ओल्ड भोपाल होलसेल रेडिमेड एवं होजरी व्यापारी संघ को मिला नया नेतृत्व

विवेक झा, भोपाल। ओल्ड भोपाल होलसेल रेडिमेड एवं होजरी व्यापारी संघ के चुनाव संपन्न होने के बाद नए पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह अग्रवाल विश्रांति भवन में गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में गुरुमुख दास चावला ने अध्यक्ष पद की शपथ ली, जबकि मनोज जैन आर.एम. लगातार पांचवीं बार सचिव (मंत्री) चुने गए। इस अवसर पर व्यापारियों ने व्यापारिक हितों के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए 11 हजार पौधे लगाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

दीप प्रज्ज्वलन से हुई समारोह की शुरुआत

शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में शहर के अनेक व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य नई कार्यकारिणी का स्वागत करने के साथ-साथ व्यापारिक एकता और सामाजिक दायित्वों को आगे बढ़ाने का संदेश देना भी था।

व्यापार के साथ सामाजिक सरोकारों पर रहेगा जोर

समारोह के दौरान नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और उपस्थित व्यापारियों ने शिक्षा, चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। विशेष रूप से 11 हजार पौधे लगाने का निर्णय लेते हुए संस्था ने हरित भोपाल के निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

गोविंद गोयल बोले— व्यापारी समाज बदलाव का वाहक

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने नवनिर्वाचित टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि व्यापारिक संगठन केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज के विकास और जनकल्याण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारिक हितों के साथ सामाजिक सरोकार और सहयोग की भावना से किए गए कार्य अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।

मनोज जैन आर.एम. ने रखी संगठन की प्राथमिकताएं

समारोह का संचालन करते हुए सचिव मनोज जैन आर.एम. ने संगठन की भावी कार्ययोजना और एजेंडे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि व्यापारी हितों की रक्षा, उपभोक्ता जागरूकता, व्यापारिक समस्याओं के समाधान तथा सामाजिक सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाना नई कार्यकारिणी की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन को और मजबूत बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।

एसीपी बिट्टू सिंह सहित कई गणमान्य रहे मौजूद

शपथ ग्रहण समारोह में एसीपी बिट्टू सिंह की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा चेंबर के महामंत्री ललित तातेड, संस्थापक अध्यक्ष मनोज बांगा, निवर्तमान अध्यक्ष अशोक माटा, कांग्रेस नेता महेश मालवीय सहित अनेक गणमान्य नागरिक और व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

नई कार्यकारिणी में इन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

नई कार्यकारिणी में गुरुमुख दास चावला को अध्यक्ष, मनोज जैन आर.एम. को सचिव, प्रकाश और अनुज जैन को उपाध्यक्ष, विष्णु अग्रवाल को कोषाध्यक्ष, गोपाल पंजवानी को सह-सचिव तथा अजय जैन को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पर्यावरण संरक्षण को बनाया प्रमुख एजेंडा

संगठन ने स्पष्ट किया कि आगामी कार्यकाल में व्यापारिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। 11 हजार पौधों का रोपण अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा, जिसमें व्यापारी समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य संकल्प

  • व्यापारिक हितों की प्रभावी पैरवी
  • शिक्षा एवं चिकित्सा क्षेत्र में सामाजिक योगदान
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए 11,000 पौधे लगाने का अभियान
  • व्यापारी एकता और उपभोक्ता हितों को मजबूत करना

15 लाख से अधिक युवाओं को मिली बड़ी सौगात: प्रधानमंत्री ने PM-VBRY के तहत 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की

विवेक झा, भोपाल। देश में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत 15 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से यह राशि जारी की और रोजगार सृजन को विकसित भारत की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देशभर के 200 क्षेत्रीय केंद्रों पर किया गया। मध्यप्रदेश में भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) और एचईजी सभागार, मंडीदीप में भी विशेष आयोजन हुए, जहां बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि, नियोक्ता, कर्मचारी और युवा शामिल हुए।

भोपाल और मंडीदीप में रोजगार उत्सव जैसा माहौल

भोपाल के मैनिट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि मंडीदीप में भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दोनों स्थानों पर रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं, उद्योग संगठनों, नियोक्ताओं, सरकारी अधिकारियों और ईपीएफओ के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

