ट्विशा केस में CBI का शिकंजा कसता गया, गिरिबाला सिंह और समर्थ को जेल से नहीं मिली राहत

भोपाल 
नोएडा की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की भोपाल में ससुराल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को जेल में रहते करीब 30 दिन हो गए हैं। उनकी न्यायिक हिरासत फिर से बढ़ गई है। कोर्ट ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की रिमांड 14 जुलाई तक बढ़ा दी। दोनों आरोपियों के जेल से बाहर आने में सीबीआई आड़े आ रही है। आरोपी गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 30 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश आरती आदित्य बांदिल की अदालत में सीबीआइ ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। हालांकि बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी के पास हिरासत बढ़ाने का कोई नया आधार नहीं है लेकिन अदालत ने यह दलील स्वीकार नहीं की।

सीबीआइ ने अदालत में सुनवाई के दौरान जांच आगे बढ़ने की बात बताई। कोर्ट में उसकी ओर से दो आवेदन भी पेश किए गए। पहले आवेदन में समर्थ सिंह के जब्त लैपटॉप का पासवर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई जबकि दूसरे में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी। सीबीआई के इन दोनों आवेदनों पर कोर्ट 3 जुलाई को सुनवाई करेगी।

अदालत ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि केवल मौखिक अनुरोध के आधार पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। यदि आरोपी पक्ष को ऐसी अनुमति चाहिए तो उसे लिखित आवेदन देना होगा।

दरअसल तमाम कवायदों के बाद भी सीबीआई की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। जांच एजेंसी पर तय समय सीमा में चार्जशीट पेश करने का भी दबाव है।

वकील ने बताया केस का सबसे संदिग्ध पहलू, दिल्ली AIIMS पर भी शक

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। मंगलवार को कोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ा दी है। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 2 जून से भोपाल की केंद्रीय जेल में बंद हैं। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई अपनी पड़ताल में जुटी हुई है। इस बीच पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव का अहम बयान सामने आया है। उनका कहना है कि फिलहाल इस केस में हम सीबीआई पर बहुत निर्भर हैं। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्विशा शर्मा डेथ केस के सबसे संदिग्ध पहलू की भी जानकारी दी। उनके अनुसार लिगेचर बेल्ट पर की गई लापरवाही बड़ी खामी है। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का यह भी कहना है कि उन्हें पहले से शक था कि दिल्ली AIIMS टुकड़ों में नतीजे नहीं देगा। उन्होंने दूसरी पोस्टमार्टम के नतीजों को केस के लिए अहम बताया।

समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के संबंध में पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “CBI ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए अर्ज़ी दी थी और इसे 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम CBI पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। उन्होंने दो और अर्ज़ियां दायर करने की बात कही है।

अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार एक मामला वॉइस स्पेक्ट्रोग्राफी टेस्ट से जुड़ा है। सीबीआई के अधिकारी, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह का यह टेस्ट करना चाहते हैं। इसके लिए संदिग्धों की असली आवाज़ से मिली हुई रिकॉर्डिंग का मिलान करना होगा, इसलिए उन्हें वॉइस सैंपल की ज़रूरत है। दूसरा मुद्दा एक लैपटॉप का है जिसे वे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं।
शुरू से ही शक था कि AIIMS दिल्ली शायद टुकड़ों में नतीजे नहीं देगा

दिल्ली एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव बोले- जहां तक दूसरे पोस्टमार्टम का सवाल है, मुझे शुरू से ही शक था कि AIIMS नई दिल्ली शायद टुकड़ों में नतीजे नहीं देना चाहेगा। हमने शुरुआती पोस्टमार्टम में कुछ कमियां बताई थीं, इसलिए हो सकता है कि वे FSL और विसरा रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हों।

केस में लिगेचर बेल्ट की अहमियत
ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने केस में लिगेचर बेल्ट की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा- शुरू से ही मेरा यह मानना ​​रहा है कि इस मामले का सबसे संदिग्ध पहलू समय पर लिगेचर बेल्ट को ज़ब्त न कर पाना और उसे पहले पोस्टमार्टम के लिए उपलब्ध न करा पाना था। ट्विशा के परिवार के लिए दूसरे पोस्टमार्टम के नतीजे जानना बहुत ज़रूरी है। असल में उन्हें यह जानने का पूरा अधिकार भी है।

