सागर में ‘लुटेरी दुल्हन’ का खेल! शादी के तीसरे दिन ₹1.20 लाख नकद और जेवर लेकर फरार

सागर/ जैसीनगर
 जैसीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम महुआखेड़ा पेगवार में शादी के तीसरे ही दिन दुल्हन घर से 30 हजार रुपये नकद व जेवर लेकर भाग गई। पीड़ित की शिकायत पर जैसीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार महुआखेड़ा पेगवार निवासी 36 वर्षीय नोनीराम पटेल ने बताया कि पत्नी के निधन के बाद वह दोबारा विवाह करना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कंदेला निवासी रामनारायण दुबे से हुई, जिसने छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी निवासी रुक्मणी चतुर्वेदी से विवाह कराने का भरोसा दिलाया।

महिला को विधवा बताकर की ठगी
पुलिस के अनुसार पीड़ित को बताया गया कि रुक्मणी के पति की भी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है। रिश्ता तय कराने के एवज में रामनारायण दुबे को एक लाख 20 हजार रुपये दिए गए। नोनीराम के अनुसार ने बताया कि 19 जून को सागर में दोनों की कोर्ट मैरिज और अगले दिन मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। विवाह के दौरान रुक्मणी के साथ ओडिशा निवासी अरविंद विभार भी मौजूद था, जिसे उसने अपना जीजा बताया था।

सुबह नींद खुली तो महिला फरार हो चुकी थी
नोनीराम ने बताया कि 21 जून की रात रुक्मणी घर की अलमारी से 30 हजार रुपये नकद, करीब आधा किलो चांदी की करधोनी, लगभग 250 ग्राम चांदी की पायल और एक मंगलसूत्र लेकर फरार हो गई। सुबह परिवार की नींद खुली तो वह घर में नहीं मिली।

तलाश के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि देर रात एक कार गांव में आई थी और उसमें सवार युवक घर का पता पूछ रहा था। फोटो दिखाने पर ग्रामीणों ने उसकी पहचान शादी में आए अरविंद विभार के रूप में की।

बिचौलिए से की जा रही पूछताछ
पीड़ित ने जैसीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शुक्रवार को वह दोबारा थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने बताया कि मामले में रिश्ता तय कराने वाले कंदेला निवासी रामनारायण दुबे से पूछताछ की जा रही है। वहीं फरार महिला और उसके सहयोगी की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

 

उज्जैन से भोपाल तक डीपफेक का जाल, MBBS छात्रा और मां-बेटी बने निशाना; रिश्तेदार और प्रेमिका पर आरोप

उज्जैन / भोपाल

मध्यप्रदेश के उज्जैन में MBBS की पढ़ाई कर रही एक छात्रा का फेक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार छात्रा और उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा तथा तरक्की से जलन रखने वाले रिश्तेदारों ने ही उसे बदनाम करने की साजिश रची थी. आरोपियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के दौरान जमा कराई गई छात्रा की तस्वीर हासिल की और तकनीकी माध्यमों से उसका आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। 

पिता की शिकायत के बाद सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार मक्सी रोड क्षेत्र के एक किसान ने 20 जून की रात पंवासा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि उनके मोबाइल पर एक वीडियो आया, जिसमें उनकी नाबालिग बेटी के नाम से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दो दिनों तक गोपनीय रूप से जांच की और वीडियो के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास किया। 

BLO से हासिल की गई छात्रा की तस्वीर
जांच में सामने आया कि छात्रा की तस्वीर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान जमा दस्तावेजों से हासिल की गई थी. पुलिस के अनुसार बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी ने एसआईआर फॉर्म में लगी छात्रा की फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से एहसान पटेल को भेजी. बाद में यह तस्वीर अन्य आरोपियों तक पहुंची. इसी तस्वीर का उपयोग कर AI और डीपफेक जैसी डिजिटल एडिटिंग के जरिए आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया गया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। 

MBBS की पढ़ाई और परिवार की तरक्की बनी वजह
पंवासा थाना प्रभारी गमर सिंह मंडलोई के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता अपने गांव और समाज की पहली लड़की है जो MBBS की पढ़ाई कर रही है. पुलिस का दावा है कि छात्रा के परिवार की आर्थिक और सामाजिक प्रगति से कुछ रिश्तेदार नाराज थे. परिवार की बढ़ती प्रतिष्ठा को देखते हुए आरोपियों ने उसे बदनाम करने की साजिश रची. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का उद्देश्य कथित तौर पर परिवार पर सामाजिक दबाव बनाना था ताकि छात्रा की पढ़ाई प्रभावित हो सके। 