कार्यक्रम के दौरान एक प्रेरक पहल के रूप में विभिन्न नियोक्ताओं ने 25 से अधिक नव-नियुक्त कर्मचारियों को मौके पर ही रोजगार पत्र (Employment Letters) प्रदान किए। इससे उपस्थित युवाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला और योजना के प्रत्यक्ष लाभ का प्रदर्शन हुआ।

100 से अधिक नियोक्ता और 700 कर्मचारी बने कार्यक्रम का हिस्सा

भोपाल और मंडीदीप में आयोजित दोनों क्षेत्रीय कार्यक्रमों में 100 से अधिक बड़े नियोक्ता शामिल हुए, जबकि करीब 700 कर्मचारियों और लाभार्थियों ने सहभागिता की। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने योजना को रोजगार बढ़ाने और कुशल युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

प्रधानमंत्री बोले – विकसित भारत का सबसे मजबूत आधार है युवा रोजगार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि औपचारिक रोजगार और युवा सशक्तिकरण विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि 15 लाख से अधिक युवाओं के खातों में सीधे 2,400 करोड़ रुपए की राशि का हस्तांतरण सरकार की पारदर्शी और तेज़ कार्यप्रणाली का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि पहली बार संगठित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देकर सरकार उद्योगों की जरूरतों और युवाओं की आकांक्षाओं के बीच की दूरी को कम कर रही है। इससे सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भरता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजना में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने कौशल को लगातार विकसित करें और नए अवसरों का लाभ उठाकर देश की आर्थिक प्रगति में भागीदार बनें।

श्रम मंत्री ने गिनाईं रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की उपलब्धियां

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में सामाजिक सुरक्षा का दायरा 19 प्रतिशत से बढ़कर 64.3 प्रतिशत हो चुका है और वर्ष 2014 से 2024 के बीच लगभग 17 करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, भारत की बेरोजगारी दर घटकर लगभग 3.1 प्रतिशत रह गई है, जो वैश्विक औसत से काफी कम है।

भोपाल की झलक

गौतम टेटवाल बोले – कौशल विकास और रोजगार को मिलेगा नया बल

मैनिट, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास प्रणाली को लगातार मजबूत कर रही है ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

उन्होंने विश्वास जताया कि PM-VBRY विशेष रूप से मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी तथा रोजगार सृजन की गति को तेज करेगी।

मंडीदीप में सुरेंद्र पटवा ने दी दीर्घकालिक रोजगार की सीख

मंडीदीप में आयोजित कार्यक्रम में विधायक सुरेंद्र पटवा ने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी संस्थान में लंबे समय तक कार्य कर अपने कौशल और अनुभव को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई रोजगार योजनाएं युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं और इनका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

लाभार्थियों ने कहा – योजना बनी आर्थिक संबल

कार्यक्रम में शामिल लाभार्थियों और नियोक्ताओं ने योजना के सकारात्मक प्रभाव साझा किए। नियोक्ताओं ने कहा कि दो वर्षों तक मिलने वाले प्रोत्साहन से नए कर्मचारियों की नियुक्ति आसान हुई है और भर्ती लागत में कमी आई है।

वहीं पहली बार औपचारिक रोजगार पाने वाले युवाओं ने कहा कि 15,000 रुपए तक की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता ने नौकरी की शुरुआती अवधि में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। उनका मानना है कि इससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने करियर की शुरुआत कर पा रहे हैं।

क्या है PM-VBRY?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) का उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र युवाओं को 15,000 रुपए तक का लाभ दिया जाता है, जबकि अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाले नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है। विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह सहायता अतिरिक्त दो वर्षों तक बढ़ाई गई है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि।
  • पहली बार नौकरी करने वाले पात्र युवाओं को 15,000 रुपए तक का लाभ।
  • अतिरिक्त भर्ती करने वाले नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रोत्साहन।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अतिरिक्त दो वर्ष की सहायता।
  • भोपाल और मंडीदीप में 100 से अधिक नियोक्ता और करीब 700 प्रतिभागियों की मौजूदगी।
  • लाइव कार्यक्रम के दौरान 25 से अधिक युवाओं को रोजगार पत्र वितरित किए गए।
  • योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन, कार्यबल का औपचारिकीकरण और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करना है।

UIMR मास्टर प्लान से बदलेगी MP के 6 जिलों की तस्वीर, 5 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

इंदौर.