फोरेंसिक जांच के लिए जरूरी है लैपटॉप:
ट्विशा पक्ष की तरफ से अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय और शुभांग दीक्षित ने बताया, सीबीआइ समर्थ का लैपटॉप पहले ही जब्त कर चुकी है, लेकिन वह लॉक है। डिजिटल सबूत और फॉरेंसिक जांच पूरी करने के लिए उसका पासवर्ड जरूरी है। सीबीआइ ने समर्थ के लैपटॉप के पासवर्ड और मां-बेटे के वॉयस सैंपल की मांग की।

जेल में बीते एक माह
बता दें कि भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून को न्यायिक हिरासत में भोपाल की केंद्रीय जेल में भेजा गया था। वे तभी से यहीं हैं। इस प्रकार ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह करीब एक महीने से जेल में ही बंद हैं।

MP की मंत्री प्रतिमा बागरी पर बढ़ा सियासी संकट, विधायकी और मंत्री पद पर लटकी तलवार

भोपाल 

मध्यप्रदेश की एक महिला मंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट के एक आदेश के कारण वे बुरी तरह घिर गई हैं। यहां तक कि मंत्रिमंडल से बाहर होने का खतरा भी मंडराने लगा है। प्रदेश की नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी फर्जी जाति प्रमाण पत्र में घिरीं हैं। उन्हें राज्यस्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने तलब किया है। प्रतिमा बागरी को उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें उनकी अनुसूचित जाति प्रमाणित हो सके। ऐसा नहीं करने पर उनका मंत्रीपद भी जा सकता है। पद पर खतरा मंडराने के बीच मंत्री प्रतिमा बागरी भोपाल में एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने नदी बचाने का संदेश दिया।

एससी कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार की हाईकोर्ट में दायर याचिका पर निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने छानबीन समिति को संबंधित पक्षों को बुलाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच करने के आदेश दिए थे। समिति को यह तय करने को कहा गया है कि मंत्री प्रतिमा बागरी का अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं।

हाईकोर्ट ने समिति द्वारा जांच पूरी करने और इसके बाद उचित आदेश पारित करने के लिए समय सीमा भी तय की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि 30 जून 2026 तक समिति द्वारा निर्णय नहीं लेने पर याचिका को पुनर्जीवित (रिवाइव) किया जा सकेगा।

गलत तरीके से अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप
कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने याचिका में प्रतिमा बागरी पर गलत तरीके से अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बागरी ने अनुचित तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर रैगांव सीट से चुनाव लडा।

याचिकाकर्ता प्रदीप अहिरवार का दावा है कि संबंधित इलाके में बागरी जाति, अनुसूचित जाति यानि एससी की सूची में शामिल नहीं है। उनका यह भी कहना है कि प्रतिमा बागरी राजपूत जाति से संबंधित हैं।

उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो
अनूसचित जाति के फर्जी प्रमाण पत्र के आरोपों से घिरीं नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें मंगलवार को उस समय बढ़ गई जब उन्हें राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने 6 जुलाई को तलब किया। उन्हें उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो। दस्तावेज न देने पर मंत्रीमंडल से उनकी छुट्टी हो सकती है। प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त कार्यालय ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होते ही मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।

जाति प्रमाणपत्र पर घिरीं मंत्री प्रतिमा बागरी ने नदी बचाने का संदेश दिया है। मंगलवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जल है तो कल है। मंत्री प्रतिमा बागरी ने एक्स हेंडल पर लिखा—

भोपाल स्थित होटल मैरियट में आयोजित नमामि गंगे मिशन अंतर्गत “डीपीआर तैयार करने एवं बेतवा नदी पुनर्जीवन विषयक क्षमता संवर्धन कार्यशाला” को संबोधित करने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यशाला में बेतवा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं दीर्घकालिक जल संवर्धन की दिशा में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। हमारी नदियाँ केवल जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।

