एमपी-छत्तीसगढ़ के 34 हजार से अधिक कर्मचारियों को बड़ी सौगात, पीएम मोदी देंगे ₹2400 करोड़ का लाभ

भोपाल

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाय) के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों को लगभग 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे।
एमपी-छत्तीसगढ़ के 34,610 कर्मचारी होंगे लाभान्वित

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त रौशन काश्यप ने बताया कि विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पीएम-वीबीआरवाय के कार्यक्रम को राष्ट्रीय आयाम देते हुए देश भर में 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन स्थानों पर इसका लाइव प्रसारण होगा। योजना से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की 2476 कंपनियों के 34,610 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। मध्य प्रदेश में दो स्थानों मैनिट सभागार भोपाल एवं एचईजी मंडीदीप में भी कार्यक्रम होंगे। जिसमें नियोक्ताओं, कर्मचारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के रूप में लगभग 700 अतिथि शामिल होंगे।

मैनिट भोपाल और एचईजी मंडीदीप के कार्यक्रमों में शामिल होंगे मुख्य अतिथि

मैनिट सभागार भोपाल में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मप्र शासन के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल शामिल होंगे। एचईजी मंडीदीप में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक भोजपुर क्षेत्र सुरेन्द्र पटवा शामिल होंगे।

भोपाल के हर्षित मेहरा और धार के नैतिक वैष्णव करेंगे पीएम से संवाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। इनमें भोपाल के हर्षित मेहरा और धार के नैतिक वैष्णव पीएम से संवाद करेंगे।

3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां देना है उद्देश्य

पीएम-वीबीआरवाय भारत सरकार की एक प्रमुख एंप्लायमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआइ) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, संगठित कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वालों को सहायता प्रदान करना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पात्र पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को 15,000 तक का एक माह का वेतन मिलता है, जबकि नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी तीन हजार रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन दो साल की अवधि के लिए मिलेगा, बशर्ते कर्मचारी कम से कम छह माह तक निरंतर रोजगार में रहे।

विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगी अतिरिक्त सहायता

विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र अतिरिक्त दो वर्षों के लिए विस्तारित सहायता के लिए पात्र है। जिससे श्रम-गहन उद्योगों में निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलता है। 99,446 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ शुरू की गई योजना का उद्देश्य दो वर्ष की अवधि में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन की सुविधा प्रदान करना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थियों के पहली बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश करने की उम्मीद है। योजना एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू हैं।

​उच्च शिक्षा में बड़े सुधार की तैयारी: नए सत्र में समय पर होंगी परीक्षाएं

​रायपुर

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने नवीन शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर राज्य के समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शैक्षणिक और अशैक्षणिक स्टाफ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सत्र में शैक्षणिक कैलेंडर का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और अनुशासित बनेगी।

 उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, अनुशासित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन, डिजिटल गवर्नेंस के उपयोग, एकीकृत नियामक संस्थाओं के गठन और छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति से जुड़े सख्त दिशा-निर्देश शामिल हैंl उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसरों में अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

​विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए बनेगा ‘हेल्प डेस्क’
     ​

छात्र हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंत्री  वर्मा ने घोषणा की है कि महाविद्यालय आने वाले समस्त विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ‘हेल्प डेस्क’ की स्थापना की जाएगी। इससे छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें तत्काल राहत मिलेगी।

​समय पर प्रवेश लें छात्र, बार-बार नहीं बढ़ेगी तारीख

 ​उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार महाविद्यालयों में गुणाक्रम (मेरिट) के आधार पर समय पर प्रवेश लें। उन्होंने कहा कि समय पर प्रवेश होने से प्राविण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में आने वाले सभी विद्यार्थियों का एडमिशन निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा और पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो पाएगी। बार-बार प्रवेश की तिथि बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि प्रवेश सूची में नाम आने पर कोई भी विद्यार्थी दाखिले से वंचित न रहे।

​NEP 2020 का समयबद्ध क्रियान्वयन

सभी कॉलेजों के शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों की यह जिम्मेदारी होगी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत पढ़ाई समय पर शुरू हो, पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो, और सेमेस्टर व अन्य परीक्षाएं समय पर आयोजित की जाएं। इसके साथ ही शैक्षणिक कैलेंडर की समय-सीमा के भीतर ही परीक्षाओं के परिणाम भी जारी किए जाएंगे। कॉलेज परिसरों में उच्च शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को सह-शैक्षणिक (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अपने संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास कर संस्था और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

