काले हिरण व चिंकारा के शिकार कर अतंर्राज्यीय स्तर पर तस्करी करने वाले आरोपी रिजवान एवं इम्तियाज की जमानत याचिका ख़ारिज

भोपाल

जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर में आरोपी रिजवान और आरोपी इम्तियाज द्वारा जमानत याचिका दायर की गयी। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर के समक्ष स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश इकाई इंदौर द्वारा शासन का ठोस पक्ष रखा गया एवं अन्य प्रकरणों जैसे वीरूपक्षा गोडा विरूद्ध स्टेट आफ कर्नाटक राज्य में पारित आदेश एवं उक्त प्रकरण के महत्वपूर्ण तथ्यों से अगवत कराया गया। आरोपियों की मोबाइल फारेन्सिक रिपोर्ट से प्राप्त शिकार के साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर द्वारा स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश इकाई इंदौर द्वारा की गई सटीक विवेचना एवं रखे गए ठोस पक्ष के आधार पर उक्त जमानत याचिकाएं खारिज की गई। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है।

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इकाई इंदौर द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) म.प्र. के निर्देश पर वनमण्डल इंदौर एवं स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही की गई। किशनगंज जिला इंदौर से वन्यजीवों के मांस की तस्करी करने वाले 3 आरोपियों को 65 कि.ग्रा. (लगभग), एक नग देसी पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस एवं एक नग चार पहिया वाहन टोयोटा इनोवा क्रिस्टा क्रमांक एम.एच-02-ई.पी.-4223 के साथ विभिन्न धाराओं में परिक्षेत्र महू वनमण्डल इंदौर के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये वन्यजीव मुख्यालय द्वारा इस प्रकरण को अग्रिम विवेचना के लिये स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) इकाई इंदौर को हस्तांतरित किया गया। एसटीएसएफ द्वारा वैज्ञानिक तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से नया प्रकरण क्रमांक POR No. 237/22 दिनांक 21.08.25 दर्ज कर विवेचना की जा रही है। उक्त आरोपी इम्तियाज 19 माह से व आरोपी रिजवान 4 माह से ही न्यायिक अभिरक्षा में है। वर्तमान में प्रकरण में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

नॉर्वे की धमाकेदार जीत: सेनेगल को 3-2 से हराकर वर्ल्ड कप 2026 नॉकआउट में एंट्री

नई दिल्ली
 नॉर्वे ने सोमवार को न्यू जर्सी में सेनेगल को 3-2 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। जीत के बाद खिलाड़ियों ने कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड के नेतृत्व में समर्थकों के साथ पारंपरिक “वाइकिंग रो” के जरिए जश्न मनाया। वाइकिंग रो वर्ल्ड कप के दौरान नॉर्वे के प्रशंसकों के बीच एक लोकप्रिय परंपरा बन गई है। इसमें समर्थक वाइकिंग्स की लंबी नाव जैसी आकृति में बैठते हैं और ढोल की ताल पर चप्पू चलाने जैसी गतिविधि करते हैं। इसकी तुलना अक्सर आइसलैंड के प्रसिद्ध “वाइकिंग क्लैप” से की जाती है।

खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ ने साथ मनाया जश्न
नॉर्वे के समर्थक अपने दोनों वर्ल्ड कप मुकाबलों के दौरान और मेजबान शहरों बोस्टन और न्यूयॉर्क सिटी में इस नारे और उत्सव का प्रदर्शन कर चुके हैं। सोमवार की जीत के बाद खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने भी प्रशंसकों के साथ इस जश्न में भाग लिया मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले एरलिंग हालैंड ने कहा कि अगर नॉर्वे जीत हासिल करता है तो वह इस उत्सव को मनाने के लिए उत्सुक थे। हालैंड ने फॉक्स स्पोर्ट्स से कहा, ‘मैंने इसे इंटरनेट पर देखा था यह पूरी तरह वायरल हो चुका है। मैच से पहले मार्टिन ओडेगार्ड ने मुझसे पूछा, क्या तुम्हें लगता है कि हमें भी इसमें शामिल होना चाहिए?’ मैंने कहा, ‘अगर हम जीतते हैं, तो जरूर करेंगे।’

क्या होता है वाइकिंग रो?
कहा जाता है कि वाइकिंग रो एकता शक्ति और टीमवर्क का प्रतीक है। यह परंपरा युद्ध से पहले एक साथ चप्पू चलाने वाले वाइकिंग योद्धाओं की छवि से प्रेरित है। राष्ट्रीय टीम के प्रति समर्थन दिखाने के लिए प्रशंसक एक साथ तालमेल में यह गतिविधि करते हैं। फुटबॉल कै मैदान पर भी खिलाड़ी एकता के साथ खेलते हैं। इसीलिए खेल में भी इस सेलिब्रेशन का खास महत्व है।

