धान महोत्सव में किसानों की बल्ले-बल्ले! CM डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी से जारी करेंगे ₹2.82 करोड़

सिवनी 
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए 1 जुलाई का दिन खास रहने वाला है. सिवनी में आयोजित होने वाले धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव हजारों किसानों को आर्थिक सौगात देंगे. कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के जरिए कोदो और कुटकी की खेती करने वाले 3941 किसानों के बैंक खातों में 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। 

सरकार की ओर से यह राशि 1000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दी जा रही है. इसका उद्देश्य श्रीअन्न यानी मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देना है, ताकि किसान इस फसल की ओर ज्यादा आकर्षित हों और उनकी आय में भी इजाफा हो सके. माना जा रहा है कि इस पहल से प्रदेश में कोदो और कुटकी के उत्पादन को नई रफ्तार मिलेगी। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 3,941 कोदो एवं कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे।यह राशि 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रदान की जा रही है, जिससे श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।

सिवनी में धान महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में
धान महोत्सव का आयोजन सिवनी के पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में किया जाएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. जिला प्रशासन ने आयोजन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और कार्यक्रम स्थल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

कलेक्टर नेहा मीना की निगरानी में प्रशासन ने हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था, बैठक की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, बिजली और यातायात जैसी सभी जरूरी सुविधाओं की तैयारियां पूरी कर ली हैं. अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं ताकि कार्यक्रम बिना किसी परेशानी के संपन्न हो सके। 

विकास परियोजनाओं की भी देंगे सौगात
धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री सिर्फ किसानों को प्रोत्साहन राशि ही नहीं देंगे, बल्कि जिले को कई विकास कार्यों की सौगात भी मिलेगी. कार्यक्रम में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया जाएगा. इससे जिले में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। 

सरकार का मानना है कि किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देना भविष्य की कृषि नीति का अहम हिस्सा है. ऐसे में धान महोत्सव किसानों के लिए सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि नई संभावनाओं का मंच भी साबित हो सकता है। 

वर्ष 2026 ‘कृषक कल्याण वर्ष’: आयोजित होगा धान महोत्सव
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चालू वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में खरीफ सीजन की शुरुआत के मौके पर कार्यक्रम स्थल पर ‘धान महोत्सव’ का भी आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में अच्छी बारिश, बेहतर पैदावार और अन्नदाताओं की समृद्धि की कामना के साथ ही किसानों को आधुनिक तरीके से धान की बोनी करने का संदेश दिया जाएगा।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, बड़ी संख्या में जुटेंगे किसान
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अंजली शाह, अपर कलेक्टर सीएल चनाप सहित सभी संबंधित विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी वीआईपी और आम नागरिकों के लिए पार्किंग, पेयजल, बिजली और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले के किसानों और आम जनता में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जिसे देखते हुए कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने की संभावना है।

प्रदर्शनी में शामिल प्रमुख आकर्षण होंगे—

    धान बुवाई के आधुनिक कृषि यंत्र
    प्राकृतिक एवं प्रमाणित बीजों की प्रदर्शनी
    कस्टम हायरिंग सेंटर
    प्राकृतिक एवं नैचुरल फार्मिंग मॉडल
    जीआई टैग प्राप्त सीताफल एवं मिलेट्स उत्पाद
    पीएमएफएमई योजना के उत्पाद
    आम की विभिन्न उन्नत किस्में
    स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं मिट्टी कला उत्पाद
    लघु वनोपज आधारित उत्पाद
    स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद
    पोषण आहार प्रदर्शनी
    कृषिका एप की जानकारी

प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कृषि नवाचारों और विकास उपलब्धियों की जानकारी किसानों एवं नागरिकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, यातायात प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के अधिकारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

 

42 साल में पहली बार इतना सूखा बरगी डैम, जलस्तर इतना गिरा कि दिखने लगी तलहटी; विशेषज्ञों ने जताई चिंता

जबलपुर 
बरगी बांध में 42 सालों बाद इतना पानी कम हो गया है कि बांध के तल से अनोखी चीजें निकलकर सामने आ रही है. कहीं, अचानक पुरानी नाव सामने आने से चर्चा का विषय बनी हुई है तो कहीं मंदिर दिखाई देने से लोग हैरान हैं. वहीं, बरगी बांध के दक्षिणी तट का गेट पूरी तरह ऊपर दिखाई देने लगा है, जिसे पिछले 42 सालों में लोगों ने जल भराव के बाद कभी नहीं देखा था। 

