खाद की कालाबाजारी की सूचना दें, पाएं 1000 रुपये का इनाम; सरकार ने शुरू की नई पहल

 अशोकनगर
 किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सूचना दाता प्रोत्साहन योजना लागू की है।योजना के तहत खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी उर्वरकों के निर्माण और बिक्री की सूचना देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

उप संचालक कृषि अमित भदौरिया ने बताया कि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों को राहत प्रदान करना है। इसके तहत बिना लाइसेंस उर्वरक विक्रय या निर्माण, निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण, तय मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री, नकली खाद का निर्माण तथा सरकारी अनुदान वाले उर्वरकों के औद्योगिक उपयोग जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।

गोपनीय रहेगी सूचनादाता की पहचान
कृषि विभाग के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कोई भी किसान या नागरिक सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकता है। यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और अवैध गतिविधि प्रमाणित होती है, तो प्रोत्साहन राशि सीधे सूचनादाता के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

 

ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़, पिता की शिकायत के बाद समर्थ की शादी में डांस करने वाले वकील घेरे में

भोपाल
 बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। इसी बीच, ट्विशा के पिता ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है और ‘लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम’ से जुड़े कुछ वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की है। ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विवेक रूसिया के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।

अधिकारी की भूमिका पर भी उठ सवाल
उन्होंने कानूनी सहायता प्रणाली से जुड़े कुछ वकीलों और एक अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत नियुक्त कुछ वकील आरोपी पक्ष का समर्थन करते नजर आए। शिकायत के अनुसार, इन वकीलों की नियुक्ति भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में गिरिबाला सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई थी।

समर्थ की शादी में किया था डांस
शर्मा ने शिकायत के साथ एक तस्वीर भी सौंपी है, जिसमें ‘लीगल एड डिफेंस काउंसिल’ स्कीम के असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना को समर्थ सिंह की शादी में नाचते हुए दिखाया गया है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सक्सेना कोर्ट में आरोपी के निजी वकील के साथ मौजूद थे। ट्विशा शर्मा के पिता ने ‘चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल’ रीना वर्मा का नाम भी शिकायत में शामिल किया है।

लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका निभाई
उन्होंने सवाल उठाया है कि जब आरोपी के पास पहले से निजी वकील मौजूद था, तो लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका क्यों निभाई। इसके अलावा, ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में देखे गए एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में उस व्यक्ति की पहचान तथा घटनाक्रम में उसकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अदालत में ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने कहा कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष रख दिया गया है। पांडे ने शुक्रवार को कहा, “हमने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेज दी है और अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।” शिकायत में लीगल एड वकीलों की भूमिका और आरोपी के साथ उनके कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हुए कानूनी प्रतिनिधित्व की समीक्षा करने की भी मांग की गई है।

    ट्विशा शर्मा केस में आया नया मोड़
    ट्विशा के पिता ने दर्ज कराई आपत्ति
    असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना की भूमिका पर सवाल
    16 जून तक रिमांड पर हैं समर्थ और उसकी मां

16 जून को खत्म होगी रिमांड
इस बीच, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून को समाप्त हो रही है। एजेंसी उस दिन दोनों को अदालत में पेश करेगी, जहां यह तय किया जाएगा कि उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई जाए या आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड दिया जाए।

सीबीआई ने पहले अदालत को बताया था कि आवश्यकता पड़ने पर वह रिमांड की मांग करेगी। हालांकि, 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल भेजे जाने के बाद से अब तक किसी रिमांड की मांग नहीं की गई है।

राजा रघुवंशी मर्डर केस में फिर उठी CBI जांच की मांग, भाई बोला- सोनम बाहर है, सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा

इंदौर 

राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं। उनका तर्क है कि यह मामला भी बेहद चर्चित है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। ऐसे में राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।

बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून पर शिलांग गए थे। आरोप है कि वहां सोनम ने अन्य लोगों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव को खाई में फेंक दिया। घटना के बाद वह फरार हो गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने सोनम सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है।

ऐसे में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए।

लड़के के मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं?
विपिन का कहना है कि इस मामले में जल्द से जल्द सीबीआई जांच होनी चाहिए। क्योंकि सोनम जमानत पर बाहर है और वह सबूतों को नष्ट कर सकती है। हमारी राज्य सरकार से यही मांग है कि इस मामले की भी सीबीआई जांच कराई जाए। सीबीआई जांच होने पर हमारे भाई राजा को जल्द न्याय मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है, लेकिन यदि मामले की गहन जांच होती है तो सच्चाई सामने आएगी। विपिन ने कहा कि भोपाल में एक युवती की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जा रही है, जबकि राजा की हत्या के मामले में अब तक सीबीआई जांच नहीं हुई है। जबकि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है।

विपिन का कहना है कि सरकार को इस मामले में भी सहयोग करना चाहिए था। इतना बड़ा मामला होने के बावजूद यदि सोनम को जमानत मिल गई है, तो यह उनके परिवार के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि राजा को अभी तक न्याय नहीं मिला है और परिवार अब भी इंसाफ का इंतजार कर रहा है।

माता मंदिर में रात्रि विश्राम के दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने लगाई जन चौपाल

माता मंदिर में रात्रि विश्राम के दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने लगाई जन चौपाल

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौध-रोपण

झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश

ग्वालियर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में चल रहे महाअभियान के तहत उप नगर ग्वालियर के वार्ड नंबर 5 आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क माता मंदिर परिसर में  रात्रि विश्राम के दौरान जन चौपाल के जरिए स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर नागरिकों ने जनसुविधा से जुड़े कई मुद्दे उठाए, जिन पर ऊर्जा मंत्री तोमर ने सकारात्मक पहल और समाधान का आश्वासन दिया।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने संकल्प लिया कि क्षेत्र के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और हर गली-मोहल्ले तक विकास पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उनकी बात सुनना जनसेवक का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

रात्रि विश्राम के उपरांत शुक्रवार सुबह ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क में संचालित जिम में स्थानीय निवासियों के साथ संवाद करते हुए उनका हालचाल पूछा। तदोपरान्त पार्क और मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान में शिरकत की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने संगठन के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान में शामिल होकर पौध-रोपण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरूआत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को पर्यावरण से जोड़ना और व्यक्तिगत स्तर पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और अपनी माँ के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी पौधरोपण अभियान है। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क आनंद नगर में क्रिकेट खेला।

 

MP Weather Alert: प्री-मानसून हुआ सक्रिय, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी; भोपाल-ग्वालियर समेत कई शहरों में आंधी-बारिश

भोपाल 

मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार थोड़ा और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में 3 से 4 दिन की देरी से पहुंच सकता है। फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुक्रवार को भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओले गिरने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल सहित 40 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई है। 

इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी रहेगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि होने का भी अनुमान है।

वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक होने का अनुमान है।

इन जिलों में गर्मी का असर मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। यानी, यहां पर गर्मी का असर बना रहेगा।

17-18 जून तक पहुंच सकता है मानसून
एक दिन के ब्रेक के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है और इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। 

ग्वालियर में आधा इंच बारिश…मंडला, सिवनी-दतिया में गिरा पानी मध्य प्रदेश में गुरुवार को आंधी-बारिश के साथ गर्मी का असर भी रहा। ग्वालियर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, शाम तक मंडला, सिवनी, दतिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। इधर, प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 41.3 डिग्री, उज्जैन में 39.7 डिग्री, इंदौर में 38 डिग्री और भोपाल में 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो और नौगांव रहे। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दमोह में 42.8 डिग्री, सतना में 42.7 डिग्री, रीवा में 42.5 डिग्री, दतिया में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़-मंडला में 42 डिग्री, उमरिया में 41.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.4 डिग्री, मलाजखंड में 41.1 डिग्री, रायसेन-राजगढ़ में 41 डिग्री, गुना में 40.7 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, सागर में 40.4 डिग्री और श्योपुर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा।

ब्रेक के बाद आगे बढ़ा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, एक दिन के ब्रेक के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून को कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच गया। यदि परिस्थितियां अनुकूल रही तो मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। इसलिए यह एमपी में 17 या 18 जून को पहुंच सकता है।एमपी में इन सिस्टम की एक्टिविटी प्रदेश के पूर्वी हिस्से से टर्फ गुजर रही है। वहीं, ऊपर एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एवं एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इसकी वजह से गुरुवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा।

MP Board 12th Second Exam Result 2026 जारी, mpbse.mponline.gov.in पर ऐसे करें रिजल्ट चेक

भोपाल 

MPBSE MP Board Second Exam Result 2026: एमपी बोर्ड 12वीं सेकेंड एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in और mpresults.nic.in पर देख सकते हैं। छात्र रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज कर अंक देख सकते हैं। मंडल ने विद्यार्थियों से केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करने और अप्रमाणित लिंक से बचने की अपील की है। कक्षा 12वीं द्वितीय बोर्ड परीक्षा 7 से 26 मई 2026 के बीच आयोजित हुई थी। छात्र वेबसाइट से मार्कशीट की प्रति डाउनलोड कर सकेंगे, जबकि ऑरिजनल मार्कशीट स्कूल से मिलेगी। पिछले साल सेकेंड चांस 12वीं परीक्षा में कुल 57.60 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे। आपको बता दें कि एमपी बोर्ड 12वीं मुख्य परीक्षा में 1 लाख 99 हजार छात्र फेल हो गए थे। अब इनमें ज्यादातर विद्यार्थियों ने सेकेंड चांस एग्जाम दिया होगा।

MPBSE MP Board Second Exam Result 2026: ऐसे चेक कर सकते है एमपी बोर्ड के नतीजे

– सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जाएं।

– HSC/SSC रिजल्ट के लिए ‘MPBSE सप्लीमेंट्री परीक्षा परिणाम या सेकेंड एग्जाम रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।

– एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 लॉगिन पेज स्क्रीन पर दिखाई देगा।

– उस पेज पर अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।

– सभी विवरण दर्ज करने के बाद परिणाम देखें बटन पर क्लिक करें।

– एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 आपको स्क्रीन पर दिखाई देगा।

सेकेंड चांस एग्जाम में कौन कौन बैठा
इस बार से सप्लीमेंट्री परीक्षा को खत्म कर दिया गया है। सेकेंड चांस एग्जाम में फेल और पास दोनों तरह के विद्यार्थी शामिल हुए। नियम के मुताबिक छात्र अब सिर्फ फेल विषयों के लिए ही नहीं, बल्कि बेहतर अंक लाने के लिए भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। मेन एग्जाम में अनुत्तीर्ण, अनुपस्थित तथा अंक सुधार के इच्छुक विद्यार्थी शामिल हुए। दोनों अवसरों में से बेहतर परिणाम को अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा।

कैसा रहा था मुख्य परीक्षा का रिजल्ट
बता दें कि साल 2026 में एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं की मुख्य परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को जारी किया गया था। एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 73.42 फीसदी रहा। एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 76.01 फीसदी रहा। एमपी बोर्ड 10वीं में पन्ना की प्रतिभा सिंह ने 500 में से 499 अंक लाकर टॉप किया। वहीं एमपी बोर्ड 12वीं में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट में पहला स्थान हासिल किया है। दोनों ने 500 में से 494 अंक हासिल किए हैं। जिलों में झाबुआ पहले और अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा। 10वीं में शासकीय स्कूलों का रिजल्ट 76.80 फीसदी रहा और प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट 68.64 फीसदी रहा सरकारी स्कूलों का रिजल्ट प्राइवेट से 8 फीसदी अच्छा रहा।

कब हुई थी परीक्षा
एमपीबीएसई कक्षा 12वीं दूसरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन मध्य प्रदेश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों में 7 मई से लेकर 25 मई, 2026 के बीच किया गया था। इसके साथ ही छात्र ऑफिशियल वेबसाइट से केवल मार्कशीट की प्रति डाउनलोड कर सकते हैं। ओरिजनल मार्कशीट स्कूल द्वारा ही प्रदान की जाएगी। छात्र कुछ दिनों बाद अपने स्कूल जाकर कक्षा 12वीं परीक्षा की मार्कशीट प्राप्त कर सकेंगे।

मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, राज्यसभा नामांकन रद्द करने वाली याचिका खारिज

भोपाल 

सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को बड़ा झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने मीनाक्षी की राज्यसभा उम्मीदवारी खारिज होने पर दखल देने से कर दिया इनकार. सर्वोच्च अदालत ने कांग्रेस नेता की याचिका खरिज करते हुए कहा कि हम इसमें दखल नहीं दे सकते हैं. जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस चंदूकर की पीठ ने ये फैसला सुनाया। 

सिंघवी ने दी थी दलीलें 
इससे पहले मीनाक्षी की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें दीं. उन्होंने कहा कि कुछ ऐसा हुआ है जो शॉकिंग है. उन्होंने कहा कि एक निजी शिकायत पर नोटिस हुआ है. सिंघवी ने कहा कि ये एक निजी शिकायत है, जिसमें संज्ञान नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि आरपी एक्ट कहता  है कि कम से कम आरोप तय होने चाहिए। 

मीनाक्षी को हाईकोर्ट जाने का दिया सुझाव 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव याचिका के जरिए मीनाक्षी नटराजन हाईकोर्ट जा सकती हैं. सिंघवी ने दावा किया कि ये केस 2022 का है जब मीनाक्षी तेलंगाना की इंचार्ज नहीं थी. मामले का संज्ञान भी नहीं लिया गया था. यह मामला तेलंगाना की एक अदालत में 2022 के पार्टी के अंदरूनी मसले से जुड़ी एक निजी शिकायत से संबंधित है. अदालत ने किसी अपराध का वास्तविक संज्ञान लेने से पहले नटराजन को केवल एक प्रारंभिक सिविल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था. सिंघवी ने कहा कि अगर रिटर्निंग ऑफीसर मनमाने ढंग से काम करता किसी एक पार्टी को जिससे फायदा होता है तो उसमें कोर्ट दखल दे सकता है. सिंघवी ने सवाल उठाए कि नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन नतीजे क्यों घोषित किए गए? हालांकि, शीर्ष अदालत उनकी दलीलों से सहमत नहीं हुआ और उनके मुवक्किल मीनाक्षी की याचिका खारिज कर दी। 

बता दें कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को ये बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जांच (स्क्रूटनी) के दौरान खारिज कर दिया गया था. इसके साथ ही राज्य की तीसरी राज्यसभा सीट पर मुकाबला समाप्त हो गया और भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो गया. बीजेपी ने कांग्रेस उम्मीदवार पर नामांकन एफिडेविट में आपराधिक मामला छिपाने का आरोप लगाया था। 

जांच में सामने आया कि उन्होंने अपने हलफनामे में एक अदालती शिकायत का जिक्र नहीं किया था. इस वजह से उनका नामांकन पत्र अधूरा माना गया और उसे रद्द कर दिया गया. विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीजेपी के उम्मीदवार महेश केवट ने इस बारे में चुनाव अधिकारी के सामने एक शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने तेलंगाना में अपने खिलाफ दर्ज एक अदालती मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई है। 

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी 
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि किसी उम्मीदवार का नामांकन निर्वाचन अधिकारी द्वारा निरस्त किए जाने के बाद उसके पास राहत पाने के लिए भारत के निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई अन्य उपाय नहीं होता. अदालत ने नटराजन से यह भी पूछा कि क्या वह ऐसा कोई फैसला दिखा सकती हैं, जिसमें अदालत ने इस प्रकार के मामलों में हस्तक्षेप किया हो। 

अदालत ने सिंघवी से पूछा सवाल 
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने कहा कि निर्णय कितना भी त्रुटिपूर्ण क्यों न हो, एक बार नामांकन खारिज हो जाने के बाद सामान्यतः इसका उपाय कहीं और उपलब्ध होता है. क्या इस अदालत का ऐसा कोई निर्णय है, जिसमें हमने इस चरण में हस्तक्षेप किया हो? नटराजन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलील दी कि किसी उम्मीदवार को केवल वही आपराधिक मामला घोषित करना होता है, जिसमें न्यूनतम दो वर्ष की सजा का प्रावधान हो. उन्होंने कहा कि वर्तमान मामले में केवल समन जारी हुए थे। 

सिंघवी की दलील- गलत तरीके से खारिज हुई उम्मीदवारी 
सिंघवी ने कहा कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए नटराजन का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक आपराधिक मामले का खुलासा न करने के आरोप में गलत तरीके से खारिज कर दिया. राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा के आदेश में कहा गया कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि नटराजन ने अपने नामांकन के साथ दाखिल फॉर्म-26 में एक कोर्ट में शिकायत का उल्लेख नहीं किया और इस प्रकार अधूरा शपथपत्र प्रस्तुत किया। 

क्या था मामला 
मध्य प्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी के अनुसार, सत्तारूढ़ बीजेपी के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी कि नटराजन ने अपने शपथपत्र में तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज एक मामले का उल्लेख नहीं किया है. इसी के आधार पर चुनाव अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। 

BRICS Agriculture Summit: इंदौर में जुटे 20 देशों के कृषि मंत्री, शिवराज बोले- छोटे किसानों को सशक्त बनाना समय की मांग

 इंदौर

इंदौर में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय BRICS कृषि सम्मेलन का शुक्रवार को चौथा दिन है। आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों को सशक्त बनाने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि भारत “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के साथ दुनिया को एक परिवार मानता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शांति, समन्वय और साझेदारी आधारित विकास के लिए काम कर रहा है।

उधर, दोपहर 3 बजे विदेशी डेलीगेट्स को मांडू किले का भ्रमण कराया जाएगा और रात भव्य गाला डिनर का आयोजन होगा।

छोटे किसानों को मजबूत बनाना जरूरी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव और बाजार की अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का सामना छोटे और सीमांत किसान सबसे ज्यादा करते हैं। ऐसे में BRICS देशों को मिलकर इनके समाधान तलाशने होंगे। उन्होंने कहा कि यदि छोटे किसान मजबूत होंगे तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी।

कृषि उत्पादन में भारत की बड़ी उपलब्धियां
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत के कृषि क्षेत्र में औसतन 4.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। देश का खाद्यान्न उत्पादन करीब 376 मिलियन टन तक पहुंच गया है। गेहूं उत्पादन 118 मिलियन टन और बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक हो चुका है। वहीं मछली उत्पादन भी 19 मिलियन टन से ज्यादा हो गया है।

87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत
शिवराज ने कहा कि देश के करीब 87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग से आते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को आर्थिक सुरक्षा और सहायता मिल रही है।

प्राकृतिक खेती और मिट्टी बचाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने “खेत बचाओ अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके जरिए किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी और नई तकनीकें पहुंचाई जा रही हैं।

महिला और युवा बदल रहे कृषि की तस्वीर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों में नेतृत्व कर रही हैं। वहीं “ड्रोन दीदी” जैसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी बदलाव का उदाहरण हैं। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप, नवाचार और डिजिटल तकनीकों के जरिए आगे आने का आह्वान किया।

BRICS देशों से सहयोग की अपील
उन्होंने BRICS देशों से छोटे किसानों को सशक्त बनाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और सतत कृषि विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उनका कहना था कि अनुभवों के आदान-प्रदान और नीतिगत सहयोग से वैश्विक कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है।

सम्मेलन में कृषि, खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि नवाचार, किसानों की आय बढ़ाने और वैश्विक कृषि सहयोग जैसे अहम विषयों पर मंथन किया जा रहा है। आयोजन को भारत और मध्यप्रदेश के लिए कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

13 जून को होगी कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक
13 जून को ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग मजबूत करने, खाद्य हानि कम करने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श होगा। बैठक के अंत में साझा सहमति और सुझावों पर आधारित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी तैयार किया जाएगा।

चार प्रमुख विषयों पर रहेगा फोकस

    सम्मेलन में मुख्य रूप से चार विषयों पर चर्चा केंद्रित रहेगी।
    खाद्य सुरक्षा, पोषण और आजीविका।
    कृषि व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
    जलवायु अनुकूल और टिकाऊ कृषि।
    कृषि एवं खाद्य प्रणालियों में नवाचार और साझेदारी।

‘ब्रिक्स वाटिका’ बनेगी
सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए विशेष ‘ब्रिक्स वाटिका’ विकसित की जाएगी। इसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि सामूहिक पौधारोपण करेंगे। यह पहल प्रकृति संरक्षण और सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जा रही है।

मध्यप्रदेश को मिलेगा वैश्विक मंच
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सम्मेलन केवल अंतरराष्ट्रीय आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश को वैश्विक कृषि, निवेश और नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने का बड़ा अवसर भी है। इससे प्रदेश की कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात संभावनाओं को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, धमाकों से दहला इलाका; 70 फीट तक उठीं लपटें

भोपाल
भोपाल के बैरागढ़ रोड पर शुक्रवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक पटाखा दुकान में भीषण आग भड़क उठी। आग लगते ही दुकान में रखे पटाखे एक के बाद एक फटने लगे और पूरे इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें करीब 70 फीट ऊंचाई तक पहुंच गईं। घटना हलालपुरा स्थित मुख्य सड़क किनारे संचालित एक पटाखा दुकान की है। तड़के करीब 3:30 बजे लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि दूर-दूर तक आसमान लाल दिखाई देने लगा। लगातार हो रहे धमाकों के कारण आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। तीन घंटे तक चलता रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की सूचना मिलते ही फतेहगढ़, बैरागढ़ और गांधीनगर समेत कई फायर स्टेशनों से दमकल वाहन मौके पर पहुंच गए। पटाखों में लगातार हो रहे विस्फोटों के बीच फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मोर्चा संभाला। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सुबह तक दुकान से धुआं निकलता रहा।

साढ़े 3 घंटे बाद काबू में आ पाई जानकारी के अनुसार, बैरागढ़ रोड स्थित सुंदर वन गार्डन के ठीक सामने सोनी पटाखा दुकान में तड़के करीब साढ़े 3 बजे आग लगी। सूचना मिलने पर फतेहगढ़, बैरागढ़, गांधीनगर समेत कई फायर स्टेशनों से दमकलें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने लगी। फायर फाइटर शाहनाबाज अहमद ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। करीब तीन घंटे में आग काबू आ सकी। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।पटाखा मार्केट से कुछ दूर है यह दुकान जानकारी के अनुसार, हलालपुरा में ही बड़ा पटाखा मार्केट है। जिस दुकान में आग लगी, वह कुछ ही दूर है। इसके पास पेट्रोल पंप भी है। दुकान में लाखों का कई किलो पटाखा भरा था, जो पूरी तरह से जल गया।

एक तरफ की सड़क बंद कराई जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और एक तरफ की सड़क से ट्रैफिक बंद कराया। दुकान सड़क से सटकर होने की वजह से पटाखें उड़कर यहां पर आ रहे थे। बिजली कंपनी ने इलाके की लाइट बंद की। इसके बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। सुबह 7 बजे तक आग काबू में आ पाई।

दिन में लगती तो हो सकता था बड़ा हादसा
जिस स्थान पर आग लगी, वह शहर की व्यस्त सड़कों में से एक है। दिनभर यहां भारी ट्रैफिक रहता है और सड़क किनारे बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं। राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, जब सड़क पर आवाजाही बेहद कम थी। यदि दिन के समय आग लगती तो जनहानि और बड़े नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

पेट्रोल पंप और पटाखा बाजार के पास थी दुकान
जिस दुकान में आग लगी, वह हलालपुरा के बड़े पटाखा बाजार से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके नजदीक पेट्रोल पंप भी मौजूद है। दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था, जो आग की चपेट में आने से पूरी तरह जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

सड़क बंद कर रोका गया ट्रैफिक
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर सड़क के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया गया। धमाकों के साथ पटाखों के टुकड़े और चिंगारियां सड़क तक पहुंच रही थीं। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली कंपनी ने भी इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिसके बाद दमकलकर्मियों को आग बुझाने में आसानी हुई।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस और संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग के कारण दुकान में रखा पूरा पटाखा स्टॉक नष्ट हो गया, जबकि समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को सुरक्षित बचा लिया गया। 

शिक्षा, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम : मंत्री परमार

शिक्षा, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम : मंत्री परमार

सेज करियर डे-2026 में 4500 से अधिक चयनित विद्यार्थियों की उपलब्धियों का हुआ सम्मान

भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि शिक्षा केवल विषयविद बनाने का साधन नहीं, बल्कि श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम है। शिक्षित और संस्कारित युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

मंत्री परमार भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित “सेज करियर डे-2026” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में वर्ष 2024 से 2026 के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित कंपनियों में चयनित 4 हजार 500 से अधिक विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया तथा चयनित विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।

मंत्री परमार ने कहा कि सेज यूनिवर्सिटी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ें तथा अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के विकास में करें। मंत्री परमार ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मंत्री परमार ने युवाओं से कहा कि” आपने अभी अपने पंख फैलाए हैं, आपकी उड़ान अभी बाकी है। जीवन की प्रत्येक चुनौती आपको और अधिक सशक्त बनाती है।” उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

सेज ग्रुप के डायरेक्टर जनरल डॉ. सर्वेश शुक्ला ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, उद्योग-अकादमिक सहयोग तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। प्रख्यात प्रबंधन गुरु एवं कॉलमिस्ट एन. रघुरामन ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए प्रतिबद्धता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी। सेज ग्रुप की कार्यकारी निदेशक आर्किटेक्ट शिवानी अग्रवाल ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, कौशल विकास और समय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में बताया गया कि इस वर्ष विद्यार्थियों का चयन आईबीएम, टीसीएस सहित अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में हुआ है। वर्ष 2024 से 2026 के दौरान 575 से अधिक विद्यार्थियों को 5 से 10 लाख रुपये वार्षिक पैकेज तथा लगभग 50 विद्यार्थियों को 10 से 20 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर नियुक्ति प्राप्त हुई है।

सेज यूनिवर्सिटी के चेयरमैन एवं चांसलर डॉ. संजीव अग्रवाल ने चयनित विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट टीम तथा अभिभावकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। समारोह में प्लेसमेंट प्राप्त विद्यार्थियों के साथ उच्च शिक्षा, शोध एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविद्, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu