MP में 7 साल पुराना OBC आरक्षण विवाद निर्णायक मोड़ पर, 24 जून से हाई कोर्ट में नियमित सुनवाई

 जबलपुर
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित और सात वर्षों से लंबित ओबीसी आरक्षण विवाद मामले में अब सुनवाई की प्रक्रिया तेज होने जा रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की विशेष युगलपीठ ने मामले की गंभीरता और इससे प्रभावित हजारों अभ्यर्थियों के हितों को देखते हुए 24 जून 2026 से प्रतिदिन सुनवाई (डे-टू-डे हियरिंग) करने का फैसला लिया है।

प्रशासनिक न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बी.पी. शर्मा की विशेष युगलपीठ के समक्ष मंगलवार को यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। हालांकि सामान्य वर्ग की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण मामले में कोई ठोस सुनवाई नहीं हो सकी। इस दौरान ओबीसी आरक्षण विवाद से संबंधित 91 याचिकाएं और संबद्ध प्रकरण सूचीबद्ध थे।

सुनवाई के दौरान ओबीसी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने न्यायालय से मुख्य याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने वैकल्पिक रूप से सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के संदर्भ में अंतरिम आदेशों को निरस्त करने से जुड़े लंबित आवेदनों पर विचार करने की मांग भी रखी।

अधिवक्ता ठाकुर ने दलील दी कि आरक्षण विवाद के कारण बड़ी संख्या में शासकीय नियुक्तियां वर्षों से लंबित हैं और हजारों अभ्यर्थी करीब सात साल से अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में मामले का शीघ्र निराकरण आवश्यक है।

युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला पहली बार उनके समक्ष सूचीबद्ध हुआ है और सभी पक्षों को विस्तृत सुनवाई का समुचित अवसर मिलना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इतने व्यापक और बहुस्तरीय विवाद का न्यायसंगत समाधान तभी संभव है, जब सभी पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी जाएं।

इसी को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने 24 जून से प्रतिदिन सुनवाई करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि नियमित सुनवाई से लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है और नियुक्तियों का रास्ता भी साफ हो सकता है।

    ओबीसी आरक्षण विवाद से राज्य की विभिन्न भर्ती प्रक्रियाएं, चयन सूचियां व हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। लिहाजा, अब निगाहें जाहिर तौर पर 24 जून पर टिकी हैं, जब हाई कोर्ट इस बहुप्रतीक्षित मामले की नियमित सुनवाई आरंभ करेगा। उम्मीद की जा रही है कि लगातार सुनवाई से वर्षों से लंबित इस संवेदनशील संवैधानिक विवाद के समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति हो सकेगी।

    -संदीप जैन, अधिवक्ता, मप्र हाई कोर्ट।

 

भोपाल बार संघ चुनाव में बड़ा झटका, नामांकन फीस 75% तक बढ़ी; प्रत्याशियों का बजट बिगड़ा

भोपाल
 राजधानी भोपाल बार संघ चुनाव इस बार प्रत्याशियों के लिए बेहद खर्चीला साबित हो रहा है, क्योंकि विभिन्न पदों की नामांकन फीस में 42% से लेकर रिकार्ड 75% तक की भारी वृद्धि की गई है। इस बार के चुनाव में सबसे ज्यादा प्रतिशत वृद्धि (75%) सह-सचिव, कोषाध्यक्ष और पुस्तकालयाध्यक्ष के पदों पर देखी गई है, जिनकी फीस सीधे 20 हजार से बढ़ाकर 35 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं सबसे बड़े यानी अध्यक्ष पद के लिए भी दो वर्ष पहले की तुलना में सीधे 42.85% (15,000 रुपये) का इजाफा किया गया है।

फीस में की गई यह बेतहाशा बढ़ोतरी
इस समय कोर्ट परिसर में उम्मीदवारों और वकीलों के बीच चर्चा और आक्रोश का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं के लिए बड़ी चुनौती इस बढ़ोतरी पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रियनाथ पाठक ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि जिस प्रकार चुनाव लड़ने के लिए नामांकन शुल्क में 50 से 75 फीसदी तक की वृद्धि की गई है, उससे सबसे बड़ी दिक्कत यह आ रही है कि जो अधिवक्ता आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए अब चुनाव लड़ना बेहद मुश्किल काम हो गया है।

इसके कारण कई योग्य उम्मीदवार चुनाव मैदान से दूर रहने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं, सचिव पद (जिसमें 60% की वृद्धि हुई है) का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी अनुराग दुबे ने भी इस बढ़ी हुई फीस पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे उम्मीदवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है।

नियमों को ताक पर रख उड़ाई जा रही आचार संहिता की धज्जियां
चुनाव का प्रचार और जनसंपर्क कोर्ट परिसर में बहुत तेजी से चल रहा है, लेकिन इसके साथ ही चुनावी आचार संहिता के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियमों के मुताबिक कोर्ट परिसर के भीतर किसी भी तरह के झंडे, बैनर या पोस्टर लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद, सख्त हिदायतों और पाबंदियों को ताक पर रखकर पूरे परिसर को प्रचार सामग्री से पाट दिया गया है। कोर्ट परिसर की दीवारों, खंभों और दरवाजों पर प्रत्याशियों के पोस्टर और झंडे साफ नजर आ रहे हैं, जिससे आचार संहिता का खुला उल्लंघन दिखाई दे रहा है।

क्यों बढ़ानी पड़ी फीस?
इस बार बारिश के मौसम को देखते हुए वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था करनी होगी, जिसके कारण टेंट का खर्च काफी महंगा होने वाला है। इसके अलावा, समय के साथ स्टेशनरी की लागत भी बढ़ गई है। कुल मिलाकर विगत दो वर्षों में महंगाई में काफी ज्यादा इजाफा हुआ है, इसी व्यावहारिक कारण से इस बार नामांकन फीस में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है।” वासु वासवानी, मुख्य चुनाव अधिकारी, भोपाल बार काउंसिल।

विभिन्न पदों के लिए निर्धारित नामांकन फीस की तुलनात्मक तालिका

पद का नाम -वर्तमान निर्धारित फीस -दो वर्ष पहले की फीस- सीधे हुई बढ़ोतरी -कुल प्रतिशत वृद्धि (%)

अध्यक्ष- 50,000 रुपये -35,000 रुपये- 15,000 रुपये- 42.85% की वृद्धि

उपाध्यक्ष- 45,000 रुपये -30,000 रुपये- 15,000 रुपये- 50.00% की वृद्धि

सचिव- 40,000 रुपय -25,000 रुपये- 15,000 रुपये- 60.00% की वृद्धि

सह-सचिव- 35,000 रुपये -20,000 रुपये- 15,000 रुपये- 75.00% की वृद्धि

कोषाध्यक्ष- 35,000 रुपये -20,000 रुपये- 15,000 रुपये- 75.00% की वृद्धि

पुस्तकालयाध्यक्ष-35,000 रुपये -20,000 रुपये- 15,000 रुपये- 75.00% की वृद्धि

वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य-15,000 रुपये- 10,000 रुपये- 5,000 रुपये- 50.00% की वृद्धि

कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य-7,500 रुपये- 5,000 रुपये- 2,500 रुपये- 50.00% की वृद्धि। 

सड़क हादसों में MP के युवा सबसे ज्यादा शिकार, हर दिन 283 एक्सीडेंट; चौंकाने वाली रिपोर्ट आई सामने

भोपाल
 राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से रोजाना सड़क हादसों की खबरें सामने आती हैं. तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है. अब सड़क दुर्घटनाओं को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में प्रदेश में 1 लाख 3 हजार से ज्यादा लोग सड़क हादसों का शिकार हुए हैं। 

प्रदेश भर में हर दिन औसतन 283 लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए. सबसे चिंता की बात यह है कि इन हादसों का सबसे बड़ा शिकार युवा वर्ग बन रहा है. करीब 61 प्रतिशत युवा सड़क दुर्घटनाओं के शिकार बन रहे हैं। 

सड़क दुर्घटना की भेंट चढ़ रहे एमपी के युवा
मध्य प्रदेश में सड़कों पर बढ़ती रफ्तार अब लोगों की जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है. यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है. 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा द्वारा जारी रिपोर्ट से पता चला है कि मई 2025 से 2026 तक में 1 लाख 3 हजार 294 सड़क दुर्घटना हुई हैं, जिनमें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और इनमें शामिल युवाओं की तादाद सबसे ज्यादा है। 

हादसों में किस उम्र वर्ग के कितने प्रतिशत लोग

    16 से 30 वर्ष आयु – 61 प्रतिशत
    31 से 45 वर्ष आयु – 24 प्रतिशत
    46 से 60 वर्ष आयु – 9 प्रतिशत
    अन्य आयु वर्ग – 6 प्रतिशत