बरगी बांध के बुरे हाल, कभी नहीं सूखा इतना पानी
जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने इस विशाल डैम में रोजाना 5 सेंटीमीटर के करीब पानी कम हो रहा है. बरगी बांध का कुछ पानी गर्मी की वजह से उड़ जाता है, तो वहीं कुछ हिस्सा नर्मदा नदी में प्रवाह बनाए रखने, पावर प्लांट चलाने और नहरों के लिए निरंतर प्रवाहित किया जाता है. खरीफ के मौसम में किसानों को धान की खेती के लिए नहरों से पानी भेजा जाता है, जिससे अब बांध का पानी रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है. नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारी और बांध के प्रभारी राजा राम रोहित ने बताया, ”बांध में रोज 5 सेंटीमीटर पानी की कमी आ रही है और बांध का वर्तमान जलस्तर समुद्र तल से 407.45 मीटर है. इसके अनुसार बांध में अब मात्र 5.5 मीटर पानी ही शेष बचा है। 

आज तक बांध का ऐसा हाल नहीं देखा
बरगी नगर में रहने वाले स्थानीय निवासी नीरज मिश्रा ने कहा, ” बचपन से ही बरगी नगर में ही रहे हैं लेकिन बांध में इतना कम पानी पहले कभी नहीं देखा. बरगी बांध का पानी कम होने के साथ ही बांध के कुछ ऐसे नजारे भी देखने को मिल रहे हैं, जो पहले लोगों ने कभी नहीं देखे. बरगी बांध में बायीं ओर से नहर से पानी नरसिंहपुर जिले के लिए जाता है और दायीं ओर पानी को सतना तक ले जाने की तैयारी है. फिलहाल यह पानी कटनी जिले तक जा रहा है। 

पहली बार 407 मीटर तक गिरा बरगी डैम का जलस्तर
बरगी डैम को फुल टैंक लेवल 422.76 मीटर है, वहीं इसकी दायीं नहर का गेट लगभग 409 मीटर पर लगा हुआ है और डैम का पानी कभी 408 मीटर के नीचे नहीं जाता था. लेकिन इस साल यह पानी 407 मीटर के स्तर तक गिर गया है. इसकी वजह से बांध की दायीं ओर का कैनाल गेट पानी के ऊपर नजर आ रहा है. नीरज मिश्रा ने कहा, ” बरगी बांध में पहली बार पानी 42 साल पहले भरा गया था और 42 साल में यह पहला मौका है जब यह गेट पानी के बाहर आया है। 

इतना बड़ा है डैम का कैनाल गेट
पानी से बाहर नजर आ रहा बरगी डैम का कैनाल गेट लगभग 50 फीट चौड़ाई और 100 फीट ऊंचाई का एक भीमकाय स्ट्रक्चर है, जिसमें 50 फीट हिस्सा हमेशा पानी में डूबा रहता है. बांध के इस हिस्से से जो पानी छोड़ा जाता है उससे दायीं नहर में पानी जाता है, यह नहर किसी नदी से कम नहीं है. इस हिस्से में लोहे के तीन बड़े गेट हैं. जब इससे पानी छोड़ा जाता है तो दायीं नहर में लगभग 20 फीट पानी होता है. यह इंजीनियरिंग का एक बड़ा नमूना है. इसी पानी को जबलपुर से कटनी और कटनी के आगे स्लीमनाबाद टनल से होते हुए सतना तक ले जाने की तैयारी की जा रही है। 

बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार बांध का जलस्तर प्रतिदिन करीब 5 सेंटीमीटर घट रहा है। कम पानी के कारण बिजली उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। दो में से एक बिजली उत्पादन यूनिट बंद कर दी गई है, जबकि दूसरी यूनिट का संचालन भी सीमित कर दिया गया है।

15 साल में सबसे खराब स्थिति
बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार 15 जून को बांध का जलस्तर 407.85 मीटर था, जो घटकर अब 407.45 मीटर रह गया है। यानी करीब 40 सेंटीमीटर पानी कम हो चुका है। वर्तमान में बांध में केवल 12.59 प्रतिशत पानी शेष है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जल भंडारण करीब 22 प्रतिशत था।

जून में सिर्फ डेढ़ इंच बारिश
सामान्य तौर पर 30 जून तक जबलपुर में करीब 8 इंच बारिश दर्ज होती है, लेकिन इस वर्ष अब तक केवल करीब 1.5 इंच बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा अभी मंडला के आसपास है और इसके आगे बढ़ने की संभावना है।

बिजली उत्पादन पर असर
कम जलस्तर का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ा है। बरगी बांध की दो उत्पादन इकाइयों में से एक को 27 जून से बंद कर दिया गया है। दूसरी यूनिट, जो पहले 8 से 10 घंटे चलती थी, अब केवल 3 घंटे प्रतिदिन संचालित की जा रही है।

डैम के तल में नजर आया मंदिर और पुरानी बोट
बरगी बांध के जल भराव क्षेत्र में पानी कम होने की वजह से एक मंदिर भी चर्चा में है, जो हमेशा पानी में डूबा रहता था. इस बार ये मंदिर पानी के बाहर नजर आ रहा है. वहीं, दूसरी तरफ बरगी बांध के पुनर्वास विभाग की एक नाव भी चर्चा में है, जो लावारिस छोड़ दी गई थी और पानी कम होने की वजह से अब दिख रही है. बरगी बांध में अचानक इतना पानी कम क्यों हुआ यह चर्चा और जांच का विषय है. जांच ये होनी चाहिए कि बांध का पानी केवल जलवायु परिवर्तन की वजह से कम हुआ है या कोई लापरवाही बरती गई है. क्योंकि बांध से इस तरह पानी कम होना भविष्य में संकट की ओर इशारा कर रहा है। 

पानी की सप्लाई और सिंचाई पर बढ़ सकता है संकट
बरगी बांध से नर्मदा का पानी जबलपुर समेत कई शहरों में पेयजल आपूर्ति के लिए भेजा जाता है। इसी बांध से निकलने वाली नहरों से जबलपुर और नरसिंहपुर में सिंचाई होती है और भविष्य में कटनी व सतना तक पानी पहुंचाने की योजना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई दोनों पर संकट गहरा सकता है।

लोग देखने पहुंच रहे सूखता बांध
जबलपुर निवासी आकाश कोष्ठा ने बताया कि बरगी बांध के सूखने की चर्चा सुनकर वे मौके पर पहुंचे। उनका कहना है कि बांध का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। नर्मदा के कई घाटों पर चट्टानें दिखाई देने लगी हैं और नदी का पानी भी पहले की तुलना में कम व गंदला नजर आ रहा है।

अल नीनो का असर भी माना जा रहा कारण
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अल नीनो प्रभाव के कारण इस वर्ष कम बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि जुलाई में अच्छी बारिश नहीं हुई तो मध्य प्रदेश के कई जलाशयों में जल संकट गहरा सकता है और इसका असर बिजली उत्पादन, सिंचाई तथा पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना पुस्तक का किया विमोचन

म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी ने किया पुस्तक का प्रकाशन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना’ पुस्तक का समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विमोचन किया। मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित यह शोध संकलन बताता है कि लोकमाता, पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर का जीवन और कर्म किसी आकस्मिक महानता का परिणाम नहीं, बल्कि दीर्घ सांस्कृतिक धारा का स्वाभाविक विस्तार रहा। उनकी जीवन गाथा इस तथ्य का प्रमाण है कि भारतीय नारी संत, विदुषी, योद्धा होने के साथ-साथ कुशल शासिका भी रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विमोचित इस शोध संकलन में कुल 19 अध्याय हैं। पुस्तक अहिल्याबाई होल्कर की दृष्टि में नारी स्वाभिमान और समाजोत्थान, सांस्कृतिक पुनर्निर्माण से राष्ट्रीय एकता, पंचपरिवर्तन से समाज कल्याण, जीवन प्रबंधन की पाठशाला, बाल विवाह-सामाजिक कुरीति की चुनौतियाँ और समाधान पर शोध पत्रों का संकलन हैं। पुस्तक में देवी अहिल्याबाई होल्कर की राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना न्यायप्रियता और प्रशासनिक दक्षता, समग्र जीवन चिंतन, भारतीय हस्तशिल्प के उत्थान में अहिल्याबाई की भूमिका तथा महिलाओं के लिए न्याय और समानता पर शोधपरक लेख हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा में लोकमाता अहिल्याबाई के अवदान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विश्लेषण पर भी पुस्तक में एक पाठ है। पुस्तक का मूल्य 160 रूपए मात्र है।

इस अवसर पर संचालक म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी अशोक कड़ेल, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक चंद्रचारु त्रिपाठी, माखनलाल चर्तुवेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी उपस्थिति थे।

 

MP Police का हाईटेक प्लान! अब ड्रोन से छोड़े जाएंगे आंसू गैस के गोले

भोपाल 

कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण स्थितियों से निपटने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस अब अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। दंगा, उपद्रव और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पहली बार ऐसे हाईटेक ड्रोन खरीदेगी, जो जरूरत पड़ने पर हवा से ही आंसू गैस के गोले छोड़ सकेंगे।

भीड़ में जाने की जरूरत होगी कम
नई तकनीक के इस्तेमाल से पुलिसकर्मियों को सीधे उपद्रवी भीड़ के बीच जाने की जरूरत कम होगी। इससे पथराव और हिंसक हमलों में पुलिसकर्मियों के घायल होने की आशंका भी काफी कम हो जाएगी।