मध्य प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए मालवा अंचल से विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047′ के संकल्प को गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सबसे बड़े क्षेत्रीय विकास मॉडल यूनिफाइड इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) की रूपरेखा साझा की है।

सरकार ने इस महा-परियोजना के दायरे को बढ़ाते हुए अब 16 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक कर दिया है, जिससे मालवा के 6 जिलों की करीब सवा करोड़ आबादी सीधे लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी योजना केवल महानगरों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य इंदौर की आर्थिक तरक्की का लाभ आसपास के छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना है। इस रणनीति के तहत इंदौर को मुख्य ग्रोथ इंजन बनाकर उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों का संतुलित व आधुनिक विकास सुनिश्चित किया जाएगा। इस वृहद क्षेत्र में कुल 38 तहसीलें और 2,781 गांव शामिल किए गए हैं।

5 लाख युवाओं को रोजगार और 14 नए इंडस्ट्रियल पार्क
योजना का सबसे मजबूत पक्ष रोजगार और औद्योगिक क्लस्टर्स का निर्माण है। क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार 13,500 हेक्टेयर से अधिक का विशाल लैंड बैंक तैयार कर रही है, जहां 14 नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से मालवा अंचल में लगभग 5 लाख युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने का अनुमान है।

शहरों को विशिष्ट औद्योगिक पहचान दी जाएगी:
पीथमपुर: इसे इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में ढाला जाएगा।
उज्जैन: यहां की विक्रम उद्योगपुरी को औद्योगिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
रतलाम: इस जिले को बड़े लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट (निर्यात) हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

’60 मिनट एक्सेस’ और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से जुड़ाव
क्षेत्रीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए ’60 मिनट एक्सेस’ मॉडल की परिकल्पना की गई है। इसके तहत पूरे 16 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में ऐसी उन्नत सड़क और परिवहन प्रणाली तैयार होगी, जिससे कोई भी नागरिक एक घंटे के भीतर मुख्य आर्थिक केंद्रों तक पहुंच सकेगा। इसके लिए इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे और मेट्रो के विस्तार जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही, इस पूरे रीजन को सीधे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान होगी।

कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मार्गों का निर्माण
उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए विभिन्न मार्गों का निर्माण भी किया जा रहा है। शहर की आंतरिक सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य भी जारी है। सिंहस्थ के लिए 5 रेलवे ओवरब्रिज और 17 नदी पुलों का निर्माण किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान रियल टाइम निगरानी, भीड़ प्रबंधन, यातायात…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 19, 2026

देश का अनूठा ‘लैंड पूलिंग’ मॉडल और ब्लू-ग्रीन पॉलिसी
भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकार ने एक अभिनव और किसान-हितैषी दृष्टिकोण अपनाया है। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए देश का पहला अनूठा लैंड पूलिंग मॉडल लागू किया जा रहा है। इसके तहत 17 गांवों के किसानों से जमीन तो ली जाएगी, लेकिन विकास कार्यों के बाद उनकी 60 प्रतिशत भूमि पूरी तरह विकसित अवस्था में वापस सौंप दी जाएगी। इससे किसान सिर्फ अपनी जमीन खोने वाले पक्षकार नहीं, बल्कि विकास के सीधे हिस्सेदार बनेंगे।
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट को ‘ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट’ नीति पर आधारित किया गया है। नर्मदा नदी सहित सभी प्राकृतिक जल स्रोतों और जंगलों के आसपास बिना अनुमति के निर्माण पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। उद्योगों के लिए ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ नीति अनिवार्य होगी और नए क्लस्टर्स को पूरी तरह कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