सामूहिक प्रयास, जनभागीदारी एवं प्रभावी योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

जल है तो कल है — नदी बचेगी, तभी प्रकृति और भविष्य सुरक्षित रहेगा।

उज्जैन में ₹1200 करोड़ का PepsiCo प्लांट, CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ; आलू किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

उज्जैन
 मध्य प्रदेश के उद्योगिक विकास में एक बड़ा नाम मंगलवार को जुड़ गया. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़ इसकी शुरुआत की. मुख्यमंत्री सारंगपुर से कार्यक्रम से जुड़े, जबकि उज्जैन स्थित प्लांट परिसर में फीता काटकर संयंत्र का शुभारंभ किया गया. दरअसल, पेप्सिको फ्लेवर कंसंट्रेट प्लांट इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी में 1200 करोड़ से अधिक की लागत से शुरुआत की गई है, जो कि देश में दूसरा और दुनिया में 9वां प्लांट है। 

इस प्लांट के आने के बाद अब और भी उद्योग मध्य प्रदेश में निवेश करने के लिए आगे आ सकते हैं. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और खास बात यह है आलू उगाने वाले किसानों को बड़ा फायदा होगा. इस कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, मंत्री प्रह्लाद पटेल और मौके पर कंपनी के सीईओ यूजीन विलियम, सीईओ इंटरनेशनल ब्रेवरेज, सीईओ जागृत कोटेचा भारत व उज्जैन के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। 

10 जिलों से 40 हजार टन आलू खरीदा जा रहा
कंपनी के साउथ एशिया के सीईओ जागृत कोटेचा ने बताया, ”हम फिलहाल मध्य प्रदेश के 10 जिलों से 40 हजार टन आलू हर साल खरीद रहे हैं. हमारा लक्ष्य है 10 जिलों से नहीं 32 जिलों से हम आलू खरीदे. इस प्लांट के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी रोजगार दिया जाएगा. यह प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. जहां रोबोट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है. इसकी शुरुआत महाकाल की नगरी में होना हमारे लिए सौभाग्य है और गर्व का क्षण है. कंपनी के मुख्य ब्रांड में पेप्सिको, माउंटेन ड्यू, ट्रॉपिकाना, लेज़, कुरकुरे, क्वेकर, गेटोरेड हैं, जिनके फ्लैवर कंसंट्रेट का उत्पादन इस प्लांट में होगा. जिसके बाद यहां से VBL कंपनी से हमारा टाइअप है वहां से बॉटलिंग पैकेज रहेगा और फिर पूरे भारत में सप्लाई किया जाएगा। 

22 एकड़ में फैला है प्लांट
MPIDC के निर्देशक राजेश राठौर ने ETV भारत से कहा, ”विक्रम उद्योगपुरी के लिए बड़े गर्व का विषय है. यहां कई बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं, जिन्हें मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशन में हर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. लगभग 1266 करोड़ का ये निवेश है. लगभग 800 लोगों को इससे रोजगार मिलने की संभावना है. साथ ही ब्रांड वैल्यू की वजह से और भी उद्योग यहां निवेश कर सकते हैं। 

ग्लोबल निवेश का हब बन रहा मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विनिर्माण इकाई का शुभारंभ होने पर शुभकामनाएं दी. मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, ”ये दिन मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में अत्यंत महत्‍वपूर्ण है. उज्‍जैन जो पहले धार्मिक नगरी के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध था अब औद्योगिक विस्तार की नई इबारत भी लिख रहा है. हमारे लिए यह अत्यंत गौरव शाली क्षण है. मध्य प्रदेश शासन के निरंतर प्रयासों से आज मध्य प्रदेश ग्लोबल निवेश का हब बन रहा है. औद्योगिक विस्तारीकरण से प्रदेश के कई युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्‍त होंगे। 

