रोटरी क्लब ऑफ भोपाल मिडटाउन ने रक्तदान से निभाया मानवता का धर्म

विवेक झा, भोपाल, 1 जुलाई। मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देते हुए रोटरी क्लब ऑफ भोपाल मिडटाउन ने कैरियर कॉलेज परिसर में विशाल रक्तदान शिविर, डॉक्टर्स डे और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया। पूरे दिन चले इस सेवा अभियान में समाजसेवियों, युवाओं, स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से 90 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। वहीं स्वास्थ्य और वित्तीय क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 35 डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को सम्मानित किया गया।

रक्तदान शिविर में दिखा सेवा का जज्बा

रक्तदान शिविर में क्लब सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचाने की मुहिम में योगदान दिया। आयोजन के दौरान चिकित्सकों की टीम ने रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर सुरक्षित रक्तदान सुनिश्चित किया।

आयोजकों ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है।

डॉक्टर्स और सीए का किया सम्मान

डॉक्टर्स डे और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे के अवसर पर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 35 डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को मोमेंटो, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि डॉक्टर जहां समाज को स्वस्थ रखने का दायित्व निभाते हैं, वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दोनों ही पेशे समाज के विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जोनल मैनेजर ने की सराहना

सम्मान समारोह में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जोनल मैनेजर सुनीता डुंगा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने सम्मानित डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बधाई देते हुए कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पेशेवरों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है।

उन्होंने रक्तदान जैसे मानवीय सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।

क्लब नेतृत्व ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम का नेतृत्व रोटरी क्लब ऑफ भोपाल मिडटाउन की अध्यक्षा रोटेरियन तरुणा तनेजा और सचिव रोटेरियन पालकी छाजेड़ ने किया। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रोटरी का उद्देश्य समाज की जरूरतों के अनुरूप सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाना है।

कई संस्थाओं का मिला सहयोग

रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में कैरियर कॉलेज, कैरियर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, स्वप्ना घोष शिक्षा एवं कल्याण फाउंडेशन, चिकित्सा टीम, एनसीसी कैडेट्स तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन की सफलता में सभी सहयोगी संस्थाओं और रक्तदाताओं के योगदान की सराहना की गई।

रोटरी सेवा कार्यों को मिलेगी निरंतरता

कार्यक्रम के दौरान क्लब ने भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, रक्तदान और अन्य जनहितकारी गतिविधियों को लगातार आयोजित करने का संकल्प दोहराया। पदाधिकारियों ने कहा कि रोटरी मानव सेवा के अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप समाज के हर वर्ग तक सेवा गतिविधियों का विस्तार करती रहेगी।

वरिष्ठ रोटेरियंस की रही उपस्थिति

आयोजन में वरिष्ठ रोटेरियन सुनील भार्गव, संजय निगम, पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन हेम सिंह गुर्जर सहित क्लब के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और सेवा कार्यों में भागीदारी के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां

  • कैरियर कॉलेज में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन।
  • 90 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
  • 35 डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का सम्मान।
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जोनल मैनेजर सुनीता डुंगा रहीं मुख्य अतिथि।
  • कैरियर कॉलेज, कैरियर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, स्वप्ना घोष शिक्षा एवं कल्याण फाउंडेशन, एनसीसी कैडेट्स और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण सहयोग।
  • रोटरी क्लब ने भविष्य में भी जनहित और सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

मध्यप्रदेश ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा की दिशा में उठाया बड़ा कदम

मध्यप्रदेश ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा की दिशा में उठाया बड़ा कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली किया संबोधित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा  उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत कर दी है। मध्यप्रदेश, स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है। उन्होंने बताया कि दावोस में की गई घोषणा के अनुरूप प्रदेश, 24 घंटे हरित ऊर्जा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिए, मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। नई दिल्ली में हुई बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव तथा विभिन्न कपंनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश का ट्रैक रिकॉर्ड सबसे बेहतर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना ने देश में सबसे कम सौर टैरिफ स्थापित कर भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। शाजापुर-नीमच सोलर पार्कों ने 2.14 रूपए प्रति यूनिट का प्रदेश में सबसे कम टैरिफ अर्जित किया। हाल ही में मुरैना की 4 घंटे की स्टोरेज प्लस परियोजना के लिए 2.70 रूपए प्रति यूनिट पर पीपीए हुआ, यह देश की सबसे प्रतिस्पर्धी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में से एक है।

मध्यप्रदेश है देश का सबसे निवेश मित्र राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतियाँ, त्वरित निर्णय और उत्कृष्ट अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से मध्यप्रदेश की ऊर्जा क्रांति के सहभागी बनने का अनुरोध किया।

