MP में भीषण गर्मी का कहर, जानवरों के लिए लगाए कूलर-ग्रीन नेट; 6 जिलों में हीटवेव अलर्ट

भोपाल
 मध्य प्रदेश इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। प्रदेश के कई शहर भट्‌ठी की तरह तप रहे हैं और सूरज की तेज तपिश ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे ज्यादा गर्मी बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल इलाके में दर्ज की गई।

खजुराहो बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर
खजुराहो में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन ही नहीं, बल्कि मई महीने का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान माना जा रहा है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था।

खजुराहो देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर भी रहा। देश में सिर्फ बांदा इससे ज्यादा गर्म रहा, जहां 48.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

राजधानी भोपाल में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। यहां तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि इंसानों के साथ अब जानवर भी गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को राहत देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शेर, बाघ और तेंदुओं के हाउस में कूलर, पर्दे और ग्रीन नेट लगाए गए हैं, जबकि बाड़ों में लगातार पानी भरा जा रहा है।

वहीं भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिलों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है। लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेजकर धूप से बचने, जरूरी सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

भोपाल में भीषण गर्मी का असर अब जानवरों पर भी दिखाई देने लगा है। शहर का तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। गुरुवार सुबह से ही तेज गर्मी का दौर रहा और सुबह 11:30 बजे तक पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसे में वन विहार नेशनल पार्क ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

वन विहार में शेर, बाघ और तेंदुओं के हाउस की खिड़कियों पर पर्दे और ग्रीन नेट लगाई गई है, ताकि धूप और गर्म हवा का असर कम हो। बाड़ों में पानी की होद लगातार भरी जा रही है, जहां टाइगर पानी में अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि हाउस में कूलर लगाए गए हैं। जानवरों को साल्ट लिक्स और मिनरल मिक्चर भी दिया जा रहा है। वहीं हिरण, सांभर और अन्य खुले में घूमने वाले जानवरों के लिए हरा चारा और पर्याप्त पानी की व्यवस्था की गई है।

भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिले में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया है। ज्यादातर लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश पहुंचा, जिसमें धूप से बचने, जरूरी सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई।

चेतावनी- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें
प्रदेश में पिछले 2 दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में मौसम विभाग ने दोपहर में घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे तक ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले।

किन शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी?
खजुराहो – 47.4°C
नौगांव – 46.6°C
दमोह – 46°C
मंडला – 45.6°C
सतना – 45.3°C
मुरैना – 45°C

इन शहरों में पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा
रीवा

सागर

दतिया

टीकमगढ़

रायसेन

नरसिंहपुर

उमरिया 
बड़े शहरों का हाल

जबलपुर – 44.9°C
ग्वालियर – 44.3°C
भोपाल – 42.6°C
उज्जैन – 42°C
इंदौर – 41.1°C

11 हजार से अधिक बच्चों को मिला मनचाहे विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश

11 हजार से अधिक बच्चों को मिला मनचाहे विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश

निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया संपन्न

भोपाल 

शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी की प्रकिया बुधवार को संपन्न हो गई। इसमें 11 हजार 485 बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश मिला।

इस लॉटरी प्रक्रिया में उन बच्‍चों को शामिल किया गया था, जिन्‍हें प्रथम चरण की लॉटरी में उनकी पसंद के स्‍कूल आवंटित नहीं हो सके थे। ऐसे बच्‍चों को निजी विद्यालयों की रिक्‍त सीटों के अनुरूप द्वितीय चरण की लॉटरी के लिए अपनी वरीयता अंकित करते हुए आवेदन करने का एक और अवसर प्रदान किया गया था। द्वितीय चरण की लॉटरी में बच्‍चों को उनकी चुनी गई वरीयता के आधार पर निजी विद्यालयों में सीट का आवंटन  20 मई को ऑनलाइन लॉटरी की स्वचालित कंप्यूटर प्रक्रिया द्वारा किया गया। संचालक राज्‍य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह द्वारा द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया गया।

