स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है।

एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।

बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी  सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल  मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

भोपाल के डायल 112 हीरोज घर की राह भटके 05 वर्षीय मासूम को सुरक्षित परिजन से मिलाया

भोपाल 

भोपाल के थाना अयोध्या नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सतर्कता और संवेदनशील कार्यवाही से घर का रास्ता भटके एक 05 वर्षीय मासूम को सुरक्षित उसकी माँ से मिलाया गया। समय रहते की गई सहायता से परिजनों की चिंता और बेचैनी दूर हो सकी।

18 मईको राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना अयोध्या नगर क्षेत्र अंतर्गतइसरो एन सेक्टर स्थित दुर्गा मंदिरके पास एक छोटा बच्चा अकेला मिला है, जो अपने घर का रास्ता भटक गया है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफसउनि श्री मोहमद सादिक एवं पायलट श्री वैभव दुबेने मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक को एफआरव्ही वाहन में साथ लेकर आसपास के क्षेत्र में परिजनों की तलाश एवं स्थानीय लोगों से पूछताछ प्रारंभ की।तलाश के दौरान बालक की माँ अपने बच्चे को ढूँढ़ते हुए मिलीं। डायल-112 जवानों ने आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत मासूम बच्चे को सुरक्षित उसकी माँ के सुपुर्द किया।अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों का आभार व्‍यक्‍त किया।

डायल 112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं एवं आमजन की सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं के साथ उनकी सहायता के लिए भी हर समय तत्पर है। 

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत उज्जैन में 25-26 मई को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में नदी, तालाब और पारंपरिक जल संरचनाओं को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अब व्यापक जनभागीदारी के साथ एक जन अभियान का रूप ले चुका है। इस अभियान में प्रदेश में अब तक 1 लाख 81 हजार 763 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा उज्जैन में 25-26 मई को ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर सहित कई लोकप्रिय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही, वीर भारत न्यास द्वारा भोपाल में भारत भवन में 27 मई से 2 जून तक ‘सदानीरा समागम’ का आयोजन किया जा रहा है।

उज्जैन में गंगा दशमी के पावन पर्व पर होगी शिप्रा तीर्थ परिक्रमा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  राम तिवारी ने बताया कि उज्जैन में गंगा दशमी के अवसर पर होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण आयोजन है। 25 मई को शुरू होने वाली यह परिक्रमा रामघाट से प्रारंभ होकर नृसिंहघाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांतिधाम शनि मंदिर से होते हुए दत्त अखाड़ा घाट पहुंचेगी। यात्रा के पहले दिन श्रद्धालु यहां रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, गंगा दशमी के अवसर पर यह परिक्रमा रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़, सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका और गोपाल मंदिर से होते हुए पुनः रामघाट पर पहुंचकर संपन्न होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस परिक्रमा के दौरान माँ शिप्रा को 300 फीट की चुनरी अर्पित की जाएगी।

उज्जैन में 25-26 मई को आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत रामघाट पर पंडित ढोली बुआ द्वारा नारद कथा गायन परंपरा पर आधारित ‘हरिकथा’ का आयोजन 17 मई से प्रतिदिन सायं 7:30 बजे किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित भजन संध्या में इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं साथी तथा जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल एवं साथियों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 26 मई को होने वाले मुख्य कार्यक्रमों में भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) के बैंड की प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही मुंबई के केशवम् बैंड द्वारा भजन जैमिंग और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर एवं साथियों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे भारत भवन में ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ

न्यासी सचिव  तिवारी ने बताया कि भारत भवन में 27 मई से 2 जून 2026 तक ‘सदानीरा समागम’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 मई को शाम 7 बजे इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे। इस अवसर पर इसरो हैदराबाद के भू-विज्ञान समूह के समूह निदेशक डॉ. ईश्वर चंद्र दास विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सात दिवसीय समागम के माध्यम से जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति और पंचमहाभूतों (जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि) पर केंद्रित एक राष्ट्रीय विमर्श आयोजित होगा। इस आयोजन में देश-विदेश के विद्वान, वैज्ञानिक, कलाकार, पर्यावरणविद् और नीति-निर्माता शामिल होंगे। यह पहला अवसर है जब इसरो , जेके ट्रस्ट, एचयूएल फाउंडेशन, जेके सीमेंट, जेएसडब्ल्यू, टाटा ट्रस्ट, एमडीएल, आईजीआरएमएस, हीरो फ्यूचर एनर्जीस, ओएनजीसी, हिन्दुस्तान पावर, वेदांता ग्रुप और टाटा संस जैसी बड़ी कंपनियों व संस्थाओं के प्रतिनिधि जल संरक्षण के विषय पर एक मंच पर एकत्रित हो रहे हैं। इस समारोह में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, वेनेजुएला, मैक्सिको, सूरीनाम, इक्वाडोर, साइप्रस और नेपाल सहित नौ देशों के राजनयिक प्रतिनिधि भी भाग लेंगे, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले रहा है।

सदानीरा समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूतों पर आधारित विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भूगर्भीय जल स्रोत, पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। इसमें देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं जैसे इसरो, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, आईआईएम बोधगया और विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों के सीएसआर (CSR) प्रमुख हिस्सा लेंगे।समारोह के दौरान प्रतिदिन शाम को नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इनमें भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, गोवर्धन लीला, गंगा यात्रा, अमृतमय, नदी गीत, पानी नामा, लघुशंका नगर, जल प्रवाह, नर्मदे हर, स्वानलेक, क्रिटिकल पॉइंट और ‘नर्मदा हर कंकर शंकर’ जैसी प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही, दक्षिण कोरिया की ‘मूट डांस कंपनी’ की प्रस्तुति विशेष रूप से आयोजित की जा रही है। दर्शकों को क्षेत्रीय संस्कृति से जोड़ने के लिए मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और बघेलखंड की लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

सदानीरा समागम’ में प्रवाह फिल्म समारोह और जल केंद्रित प्रदर्शनियां होगी प्रमुख आकर्षण

समागम में 28 मई से 2 जून तक भारत भवन के ‘अभिरंग’ सभागार में ‘प्रवाह फिल्म समारोह’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें जल केंद्रित विषयों पर आधारित हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं की 15-15 डॉक्यूमेंट्री और डॉक्यू-ड्रामा फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन फिल्मों में प्रमुख रूप से ‘जल संकट’, ‘गंगा नदी’, ‘जल डाकू’, ‘जब हर एक बूंद मायने रखती है’, ‘खतरे में नदियाँ’ और ‘आखिरी बूंद’ शामिल हैं। इसके साथ ही, परिसर में ‘जल, जंगल, जीवन’ पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला और पारंपरिक चित्र शैलियों में जल कार्यशाला का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें देश भर के कलाकार भाग लेंगे।

सदानीरा समागम के दौरान जल पर केंद्रित 4 विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें ‘लघु चित्रों में जल’, ‘भूगर्भीय जल स्रोत’, ‘मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान’ और ‘जलचर: जलीय जीवन के प्राणतत्व’ शामिल हैं। इन प्रदर्शनियों के आयोजन में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद , बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल सहयोग कर रहे हैं।

जल और संस्कृति आधारित 6 पुस्तकों का होगा विमोचन

समारोह में जल और संस्कृति पर आधारित 6 पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। इनमें वीर भारत न्यास और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की पुस्तक ‘अंतर्जली यात्रा’, ‘ वीर भारत न्यास की पुरोवाक्’,  प्रेमशंकर शुक्ल की ‘आत्मा की घाटी में पानी का संगीत’,  दिनेश पाठक की ‘युगयुगीन जल’,  राजेश्वर त्रिवेदी की ‘जल, संस्कृति और डॉ. प्रदीप जिलवाने की पुस्तक स्थापत्य’ और ‘लोक तीर्थ माहात्म्य’ शामिल हैं।

यह समागम भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेस, सेज यूनिवर्सिटी, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी और जिला प्रशासन, भोपाल के सम्मिलित रूप से सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

 

बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का किया जाये युक्तियुक्तकरण : मंत्री डॉ. शाह

भोपाल

जनजातीय कार्य विभाग की विभागीय परामर्श समिति की बैठक मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की अध्यक्षता में वल्लभ भवन में हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। ब्लॉक मुख्यालय में जो कॉलेज बने हैं वहाँ जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों से विद्यार्थियों को आने के लिये बस सुविधा प्रारंभ की जाए।

बैठक में परामर्श समिति के सदस्यों ने मंत्री डॉ. शाह द्वारा अपने क्षेत्र में जनजातीय समाज की कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए प्रारंभ की गई बस सुविधा और विभिन्न कन्‍या छात्रावासों का नामकरण रानी दुर्गावती और शबरी माता के नाम पर किए जाने की सराहना की गई। बैठक में विधायक  कुंवर सिंह टेकाम,  जयसिंह मरावी,  फुंदेलाल सिंह मार्को, सु गंगा सज्‍जन सिंह उइके,  राजन मंडलोई तथा प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा एवं आयुक्त  तरुण राठी उपस्थित थे।

मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि समिति की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए। जब भी विधानसभा की बैठक हो तब परामर्श समिति की बैठक भी आयोजित की जाए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया में जन्म दर की कमी पर विभाग द्वारा विशेषज्ञों से अध्‍ययन कराकर शोध रिपोर्ट बनवाएं। बैठक में यह निर्णय किया गया कि मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों सहारिया, बैगा और भारिया के समग्र कल्याण के लिए विशेष प्रयास किए जाँए। बैगा जनजाति के लिए उमरिया, सहारिया के लिए शिवपुरी और भारिया जनजाति के लिए छिंदवाड़ा में विशेष विद्यालय प्रारंभ किए जाएं। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को हर तरीक़े से प्रोत्साहन दिए जाने की ज़रूरत है। पातालकोट के भारिया बहुल ग्रामों के समग्र विकास के लिए ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय परामर्श समिति के सदस्यों और विधायकगणों के सहयोग से तीनों विशेष पिछड़ी जनजातियों के एक-एक गाँव को आदर्श बनाया जाएगा और यहाँ शासन की हर योजना का लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर किया जाये मान्य

बैठक में सुझाव दिया गया है कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए चादर एवं अन्य सामग्री की राशि DBT के माध्यम से न देकर सामग्री प्रदान की जाए। वहीं विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों में अधीक्षकों की पृथक से भर्ती कर शिक्षकों को अध्यापन कार्य में संलग्न किए जाने की आवश्यकता है। वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर मान्य किए जाने के लिए भी जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. विजय शाह की पहल को सराहा गया। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर और विधायकगणों और कलेक्टर के साथ संयुक्त बैठक कर जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ जनजाति वर्ग को मिले यह सुनिश्चित किया जाए।

 

शादी के 48 घंटे बाद दूल्हे को लगा बड़ा झटका, सुहागरात के बाद दुल्हन ने किया ऐसा कांड कि उड़ गए होश

छतरपुर
 छतरपुर जिले में एक बार फिर “लुटेरी दुल्हन” का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शादी की चाह में बिजावर का एक युवक कथित दलालों के जाल में फंस गया और डेढ़ लाख रुपए गंवाने के बाद अब पुलिस के चक्कर काट रहा है। मामला बिजावर निवासी 35 वर्षीय सोनू पाठक से जुड़ा है, जिसकी शादी उड़ीसा की रहने वाली मनीषा नाम की युवती बताकर कराई गई थी। आरोप है कि उड़ीसा के सम्बलपुर निवासी दलाल काशीराम पल्लवी ने यह पूरा सौदा कराया।

पीड़ित युवक के मुताबिक दलाल ने उसे तीन लड़कियां दिखाई थीं, जिनमें से उसने मनीषा को पसंद किया। इसके बाद 13 मई 2026 को मुंह दिखाई की रस्म कराई गई। अगले दिन 14 मई को छतरपुर स्थित नरसिंह मंदिर में दोनों ने वरमाला पहनाकर शादी की। शादी के बाद परिवार में खुशी का माहौल था और नवविवाहिता का गृह प्रवेश भी धूमधाम से कराया गया।

परिजनों का कहना है कि 16 मई को सुहागरात के बाद अगले दिन सुबह नवविवाहिता ने अचानक तबीयत खराब होने की शिकायत की। 18 मई को उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान वह बाथरूम जाने का बहाना बनाकर फरार हो गई। जाते समय वह सोने-चांदी के जेवर और नकदी भी अपने साथ ले गई।

घटना के बाद दूल्हा सोनू पाठक अपने परिजनों के साथ देर रात सिटी कोतवाली पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कथित दलालों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

यह पहला मामला नहीं हैं छतरपुर जिले में इससे पहले भी शादी के नाम पर युवकों को ठगने वाली “लुटेरी दुल्हन गैंग” के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस कई बार गिरोह का खुलासा कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद शादी के नाम पर ठगी का नेटवर्क लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन कर की सर्वकल्याण की प्रार्थना

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के साथ अन्य गतिविधियों में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवास के प्रथम दिन जगदलपुर में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह और तीन राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भेंट एवं चर्चा की। प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भागीदारी की।