उज्जैन: MBBS कर रही छात्रा बनी रिश्तेदार की साजिश का शिकार
उज्जैन के पंवासा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक MBBS छात्रा के फोटो को अश्लील वीडियो से जोड़कर सोशल मीडिया और गांव के वॉट्सएप ग्रुप पर वायरल कर दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह साजिश छात्रा के ही रिश्तेदार ने रची थी। उसका मकसद छात्रा के पिता को समाज में बदनाम करना था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि छात्रा का फोटो सरकारी रिकॉर्ड से एक महिला BLO ने आरोपियों को उपलब्ध कराई थी। इसके बाद फोटो को एडिट कर डीपफेक वीडियो तैयार किया गया और गांव के ग्रुपों पर वायरल कर दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है। महिला BLO को जमानत मिल चुकी है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

सरकारी रिकॉर्ड से मिला फोटो
पुलिस के मुताबिक, छात्रा सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं थी, इसलिए उसकी फोटो जुटाना आसान नहीं था। आरोपी को पता चला कि छात्रा ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान BLO को अपना फोटो दिया था। वहीं से फोटो हासिल कर उसे डीपफेक वीडियो में इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच में चुनावी और पारिवारिक रंजिश को घटना की वजह माना जा रहा है।

भोपाल: शादी से इनकार पर मां-बहन को बनाया निशाना
भोपाल के करोंद इलाके में एक युवक को अपनी प्रेमिका से शादी से इनकार करना भारी पड़ गया। आरोप है कि युवती ने बदला लेने के लिए युवक की मां और 18 वर्षीय बहन की AI से अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से वायरल कर दिए।

पीड़ित परिवार का कहना है कि तस्वीरें वायरल होने के बाद उनकी बेटी तनाव में है और पूरा परिवार बदनामी झेल रहा है।

परिवार ने थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई
पीड़ित परिवार ने पहले छोला थाना में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने और आरोपी युवती के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इन दोनों मामलों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि AI और डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल लोगों की प्रतिष्ठा और मानसिक स्वास्थ्य पर कितना गंभीर असर डाल सकता है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ सोशल मीडिया पर निजी फोटो साझा करने में सावधानी बरतने और संदिग्ध कंटेंट दिखने पर तुरंत पुलिस से शिकायत करने की सलाह दे रहे हैं।

चार महीने पहले तैयार किया गया था फेक वीडियो
पुलिस जांच में पता चला कि कथित फेक वीडियो करीब चार महीने पहले तैयार किया गया था. बताया जा रहा है कि छात्रा सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं थी, इसलिए उसकी तस्वीर जुटाना आसान नहीं था. आरोपियों को जब पता चला कि छात्रा की फोटो सरकारी दस्तावेजों में उपलब्ध है, तो उसी का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार किया गया. कुछ समय बाद यह वीडियो छात्रा के पिता तक पहुंचा, जिसके बाद परिवार ने पुलिस की शरण ली। 

तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(ए) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने आबिद पटेल, एहसान पटेल और मुजफ्फर पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. मामले का एक अन्य आरोपी यूसुफ पटेल अभी फरार बताया जा रहा है। 

मोबाइल जब्त, डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी
जांच एजेंसियों ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इन उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि वीडियो बनाने, एडिट करने और प्रसारित करने की पूरी प्रक्रिया का पता लगाया जा सके. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो कितने लोगों तक पहुंचा और इसके प्रसार में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। 

BLO के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी
पुलिस जांच में बीएलओ की भूमिका सामने आने के बाद प्रशासन को भी रिपोर्ट भेजी गई है. पंवासा थाना पुलिस ने संबंधित बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी के संबंध में कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा है. प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। 

परिवार को बदनाम करने की साजिश का खुलासा
पुलिस का कहना है कि यह मामला साइबर अपराध के साथ-साथ किसी व्यक्ति की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश से भी जुड़ा है. फिलहाल फरार आरोपी की तलाश जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। 

नव्य, दिव्य और भव्य सिंहस्थ के लिए तेजी से चल रही हमारी तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नव्य, दिव्य और भव्य सिंहस्थ के लिए तेजी से चल रही हमारी तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला
स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ ही हमारा संकल्प
करीब 40 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, हर दिन करीब 4 करोड़ श्रद्धालु कर सकेंगे अमृत स्नान
शिप्रा नदी पर हो रहा 853.46 करोड़ रूपए से 22 नए पुलों का निर्माण
सिंहस्थ हमारी आस्था का महासंगम, उज्जैन और करीबी जिलों में चल रहे हैं 25 हजार करोड़ के विकास कार्य
अधोसंरचना विकास कार्यों पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन
उज्जैन में सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प पर हुई वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला में की सहभागिता