कैसा रह मैच का हाल
इसके साथ ही बात की जाए मैच की तो नॉर्वे ने 43वें मिनट में मार्कस होल्मग्रेन पेडरसन के गोल की बदौलत बढ़त हासिल की। इसके बाद एरलिंग हालैंड ने 48वें और 58वें मिनट में गोल दागकर विपक्षी खेमे पर दबाव बना दिया। इस परिणाम के साथ नॉर्वे ने ग्रुप I में कम से कम दूसरा स्थान सुनिश्चित कर लिया है। शुक्रवार को मैसाचुसेट्स के फॉक्सबोरो में फ्रांस के खिलाफ होने वाला उनका अंतिम ग्रुप-स्टेज मुकाबला यह तय करेगा कि ग्रुप में शीर्ष स्थान किस टीम के पास जाएगा।

जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने का प्रस्ताव, मंत्री राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री को सौंपा पत्र

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने मंगलवार को मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। इस दौरान मंत्री  सिंह ने जबलपुर एयरपोर्ट का नामकरण वीरांगना मां रानी दुर्गावती के नाम पर किए जाने का अनुरोध किया।

 सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र सौंपते हुए कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती भारतीय इतिहास की गौरवशाली वीरांगनाओं में से एक हैं। उन्होंने अपने साहस, पराक्रम और बलिदान से देश और समाज के लिए अमूल्य योगदान दिया है। विशेष रूप से महाकौशल क्षेत्र और जबलपुर से उनका ऐतिहासिक संबंध रहा है, जिसके कारण उनके नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

लोक निर्माण मंत्री ने मुख्यमंत्री से इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट को मां रानी दुर्गावती के नाम से जोड़ना उनकी वीरता और बलिदान को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से प्रेरणा लेने का अवसर भी प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री  सिंह द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।

आधुनिक एवं स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में जीआरपी का महत्वपूर्ण कदम

भोपाल

बदलते अपराध स्वरूपों और आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप पुलिस बल को अधिक सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष एवं जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) द्वारा आयोजित 15 दिवसीय विशेष पुलिस प्रशिक्षण (Smart Policing Training) शिविर का समापन विशेष पुलिस महानिदेशक दूरसंचार  संजीव कुमार शमी तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल, भोपाल  राजाबाबू सिंह के मुख्य आतिथ्‍य में पी.टी.आर.आई. प्रशिक्षण केंद्र, भोपाल में सम्पन्न हुआ।

08 जून से 22 जून तक आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में जीआरपी भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर इकाइयों के आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के कुल 30 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता कर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक अधिक ‘स्मार्ट’, तकनीकी रूप से सक्षम, और संवेदनशील बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को साइबर अपराधों की जांच एवं रोकथाम, फॉरेंसिक विज्ञान, मानवाधिकार संरक्षण, तनाव प्रबंधन तथा नागरिकों के साथ बेहतर संवाद एवं जनसंपर्क स्थापित करने संबंधी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल  अंकित जायसवाल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल की अध्यक्षता में मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रारूप पर मंत्रिपरिषद समिति ने किया विमर्श

भोपाल

उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में वल्लभ भवन में मध्यप्रदेश (परोपकारी संस्थाओं के लिए) मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रारूप पर मंत्रिपरिषद समिति ने विमर्श किया। बैठक में प्रस्तावित नीति के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और समिति के सदस्यों ने नीति को जन-केंद्रित, सेवा-उन्मुख, गरीब एवं वंचित वर्गों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में मंत्रिपरिषद समिति के सदस्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  चैतन्य काश्यप, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री मती राधा सिंह सहित अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  अशोक बर्णवाल, आयुक्त  धनराजू एस तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण तृतीयक एवं सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा दूरस्थ अंचलों के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए परोपकारी संस्थाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नीति का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सेवा-भाव एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आमजन तक पहुंचाना है।

वर्तमान में प्रदेश गुणवत्तापूर्ण तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं पहुंच के क्षेत्र में चुनौतियों का सामना कर रहा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों सहित उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संस्थान मुख्यतः बड़े शहरों तक सीमित हैं, जिससे प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के नागरिकों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करती है। प्रस्तावित नीति का उद्देश्य प्रदेश में उच्चस्तरीय तृतीयक एवं सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना को प्रोत्साहित करना, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना, विशेषज्ञ एवं एमबीबीएस चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाना, गरीब मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना, अन्य राज्यों में उपचार के लिये मरीजों के पलायन को कम करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाना है।