नर्सरी कक्षा में 7 हजार 599, केजी 1 में 2 हजार 747 और कक्षा 1 में 1 हजार 139 बच्‍चों का दाखिला हुआ। इस अवसर पर संचालक राज्‍य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पसंद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्‍होंने पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रानिक्‍स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन टीम की प्रशंसा भी की।

इस वर्ष आरटीई के तहत लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत 1 लाख 80 हजार 875 बच्चे पात्र चयनित हुए थे, जिनमें से 1 लाख 6 हजार से अधिक बच्‍चों को शाला आवंटन प्राप्‍त हुआ था। इसके उपरांत 97 हजार 052 बच्‍चों के द्वारा चयनित स्‍कूलों में प्रवेश लिया जा चुका है। आज आयोजित हुई द्वितीय चरण की लॉटरी में 11 हजार 485 और बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में प्रवेश आवंटन प्राप्‍त हुआ है। इस प्रकार इस वर्ष सत्र 2026-27 में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश आवंटन प्राप्‍त करने वाले विद्यार्थियों की संख्‍या 1 लाख 17 हजार 400 से अधिक हो गई है।

पोर्टल पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं आवंटन पत्र

द्वितीय चरण की लॉटरी में जिन बच्‍चों को निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश प्राप्‍त हुआ है, उनके अभिभावक आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर जाकर आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।ऑनलाइन लॉटरी में जिनके स्कूलों का आवंटन हुआ है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस माध्‍यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे उन्‍हें आवंटित स्कूलों में 20 मई से 10 जून, 2026 तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।

इस अवसर पर राज्‍य शिक्षा केंद्र की आरटीई नियंत्रक सुकिरण कुशवाह, प्रशासक डॉ. राकेश दुबे और तकनीकी सहयोगी विभाग मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि नितीन तुरकर, राम यादव सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। 

प्रधानमंत्री मोदी को एफएओ एग्रीकोला मैडल से सम्मानित होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को  रोम, इटली में संयुक्त राष्ट्र संगठन के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सर्वोच्च सम्मान “एफएओ एग्रीकोला मैडल” से सम्मानित किया जाना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा में संवर्धन और कृषि विकास की वैश्विक स्वीकृति है।

श्रीअन्न को मिली है नई पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को कृषि उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों के कल्याण और वैश्विक स्तर पर “श्रीअन्न (मिलेट्स) को नई पहचान दिलवाने के उनके ऐतिहासिक कार्यों के लिए प्रदान किया गया यह प्रतिष्ठित सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत सहित अन्य देशों में भी श्रीअन्न की लोकप्रियता और उपयोग में वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत किसानों के कल्याण, कृषि में नवाचार और अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता के नित नए प्रतिमान गढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संगठन के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सर्वोच्च सम्मान को भारत के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया है।

 

जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार
जिन किसानों के 23 मई तक स्लॉट बुक हैं, उन्हें मिली बड़ी राहत
मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, सरकार उनका गेहूं 28 मई तक खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के प्रतिबद्ध है। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। इस बात की प्रसन्नता है कि गेहूँ उपार्जन में हमने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष हमने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा जायेगा। पूरे देश में अगर सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया, तो वो हमारे मध्यप्रदेश में खरीदा गया है। अभी तक हम 93 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद चुके हैं।

गेहूँ उपार्जन के लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। हमने निर्णय किया है कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक की जाती है।

अभी तक हम 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद चुके हैं। इसके लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। मुझे किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। इस पर हमने कहा कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। इसलिए उन किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक करने की मैं घोषणा करता हूं।

2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी प्रकार की चिंता न करें, सरकार उनके हितों की पूरी रक्षा करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य सहित किसानों को खरीदी केंद्रों पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और युवा चारों वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। 

वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों की हम चिंता करते हैं। मैं किसान भाई-बहनों से निवेदन करता हूं कि आप चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच गेहूं भंडारण भी हमारे लिए चुनौती है। बारदाना खरीदना-लाना भी एक चुनौती है। हमारे सामने मौसम और ट्रांसपोर्टेशन भी चुनौती है। इसके बावजूद हमने भंडारण की क्षमता बढ़ाई। उन्होंने कहा कि हम किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खरीदी केंद्र पर 2625 रुपये क्विंटल गेहूं का दाम देंगे।

वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों के कल्याण के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। किसान भाई-बहन चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं।

 

धार भोजशाला में हिंदुओं को बड़ी राहत, ASI के आदेश के बाद बिना रोक-टोक होगी पूजा

धार 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने धार स्थित भोजशाला परिसर में हिंदुओं को मां सरस्वती की पूजा के लिए पूरी अनुमति दे दी है। एएसआई ने 16 मई को जारी आदेश में कहा कि हाई कोर्ट ने अपने 15 मई के फैसले में भोजशाला को संरक्षित स्मारक और देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर माना है।

एएसआई के आदेश में कहा गया है कि अदालत ने यह भी माना कि ऐतिहासिक साहित्य भोजशाला को परमार वंश के राजा भोज से जुड़े संस्कृत शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करता है। आदेश के मुताबिक, राजा भोज से जुड़े साहित्य और स्थापत्य संदर्भ इस बात की ओर संकेत करते हैं कि यहां सरस्वती मंदिर मौजूद था। एएसआई के शोध में भी इस बात का समर्थन मिला है।

2003 का पुराना आदेश रद
एएसआई ने अपने आदेश में कहा कि हाई कोर्ट ने अप्रैल 2003 में जारी उस पुराने निर्देश को रद कर दिया है, जिसमें हिंदुओं के पूजा अधिकारों पर रोक और परिसर में मुस्लिम नमाज की अनुमति दी गई थी।

नए आदेश के अनुसार, भोजशाला को संस्कृत शिक्षा का केंद्र और देवी वाग्देवी का मंदिर मानते हुए हिंदू समुदाय को पूजा-अर्चना के लिए ‘बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश’ का अधिकार दिया गया है। धार जिले में स्थित भोजशाला लंबे समय से विवाद का विषय रही है और इस मामले को लेकर कई कानूनी लड़ाइयां भी चली हैं।

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर पर हाईकोर्ट की रोक, किसानों को लौटाना होगा मुआवजा

इंदौर/उज्जैन 

 मध्य प्रदेश में स्थित इंदौर और उज्जैन के बीच बनाए जाने वाले ग्रीन फील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट ने इसमें जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीनों का कब्जा लेने पर रोक लगा दी है। साथ ही, जिन किसानों ने मुआवजा ले भी लिया है और वे अपना मुआवजा वापस करते हैं तो उनकी जमीन अधिग्रहण पर भी स्टे लागू कर दिया जाएगा।

अभिभाषक पूनम महाजन ने बताया, सरकार ने इंदौर से उज्जैन के बीच सिंहस्थ को लेकर 48.1 किलोमीटर का फोरलेन रास्ता बनाने की योजना बनाई है, जिसे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर नाम दिया गया है। पितृ-पर्वत से शुरू होकर ये रास्ता सीधे चिंतामण गणेश मंदिर के पास उज्जैन बायपास तक बनना है। इससे इंदौर-उज्जैन के बीच की दूरी केवल 30 मिनट में ही पूरी होने का दावा किया गया है। इसके तहत इंदौर की हातोद तहसील में आने वाले ग्राम सागवाल की 16.496 हेक्टेयर जमीन भी अधिग्रहित की कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन अधिग्रहण के खिलाफ नाराज किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका में आरोप : जारी नोटिफिकेशन में सिर्फ एक्सपर्ट ग्रुप की राय ही दी
इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि किसानों की जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई कानूनी रूप से गलत है। जमीन अधिग्रहण के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, उसमें केवल एक्सपर्ट ग्रुप की राय को ही जारी किया गया है, जबकि नोटिफिकेशन में सामाजिक संग्रहात रिपोर्ट की समरी को नोटिफिकेशन में दिया जाना था। इसके साथ ही अन्य कई कानूनी गड़बडि़यां की गई हैं।