उन्होंने आगे कहा कि, ”सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में उज्‍जैन विश्व के सबसे समृद्ध और सम्पन्न व्यापारिक नगरों में शीर्ष पर गिनी जाती थी. हमारा लक्ष्य है कि यह नगरी उसी वैभव को पुन: प्राप्‍त करें. आस्‍था के साथ उज्‍जैन उद्योग निवेश और रोजगार का भी अग्रणी केंद्र बनें. उद्योग स्थापित कर मालवा की प्रगति को निरंतर गति दी जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया जा रहा है। 

MP Weather: मध्य प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बालाघाट-डिंडौरी में अति भारी वर्षा की चेतावनी

​भोपाल
 ​मध्य प्रदेश में जून के महीने में मानसून की सुस्ती के कारण औसत से काफी कम पानी बरसा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे राज्य में दीर्घावधि औसत से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. हालांकि जून के आखिरी दिन मानसून ने जोरदार वापसी की है. जिसको देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने राज्य के सभी 55 जिलों में आंधी-तूफान, वज्रपात और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसमें बालाघाट और डिंडौरी समेत 7 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा। 

​7 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट
​मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में सिस्टम बेहद मजबूत हो गया है. इसके चलते जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में अलर्ट पर रखा गया है. बालाघाट और डिंडौरी जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और झंझावात के साथ अति भारी बारिश की चेतावनी है. यहां 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन सहित प्रदेश के बाकी सभी जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 

​जून महीने में पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा सूखा
​इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार बेहद असमान रही. पूरे जून महीने में राज्य में कुल 88.2 मिमी पानी गिरा, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 131.1 मिमी होना चाहिए था. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ​पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्से में सबसे अधिक सूखे जैसे हालात रहे. यहां दीर्घावधि औसत से -59 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई. रीवा, सीधी, सतना और शहडोल संभागों में जून के दौरान सूखे जैसे हालात रहे. इसके अलावा ​पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति काफी बेहतर रही, जहा औसत से केवल -7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 

​आंधी-बारिश से गिरा पारा, कई जिलों में जलभराव और हादसे
​मंगलवार को प्रदेश के 23 जिलों में बारिश रिकार्ड की गई. सतना में डेढ़ इंच पानी गिरा, जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया. वहीं आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई है. भोपाल में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री, इंदौर में 33 डिग्री और जबलपुर में 32 डिग्री दर्ज किया गया. हालांकि, इस दौरान बिजली गिरने से हरदा और खरगोन में 3 लोगों की मृत्यु हो गई। 

यह है ​मानसून की मौजूदा स्थिति
​30 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश के कुछ और भागों को कवर कर लिया है. इस समय मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर और सीधी से होकर गुजर रही है. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ”अगले 2 से 4 दिनों में भोपाल, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के बाकी हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इसके साथ ही गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 

राजा रघुवंशी केस: सोनम को कैसे मिली जमानत? मेघालय हाईकोर्ट ने बताई पूरी वजह, परिवार जाएगा सुप्रीम कोर्ट

 इंदौर
मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखने के एक दिन बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है. राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने मंगलवार को कहा कि परिवार जल्द ही सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा। 

विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अभियोजन पक्ष की पैरवी से संतुष्टि नहीं है. इसलिए अब उनका परिवार न्याय की लड़ाई अपने दम पर लड़ेगा और इसके लिए निजी वकील नियुक्त करेगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेघालय पुलिस ने गिरफ्तारी के समय सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी क्यों नहीं दी. उनके मुताबिक, इसी कानूनी चूक का फायदा सोनम को जमानत मिलने में मिला। 

दरअसल, मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया और सोनम को प्रभावी तरीके से गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए. अदालत ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन माना। 

मेघालय हाईकोर्ट ने साफ की तस्वीर
मेघालय हाई कोर्ट ने  ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें सोनम रघुवंशी को ज़मानत दी गई थी. सोनम पर 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है. जस्टिस डब्ल्यू डिएंगडोह की सिंगल-जज बेंच ने राज्य सरकार की आपराधिक याचिका को खारिज कर दिया. सरकार ने 27 अप्रैल को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत को रद्द करने की मांग की थी। 

जस्टिस डिएंगडोह ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार जिस तरह से तैयार किए गए थे, उससे पता चलता है कि उसमें “न्यायिक सोच का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया”.  कोर्ट ने कहा कि यह साफ है कि ऐसी तैयारी बिना किसी सोच-विचार के की गई थी और कहीं भी कोई खास आरोप या जानकारी नहीं मिलती. पुलिस स्पष्ट भी नहीं कर सकी कि आखिर सोनम रघुवंशी के खिलाफ असल में क्या आरोप हैं?

कोर्ट ने राज्य की याचिका खारिज की
कोर्ट ने कहा कि अगर गिरफ्तारी के आधार की जानकारी इस तरह दी जाती है तो यह गिरफ्तारी करने वाली एजेंसी की ओर से न्यायिक सोच के पूरी तरह से इस्तेमाल न किए जाने को दिखाता है. कोर्ट ने राज्य की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसके पास ज़मानत रद्द करने के लिए अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल करने का कोई आधार नहीं है। 

क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को हनीमून मनाने मेघालय गए थे. 23 मई को सोनम के लापता होने की खबर सामने आई, जबकि 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) स्थित एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था। 

किसे हई थी सजा?
इस मामले में पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उसके तीन दोस्तों को हत्या की साजिश और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. सोनम करीब 10 महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई है। 

उज्जैन अब लिख रहा है औद्योगिक विस्तार की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन अब लिख रहा है औद्योगिक विस्तार की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विक्रम उद्योगपुरी में 1200 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से निर्मित पेप्सिको के फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र का किया वर्चुअली लोकार्पण

उज्जैन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि  दिन मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उज्जैन जो पहले से ही धार्मिक नगरी के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध है अब औद्योगिक विस्तार की भी नई इबारत भी लिख रहा है। हमारे लिए यह अत्यंत गौरवशाली क्षण है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश ग्लोबल निवेश का हब बन रहा है। औद्योगिक विस्तारीकरण से प्रदेश के कई युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी के ग्राम नरवर स्थित 1266 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित पेप्सिको फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र के लोकार्पण समारोह को भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में उज्जैन नगरी विश्व के सबसे समृद्ध और सम्पन्न व्यापारिक नगरों में गिनी जाती थी। हमारा लक्ष्य है कि उज्जैन नगरी उसी वैभव को पुन: प्राप्त करें। आस्था के साथ उज्जैन उद्योग निवेश और रोजगार का भी अग्रणी केंद्र बनें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापित कर मालवा की प्रगति को निरंतर गति दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश का सफल आयोजन किया जा रहा है।

देश का फ्लेवर कंसनट्रेट का दूसरा संयंत्र उज्जैन में हुआ प्रारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की इस अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का शुभारंभ होने पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत में इस विशिष्ट और उच्च तकनीकी फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण के केवल 02 संयंत्र है, जिनमें से 01 आज से उज्जैन में प्रारंभ हो रहा है। विक्रम उद्योगपुरी में 22 एकड़ क्षेत्र में 1226 करोड़ रुपए के निवेश से इस संयंत्र की स्थापना की गई है। पूरी तरह ऑटोमेशन पर आधारित इस संयंत्र से 800 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। यह नया संयंत्र भारत में कंपनी की विनिर्माण क्षमता को और मजबूत करेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र में सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ जागृत कोटेचा ने कहा कि हमारे लिए यह अत्यंत हर्ष का क्षण है कि हमारी कंपनी को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में म.प्र. शासन के सहयोग से संयंत्र स्थापित करने का अवसर मिला। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव, म.प्र. शासन और एमपीआईडीसी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेंश नाथ जी महाराज ने कहा कि उज्जैनवासियों के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे विशेष प्रयासों से औद्योगिक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। नवीन उद्योगों की स्थापना हो रही है। उज्जैन नगरी धार्मिक पहचान के साथ औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।