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर 12 साल में होने वाला सिंहस्थ भारत का ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति, दर्शन, पीढ़ियों से चली आ रही विरासत, अटूट आस्था और हमारी आध्यात्मिक परम्पराओं का महासंगम है। इस धार्मिक उत्सव में मां शिप्रा के जल में स्नान करने से पापों का शमन होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिंहस्थ : 2028 को नव्य प्रारूप में भव्य, दिव्य और आध्यात्मिक बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमारी सभी तरह के प्रबंधन एवं तैयारियां तेजी से जारी हैं। हम सब मिलकर पूरी निष्ठा, लगन और समर्पण से काम करेंगे, तभी सिंहस्थ : 2028 एक नई मिसाल कायम करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन में ‘सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प’ विषय पर हुई एक वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ : 2028 के महाआयोजन से जुड़े सभी प्रशासनिक, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम और अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों एवं अन्य जनों से कहा कि सिंहस्थ केवल एक मेला नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र बिन्दु है। यह हमारी परम्पराओं, विरासत का भव्य प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखने हम सभी की जिम्मेदारी है। इसीलिए अधिकारी-कर्मचारी-स्वयंसेवी संगठन-जनप्रतिनिधि सभी लोग एक टीम की तरह सेवा भावना से कार्य करें, क्योंकि टीम वर्क ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ ही हमारा संकल्प है। सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और त्वरित राहत व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन और इसके आस-पास के सभी जिलों में वर्तमान में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक की लागत के विभिन्न श्रेणी के कई विकास कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों के पूरा होने पर उज्जयिनी सम्राट विक्रमादित्य के काल का वैभव पुन: प्राप्त कर धार्मिक, आध्यात्मिक और आर्थिक समृद्धि का एक नया अध्याय लिखेगी। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के दौरान करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का उज्जैन आने का अनुमान है। शिप्रा के नवीन घाटों और मौजूदा घाटों पर 24 घंटे में लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान कर सकेंगे। सभी श्रद्धालु मां शिप्रा के जल से ही स्नान कर सकें, इसके लिए हमारी सरकार हर तरह के प्रबंध कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत बदल रहा है। देशभर में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिली है। विरासत से विकास का अनुष्ठान चल रहा है। हमारी धार्मिक और ऐतिहासिक नगरियां देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को लालायित कर रही हैं। उज्जैन काल और महाकाल की नगरी है। सौभाग्यशाली लोगों को ही उज्जैन आने का अवसर मिलता है। सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए उज्जैन में दूरगामी दृष्टि के साथ अधोसंरचना विकास के कार्य जारी हैं। यहां किए जा रहे कार्य परमात्मा के आशीर्वाद से हो रहे हैं। सिंहस्थ के सफल आयोजन के लिए हर बार पिछली चुनौतियों को लेकर मंथन हुआ है। यह कार्यशाला भी इसी उद्देश्य के लिए आयोजित की गई है।

सिंहस्थ : 2028 के लिए समितियों का होगा गठन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1980 के सिंहस्थ में उन्होंने स्वयं भी स्काउट एंड गाइड वॉलेंटियर के रूप में श्रद्धालुओं की सेवा की थी। वर्ष 1992 में सिंहस्थ समिति की बैठकों में शामिल होने का अवसर भी मिला। सिंहस्थ समितियों में हर वर्ग के अनुभवी लोगों को शामिल कर उनके सुझाव लिए जाते हैं। आगामी सिंहस्थ के लिए सभी समितियों का गठन होना है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सिंहस्थ है। पहले के सिंहस्थ में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था कराने की चुनौती थी। लेकिन वर्ष 2022 के बाद उज्जैन शहर में होटल निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और अधोसंरचना विकास के अनेक कार्य शुरू हुए। श्रद्धालुओं के सुविधाजनक आवागमन के लिए अब कोई सड़क ऐसी नहीं बच रही है, जिसे चौड़ा न किया गया हो। शिप्रा नदी पर घाटों का निर्माण कार्य जारी है। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी जल परियोजना शिप्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार ने देवस्थानों पर सुविधाएं विकसित करने का काम कर रही है। शिप्रा में पक्के घाटों के निर्माण से मिट्टी का कटाव थमेगा, साथ ही नदी की धारा अविरल और एक जैसी बनी रहेगी।