108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने कहा, “मेरी टीम हर आपात स्थिति में गोल्डन ऑवर के भीतर पहुंचकर लोगों की जान बचाने का प्रयास करती है. हर कॉल मेरे लिए किसी की जिंदगी बचाने का अवसर होती है. टीम का प्रयास रहता है कि कम से कम समय में घटनास्थल पर पहुंचकर मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 

108 सेवा उपयोग करने की अपील
उन्होंने आगे लोगों से अपील करते हुए कहा, “किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य आपात स्थिति में निजी वाहन के बजाय 108 एंबुलेंस सेवा का उपयोग करें, क्योंकि एंबुलेंस में जीवन रक्षक उपकरण और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहता है, जो अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज को आवश्यक उपचार देना शुरू कर देता है। 

108 एंबुलेंस सेवा के आंकड़ों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रफ्तार की सनक लोगों पर कितनी भारी पड़ रही है. हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले एक साल में एक लाख तीन हजार से अधिक घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकती है. ऐसे में जरूरी है कि रफ्तार नहीं, जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाए. क्योंकि मंजिल तक पहुंचना जरूरी है, लेकिन सुरक्षित पहुंचना उससे भी ज्यादा जरूरी है। 

राष्ट्रपति मुर्मू आज ओंकारेश्वर पहुंचेंगी, हाई अलर्ट पर प्रशासन; छावनी में तब्दील हुई तीर्थ नगरी

ओंकारेश्वर 

महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 से 22 जून तक मध्य प्रदेश दौरे पर होंगी, जिसमें से 18 और 19 जून को वे ओंकारेश्वर में होंगी।  राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तीर्थ नगरी पूरी तरह हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील हो गई है. जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है. कार्यक्रम स्थल, मंदिर परिसर, हेलीपेड, वीआईपी मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 

ओंकारेश्वर रहेगा नो-ड्रोन एरिया
कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ” 17 से 19 जून तक संपूर्ण ओंकारेश्वर क्षेत्र और कोठी हेलीपेड के आसपास दो किलोमीटर का दायरा ‘नो-ड्रोन जोन’ घोषित किया गया है. इस अवधि में किसी भी प्रकार के ड्रोन या ड्रोन कैमरे के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

इन वस्तुओं के साथ कार्यक्रम स्थल में प्रवेश प्रतिबंधित
सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन, धारदार हथियार, पानी की बोतलें, ज्वलनशील पदार्थ, पटाखे, लाठी-डंडे, छाते, औजार, तंबाकू उत्पाद, बैग, झोले तथा अन्य संदिग्ध सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. सभी आगंतुकों को सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। 

तीन दिन बदली रहेगी ओंकारेश्वर में यातायात व्यवस्था
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए 17 जून से 19 जून दोपहर 12 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी. इंदौर-खंडवा मार्ग पर भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा, जिससे ओंकारेश्वर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम रहे और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। 

श्रद्धालुओं के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था
इंदौर, खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को ट्रेंचिंग ग्राउंड (नया बस स्टैंड) और ताम्रकर (गणेश नगर) पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा. यहां से श्रद्धालुओं को पैदल मंदिर और घाट क्षेत्र तक जाना होगा. वही, बसों की पार्किंग मोरटक्का में रहेगी, जहां से प्रशासन द्वारा विशेष परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 

राष्ट्रपति के काफिले के दौरान रहेगा नो-व्हीकल जोन
राष्ट्रपति के काफिले के आवागमन के दौरान सुरक्षा कारणों से निर्धारित मार्गों पर अस्थाई रूप से नो-व्हीकल जोन लागू किया जाएगा. राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात को पुनः सामान्य कर दिया जाएगा। 

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जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे निर्धारित पार्किंग और डायवर्जन व्यवस्था का पालन करें, प्रतिबंधित सामग्री साथ न लाएं और यात्रा के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलें। 

भारी वाहनों का रूट बदला गया
    इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा।

    इंदौर से खंडवा जाने वाले भारी वाहन तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होते हुए खंडवा जाएंगे।

    सिमरोल से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होकर खंडवा पहुंचेंगे।

    बड़वाह से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन और भीकनगांव के रास्ते खंडवा जाएंगे।