अध्यात्म और डेटा-आधारित वैज्ञानिक नियोजन
मालवा की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार ने वर्ष 2047 तक पर्यटन क्षेत्र का राज्य की जीडीपी में 10 प्रतिशत योगदान तय करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर को मिलाकर एक भव्य आध्यात्मिक और हेरिटेज टूरिज्म सर्किट का निर्माण किया जाएगा, जिसमें नर्मदा रिवरफ्रंट और रूरल टूरिज्म के जरिए स्थानीय लोगों को आय के साधन मिलेंगे। अव्यवस्थित शहरीकरण और अनियोजित बसाहट की चुनौतियों से निपटने के लिए ‘मध्य प्रदेश महानगरीय क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025’ के तहत एक हाई-टेक मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी बनाई जाएगी। यह विंग भविष्य की जनसंख्या, ट्रैफिक और बुनियादी जरूरतों का वैज्ञानिक व डेटा-आधारित विश्लेषण कर एडवांस प्लानिंग करेगी, जिससे आने वाले दशकों में भी यह रीजन देश के सबसे सुव्यवस्थित और आधुनिक क्षेत्रों में शुमार रह सके।

MP में ‘सनातन’ मुद्दे पर आमने-सामने आए किन्नरों के दो गुट, अशोकनगर में किन्नर गुरु के घर पुलिस तैनात

अशोक नगर.

जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच चल रहा वर्चस्व का विवाद अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। काजल ठाकुर और चांदनी नायक ग्रुप के बीच शुरू हुई यह लड़ाई अब केवल इलाकों (गुरु गद्दी) के बंटवारे तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सनातन बनाम गुरु-शिष्य परंपरा और जातिगत बयानों का एंट्री हो चुकी है।

एक ओर जहां काजल ठाकुर ने इस पूरे मामले को सनातन धर्म से जोड़कर नया मोड़ देने का प्रयास किया है, वहीं अशोकनगर की किन्नर गुरु चांदनी नायक ने पलटवार करते हुए कहा है कि किन्नर की कोई जाति या धर्म नहीं होता, किन्नर की स्वयं किन्नर ही जाति होती है और वे सभी धर्मों का सम्मान करती हैं।

सनातन में वापसी के आग्रह से सुलग उठी विवाद की चिंगारी
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व काजल ठाकुर ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए कई स्थानीय किन्नरों को अपने गुट में शामिल कर लिया था। इसके साथ ही उन्होंने सभी किन्नरों से सनातन धर्म में वापसी करने का आग्रह किया। जब यह मामला प्रदेश के किन्नर समाज के बीच पहुंचा, तो गुरु-शिष्य की सदियों पुरानी परंपरा को बचाए रखने के लिए अशोकनगर की किन्नर गुरु चांदनी नायक ने सबसे पहले मोर्चा खोला और काजल ठाकुर का जमकर विरोध किया। इस विरोध से बौखलाई काजल ठाकुर ने चांदनी नायक पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘जिहादी’ तक कह डाला। इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए चांदनी मौसी ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद केवल अपनी परंपरा को बचाना है।

अशोक नगर में दी गई थी मारपीट की धमकी, तैनात रहा पुलिस बल
विवाद इस कदर बढ़ा कि करीब 15 दिन पहले काजल ठाकुर द्वारा अशोकनगर आकर किन्नर गुरु चांदनी नायक के साथ मारपीट करने की धमकी दी गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चांदनी नायक ने तत्काल अशोकनगर पुलिस और जिला प्रशासन से लिखित शिकायत कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए किन्नर गुरु को पुलिस प्रोटेक्शन मुहैया कराया और उनके निवास पर पुलिस बल तैनात कर दिया। हालांकि, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के चलते फिलहाल अशोकनगर में ऐसी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।

इंदौर में झमाझम बारिश से बदला मौसम, 27 जून के बाद पूरे MP में मानसून की दस्तक के आसार

इंदौर.

प्रशांत महासागर में अलनीनो अब सामान्य स्थिति से पाजिटिव में तब्दील हो चुका है। समुद्र तल गर्म होने के कारण इसका दक्षिणी पश्चिमी मानसून पर असर दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि भारत में अभी मानसून की गति पर ब्रेक लगने जैसी स्थिति दिखाई दे रहा है।

वहीं, शनिवार दोपहर को शहर में तेज बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बह निकला और मौसम सुहावना हो गया। विगत वर्षो में 19 जून तक जो मानसून इंदौर सहित मप्र तक पहुंच जाता था। इस बार मानूसन उड़ीसा झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ के मुहाने पर ही अटका हुआ है। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक 23 जून तक छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने की संभावना है। ऐसे में जून के अंतिम सप्ताह में 27 जून के आसपास ही मप्र में मानूसन के प्रवेश करने की संभावना है।

प्रदेश में 45 प्रतिशत कम हुई है वर्षा
प्रदेश में जून माह के 19 दिनों में वर्षा (Rain in Madhya Pradesh) लगभग नदारद ही रही है। प्रदेश में प्री मानसून सीजन (Pre Monsoon in MP) में अब तक 45 फीसद कम वर्षा हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के जिले ज्यादा प्रभावित है। पूर्वी मप्र में 45 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वही पश्चिमी मप्र में 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई।

इंदौर में बादल के साथ हल्की बूंदाबांदी के आसार
इंदौर शहर में दोपहर में निकली धूप ने शहरवासियों को परेशान किया। दिन में हल्के बादल भी छाए। शुक्रवार को शहर में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। वही न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को शहर में बादल छाएंगे और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।

दतिया के पीतांबरा पीठ पहुंचे CM योगी और डिप्टी CM मौर्य, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

दतिया.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने पीतांबरा पीठ परिसर में स्थित महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक भी किया। इस दौरान पीठ के पुजारियों ने मंत्रोच्चार के बीच योगी से जलाभिषेक कराया।

एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से हुई अगवानी
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष विमान से दतिया एयरपोर्ट पहुंचे। यहां पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, शिमला विधायक प्रदीप अग्रवाल कलेक्टर स्वप्निल वानखडे व एसपी मयूर खंडेलवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी अगवानी कर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पार्टीजन से भी मिले। इसके बाद सीधे पीतांबरा पीठ पहुंचे, जहां मंदिर प्रबंधन एवं पुजारियों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

पूजा-अर्चना कर ललितपुर हुए रवाना
पीताम्बरा पीठ में दर्शन एवं पूजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री कुछ समय तक मंदिर परिसर में रहे तथा वहां स्थित अन्य मंदिरों के भी उन्होने दर्शन किए। दर्शन और पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दतिया से उत्तर प्रदेश के ललितपुर के लिए रवाना हो गए। योगी की सुरक्षा के मद्देनजर पीठ के आसपास की दुकानें भी बंद रही।

मौर्य भी पहुंचे दतिया
वही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य भी शनिवार सुबह दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने सुबह पीतांबरा पीठ पर दर्शन पूजन किया। इसके बाद वह वापस रतन महल होटल पहुंचे, जहां से अगले गंतव्य के लिए रवाना हुए। दोनों दिग्गज नेताओं की इस दौरान आपस में मुलाकात नहीं हो सकी।

पन्ना की मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत से हड़कंप, नाराज छात्रों ने किया जमकर हंगामा

जबलपुर/प्रयागराज.

यूनाइटेड इंस्टिट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ने वाली छात्रा सृष्टि मिश्रा की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। इससे नाराज छात्रों ने हंगामा किया। मौके पर पुलिस पहुंची, लेकिन भीतर नहीं घुसने दिया गया।

मेडिकल कालेज की ओर से कहा गया है कि छात्रा को थायराइड की समस्या थी और मिर्गी के दौरे पड़ते थे। सृष्टि मिश्रा मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की रहने वाली थी।

छात्रा हास्टल के एक कमरे में सोई हुई थी
वह एमबीबीएस फाइनल इयर की छात्रा थी। संस्थान के हास्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। छात्रा शुक्रवार रात हास्टल के एक कमरे में सोई हुई थी।

छात्रा के पिता अनुराग मिश्रा के आने का इन्तजार
इसी दौरान उसकी संदिग्ध दशा में मौत हो गई। एयरपोर्ट थाना के प्रभारी राजेश उपाध्याय का कहना है कि छात्रा के पिता अनुराग मिश्रा के आने का इन्तजार किया जा रहा है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

21 साल बाद MP में लौटेंगी सरकारी बसें, इंदौर से होगी सेवा की शुरुआत

भोपाल.

मध्यप्रदेश के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी कंपनी की बसें दोबारा सड़कों पर दौड़ने जा रही हैं। इसकी शुरुआत इंदौर से जुलाई-अगस्त 2026 में प्रस्तावित है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (PM E-Bus Service) के तहत इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी जुलाई महीने से शुरू करने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जून को मंत्रालय में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक ली थी। इस बैठक में प्रदेश की नई परिवहन व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने नई परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रेजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि प्रदेश को सात परिवहन क्षेत्रों में बांटा जाएगा। इनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा शामिल हैं।

इंदौर से होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना और PM ई-बस सेवा के तहत बसों का संचालन सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से शुरू किया जाएगा। इंदौर क्षेत्र के अंतर्गत इंदौर संभाग के सभी जिले और इंदौर स्थित अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) मिलकर बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इंदौर से मध्यप्रदेश के अन्य जिलों को जोड़ने वाले इंटरसिटी मार्गों पर बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा इंदौर शहर में सिटी बस सेवा को भी मजबूत किया जाएगा। वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जाने वाले अंतरराज्यीय मार्गों पर भी अनुबंध के अनुसार बसों का संचालन किया जाएगा।

PM ई-बस सेवा के तहत इंदौर में चलेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें
प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार इंदौर शहर में PM ई-बस सेवा की 150 इलेक्ट्रिक बसें जुलाई 2026 से चलाने का प्रस्ताव है। इन बसों का उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना और यात्रियों को आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

सात क्षेत्रों में 620 मार्गों पर चलेंगी 2432 बसें
बैठक में बताया गया कि सात क्षेत्रीय मुख्यालयों के शहरों से प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों तक जाने वाले कुल 620 मार्गों की पहचान की गई है। इन मार्गों पर कुल 2432 बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। इंदौर क्षेत्र के लिए प्रदेश के अन्य जिलों को जोड़ने वाले 121 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर कुल 608 बसें संचालित की जाएंगी।

इंदौर में सिटी बस सेवा का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सातों क्षेत्रीय मुख्यालयों में सिटी बस सेवा भी संचालित की जाएगी। इन बसों को केवल शहर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आसपास के महत्वपूर्ण उपनगरीय क्षेत्रों तक भी चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके। इंदौर में शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए कुल 28 सिटी बस मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर PM ई-बस सेवा की 150 बसों को मिलाकर कुल 784 बसें चलाने की योजना है।

चार राज्यों के लिए चलेंगी अंतरराज्यीय बसें
इंदौर क्षेत्र से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जाने वाले मार्गों के लिए भी बस सेवा शुरू की जाएगी। इन राज्यों के लिए कुल 101 अंतरराज्यीय मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर 276 बसों का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) द्वारा किया जाएगा। इस तरह इंदौर से शुरू होने वाली इंटरसिटी, सिटी और अंतरराज्यीय बस सेवाओं को मिलाकर कुल 250 मार्गों पर 1688 बसें संचालित करने की योजना है।

पूरे प्रदेश में 1164 मार्गों पर चलेंगी 5206 बसें
सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश के सातों क्षेत्रों में सभी श्रेणी की बस सेवाओं के लिए कुल 1164 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर कुल 5206 बसों का संचालन किया जाएगा। अन्य छह क्षेत्रीय मुख्यालयों से भी इंदौर की तरह बस सेवा शुरू की जाएगी। संबंधित क्षेत्रीय कंपनियां अपने-अपने क्षेत्रों में बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी।

निजी बस संचालकों पर नहीं पड़ेगा असर
बैठक में स्पष्ट किया गया कि नई सरकारी बस सेवा शुरू होने से वर्तमान निजी बस संचालकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के अनुसार योजना लागू की जाएगी। निजी बसों के वर्तमान अनुज्ञा-पत्र पहले की व्यवस्था के अनुसार जारी रहेंगे और उनका संचालन जारी रहेगा।

राज्य स्तरीय कंपनी और सात सहायक कंपनियां होंगी गठित
बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए गठित राज्य स्तरीय कंपनी और सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के संगठनात्मक ढांचे को मंजूरी दी गई। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में सात विभाग काम करेंगे। इनमें आईटी एवं आईटीएमएस विभाग, प्लानिंग एवं अनुबंध विभाग, पॉलिसी एवं अनुसंधान, मानव संसाधन एवं विधि विभाग, अधोसंरचना विभाग, प्रवर्तन एवं गुणवत्ता विभाग और बिजनेस डेवलपमेंट विभाग शामिल हैं। इन विभागों के प्रमुख मुख्य महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी होंगे।

1190 पदों को मिली मंजूरी, चार साल में होगी भर्ती
राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी में कुल 140 पद स्वीकृत किए गए हैं। वहीं सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में 150 पदों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों में कुल 1190 पद विभिन्न विभागों के लिए सृजित करने की मंजूरी दी गई है। इन पदों पर अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। भर्ती प्रतिनियुक्ति, संविदा और संविलयन के आधार पर की जा सकेगी।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष ध्यान
सरकार ने बस संचालन में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी है। बसों की सुरक्षा और प्रवर्तन व्यवस्था के लिए पुलिस एवं विशेष सशस्त्र बल से अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर लिया जा सकेगा। वहीं गुणवत्ता नियंत्रण के लिए अलग विभाग बनाया जाएगा। इन बसों की आवाजाही प्रदेश के सभी ISBT और बस स्टैंड तक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए जरूरी निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस मार्गों और यात्री सुविधाओं को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जाए। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे को सात शहरों में स्थित कंपनियों की देनदारियों को लेकर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय कंपनी की अधिकृत पूंजी और पेड-अप कैपिटल को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए। इस नई परिवहन व्यवस्था से प्रदेश में यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक बस सेवा और आसान सफर मिलने की उम्मीद है।

एमपी के हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत, पेंशन और पीएफ के लिए अब 4 महीने पहले करना होगा ऑनलाइन आवेदन

भोपाल.

सेवानिवृत्त या मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों को किए जाने वाले अंतिम भुगतान की व्यवस्था में प्रदेश सरकार ने परिवर्तन किया है। अब अंतिम भुगतान के प्रकरणों के निराकरण के लिए कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

संचालक पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा को भुगतान सहित अन्य सभी प्रक्रियाओं के लिए अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार भविष्य निधि कटौती का विवरण कर्मचारी प्रतिमाह कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से देख सकेंगे।

चार महीने पहले करना होगा आवेदन
कोई गड़बड़ी नजर आने पर अभ्यावेदन आहरण एवं संवितरण अधिकारी को देंगे। सेवानिवृत्ति से चार माह पूर्व जब अंशदान की कटौती बंद कर दी जाती है, तक कर्मचारी ब्याज की गणना का सत्यापन करेंगे। चार माह पहले ही अपना अंतिम भुगतान आवेदन प्रस्तुत करेंगे। ऑनलाइन आवेदन जमा होने और वास्तविक भुगतान प्राप्त होने तक अपने वेतन से संबंध बैंक खाते में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन करने की अनुमति नहीं रहेगी। ऑनलाइन आवेदन के समय ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे सुरक्षित रखने का दायित्व कर्मचारी का होगा।

सीधे खाते में आएगी राशि
कर्मचारी से प्राप्त आवेदन का मिलान विभाग में संधारित निधि की पासबुक एवं सेवा पुस्तिका से होगा और उसकी प्रविष्टि कराई जाएगी। सत्यापित पृष्ठों को स्कैन कर कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली पर अपलोड किया जाएगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी से प्राप्त प्रकरणों का परीक्षण करने के बाद संचालक पेंशन के द्वारा भुगतान संबंधी आदेश जारी किए जाएंगे। भुगतान की राशि सीधे कर्मचारियों के उसे खाते में अंतरित की जाएगी, जहां सेवानिवृत्ति से पूर्व निरंतर छह माह का वेतन जमा किया गया हो।

कर्मचारियों की मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित कार्यालय द्वारा नाम, जन्मतिथि, बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। विवरण अपूर्ण होने पर स्वजन से जानकारी प्राप्त कर उसे अद्यतन किया जाएगा। नामांकित व्यक्ति के बैंक खाते में भुगतान होगा। नामांकित व्यक्ति के अल्पायु होने पर वैध संरक्षक के साथ संयुक्त बैंक खाते में राशि जमा कराई जाएगी। एक जुलाई 2026 के बाद विभागीय भविष्य निधि जमाशेष में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल प्रमाणित साक्ष्यों और विभागाध्यक्ष की अनुशंसा के आधार पर संचालक पेंशन के स्तर से किया जा सकेगा। आनलाइन की प्राधिकार पत्र जारी होने की तिथि से छह माह की अवधि के लिए ही वैद्य रहेगा।

10 साल बाद फिर जुड़ा बिखरा परिवार, सखी की पहल से बेटियों को मिला माता-पिता का साथ