सरकार बोली कोई उल्लंघन नहीं किया, किसानों ने मय फोटे के साक्ष्य दिए
इस याचिका के दायर होने के बाद राज्य के महाधिवक्ता ने 13 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट में बयान दिया था कि राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन कानून के सभी प्रावधानों का पालन करेगी। इसका उल्लंघन करते हुए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। बावजूद किसानों की जमीनों को अधिग्रहित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी फोटो सहित जानकारी कोर्ट के समक्ष रखकर मांग की थी कि कोर्ट इस पर स्टे जारी करे अन्यथा किसानों के याचिका दायर करने का कोई अर्थ नहीं रहेगा।

महाधिवक्ता बोले- कुछ किसान मुआवजा ले चुके हैं और अन्य भी तैयार
महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि, याचिका दायर करने वाले किसानों के मामले में जो भी कार्यवाही की जाएगी, वो कानून के मुताबिक ही की जाएगी। साथ ही बताया कि याचिका दायर करने वाले कुछ किसान पहले ही मुआवजा ले चुके हैं और कुछ अन्य भी मुआवजा लेने को तैयार हैं।

जो केस लड़ना चाहते हैं उन्हें मुआवजा राशि वापस करनी होगी- कोर्ट
कोर्ट ने माना, चूंकि कोर्ट में याचिकाओं पर सुनवाई जारी है और अगर इस बीच जमीनों का कब्जा ले लिया जाता है तो इसकी संभावना ज्यादा है कि, उस स्थिति में याचिकाओं का कोई मतलब नहीं रहेगा। इसके चलते जिन्होंने मुआवजा प्राप्त नहीं किया है, उनकी जमीन की जो स्थिति है उसे वैसे ही रखा जाएगा और जिन्होंने मुआवजा प्राप्त कर लिया है, किंतु जो इस केस को लड़ना चाहते हैं उन्हें मुआवजे की राशि वापस करनी होगी। जिस तारीख से वो पैसा वापस करेंगे, उस तारीख से उनकी जमीन पर स्टे रहेगा। बावजूद कोई यदि मुआवजा लेने का इच्छुक है तो वो ऐसा कर सकता है। उस स्थिति में सरकार तय कानून के हिसाब से आगे की कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगी।

 

ग्वालियर में 15 साल से विराजमान है भोजशाला की ‘मां वाग्देवी’, 35 दिन में तैयार हुई थी हूबहू प्रतिमा

ग्वालियर 

मध्यप्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर कोर्ट ने इसे मंदिर मानते हुए सालभर बिना रोक-टोक पूजा-अर्चना की अनुमति दी है। इस फैसले के बाद पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भोजशाला के गर्भगृह के लिए तैयार की गई मां वाग्देवी (सरस्वती) की मुख्य अष्टधातु प्रतिमा पिछले 15 सालों से ग्वालियर में ही कड़ी सुरक्षा के बीच रखी हुई है।

साल 2011 की बसंत पंचमी पर इस मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होनी थी, लेकिन उस समय उपजे सांप्रदायिक और प्रशासनिक विवाद के बाद इसे ग्वालियर में ही रोक दिया गया था। अब कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद ग्वालियर के मूर्तिकार के घर में भी उम्मीद का दीया जल उठा है।

लंदन म्यूजियम वाली ‘ओरिजिनल’ मूर्ति का हूबहू रूप ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार प्रभात राय के बेटे ने मां वाग्देवी की इस प्रतिमा और उसकी बनावट से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं को साझा किया।

    लंदन म्यूजियम जैसी हूबहू बनावट: धार की मूल वाग्देवी प्रतिमा वर्तमान में लंदन के म्यूजियम में रखी हुई है। ग्वालियर में तैयार की गई यह मूर्ति हूबहू उसी डाइमेंशन (आकार) और बनावट में बनाई गई है।

    अष्टधातु से निर्माण: यह प्रतिमा पवित्र अष्टधातु (आठ अलग-अलग धातुओं के मिश्रण) से बनाई गई है, जिसका धार्मिक रूप से बेहद खास महत्व है।

    वजन और ऊंचाई: साढ़े 3 फीट ऊंची और करीब सवा फीट चौड़ी इस भव्य प्रतिमा का कुल वजन 250 किलोग्राम (ढाई क्विंटल) से भी अधिक है।

    लागत और कारीगर: साल 2011 में इस मूर्ति को बनाने में करीब ढाई से तीन लाख रुपए की लागत आई थी। मूर्तिकार प्रभात राय के साथ कुल 26 कलाकारों की टीम ने महज 35 से 40 दिनों की दिन-रात की मेहनत के बाद इसे तैयार किया था।

आरएसएस नेता ने दिया था ऑर्डर
मूर्तिकार प्रभात राय के बेटे अनुज
ने बताया कि साल 2011 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता नवल किशोर जी ने उन्हें इस मूर्ति को बनाने का ऑर्डर दिया था। “2011 में जब मूर्ति बनकर तैयार हुई और इसे धार भेजने की तैयारी थी, तभी वहां धार्मिक और प्रशासनिक विवाद भड़क गया।

प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मूर्ति को ग्वालियर में ही रोकने का आदेश दिया। उस समय विवाद इतना बढ़ा कि लगभग दो हफ्तों तक 2 से 5 पुलिसकर्मी हमारे घर पर सुरक्षा में तैनात रहे। इसके बाद भी साल 2011 से 2015 तक हर बसंत पंचमी पर पुलिस प्रोटेक्शन के साये में ही 2 से 3 दिन के लिए मूर्ति रखी जाती थी।”

अब मौन धारण किया नवल किशोर ने
ग्वालियर आरएसएस पदाधिकारी लोकेंद्र मिश्रा ने बताया कि 2011 के बाद आरएसएस प्रचारक नवल किशोर अब वर्तमान में चेतन दास जी महाराज बन गए हैं और अभी महेश्वर में है। उन्होंने अब मौन धारण कर लिया हैं। ऐसे में मूर्ति का अब आगे क्या होगा इसके बारे में से नवल किशोरी बता सकते थे लेकिन अब मूर्ति का क्या होगा इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।

भावुक हो गए मूर्तिकार
प्रभात राय के बेटे अनुज का कहना है कि कोर्ट का फैसला आने के बाद से वे भी बेहद उत्साहित हैं। हालांकि फिलहाल अभी किसी पक्ष या प्रशासन ने उनसे मूर्ति ले जाने के लिए संपर्क नहीं किया है, क्योंकि सभी कोर्ट के लिखित आदेश और उसकी कानूनी बारीकियों का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “अगर भविष्य में भी कोई इस मूर्ति को लेने नहीं आता है, तो मैं इसे बेहद खुशी और गर्व के साथ अपने पास रखूंगा, क्योंकि यह भारत के गौरवशाली इतिहास का एक जीवंत हिस्सा है।”

मूल प्रतिमा को स्थापति करने की हो रही तैयारी
धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हिंदू पक्ष लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। भोज उत्सव समिति के महामंत्री सुमित चौधरी ने कहा कि वर्तमान में लंदन में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत लाकर भोजशाला परिसर में स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि यह प्रतिमा खंडित अवस्था में है, लेकिन धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से उसका विशेष महत्व है।

सुमित चौधरी ने बताया कि आंदोलन के दौरान जिन-जिन मूर्तियों का उपयोग किया गया, उन सभी मूर्तियों की “मुक्ति” कराकर उन्हें सम्मानपूर्वक स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भोजशाला में हिंदू महासभा द्वारा रखी गई मूर्ति को लेकर भी आगे प्रक्रिया की जाएगी।