विकसित की जा रही है बेहतर रोड कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन आने-जाने के लिए आसपास के सभी शहरों तक बेहतर रोड कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है। पड़ोसी राज्यों से भी चर्चा कर श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। दूसरी ओर रेलवे लाइन के विकास कार्य भी आवागमन के लिए महत्वपूर्ण हैं। अब फतेहाबाद का ट्रैक चालू हो गया है और नागदा जाने के लिए रेलगाड़ियों को अब उज्जैन आने की आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय रेल मंत्री ने उज्जैन में एक नए रेलवे स्टेशन की सौगात दी है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि इस कार्यशाला के जरिए पिछले सिंहस्थ आयोजनों में उज्जैन में सेवाएं दे चुके सभी अनुभवी अधिकारियों और नागरिकों से जो भी सुझाव मिलेंगे, हम उन सुझावों पर बेहतर अमल कर सिंहस्थ : 2028 का सफल आयोजन सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला में सिंहस्थ 2028 को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ में देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पर्याप्त, सुरक्षित एवं सुविधाजनक स्नान स्थल उपलब्ध कराने के लिए 778 करोड़ रुपए की लागत से मां शिप्रा के दोनों तटों पर 29 किमी से अधिक लंबाई के नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही 120 करोड़ रुपए राशि से मौजूदा 7.8 किमी के स्थायी घाटों का उन्नयन किया जा रहा है। सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए उज्जैन को सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जोड़ा जा रहा है। उज्जैन की चारों दिशाओं में 6 लेन 4 लेन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। करीब 1692 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन-इंदौर 6 लेन रोड तो लगभग पूर्ण हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन और आंतरिक मार्गों पर यातायात अवरुद्ध ना हो इसके लिए 853.46 करोड़ रुपए राशि से 22 नवीन पुलों का निर्माण एवं वर्तमान पुलों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। 17 पुल नदी पर और 5 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण प्रगतिरत है। सिंहस्थ के दौरान रियल टाइम निगरानी, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए केंद्रीय डिजिटल कमांड सेंटर का विकास 139 करोड़ रुपए राशि से किया जा रहा है। सेंटर में शहर और मेला क्षेत्र की एकीकृत सीसीटीवी निगरानी, एआई आधारित भीड़ प्रबंधन आदि की सुविधा रहेगी। सिंहस्थ को सुरक्षित बनाने के लिए एकीकृत आपदा प्रबन्धन, मानव संसाधन प्रशिक्षण और अग्नि सुरक्षा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 5,017 करोड़ रुपए से उज्जैन-जावरा मार्ग एवं 2,935 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड मार्ग, 2,523 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन-झालावाड़ 2 लेन से फोरलेन, 351 करोड़ रुपए से उज्जैन-मक्सी 2 लेन से फोरलेन, 2,660 करोड़ रुपए से उज्जैन-गरोठ मार्ग, 7.02 करोड़ रुपए से सिंहस्थ बाईपास निर्माण कर श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम बनाया जाएगा। सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुगम और निर्बाध रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 236 स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इसके साथ ही 7 रेलवे स्टेशन उज्जैन, नई खेड़ी, चिंतामन, पंवासा, मोहनपुरा, पिंगलेश्वर और विक्रम नगर का उन्नयन एवं आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम कनेक्टिविटी के लिए उज्जैन-देवास रोड पर करीब 457 एकड़ भूमि पर नवीन हवाई अड्डे का निर्माण किया जा रहा है। करीब 13.45 करोड़ रुपए से सदावल में 4 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है।

कार्यशाला में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। कमिश्नर उज्जैन एवं मेलाधिकारी आशीष सिंह ने सिंहस्थ के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। कार्यशाला में कलेक्टर उज्जैन रोशन कुमार सिंह, पिछले सिंहस्थ में सेवाएं दे चुके सेवानिवृत्त एवं वर्तमान में सेवारत प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। अपर पुलिस महानिदेशक उज्जैन राकेश गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।

 

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं गुणवत्ता सत्र संपन्न

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस
वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं गुणवत्ता सत्र संपन्न

उद्यमियों को भेल और गेल सहित मानक ब्यूरो से मिले अनेक टिप्स
उत्पाद की गुणवत्ता, भारतीय मानकों और प्रमाणन प्रक्रियाओं के संबंध में दी गई व्यावहारिक जानकारी

भोपाल

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम तथा “उत्पाद गुणवत्ता के लिए भारतीय मानक के लिए“सशक्त उद्यमी, समृद्ध मध्यप्रदेश—हार्ट ऑफ इंडिया, हार्ट ऑफ ग्रोथ” की थीम पर हुए सत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, प्रतिष्ठित निजी कंपनियों एवं संस्थागत खरीदारों से जोड़ने के साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता, भारतीय मानकों और प्रमाणन प्रक्रियाओं के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।

सत्र में विशेष रूप से बीएचईएल, गेल, एनसीएल और पावरग्रिड सहित सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रमों एवं प्रतिष्ठित निजी कंपनियों से प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों ने सीधा संवाद किया। भारतीय मानक ब्यूरो के मोहम्मद रिजवान तथा मोहम्मद तौसीफ ने दी मानकीकरण, प्रमाणन और शुल्क रियायतों की जानकारी दी।भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा विश्व बैंक की RAMP योजना के अंतर्गत वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। 

इस अवसर पर बीएचईएल, गेल इंडिया लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, Resonia, JadeBlue, FabIndia और Olam Agri सहित सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने व्याखान एवं प्रेजेंटेशन दिया | कार्यक्रम में प्रदेश के पंजीकृत एमएसएमई उद्यमियों को इन संस्थाओं की खरीद प्रणाली, वेंडर पंजीकरण प्रक्रिया, निविदाओं में भागीदारी, तकनीकी पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं, समयबद्ध आपूर्ति तथा आपूर्ति शृंखला में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

बीएचईएल के विभाग अध्यक्ष पंकज कुमार झा एवं  प्रबंधक सुमीनाक्षी सिंह ने संस्थान की खरीद प्रक्रिया, वेंडर पंजीकरण व्यवस्था तथा एमएसएमई के लिए उपलब्ध खरीद अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के सक्षम उद्यमों को निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप बीएचईएल की आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

Resonia के सहायक उपाध्यक्ष दीपांकर बरगली ने कॉर्पोरेट वेंडर ऑनबोर्डिंग, खरीद प्रक्रिया और व्यावसायिक अवसरों के संबंध में जानकारी साझा की।

गेल इंडिया लिमिटेड के नवीन जमालमुडी ने वेंडर पंजीकरण, निविदा प्रक्रिया, तकनीकी योग्यता और आपूर्ति शृंखला की आवश्यकताओं से उद्यमियों को अवगत कराया। उन्होंने संस्थागत खरीद में भागीदारी के लिए उद्यम पंजीकरण, आवश्यक अभिलेखों, तकनीकी क्षमता और डिजिटल उपस्थिति के महत्व पर बल दिया।

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के विपुल जैन ने एनसीएल के साथ व्यवसाय करने, वेंडर के रूप में पंजीकरण कराने और संस्थान की खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की सुपल्लवी मिश्रा ने विद्युत पारेषण क्षेत्र में सामग्री आपूर्ति, सिविल कार्य, रखरखाव सेवाओं और अन्य श्रेणियों में एमएसएमई के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।

निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों द्वारा क्रमशः JadeBlue के अमित खामर ने परिधान खुदरा क्षेत्र में उत्पाद गुणवत्ता, निरंतर आपूर्ति और समयबद्ध डिलीवरी से संबंधित अपेक्षाओं पर जानकारी दी। FabIndia की सुनलिनी गर्ग ने पारंपरिक शिल्प, हथकरघा वस्त्र, गृह-सज्जा और कारीगर आधारित उत्पादों से जुड़े उद्यमों के लिए उपलब्ध वेंडर डेवलपमेंट अवसरों पर प्रकाश डाला। Olam Agri के निर्देश त्रिवेदी ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कमोडिटी एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, खाद्य सुरक्षा, ट्रेसेबिलिटी और लॉजिस्टिक्स से संबंधित खरीद अवसरों की जानकारी दी।

वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम के दौरान यह रेखांकित किया गया कि बड़े सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों की आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के लिए उत्पाद की निरंतर गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धी मूल्य, निर्धारित समय पर आपूर्ति, तकनीकी क्षमता और आवश्यक प्रमाणनों का अनुपालन महत्वपूर्ण है।

प्रेजेंटेशन के बाद क्रेता–एमएसएमई संवाद और व्यावसायिक नेटवर्किंग बैठकें आयोजित की गईं। इनमें पंजीकृत उद्यमियों को संस्थागत खरीदारों के प्रतिनिधियों के समक्ष अपने उत्पाद, उत्पादन क्षमता और व्यावसायिक प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा संबंधित संस्थाओं की वर्तमान एवं संभावित खरीद आवश्यकताओं पर सीधे चर्चा करने का अवसर मिला।

मानक ब्यूरो का हुआ विशेष सत्र

कार्यक्रम के समानांतर आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो के विशेष सत्र का संचालन ब्यूरो के अधिकारी मोहम्मद रिजवान तथा मोहम्मद तौसीफ ने किया। दोनों अधिकारियों ने एमएसएमई उद्यमियों को भारतीय मानकों, उत्पाद प्रमाणन, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों, BIS लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और उद्यमों के लिए उपलब्ध शुल्क रियायतों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानकीकरण और प्रमाणन को केवल वैधानिक अनुपालन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह उत्पाद की गुणवत्ता, बाजार में विश्वसनीयता, उपभोक्ताओं के विश्वास और बड़े संस्थागत बाजारों तक पहुँच बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

सत्र में बताया गया कि 22 जून 2026 की स्थिति में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा 22 हजार 860 से अधिक भारतीय मानक विकसित किए गए हैं। कुल 1,477 उत्पाद BIS प्रमाणन के दायरे में हैं तथा मानव स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सहित विभिन्न कारणों से 600 से अधिक उत्पादों के लिए अनिवार्य प्रमाणन लागू है। देशभर में 53 हजार से अधिक BIS लाइसेंस संचालित हैं। उद्यमियों को लागू भारतीय मानक की पहचान करने, मानक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने, कारखाना निरीक्षण, उत्पाद नमूना परीक्षण तथा लाइसेंस प्रदान किए जाने की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

बीआईएसअधिकारियों ने गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के संबंध में बताया कि इनका उद्देश्य उत्पादों की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना, उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ाना, मानव, पशु एवं पादप स्वास्थ्य की रक्षा करना, पर्यावरण संरक्षण तथा अनुचित व्यापार व्यवहारों को रोकना है। उद्यमियों को यह भी बताया गया कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के अंतर्गत चिन्हित उत्पादों का निर्माण, आयात अथवा विक्रय निर्धारित भारतीय मानकों और प्रमाणन आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाना आवश्यक होता है।

सत्र में एमएसएमई के लिए BIS द्वारा प्रदान की जा रही विशेष शुल्क रियायतों की जानकारी भी दी गई। सूक्ष्म उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को वार्षिक न्यूनतम मार्किंग शुल्क में 80 प्रतिशत, लघु उद्यमों को 50 प्रतिशत तथा मध्यम उद्यमों को 20 प्रतिशत तक रियायत उपलब्ध है। महिला उद्यमियों को संबंधित उद्यम श्रेणी में मिलने वाली रियायत के अतिरिक्त 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट प्रदान किए जाने का प्रावधान है।

यह स्पष्ट किया गया कि वेंडर डेवलपमेंट और उत्पाद मानकीकरण एक-दूसरे के पूरक हैं। वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम उद्यमों को संभावित खरीदारों और नए बाजारों से जोड़ता है, जबकि BIS मानकों का अनुपालन और उत्पाद प्रमाणन उन्हें संस्थागत खरीद एवं बड़ी आपूर्ति शृंखलाओं की गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करता है। 

MP Weather: मध्य प्रदेश के 43 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, मानसून की रफ्तार धीमी; ग्वालियर-चंबल को करना होगा इंतजार

भोपाल 

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद उसकी रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 43 जिलों में आज शनिवार को मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना भी जताई गई है।

विभाग के अनुसार, मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। सामान्य स्थिति में इस समय तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ने के कारण इसमें 2-3 दिन की और देरी होने की संभावना है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे देर से पहुंचने वाला है।.

मानसून ने 24 जून को दी थी दस्तक
गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। पहले ही दिन इंदौर, धार, आलीराजपुर, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। हालांकि, इसके बाद से परिस्थितियां थमी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है।

शनिवार को इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
इस बीच, शनिवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग समेत प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, मंदसौर और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।

एमपी के कई हिस्सों में दिखा आंधी-बारिश का दौर
इससे पहले, शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच और उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी बरसा। शाजापुर, दतिया, राजगढ़ और मंडला समेत कई इलाकों में मौसम बदला रहा। इस बदलते मौसम के बीच बालाघाट और देवास जिलों से दर्दनाक हादसे भी सामने आए, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने और दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 5 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

कहां-कहां है अलर्ट?
मौसम केंद्र ने रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल सहित कुल 43 जिलों में आज बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का भी अनुमान है।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। खासकर सोयाबीन, मक्का और दलहन की फसलों पर अतिरिक्त नजर रखने की जरूरत है।

कब तक सुधरेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48-72 घंटों में एक नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य भर में मानसून की गति बढ़ सकती है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुरकलां जैसे उत्तरी जिलों में सामान्य बारिश में सबसे ज्यादा देरी हो सकती है।

वर्षा के आंकड़ों में सुधार
पिछले तीन दिनों की बारिश से प्रदेश की औसत वर्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। लगातार बारिश के कारण बारिश का घाटा घटा है, हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है।

एमपी में तेज बारिश…सिवनी में 2 इंच पानी गिरा इससे पहले शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। सिवनी में करीब 2 इंच पानी गिर गया। शाजापुर के शुजालपुर, अकोदिया समेत आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिरा।

वहीं, दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के बैहर तहसील के बिरवा ग्राम पंचायत में बिजली गिरने से 2 बच्चों सहित 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए। मृतकों की पहचान लल्की मेरावी, झामसिंह ताराम (35) और सतीश वलके के रूप में हुई है।

वहीं, देवास के खटांबा गांव में सूरज की पूजा के दौरान आंधी-बारिश से गैलरी गिर गई। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत 3 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान लक्ष्मीबाई और भगवंताबाई के रूप में हुई है।

आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। खरगोन में तापमान सबसे कम 30 डिग्री पहुंच गया। खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री, बैतूल में 32.7 डिग्री, सिवनी-उमरिया में 33.2 डिग्री, धार में 33.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 

 

MP High Court में बड़ा खुलासा, बाघों की मौतों के पीछे शिकार की आशंका; NTCA ने किया स्वीकार

 जबलपुर
 देशभर में बाघों की लगातार हो रही अप्राकृतिक मौतों के बीच राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने हाई कोर्ट के समक्ष एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाली स्वीकारोक्ति की है।

अप्राकृतिक मौतों में अवैध शिकार प्रमुख कारण
अदालत में दायर हलफनामे में एनटीसीए ने स्पष्ट रूप से माना है कि संरक्षित बाघ अभ्यारण्यों तथा उनके आसपास बाघों की हालिया अप्राकृतिक मौतों में अवैध शिकार प्रमुख कारणों में से एक है।

स्वयं शीर्ष संरक्षण संस्था ने शिकार की गंभीरता को रेखांकित किया
यह स्वीकारोक्ति इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि अब तक बाघों की मौतों को लेकर विभिन्न कारण सामने आते रहे थे, लेकिन कोर्ट के समक्ष स्वयं शीर्ष संरक्षण संस्था ने शिकार की गंभीरता को रेखांकित किया है।