कार्यक्रम में म.प्र. हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, नगर निगम सभापती श्रीमती कलावती यादव, प्रबंध निर्देशक एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला, एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर, पेप्सिको कंपनी के हरदीप भाटिया, कंपनी के सीईओ इंटरनेशनल बेवरेजेस यूजीन विलेमसेन, जनरल मैनेजर एवं सीनियर वाईस प्रेसिडेंट इवान नॉर्टन सहित नागरिक उपस्थित थे।

 

ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस में भीषण आग, 8 यात्रियों की दर्दनाक मौत; अधिकांश मृतक इंदौर के

इंदौर / दौसा
ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक निजी बस में टक्कर के बाद आग लगने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, राजस्थान के दौसा में हुए इस हादसे में मारे गए ज्यादातर लोग मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से बताए जा रहे हैं. वहीं, कई लापता ओंकारेश्वर के पास के भी बताए जा रहे हैं. इस भीषण दुर्घटना में 29 लोग घायल भी हुए. वहीं, इंदौर से मृतकों के परिजन राजस्थान के दौसा के लिए रवाना हो गए हैं। 

मरने वालों में ज्यादातर इंदौर से
ऋषिकेश से इंदौर चलने वाली हंस ट्रेवल्स की एक बस से कई यात्री इंदौर आने के लिए निकले थे लेकिन बुधवार अल सुबह दौसा के पास बस की टक्कर सामने चल रहे ट्रक से हो गई, जिसके बाद अचानक आग लग गई. आग लगने से बस में सवार 8 लोग जिंदा जल गए. वहीं, तकरीबन 29 घायल हो गए, जिनका इलाज दौसा स्थित सरकारी अस्पताल में चल रहा है. मृतकों में इंदौर की याचिका, नेहा, दिशा, सुवानंद, प्रदीप, महक, योगिनी, जितेंद्र शामिल हैं. इस बात की पुष्टि मृतकों के परिजनों द्वारा की जा रही है. वहीं, इंदौर के पास रहने वाली निर्मला, प्रियंका और भूमि घटना के बाद से लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही। 

मृतकों के परिजनों का बुरा हाल, बोले- कुछ पता नहीं चल रहा
पूरे घटनाक्रम की जानकारी इंदौर में रहने वाले अभिनव पांडे के परिजनों को लगी तो वह दौसा के लिए रवाना हुए हैं. उन्होंने ईटीवी भारत से कहा, ” घटना कैसे हुई और कौन कहां है इसे लेकर कुछ साफ जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसलिए सभी घटनास्थल के लिए इंदौर से रवाना हो गए हैं और उसके बाद ही कुछ कह पाएंगे.” प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि जिन लोगों की इस पूरे घटनाक्रम में मौत हुई है वह ऋषिकेश और हरिद्वार घूमने के लिए गए हुए थे और देर रात वहां से बस के माध्यम से इंदौर के लिए निकले थे, तभी राजस्थान में हादसा हो गया। 

दौसा एडिशनल एसपी योगेंद्र फौजदार ने बताया कि घटनाक्रम रात करीब 3 बजे के आसपास का है. हादसे में अब तक 6 लोगों के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया जा चुका है. मामुली घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है. उन्होंने बताया कि घायलों को अभी मृतकों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है. एडिशनल एसपी ने बताया कि बस में 39 से अधिक सवारियां होने का अनुमान लगाया है. हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है. हादसे के दौरान आगे चल ट्रेलर का चालक और खलासी भी घायल हुए हैं। 

जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुआ. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और देखते ही देखते उसमें आग लग गई. बस में फंसे 6 यात्रियों की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य यात्रियों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया. हादसे की सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया. वहीं, दौसा की जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा का कहना है कि बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी, तभी सुबह करीब 3:15 या 3:30 बजे जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे पर टक्कर के बाद उसमें आग लग गई. करीब 24 या 25 लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे और उन्हें बचा लिया गया. वे अभी ठीक हैं. कुल हताहतों की संख्या के बारे में हम इस समय केवल अनुमानित आंकड़ा ही बता सकते हैं, अंतिम संख्या अभी पक्की नहीं है. करीब सात से आठ लोगों की मौत हुई है। 