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता है हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केवल परियोजनाएँ स्थापित करना नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाना राज्य सरकार का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना और सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयास से 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास की दिशा में ऐतिहासिक सिद्ध होगी। नई दिल्ली की प्री-बिड मीटिंग में टाटा पॉवर, रिलायंस एनर्जी, टोरेंट पॉवर, जिंदल रिन्युएबल, एन.टी.पी.सी., अडानी ग्रीन्स, हिन्दुस्तान पॉवर, महिंद्रा सिस्टम आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

जन आंदोलन बन कर 7 करोड़ परिवारों तक पहुंचा जल गंगा संवर्धन अभियान

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुख्य उद्देश्यों के साथ संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के साथ देश और विदेश के लगभग 7 करोड़ परिवारों तक अपनी पहुंच बनाकर जनभागीदारी का एक नया इतिहास रच दिया है। आगामी मानसून में कम वर्षा की संभावना को देखते हुए पानी की प्रत्येक बूंद को सहेजने के दूरदर्शी उद्देश्य से शुरू हुआ यह महा अभियान 30 जून 2026 को भव्यता के साथ संपन्न हुआ। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दृढ़ संकल्प से यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक विराट वैश्विक जन आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है।

इस महाअभियान को सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला। ट्विटर (एक्स), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सरकार के आधिकारिक माध्यमों द्वारा प्रतिदिन जागरूकता पोस्टर, लघु फिल्में और इन्फोग्राफिक्स साझा किए गए। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान, #जल_है_तो_कल_है, #WaterConservation और #SaveWater जैसे हैशटैग्स के माध्यम से प्रदेश और देश के कोने-कोने तक जल संरक्षण का संदेश फैला, जिससे कुल 6 करोड़ 95 लाख 74 हजार 820 से अधिक लोगों तक इस अभियान की डिजिटल पहुंच सुनिश्चित हो सकी और लोग जल स्रोतों को सहेजने की मुहिम से सीधे जुड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सतत मॉनिटरिंग और विशेष डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से अभियान में पूरे राज्य में रिकॉर्ड स्तर पर कार्य किए गए। प्रदेश भर में 10,514 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 63 हजार से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण और जीर्णोद्धार के कार्य पूर्ण किए गए। भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए रिकॉर्ड समय में 67,708 खेत-तालाब, 225 अमृत सरोवर और 97,614 कूप रिचार्ज संरचनाएं तैयार की गईं। इसके अलावा 10,000 से अधिक कुओं, नदियों और प्राचीन बावड़ियों की सफाई व सौंदर्यीकरण कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इन प्रामाणिक कार्यों की बदौलत मध्यप्रदेश जल संरक्षण में देश का अग्रणी राज्य बना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर श्रमदान किया और समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया। 19 मार्च 2026 को इंदौर से इसके तीसरे चरण की शुरुआत करने से लेकर धार में देवी सागर तालाब के गहरीकरण, उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा, भोपाल के ‘सदानीरा समागम’ और राजगढ़ में आयोजित समापन समारोह तक उन्होंने सक्रिय सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प दोहराया कि ‘जल है तो कल है’ और सरकार इसे सहेजने के लिए पूरी तरह कृत संकल्पित है, इसलिए जल संरक्षण के कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। अभियान के समापन के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण अभियान और 1 जुलाई से “विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन” का भी भव्य शुभारंभ किया गया।

जल संरक्षण और जनभागीदारी के इस अभियान ने मध्यप्रदेश को देश में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है। जल गंगा संवर्धन अभियान ने यह साबित कर दिया कि जब सरकार और समाज साथ आते हैं, तो जल संरक्षण केवल एक योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सशक्त जन आंदोलन बन जाता है।

 

डिजिटल इंडिया से जीवन हुआ है सरल और सुगम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डिजिटल इंडिया से जीवन हुआ है सरल और सुगम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया की 11 वर्षों में हुई प्रगति के लिए माना उनका आभार

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ की 11 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा का पूर्ण होना गर्व का विषय है। ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते डिजिटल कदमों से देशवासियों का जीवन सरल व सुगम हुआ है। साथ ही देश में समृद्धि के नए द्वार भी खुले है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का डिजिटल इंडिया की इन 11 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा के लिये आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल यात्रा की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी साझा करते हुए अपने संदेश में बताया कि पिछले 11 वर्षों में डिजिटल क्रांति ने यूपीआई से 81 प्रतिशत डिजिटल भुगतान सुनिश्चित किया, 2.18 लाख ग्राम पंचायतें भारत नेट से जुड़ीं, 45 हजार से अधिक जीपीयू से ए.आई. मिशन को गति मिली और 2.23 लाख स्टार्ट-अप्स ने 23.36 लाख रोजगार सृजित किए।