ग्वालियर की मूर्ति की सिर्फ चर्चा
सुमित चौधरी ने स्पष्ट किया कि ग्वालियर में रखी प्रतिमा को भोजशाला में स्थापित करने को लेकर फिलहाल केवल चर्चा चल रही है। अभी इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और यह केवल योजना स्तर पर विचाराधीन है।

सुमित चौधरी का कहना है कि प्रतिमा स्थापना को लेकर न्यायालय का आदेश पहले ही आ चुका है। कोर्ट ने शासन और प्रशासन को प्रतिमा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन और मांग पत्र भी प्रस्तुत किया गया है, जिसमें कोर्ट के आदेश के पालन की मांग की गई है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र भेजा गया है। हिंदू पक्ष ने मांग की है कि लंदन में मौजूद मां वाग्देवी की प्रतिमा को जल्द भारत लाकर भोजशाला परिसर में स्थापित किया जाए।

सुमित चौधरी ने कहा कि एएसआई केवल परिसर की देखरेख और संरक्षण का कार्य करता है। प्रतिमा स्थापना का निर्णय पूरी तरह कोर्ट के आदेश के अनुसार ही होगा। उन्होंने कहा कि मूर्ति आएगी तो कोर्ट के आदेश से ही आएगी, इसमें एएसआई के हस्तक्षेप का कोई सवाल नहीं उठता।

मध्यप्रदेश में बनेगा हाई कैपेसिटी रेल नेटवर्क, 11 हजार करोड़ से बदलेगी रेलवे की तस्वीर

 कटनी/बीना
 मध्यप्रदेश में रेलवे नेटवर्क विस्तार की दो बड़ी परियोजनाओं को केंद्र सरकार ने मंजूरी देकर प्रदेश के यात्री और माल परिवहन ढांचे को नई दिशा दी है। इटारसी-भोपाल-बीना रेलखंड पर चौथी रेल लाइन और न्यू कटनी जंक्शन से सिंगरौली तक तीसरी- चौथी रेल लाइन परियोजना शुरू होने से रेलवे की संचालन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। दोनों परियोजनाओं पर मिलाकर 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजनाओं से न केवल ट्रेनों की इन लेटलतीफी कम होगी, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।

इटारसी-भोपाल-बीना रेलखंड देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल
इटारसी-भोपाल-बीना रेलखंड देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां यात्री और मालगाडिय़ों का भारी दबाव रहता है। इधर पश्चिम मध्य रेलवे के न्यू कटनी जंक्शन से सिंगरौली तक तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना से सिंगरौली की कोयला तथा कटनी के सीमेंट उद्योगों को फायदा पहुंचेगा।

करीब 4329 करोड़ रुपए की इस परियोजनाा में 9 सुरंगें, 39 बड़े और 151 छोटे पुल, 43 ओवरब्रिज और 39 अंडरब्रिज बनेंगे
रेलवे ने इटारसी-भोपाल-बीना रेलखंड चौथी रेल लाइन बनाने का निर्णय लिया है। यह लाइन 237 किमी लंबी बनेगी। करीब 4329 करोड़ रुपए की इस परियोजनाा में 9 सुरंगें, 39 बड़े और 151 छोटे पुल, 43 ओवरब्रिज और 39 अंडरब्रिज बनेंगे। रेलवे ने इस वित्तीय वर्ष में इसके लिए 100 करोड़ रुपए जारी भी कर दिए हैं।

जबलपुर मंडल अंतर्गत न्यू कटनी जंक्शन से सिंगरौली तक तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को भारत सरकार ने स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट घोषित किया
वहीं पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल अंतर्गत न्यू कटनी जंक्शन से सिंगरौली तक तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को भारत सरकार ने स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट घोषित किया है। 264 किमी के इस कॉरिडोर पर 6779.87 करोड़ खर्च होंगे। परियोजना कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली जिलों से होकर गुजरेगी। इसके सिंगरौली की कोयला और ऊर्जा बेल्ट तथा कटनी के सीमेंट व खनिज उद्योगों को इससे सबसे अधिक फायदा होगा।