समय पर पहुंचती फायर ब्रिगेड टीम तो कई जान बच जाती : इस दर्दनाक हादसे के बाद राहत कार्य को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना की सूचना पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रबंधन को तत्काल दे दी गई थी, लेकिन करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर राहत और बचाव कार्य शुरू हो जाता तो बस में फंसे कई यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी. उनका दावा है कि मदद के इंतजार में यात्री बस के भीतर ही फंसे रहे, जिससे पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. फिलहाल पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जबकि घायलों का उपचार जारी है. प्रशासन दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। 

घटना को लेकर CM और सांसद ने दुख जताया : हादसे को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट पर दुख जताया. उन्होंने लिखा कि दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना में जनहानि का समाचार पीड़ादायक है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं. दौसा सांसद मुरारीलाल मीना ने भी दुख प्रकट किया है. साथ ही सरकार से पैसेंजरों की सुरक्षा को लेकर काम करने की बात कही है। 

राज्यपाल और पूर्व सीएम ने भी व्यक्त की संवेदना : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस पर हुए भीषण सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ईश्वर से मृतकों की पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है. साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है. हादसे को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु होने का समाचार बेहद दुखद है. इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिवनी को देंगे 494.16 करोड़ के 629 विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिवनी को देंगे 494.16 करोड़ के 629 विकास कार्यों की सौगात

कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन राशि का लाभ
मुख्यमंत्री राज्य-स्तरीय धान महोत्सव में होंगे शामिल

सिवनी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 01 जुलाई को सिवनी जिले में राज्य-स्तरीय धान महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले को विकास और किसान कल्याण की अनेक सौगातें देंगे। महोत्सव में कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि का अंतरण, 494.161 करोड़ रुपये लागत के 629 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन और हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद श्रीमती भारती पारधी सहित जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य के कोदो-कुटकी उत्पादक 3,941 किसानों के बैंक खातों में 2 करोड 82 लाख 99 हजार 300 रूपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह राशि किसानों को 1 हजार रूपये प्रति क्विंटल की दर से प्रदान की जा रही है, जिससे श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा थीम आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में धान बुवाई के आधुनिक कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती एवं प्राकृतिक बगीचे, कस्टम हायरिंग सेंटर, जीआई टैग एवं मिलेट्स उत्पाद, पीएमएफएमई उत्पाद, आम की विभिन्न किस्में, स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं मिट्टी कला उत्पाद, लघु वनोपज, स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद, पोषण आहार प्रदर्शनी, डिजिटल जमीन, कृषिका एप तथा किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी परिसर में आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी आमजन के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

 

रेलवे का नया मोबाइल ऐप लॉन्च, अब ट्रेन 15 मिनट से ज्यादा लेट हुई तो तुरंत मिलेगा अलर्ट

भोपाल 
भारतीय रेलवे से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। आने वाले समय में ट्रेनों के लेट होने की समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। रेलवे ने ट्रेनों की आवाजाही पर सटीक और रियल-टाइम नजर रखने के लिए एक आधुनिक एंड्रॉयड मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है। इस खास ऐप का नाम ‘Punctuality BZA’ है, जिसे साउथ कोस्ट रेलवे के विजयवाड़ा डिवीजन द्वारा विकसित किया गया है।

इस डिजिटल तकनीक के आने से अब रेलवे के परिचालन से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अपने स्मार्टफोन पर ही किसी भी ट्रेन की सटीक लोकेशन, उसकी गति और देरी से जुड़ी पल-पल की जानकारी हासिल कर सकेंगे। पहले जिस काम के लिए सिर्फ कंप्यूटर सिस्टम पर निर्भर रहना पड़ता था, वह काम अब बेहद तेज और आसान हो गया है।

एक ही डैशबोर्ड पर मिलेगी पूरी कुंडली
‘Punctuality BZA’ एप्लीकेशन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसके सिंगल डैशबोर्ड पर ही यूजर को ट्रेन संचालन से जुड़ी तमाम जानकारियां मिल जाती हैं। इस ऐप में मिलने वाली मुख्य सुविधाएं इस प्रकार हैं:

    लाइव ट्रैकिंग: अलग-अलग रूट और सेक्शन पर ट्रेनों की मौजूदा स्थिति की लाइव मॉनिटरिंग।

    इंटेलिजेंट अलर्ट सिस्टम: यदि कोई ट्रेन अपने निर्धारित समय से 15 मिनट से अधिक लेट होती है, तो यह ऐप अधिकारियों को तुरंत अलर्ट भेजता है।

    जीपीएस कनेक्टिविटी: यह ऐप सीधे ‘जीपीएस आधारित लेट ट्रेन मॉनिटरिंग सिस्टम’ से जुड़ा है, जो ट्रेनों की आवाजाही को खुद-ब-खुद रिकॉर्ड करता है।

    कागजी कार्रवाई से मुक्ति: ट्रेन के लेट होने की वजहों को डिजिटल माध्यम से तुरंत दर्ज कर लिया जाता है, जिससे पुराना कागजी काम बेहद कम हो गया है। इससे ट्रेन मैनेजरों को सुरक्षित ट्रेन संचालन पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

पुराने सिस्टम (ICMS) की कमियों से मिलेगा छुटकारा
इस नई तकनीक के आने से पहले रेलवे मुख्य रूप से ‘इंटीग्रेटेड कोचिंग मैनेजमेंट सिस्टम’ (ICMS) के वेब पोर्टल का इस्तेमाल करता था। पुराने सिस्टम में अधिकारियों को बार-बार वन-टाइम पासवर्ड (OTP) डालकर लॉगइन करना पड़ता था। साथ ही, अलग-अलग जानकारियों के लिए बार-बार कंप्यूटर स्क्रीन बदलनी पड़ती थी, जिससे समय की बर्बादी होती थी। नया ऐप इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और ‘यूजर-फ्रेंडली’ बनाता है।

यात्रियों और रेलवे को क्या होगा बड़ा फायदा?
इस ऐप के जरिए मिलने वाले सटीक डेटा से रेलवे के उच्च अधिकारियों को विपरीत परिस्थितियों में तुरंत और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। जब रेलवे स्टाफ के पास हर ट्रेन की रियल-टाइम लोकेशन होगी, तो वे ट्रेनों को ज्यादा कुशलता से री-शेड्यूल कर पाएंगे, जिसका सीधा फायदा यात्रियों को होगा और उनकी असुविधाएं कम होंगी। विजयवाड़ा डिवीजन में इस ऐप के सफल प्रयोग के बाद अब इसे भारतीय रेलवे के अन्य डिवीजनों में भी लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

 

पीएम सूर्य घर योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयंत्र लगाने पर मिल रही 78 हजार रूपये की सब्सिडी : ऊर्जा मंत्री तोमर

पीएम सूर्य घर योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयंत्र लगाने पर मिल रही 78 हजार रूपये की सब्सिडी : ऊर्जा मंत्री तोमर

अब तक 1 लाख 43 हजार 150 उपभोक्‍ताओं के खातों में पहुंची 100 करोड़ रूपये से अधिक की सब्सिडी

भोपाल
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक कुल एक लाख 43 हजार 150 उपभोक्‍ता लाभान्वित हुए हैं। इनके बैंक खातों में 1010 करोड़ 25 लाख रूपये की सब्सिडी जमा कराई जा चुकी है। योजना के तहत एक किलोवॉट सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयंत्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयंत्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

कहां करें आवेदन

पीएम सूर्यघर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए संबंधित विद्य़ुत वितरण कंपनी की वेबसाइट अथवा उपाय एप, वॉट्सऐप चेटबॉट एवं टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं।

कंपनीवार स्थिति

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में 51 हजार 343 सोलर संयंत्रों पर 361 करोड़ 99 लाख, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में 58 हजार 715 संयंत्रों पर 4162 करोड़ 30 लाख 39 हजार और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में 33 हजार 092 सोलर संयंत्रों पर 231 करोड़ 95 लाख 50 हजार रूपये की सब्सिडी दी गई है।

 

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