    खंडवा से इंदौर जाने वाले भारी वाहन भीकनगांव, खरगोन और कसरावद होकर जाएंगे।

    मंडलेश्वर से आने वाले वाहन कसरावद और खलघाट के रास्ते इंदौर पहुंच सकेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
18 और 19 जून को ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।

    इंदौर की ओर से आने वाले छोटे और मध्यम वाहन बड़वाह, मोरटक्का, सनावद और इनपुन होते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड और ताम्रकर पार्किंग तक जाएंगे।

    खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले वाहन भी सनावद और इनपुन के रास्ते इन्हीं पार्किंग स्थलों तक पहुंचेंगे

    पार्किंग से श्रद्धालुओं को पैदल दर्शन और स्नान के लिए जाना होगा।

बसों के लिए व्यवस्था

    इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसें मोरटक्का में पार्क की जाएंगी।

    वहां से प्रशासन द्वारा लोक परिवहन के जरिए श्रद्धालुओं को ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा।

    नियमित रूट की बसों को सनावद और इनपुन होते हुए पी-01 पार्किंग तक भेजा जाएगा। इसके आगे पैदल जाना होगा।

    कुछ समय के लिए रास्ते बंद रह सकते हैं।

कुछ मार्ग नो व्हीकल जोन रहेंगे

राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात सामान्य कर दिया जाएगा।

प्रशासन की अपील
पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं आम लोगों से ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने तथा यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की है।

मंत्री सारंग ने सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की बनाई राह

भोपाल

भोपाल में 10 लेन सड़क निर्माण परियोजना के अंतर्गत नयापुरा सेंट्रल जेल के समीप अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए NHAI, नगर निगम, राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम पहुंची थी। प्रस्तावित कार्रवाई से क्षेत्र में निवासरत अनेक गरीब और श्रमिक परिवार प्रभावित होने वाले थे। जैसे ही इस संबंध में जानकारी क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग को मिली, उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से चर्चा कर सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिये प्लॉट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

गरीब परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश

मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों के साथ गरीब परिवारों के हितों और उनकी आजीविका का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि किसी भी गरीब परिवार को बेघर होने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा और सरकार उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।

शिफ्टिंग में किसी प्रकार की परेशानी न हो

मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के स्थानांतरण में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को सम्मानपूर्वक और व्यवस्थित तरीके से नई जगह पर बसाने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मंत्री  सारंग ने यह भी सुनिश्चित कराया कि NHAI द्वारा प्रभावित परिवारों की शिफ्टिंग में हर संभव सहयोग किया जाएगा तथा लोगों को स्थानांतरण की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।

निवास के निकट ही उपलब्ध कराई जाएगी भूमि

मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के निकट ही भूमि उपलब्ध कराई जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और दैनिक जीवन प्रभावित नही हो। उन्होंने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाए।

मंत्री सारंग ने प्रस्तुत किया संवेदनशील विकास का मॉडल

मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण के कार्य आवश्यक हैं, लेकिन विकास की कीमत गरीबों की पीड़ा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं समय पर पूरी हों। साथ ही प्रभावित परिवारों के सम्मान और अधिकारों की भी रक्षा हो। मंत्री  सारंग के हस्तक्षेप से क्षेत्र के लोगों में राहत का माहौल है।

स्थानीय रहवासियों ने मंत्री  सारंग का जताया आभार

मंत्री  सारंग के संवेदनशील हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र के स्थानीय रहवासियों और प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया। रहवासियों का कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई होती तो अनेक परिवारों के सामने आवास और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाता। लोगों ने कहा कि मंत्री सारंग ने मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री  सारंग के हस्तक्षेप से प्रभावित परिवारों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है जिससे विकास के साथ संवेदनशीलता का उदाहरण दिया। उन्होंने सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की बनाई राह।

 

गुना के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल महिला को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल 

गुना जिले के थाना विजयपुर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से मोटर साइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल महिला को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायल महिला को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

16 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना विजयपुर क्षेत्र अंतर्गत लाहौरी ऑटो पार्क के पास एक मोटर साइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें एक महिला घायल हो गई है एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही विजयपुर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह एवं पायलट श्री राम लखन मीणा ने मौके पर पहुँचकर पाया कि ब्रेकर पर मोटर साइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिससे एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायल महिला को तत्काल एफआरव्ही वाहन की सहायता से शासकीय चिकित्सालय, सांडा पहुँचाया।

डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से घायल महिला को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

 

