोध्या नगर क्षेत्र में 2 करोड़ 24 लाख रुपए की लागत से दो प्रमुख सड़कों के डामरीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया।

राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि पहले कार्य के अंतर्गत, अयोध्या नगर मुख्य मार्ग स्थित परशुराम चौराहे से एच-सेक्टर एमपीबी स्टेशन तक 59 लाख रुपए की लागत से सड़क डामरीकरण का कार्य कराया जाएगा। वहीं, दूसरे बड़े कार्य के तहत परशुराम चौराहे से दशहरा मैदान होते हुए डी एवं एफ-सेक्टर मार्केट तथा जैन मंदिर के पास तक 1 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से डामरीकरण कार्य किया जाएगा।

राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को इसका शीघ्र सुविधा का लाभ मिल सके।

इस अवसर पर श्री लव कुश यादव, श्री भीकम सिंह बघेल,  उर्मिला मौर्य और  शिरोमणि शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

मध्यप्रदेश पुलिस के जवान ने अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में जीते 4 गोल्ड मेडल

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी कानून व्यवस्था के साथ-साथ खेल, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न गतिविधियों में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में जिला उज्जैन पुलिस में पदस्थ आरक्षक  सौदान सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता “वर्ल्ड्स मास्टर्स पावर गेम्स-2026” में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 04 गोल्ड मेडल अर्जित कर मध्यप्रदेश पुलिस के साथ प्रदेश एवं देश को गौरवान्वित किया है।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने आरक्षक सौदान सिंह चौहान की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जवानों की ऐसी उपलब्धियां न केवल विभाग का मान बढ़ाती हैं, बल्कि युवाओं को खेलों एवं फिटनेस के प्रति प्रेरित भी करती हैं।

मास्टर्स गेम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन 13 मई से 16 मई 2026 तक मडगांव, गोवा में किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने सहभागिता की, जहां मध्यप्रदेश पुलिस के आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण एवं कठिन परिश्रम का उत्कृष्ट परिचय दिया। उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 04 गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

प्रतियोगिता में अन्य देशों के प्रतिभागियों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी केवल सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेल प्रतिभा, अनुशासन एवं राष्ट्रीय गौरव के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा खेल एवं शारीरिक दक्षता को सदैव प्रोत्साहित किया जाता रहा है। पुलिस बल के अधिकारी एवं कर्मचारी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर लगातार प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

 

स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को किया जाये शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाये। गुरू सांदीपनि के जीवन पर भी रोचक पुस्तक तैयार की जाए। स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को कैसे जोड़ा जाए, इस पर भी एक कार्य योजना तैयार की जाए। निजी विद्यालय खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाए। अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। सत्र प्रारंभ होने से पहले स्कूलों में सभी पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। प्रदेश की सभी आंशिक जीर्ण-शीर्ण शालाओं की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। सभी स्कूलों में बाउण्ड्री वॉल्स बनाई जाए। एक जुलाई से गुरू पूर्णिमा (29 जुलाई) तक “शिक्षक वंदना कार्यक्रम”, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और अन्य गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसी अत्याधुनिक शालाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर प्रदेश की नींव मजबूत कर रही है। प्रदेश के हर विद्यार्थी तक उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन समय पर पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय गतिविधियों में तेजी लाएं और 16 जून से प्रारंभ हो रहे शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूलों में पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराए जाएं, ताकि ऐसे विद्यार्थी जो अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, वे उस विद्यालय के विकास-विस्तार में कुछ योगदान भी कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा परिणामों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, नियमित मॉनीटरिंग, तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिन शालाओं में शत-प्रतिशत रिजल्ट आया है, उनके शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 26 शालाएं ऐसी हैं, जहां शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। यहां के सारे विद्यार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन शालाओं के अतिरिक्त 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट देने वाली शालाओं को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की अवधारणा/योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ऐसे जिलों को चिन्हित करने को कहा, जहां सभी शालाओं में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हों, साथ ही भौतिक एवं मानव संसाधन की कमी वाले जिलों की भी अलग श्रेणी तैयार की जाए। इससे सरकार को इन्हीं जिलों पर फोकस करने में आसानी होगी। कमी वाले जिलों पर इसी साल से काम प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी स्थानीय विधायक के साथ बैठकर पूरी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में व्यवस्थाओं की बेहतरी के लिए प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर की गई सभी घोषणाओं का जल्द से जल्द पालन करायें। एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की संचालित 14 विभागीय योजनाओं को निरंतर रखने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतरी के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए प्रारंभ से ही माहौल बनाया जाए। महिला बाल विकास विभाग भी इसमें योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अब प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन हाईस्कूलों के आस-पास हायर सेकेण्डरी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे हाईस्कूलों को चिन्हित कर उन्हें हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रोन्नत करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