नीति के अंतर्गत केवल सेवा-उन्मुख एवं लाभ-निरपेक्ष परोपकारी संस्थाओं को पात्र माना जाएगा। इनमें कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत कंपनियां, भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के अंतर्गत पंजीकृत धर्मार्थ ट्रस्ट तथा सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत संस्थाएं शामिल हो सकेंगी। पात्र संस्थाओं के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का पंजीकरण एवं सेवा गतिविधियों का संतोषजनक अनुभव होना प्रस्तावित किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालय एवं नर्सिंग कॉलेज जैसी अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने वाली संस्थाओं को प्राथमिकता दिए जाने का भी प्रस्ताव है।

बैठक में प्रस्तावित प्रोत्साहनों की भी समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा उपयुक्त भूमि का चयन कर रियायती दरों पर दीर्घकालीन लीज पर उपलब्ध कराने, सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के लिये उच्च लागत वाले चिकित्सा उपकरणों पर निर्धारित शर्तों के अधीन अनुदान उपलब्ध कराने तथा विभिन्न स्वीकृतियों के लिए सिंगल-पॉइंट क्लियरेंस प्रणाली विकसित करने जैसे प्रावधानों पर चर्चा की गई।

मंत्रिपरिषद समिति ने नीति के प्रारूप का परीक्षण करते हुए सुझाव दिया कि इसके सभी प्रावधानों का केंद्र बिंदु आमजन, विशेषकर गरीब एवं वंचित वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। समिति ने नीति को अधिक सेवा-उन्मुख, पारदर्शी एवं जनहितकारी स्वरूप प्रदान करने पर बल दिया।

 

लापरवाह ठेकेदारों एक्शन की तैयारी, राज्यमंत्री गौर ने ब्लैक लिस्ट करने के दिए निर्देश

लापरवाह ठेकेदारों एक्शन की तैयारी, राज्यमंत्री गौर ने ब्लैक लिस्ट करने के दिए निर्देश

विकास कार्यों की हुई समीक्षा, 3 दिनों में लंबित कार्य पूर्ण करने के दिये निर्देश

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो ठेकेदार निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाए।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि जनता की सुविधा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में जिन विकास कार्यों के वर्कऑर्डर जारी हो चुके हैं, उनका शीघ्र भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए, जिससे आमजन को समय पर इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक में उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समय-सीमा की विस्तार से समीक्षा की तथा अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर कार्यों को तय समय में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

 

समान नागरिक संहिता के पक्ष में हैं 90 प्रतिशत से अधिक नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समान नागरिक संहिता के पक्ष में हैं 90 प्रतिशत से अधिक नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

यूसीसी पर सभी जिलों में हो चुकी हैं बैठकें
प्रदेश में गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जाएगा 15 से 29 जुलाई तक
बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को मिला “इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड”
समारोहपूर्वक होगा जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन
25 से 30 जून तक होंगी गतिविधियां
प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को प्राप्त हुए 1640 करोड़ रूपए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में समान नागरिक संहितालागू (यूसीसी) करने के लिएसभी जिलों में जन परामर्श बैठकें हो चुकी हैं। सभी जिलों में कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय परामर्श 22 जून को भोपाल में हुआ। इसमें सभी आयोगों, विभागों, राजनैतिक दलों और धर्मगुरुओं से पृथक-पृथक बैठकें आयोजित कर मत लिया गया। लगभग 3.49 करोड़ एस.एम.एस यूसीसी के सुझाव आमंत्रित करने के लिए समग्र के हितग्राहियों को भेजें गए। नागरिकों के 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, 90% से भी अधिक नागरिक यूसीसी के पक्ष में हैं। अल्पसंख्यक समुदाय का भी बड़ी संख्या में समर्थन प्राप्त हुआ है। विधेयक के प्रारूप पर समिति द्वारा विधि विभाग के साथ साझा रूप से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह जानकारी दी।

गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा के अंतर्गत सभी स्कूलों में होंगी गतिविधियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा दिनांक 15 से 29 जुलाई तक मनाया जा रहा है। इस अवधि में सभी स्कूलों में अलग अलग शैक्षणिक, सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं और गतिविधियां होंगी। इसमें जनप्रतिनिधि, पालक एवं विषय विशेषज्ञ शामिल होगें। इसमें विद्यार्थियों के विकास की कार्य योजना बनाई जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रत्येक दिवस की कार्य योजना बनाई है, इसमें भाषण, निबंध प्रतियोगिता, संस्कृत श्लोक प्रस्तुति, स्वास्थ्य जागरूकता, वृक्षारोपण, कैरियर मार्गदर्शन इत्यादि विषय शामिल किए गए हैं। इस अवधि में सांदीपनि विद्यालयों में एक दिवसीय गुरू पूर्णिमा उत्सव होगा। इसके अंतर्गत विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान प्रदर्शिनी, नवाचार इत्यादि के कार्यक्रम किए जाएगें। कार्यक्रम में अभिभावक, जनप्रतिनिधिगण और नागरिकों की सहभागिता होगी।

बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की देश-विदेश में विशेष पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रसिद्ध वन्य जीव पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को “इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड्-2026” में “एडिटर्स चॉईस अवार्ड- बेस्ट वाईल्ड लाईफ डेस्टिनेशन” श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। गोवा में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदान किया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, देश-विदेश के पर्यटकों के बीच अपनी समृद्ध जैव-विविधता, बाघों की अच्छी संख्या, प्राकृतिक सौंदर्य और प्रभावी संरक्षण प्रबंधन के लिए विशेष पहचान रखता है। यह अवार्ड प्रदेश सरकार की जैव विविधता के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह में पंचायत स्तर तक होंगी गतिविधियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से प्रारंभजल गंगा संवर्धन अभियान का 25 से 30 जून 2026 की अवधि में समारोहपूर्वक समापन होगा। भारत सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। डिण्डौरी, खण्डवा तथा शहडोल देश के प्रथम 10 जिलों में तथा खण्डवा और इंदौर के नगरीय निकाय, देश के प्रथम 10 नगरीय निकायों में शामिल है। प्रदेश में अभियान में जल संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय कार्य हुए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में समारोहपूर्वक समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाए। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रदर्शनी, भाषण, ग्राम पंचायत में जनभागिता से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन किया जाए और जल के सदुपयोग की शपथ भी दिलाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का किसान सम्मान निधि के लिए माना आभार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रदेश भ्रमण संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 20 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि अंतरित की गई। प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 1640 करोड़ रूपए प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का प्रदेश के किसानों की ओर से आभार माना।

 

राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5,960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी

राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5,960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी

मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना की निरंतरता को मंजूरी, 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति
225 शासकीय माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल के हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति
शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति
शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार 960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को गति देते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालित रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए राज्य में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूलों के उच्च स्तरीय उन्नयन की योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच बढ़ेगी और ड्रॉप आउट दर में कमीं आएगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के आर्थिक संबल के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना की नई शर्तों, शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 3 हजार 580 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की निरंतरता तथा जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना के संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रूपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रूपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरुरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिये महत्वपूर्ण है।

225 शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी।

स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रूपये के प्रस्ताव पर सहमति दी। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मैपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है।

सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी।

राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते, जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है। इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।

शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण प्रदाय करने के लिए किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी, जिसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।

प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से रूपये 3 लाख तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।

योजना में राज्य शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष बेस रेट के साथ-साथ डयू डेट आदि का निर्धारण किया जाता है और निर्धारित बेसरेट में से भारत सरकार से प्राप्त होने वाली ब्याज सहायता को कम करते हुये शेष राशि राज्य शासन द्वारा ब्याज अनुदान के रूप में उपलब्ध करायी जाती है, जिससे कृषकों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण उपलब्ध होता है।

शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद, इस प्रकार कुल 17 पदों के सृजन और व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है।

जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में विधि पाठ्यक्रम (एलएलबी तीन वर्षीय) एक संकाय के रूप में संचालित है। बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के 2008 के ‘लीगल एजुकेशन रूल्स’ के अनुसार मान्यता के लिए विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के स्थान पर पृथक शासकीय विधि महाविद्यालय में संचालित किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जा रहा है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अन्तर्गत 500 करोड़ रूपये से अधिक की संबंधित योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति का 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिये गये केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूँजी के रूप में उपलब्ध करवाये जाने का निर्णय लिया है।

 

सीएलसी राउंड के महाविद्यालय आवंटन जारी, 1.29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रवेश का अवसर

भोपाल

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संचालित ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) राउंड के महाविद्यालय आवंटन जारी कर दिए गए हैं। इस राउंड में प्रदेश के कुल 1 लाख 29 हजार 265 विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में सीट आवंटित की गई है।

आवंटित विद्यार्थियों में 94 हजार 703 स्नातक (यूजी) तथा 34 हजार 562 स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हैं। महाविद्यालय आवंटन के उपरांत विद्यार्थी निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा कर अपने प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों से निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए 30 जून तक प्रवेश शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करने का आग्रह किया है, जिससे उनका प्रवेश सुनिश्चित हो सके।

विभाग ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित नवीनतम जानकारी एवं आवश्यक निर्देशों के लिए ई-प्रवेश पोर्टल का नियमित अवलोकन करते रहें।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने की भेंट

हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में करेगा 300 करोड़ रुपये का निवेश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ जिले के पिलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख सुअश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 

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