भोपाल MANIT में बन रहे हाईटेक रोबोट, गैस रिस्क और हाई-अल्टीट्यूड मिशन में करेंगे इंसानों का काम

भोपाल

भोपाल: राजधानी का मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानि मैनिट अब सिर्फ इंजीनियरिंग केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की रोबोटिक क्रांति की प्रयोगशाला बनता जा रहा है. यहां ऐसे स्मार्ट रोबोट और एडवांस ड्रोन तैयार किए जा रहे हैं, जो खदानों, सीवर लाइन, जहरीली गैस वाले इलाकों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के मिशन में इंसानों की जगह काम करेंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस ये मशीनें उन जगहों पर भेजी जाएंगी, जहां हर कदम पर जान का खतरा होता है। 

मैनिट में भविष्य की रोबोटिक टेक्नोलॉजी
मैनिट स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर और आईओटी एंड रोबोटिक्स लैब में कई हाईटेक प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है. यहां वैज्ञानिक और रिसर्चर्स ह्यूमनॉइड रोबोट, क्वाड्रेट रोबोट और एडवांस सर्विलांस ड्रोन विकसित कर रहे हैं. इन मशीनों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और रिस्क एरिया में बिना मानवीय हस्तक्षेप के काम कर सकें. यह तकनीक आने वाले समय में औद्योगिक सुरक्षा और सामरिक मिशनों में बड़ा बदलाव ला सकती है। 

जहां इंसान नहीं पहुंच सकते, वहां जाएंगे ये रोबोट
खदानों, केमिकल इंडस्ट्री और गैस रिस्क एरिया में अक्सर जहरीली गैसों के रिसाव या आक्सीजन की कमी के कारण बड़े हादसे होते हैं. ऐसे हालात में इंसानों को भेजना बेहद खतरनाक साबित होता है. मैनिट में तैयार किए जा रहे रोबोट्स को खासतौर पर ऐसे ही क्षेत्रों के लिए डिजाइन किया जा रहा है. ये मशीनें खतरनाक जगहों पर जाकर डेटा जुटाएंगी, गैस लेवल की जांच करेंगी और रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगी. इससे रेस्क्यू ऑपरेशन ज्यादा सुरक्षित और तेज हो सकेंगे। 

चार पैरों वाले क्वाड्रेट रोबोट होंगे खास आकर्षण
मैनिट की लैब में विकसित किए जा रहे क्वाड्रेट रोबोट सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. चार पैरों पर चलने वाले ये रोबोट ऊबड़-खाबड़ रास्तों, पहाड़ी इलाकों और संकरी सुरंगों में आसानी से मूव कर सकते हैं. इनकी डिजाइनिंग ऐसी की जा रही है कि वे इंसानों की तरह संतुलन बनाए रखते हुए कठिन परिस्थितियों में भी लगातार काम कर सकें. भविष्य में इनका उपयोग सेना, आपदा प्रबंधन और इंडस्ट्रियल सर्विलांस में किया जा सकता है। 

हाई-अल्टीट्यूड मिशन के लिए बन रहे एडवांस ड्रोन
मैनिट के प्रोफेसर मितुल कुमार अहिरवार ने बताया कि “रोबोटिक्स प्रोजेक्ट के साथ-साथ मैनिट में हाई-अल्टीट्यूड ड्रोन टेक्नोलॉजी पर भी रिसर्च चल रही है. ये ड्रोन पहाड़ी क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों और जटिल संरचनाओं की निगरानी कर सकेंगे. खराब मौसम या जोखिम वाले क्षेत्रों में भी इनकी मदद से सटीक सर्विलांस किया जा सकेगा. आपदा प्रबंधन के दौरान यह तकनीक राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। 

कम लागत में तैयार होगी स्वदेशी तकनीक
दरअसल, विदेशी रोबोटिक मशीनों की कीमत काफी अधिक होती है, जिससे उनका बड़े स्तर पर उपयोग मुश्किल हो जाता है. मैनिट की टीम इन रोबोट्स और ड्रोन को कम लागत में विकसित करने पर फोकस कर रही है. रिसर्च का दावा है कि कम बजट के बावजूद इनकी एक्यूरेसी और कार्यक्षमता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इससे देश में सस्ती और भरोसेमंद रोबोटिक तकनीक उपलब्ध हो सकेगी। 

