MP Weather: मध्य प्रदेश के 43 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, मानसून की रफ्तार धीमी; ग्वालियर-चंबल को करना होगा इंतजार

भोपाल 

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद उसकी रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 43 जिलों में आज शनिवार को मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना भी जताई गई है।

विभाग के अनुसार, मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। सामान्य स्थिति में इस समय तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ने के कारण इसमें 2-3 दिन की और देरी होने की संभावना है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे देर से पहुंचने वाला है।.

मानसून ने 24 जून को दी थी दस्तक
गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। पहले ही दिन इंदौर, धार, आलीराजपुर, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। हालांकि, इसके बाद से परिस्थितियां थमी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है।

शनिवार को इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
इस बीच, शनिवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग समेत प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, मंदसौर और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।

एमपी के कई हिस्सों में दिखा आंधी-बारिश का दौर
इससे पहले, शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच और उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी बरसा। शाजापुर, दतिया, राजगढ़ और मंडला समेत कई इलाकों में मौसम बदला रहा। इस बदलते मौसम के बीच बालाघाट और देवास जिलों से दर्दनाक हादसे भी सामने आए, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने और दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 5 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

कहां-कहां है अलर्ट?
मौसम केंद्र ने रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल सहित कुल 43 जिलों में आज बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का भी अनुमान है।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। खासकर सोयाबीन, मक्का और दलहन की फसलों पर अतिरिक्त नजर रखने की जरूरत है।

कब तक सुधरेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48-72 घंटों में एक नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य भर में मानसून की गति बढ़ सकती है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुरकलां जैसे उत्तरी जिलों में सामान्य बारिश में सबसे ज्यादा देरी हो सकती है।

वर्षा के आंकड़ों में सुधार
पिछले तीन दिनों की बारिश से प्रदेश की औसत वर्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। लगातार बारिश के कारण बारिश का घाटा घटा है, हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है।

एमपी में तेज बारिश…सिवनी में 2 इंच पानी गिरा इससे पहले शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। सिवनी में करीब 2 इंच पानी गिर गया। शाजापुर के शुजालपुर, अकोदिया समेत आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिरा।

वहीं, दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के बैहर तहसील के बिरवा ग्राम पंचायत में बिजली गिरने से 2 बच्चों सहित 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए। मृतकों की पहचान लल्की मेरावी, झामसिंह ताराम (35) और सतीश वलके के रूप में हुई है।

वहीं, देवास के खटांबा गांव में सूरज की पूजा के दौरान आंधी-बारिश से गैलरी गिर गई। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत 3 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान लक्ष्मीबाई और भगवंताबाई के रूप में हुई है।

आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। खरगोन में तापमान सबसे कम 30 डिग्री पहुंच गया। खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री, बैतूल में 32.7 डिग्री, सिवनी-उमरिया में 33.2 डिग्री, धार में 33.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 

 

MP High Court में बड़ा खुलासा, बाघों की मौतों के पीछे शिकार की आशंका; NTCA ने किया स्वीकार

 जबलपुर
 देशभर में बाघों की लगातार हो रही अप्राकृतिक मौतों के बीच राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने हाई कोर्ट के समक्ष एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाली स्वीकारोक्ति की है।

अप्राकृतिक मौतों में अवैध शिकार प्रमुख कारण
अदालत में दायर हलफनामे में एनटीसीए ने स्पष्ट रूप से माना है कि संरक्षित बाघ अभ्यारण्यों तथा उनके आसपास बाघों की हालिया अप्राकृतिक मौतों में अवैध शिकार प्रमुख कारणों में से एक है।

स्वयं शीर्ष संरक्षण संस्था ने शिकार की गंभीरता को रेखांकित किया
यह स्वीकारोक्ति इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि अब तक बाघों की मौतों को लेकर विभिन्न कारण सामने आते रहे थे, लेकिन कोर्ट के समक्ष स्वयं शीर्ष संरक्षण संस्था ने शिकार की गंभीरता को रेखांकित किया है।