40 जिलों के लिए खरीदे जाएंगे विशेष ड्रोन
पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के 40 जिलों के लिए विशेष ड्रोन खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक ड्रोन की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये होगी। इनकी खरीद बीएसएफ टेकनपुर के माध्यम से की जाएगी।
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पहले चरण में 40 जिलों को मिलेगा एक-एक ड्रोन
प्रदेश के 55 जिलों में से पहले चरण में 40 जिलों को एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। बाकी 15 जिलों में जरूरत पड़ने पर नजदीकी जिलों से ड्रोन भेजे जाएंगे।

पहले लाइव निगरानी, फिर होगी सटीक कार्रवाई
इन ड्रोन में अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, जो उपद्रव प्रभावित क्षेत्र की लाइव निगरानी करेंगे। कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिस अधिकारी वास्तविक समय में देख सकेंगे कि किस स्थान पर भीड़ सबसे ज्यादा उग्र है और आंसू गैस के गोले कहां छोड़ने से सबसे अधिक असर होगा।

सुरक्षित दूरी से होगी भीड़ नियंत्रण की कार्रवाई
लाइव निगरानी के बाद ड्रोन के जरिए सुरक्षित दूरी से आंसू गैस के गोले छोड़े जाएंगे। इससे भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई अधिक प्रभावी और सुरक्षित होगी।

पुलिसकर्मियों की सुरक्षा होगी मजबूत
अब तक दंगों और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों को मौके पर जाकर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़ते थे। इस दौरान कई बार उपद्रवी उनके ऊपर पथराव और हिंसक हमले कर देते थे। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस दूर से ही कार्रवाई कर सकेगी, जिससे पुलिस बल की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।

लाइव रिकॉर्डिंग बनेगी अहम सबूत
इन ड्रोन की मदद से पूरी कार्रवाई की उच्च गुणवत्ता वाली लाइव रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। इससे उपद्रव, आगजनी, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों की आसानी से पहचान की जा सकेगी।

अदालत में भी काम आएगा वीडियो फुटेज
ड्रोन से रिकॉर्ड किया गया वीडियो अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे आरोपियों के खिलाफ प्रभावी और त्वरित कानूनी कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिलेगी।

दो से तीन महीने में मिल सकते हैं ड्रोन
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार ड्रोन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले दो से तीन महीने के भीतर ये ड्रोन पुलिस को मिलने की संभावना है। 

मध्य प्रदेश में पहली बार होगा इस्तेमाल
देश के कुछ अन्य राज्यों में इस तरह की तकनीक का पहले से इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में पहली बार आंसू गैस छोड़ने वाले हाईटेक ड्रोन पुलिस बल का हिस्सा बनेंगे।

आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी कानून-व्यवस्था
अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से भीड़ नियंत्रण की कार्रवाई पहले से अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी होगी। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता भी काफी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. रोहाणी की जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. रोहाणी की जयंती पर किया नमन

विधानसभा के सेंट्रल हाल में अर्पित की पुष्पांजलि

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. ईश्वर दास रोहाणी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विधानसभा के सेंट्रल हाल में स्व. रोहाणी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्षगण की जयंती व पुण्यतिथि के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन अनुकरणीय पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. रोहाणी एक जननेता थे, उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन का पहला चुनाव वर्ष 1993 में जबलपुर से लड़ा। इसके बाद उनके विधायक निर्वाचित होने का सिलसिला चलता रहा और रोहाणी ने लगातार 4 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने जबलपुर की जनता के लिए संपूर्ण त्याग और समर्पण के साथ जनहितैषी कार्यों को आगे बढ़ाया। वे कर्मठ, स्पष्टवादी जनप्रतिनिधि होने के साथ एक आदर्श विधानसभा अध्यक्ष भी रहे। जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठन निर्माण के प्रति रोहाणी का अद्वितीय योगदान प्रदेशवासियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।

 

MP Weather: भोपाल-सीहोर समेत कई इलाकों में बारिश, 50 जिलों में अलर्ट; खरगोन में आकाशीय बिजली से 2 की मौत

भोपाल

मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।

आज भारी बारिश की संभावना

मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है।

आज भारी बारिश की संभावना
मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है।

खरगोन में दो अलग-अलग घटनाओं में बारिश के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मजदूर राधेश्याम (30) और गृहिणी केनू (30) की मौत हो गई। केनू का 3 साल का एक बेटा है। वहीं, बैतूल के चिचोली में चंपा नदी उफान पर है। इसके रपटे पर सोमवार रात सिप्लाई निवासी राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक समेत बह गए। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले।

छिंदवाड़ा-सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक, आज बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इनके अलावा 50 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।

इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी। 15 जिले अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद मानसून एक जगह पर ठहर गया।

इस वजह से दिन-रात गर्मी का असर भी बढ़ा है। खासकर उत्तरी हिस्से जैसे ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा संभाग के शहरों में पारे में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

फिलहाल आगे बढ़ने के संकेत नहीं
प्रदेश में पिछले छह दिनों से बारिश हो रही है। कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इससे प्रदेश की ओवरऑल बारिश के आंकड़े में भी सुधार आया है। 1 जून से अब तक औसत 124.2 मिमी (5 इंच) बारिश होना थी। 75.7 मिमी (3) इंच पानी गिरा है, जो सामान्य से कम है।

पूर्वी हिस्से में औसत से 68 प्रतिशत पानी कम गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत 11% बारिश ही कम हुई है। अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम करीब 2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह ओवरऑल 39 प्रतिशत पानी कम गिरा है।

इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश
    कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।

    ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर। इनमें भोपाल में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है।

बालाघाट में पत्नी का अनोखा एक्शन, शराबी पति को खंभे से बांधा; बोली- शराब छोड़ो, वरना यही होगा

बालाघाट 
बालाघाट के बुढ़ी क्षेत्र में महिलाएं पिछले करीब 80 दिनों से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं। महिलाओं का कहना है कि इलाके में लंबे समय से चल रही शराब दुकान के कारण परिवारों में विवाद, घरेलू हिंसा और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। 

45 साल से संचालित हो रही है शराब दुकान
स्थानीय लोगों के अनुसार बुढ़ी क्षेत्र में यह शराब दुकान पिछले करीब 45 वर्षों से संचालित हो रही है। वार्ड की महिलाओं ने इसे हटाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है और वे लगातार धरना दे रही हैं। धरने के दौरान संजू चौधरी नाम का एक व्यक्ति अत्यधिक शराब पीकर आंदोलन स्थल पर पहुंच गया। संजू चौधरी आंदोलन का नेतृत्व कर रही महिलाओं में शामिल एक महिला का पति है।

महिलाओं से की अभद्रता
आरोप है कि संजू चौधरी ने नशे की हालत में आंदोलनकारी महिलाओं के बीच पहुंचकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और आंदोलन को बाधित करने की कोशिश की। अपने पति की हरकत देखकर पत्नी का धैर्य जवाब दे गया। उसने अन्य महिलाओं की मदद से संजू चौधरी को बीच सड़क पर बिजली के खंभे से बांध दिया।

मुंह पर चिपकाई सेलोटेप
महिलाओं ने गाली-गलौज और हंगामा रोकने के लिए संजू चौधरी के मुंह पर सेलोटेप भी चिपका दी। इस घटना को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझाइश दी और काफी मशक्कत के बाद संजू चौधरी को खंभे से मुक्त कराया। इसके बाद मामला शांत कराया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
शराबी पति को खंभे से बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग महिला के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।

महिलाओं ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी
आंदोलनकारी महिला मंजीता सोनवाने और अन्य वार्डवासियों का कहना है कि शराब ने उनके परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। महिलाओं ने साफ कहा है कि जब तक प्रशासन 45 साल पुरानी शराब दुकान को वहां से नहीं हटाता, तब तक उनका धरना और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

MP के टाइगर रिजर्व में रिकॉर्ड पर्यटन, 10 लाख से ज्यादा पर्यटकों ने किया बाघों का दीदार; आज से बंद होंगे पार्क

उमरिया
मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में इस पर्यटन सत्र में वन्यजीव प्रेमियों का उत्साह देखने को मिला है। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में इस बार 10 लाख से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी कर बाघों और अन्य वन्य प्राणियों का दीदार किया है। वहीं मंगलवार को शाम को सफारी के बाद प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के द्वार पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही जंगल में तीन महीने का विश्राम काल शुरू हो जाएगा। एक अक्टूबर से टाइगर रिजर्व के गेट खुलेंगे।

बांधवगढ़ में पहुंचे 2 लाख से ज्यादा पर्यटक
बांधवगढ़ में दो लाख से ज्यादा पर्यटकों ने बाघों के दीदार किए हैं, जबकि मध्य प्रदेश के छह टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और संजय धुबरी में इस साल आठ लाख से ज्यादा पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी मिली है। हालांकि अधिकृत आंकड़े एक जुलाई तक ही उपलब्ध हो पाएंगे।

तीन माह बंद रहेंगे पार्क
बरसात के तीन महीने- जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान जंगल में बाघ सहित अन्य वन्यजीवों को शांत वातावरण मिलेगा। इस अवधि में टाइगर रिजर्व प्रबंधन सफारी मार्गों की मरम्मत, पर्यटकों की सुविधाओं में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी करेगा। विश्राम अवधि वन्यजीवों के प्रजनन और प्राकृतिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान जंगल में मानवीय दखल कम होने से वे प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकेंगे।

इसलिए बंद होते हैं पार्क
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि वर्षाकाल में सुरक्षा की दृष्टि से पार्क बंद किए जाते हैं। वर्षाकाल में जंगल के अंदर के कच्चे रास्तों में वाहनों के फंसने का खतरा रहता है। दूसरी तरफ वन्य प्राणी भी अधिक हिंसक हो जाते हैं।

बफर में जारी रहेगा पर्यटन
अलबत्ता, टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी। यहां पर्यटक बारिश के मौसम में हरियाली से भरपूर जंगल, झरनों और वन्य प्राणियों की गतिविधियों का आनंद उठा सकेंगे। वहीं पार्क बंद होने के बाद जंगल और पर्यटन पर निर्भर रहने वाले प्रदेश के लगभग 20 हजार परिवारों का आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।

कूनो भी 30 सितंबर तक बंद होगा
उधर, श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क के गेट मंगलवार शाम से आगामी तीन महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद हो जाएंगे। चीता परियोजना शुरू होने के बाद से यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। यहां लंबे समय से दिखाई नहीं दिए जंगली कुत्ते, दुर्लभ जंगली बिल्ली (कैरोल) विलुप्त प्रजाति के उल्लू, काले हिरण से लेकर कई प्रकार के अन्य वन्यजीव नजर आने लगे हैं। कूनो नेशनल पार्क में कुल 49 चीते हैं। इनमें से 32 कूनो की धरती पर जन्मे शावक हैं। 19 खुले जंगल में हैं।

कूनो के जंगल के रास्ते पर आया चीता, करीब एक घंटे रुकी रही सफारी 
कूनो नेशनल पार्क के अंदर चीता सफारी से जंगल भ्रमण कर रहे पर्यटक तब खुशी से झूम उठे जब अचानक जंगल से निकलकर एक चीता उनके रास्ते के सामने आ गया और रास्ते पर ही बैठा रहा, इस दौरान करीब एक घंटे तक सफारी के पहिए थम गए, पर्यटक आनंदित हो उठे, उन्होंने नजारे को अपने मोबाइल के कैमरे में रिकार्ड कर लिया, अब चीता का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

 

भोपाल में खाने को लेकर बवाल! IPL क्रिकेटर और IPS पिता पर कुक से मारपीट का आरोप, FIR दर्ज

 भोपाल

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड आईपीएस पिता शैलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं. भोपाल पुलिस ने अपने घर के रसोइए के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने और उसे अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने के आरोप में दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। 

इस मामले में परिवार के ड्राइवर को भी सह-आरोपी बनाया गया है. यह पूरी घटना भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंदोरी गांव स्थित उनके आवास की है. मूल रूप से रीवा जिले के रहने वाले 31 वर्षीय पीड़ित रसोइए विपेंद्र सिंह तोमर ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। 

विपेंद्र के मुताबिक, उन्हें हाल ही में एक परिचित के जरिए ₹15000 प्रति माह वेतन, रहने-खाने की सुविधा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने के आश्वासन पर पूर्व पुलिस अधिकारी के नील बड़ बंगले पर काम के लिए लाया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि काम शुरू करने के कुछ ही घंटों के भीतर खाने की क्वालिटी को लेकर उन पर भारी मानसिक दबाव बनाया गया और गाली-गलौज की गई। 

कमरे में बंद होकर बचाई जान
पीड़ित कुक के अनुसार, जब उसने घर के खराब माहौल को देखकर नौकरी छोड़ने और वापस रीवा लौटने की इच्छा जताई, तो आरोपी भड़क गए. उसका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके और उस पर जबरन काम करने का दबाव बनाया गया। 

खुद को बचाने के लिए कुक ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया, लेकिन आरोप है कि पिता-पुत्र की जोड़ी और उनके ड्राइवर ने दरवाजा खोलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल परीक्षण में पीड़ित के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मारपीट की पुष्टि हुई है। 

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज
रातीबड़ पुलिस ने औपचारिक शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर
ली है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 296(B) (अश्लील कृत्य और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना/मारपीट) और धारा 3(5) (साझा आपराधिक दायित्व/समान इरादे से कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) शामिल हैं। 

हरित विकास, निवेश और रोजगार… इसी दिशा में आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हरित विकास, निवेश और रोजगार… इसी दिशा में आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश में ग्रीन एनर्जी का पावर हाउस बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नीमच बन रहा ग्रीन पावर का ग्लोबल कैपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री जोशी ने किया नीमच एवं शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण
नीमच को 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों की सौगात, 38 इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन
नीमच के भादवा माता मंदिर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ की योजना मंजूर
जल गंगा संवर्धन अभियान में नीमच बना नंबर 1, मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाली पंचायतों को किया सम्मानित
छात्राओं को दिये हेलमेट, विशाल प्रदर्शनी का शुभारंभ कर किया अवलोकन
औद्योगिक विकास और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर केंद्रित लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने सोलर एनर्जी कंपनी प्रतिनिधियों को दिये प्रशस्ति-पत्र

 नीमच

स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यप्रदेश ने हरित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क तथा 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री जोशी ने 1,553.98 करोड़ रुपये की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का भी भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 550 मेगावॉट क्षमता वाला आगर सोलर पार्क भी निर्माणाधीन है, जिसकी इकाइयों के लिए 2.44 और 2.45 रुपये प्रति यूनिट की दरें प्राप्त हुई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद मध्यप्रदेश देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हरित विकास हमारा लक्ष्य है। हरित विकास के जरिए प्रदेश में अधिकाधिक मात्रा में निवेश लाने और इसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अब स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा से इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। नीमच न केवल मध्यप्रदेश का, बल्कि ग्रीन पॉवर सेक्टर का ग्लोबल कैपिटल बन रहा है। उन्होंने बताया कि यहां देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज बन रहा है। नीमच जिले में कुल 675 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं कार्यशील हैं और लगभग 1 हजार 952 से अधिक मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।

नीमच के नए सोलर पार्क से मिलेगी 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली, यह देश में सबसे सस्ती

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीमच में नए सोलर पार्क का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इससे देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। नीमच की धरती ने प्रदेश को दो मुख्यमंत्री दिए। नीमच ने अफीम उत्पादन और नेत्रदान अभियान में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में सूर्य देवता ऊर्जा के स्त्रोत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत 19 मार्च से 30 जून तक कुंए, बावड़ी, नदी, तालाब और अन्य सभी जल स्त्रोतों के संरक्षण के उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य सरकार ने 3 महीने में 10 हजार करोड़ की राशि खर्च कर प्रदेशभर में 2 लाख से अधिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया है। जल गंगा संरक्षण अभियान में नीमच ने देश में 10वां और प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. के बोर्ड परीक्षा परिणामों में टॉप 10 में स्थान बनाने वाले नीमच के विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में आज 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है। कुल 2080 करोड़ की लागत से नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 करोड़ मेगावॉट के सोलर पार्क की सौगात मिली है। साथ ही नीमच में 1553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। नीमच के नए सोलर पार्क से 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिलेगी, जो देश में सबसे सस्ती दर है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार देने वाला राज्य है। प्रदेश में फूड पार्क, पीएम मित्र पार्क तैयार किए जा रहे हैं। नीमच में 1200 करोड़ से अधिक लागत का सोलर ग्लास तैयार करने वाले प्लांट का भूमि-पूजन हुआ है। नीमच को बहुत जल्द जावरा-उज्जैन होकर भोपाल राजमार्ग की सौगात मिलने वाली है। मंदसौर से भोपाल तक नया हाई-वे भी बनाया जाएगा। नीमच में गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का नया घर बन चुका है। बहुत जल्द यहां दो और चीते मुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़े जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदा गया है। किसानों को गेहूं के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल कीमत का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा है। गेहूं के उत्पादन और खरीदी में मध्यप्रदेश ने पंजाब जैसे राज्य को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध करा रही है। किसान कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के किसानों को शून्य ब्याज दर पर आवश्यक लोन मिल रहा है और इसे चुकाने के लिए भी 31 मार्च की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख से लोन लेंगे, उसके अगले 12 माह की अवधि में किसी भी तारीख पर लोन चुकाने की सुविधा मिलेगी। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का बराबर सम्मान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि दी जा रही है। राज्य सरकार ने गरीब-जरूरतमंदों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीएमएयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। राहवीर योजना में भी सड़क हादसों के घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। प्रदेश में श्रीराम गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। राज्य में भव्य सांदीपनि विद्यालय और प्रत्येक नगरीय निकायों में गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक के एक गांव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराम अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 40 लाख लागत की गोशाला शुरू करने पर राज्य सरकार 10 लाख रुपए का अनुदान दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच में भादवा माता मंदिर परिसर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में अव्वल रहे नीमच जिले की पंचायतों को जल संचयन कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित भी किया।

निवेश के लिए विशेष मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 33 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। करीब 10 लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतरे। पिछले ढाई वर्षों में वैश्विक कंपनियों का 9 हजार 200 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मध्यप्रदेश की धरती पर उतर रहा है, जिससे 4,200 से अधिक नौकरियां सृजित हो रही हैं। मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य, जहां लेबर केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू है। उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन, पानी और बिजली उपलब्ध है।

नवकरणीय ऊर्जा में आगे बढ़ता एमपी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, औषधीय संपदा और उद्यमशीलता के लिए प्रसिद्ध नीमच अब विनिर्माण, ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों का भी केंद्र बनने जा रहा है। आज 1 हज़ार 481 करोड़ रुपये की लागत से 30 औद्योगिक इकाइयों की सौगात नीमच क्षेत्र को मिल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की विद्युत क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। राज्य ने 12 हज़ार 18 मेगावाट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है। जलूद में 271 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 60 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया गया। मक्सी में जैक्सन इंटीग्रेटेड सोलर लिमिटेड द्वारा 6 गीगावाट क्षमता की अत्याधुनिक सोलर विनिर्माण इकाई स्थापित की जा रही है, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक होगी। रीवा का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क और ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट देश में उदाहरण स्थापित कर रहे हैं।

अभ्युदय म.प्र. के घोष के साथ प्रदेश में हो रहा विकास का सूर्योदय : केन्द्रीय मंत्री जोशी

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह मां वाग्देवी (सरस्वती) की भूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में राजाभोज की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार ने अभ्युदय मध्यप्रदेश के घोष वाक्य के साथ विकास का सूरज उदय करने का संकल्प लिया है। आज प्रदेश के नीमच और शाजापुर को नए सोलर प्रोजेक्ट की सौगात मिली है। दुनिया में सोलर एनर्जी का सबसे कम टैरिफ 2.14 पैसे प्रति यूनिट मध्यप्रदेश में उपलब्ध है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। विश्व में स्विट्जरलैंड के बाद भारत दूसरा देश है, जहां रेलवे का शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है। मध्यप्रदेश भारतीय रेलवे को बिजली उपलब्ध करा रहा है। मुरैना में 440 मेगावॉट सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार है। इससे सूर्यास्त के बाद भी 2.70 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिल पा रही है। दूसरी ओर, नीमच में गांधी सागर पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। जो ताप विद्युत के मुकाबले आधी लागत में बिजली उत्पादन करेगा।

केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और पीएम कुसुम जैसी योजनाएं किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, पीएम जन-मन जैसी योजनाओं में समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में 5960 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसका लाभ मध्यप्रदेश को भी मिलेगा। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के अंतर्गत विकास कार्यों को गति देने में अव्वल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के गांव-गांव को रोड नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में हवाई नेटवर्क का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है। उज्जैन में नए एयरपोर्ट बनाने की योजना और पीएमपर्यटन हेली सेवा की शुरुआत एक अभूतपूर्व पहल है।

केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 18 नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत हो रही है। मध्यप्रदेश भारत में ग्रीन एनर्जी का पावरहाउस बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का मध्यप्रदेश पर विशेष आशीर्वाद है। बहुत जल्द प्रदेश को पीएम कुसुम 2 योजना के अंतर्गत बड़ा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को और बढ़ाने की आवश्यकता है। आज देश के कुल बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। मध्यप्रदेश, पवन ऊर्जा से बिजली उत्पादन को 2 वर्ष में 10 गीगावॉट बढ़ाने का लक्ष्य रखे। इससे बिजली उत्पादन की लागत और घट जाएगी। भारत ग्रीन हाइड्रोजन, चिप मेकिंग में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। देश में वर्ष 2014 में सोलर एनर्जी प्रोडक्शन मात्र 2.6 गीगावॉट था, जो अब बढ़कर 157 गीगावॉट तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने SUN की शक्ति को पहचाना, जबकि विपक्षी दल सिर्फ अपने एक SON को आगे बढ़ाने में लगा है। मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी सेक्टर और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2023 के बाद हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आगामी वर्ष में प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जा से लैस किया जाएगा। प्रदेश में सोलर और विंड एनर्जी क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं।

पूर्व मंत्री एवं विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण कार्यों की सौगात नीमच को दी है। उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझते हुए नीमच एयर स्ट्रिप को कमर्शियल करने का निर्णय लिया है।

विधायक दिलीप सिंह परिहार ने महाराणा प्रताप जयंती पर प्रदेश में अवकाश घोषित करने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नीमच को पहले मेडिकल कॉलेज और आज अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। नीमच में औद्योगिक इकाइयों का संचालन शुरू होने से 3000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। जावद-मनासा सिंचाई परियोजना से नीमच के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिल रहा है।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं नीमच जिले की प्रभारी सुनिर्मला भूरिया, सांसद सुधीर गुप्ता, राज्य सभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, विधायक मनासा अनिरूद्ध माधव मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जनसिंह चौहान, जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खण्डेलवाल, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 

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