पेटेंट के बाद बाजार में आएंगी तकनीकें
मैनिट में चल रहे कई प्रोजेक्ट अब एडवांस रिसर्च लेवल तक पहुंच चुके हैं. इन तकनीकों के लिए पेटेंट भी फाइल किए जा चुके हैं. पेटेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन रोबोट्स और ड्रोन को कमर्शियल मार्केट और पब्लिक डोमेन में उतारा जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ये तकनीकें देश की सुरक्षा, इंडस्ट्रियल मानिटरिंग और रिस्की आपरेशंस का चेहरा बदल सकती हैं। 

मध्य प्रदेश में गर्मी की छुट्टियों के बाद सरकारी स्कूलों में शुरू होगी गेस्ट टीचर्स की जॉइनिंग प्रक्रिया

भोपाल
 मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद 16 जून से स्कूल खुलते ही रिक्त पदों पर ज्वाइनिंग दी जाएगी। इसके लिए विभाग द्वारा विषयवार खाली पदों की सूची भी जारी कर दी गई है। इसके अनुसार माध्यमिक शिक्षक वर्ग में सबसे अधिक रिक्तियां अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय में सामने आई हैं।

इन विषयों में नियमित शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। ऐसे में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले ही अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिलेवार और विषयवार रिक्त पदों के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति एक जुलाई से की जाएगी। इससे स्कूलों में पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।

70 हजार पद पर अतिथि शिक्षक पदस्थ
प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में हर वर्ष बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। इस बार भी 70 हजार पदों पर अतिथि शिक्षकों को अवसर मिलने की संभावना है। इनकी सेवाएं 30 अप्रैल को समाप्त हुई है। अब एक जुलाई से इनकी पदस्थापना की जाएगी। अतिथि शिक्षकों से आनलाइन पोर्टल पर स्कोर कार्ड जनरेट किए जा रहे हैं।

भोपाल में कभी भी पहुंच सकती है स्वच्छ सर्वेक्षण टीम, शहरभर में सफाई और सौंदर्यीकरण अभियान तेज

भोपाल

भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए टीम अगले 2 दिन के अंदर आ सकती है। टीम के आने से पहले नगर निगम वह सभी कवायदें कर रहा है, जो उसे बेहतर अंक दिला सके। सोमवार को जोन-9 के पंजाबी बाग में एक गली में समुद्र की आकृति की उकेर दी गई। दूसरी ओर, लोगों को बेहतर फीडबैक के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। हालांकि, इस बार भोपाल को कागजों के साथ जमीन पर भी सफाई साबित करनी होगी।

85 वार्ड, 40 स्कूल और हर कोना होगा स्कैन
इस बार सर्वेक्षण टीम का दायरा पहले से कहीं बड़ा है। टीम भोपाल के सभी 85 वार्डों में जाएगी और सफाई व्यवस्था का ग्राउंड लेवल पर निरीक्षण करेगी। इसके अलावा लगभग 40 स्कूलों में भी स्वच्छता की स्थिति जांची जाएगी। बच्चों के आसपास का वातावरण, कचरा प्रबंधन और जागरूकता स्तर भी रैंकिंग का हिस्सा होगा।

नगर निगम ने दिए सख्त निर्देश
स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कचरा ट्रांसफर स्टेशनों की स्थिति सुधारने और मिश्रित कचरा संग्रहण पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। निगम प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दें, ताकि शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग मिल सके।

शहर को चमकाने की कोशिश जारी 
नगर निगम ने शहर को आकर्षक दिखाने के लिए कई जगहों पर पेंटिंग, 3D आर्ट और स्क्रैप से बनी कलाकृतियां लगाई हैं। लगभग 60 हजार वर्गफीट क्षेत्र को इस तरह सजाया गया है। 

इसी वजह से सड़कों की सफाई, नालों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, बैक लेन में पेंटिंग और बाजारों में टाइल्स लगाने का काम शुरू किया गया है। न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, पुराना शहर, करोंद, कोलार, बैरागढ़ जैसे बड़े बाजारों में सौंदर्यीकरण और कचरा उठाने के काम को प्राथमिकता दी जा रही है।