संदिग्ध मौतों की न्यायिक समीक्षा की मांग की थी
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली की युगलपीठ के समक्ष यह हलफनामा उस जनहित याचिका के जवाब में प्रस्तुत किया गया, जिसे वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने दायर कर बाघ अभ्यारण्यों के भीतर और आसपास लगातार हो रही संदिग्ध मौतों की न्यायिक समीक्षा की मांग की थी। याचिका में दावा किया गया था कि अनेक मामलों में मौतें संगठित शिकार का परिणाम हैं।

भारतीय बाघों के अस्तित्व के लिए सबसे गंभीर खतर
एनटीसीए ने अपने जवाब में कहा कि देश के बाहर बाघों के अंगों और उनसे निर्मित उत्पादों की अवैध मांग आज भी भारतीय बाघों के अस्तित्व के लिए सबसे गंभीर खतरों में शामिल है। यही कारण है कि इस चुनौती को प्राधिकरण ने अपनी सर्वोच्च संरक्षण प्राथमिकताओं में रखा है।

राज्यों को लगातार अलर्ट जारी किए जा रहा है
हलफनामे के अनुसार शिकार और वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों को लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं तथा सीबीआई, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, डब्ल्यूसीसीबी और संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ समन्वित अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

अब हाई कोर्ट की निगाह केवल इस स्वीकारोक्ति पर नहीं
मामले की अगली सुनवाई में अब हाई कोर्ट की निगाह केवल इस स्वीकारोक्ति पर नहीं, बल्कि इस पर भी रहेगी कि देश के राष्ट्रीय पशु की सुरक्षा के लिए घोषित रणनीतियां धरातल पर कितनी प्रभावी सिद्ध होती हैं।

मुरैना में दिल दहला देने वाली वारदात, पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद पति ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

मुरैना 
 मध्य प्रदेश के मुरैना में पति-पत्नी के बीच हुए आपसी झगड़े में पति इतना आक्रोशित हो गया कि उसने अपने दो मासूम बच्चों व पत्नी को कुल्हाड़ी से काट दिया और खुद भी ट्रेन से जाकर कट गया।

यह घटना माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में घटित हुई। इस हत्याकांड का पता शनिवार की सुबह पड़ोसियों को लगा तो पुलिस को सूचना दी पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन कर रही है।

पत्नी से चल रहा था विवाद, मायके से दो दिन पहले ही लाया था
जानकारी के मुताबिक किशनपुर गांव निवासी बलराम पुत्र हरिचरण कुशवाह का अपनी पत्नी रविता उम्र 30 साल से विवाद चल रहा था। जिसकी वजह से वह कुछ दिन से अपने मायके कुतवार गांव में रह रही थी। दो दिन पहले ही बलराम व अन्य लोग पंचायत के बाद उसे किशनपुर गांव लाये थे।

शुक्रवार की रात बलराम और रविता में फिर विवाद हो गया। जिससे आक्रोशित बलराम ने रविता और अपने बच्चों आरव उम्र 10 साल व अतुल उम्र 7 साल पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया।

इसके बाद खुद घर से भाग गया। सुबह जब बलराम के घर के दरवाजे नही खुले तो पड़ोसियों ने देखा तो घर के आंगन में मां और दो बच्चों के रक्तरंजित शव पड़े थे। जिस पर पुलिस को सूचना दी गई। उधर, शनिवार की सुबह पता चला कि शिकारपुर फाटक के पास जाकर बलराम ने भी ट्रेन के सामने जाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस अभी मोके पर पड़ताल कर रही है।

चरित्र शंका ने उजाड़ा परिवार
बताया जा रहा है कि मृतक बलराम अपनी पत्नी रविता के चरित्र पर शक करने लगा था। कुछ दिन पहले किशनपुर में आयोजित भागवत कार्यक्रम के दौरान रविता ने मंच पर डांस किया था। कार्यक्रम में मौजूद किसी करीबी व्यक्ति ने उसका वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया।

वीडियो देखने के बाद बलराम के मन में पत्नी को लेकर संदेह गहराने लगा और वह आए दिन उससे विवाद करने लगा।विवाद बढ़ने पर रविता कुछ समय के लिए अपने मायके भी चली गई थी, लेकिन इसके बावजूद बलराम की नाराजगी और नफरत कम नहीं हुई। बताया जाता है कि उसने डांस का वीडियो अपने करीबी रिश्तेदारों को भी भेजा और पत्नी के बारे में आपत्तिजनक व भला-बुरा लिखकर मैसेज भी भेजे।

वारदात से जुड़े अहम घटनाक्रम
    बचाव के लिए कड़ा संघर्ष- घटनास्थल के हालात देखकर साफ है कि मृतका रविता ने खुद को और बच्चों को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। उसका शव खटिया से करीब 20 फीट दूर मिला।

    मौके से कुल्हाड़ी बरामद- पुलिस को छानबीन के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी घर के भीतर से ही मिल गई है।

    घर के बाहर सो रही थी मां- दिल दहला देने वाली बात यह है कि मृतक बलराम की मां रामकली रातभर घर के बाहर ही सो रही थी, लेकिन उसे भीतर चल रहे इस कत्लेआम की भनक तक नहीं लगी।

    दूधवाले के आने पर खुला राज- शनिवार सुबह जब दूधवाला आया और घर के भीतर हलचल नहीं हुई, तब जाकर इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ।

 

शुजालपुर अंचल को मिलेगा दो मेट्रोपॉलिटन एरिया का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

शुजालपुर अंचल को मिलेगा दो मेट्रोपॉलिटन एरिया का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शाजापुर और शुजालपुर क्षेत्र विकास की नई मंजिलें तय करेगा। आने वाले वक्त में जहां इंदौर- उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया में बड़ा भू-भाग सम्मिलित होने से इस अंचल की प्रगति तीव्र होगी, वहीं भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया से भी जुड़े होने का लाभ क्षेत्र को प्राप्त होगा। विकास के नए कीर्तिमान बनेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के नेतृत्व में आए शुजालपुर क्षेत्र के नागरिकों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर शुजालपुर क्षेत्र के नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गणमाला पहनाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य महेश केवट भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां विधि महाविद्यालय की मंजूरी के साथ अन्य विषयों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। प्रदेश में विकास के सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्य हो रहा है। इसका लाभ शुजालपुर को भी मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी देकर विकास की राह आसान की है। इस क्रम में आने वाले वर्षों में पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के कारण सम्पूर्ण शाजापुर जिला लाभांवित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गेहूं के उत्पादन में और किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी के कार्य में अग्रणी है। कृषक कल्याण वर्ष में कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को लाभ दिलवाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल से मंदसौर के नए हाई-वे के साथ ही शुजालपुर में हेलीपैड निर्माण और स्टेडियम निर्माण के कार्य भी किए जाएंगे।

मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थी काल से शुजालपुर क्षेत्र को अपना माना है। क्षेत्र की जनता ने विभिन्न सौगातें मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन का निर्णय लिया। कार्यक्रम में राजेश मोहन श्रीवास्तव, हेमराज सिंह सिसोदिया, कैलाश सोनी, अशोक नायक, योगेंद्र आदि उपस्थित थे।

 

एमएसएमई मध्यप्रदेश की समृद्धि और रोजगार की मजबूत नींव – मंत्री काश्यप

एमएसएमई मध्यप्रदेश की समृद्धि और रोजगार की मजबूत नींव – मंत्री काश्यप

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर प्रदेशवासियों, उद्यमियों, स्टार्टअप को दी शुभकामनाएँ

भोपाल 

एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम भारत की अर्थव्यवस्था की सशक्त आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एमएसएमई क्षेत्र को देश के विकास की धुरी बताते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया है।मंत्री काश्यप ने शनिवार 27 जून को अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर प्रदेशवासियों सहित उद्यमियों को शुभकामनाएं और बधाई दी है।

मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनेक योजनाओं एवं सुधारों के माध्यम से देशभर के लाखों उद्यमियों को नई ऊर्जा और अवसर प्राप्त हुए हैं।मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे अभिनव आयोजनों ने प्रदेश के एमएसएमई, स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ा है, रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और स्थानीय उद्यमों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान मिल रही है।

मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश का युवा स्टार्टअप्स और एमएसएमई के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं, प्रोत्साहन नीतियों और वित्तीय सहायता के बल पर हमारे उद्यमी निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहे हैं तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाला कार्यक्रम प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगा। इस अवसर पर विभिन्न हितलाभों का वितरण किया जाएगा, नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा अनेक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ेगा और मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

 

पुलिस सैलरी पैकेज योजना कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा

पुलिस सैलरी पैकेज योजना कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा

35वीं वाहिनी मंडला के स्वर्गीय कार्यवाहक प्रधान आरक्षक मुकेश बंसकार के नॉमिनी को 1 करोड़ रूपए की सहायता
मध्यप्रदेश पुलिस हर परिस्थिति में साथ

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कल्याण हेतु संचालित योजनाएं कठिन परिस्थितियों में पुलिस परिवारों के लिए सशक्त सहारा बनकर सामने आ रही हैं। इसी क्रम में मंडला में दिवंगत पुलिसकर्मी के परिजन को भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक करोड़ रुपए की बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है।

35वीं वाहिनी मंडला में पदस्थ स्वर्गीय कार्यवाहक प्रधान आरक्षक मुकेश बंसकार का सर्पदंश के कारण निधन हो जाने पर उनका वेतन खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा मंडला में पुलिस सैलरी पैकेज योजना से संबद्ध होने के कारण उनके नामांकित उत्तराधिकारी उनकी पत्नी श्रीमती रजनी बंसकार को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। सेनानी 35वीं वाहिनी मंडला राजेश रघुवंशी द्वारा परिजनों को उक्त राशि का चेक सौंपा गया।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

 

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