​युवाओं के सुनहरे भविष्य के निर्माण का भरोसा

 उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को विश्वास दिलाया कि माननीय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी की सरकार युवाओं के सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सबको मिलकर यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय  नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 के ‘विकसित भारत’ के सपनों को साकार करना है।

डीजीपी कैलाश मकवाणा से किलिमंजारो फतह करने वाली निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने सौजन्य भेंट की

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से माउंट किलिमंजारो विजय के उपरांत निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने पुलिस मुख्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर  मकवाणा ने उन्‍हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए डीजीपी ने कहा कि यह सफलता मध्यप्रदेश पुलिस की महिला अधिकारियों की क्षमता, साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने अपनी उपलब्धि से प्रदेश की महिलाओं, युवाओं तथा पुलिस बल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी है।

इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक एससीआरबी  जयदीप प्रसाद एवं पुलिस महानिरीक्षक एससीआरबी  हरिनारायणचारी मिश्र उपस्थित थे।

राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB), पुलिस मुख्यालय में पदस्थ इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने 29 मई 2026 को अफ्रीका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो के Gilmans point 5685m पर पहुंचकर तिरंगा एवं मध्यप्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। इस अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान में वे भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। इस उपलब्धि के साथ निरीक्षक मती दीपिका गौतम मध्यप्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने तंजानिया स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक फतह कर प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया है।

माउंट किलिमंजारो अभियान पांच दिनों का अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं कठिन अभियान था। इस दौरान तीन बेस कैंप पार करने के बाद अंतिम चढ़ाई रात्रि में प्रारंभ की गई। अभियान के दौरान तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था तथा लगातार बदलते मौसम ने परिस्थितियों को और अधिक कठिन बना दिया था। इन चुनौतियों के बावजूद निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने अदम्य साहस, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए सफलता प्राप्त की।

 

मध्यप्रदेश को देश में आईटी और सेवा क्षेत्र का बनायेंगे अग्रणी केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मध्यप्रदेश को आईटी और सेवा क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4 आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर-पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर एक ऐसा आधुनिक इको सिस्टम तैयार करेगी, जो मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन इस परिवर्तन का ग्रोथ इंजन बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 के निरीक्षण में यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर को हम मध्यप्रदेश की आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाला आईटी पार्कों का समग्र इको सिस्टम प्रदेश को नई आर्थिक गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी पार्क प्रदेश को आईटी, ग्लोबल केपीबिलिटी सेंटर और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है।

निर्माणाधीन आईटी पार्क 557 करोड रुपए की लागत से ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह 22 मंजिला भवन 11.25 लाख वर्गफीट के कुल निर्मित क्षेत्रफल के साथ मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ ग्लोबल आईटी पार्क बनने जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायकगण  रमेश मेंदोला,  मधु वर्मा,  मनोज पटेल और पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार, कलेक्टर  शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी के सीईओ  हिमांशु प्रजापति सहित जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में किया माल्यार्पण

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का अद्वितीय साहस, अमर शौर्य और अदम्य राष्ट्रप्रेम संपूर्ण देश के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा। उनका बलिदान मातृभूमि के सम्मान और स्वतंत्रता के लिये सदैव हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अल्पायु में मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में ऐतिहासिक किला मैदान स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा और चित्र पर माल्यार्पण किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के गौरवशाली इतिहास को सहेजने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इंदौर का यह ऐतिहासिक किला मैदान क्षेत्र भी हमारी ऐतिहासिक धरोहरों और महान वीरों की स्मृतियों का साक्षी है।

इस अवसर पर नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

 

अधिकारियों का स्वास्थ्य और कार्यकुशलता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री श्री पटेल

भोपाल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे अधिकारी निरंतर भारी दबाव में जनसेवा का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी भलाई और मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री  पटेल श्रम विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित ‘उच्च-तनाव वाली लोक सेवा भूमिकाओं में बर्नआउट की रोकथाम’ विषय पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  पटेल ने कहा कि कार्यस्थल पर तनाव से जुड़े फीडबैक तंत्र को लागू कर विभागीय टीमों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इस सत्र में राज्य से 79 वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिनभर की भागदौड़, लगातार बजते फोन और फाइलों के दबाव से जूझने वाले अधिकारियों की मानसिक सेहत को सुदृढ़ बनाने और कार्यस्थल पर उनके दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से यह सत्र आयोजित किया गया था।