बता दें कि एमपी का कटनी जिला, प्रदेश के माइनिंग सेेंटर के रूप में उभर रहा है। यहां बाक्साइट की खदानों के साथ ही अब सोना भी मिला है। खदानों में प्रचुर मात्रा में स्वर्ण अयस्क होने का दावा किया जा रहा है। कटनी का सीमेंट उद्योग देशभर में विख्यात है।

इन परियोजनाओं को हरी झंडी

इटारसी-भोपाल-बीना चौथी रेल लाइन
लंबाई: 237 किमी
लागत: 4329 करोड़
समयसीमा: 4 वर्ष
आवंटन: 100 करोड़ रुपए

न्यू कटनी जंक्शन-सिंगरौली तीसरी-चौथी रेल लाइन
लंबाई: 264.070 किमी
ट्रैक विकास: 578.675 किमी
लागत: 6779.87 करोड़ रुपए
समयसीमा: 4 वर्ष

मध्य क्षेत्रीय परिषद् की अगली बैठक होगी उज्जैन में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य क्षेत्रीय परिषद् की अगली बैठक होगी उज्जैन में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह बैठक के बाद सिंहस्थ की तैयारियों का करेंगे मुआयना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को सरकार की उपलब्धियों की दी जानकारी

उज्जैन 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य क्षेत्रीय परिषद् की अगली (27वीं) बैठक वर्ष 2027 में उज्जैन में होगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 19 मई को बस्तर में परिषद् की 26वीं बैठक में इस आशय की सहमति दे दी है। मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक लेने के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री शाह उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारी को लेकर हो रही व्यापक नागरिक व्यवस्थाओं, मानव प्रबन्धन एवं आपदा प्रबंधन का भी मुआयना करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक बस्तर में करके देश में नक्सलवाद की समाप्ति का जन संदेश दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण से बीते सप्ताह राज्य में हुई विशेष गतिविधियों और सरकार को मिली उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की।

मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए पुलिस अधिकारी सम्मानित, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नक्सल मुक्त करने में अपने शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह द्वारा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव सहित ‘नक्सल उन्मूलन अभियान’ में सक्रिय योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया गया है।

भोजशाला पर उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत, मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा लाने का प्रयास करेगी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार जिले की भोजशाला परिसर को लेकर मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है। प्रदेश में कानून व्यवस्था नियंत्रण हमारी प्राथमिकता है। इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जायेगी। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने करीब 750 साल पुराने और धार्मिक/ईश वंदना से जुड़े इस मसले का सकारात्मक एवं शांतिपूर्ण समाधान किया है। सरकार इस विषय से जुड़े सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उच्च न्यायालय के निर्णय का पालन करायेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मां वाग्देवी की वास्तविक प्रतिमा विदेश से स्वदेश लाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ हर जरूरी प्रयास एवं समन्वय करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वपूर्ण फैसले के मद्देनजर मध्यप्रदेश में शांति, सौहार्द और सद्भावना बनाए रखने के लिए प्रदेशवासियों को सरकार की ओर से बधाई भी दी।

प्रधानमंत्री का सम्मान – देश का सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे विश्व में भारत का मान बढ़ाया है। उन्हें विदेश में मिल रहा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पूरे देश का सम्मान है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य में हुई वृद्धि, किसानों को मिली नई सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धान, ज्वार-बाजरा, कपास, तिल, सोयाबीन और अन्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि करने के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के किसानों को यह नई सौगात दी है।