शालाओं में दिया जाए व्यावसायिक प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शालाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का भी अध्ययन कराया जाए। व्यावसायिक प्रशिक्षण को दृष्टिगत रखते हुए संभव हो तो क्षेत्रीय स्व-सहायता समूहों को भी ऐसी शालाओं और विद्यार्थियों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को सभी विभागों के विद्यालयों को एक करने की योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस जैसे सामाजिक सेवा कार्य को भी बढ़ावा देने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित करें। विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लायसेंस कैम्प, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय स्कूलों से पास आउट विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, पैतृक व्यवसाय, कौशल प्रशिक्षण जैसे किस कार्य/रोजगार में लगे हैं, इसकी ट्रैकिंग भी होनी चाहिए। इससे सरकार के पास हमारे युवाओं का एक डेटाबेस तैयार होगा।

शासकीय स्कूलों में बढ़ी नामांकन की दर

बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन वृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 में नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कक्षा 9 से 12 के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। इस साल प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में 1 अप्रैल को प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। अप्रैल माह में ही 92 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को शाला में प्रवेश दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजगढ़ जिले के भैंसवा माता एव नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में संस्कृति विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं।

‍शिक्षा घर योजना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा द्वारा ‘शिक्षा घर योजना’ के नाम से एक नई योजना का प्रजेंटेंशन देने पर प्रस्तावित योजना की सराहना कर सैद्धांतिक सहमति दी। बैठक में बताया गया कि इस योजना में किसी वजह से स्कूली शिक्षा पूरी न कर पाने वाले विद्यार्थियों को हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना से ऐसे सभी किशोर/किशोरी, युवक/युवती लाभान्वित होंगे, जिन्होंने कक्षा 8 या इसके बाद की कक्षाओं में अनुत्तीर्ण होने पर पढ़ाई छोड़ कर दी थी। योजना का क्षेत्र सम्पूर्ण मध्यप्रदेश होगा, जिसमें प्रदेश की सभी ग्राम, पंचायतें और नगरीय निकाय भी शामिल होंगे। योजना का क्रियान्वयन म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाएगा।

 

नवनियुक्त अध्यक्ष जैन ने संभाला मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का कार्यभार

भोपाल

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष  ओम जैन ने पदभार ग्रहण किया।

मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि मंडल को एक अत्यंत अनुभवी और योग्य नेतृत्व प्राप्त हुआ है। अध्यक्ष  जैन के दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, विजन और कुशल मार्गदर्शन में मंडल के विकास कार्यों को एक नई गति और ऊँचाई मिलेगी।

लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण और सर्वसमावेशी आवास का संकल्प

मंत्री  विजयवर्गीय ने मंडल के आगामी लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश के बड़े महानगरों में बड़े प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन किया जाना है। हमारा मुख्य ध्येय मध्यम और निम्न-मध्यम श्रेणी के परिवारों के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान निर्मित करना है। बड़े शहरों में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए स्वयं का आशियाना बनाना मुश्किल कार्य हो गया है, इसलिए मंडल को पूरी शुचिता और लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण के साथ कार्य करना होगा। ‘नए भारत के संकल्प’ के अंतर्गत, देश की आजादी के 100वें वर्ष तक हर नागरिक को गरिमापूर्ण आवास उपलब्ध कराना हमारा ध्येय है।

अनुभव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से होगा कार्य

नवनियुक्त अध्यक्ष  जैन ने मंत्री  विजयवर्गीय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि उनका लंबा राजनैतिक-प्रशासनिक अनुभव हमारे लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा।  जैन ने भावुक होते हुए कहा,वर्ष 1983 से जनसेवा में सक्रिय  विजयवर्गीय की कार्यशैली, तन्मयता और उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण अनुकरणीय है। हम उनके द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों और प्राथमिकताओं का अक्षरशः पालन करते हुए मंडल को विकास के नए प्रतिमानों पर ले जाएंगे।

अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने कहा कि यह संपूर्ण विभाग और मंडल का सौभाग्य है कि हमें मंत्री  विजयवर्गीय का सकारात्मक, ऊर्जावान और विजनरी नेतृत्व मिला है। उनके मार्गदर्शन के अनुरूप ही मण्डल सदस्यों ने तत्परता से कार्य किया है। अपर मुख्य सचिव  दुबे ने मण्डल अध्यक्ष  जैन को आश्वस्त किया कि मंडल के सभी सदस्य उनके साथ पूर्ण तत्परता और समर्पण भाव से कार्य करेंगे। हमारा लक्ष्य शहरी क्षेत्रों का पर्यावरण के अनुकूल, सस्टेनेबल और सुव्यवस्थित विकास करना है।

पदभार ग्रहण करने बाद अध्यक्ष  जैन ने मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आगामी कार्य-योजनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस गरिमामयी अवसर पर मंडल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती दीप्ति वास्तव सहित मंडल के सभी सदस्य, अभियंता और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

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