ये बड़ी चुनौती

हालांकि, जमीन पर अब भी कई जगह गंदगी, टूटे डस्टबिन, उखड़ी सड़कें और खुले नाले जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में विजिबल क्लीनलीनेस के लिए तय 1500 अंक भोपाल के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

स्वच्छता रैंकिंग कैसे तय होगी?
इस बार सिस्टम पूरी तरह डेटा और ग्राउंड रियलिटी पर आधारित है। रैंकिंग ऑन-ग्राउंड असेसमेंट, सिटीजन फीडबैक, विजिबल क्लीनलीनेस (1500 अंक), ODF/ODF++ और वॉटर प्लस (1000 अंक) और गारबेज फ्री सिटी रेटिंग (1000 अंक) जैसे पैरामीटर्स पर तय होगी।

बाजारों में सबसे बड़ी चुनौती 
भोपाल के न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, पुराना शहर, कोलार, करोंद और बैरागढ़ जैसे बड़े बाजारों में भी सफाई एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। नियम के अनुसार रिहायशी इलाकों में रोज एक बार सफाई, बाजार और स्टेशन और फूड जोन में दिन में दो बार सफाई जरूरी है, लेकिन कई जगह यह सिस्टम अभी भी पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है।

बैक लेन और गलियों पर खास फोकस
शहर की बैक लेन यानी पीछे की गलियां भी इस बार स्कोरिंग का बड़ा हिस्सा हैं। यहां सफाई और रखरखाव के लिए 200 अंक तय किए गए हैं। कई जगहों पर इन गलियों में रंगीन पेंटिंग और सफाई अभियान चल रहे हैं, लेकिन स्थायी सुधार अभी बाकी है।

दीवारें साफ, लेकिन नीचे कचरा
150 अंकों वाले इस पैरामीटर में सार्वजनिक जगहों को साफ रखना जरूरी है खासतौर पर पान-गुटखे के निशान और खुले में गंदगी से मुक्त रखना। लेकिन हकीकत यह है कि कई जगह बैरिकेड्स और दीवारें खुद अनचाही गंदगी पॉइंट बन चुकी हैं।

3 करोड़ की पेंटिंग का काम 
शहर में वॉल पेंटिंग, म्यूरल्स और आर्ट
वर्क पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ गड्ढामुक्त सड़क और ग्रीनरी बढ़ाने की कोशिश भी हो रही है। शहर में कुछ जोन में सफाई पूरी हो चुकी है। भानपुर में 50 करोड़ रुपए की लागत से एसटीपी प्रोजेक्ट भी चल रहा है, जो भविष्य की दिशा तय करेगा।

आदमपुर कचरा खंती- बड़ी चुनौती
भोपाल के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द आदमपुर कचरा खंती है। यहां जमा पुराना कचरा (legacy waste) आज भी वैसा ही है। कचरे का पहाड़, गंदा पानी का रिसाव और बार-बार आग लगने की घटनाएं। यह सब मिलकर शहर की रैंकिंग को हर साल नीचे खींचते हैं।

अंतिम दौर में इन कामों पर फोकस जानकारी के अनुसार, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में विजिबल क्लीनलीनेस यानी जमीन पर दिखने वाली सफाई पर विशेष फोकस किया है। नई गाइडलाइंस के तहत शहरों की रैंकिंग 10 मुख्य इंडिकेटर्स के आधार पर तय होगी।

इसी वजह से निगम बैक लेन से लेकर नालों और कचरा पॉइंट तक सुधार कार्यों में जुटा है। सोमवार को पंजाबी बाग की बैक लेन का काम पूरा किया गया। मंगलवार को भी कई जगहों पर पेंटिंग को अंतिम रूप दिया जाएगा।

ऐसे तय होगी रैंकिंग

    ऑन-ग्राउंड असेसमेंट और 10,500
    सिटीजन फीडबैक
    विजिबल क्लीनलीनेस 1,500
    ODF/ODF++/वाटर प्लस 1,000
    कचरा मुक्त शहर स्टार रेटिंग 1,000