 

MP के 2 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 9 साल बाद पदोन्नति का रास्ता साफ; मोहन सरकार ने शुरू की तैयारी

भोपाल 
मध्य प्रदेश के करीब दो लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। लगभग नौ वर्षों से लंबित प्रमोशन को लेकर सरकार को महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) की कानूनी राय मिलने के बाद प्रशासन ने सभी विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। यदि प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो कर्मचारियों को पदोन्नति न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन मिलेगी। सरकार ने मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन से कानूनी राय ली थी। राय में स्पष्ट किया गया कि इन नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित जरूर हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने नियमों के क्रियान्वयन पर कोई अंतरिम रोक (स्टे) नहीं लगाई है। इसलिए नियम पूरी तरह प्रभावी हैं और इनके तहत पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। 

सभी विभागों और कलेक्टरों को भेजे गए निर्देश
कानूनी राय मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रभारी सचिवों, विभागाध्यक्षों और सभी जिला कलेक्टरों को पत्र भेजकर राय का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार जल्द ही विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकें बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी दिया गया हवाला
कानूनी राय में सुप्रीम कोर्ट के ‘स्टेट ऑफ मध्य प्रदेश बनाम विनय कुमार बबेले’ मामले सहित हाईकोर्ट के कई आदेशों का उल्लेख किया गया है। इनमें कहा गया है कि केवल नियमों को अदालत में चुनौती दिए जाने भर से सरकार पदोन्नति प्रक्रिया नहीं रोक सकती। हालांकि, सभी पदोन्नतियां न्यायालय के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी। 

मौखिक आश्वासन को नहीं माना गया बाध्यकारी
राय में यह भी कहा गया कि जब पदोन्नति नियम-2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शुरुआती सुनवाई हुई थी, तब सरकार की ओर से केवल मौखिक रूप से यह कहा गया था कि सुनवाई पूरी होने तक पदोन्नति नहीं की जाएगी। लेकिन यह आश्वासन किसी न्यायिक आदेश का हिस्सा नहीं बना था, इसलिए इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं माना जा सकता।

नई बेंच करेगी सुनवाई
17 फरवरी 2026 को याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था, लेकिन इस बीच एक न्यायाधीश के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने और दूसरे के स्थानांतरण के कारण फैसला नहीं आ सका। अब यह मामला नई खंडपीठ के समक्ष फिर से सुना जाएगा। ऐसे में अंतिम निर्णय आने में समय लग सकता है, जिससे सरकार को पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का कानूनी आधार मिल गया है।

कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी राहत
यदि सरकार कानूनी राय के अनुरूप कार्रवाई करती है तो करीब दो लाख कर्मचारियों की वर्षों से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। हालांकि, सभी पदोन्नतियां हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।

 

मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बड़वानी और निमाड़ की धरती संतों, संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध रही
बाबा खाटू श्याम का त्याग, वीरता-विनम्रता और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाटू श्याम मंदिर तलून बड़वानी के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी और निमाड़ की धरती संतों, संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध रही है। भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सही दिशा दिखाई है, उनके मार्गदर्शन से समाज में सद्भाव, संयम और सेवा की भावना विकसित होती है। गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों की सेवा ही सच्ची भक्ति है, समाज तभी आगे बढ़ता है जब धर्म और सेवा साथ चलते हैं, यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। बड़वानी जिले के तलून में बनने वाला खाटू श्याम मंदिर इस गौरवशाली विरासत को मजबूत करेगा और आने वाली पीढ़ियां भी इस धरोहर से जुड़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलून में खाटू श्याम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और 21 कुंडीय महायज्ञ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

बाबा खाटू श्याम ने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए त्याग किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का अवसर केवल मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। बाबा खाटू श्याम की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे। बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के दु:ख हरने वाले देवता माने जाते हैं। बाबा खाटू श्याम को बर्बरीक का स्वरूप माना जाता है। महाभारत में उन्होंने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए अपना शीश भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर दिया था। उनका यह अद्वितीय त्याग भारतीय संस्कृति में वीरता, विनम्रता और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। मां नर्मदा जी की परिक्रमा के बाद महंत शशि गिरि जी महाराज के मन में खाटू श्याम मंदिर बनाने का विचार आया और शहर के भक्तों के सहयोग से मंदिर का सपना साकार हुआ।

राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। यह मंदिर भी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा खाटू श्याम से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य तथा प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में सांसद गजेन्द्र पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बड़वानी बलवंत पटेल, महंत महामण्डलेश्वर हरि सुरेन्द्र गिरी जी महाराज, अध्यक्ष खाटू श्याम मंदिर बड़वानी शशि गिरि जी महाराज तथा अन्य संतगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

 

DA Hike: कर्मचारियों-अधिकारियों का महंगाई भत्ता 5% बढ़ा, एरियर के साथ मिलेगा बड़ा फायदा

भोपाल 
लगातार बढ़ती महंगाई से अन्य लोगों के साथ ही सरकारी कर्मचारी, अधिकारी भी परेशान हैं। ऐसे समय में नगर निगम भोपाल ने अपने अमले को खासी राहत दी है। निगम ने अपने हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि कर दी है। नगर निगम प्रशासन ने डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2025 से लागू की जाएंगी। इस सबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। आदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों को एरियर देने की बात कही गई है। जिनका निधन हो चुका है उनके परिजनों को एरियर दिया जाएगा। इससे पहले राज्य शासन द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों के डीए में वृद्धि कर चुकी है।

मध्यप्रदेश में डीए फिर बढ़ाया गया है। अब भोपाल नगर निगम के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राज्य शासन ने बड़ी राहत दी है। सातवें वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए हैं।

महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी राज्य शासन के वित्त विभाग के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। डीए में पांच फीसदी बढ़ोत्तरी से कर्मचारियों को खासा लाभ होगा। भोपाल नगर निगम के इस निर्णय के बाद अब कर्मचारियों को 252 प्रतिशत के स्थान पर 257 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा।

नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, महंगाई भत्ते की यह बढ़ी हुई दरें एक जुलाई से प्रभावशील मानी जाएंगी। यह राशि मई 2026 से अक्टूबर 2026 तक कर्मचारियों के नियमित वेतन के साथ जोड़कर दी जाएगी।

महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलेगा
नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलेगा। जो कर्मचारी एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो चुका है, उनके नामांकित परिजनों को एरियर की पूरी राशि का भुगतान होगा। सभी विभागाध्यक्षों और शाखा प्रभारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त दी जाएगी। दिवंगत कर्मचारियों के नामांकित आश्रितों एरियर का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु

5 प्रतिशत बढ़ा डीए
252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हुआ
1 जुलाई 2025 से लागू होगा
एरियर पांच किस्तों में
मई से अक्टूबर 2026 तक मिलेगा
सेवानिवृत्तों को एकमुश्त एरियर
दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को देंगे राशि

PM मोदी की अपील पर भारी पड़े नेताओं के काफिले! दौरे में फिर दिखीं दर्जनों गाड़ियां, उठे सवाल

भोपाल
 पश्चिम एशिया में संकट के बीच पीएम मोदी ने आम लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की थी। पीएम मोदी की अपील का असर नेताओं पर भी पड़ा था। लेकिन लगता है कि बीजेपी के नेता अपने ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील को भूल गए हैं। बीजेपी के बड़े नेताओं के दौरे पर एक बार फिर से वाहनों का काफिला दिखाई देने लगा है।

हाल ही में सीएम डॉ मोहन यादव बैतूल जिले के दौरा पर थे। सीएम डॉ मोहन यादव के काफिले में कई वाहन दिखाई दिए। सीएम का काफिला पहले की तरह दिखाई दिया। जिसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई है कि लगता है बीजेपी के नेता ही पीएम मोदी की अपील को भूल गए हैं।

सिंधिया के दौरे पर दिखा काफिला
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिनों के गुना जिले के दौरे पर थे। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले में कई गाड़ियां दिखाई दीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे। सिंधिया के साथ अन्य विधायक भी अलग-अलग कार्यक्रमों में मौजूद थे।

शिवराज के दौरे में भी दिखे थे काफिले
वहीं, हाल ही में सीहोर जिले के भैरूंदा दौरे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आए थे। शिवराज सिंह चौहान लंबे काफिले के साथ सड़क पर नजर आए थे। जिसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि आम जनता ने पीएम मोदी की अपील पर अमल किया लेकिन उनकी ही पार्टी के नेता पीएम की अपील को भूल गए हैं।

पीएम मोदी ने जताया था आभार
बता दें पीएम मोदी के मासिक कार्यक्रम मन की बात का प्रसारण हुआ था। मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने की अपनी पुरानी अपील का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने सहयोग के लिए जनता का आभार जताया था।

    पीएम मोदी की अपील को भूल गए बीजेपी नेता
    पीएम ने की थी पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील
    फिर सड़कों पर दिखने लगे बड़े-बड़े काफिले
    बीजेपी के बड़े नेताओं के दौरे पर दिखा काफिला

काफिलों में वाहनों की संख्या घटाई गई थी
बता दें कि पीएम मोदी की अपील के बाद देशभर में नेताओं ने अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटा दी थी। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी अपने काफिले में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या घटा दी थी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट की पुलिस को फटकार—’हर जगह दिख रहे, फिर मिल क्यों नहीं रहे?’