संदिग्ध मौतों की न्यायिक समीक्षा की मांग की थी
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली की युगलपीठ के समक्ष यह हलफनामा उस जनहित याचिका के जवाब में प्रस्तुत किया गया, जिसे वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने दायर कर बाघ अभ्यारण्यों के भीतर और आसपास लगातार हो रही संदिग्ध मौतों की न्यायिक समीक्षा की मांग की थी। याचिका में दावा किया गया था कि अनेक मामलों में मौतें संगठित शिकार का परिणाम हैं।

भारतीय बाघों के अस्तित्व के लिए सबसे गंभीर खतर
एनटीसीए ने अपने जवाब में कहा कि देश के बाहर बाघों के अंगों और उनसे निर्मित उत्पादों की अवैध मांग आज भी भारतीय बाघों के अस्तित्व के लिए सबसे गंभीर खतरों में शामिल है। यही कारण है कि इस चुनौती को प्राधिकरण ने अपनी सर्वोच्च संरक्षण प्राथमिकताओं में रखा है।

राज्यों को लगातार अलर्ट जारी किए जा रहा है
हलफनामे के अनुसार शिकार और वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों को लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं तथा सीबीआई, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, डब्ल्यूसीसीबी और संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ समन्वित अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

अब हाई कोर्ट की निगाह केवल इस स्वीकारोक्ति पर नहीं
मामले की अगली सुनवाई में अब हाई कोर्ट की निगाह केवल इस स्वीकारोक्ति पर नहीं, बल्कि इस पर भी रहेगी कि देश के राष्ट्रीय पशु की सुरक्षा के लिए घोषित रणनीतियां धरातल पर कितनी प्रभावी सिद्ध होती हैं।

मुरैना में दिल दहला देने वाली वारदात, पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद पति ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

मुरैना 
 मध्य प्रदेश के मुरैना में पति-पत्नी के बीच हुए आपसी झगड़े में पति इतना आक्रोशित हो गया कि उसने अपने दो मासूम बच्चों व पत्नी को कुल्हाड़ी से काट दिया और खुद भी ट्रेन से जाकर कट गया।

यह घटना माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में घटित हुई। इस हत्याकांड का पता शनिवार की सुबह पड़ोसियों को लगा तो पुलिस को सूचना दी पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन कर रही है।

पत्नी से चल रहा था विवाद, मायके से दो दिन पहले ही लाया था
जानकारी के मुताबिक किशनपुर गांव निवासी बलराम पुत्र हरिचरण कुशवाह का अपनी पत्नी रविता उम्र 30 साल से विवाद चल रहा था। जिसकी वजह से वह कुछ दिन से अपने मायके कुतवार गांव में रह रही थी। दो दिन पहले ही बलराम व अन्य लोग पंचायत के बाद उसे किशनपुर गांव लाये थे।

शुक्रवार की रात बलराम और रविता में फिर विवाद हो गया। जिससे आक्रोशित बलराम ने रविता और अपने बच्चों आरव उम्र 10 साल व अतुल उम्र 7 साल पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया।

इसके बाद खुद घर से भाग गया। सुबह जब बलराम के घर के दरवाजे नही खुले तो पड़ोसियों ने देखा तो घर के आंगन में मां और दो बच्चों के रक्तरंजित शव पड़े थे। जिस पर पुलिस को सूचना दी गई। उधर, शनिवार की सुबह पता चला कि शिकारपुर फाटक के पास जाकर बलराम ने भी ट्रेन के सामने जाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस अभी मोके पर पड़ताल कर रही है।

चरित्र शंका ने उजाड़ा परिवार
बताया जा रहा है कि मृतक बलराम अपनी पत्नी रविता के चरित्र पर शक करने लगा था। कुछ दिन पहले किशनपुर में आयोजित भागवत कार्यक्रम के दौरान रविता ने मंच पर डांस किया था। कार्यक्रम में मौजूद किसी करीबी व्यक्ति ने उसका वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया।

वीडियो देखने के बाद बलराम के मन में पत्नी को लेकर संदेह गहराने लगा और वह आए दिन उससे विवाद करने लगा।विवाद बढ़ने पर रविता कुछ समय के लिए अपने मायके भी चली गई थी, लेकिन इसके बावजूद बलराम की नाराजगी और नफरत कम नहीं हुई। बताया जाता है कि उसने डांस का वीडियो अपने करीबी रिश्तेदारों को भी भेजा और पत्नी के बारे में आपत्तिजनक व भला-बुरा लिखकर मैसेज भी भेजे।

वारदात से जुड़े अहम घटनाक्रम
    बचाव के लिए कड़ा संघर्ष- घटनास्थल के हालात देखकर साफ है कि मृतका रविता ने खुद को और बच्चों को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। उसका शव खटिया से करीब 20 फीट दूर मिला।

    मौके से कुल्हाड़ी बरामद- पुलिस को छानबीन के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी घर के भीतर से ही मिल गई है।

    घर के बाहर सो रही थी मां- दिल दहला देने वाली बात यह है कि मृतक बलराम की मां रामकली रातभर घर के बाहर ही सो रही थी, लेकिन उसे भीतर चल रहे इस कत्लेआम की भनक तक नहीं लगी।

    दूधवाले के आने पर खुला राज- शनिवार सुबह जब दूधवाला आया और घर के भीतर हलचल नहीं हुई, तब जाकर इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ।

 

शुजालपुर अंचल को मिलेगा दो मेट्रोपॉलिटन एरिया का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

शुजालपुर अंचल को मिलेगा दो मेट्रोपॉलिटन एरिया का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शाजापुर और शुजालपुर क्षेत्र विकास की नई मंजिलें तय करेगा। आने वाले वक्त में जहां इंदौर- उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया में बड़ा भू-भाग सम्मिलित होने से इस अंचल की प्रगति तीव्र होगी, वहीं भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया से भी जुड़े होने का लाभ क्षेत्र को प्राप्त होगा। विकास के नए कीर्तिमान बनेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के नेतृत्व में आए शुजालपुर क्षेत्र के नागरिकों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर शुजालपुर क्षेत्र के नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गणमाला पहनाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य महेश केवट भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां विधि महाविद्यालय की मंजूरी के साथ अन्य विषयों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। प्रदेश में विकास के सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्य हो रहा है। इसका लाभ शुजालपुर को भी मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी देकर विकास की राह आसान की है। इस क्रम में आने वाले वर्षों में पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के कारण सम्पूर्ण शाजापुर जिला लाभांवित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गेहूं के उत्पादन में और किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी के कार्य में अग्रणी है। कृषक कल्याण वर्ष में कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को लाभ दिलवाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल से मंदसौर के नए हाई-वे के साथ ही शुजालपुर में हेलीपैड निर्माण और स्टेडियम निर्माण के कार्य भी किए जाएंगे।

मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थी काल से शुजालपुर क्षेत्र को अपना माना है। क्षेत्र की जनता ने विभिन्न सौगातें मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन का निर्णय लिया। कार्यक्रम में राजेश मोहन श्रीवास्तव, हेमराज सिंह सिसोदिया, कैलाश सोनी, अशोक नायक, योगेंद्र आदि उपस्थित थे।

 

एमएसएमई मध्यप्रदेश की समृद्धि और रोजगार की मजबूत नींव – मंत्री काश्यप

एमएसएमई मध्यप्रदेश की समृद्धि और रोजगार की मजबूत नींव – मंत्री काश्यप

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर प्रदेशवासियों, उद्यमियों, स्टार्टअप को दी शुभकामनाएँ

भोपाल 

एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम भारत की अर्थव्यवस्था की सशक्त आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एमएसएमई क्षेत्र को देश के विकास की धुरी बताते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया है।मंत्री काश्यप ने शनिवार 27 जून को अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर प्रदेशवासियों सहित उद्यमियों को शुभकामनाएं और बधाई दी है।

मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनेक योजनाओं एवं सुधारों के माध्यम से देशभर के लाखों उद्यमियों को नई ऊर्जा और अवसर प्राप्त हुए हैं।मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे अभिनव आयोजनों ने प्रदेश के एमएसएमई, स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ा है, रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और स्थानीय उद्यमों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान मिल रही है।

मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश का युवा स्टार्टअप्स और एमएसएमई के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं, प्रोत्साहन नीतियों और वित्तीय सहायता के बल पर हमारे उद्यमी निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहे हैं तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाला कार्यक्रम प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगा। इस अवसर पर विभिन्न हितलाभों का वितरण किया जाएगा, नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा अनेक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ेगा और मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

 

पुलिस सैलरी पैकेज योजना कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा

पुलिस सैलरी पैकेज योजना कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा

35वीं वाहिनी मंडला के स्वर्गीय कार्यवाहक प्रधान आरक्षक मुकेश बंसकार के नॉमिनी को 1 करोड़ रूपए की सहायता
मध्यप्रदेश पुलिस हर परिस्थिति में साथ

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कल्याण हेतु संचालित योजनाएं कठिन परिस्थितियों में पुलिस परिवारों के लिए सशक्त सहारा बनकर सामने आ रही हैं। इसी क्रम में मंडला में दिवंगत पुलिसकर्मी के परिजन को भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक करोड़ रुपए की बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है।

35वीं वाहिनी मंडला में पदस्थ स्वर्गीय कार्यवाहक प्रधान आरक्षक मुकेश बंसकार का सर्पदंश के कारण निधन हो जाने पर उनका वेतन खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा मंडला में पुलिस सैलरी पैकेज योजना से संबद्ध होने के कारण उनके नामांकित उत्तराधिकारी उनकी पत्नी श्रीमती रजनी बंसकार को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। सेनानी 35वीं वाहिनी मंडला राजेश रघुवंशी द्वारा परिजनों को उक्त राशि का चेक सौंपा गया।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

 

यूसीसी पर उच्च स्तरीय समिति की नई दिल्ली में हुई बैठक

यूसीसी पर उच्च स्तरीय समिति की नई दिल्ली में हुई बैठक

विधेयक के प्रारूप पर हुई निर्णायक चर्चा
रिपोर्ट एवं ड्रॉफ्टिंग अंतिम चरण में

भोपाल 
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए अध्ययन और परीक्षण संबंधी उच्च स्तरीय समिति की बैठक नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में हुई। समिति की अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विधेयक के प्रारूप पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई है। समिति का कार्य अंतिम चरण में है और आशा है कि जल्दी ही रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी।

बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति समेत अन्य विषय जो समान नागरिक संहिता की विषय वस्तु हैं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समिति के वरिष्ठ सलाहकार शत्रुघ्न सिंह सहित समिति के सदस्य अनूप नायर, प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, सुशोभा पैठणकर उपस्थित थे।

समिति सदस्य सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि समिति की रिपोर्ट की ड्राफ्टिंग अंतिम चरण में है। समिति की रिपोर्ट के 2 भाग होंगे, जिसमें पहला भाग समिति के अनुशंसाओं का एवं दूसरा भाग समिति द्वारा किए गए जन परामर्शों से संबंधित होगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की बैठक में समिति द्वारा तैयार किए जा रहे विधेयक के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई है। समिति द्वारा शीघ्र ही राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत किये जाने की संभावना है।

 

भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों ने की भेंट
जापान में 29 मई से 06 जून तक हुआ था अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप टूर्नामेंट

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को पूरा प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने निवास पर भेंट के लिए आये अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप-2026 में पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। टूर्नामेंट का आयोजन जापान के काकामिगाहारा शहर में 29 मई से 06 जून 2026 तक किया गया था। पदक विजेता पुरूष और महिला खिलाड़ियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन पर मध्यप्रदेश सरकार ने प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और बड़वानी के खिलाड़ियों में से कुछ खिलाड़ी बहुत साधारण परिवार से हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर इन खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण और 4 कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। निश्चित ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले एशियाई खेलों में इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी हॉकी में कई ओलम्पियन दे चुका हैं, कुछ वर्ष इस खेल में पीछे रहा, लेकिन अब हरियाणा जैसे राज्यों के समान अग्रणी हो रहा हैं।

खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जापान में हुए टूर्नामेंट के लिए समीर दाद जैसे कोच खिलाड़ियों को दक्ष बनाने में लगे थे। अंडर-18 की श्रेणी में 6 पुरुष खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण पदक और 4 महिला खिलाड़ियों ने 4 कांस्य पदक जीते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेता खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया। इस अवसर पर आयुक्त खेल एवं युवक कल्याण संजीव कुमार सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

टूर्नामेंट से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

                 अंडर-18 बालिका/महिला हॉकी एशिया कप में पुरूष वर्ग में एशिया के 9 देश (भारत, कोरिया, जापान, चीनी- ताइपे, कजाकिस्तान, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन) एवं महिला वर्ग में एशिया के 8 देश (भारत, कोरिया, मलेशिया, सिंगापुर, चीन, जापान, चीनी ताइपे, बांग्लादेश) ने भाग लिया।

                 प्रतियोगिता में भारत की 18 सदस्यीय बालक / बालिका हॉकी टीम ने भाग लिया।

                 भारतीय बालक हॉकी टीम में म.प्र. राज्य पुरूष हॉकी अकादमी, भोपाल के 06 बालक खिलाड़ी सदस्य रहे तथा स्वर्ण पदक अर्जित किया।

                 भारतीय बालिका हॉकी टीम में म.प्र. राज्य महिला हॉकी अकादमी, ग्वालियर की 04 बालिका खिलाड़ी सदस्य रही तथा कांस्य पदक अर्जित किया।

                 म.प्र. राज्य महिला हॉकी अकादमी की खिलाड़ी सुनौसीन नाज ने प्रतियोगिता में 12 गोल कर टूर्नामेन्ट की ‘टॉप स्कोरर’ बनने का गौरव प्राप्त किया।

                 म.प्र. राज्य पुरूष हॉकी अकादमी के खिलाड़ी आयुष रजक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘बेस्ट गोलकीपर अवार्ड’ प्राप्त किया ।

                 मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ग बालक के हॉकी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को 3 लाख प्रति खिलाड़ी एवं बालिका वर्ग के हॉकी कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को एक लाख प्रति खिलाड़ी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है।

इन खिलाड़ियों ने किया प्रतिनिधित्व

पुरुष खिलाड़ी :-

आयुष रजक, पिता स्व. अनिल रजक, जिला जबलपुर, स्वर्ण पदक। अंश बहुत्रा, पिता नीरज बहुत्रा, जिला नर्मदापुरम, स्वर्ण पदक। करन गौतम, पिता मनोज गौतम, जिला उमरिया, स्वर्ण पदक। अवि माणिपुरी पिता जितेन्द्र माणिपुरी, जिला भोपाल, स्वर्ण पदक। सिद्धार्थ बेन, पिता लेखराम बेन, जिला जबलपुर, स्वर्ण पदक। गाजी खान, पिता महबूब खान, जिला नर्मदापुरम, स्वर्ण पदक।

महिला खिलाड़ी:-

सुनौसीन नाज, पिता अहफाज खान, जिला सिवनी, कांस्य पदक। सुमहक परिहार, पिता महरवान सिंह परिहार, कांस्य पदक। सुस्नेहा दावड़े पिता राजेश दावड़े , जिला बड़वानी, कांस्य पदक। सुनम्मी गीताश्री, पिता नम्मी ताताराव, तिम्मापुरम, विशाखपट्टनम (आन्ध्रप्रदेश), कांस्य पदक।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित समिट में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित समिट में होंगे शामिल

सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट देगी मध्यप्रदेश भारत का दिल-विकास का दिल का संदेश
एमएसएमई और स्टार्ट-अप को सिंगल क्लिक से अंतरित होगी 225 करोड़ से अधिक की राशि
रवींद्र भवन में 2000 प्रतिभागी-उद्यमियों और विभागों की प्रदर्शनी तथा क्रेता-विक्रेता मीट के साथ 3 विशेष सत्र होंगे आकर्षण का केन्द्र

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वां अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर रवींद्र भवन में शनिवार,27 जून को होने वाले ‘सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश समिट’ में शामिल होंगे। समृद्ध भारत का दिल-विकास का दिल का संदेश देने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई इकाइयों को 225 करोड़ 19 लाख और स्टार्ट-अप को लगभग 39 लाख की राशि अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में महत्वूर्ण एमओयू के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों का शुभारंभ और भूमि-पूजन भी होगा। सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

आयुक्त उद्योग दिलीप कुमार ने बताया कि समिट में स्टाल से खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक का उद्घाटन करेंगे। विभिन्न विभागों और उद्यमियों के प्रदर्शनी में लगभग 60 से स्टॉल होंगे, जिनमें एमएसएमई, स्टार्ट-अप, विभागीय स्टॉल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओ.डी.ओ.पी, योजना लाभार्थी, महिला स्व-सहायता समूह, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भोपाल, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, भारतीय मानक ब्यूरो, GeM, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.आर) तथा बैंकों के प्रतिनिधि,वालमार्ट, फ्लिप्कार्ट जैसे संस्थान सम्मिलित होंगे। इस दौरान प्रतिभागियों को संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी।

समिट में एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी समिट को संबांधित करेंगे। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एसआरएलएम (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तथा आईपीआईपी विभागों की विगत ढाई वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी ढाई वर्ष की कार्य योजना पर आधारित लघु वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।

समिट में 2000 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें एमएसएमई, उद्यमी, स्टार्ट-अप, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं महिला स्व-सहायता समूह शामिल होंगे। समिट में विगत ढाई वर्षों की समस्त संबद्ध विभागीय उपलब्धियों तथा आगामी ढाई वर्षों की कार्य योजना प्रदर्शित होगी।

समिट में तीन विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र, ‘नये बाजार, नई उड़ान’ (एमएसएमई एवं एसएचजी के लिए नए बाजार अवसर) में एफआईईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई ओएनडीसी, ईसीजीसी एवं इंडिया पोस्ट के पैनलिस्ट भाग लेंगे। दवितीय सत्र ‘पूंजी तक पहुँच’ (फंडिंग द नेक्स्ट जनरेशन एमएसएमई), में एनपीसीएल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरएक्सआईएल ट्रेन्ड्स प्लेटफॉर्म एवं नाबार्ड के पैनलिस्ट सम्मिलित हैं। तृतीय सत्र ‘ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड’ (बीआईएस) के सहयोग से उत्पाद गुणवत्ता पर होगा।

उद्योग आयुक्त ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अप्रैल 2017 में पारित संकल्प के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 27 जून को ‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस” के रूप में घोषित किया गया है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति में एमएसएमई की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के आयोजन का 10वां वर्ष है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल

ग्रामीणों से करेंगे सीधा संवाद

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दो दिवसीय भ्रमण पर बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शाम 6:30 बजे सनसेट पॉइंट का अवलोकन कर ग्राम पंचायत कुकरू में आयोजित रात्रि चौपाल में शामिल होंगे और ग्रामीणों से सीधा संवाद करेगे। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुकरू रेस्ट हाउस से हेलीपैड के लिए प्रस्थान करेंगे और 12:10 बजे भोपाल के लिए रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 जून को प्रातः 6:30 बजे सनराइज एवं बुच प्वाइंट पर मेडिटेशन करेंगे। इसके बाद वे स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 7:30 बजे पौध-रोपण कार्यक्रम के बाद कॉफी प्लांटेशन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 10 बजे मुख्यमंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और 11 बजे प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के सामूहिक श्रवण में शामिल होंगे।

अधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जिले के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरु में आयोजित कार्यक्रम की समुचित तैयारियों का शुक्रवार को कमिश्नर श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ल, डीआईजी वीरेंद्र कुमार सिंह, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और एसपी वीरेंद्र जैन ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, रात्रि चौपाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेडिटेशन, महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद और “मन की बात” कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय सीमा में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।

 

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