ये कारण- सर्वेक्षण और चुनौती

बाजारों में कचरा बड़ी चुनौती

आवासीय क्षेत्रों और पार्कों में रोज एक बार, जबकि व्यावसायिक स्थलों, बस-रेलवे स्टेशनों, पर्यटन स्थलों और स्ट्रीट फूड जोन में दिन में दो बार सफाई जरूरी होगी। इस पैरामीटर के लिए सबसे ज्यादा 300 अंक हैं। कई मार्केट में अब भी कचरा और गंदगी बड़ी समस्या बनी हुई है।

गंदगी पर कट सकते हैं नंबर

घरों और दुकानों के पीछे की गलियों यानी बैक लेन की सफाई और रखरखाव के लिए 200 अंक तय हैं। शहर के कई इलाकों में बैक लेन में रंगीन पेंटिंग और सफाई अभियान जारी है।

बैरिकेड्स बिगाड़ रहे सफाई स्कोर

सार्वजनिक स्थलों और दीवारों को पान-गुटखे के धब्बों और खुले में पेशाब के निशानों से मुक्त रखने पर 150 अंक मिलेंगे। निर्माण कार्यों के दौरान लगाए गए बैरिकेड्स पीकदान बन चुके हैं। निगम ने एजेंसियों को इन्हें साफ करने की चेतावनी दी है, लेकिन हालात नहीं सुधरे हैं।

मेडिकल स्टोर हड़ताल के बीच राहत की खबर, प्रदेश में दवाओं की नहीं होगी कमी; यहां मिलेंगी सभी जरूरी मेडिसिन

भोपाल 

मध्य प्रदेश में आज  यानी 20 मई को दवा दुकानों की हड़ताल रहेगी। भोपाल में 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में यह बंद बुलाया है।

भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि जिले के सभी रिटेल और थोक दवा व्यवसायी इस बंद का समर्थन करेंगे और 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि यह मुद्दा सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। घर-घर पहुंच रही ऑनलाइन दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर अभी स्पष्ट सिस्टम नहीं है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

अस्पतालों के मेडिकल बंद से मुक्त
एसोसिएशन के अध्यक्ष धाकड़ ने बताया कि ऑनलाइन दवा व्यापार की आड़ में नकली, एक्सपायरी एवं गलत दवाओं के वितरण की संभावनाएं बढ़ रही हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने भोपाल की जनता से इस बंद के कारण होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है तथा नागरिकों से अपील की है कि वे 20 मई से पूर्व ही अपनी नियमित उपयोग की आवश्यक दवाओं का संग्रह कर लें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को इस बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट व ड्रगिस्ट और मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी प्राइवेट मेडिकल दुकानें  आज बंद रहेंगी । हड़ताल की वजह से मरीजों को जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ सकता है, ऐसे में एक दिन पहले पर्याप्त डोज लेकर रख सकते हैं।

दवा बाजार की हड़ताल में यहां मिलेगी दवाइयां
इस हड़ताल में इमरजेंसी के लिए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल खुली रहेंगी। प्रदेशभर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर भी दवाइयां मिलेंगी। जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल, प्राइवेट अस्पतालों की मेडिकल दुकानों को हड़ताल से दूर रखा गया है।

देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लगभग 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, आपातकालीन दवा सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

कारोबार हो रहा प्रभावित
केंद्रीय औषधि मानक संगठन नियंत्रण (CDSCO) के सूत्रों का कहना है कि कई राज्य स्तरीय रिटेल फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और दवाओं की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और तेज डिलीवरी देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं।

दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर?
हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे। 

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी। 

ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर बिक रही नकली दवाएं
कोरोना काल में अधिसूचना जीआरएस 220 ई के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसे तुरंत वापस ली जाए। अवैध रूप से ई-कॉर्पोरेट्स द्वारा बाजार में कब्जा किया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण में मनमानी कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन फार्मेसियों और प्लेटफार्मों पर मिलावटी या नकली दवाएं बेची जा रही हैं।

इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी
कई केमिस्ट असोसिएशन की ओर से 20 मई को प्रस्तावित भारत बंद और हड़ताल को लेकर दवा कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने खुद को इससे अलग कर लिया है। संगठन ने कहा कि इस बंद का समर्थन नहीं करेंगे। दावा है कि इससे अव्यवस्था बढ़ेगी और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। AICDF के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बंद बुलाने वाले ने संगठनों का उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा से ज्यादा बाजार में दबाव बनाना प्रतीत होता है।

 

सिंगरौली पुलिस ने 02 वर्षीय अपहृत बालिका को 36 घंटे में झारखंड से सकुशल किया दस्तयाब

भोपाल

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबीहेतु सघन और सतत अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में 02 वर्षीय अपहृत बालिका को मात्र 36 घंटे के भीतर झारखंड राज्य से सकुशल दस्तयाब कर सिंगरौली पुलिस ने संवेदनशीलता, तत्परता एवं तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट परिचय दिया है। पुलिस की त्वरित एवं समन्वित कार्यवाही से बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे परिवार के साथ-साथ आमजन में भी पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

प्रकरण में थाना बैढ़न में 16 मईको फरियादी द्वारा सूचना दर्ज कराई गई थी कि वह अपनी 02 वर्षीय पुत्री के साथ बस स्टैण्ड बैढ़न में सोया हुआ था। देर रात नींद खुलने पर उसकी पुत्री वहां नहीं मिली। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका व्यक्त की गई। सूचना पर थाना बैढ़न में प्रकरण पंजीबद्ध कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिंगरौली  षियाज के.एम. के निर्देशन में विशेष एसआईटी गठित की गई। उप पुलिस अधीक्षक सु रोशनी पटेल सहित थाना एवं चौकी प्रभारियों के नेतृत्व में लगभग 150 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की 10 विशेष टीमों को बालिका की तलाश में लगाया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा अपहृता एवं आरोपी की जानकारी देने पर 10हजार रूपएके ईनाम की घोषणा भी की गई।

अपहृत बालिका की तलाश हेतु जिले सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं सीमावर्ती राज्यों के पुलिस थानों को रेडियो संदेश प्रसारित किए गए। बैढ़न, विंध्यनगर, मोरवा, बरगवां एवं माड़ा क्षेत्र में रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, अस्पतालों, डैम, नदियों एवं सुनसान स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस द्वारा लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का परीक्षण किया गया तथा बालिका के फोटो पम्पलेट सार्वजनिक स्थानों, ऑटो एवं बसों में चस्पा कर सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्रसारित किए गए।

सीसीटीवी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण करने पर पुलिस को एक संदेही व्यक्ति को बालिका के साथ बैढ़न से बिलौजी एवं आगे माजन मोड़ की ओर जाते हुए देखा गया। संबंधित बस चालक, परिचालकों एवं ऑटो चालकों से पूछताछ की गई, जिसके आधार पर पुलिस टीम को जानकारी मिली कि संदेही व्यक्ति निवासी ग्राम मासीआतो थाना बालूमार जिला लातेहार (झारखंड) है, जो बालिका को लेकर अपने गांव चला गया है।

सूचना प्राप्त होते ही पुलिस की विशेष टीमें तत्काल झारखंड रवाना की गईं। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर 02 वर्षीय अपहृत बालिका को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।

मध्यप्रदेश पुलिसआमजन से अपील करती है कि किसी भी बालक/बालिका के गुम होने अथवा संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी थाना एवं डायल-112 को सूचना दें, ताकि समय रहते त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी तथा “मुस्कान अभियान” के तहत इस प्रकार की विशेष कार्यवाहियां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।

 

अब तक 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ गेहूँ का उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 12 लाख 30 हजार 426 किसानों से 90 लाख 8 हजार 469 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है।

मंत्री  राजपूत ने बताया कि किसानों को 18 हजार 707 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ में से 78 लाख 52 हजार 546 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है।

मंत्री  राजपूत ने बताया है कि गेहूँ उपार्जन 23 मई 2026 तक किया जायेगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

 

मध्यप्रदेश में 20 मई को दवाइयों की सप्लाई ठप, भोपाल सहित पूरे प्रदेश के मेडिकल स्टोर्स रहेंगे बंद

भोपाल

 ऑनलाइन दवा व्यापार और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में ‘मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन’ के आह्वान पर 20 मई को पूरे प्रदेश सहित राजधानी भोपाल के सभी निजी मेडिकल स्टोर्स बंद रहेंगे। भोपाल केमिस्ट संघ के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि दवा विक्रेता सुबह 10 बजे दवा बाजार में एकत्रित होंगे और सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के उल्लंघन का आरोप

एसोसिएशन का आरोप है कि ऑनलाइन दवा व्यापार ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का खुला उल्लंघन है। बिना फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाओं की होम डिलीवरी से नकली और एक्सपायरी दवाओं का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही ई-फार्मेसी कंपनियों की लागत से कम कीमत पर दवा बेचने की नीति (प्रेडेटरी प्राइसिंग) से पारंपरिक छोटे और मध्यम दवा व्यवसायियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

मरीजों की सुविधा के लिए खुले रहेंगे जन औषधि केंद्र

दवा बाजार बंद रहने के दौरान मरीजों की सुविधा के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। हड़ताल के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों की फार्मेसी और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे। इसके अलावा निजी अस्पतालों के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर्स को भी बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि भर्ती और आपातकालीन मरीजों को परेशान न होना पड़े।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की गूगल की टीम के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक बुधवार 20 मई को

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश और गूगल के बीच दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी, उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई आधारित समाधानों के उपयोग पर 20 मई, बुधवार को भोपाल में गूगल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक चर्चा करेंगे। साथ ही डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने, जनसेवाओं को सरल एवं सुगम बनाने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर भी मीटिंग में विचार किया जाएगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से आयोजित यह बैठक मध्यप्रदेश में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, स्मार्ट गवर्नेंस और तकनीक आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर)  आशीष वाट्टल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स)  मदन ओबेरॉय सहित सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, हेल्थकेयर एआई एवं डिजिटल अवसंरचना विशेषज्ञ और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में सिंहस्थ -2028 के तकनीक आधारित प्रबंधन, स्मार्ट भीड़ प्रबंधन, एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग,डेटा आधारित निगरानी, अधिक प्रभावी नागरिक सेवा विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित रोग पहचान और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, कृषि में किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर पहुंच और शिक्षा क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षण और कौशल विकास पर भी विचार किया जाएगा।

बैठक में एआई स्किलिंग, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टार्ट-अप इको सिस्टम और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। यह बैठक मध्यप्रदेश और गूगल के मध्य दूरदर्शी तकनीकी साझेदारी को नई दिशा देने और प्रदेश को नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों की जब्तील के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो दिनों में अनूपपुर, मंदसौर और नीमच जिलों की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक कीमत का गांजा, डोडाचूरा एवं अफीम जब्‍त किया है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त वाहन भी जप्त किए गए हैं। पुलिस की इन कार्रवाइयों से प्रदेश में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया गया है।

अनूपपुर : जिले के थाना रामनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम फुलवारीटोला मार्ग पर नाकाबंदी कर एक वाहन को रोका। पुलिस टीम को देखकर चालक ने कार लेकर भागने का प्रयास किया। भागने के प्रयास में वाहन पेड़ से टकरा गया। मौके से पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 225 किलो 740 ग्राम अवैध गांजा प्राप्‍त हुआ। पुलिस ने गांजा एवं कार सहित लगभग 1 करोड़ 12 लाख 87 हजार की संपत्ति जब्‍त की। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

मंदसौर : जिले के थाना नारायणगढ़ पुलिस ने डोडाचूरा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक वाहन से 402 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया। पुलिस ने मुखबिर सूचना पर भांगी पिपलिया से चौथखेड़ी रोड पर नाकाबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से डोडाचूरा, स्कॉर्पियो-N कार एवं मोबाइल सहित लगभग 33 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

नीमच : जिले की थाना जावद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार से 01 किलो 784 ग्राम अवैध अफीम जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जावद-नयागांव रोड स्थित ढाबा माता मंदिर पुलिया के पास नाकाबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी के कब्जे से अफीम एवं तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट कार सहित लगभग 8 लाख 92 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की गई।

भोपाल : क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित RRL ब्रिज के पास कार्यवाही करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से 21 किलो 20 ग्राम अवैध डोडाचूरा जब्‍त किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये है।

मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।

 

उज्जैन संभाग में सहकारिता क्षेत्र की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित

उज्जैन 

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, उज्जैन के सभाकक्ष में अपेक्स बैंक, भोपाल के नवमनोनीत अध्यक्ष/प्रशासक माननीय श्री महेन्द्र सिंह जी यादव की अध्यक्षता में उज्जैन संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रबंध संचालक श्री मनोज कुमार गुप्ता एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक उज्जैन के प्रशासक के रूप में भी उपस्थित रहे। साथ ही उज्जैन संभाग के सभी जिला बैंकों के सीईओ एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
 वैश्विक ऊर्जा संकट के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण संदेश

माननीय प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह जी यादव ने वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट के संदर्भ में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रहित में किए गए विनम्र अनुरोध का उल्लेख करते हुए सहकारिता एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से “ईंधन बचाओ–ऊर्जा बचाओ” अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने की अपील की।

साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में “वोकल फॉर लोकल” अभियान को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया गया, ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।

 “एक पेड़ माँ के नाम” और “हरित सहकार अभियान”

बैठक में “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण अभियान को जिला बैंक मुख्यालय एवं पैक्स स्तर पर लक्ष्य अनुसार पूर्ण करने का आह्वान किया गया।

इन सभी पहलों के माध्यम से “हरित सहकार अभियान” को सहकारी समितियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास का एक प्रभावी मॉडल बनाने पर जोर दिया गया।

 किसानों के सम्मान का सुझाव

प्रशासक महोदय द्वारा सुझाव दिया गया कि बी-पैक्स संस्थाओं की वर्ष 2026-27 वित्तीय वर्ष समाप्ति पर आयोजित वार्षिक आमसभा में चयनित न्यूनतम 10 सदस्य किसानों को सम्मानित किया जाए, जिससे किसान सहभागिता और प्रोत्साहन को बढ़ावा मिले।
 सदस्यता अभियान और अंशपूंजी संग्रह की समीक्षा

बैठक में उज्जैन संभाग में चल रहे सदस्यता महाभियान की समीक्षा की गई।

उज्जैन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा लगभग 50 लाख रुपये की अंशपूंजी जमा की गई है, जो पूरे मध्यप्रदेश में सर्वाधिक है।
हालांकि यह निर्धारित लक्ष्य से कम है, फिर भी राज्य में शीर्ष प्रदर्शन माना गया।

सभी जिला बैंकों को सदस्यता एवं अंशपूंजी लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

  •  ऋण वितरण, वसूली और व्यवसाय विस्तार पर निर्देश
  • अल्पावधि फसल ऋण की वसूली बढ़ाने पर जोर
  • देवास जिला बैंक द्वारा संभाग में सर्वाधिक वसूली की सराहना
  • ऋण वितरण को अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के निर्देश
  • टर्म लोन वितरण में उदासीनता दूर करने की आवश्यकता पर बल
  • पैक्स स्तर पर व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर

 बैंकिंग सुदृढ़ता और CASA संग्रहण

बैठक में स्पष्ट किया गया कि कासा (CASA) अमानतें बैंकों की वित्तीय सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

  • कुछ बैंकों द्वारा 100% से अधिक लक्ष्य प्राप्त किया गया
  • कुछ बैंकों का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं रहा
  • सभी जिला बैंकों को CASA संग्रहण में सुधार करने के निर्देश दिए गए।
  •  गेहूं उपार्जन कार्य पर सख्त निर्देश
  • वर्तमान में चल रहे गेहूं उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
  • ई-पीओ (EPO) लंबित न रहें
  • उपार्जित काश्त का शत-प्रतिशत परिवहन सुनिश्चित हो
  • किसी भी प्रकार की वित्तीय या संचालन संबंधी हानि न हो

 बैठक में प्रमुख उपस्थिति

बैठक में उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच एवं आगर-मालवा जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपेक्स बैंक के अधिकारी तथा ओएसडी श्री अभय प्रधान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 पूर्व भ्रमण कार्यक्रम

बैठक से पूर्व प्रशासक महोदय द्वारा भोपाल से देवास पहुंचकर जिला बैंक एवं विभिन्न सहकारी सोसाइटियों का निरीक्षण भी किया गया।

 

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