इंडो-फ्रांस कॉन्क्लेव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बीते सप्ताह हुए इंडो-फ्रांस कान्क्लेव (भारत-फ्रांस निवेश सम्मेलन) के सफल आयोजन की जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार फ्रांस के साथ हर  क्षेत्र में मिलकर काम करेगी। फ्रांस के राजदूत थियरी माथू, आईएफसीसीआई की महानिदेशक सुपायल एस कंवर और लगभग 150 प्रतिनिधियों से इसमें हिस्सा लिया, जिसमें भारतीय और फ्रांसीसी कंपनियों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राजनियक, नीति निर्माता, शासकीय अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोमा रोपवेस, एआई वैनसिटी एण्ड मेडिकेप्स यूनीवर्सिटी, डासाल्ट सिस्टमस, सफलेट, सियस्ट्रा, एन्जी सहित विश्व के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सीईओ-सीओओ और बहुराष्ट्रीय कंपनी प्रतिनिधियों की इस कान्क्लेव में सहभागिता मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों के प्रति दिनों-दिन बढ़ रहे वैश्विक विश्वास का प्रतीक है।

निगम-मंडलों के पदाधिकारियों को मिला प्रशिक्षण, सरकार ने प्रारंभ किया नवाचार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार के अधीन विभिन्न निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग, प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की हाल ही में नियुक्ति की गई है। शासकीय विभागों के प्रमुख निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग एवं प्राधिकरण के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों के लिए प्रदेश में पहली बार कार्य प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यह हमारी सरकार का एक नवाचारी प्रयास है। इसमें सभी नये पदाधिकारियों को उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन की रीति-नीति, नियम-कायदे और वित्त प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देकर सभी से प्रदेश के विकास के लिए काम करने की अपील की।

 

MP में थमेंगे ट्रकों के पहिये, देशव्यापी हड़ताल से ग्वालियर-चंबल का कारोबार प्रभावित

 ग्वालियर

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर 21 मई यानी आज से ट्रकों के पहिये देश भर में थम जाएंगे। इस वजह से न तो शहर से माल की लोडिंग हो पाएगी और न ही बाहर से शहर में माल आ पाएगा।

यह हड़ताल दिल्ली एनसीआर में कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट और दिल्ली नगर निगम के खिलाफ है। साथ ही बार-बार डीजल-पेट्रोल की दरों में बढ़ाने को लेकर है। हड़ताल तीन दिन चलेगी। इससे ग्वालियर-चंबल का बाजार काफी हद तक प्रभावित होगा।

स्थानीय तीन सौ और बाहर जाने वाले चार सौ ट्रकों के चक्के थमेंगे

स्थानीय ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष राजीव मोदी के मुताबिक शहर व आसपास के जिलों में माल लाने ले जाने वाले करीब तीन सौ लोडिंग वाहन खड़े हो जाएंगे। इस वजह से स्थानीय स्तर पर कोई भी सामान इधर से उधर नहीं जा सकेगा।

इसी तरह आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील माहेश्वरी के मुताबिक वर्तमान में ग्वालियर चंबल से 400 ट्रक दिल्ली माल लेकर जाते हैं और माल लेकर आते हैं। ऐसे में ये चार सौ ट्रक भी बंद रहेंगे। पिछले तीन दिन से दिल्ली एनसीआर में वाहनों में लोडिंग ही नहीं हुई है।

जानिए किन-किन चीजों पर पड़ेगा सीधा असर

किन-किन चीजों पर पड़ेगा असर ग्वालियर चंबल में किराना, रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि का सामान दिल्ली से आता है। साथ ही अंचल से तेल सहित अन्य चीजें दिल्ली जाती हैं। ऐसे में तीन दिन तक ट्रकों की हड़ताल की वजह से ये चीजें न तो अंचल में आ सकेंगी और न जा सकेंगी।

इससे पूरे बाजार पर असर पड़ेगा। यदि कुछ ट्रक आ भी गए तो स्थानीय स्तर पर माल की ढुलाई करने वाले वाहन भी नहीं चलेंगे। ऐसे में यह माल भी अंचल के जिलों में नहीं पहुंच सकेगा।

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