जी.एच. रायसोनी मेमोरियल मध्यप्रदेश स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता में अकादमी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

भोपाल 

खरगोन में 11 से 16 जून 2026 तक आयोजित जी.एच. रायसोनी मेमोरियल मध्यप्रदेश स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता-2026 में खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न स्पर्धाओं में स्वर्ण एवं कांस्य पदक हासिल किए। अंडर-19 वर्ग में अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

नवैध्या टोंडे बने प्रतियोगिता के स्टार खिलाड़ी

अकादमी के खिलाड़ी नवैध्या टोंडे ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बालक एकल (अंडर-19) एवं बालक युगल (अंडर-19) दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर दोहरी सफलता हासिल की। पूरे टूर्नामेंट में उनके आक्रामक और तकनीकी खेल ने सभी को प्रभावित किया।

बालिका वर्ग में पाखी और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन

पाखी गुप्ता ने बालिका युगल (अंडर-19) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ बालिका एकल (अंडर-19) में कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं संस्कृति अग्रवाल ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बालिका युगल (अंडर-19) का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

रुद्र प्रताप ठाकुर ने भी दिलाए महत्वपूर्ण पदक

अकादमी के खिलाड़ी रुद्र प्रताप ठाकुर ने बालक युगल (अंडर-19) में स्वर्ण पदक जीतने के साथ मिक्स्ड डबल्स (अंडर-19) में कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन ने अकादमी की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अकादमी खिलाड़ियों का दबदबा

मध्यप्रदेश बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबलों के बीच अकादमी खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीक का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण मुकाबले अपने नाम किए। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बल पर अकादमी ने प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।

मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण

अकादमी खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हासिल की गई यह सफलता भविष्य की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाली है।

खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

मंत्री  सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

सामूहिक प्रयास का परिणाम

इस सफलता का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके सतत मार्गदर्शन और मेहनत से खिलाड़ी इस मुकाम तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश की खेल अकादमियों में उपलब्ध उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।

 

इंदौर पुलिस की बड़ी सफलता स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट का खुलासा 03 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कार्रवाई के अंतर्गत इंदौर पुलिस ने स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से हुई 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट की वारदात का त्वरित खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि में से 22 लाख 60 हजार रुपए नगद, लूट की रकम से खरीदी गई एक आई-20 कार तथा घटना में प्रयुक्त अन्य सामग्री जब्त की है।

फरियादी मुकुल अग्रवाल, निवासी रामचंद्र नगर एक्सटेंशन, इंदौर द्वारा थाना पंढरीनाथ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 11 जून को वह अपने स्क्रैप व्यवसाय से संबंधित विभिन्न प्रतिष्ठानों से भुगतान राशि एकत्रित कर लगभग 29 लाख 65 हजार रुपए नगद लेकर दोपहिया वाहन से जा रहा था। इसी दौरान रात्रि में जायसवाल धर्मशाला के समीप दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोककर मारपीट की तथा नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त इंदौर  संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में आठ विशेष पुलिस टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीमों ने घटना स्थल एवं संभावित मार्गों के 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं सतत पुलिसिंग के आधार पर एक संदिग्ध एक्टिवा वाहन की पहचान की गई, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। इसके बाद इंदौर सहित आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई।

अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया था। आरोपियों द्वारा फरियादी की पूर्व से रेकी की जा रही थी तथा भुगतान संग्रहण के प्रथम स्थान से ही उसका पीछा किया जा रहा था। उपयुक्त अवसर मिलते ही उन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया।

पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी में हुए आर्थिक नुकसान एवं बढ़ते कर्ज के कारण उसने लूट की योजना बनाई थी। उसने अपने दो साथियों को फरियादी की गतिविधियों पर नजर रखने तथा रेकी करने का जिम्मा सौंपा था।

पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर सह-आरोपी को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस द्वारा शेष लूटी गई राशि की बरामदगी तथा प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में आरोपियों का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। मामले में विस्तृत विवेचना जारी है।

मध्यप्रदेशपुलिस संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों के विरुद्ध इस प्रकार की प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगा।

 

मध्य प्रदेश में 29 IAS अधिकारियों के तबादले, भोपाल और रीवा संभाग को मिले नए कमिश्नर

भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (भाप्रसे) के 29 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस सूची में भोपाल और रीवा संभाग के कमिश्नरों को बदलने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों और निदेशकों के प्रभार में भी बदलाव किया गया है।
भोपाल और रीवा संभाग को मिले नए कमिश्नर

आदेश के मुताबिक, भोपाल संभाग के वर्तमान कमिश्नर श्री संजीव सिंह (2005) को अब सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह श्री कर्मवीर शर्मा (2010), जो वर्तमान में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त व सचिव थे, उन्हें भोपाल संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है।

वहीं, रीवा संभाग के कमिश्नर बाबू सिंह जामोद (2006) को भोपाल मंत्रालय में नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है । उनकी जगह अब शीलेन्द्र सिंह (2010) रीवा संभाग के नए कमिश्नर होंगे ।
इन वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में हुआ बदलाव

 मुकेश चन्द गुप्ता (1998): सचिव, मानव अधिकार आयोग से अब प्रमुख सचिव, जेल विभाग बनाए गए हैं।

 डॉ. ई. रमेश कुमार (1999): प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से अब प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग तथा राहत एवं पुनर्वास आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।
    विवेक कुमार पोरवाल (2000): प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग से अब प्रमुख सचिव, खनिज साधन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
    दीपक सिंह (2007): आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं से अब मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बनाए गए हैं।
    अमित तोमर (2009): पंजीयन महानिरीक्षक से अब प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम तथा आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

अपर मुख्य सचिवों को सौंपे गए अतिरिक्त प्रभार

तबादला सूची के साथ ही शासन ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं:

    के.सी. गुप्ता (1992): अपर मुख्य सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
    अनिरूद्ध मुकर्जी (1993): अध्यक्ष, राजस्व मण्डल ग्वालियर को पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
    गुलशन बामरा (1997): प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग को प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
    सोनिया मीना (2013): अपर सचिव, वित्त विभाग को आयुक्त-सह-संचालक, संस्थागत वित्त का अतिरिक्त प्रभार मिला है।

इसके साथ ही, नई नियुक्तियों के बाद अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मनु वास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी मनीष सिंह और अरविन्द कुमार दुबे कुछ अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त होंगे।
ये अधिकारी भी बदले गए

मंत्रालय द्वारा जारी सूची में कई अन्य जिलों और विभागों के अपर सचिव, उप सचिव और निदेशकों के स्तर पर भी बदलाव हुए हैं:

  •     नेहा मारव्या सिंह (2011) को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण का आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है।
  •     मनोज पुष्प (2011) को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का संचालक नियुक्त किया गया है।
  •     रोहित सिंह (2012) अब बजट संचालक की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  •     हर्षिका सिंह (2012) को अपर सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग बनाया गया है।
  •     भारती जाटव ओगरे (2012) को कोष एवं लेखा का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
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  • आदेश की आधिकारिक पुष्टि

यह बड़ा प्रशासनिक आदेश राज्य के राज्यपाल के नाम से मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा जारी किया गया है , जिसकी प्रतिलिपियाँ भारत सरकार के कार्मिक विभाग सहित राज्य के सभी संबंधित विभागों और कोषालयों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।

 

पीएम सेतु के तहत आईटीआई होंगी अपग्रेड पीएम सेतु योजना की राज्य स्टीयरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न

रायपुर

पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल बनाया जा रहा है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर रोजगार के काबिल बनाना है। पुरानी मशीनों को बदलकर नई तकनीक वाली मशीनें लगाई जाएंगी और डिजिटल कंटेंट व स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी जाएगी। 
             
मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में पीएम सेतु योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के तहत राज्य की चयनित औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करने की जा रही कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की।
             
बैठक में पीएम सेतु के तहत राज्य के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की सलाह से स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आईटीआई अपग्रेड करने और उद्योग नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन हेतु जारी किए जाने वाले पात्रता मापदण्डों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से ईओआई में भाग लेने वाले उद्योगों सहित समस्त पात्र उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को प्रस्ताव के लिए अनुरोध के बारे में प्रक्रिया में सहभागिता हेतु अवसर प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।
           
इसी तरह से प्रधानमंत्री सेतु योजना अंतर्गत एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के ऑनबोर्डिंग हेतु जारी किए जाने वाले ड्राफ्ट के प्रस्ताव के अनुरोध के बारे में भी चर्चा हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव  बसवराजु एस. सहित वित्त विभाग, श्रम, स्कूल शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीआईआई एवं भारत सरकार कौशल विकास और उद्यम शीलता महानिदेशालय छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों ने भाग लिया।

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