आर्डेन विश्वविद्यालय, लंदन की व्याख्याता और स्वास्थ्य मनोविज्ञान विशेषज्ञ  मुक्ति सिंह ठाकुर ने सत्र का मुख्य संचालन किया। उन्होंने एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि अत्यधिक तनाव के साथ-साथ यह मानना कि ‘तनाव सेहत बिगाड़ रहा है’, मृत्यु के जोखिम को 43 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। वहीं, जो लोग तनाव को हानिकारक नहीं मानते, उनमें ऐसा कोई खतरा नहीं देखा गया।  ठाकुर ने तनाव प्रबंधन का एक बेहद सरल और प्रभावी उपाय साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उद्वेलित होने से पहले महज 30 सेकंड का ठहराव लें और आस-पास की किसी आम चीज़, जैसे छत का पंखा, खिड़की या अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। यह संक्षिप्त ठहराव मस्तिष्क को ‘सुरक्षित’ होने का गहरा संकेत देता है, जिससे तंत्रिका तंत्र का झूठा अलार्म बंद हो जाता है। लंबी सांस छोड़ने और धीमी सांस लेने की यह प्राणायाम तकनीक दिल को शांत कर रक्तचाप को तुरंत नियंत्रित करती है।

विशेषज्ञ  ठाकुर ने कहा कि रोज़-रोज़ की अनियंत्रित तनावपूर्ण प्रतिक्रियाएं शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ा देती हैं। यही स्थिति आगे चलकर उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और टाइप-2 मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर बीमारियों की छिपी वजह बनती है। उन्होंने आईसीएमआर-इण्डियाब अध्ययन (2023) का संदर्भ देते हुए बताया कि देश में करीब 10.1 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं। अत्यधिक तनाव से निर्णय लेने की क्षमता और याददाश्त कमजोर हो जाती है, जो अधिकारियों को गंभीर बर्नआउट की ओर धकेल देती है।

 

अवैध शराब माफियाओं पर पुलिस का शिकंजा, जून में 2.86 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए जून माह में अब तक 2 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है, बल्कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना भी है।

सबसे बड़ी कार्रवाई झाबुआ जिले में की गई, जहां थांदला, राणापुर और झकनावदा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 176 से अधिक पेटी अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों सहित लगभग 47.71 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। वहीं इंदौर और इंदौर ग्रामीण पुलिस ने संयोगितागंज, द्वारकापुरी और बड़गोंदा क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब 37.81 लाख रुपये की अवैध शराब और वाहन जब्त किए।

खरगोन जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और अन्य वाहनों सहित लगभग 28.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। सागर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर 26.95 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब और वाहन पकड़े गए। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में दो मामलों में 2,484 लीटर से अधिक अवैध शराब और पिकअप वाहन सहित 22.50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई।

बड़वानी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, नरसिंहपुर, सिंगरौली, विदिशा, सीधी, उज्जैन, भिंड, जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, मुरैना, आगर मालवा, डिंडोरी, दमोह और भोपाल ग्रामीण सहित कई जिलों में भी बड़ी मात्रा में अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया। कई स्थानों पर पुलिस ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत विशेष कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार प्रदेशभर में अवैध शराब के कारोबार, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस नशे के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

भू-माफियाओं पर सख्ती और आवासीय परियोजनाओं में तेजी के मंत्री सारंग के निर्देश

भोपाल 

सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय में भोपाल शहर एवं नरेला विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, आवासीय परियोजनाओं, अतिक्रमण, नागरिक सुरक्षा तथा आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री  सारंग ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा आमजन से जुड़े विषयों का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

भू-माफियाओं और अवैध निर्माणों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान

मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे भोपाल में अभियान चलाकर भू-माफियाओं और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की भूमि तथा विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाले सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाया जाए। उन्होंने अवैध प्लॉटिंग और अवैध भवन निर्माण को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। जहां-जहां अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं या अवैध निर्माण हो रहे हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मोती नगर, रेलवे भूमि और अशोका गार्डन से हटेंगे अवैध कब्जे

बैठक में मोती नगर क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मंत्री  सारंग ने रेलवे और पीडब्ल्यूडी की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन और सुभाष नगर क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। साथ ही अशोका गार्डन थाना परिसर के पीछे हुए अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री  सारंग ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अतिक्रमण रोकने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

मंत्री  सारंग ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिक्रमण रोकने में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जनहित के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।

पीएम आवास योजना और ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं को मिलेगी नई गति

प्रधानमंत्री आवास योजना एवं ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री  सारंग ने निशांतपुरा में पुलिस लाइन विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्यवाही आगे बढ़ाने के सुझाव दिए। साथ ही रचना नगर, नयापुरा, गैस राहत कॉलोनी, कस्तूरबा नगर और पलासी क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। मंत्री  सारंग ने रचना नगर की भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर वहां आवासीय परियोजना विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें।

चांदबढ़ की कपड़ा मिल भूमि पर विकसित होगी नई आवासीय परियोजना

चांदबढ़ स्थित कपड़ा मिल की उपलब्ध भूमि पर भी चर्चा हुई। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को सुझाव दिए कि इस भूमि पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के अंतर्गत नई आवासीय परियोजना विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा सके।

बरसात से पहले जर्जर भवनों पर होगी सख्त कार्रवाई

आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री  सारंग ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ऐशबाग के 600 जर्जर मकान होंगे खाली

ऐशबाग स्थित जनता क्वार्टरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री  सारंग ने बताया कि यहां लगभग 600 मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मकानों को तत्काल खाली कराया जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, जिससे बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि न हो।

गौतम नगर के जर्जर पुलिस क्वार्टरों पर भी होगी कार्रवाई

मंत्री  सारंग ने गौतम नगर क्षेत्र स्थित जर्जर पुलिस आवासों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन भवनों में निवासरत परिवारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने ऐसे भवनों को असुरक्षित घोषित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पूरे शहर में होगा प्री-मानसून सुरक्षा सर्वे

मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि नगर निगम, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से प्री-मानसून सर्वे करें तथा जर्जर भवनों, कमजोर संरचनाओं, जलभराव संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करें।

अन्ना नगर में स्थायी बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

अन्ना नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समीक्षा करते हुए मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीएचईएल और ऊर्जा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।

सुभाष नगर में अस्पताल निर्माण का मार्ग होगा प्रशस्त

जोन-12 अंतर्गत सुभाष नगर क्षेत्र में प्रस्तावित अस्पताल परियोजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

गोकुल धाम के रहवासियों की समस्या के समाधान के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना

नरेला विधानसभा स्थित गोकुल धाम क्षेत्र की आवासीय समस्या पर चर्चा करते हुए मंत्री  सारंग ने बताया कि यहां बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन संबंधित बिल्डर द्वारा परियोजना अधूरी छोड़ दिए जाने के कारण रहवासियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और रहवासियों को राहत मिल सके।

मंत्री  सारंग ने कहा कि भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और आधुनिक शहर बनाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, जिससे विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

 

संतोष चौबे होंगे कर्मवीर सम्मान–2026 से सम्मानित

भोपाल

माधवराव सप्रे संग्रहालय, भोपाल द्वारा अपने 43वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठ कवि–कथाकार, विश्व रंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  संतोष चौबे को प्रतिष्ठित ‘कर्मवीर सम्मान–2026’ से सम्मानित किया जाएगा। 

यह सम्मान समारोह 19 जून (शुक्रवार) को सुबह 10.30 बजे सप्रे संग्रहालय, भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल के मुख्य आतिथ्य और तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष  रघुनंदन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित होगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक तथा वैश्विक हिंदी पत्रकारिता के अध्येता डॉ. जवाहर कर्नावट को भी कर्मवीर सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही इतिहास एवं पुरातत्व के अध्येता डॉ. सुभाष अत्रे, संस्कृति मर्मज्ञ  राम तिवारी तथा वरिष्ठ पत्रकार  नुरूल हसन ‘नूर’ भी सम्मानित होंगे। 

इस अवसर पर मध्यप्रदेश अभिलेखागार के पूर्व संचालक  शंभुदयाल गुरू द्वारा प्रदत्त साहित्य से इतिहास प्रभाग का शुभारंभ भी होगा।

ऐतिहासिक धरोहरों और जल संरचनाओं का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ और जल संरचनाएँ हमारी समृद्ध वास्तुकला और उत्कृष्ट जल प्रबंधन की प्रतीक हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को संजोकर रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर के प्राचीन  वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन बावड़ी का अवलोकन कर यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार, बावड़ी के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बिना नुकसान पहुँचाए, वैज्ञानिक पद्धति से इसकी सफाई और जीर्णोद्धार कार्य तत्काल प्रारंभ के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम जन की सुरक्षा के लिए बावड़ी के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली अथवा रैलिंग अनिवार्य रूप से लगाई जाए। बावड़ी के प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए तकनीकी उपाय किए जाएं, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। मंदिर और बावड़ी के आस-पास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया जाए, जिससे यहाँ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समस्त विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य एक निश्चित समय-सीमा तय कर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।

नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu