जबलपुर के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 07 व्यक्तियों को त्वरित सहायता देकर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल 

जबलपुर जिले के थाना मझौली क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हुए 07 व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की त्वरित सहायता से सभी घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।

12 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना मझौली क्षेत्र अंतर्गत मनगवां गाँव में सुहार नदी के पास एक स्कॉर्पियो वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया है, जिससे उसमें सवार 07 व्यक्ति घायल हो गए हैं तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना मझौली क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ सैनिक श्री कमल सिंह एवं पायलट श्री नरेंद्र सिंह तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। मौके पर ज्ञात हुआ कि स्कॉर्पियो वाहन का टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिससे उसमें सवार सात लोग घायल हो गए।

डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सुरक्षित शासकीय अस्पताल मझौली पहुँचाया। समय पर मिली सहायता के कारण घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध हो सका।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।

 

नरसिंहपुर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

 

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नरसिंहपुर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर की गई 10 लाख रुपये की साइबर ठगी का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। त्वरित एवं तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप पीड़ित से ठगी गई संपूर्ण राशि बरामद कर उसे वापस दिलाई गई है।

गाडरवारा निवासी आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर प्रदर्शित एक विज्ञापन के माध्यम से उसे “PROX TREND” नामक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश कर अधिक लाभ अर्जित करने का प्रलोभन दिया गया। विज्ञापन के झांसे में आकर उसने विभिन्न किश्तों में कुल 10 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन न तो उसे कोई लाभ प्राप्त हुआ और न ही उसकी राशि वापस मिली। धोखाधड़ी का एहसास होने पर उसने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत प्राप्त होते ही थाना गाडरवारा में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में साइबर सेल नरसिंहपुर और थाना गाडरवारा की संयुक्त टीम गठित की गई।

टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शनों तथा डिजिटल विश्लेषण के आधार पर दो आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी कर प्राप्त की गई संपूर्ण 10 लाख रुपये की राशि बरामद कर नियमानुसार पीड़ित को वापस दिलाई। आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों के विरुद्ध आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई में भी त्वरित जांच, तकनीकी विश्लेषण एवं समन्वित प्रयासों के माध्यम से न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि पीड़ित को उसकी पूरी राशि वापस दिलाने में भी सफलता प्राप्त हुई।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश अथवा कम समय में अधिक मुनाफे का प्रलोभन देने वाले विज्ञापनों एवं संदेशों से सतर्क रहें। किसी भी ऑनलाइन निवेश से पूर्व संबंधित प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच अवश्य करें तथा साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को दी बधाई

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की द्वितीय अवसर की परीक्षा- 2026 में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने प्रदेश के विद्यार्थियों के हित में ऐतिहासिक पहल करते हुए इस वर्ष पहली बार पूरक परीक्षा के स्थान पर ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’ आयोजित की। अपेक्षित परीक्षा परिणाम प्राप्त न कर पाने पर विद्यार्थी इस अवसर का लाभ ले सकते हैं। श्रेणी सुधार के उद्देश्य से भी विद्यार्थी इस परीक्षा में सम्मिलित होते हैं। इसके अतिरिक्त गंभीर रूप से अस्वस्थ हो जाने या विभिन्न कारणों से मुख्य परीक्षा में शामिल न हो पाने वाले विद्यार्थी इस परीक्षा का लाभ लेने में सक्षम होते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित ” राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020″ के अंतर्गत मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों के हित में यह ऐतिहासिक पहल की गई है। इस पहल ने हजारों विद्यार्थियों के सपनों, आत्मविश्वास और भविष्य के लिए नया अवसर दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि द्वितीय अवसर की परीक्षा में भाग लेने वाले कुल एक लाख 42 हजार विद्यार्थियों में से 84 हजार विद्यार्थियों को सफलता मिली है। विद्यार्थियों द्वारा लिए गए इस लाभ का उनकी भावी शिक्षा की दृष्टि से भी विशेष महत्व है।

 

उपभोक्ता आयोग के 34 कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लेते हुए राज्य एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोगों में कार्यरत 34 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को “स्थायी कर्मी” का दर्जा प्रदान करने की अनुमति दे दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के विशेष प्रयासों से लिए गए इस निर्णय से वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्थायित्व, सेवा सुरक्षा तथा विभिन्न शासकीय सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

खाद्य मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस निर्णय के तहत राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग एवं जिला आयोगों में कार्यरत 29 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा 5 ऑफिस मोहर्रिर-सह-डिस्पेचर पदों पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी के रूप में मान्यता प्रदान की जाएगी। इस संबंध में विभाग द्वारा औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग के वर्ष 2016 के परिपत्र के अनुसार 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का लाभ देने के लिए शासन की पूर्व अनुमति आवश्यक थी। राज्य सरकार ने इस मामले को विशेष परिस्थितियों वाला प्रकरण मानते हुए “वन टाइम रिलेक्सेशन” प्रदान किया है, जिससे लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि इस प्रस्ताव को 9 जून 2026 को आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके पश्चात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने संबंधित कर्मचारियों को स्थायी कर्मी घोषित किए जाने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए आदेश जारी कर दिए।

 राजपूत ने कहा कि इस निर्णय से कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के साथ-साथ नियमानुसार वेतन निर्धारण, अन्य वित्तीय लाभ एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम कर्मचारी हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और संवेदनशील प्रशासन का प्रमाण है।

वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए यह निर्णय नई आशा और विश्वास लेकर आया है। माना जा रहा है कि इस पहल से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा वे अधिक उत्साह, निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। सरकार का यह निर्णय कर्मचारी कल्याण और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

 

हायर सेकंडरी द्वितीय परीक्षा में बेटियों ने मारी बाजी

भोपाल

माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश की  हायर सेकंडरी द्वितीय परीक्षा वर्ष-2026 का नियमित एवं स्वाथ्यायी विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम शुक्रवार को शाम 4 बजे घोषित कर दिया गया। इसमें बेटियों ने बाजी मारी है। इस परीक्षा में 62.31 प्रतिशत नियमित छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं , जबकि 57.36 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। विद्यार्थी परीक्षा परिणाम मंडल की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in पर जाकर देख सकते हैं।

हायर सेकंडरी की द्वितीय परीक्षा में प्रदेश से 1 लाख 42 हजार 468 नियमित विद्यार्थियों ने फॉर्म भरा था। इसमें से 1 लाख 42 हजार 467 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। शुक्रवार 12 जून को घोषित हुए परीक्षा परिणाम में 84 हजार 871 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।

33 हजार 334 स्वाध्यायी विद्यार्थियों ने भरा था फॉर्म

हायर सेकंडरी की द्वितीय परीक्षा में 33 हजार 334 स्वाध्यायी विद्यार्थियों ने फॉर्म भरा था। परीक्षा में 33 हजार 315 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें 14 हजार 24 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। स्वाध्यायी विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम 42.10 प्रतिशत है। इसमें बेटियों के पास होने का प्रतिशत 44.7 है, जबकि छात्रों के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 40.53 हैं।

 

खनिज संपदा से समृद्ध पंचायतों को मिले अधिक भागीदारी, पर्यावरण पुनरुद्धार को मिले प्राथमिकता : जयभान सिंह पवैया

भोपाल

मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष  जयभान सिंह पवैया ने खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में खनिज संपदा से प्रभावित क्षेत्रों के विकास, स्थानीय निकायों की भागीदारी तथा पर्यावरणीय पुनरुद्धार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनिज उत्खनन से प्रभावित पंचायतों को खनिज राजस्व से प्राप्त आय में अधिक प्रभावी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के अवसरों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय समुदायों को विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। बैठक में आयोग के सदस्य  के.के. सिंह तथा सदस्य सचिव  वीरेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे।

आयोग के अध्यक्ष  पवैया ने खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि जिला खनिज निधि के संसाधनों का उपयोग पर्यावरण पुनरुद्धार, हरित आवरण विस्तार, जल संरक्षण तथा पारिस्थितिकी सुधार संबंधी कार्यों को अधिकाधिक किया जाए, जिससे विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। खनिज विभाग के अधिकारियों ने आयोग को राज्य में खनिज राजस्व की वर्तमान स्थिति, राजस्व प्राप्ति के प्रमुख स्रोतों तथा वसूली की प्रगति से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि खनिज क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इससे प्राप्त राजस्व विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) निधि के गठन, संचालन और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई। आयोग को बताया गया कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, सामाजिक विकास तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों के लिए जिला खनिज निधि का उपयोग किया जा रहा है। बैठक में खनिज राजस्व के न्यायसंगत उपयोग, प्रभावित समुदायों के हितों की सुरक्षा तथा स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

खनिज विभाग ने भारत सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप संशोधित जिला खनिज प्रतिष्ठान नियमों एवं निधि प्रावधानों की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत स्थानीय निकायों की भूमिका और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और प्रभावशीलता बढ़ेगी।

 

मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना अंतर्गत वैष्णो देवी जाएंगे श्रद्धालु

भोपाल

मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना अंतर्गत नरेला विधानसभा क्षेत्र के श्रद्धालु 13 से 18 जून तक पवित्र वैष्णो देवी धाम की तीर्थ-यात्रा पर जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा संचालित तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने लाभार्थियों को यात्रा टिकट वितरित कर उनकी सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान देने वाली महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से उन्हें निःशुल्क तीर्थ-यात्रा का अवसर प्राप्त हो रहा है।

श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान कर रही सरकार

मंत्री  सारंग ने कहा कि अनेक श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी इच्छा होती है कि वे देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करें, लेकिन आर्थिक अथवा अन्य कारणों से यह संभव नहीं हो पाता। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना ऐसे श्रद्धालुओं के सपनों को साकार करने का माध्यम बनी है। सरकार द्वारा यात्रा, भोजन, आवास, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

13 से 18 जून तक होगी यात्रा

मंत्री  सारंग के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं की यात्रा के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। श्रद्धालु 13 जून को वैष्णो देवी धाम के लिए रवाना होंगे तथा 18 जून को वापस लौटेंगे। यात्रा के दौरान आवागमन, भोजन, ठहरने एवं सुरक्षा सहित संपूर्ण प्रबंध मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण कर सकें।

श्रद्धालुओं ने जताया आभार

टिकट वितरण के दौरान लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण धार्मिक सपने को पूरा करने का अवसर प्रदान किया है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह योजना वरिष्ठ नागरिकों एवं आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायी है।

जनकल्याण और आस्था के संगम का उदाहरण

मंत्री  सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का प्रतीक है। प्रदेश सरकार आगे भी जनहित और लोककल्याण की योजनाओं के माध्यम से नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

 

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर नरेला में महा-जनसंपर्क अभियान

भोपाल 

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशव्यापी “विश्वास, विकास और जनकल्याण के 12 वर्ष” महा जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। नरेला विधानसभा क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन के सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के नेतृत्व में व्यापक जनसंपर्क अभियान का आयोजन किया गया।

अभियान अंतर्गत मंत्री  सारंग ने नरेला विधानसभा के विभिन्न बूथों पर पहुंचकर नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और पिछले 12 वर्षों में देश में हुए परिवर्तन की जानकारी आमजन तक पहुंचाई।

घर-घर पहुंचकर योजनाओं की दी जानकारी

महा जनसंपर्क अभियान के दौरान मंत्री  सारंग ने कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों के साथ घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क किया तथा प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं के हितलाभ की जानकारी दी।

जन-कल्याणकारी शिविरों में हितलाभ वितरण

मंत्री  सारंग के मार्गदर्शन में नरेला विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में जनकल्याणकारी शिविरों का भी आयोजन किया गया। शिविरों में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। संबल योजना, स्वास्थ्य, बीमा, पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं तथा नागरिकों की समस्याओं का निराकरण भी किया गया।

विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का अभियान

मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं। देश की अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना, डिजिटल सेवाओं, गरीब कल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। यह अभियान इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने का माध्यम है।

 

 

नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी सफलत

भोपाल

धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े संवेदनशील प्रकरणों के प्रति मध्यप्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नरसिंहपुर पुलिस ने जैन मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा कर पांच सदस्यीय शातिर चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जैन मंदिरों से चोरी की गई लगभग 250 वर्ष पुरानी अष्टधातु की दो दुर्लभ प्रतिमाएं, चांदी के 17 छत्र, दो चांदी के आसन, एक चांदी का मुकुट, चार बैटरियां, तीन इनवर्टर, दो रेफ्रिजरेटर, चार एलईडी टीवी, दो डीवीआर, दो पंखे, घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल तथा नगदी सहित चोरी गई संपत्ति जब्त की है। धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन धरोहरों की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की संवेदनशील, पेशेवर एवं प्रभावी कार्यशैली को दर्शाती है।

नरसिंहपुर में विगत दो से तीन माह के दौरान ग्राम रामनिवारी, तेन्दूखेड़ा तथा करकबेल स्थित जैन मंदिरों सहित अन्य स्थानों पर चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। धार्मिक स्थलों से जुड़ी इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था। टीमों को अज्ञात आरोपियों की शीघ्र पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयास, तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी तथा वैज्ञानिक विवेचना के परिणामस्वरूप इस संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा संभव हो सका।

पुलिस द्वारा प्रारंभ से ही सभी पहलुओं पर सूक्ष्मता एवं गंभीरता के साथ जांच की गई। घटनास्थलों का बारीकी से निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए तथा तकनीकी जानकारी, मुखबिर तंत्र एवं अन्य उपलब्ध सूचनाओं का गहन विश्लेषण किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं के पैटर्न का भी विस्तृत अध्ययन किया। घटनाओं के समय, स्थान, वारदात के तरीके एवं संदिग्ध गतिविधियों के तुलनात्मक विश्लेषण से महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। इसी क्रम में निगरानी बदमाश टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर उसकी गहन पतारसी की गई। तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य तथ्यों के आधार पर पूछताछ किए जाने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।

पुलिस ने प्रकरण में टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया के साथ ज्ञानी प्रजापति, आशीष शर्मा, नितिन शर्मा तथा चोरी का सामान खरीदने वाले चिन्टू उर्फ मुकेश सोनी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने करकबेल जैन मंदिर, रामनिवारी स्थित जैन मंदिर, तेन्दूखेड़ा स्थित जैन मंदिर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई कुल पांच चोरी की घटना कारित करना स्वीकार की है।

मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशवासियों की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक धरोहरों एवं जनसुरक्षा की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस प्रकार अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

 

बेहतर कानून व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी रहें मुस्तैद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा में कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा, एडीजी श्री ए. साई मनोहर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

  •          पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी मुस्तैद रहें।
  •          शिक्षा केंद्रों के निकट छेड़छाड़ की घटनाएं न हों, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें।
  •          गौवंश रक्षा पर पूरा ध्यान दें, उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन हो।
  •          भू-माफिया के विरूद्ध कार्यवाही सख्त हो। अपराधियों की सम्पत्ति कुर्क करने में पीछे न रहें। संगठित अपराधियों पर निरंतर नजर रखी जाएं। मुखबिर तंत्र सशक्त रहना चाहिए।

         राज्य में ई-चालान व्यवस्था और ई-साक्ष्य जैसे उपायों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। आईटी के अधिकतम प्रयोग से अपराधों के नियंत्रण और जांच कार्य में आसानी लाएं जिससे कि मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी बने।

         प्रतिदिन ग्रामों से दूध ,सब्जी आदि लाने वाले किसानों को कृषक कल्याण वर्ष में जीवन रक्षा के लिए हेलमेट प्रदान किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग ऐसे अभिनव प्रयोग में सहयोगी बने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए उपयोगी हेलमेट के इस्तेमाल के लिए नागरिकों को जागरूक करने का अभियान जारी रखे।

         पुलिसकर्मियों के लिए अपने आवास अर्थात आशियाने की व्यवस्था करने में गृह विभाग आवश्यक सहयोग दे। पुलिस लाइन्स में आवास गृहों की व्यवस्था और पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा नए आवास गृहों के निर्माण करवाने के साथ ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, ताकि कम व्यय पर पुलिस जवानों को मकान उपलब्ध हो सके।

  •          विभाग के श्रेष्ठ कार्य करने वालों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाए।
  •          प्रदेश में नशा विरोधी अभियान निरंतर संचालित करें। युवाओं को हर हालत में नशे से बचाना है।
  •          सिंहस्थ : 2028 में सुरक्षा उपकरणों के साथ ही पार्किंग, परिवहन और भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाएं।

प्रमुख उपलब्धियां और नवाचार

बैठक में गृह विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए श्रेष्ठ कार्यों की भी चर्चा हुई। प्रमुख उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी गई।

  •          सैनिक कल्याण के क्षेत्र मध्यप्रदेश के कार्य की रक्षा मंत्रालय द्वारा सराहना की गई।
  •          संपदा संचालनालय द्वारा शासकीय आवास गृह के ऑनलाइन आवंटन का कार्य किया जा रहा है।
  •          आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता वर्धन के लिए निरंतरण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
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