छत्तीसगढ़ की कला की सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस्तर में पारम्परिक लोक नृत्यों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के साथ ही विभिन्न कला शिल्पों और वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ की कला की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक कलाएं और लोक कलाकार प्रतिभा के धनी हैं। मध्यप्रदेश की कलाओं का भी छत्तीसगढ़ की कलाओं से काफी साम्य है। दोनों राज्यों के शिल्पी भी अपने हुनर के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं।

मां दंतेश्वरी देवी के दर्शन और विज्ञान केंद्र का अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक के पश्चात दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन किए और सर्वकल्याण के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दर्शन और पूजन के दौरान अनेक श्रद्धालुओं से भेंट और चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को ही दंतेवाड़ा में विज्ञान केंद्र का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान केंद्र में प्रदर्शित विभिन्न विज्ञान प्रादर्श देखे और जानकारी प्राप्त की।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में अपनी यात्रा को सुखद बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ कभी एक थे। उन्हें पूर्व में इस अंचल में आने का सौभाग्य नहीं मिला था। मध्य क्षेत्रीय बैठक के कारण बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा के अनुसार महिला, किसान, युवा, गरीब सभी वर्गों के कल्याण के लिए दोनों राज्य निरंतर कार्य करेंगे।

श्रेष्ठ आतिथ्य के लिए दिया धन्यवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के प्रति मध्य क्षेत्रीय परिषद बैठक के आयोजन और श्रेष्ठ आतिथ्य के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

 

स्कोप ग्लोबलस्किल्स यूनिवर्सिटी के “समर कार्निवल 2026” में स्टूडेंट्स दिखा रहे टैलेंट

 

भोपाल

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू), भोपाल द्वारा आयोजित “समर कार्निवाल 2026” का आयोजन उत्साह और ऊर्जा के साथ निरंतर जारी है। बच्चों एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच और व्यवहारिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस समर कार्निवाल में बड़ी संख्या में प्रतिभागी उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं।

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्निवालके अंतर्गत प्रतिभागियों को स्पोर्ट्स, फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट, स्टेज एंकरिंग, कटिंग एंड स्टिचिंग, मैक्रमे एवं क्रोशे वर्क, कुकिंग एंड बेकिंग, डांस तथा फ्यूचर रेडी एआई बूटकैंप विभिन्न आधुनिक एवं रचनात्मक जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।

 “क्रिकेट एवं फुटबॉल स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम” के अंतर्गत बच्चों को खेल की बुनियादी तकनीकों, बैटिंग, बॉलिंग, फिटनेस, टीमवर्क एवं मैच प्रैक्टिस की ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का महत्व भी समझाया जा रहा है।

वहीं “डांस कोर्स” में सेमी-क्लासिकल एवं बॉलीवुड डांस के माध्यम से प्रतिभागियों को ताल, लय, बॉडी मूवमेंट, मंच प्रस्तुति एवं अभिव्यक्ति की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। डांस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और स्टेज प्रेजेंस विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

“कुकिंग एंड बेकिंग कोर्स” में प्रतिभागियों को फूड प्रेजेंटेशन, पिज्जा, सैंडविच, स्मूदी, वाफल्स एवं सलाद जैसी डिशेज तैयार करना सिखाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें बेसिक किचन मैनेजमेंट, साफ-सफाई और फूड क्रिएटिविटी के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

समर कार्निवाल का प्रमुख आकर्षण “फ्यूचर रेडी एआई बूटकैंप” भी बना हुआ है, जिसमें प्रतिभागी चैटजीपीटी, कैनवा एआई एवं अन्य आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के माध्यम से डिजिटल क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी आधारित स्किल्स सीख रहे हैं। इस प्रशिक्षण के दौरान बच्चों और युवाओं को एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी जानकारी दी जा रही है, ताकि वे भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार हो सकें।
इसके अतिरिक्त फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट गतिविधियों के अंतर्गत प्रतिभागियों को क्ले मॉडलिंग, ड्रॉइंग, मधुबनी पेंटिंग एवं अन्य क्राफ्ट वर्क सिखाए जा रहे हैं। वहीं स्टेज एंकरिंग गतिविधि में प्रतिभागियों को मंच संचालन, संवाद शैली, बॉडी लैंग्वेज एवं आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने की कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक कौशल, तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समर कार्निवाल बच्चों और युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है ।

एसजीएसयू के कुलपति डॉ. विजय सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने बताया कि समर कार्निवाल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल एवं रचनात्मक शिक्षा से जोड़ना है,आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में स्किल आधारित शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है और इसी दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा यह अभिनव पहल की गई है।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. टीना तिवारी द्वारा किया जा रहा है,उन्होंने बताया कि समर कार्निवाल के माध्यम से एसजीएसयू बच्चों और युवाओं को नई स्किल्स सीखने, रचनात्मकता विकसित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अशोकनगर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प

भोपाल 

रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित करने हेतु संचालित “अमृत भारत स्टेशन योजना” के अंतर्गत पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल स्थित अशोकनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य डीआरएम  पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में तेजी से प्रगति पर है। लगभग 24.10 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित करने के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।

अशोकनगर स्टेशन एनएसजी-5 श्रेणी का महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां यात्रियों की सुविधा एवं बेहतर आवागमन को ध्यान में रखते हुए अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया (परिसंचरण क्षेत्र) में सुधार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा चुका है। साथ ही बीना छोर पर प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 का चौड़ीकरण भी किया गया है।

यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 एवं 2 पर कवर ओवर शेड की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 एवं 2 की सतह में सुधार कार्य भी किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। स्टेशन भवन के अग्रभाग, शौचालयों में सुधार, आंतरिक भाग एवं प्रतीक्षालयों का आधुनिकीकरण किया गया है। 

इसके साथ ही द्वितीय प्रवेश द्वार के विकास का कार्य एवं यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य दूसरे फेज में किया जा रहा है, जिससे प्लेटफॉर्मों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित होगा। इस कार्य इस वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।  

भोपाल मंडल यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक एवं विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अशोकनगर स्टेशन का पुनर्विकास पूर्ण होने के बाद यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं एवं बेहतर अधोसंरचना का नया उदाहरण बनेगा।

जन सम्पर्क अधिकारी
पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल

ऊर्जा मंत्री ने इंदौर में बिजली उपभोक्ताओं से की सीधे बात

ऊर्जा मंत्री ने इंदौर में बिजली उपभोक्ताओं से की सीधे बात

विद्युत आपूर्ति में लापरवाही पर 2 इंजीनियरों को नोटिस

इंदौर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार रात इंदौर शहर के बिजली सब स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने उपभोक्ताओं से सीधे बात की, बिजली आपूर्ति के संबंध में प्रथम दृष्टया स्थानीय इंजीनियरों की लापरवाही पाए जाने पर 2 के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ऊर्जा मंत्री सिंह ने इंदौर के ओल्ड पलासिया पहुंचकर बिजली उपभोक्ताओं से संवाद किया। कुछ उपभोक्ताओं ने बार-बार बिजली जाने की शिकायत की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य अभियंता आरसी जैन को ओल्ड पलासिया, मनोरमागंज क्षेत्र के बिजली इंजीनियरों सत्यप्रकाश जायसवाल और कमलेश टाले को नोटिस देने के निर्देश दिए। मंत्री तोमर ने निर्देश दिए हैं कि मेंटेनेंस गुणवत्ता से हो ताकि बिजली बार-बार न जाए, मेंटेनेंस की सूचना स्थानीय रहवासियों को दी जाए। बिजली आपूर्ति के संबंध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर 2 इंजीनियरों को मंगलवार दोपहर नोटिस जारी कर दिए गए। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिहं चौहान, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, मुख्य अभियंता कार्य एसएल करवाड़िया, शहर अधीक्षण अभियंता डीके गाठे आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

 

नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन: ऊर्जा मंत्री तोमर

नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन: ऊर्जा मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा ट्रांसमिशन लॉसेस का लक्ष्य 2.75 प्रतिशत निर्धारित किया गया था, जबकि एमपी ट्रांसको ने इसे 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखकर बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि एमपी ट्रांसको को देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ में शामिल करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने बढ़ती विद्युत मांग, सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर ग्रिड में एकीकरण तथा लगातार विस्तारित हो रहे ट्रांसमिशन नेटवर्क जैसी चुनौतियों के बावजूद ट्रांसमिशन लॉसेस को पिछले वर्ष के स्तर 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए एमपी ट्रांसको सहित प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है । उन्होंने कहा कि सभी विद्युत कंपनियों के समन्वित प्रयास, बेहतर तकनीकी प्रबंधन एवं टीम वर्क के कारण ही मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश का ट्रांसमिशन लॉसेस 2.60 प्रतिशत था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इसे इसी स्तर पर बनाए रखना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता, तकनीकी क्षमता और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग के दौरान भी यह उपलब्धि हासिल होना अत्यंत गौरव का विषय है।

 

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