एमपी ट्रांसको ने पेंशनर एवं कार्मिकों को अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना में शामिल होने का दिया एक और अवसर

भोपाल

मध्यप्रदेश शासन के उपक्रम म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा संचालित अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत अब तक शामिल होने से वंचित रह गए कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एक और अवसर प्रदान किया गया है।

एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन श्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पात्र कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों से 25 जून से 20 जुलाई 2026 तक पुनः आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो पात्र हितग्राही वर्तमान में योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं और अब इसमें शामिल होना चाहते हैं, उन्हें योजना के प्रारंभ होने की तिथि से अब तक देय सभी अंशदान किस्तों का भुगतान एकमुश्त करना होगा।

योजना के अन्य सभी नियम एवं शर्तें यथावत रहेंगी। एमपी ट्रांसको प्रबंधन ने पात्र कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों से निर्धारित अवधि में आवेदन प्रस्तुत कर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने का आग्रह किया है।

 

रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से ताजिया टकराया; 3 की मौत, 20 से ज्यादा झुलसे

रतलाम

रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में मुहर्रम के अवसर पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। लगभग 10 फीट ऊंचा ताजिया पंचमुखी महादेव मंदिर के समीप से गुजर रहा था, तभी वह 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट फैलने से 3 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग झुलसकर घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान हुई है।

पल भर में चीख-पुकार में बदल गया माहौल
वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी भी मृत्यु होने की सूचना सामने आ रही है। हालांकि प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दोनों मौतों की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस तथा विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पतालों की ओर पहुंच गए।

प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों का उपचार जारी है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर अधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारिक पुष्टि के बाद आंकड़ों में परिवर्तन संभव है।

यह दिल दहला देने वाली घटना पिपलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हतनारा गांव की है। बताया जा रहा है कि जुलूस में लगभग 200 लोग शामिल थे। लोग पूरे उत्साह और अकीदत के साथ ताजिया लेकर आगे बढ़ रहे थे।

इसी दौरान ताजिये का ऊपरी हिस्सा करीब 20 फीट की ऊंचाई से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन से छू गया। पलक झपकते ही पूरे ताजिये में तेज करंट दौड़ गया और जो लोग उसे कंधा दे रहे थे, वे इस जानलेवा करंट की चपेट में आ गए।

CM मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले- आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का किया गया प्रयास

भोपाल 

लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लंबे समय से यह मांग है कि उन्हें भी स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्ज की  मांग उठाई।कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपए मासिक पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी मांग रखी गई थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।

सम्मेलन में सोलंकी ने 95 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं सभी लोकतंत्र सेनानियों से कहता हूं कि खूब जियो और 95 वर्ष की आयु तक पहुंचकर सम्मान प्राप्त करो।” उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक है।

वे राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया।

आपातकाल के सेनानियों (मीसाबंदियों) के अखिल भारतीय संगठन ‘लोकतंत्र सेनानी संघ, मध्य प्रदेश’ के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर से लगभग दो हजार मीसाबंदी और उनके परिवार शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिरकत कर रहे हैं। उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद कैलाश सोनी तथा संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक भी मंच साझा कर रहे हैं।

सीएम बोले-कांग्रेस ने आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लोकतंत्र सेनानियों ने लड़ी, जबकि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था को रोकने और दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के समय कई देश हमारे साथ या हमारे बाद स्वतंत्र हुए थे। इजरायल हमसे एक वर्ष बाद आजाद हुआ, लेकिन आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनकर खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की पांचवीं पीढ़ी राजनीति में आ चुकी है, लेकिन उसकी कार्यशैली नहीं बदली। उन्होंने अपने बचपन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आपातकाल लगा, तब उनकी उम्र मात्र नौ वर्ष थी। उनके पिता 19 महीने तक जेल में रहे। उस समय परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजरा, लेकिन थोड़ी-बहुत खेती होने के कारण घर का गुजारा चलता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कांग्रेस के लोग जेल में बंद लोगों से कांग्रेस की सदस्यता लेने की शर्त पर रिहाई की बात करते थे।

डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष की वजह से आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई, लेकिन भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की राजनीतिक स्थिति सभी के सामने है। लोकतंत्र की मशाल जलाए रखने का श्रेय लोकतंत्र सेनानियों को जाता है।

मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई नई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। उन्हें सरकारी रेस्ट हाउस में दो दिन तक निशुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में पार्क और मार्गों का नामकरण किया जाएगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस से भी उपचार की व्यवस्था कराई जाएगी।उन्होंने यह भी घोषणा की कि अधिक आयु के कारण जिन लोकतंत्र सेनानियों को जिला या बैंक शाखा बदलने में परेशानी होती है, उनकी सुविधा के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। जिन सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में लोकतंत्र सेनानियों को अधिकारी स्तर का सम्मान देने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस संविधान बचाने की बात करती है, लेकिन उसने हमेशा एक परिवार को आगे बढ़ाने और सत्ता के बल पर दूसरों को दबाने का प्रयास किया।

इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले वीर सेनानियों का सम्मान समारोह है। कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बीजेपी के प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह मंत्री कृष्णा गौर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया विधायक रामेश्वर शर्मा मौजूद हैं।

पूर्व मंत्री सहित तीन वयोवृद्ध लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया।

इमरजेंसी पर बनी फिल्म भी दिखाई
कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे लोकतंत्र प्रहरी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल द्वारा तैयार किया गया है।

इंदौर में नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़, ₹44 हजार की फेक करेंसी और प्रिंटिंग मशीन बरामद

इंदौर

इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक बड़े खुलासे का कारण बन गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से पहले एक युवक पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 44 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन तथा अन्य सामग्री जब्त की है।गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार राजनगर सेक्टर-ए, चंदन नगर निवासी यशवंत यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून को वह रिजलाय फाटा-नावदा पंथ रोड स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद था। इसी दौरान एक युवक चाय-नाश्ता करने के बाद भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट देने लगा।

रेस्टोरेंट संचालक को हुआ शक, मौके पर पकड़ लिया
नोट देखते ही रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को उसके नकली होने का संदेह हुआ। उन्होंने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से युवक को मौके पर ही रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान ग्राम अटाहेड़ा, थाना देपालपुर निवासी दीपक पटेल के रूप में बताई। उसने खुद को मजदूर बताते हुए दावा किया कि यह नोट उसे मजदूरी के भुगतान में मिले थे। हालांकि तलाशी के दौरान उसके पास से 4 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए।

खंडवा एसटीएफ ने भी पकड़ा था
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी संजय वैष्णव पहले भी नकली नोट के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसे खंडवा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से यही अवैध कारोबार शुरू कर दिया। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की भी जांच कर रही है।

पूछताछ में खुला मास्टरमाइंड का नाम
सख्ती से पूछताछ करने पर दीपक ने खुलासा किया कि नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय पुत्र महेश वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय को भी गिरफ्तार कर लिया। संजय के कब्जे से करीब 40 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस के अनुसार संजय दीपक को बाजार में जाली नोट चलाने के लिए देता था।

पहले भी नकली नोट मामले में जा चुका है जेल
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसे पूर्व में एसटीएफ खंडवा नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उस समय भी उसके पास से जाली नोट बरामद हुए थे और जेल भेजा गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

MP Weather Update: 15 जिलों में झमाझम बारिश, 2 दिन में भोपाल-उज्जैन पहुंचेगा मानसून; ग्वालियर-चंबल में इंतजार जारी

 भोपाल
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। संभावना है कि मानसून इसी दौरान भोपाल और उज्जैन संभाग तक पहुंच जाएगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा। इस बीच शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

 दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने आगर-मालवा और सीहोर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर समेत कई जिलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने के आसार हैं।

शाजापुर में सबसे ज्यादा बरसात
गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक 51 मिमी (दो इंच से ज्यादा) वर्षा शाजापुर में दर्ज की गई, जबकि श्योपुर और बालाघाट में भी करीब आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, खरगोन और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई।

बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। खरगोन सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बैतूल, सिवनी, खंडवा, धार और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे रहा। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री, इंदौर 33.9 डिग्री, उज्जैन 33.8 डिग्री, जबलपुर 38.1 डिग्री और ग्वालियर 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

15 जिलों में हुई बारिश
गुरुवार को शाजापुर और नर्मदापुरम में करीब 2 इंच बारिश हुई। श्योपुर, रायसेन और सागर में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं गुना में 1 इंच, पचमढ़ी में पौन इंच और बालाघाट में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, बैतूल, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, मैहर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत
शाजापुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए इंदौर के जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।

कई शहरों में तापमान गिरा
बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। खरगोन सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

अभी भी सामान्य से कम बारिश
मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में वर्षा की कमी कुछ कम हुई है। एक जून से अब तक सामान्य रूप से 91.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 52.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी प्रदेश अभी भी सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश पर है। हालांकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, जिससे स्पष्ट है कि हाल की बारिश ने स्थिति में करीब सात प्रतिशत सुधार किया है।

किन जिलों में कम और कहां ज्यादा बारिश
अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

15 जिलों तक पहुंच चुका है मानसून
अब तक मानसून प्रदेश के 15 जिलों-आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी में प्रवेश कर चुका है। इन जिलों के कई क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 

बड़नगर वैन ब्लास्ट का रहस्य गहराया: पटाखों से किया गया विस्फोट, ‘फिर आ गए’ लिखने के पीछे क्या था मकसद?

उज्जैन
 मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से एक वैन को लटकाकर उसमें ब्लास्ट किया गया है। वीडियो बड़नगर के अडान मोहल्ले का बताया जा रहा है। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

23 जून का है वीडियो
घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। उज्जैन के बड़नगर स्थित अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया।

मुहर्रम के जुलूस के दौरान वैन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट करने का वीडियो देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। जिले की बड़नगर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन को जब्त कर लिया है। आरोपियों का कहना है कि 8 हजार के पटाखों से विस्फोट किया। उज्जैन, उन्हेल, नागदा और महिदपुर पहले से संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए जांच में स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस, यानी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड भी शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब तीन बड़े सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं-

    विस्फोट के पीछे मकसद क्या था?
    गाड़ी पर ‘ले, फिर आ गए’ क्यों लिखा था?
    विस्फोटक कौन सा था और उसे कहां से लाया गया था?

40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाकर उड़ाई थी वैन
दरअसल, 23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसमें टाटा मैजिक गाड़ी को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। इसकी छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे। वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखा था। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भी यही मैसेज लिखा था।

कुछ देर बाद वैन में विस्फोट कर दिया गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामले में शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को अरेस्ट किया गया है। वहीं, क्रेन के मालिक पर भी केस किया गया है।

जाहिद-तपसील ने लहराए थे झंडे
पुलिस के मुताबिक, शोएब ने अडान अखाड़े के बैनर तले मुहर्रम का जुलूस निकाला था। उसी ने कबाड़ में रखी गाड़ी को क्रेन पर लटकवाया था। विस्फोट के समय जाहिद और तपसील गाड़ी की छत पर मौजूद थे। वे ही झंडे लहराते दिखाई दिए थे। ब्लास्ट के पहले दोनों नीचे उतर आए थे।

पुलिस को आरोपियों ने करीब 8 हजार रुपए के पटाखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी तस्दीक की जा रही है।

2500 रुपए किराए पर ली गई थी क्रेन
क्रेन मालिक गोपाल राठौर ने पुलिस को बताया कि अडान अखाड़े के सदस्यों ने पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद ड्राइवर समेत क्रेन भेज दी थी। राठौर का कहना है कि उन्हें वाहन में विस्फोट करने की कोई जानकारी नहीं थी।

शुक्रवार को उज्जैन की फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) बड़नगर पहुंचकर वैन से सेंपल इकट्‌ठा करेंगे।

भीड़भाड़ वाले इलाके में किया गया ब्लास्ट
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़नगर के जय स्तंभ चौक पर भीड़भाड़ वाले इलाके में ये विस्फोट किया गया था। ब्लास्ट के बाद गाड़ी के पार्ट्स, कांच और दूसरी चीजें नीचे गिरीं। इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ।

कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के साथ बड़नगर पहुंचे और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाड़ी में रॉकेट और सुतली बम लगाए गए थे। इसके कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट जैसी स्थिति बनी। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

भोपाल में व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क खत्म होने की जगी उम्मीद

भोपाल, 25 जून। राजधानी के व्यापारियों को व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन से मुलाकात कर भोपाल में लागू व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क को समाप्त करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि मध्यप्रदेश के अन्य किसी भी नगरीय निकाय में यह शुल्क लागू नहीं है, जबकि केवल भोपाल के व्यापारियों पर इसका भार डाला जा रहा है।

नगर निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित दस्तावेजों और शासन के आदेशों का अध्ययन कर विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

‘एक प्रदेश, दो कानून’ जैसी स्थिति : चेंबर

बैठक के दौरान भोपाल चेंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क केवल भोपाल में लागू होना व्यापारियों के साथ असमानता है। उन्होंने बताया कि चेंबर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक संगठनों में शामिल है और इसके सदस्य बड़े उद्योगपति, उद्यमी तथा व्यापारी हैं, जिनकी ओर से यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।

उन्होंने आयुक्त से आग्रह किया कि व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और कारोबारियों को राहत देने के लिए इस शुल्क को तत्काल समाप्त किया जाए।

2023 में प्रदेशभर में स्थगित हुआ, लेकिन भोपाल में जारी

भोपाल चेंबर के संचालक एवं समिति संयोजक अनिल चुग ने बैठक में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 21 अप्रैल 2023 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क लागू किया गया था, लेकिन व्यापारियों के विरोध और विभिन्न विसंगतियों को देखते हुए 25 अप्रैल 2023 को इसे पूरे प्रदेश में स्थगित कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भोपाल में यह शुल्क प्रभावी बना हुआ है, जिससे “एक प्रदेश–दो कानून” जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने इसे व्यापारियों के साथ अन्यायपूर्ण बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग दोहराई।

नगर निगम आयुक्त ने दिया सकारात्मक संकेत

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से जुड़े सभी दस्तावेजों, नियमों और शासन के आदेशों का अध्ययन करेंगी। उन्होंने कहा कि विषय की विस्तृत समीक्षा के बाद इसके निराकरण और संभावित समाप्ति के संबंध में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।

आयुक्त के इस आश्वासन के बाद व्यापारी वर्ग में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित यह मुद्दा जल्द सुलझ सकता है।

व्यापारियों की आवाज लगातार उठा रहा है चेंबर

गोविंद गोयल ने बताया कि भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयासरत है। चेंबर द्वारा प्रदेश के सांसदों, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, भोपाल की महापौर, विभिन्न विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन और पत्र सौंपे गए हैं।

उन्होंने कहा कि व्यापारिक संगठनों की राय है कि यदि यह शुल्क समाप्त होता है तो कारोबारियों को राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध : गोयल

बैठक के बाद गोविंद गोयल ने कहा कि भोपाल चेंबर सदैव व्यापारियों, उद्यमियों और उद्योग जगत के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी इसी दिशा में कार्य करता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये सदस्य रहे शामिल

नगर निगम आयुक्त से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में गोविंद गोयल के अलावा सुनील जैन (जैनाविन), अजय देवनानी, वात्स्यायन जैन (सोनू भाभा), अनिल चुग, अनिल मिश्रा, आदित्य सिंघई और मनोज नागरानी भी शामिल रहे।

व्यापारियों की प्रमुख मांगें

  • भोपाल नगर निगम द्वारा लगाए गए व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क को तत्काल समाप्त किया जाए।
  • प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों की तरह भोपाल के व्यापारियों को भी समान राहत मिले।
  • व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए कर संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाए।
  • “एक प्रदेश–दो कानून” जैसी स्थिति समाप्त कर पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था लागू की जाए।

क्या बोले आयुक्त?

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से संबंधित सभी दस्तावेजों और शासन के आदेशों का अध्ययन करने के बाद विषय पर उचित और सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।

MP कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 300 EL का मिलेगा पैसा; सरकार ने जारी किया कैलकुलेशन फॉर्मूला

भोपाल 

मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लीव इनकैशमेंट राशि को लेकर आदेश जारी किया है। अब कर्मचारी रिटायरमेंट या ड्यूटी के दौरान मौत की स्थिति में मिलने वाली छुट्टी लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान खुद लगा सकेंगे। वित्त विभाग ने सभी विभागों, कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।

सरकार के फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से अवकाश नकदीकरण की गणना को लेकर अलग-अलग विभागों में भ्रम और विवाद की स्थिति बनती रही है। नए निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में एक समान प्रक्रिया लागू होगी।

अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड रखने के निर्देश
वित्त विभाग के आदेश में सभी विभागों को यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अवकाश नकदीकरण की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाए।

भुगतान के समय एक समान प्रक्रिया अपनाई जाए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी को भुगतान में देरी न हो और गणना में गलतियां न हों।

अधिकतम 300 दिन के अवकाश का मिलेगा भुगतान
राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण लाभ दिया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी के खाते में 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश मौजूद है, तब भी भुगतान केवल 300 दिनों तक ही सीमित रहेगा।

पहले लाभ लिया है तो घटेंगे उतने दिन
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी पहले किसी अवसर पर अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ ले चुका है, तो जितने दिनों का लाभ पहले लिया गया है, उसे 300 दिनों की अधिकतम सीमा में से घटा दिया जाएगा। कर्मचारी को कुल मिलाकर 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ नहीं मिल सकेगा।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
    नए आदेश के बाद सरकारी कर्मचारियों को कई तरह के लाभ मिलने की उम्मीद है।
    कर्मचारी पहले से अपनी संभावित लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान लगा सकेंगे।
    विभागों में गणना को लेकर होने वाली गलतियों में कमी आएगी।
    भुगतान संबंधी विवाद कम होंगे।
    सभी विभागों में एक समान नियम और प्रक्रिया लागू होगी।
    रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों की पारदर्शिता बढ़ेगी।

ईएल इनकैशमेंट पर पारदर्शी लाना
राज्य सरकार का कहना है कि इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अर्जित अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और एकरूप बनाना है। अलग-अलग विभागों में अपनाई जा रही अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण कई बार कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब वित्त विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था लागू होगी।

क्या होता है लीव इनकैशमेंट
सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारियों के खाते में अर्जित अवकाश (ईएल) जमा होते रहते हैं। कई कर्मचारी अपने पूरे अर्जित अवकाश का उपयोग नहीं कर पाते, जिसके कारण उनके खाते में बड़ी संख्या में छुट्टी बचे रह जाते हैं।

जब कर्मचारी रिटायर होता है या सेवा के दौरान उसकी मौत हो जाती है, तब उसके खाते में बचे हुए ईएल के बदले सरकार नकद भुगतान करती है। इसी भुगतान को अवकाश नकदीकरण या लीव इनकैशमेंट कहा जाता है। यह राशि कर्मचारियों के रिटायरमेंट लाभों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। कई मामलों में यह लाखों रुपए तक पहुंच सकती है।

टैक्स लॉ बार एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, वैट अपीलों की समय-सीमा बढ़ाने सहित तीन प्रमुख मांगें उठाईं

विवेक झा, भोपाल, 25 जून। प्रदेश के व्यापारियों, करदाताओं और कर पेशेवरों की समस्याओं के समाधान को लेकर टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल ने मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विशेष रूप से लंबित वैट अपीलों के त्वरित निस्तारण, डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने और वैट अपीलेट बोर्ड में अधिकारियों की नियुक्ति जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं।

एसोसिएशन का कहना है कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से व्यापारियों को राहत मिलेगी, अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी और राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।

वैट प्रथम अपीलों की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पारख ने बताया कि ज्ञापन में पहली प्रमुख मांग मध्यप्रदेश वैट प्रथम अपीलों की सुनवाई की समय-सीमा को 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक किए जाने की है।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पुराने प्रकरण अभी भी लंबित हैं और कई मामलों में आवश्यक अभिलेखों एवं दस्तावेजों के संकलन में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। वर्तमान में वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था के कारण प्रतिदिन सीमित मामलों की ही सुनवाई हो पा रही है, जिससे करदाताओं को अपने पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा।

पेट्रोलियम उत्पादों के लिए डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने का सुझाव

ज्ञापन में दूसरी महत्वपूर्ण मांग वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित मामलों में डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने की की गई है।

एसोसिएशन का मानना है कि इस व्यवस्था से अनावश्यक जांच और स्क्रूटनी की आवश्यकता कम होगी, कर अनुपालन सरल बनेगा और विभाग तथा करदाताओं—दोनों का समय एवं संसाधनों की बचत होगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी भी बन सकती है।

वैट अपीलेट बोर्ड में अधिकारियों की कमी से बढ़ रही परेशानी

तीसरी प्रमुख मांग मध्यप्रदेश वैट अपीलेट बोर्ड में लंबित अपीलों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक अधिकारियों की तत्काल नियुक्ति की है। एसोसिएशन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि अधिकारियों की कमी के कारण अपीलों के निपटारे में काफी विलंब हो रहा है, जिससे व्यापारी वर्ग को आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बार एसोसिएशन का कहना है कि समयबद्ध सुनवाई और पर्याप्त न्यायिक व्यवस्था से लंबित मामलों का तेजी से समाधान संभव होगा।

अपील लंबित रहने तक कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील

ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि जिन मामलों में विवादित राशि पहले से राज्य सरकार के पास सुरक्षित है, उन मामलों में अंतिम अपील के निर्णय तक व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव या कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।

एसोसिएशन के अनुसार, इससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी और करदाता निष्पक्ष तरीके से अपनी अपील की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

व्यापारिक माहौल को मिलेगा बढ़ावा

संस्था का मानना है कि यदि सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण होगा, अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी आएगी और व्यापारिक वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा। साथ ही, कर प्रशासन और राजस्व संग्रहण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सकेगी।

इनकी रही उपस्थिति

उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के दौरान टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पारख, सीए संजय श्रीवास्तव, सीए एस. कृष्णन (पूर्व अध्यक्ष) तथा मुनेंद्र वेद उपस्थित रहे और उन्होंने व्यापारियों एवं करदाताओं से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

ज्ञापन की तीन प्रमुख मांगें

  • वैट प्रथम अपीलों की समय-सीमा 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 की जाए।
  • वित्तीय वर्ष 2024-25 के पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े मामलों में डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू की जाए।
  • मध्यप्रदेश वैट अपीलेट बोर्ड में लंबित अपीलों के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक अधिकारियों की शीघ्र नियुक्ति की जाए।

एसोसिएशन का दावा

इन मांगों के लागू होने से लंबित कर विवादों का तेजी से समाधान होगा, व्यापारियों को राहत मिलेगी, विभागीय कार्यभार कम होगा और राज्य में बेहतर व्यापारिक एवं निवेश अनुकूल वातावरण विकसित करने में मदद मिलेगी।

MP ट्रांसको का बड़ा कदम, वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च; बिल से भुगतान तक होगी रियल-टाइम ट्रैकिंग

एमपी ट्रांसको ने लॉन्च किया वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल

बिल से लेकर भुगतान तक की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी संभव : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान में प्रदेश के ऊर्जा विभाग की भागीदारी को और आगे बढाते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत कंपनी के वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स की पारदर्शिता के लिए अत्याधुनिक वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे।

तोमर ने बताया कि वर्तमान में कार्यरत वेंडर्स एवं कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए वर्ष 2022 से इंटरनेट आधारित वेंडर्स पोर्टल संचालित है। इस व्यवस्था के तहत कॉन्ट्रैक्ट्स एवं वेंडर्स अपने देयक, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्रस्तुत करते हैं तथा उनके बिलों की जांच, स्वीकृति, भुगतान एवं अन्य समस्त प्रक्रियाएं पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित की जाती हैं। पोर्टल के जरिए बिलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी कॉन्ट्रैक्टर्स को एसएमएस एवं ई-मेल के माध्यम से स्वतः प्राप्त होती रहती है। साथ ही वे किसी भी समय लॉग-इन कर अपने देयकों एवं भुगतान की अद्यतन स्थिति देख सकते हैं।

बढेगी पारदर्शिता

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था के पूर्ण रूप से लागू होने पर वेंडर्स, कांट्रेक्टर्स एवं अधिकारियों के समय की बचत होगी, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा देयक निपटान प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित एवं प्रभावी बन सकेगी।

सुविधा का किया जा रहा है विस्तार

एमपी ट्रांसको के संयुक्त निदेशक विकास श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि कंपनी ने इस सुविधा का विस्तार करते हुए टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट्स के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स के लिए भी इंटरनेट आधारित वेब पोर्टल प्रारंभ की है। इसके माध्यम से वेंडर्स अपने मोबाइल, टैबलेट अथवा कंप्यूटर से कहीं से भी लॉग-इन कर संबंधित कार्यालय में ऑनलाइन देयक प्रस्तुत कर सकेंगे। पोर्टल की विशेषता यह रहेगी कि वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की प्रोसेसिंग की प्रत्येक अवस्था की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकेंगे।

 

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