 ग्वालियर 
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाने के मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि 27 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में जीतू पटवारी की कोर्ट में उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए।

स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब जीतू पटवारी लगातार मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे हो सकती है।

जानें क्या है पूरा मामला
यह मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में उमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी तथ्य के भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया।

देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनके सार्वजनिक कार्यक्रम और बयान लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें खोजने में नाकाम कैसे रही। एफआईआर के अनुसार, बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो के परीक्षण के बाद पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं तथा उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। 

यह मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में उमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना किसी तथ्य के भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया।

अदालत में पेश नहीं हो रहे थे जीतू पटवारी
देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनके सार्वजनिक कार्यक्रम और बयान लगातार सामने आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें खोजने में नाकाम कैसे रही।

27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
एफआईआर के अनुसार, बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया के निर्वाचन अभिकर्ता ने शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो सीडी भी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो के परीक्षण के बाद पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि “वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं” तथा उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

महेंद्र सिंह यादव प्रशासक अपेक्स बैंक ने सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया

महेंद्र सिंह यादव प्रशासक अपेक्स बैंक ने सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया 
भोपाल 

आज अपेक्स बैंक मुख्यालय के टी.टी.नगर स्थित प्रांगण में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने भारत सरकार के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि 6 जुलाई 2021 को भारत सरकार में पहली बार सहकारिता मंत्रालय की पृथक स्थापना की गई थी एवं इसी दिन देश के सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को सहकारिता मंत्री की जवाबदारी भी सौंप गई थी तथा 11 जून 2024 को अमित शाह ने दूसरी बार देश के केंद्रीय सहकारिता मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था ।  इसी तारतम्य में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने यह अपेक्षा की थी कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में सहकारिता सप्ताह का आयोजन किया जावे। 

मध्य प्रदेश में सहकारिता आंदोलन के व्यापक प्रचार प्रसार युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने नई सहकारी समितियां के गठन तथा सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु सात दिवसीय व्यापी थीम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्णय लिया है, आज इसी कड़ी में प्रथम दिवस अपेक्स बैंक में सहकारी ध्वज का ध्वजारोहण, उसके पश्चात वृक्षारोपण के पश्चात सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने “सहकारिता की शपथ” दिलाई एवं सामूहिक रूप से सहकारी गीत के गायन का आयोजन हुआ। 

यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी ने इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है और इसी कड़ी में दिनांक  14 अप्रैल 2026 से प्रदेश में किसानों को सदस्य बनने के उद्देश्य से शुरू हुआ महासदस्यता अभियान जो 30 जून तक चलेगा, इसमें अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने और सदस्य बनाने की पहल की जाना अत्यंत आवश्यक है, तभी उन्हें कृषि व सहकारिता से संबंधी शासन की जनहित हितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। 

उन्होंने कहा कि कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात लगभग दो माह के भीतर मैंने महा सदस्यता अभियान से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की दिशा में एवं उनसे सीधा संवाद स्थापित करने के प्रयास के उद्देश्य से प्रदेश के सभी संभागों का द्वौरा किया है एवं मेरी अपेक्षा है कि अपेक्स बैंक में बैठने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी एक-एक संभाग का एक सप्ताह का प्रवास कार्यक्रम बनाएं और उस संभाग के जिलों में भ्रमण कर संवाद की इस श्रृंखला को और गति प्रदान करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इस महा अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करें।

आरंभ में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज  गुप्ता ने आयोजन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।  आभार प्रदर्शन अरुण मिश्रा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अपेक्स बैंक ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन आशीष राजोरिया प्रबंधक ने किया। 

कार्यक्रम में विशेष कर्तव्य व्यस्त अधिकारी श्रीमती अरुणा दुबे, उपमहा प्रबंधक के.टी. सज्जन, प्रबंधकगण विवेक मलिक करुण यादव समीर सक्सेना के साथ अपेक्स बैंक के सभी अधिकारी व कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित हुए ।

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