10 साल पहले हुआ था तलाक

सखी की समझाइश से बेटियों के लिए फिर एक हुआ परिवार

भोपाल 

मध्यप्रदेश में संकटग्रस्त, पीड़ित और असहाय महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए संचालित ‘वन स्टॉप सेंटर’ (सखी) मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक अविश्वसनीय और दिल को छू लेने वाला मामला मध्यप्रदेश के दतिया जिले से सामने आया है, जहां कानूनी तौर पर तलाक होने के 10 वर्ष बाद वन स्टॉप सेंटर के प्रयासों से एक परिवार को पुनः मिलाया गया। इस पहल ने न सिर्फ दो मासूम बच्चियों को उनके पिता का साया वापस दिलाया, बल्कि टूट चुके एक वैवाहिक रिश्ते में फिर से खुशियों के रंग भर दिए।

यह कहानी दतिया की रहने वाली 36 वर्षीय उर्मिला (बदला हुआ नाम) की है। 10 वर्ष पूर्व न्यायालय द्वारा पति से तलाक होने के बाद उर्मिला अपनी दो मासूम बच्चियों के साथ मायके में रह रही थी। उर्मिला के वृद्ध पिता मजदूरी करके किसी तरह अपनी बेटी और दोनों नातिनों का पेट पाल रहे थे और तंगहाली के बावजूद बच्चियों को अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे थे। वर्तमान समय में महंगाई और बढ़ती उम्र के कारण वृद्ध पिता के लिए पूरे परिवार का खर्च उठाना असंभव हो गया। अपनी बच्चियों के भविष्य को अंधकार में डूबता देख, उर्मिला ने हिम्मत जुटाई और दतिया कलेक्टर की जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाते हुए एक शिकायती पत्र सौंपा।

वन स्टॉप सेंटर से मिली मदद

महिला एवं बाल विकास विभाग दतिया के जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार उपाध्याय के माध्यम से यह संवेदनशील मामला तुरंत ‘वन स्टॉप सेंटर’ को ट्रांसफर किया गया। सेंटर पर जब उर्मिला को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया, तो 10 साल का दर्द और भविष्य की चिंता उसकी आँखों से बह निकली। उसकी बस यही चिंता थी कि क्या तलाक के इतने सालों बाद उसका पति उसे और बच्चियों को स्वीकार करेगा? वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक सुरीना गौतम ने उर्मिला को ढांढस बंधाया और हर संभव प्रयास कर उसका हक दिलाने का अटूट विश्वास दिलाया।

कानूनी पेचीदगियों पर भारी पड़ी ‘समझाइश’

वन स्टॉप सेंटर की टीम ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मदद से उर्मिला के पति और उसके परिवारजनों को कार्यालय आमंत्रित किया। काउंसलिंग के दौरान पति ने 10 साल पुराने तलाक के कानूनी दस्तावेज पेश किए। कानूनी रूप से रिश्ता खत्म हो चुका था, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण अभी बाकी था। विभाग के अधिकारियों और वन स्टॉप सेंटर की टीम ने कड़े वैधानिक रुख के बजाय बेहद संवेदनशील तरीके से संयुक्त काउंसलिंग की। उन्होंने पति और उसके परिवार को बच्चियों के भरण-पोषण, शिक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य का अहसास कराया।

और खिल उठे चेहरे, लौट आई खुशियां

इस मैराथन काउंसलिंग और मानवीय समझाइश का असर यह हुआ कि पति और उसके भाइयों का दिल पिघल गया। पति न केवल कानूनी तलाक को भुलाकर उर्मिला को पत्नी के रूप में दोबारा स्वीकार करने को राजी हुआ, बल्कि दोनों बच्चियों की पढ़ाई और पूरी जिम्मेदारी उठाने की सहर्ष सहमति दे दी। 10 साल से मायूसी का जीवन जी रही उर्मिला का चेहरा उम्मीद की नई किरण से खिल उठा। वन स्टॉप सेंटर के दफ्तर में जो परिवार कभी कानूनी तौर पर अलग हुआ था, वह एक-दूसरे का हाथ थामकर, खुशी-खुशी अपने घर के लिए रवाना हुआ। उर्मिला ने नम आंखों से दतिया प्रशासन और वन स्टॉप सेंटर का आभार व्यक्त किया।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu