विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में कार्य करें : मंत्री परमार

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान की सामान्य परिषद की बैठक सम्पन्न हुई।

उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने संस्थान के शैक्षणिक, शोध, छात्र कल्याण एवं अधोसंरचनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने जापान सहित भारत के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों वाले देशों की भाषाओं के प्रशिक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा वे विदेशों में प्रभावी संवाद स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने संस्थान को इस दिशा में नवाचारपूर्ण पहल करने के निर्देश दिए।

मंत्री  परमार ने छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए परिसर में सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं के लिए स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्याप्त शौचालय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया तथा कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधायुक्त परिसर भी उतना ही आवश्यक है।

मंत्री  परमार ने संस्थान परिसर में वृहद स्तर पर नीम, बरगद, पीपल, जामुन एवं आम जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों के रोपण के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थान के हरित वसुंधरा क्लब द्वारा लुप्तप्राय वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण एवं रोपण के संकल्प की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को अनुकरणीय बताया। मंत्री  परमार ने संस्थान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुत शोधपत्रों के संकलन एवं संस्थान के वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन का विमोचन भी किया।

बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग  अनुपम राजन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण से संबंधित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

बैठक में संस्थान के वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट 12 करोड़ 86 लाख 3 हजार 503 रुपये को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही संस्थान के प्रत्येक संकाय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संचालक पदक प्रदान किए जाने तथा सामान्य परिषद के अध्यक्ष के नाम से विशेष पदक स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया। परिषद ने प्रत्येक संकाय के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के शैक्षणिक शुल्क में राहत प्रदान करने के प्रस्ताव को भी सहर्ष स्वीकृति दी।

बैठक में उच्च स्तरीय शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फोरियर इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोप (FTIR) उपकरण के क्रय के लिये 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। साथ ही विभिन्न स्तरों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को भी परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया।

बैठक में संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल द्वारा सामान्य परिषद को अवगत कराया गया कि वर्ष 2026 में भारतीय वाणिज्य परिषद का राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल में संस्थान द्वारा सेज विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर परिषद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपनी सहमति प्रदान की।

बैठक में विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा  अनिल पाठक, डॉ दिवा मिश्रा, माधव विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरीश व्यास, सीए  संजय वास्तव, डॉ. शैलजा दुबे, डॉ. महिपाल सिंह यादव, डॉ. ज्योति सक्सेना, डॉ. रामकृष्ण वास्तव, डॉ. सभाकांत द्विवेदी, डॉ. स्वामी स्वरूप वास्तव, डॉ. अमित जैन, डॉ. निधि चौहान, डॉ. रचना सिंह ठाकुर एवं डॉ. अमित मांडले सहित सामान्य परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

 

प्रमुख सचिव वन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश टाइगर फाउण्डेशन समिति की 22वीं शासी निकाय की बैठक

भोपाल

मध्यप्रदेश टाइगर फाउण्डेशन समिति की 22वीं शासी निकाय की बैठक प्रमुख सचिव वन  संदीप यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। बैठक में टाइगर फाउण्डेशन समिति की 21वीं बैठक का अनुमोदन किया गया। बैठक में वन्य एवं वन्य-जीव संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं प्रस्तावों की समीक्षा की गई। संरक्षित क्षेत्रों, वन मण्डलों में वन्य-जीव संरक्षण, आवास विकास, मानव वन्य-जीव संघर्ष न्यूनीकरण, अनुसंधान, अध्ययन, जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन के साथ ब्लैकबक कैप्चर ऑपरेशन से संबंधित कार्यों के लिये लगभग 22.79 करोड़ की राशि के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये। समिति के वर्ष 2026-27 के वार्षिक कार्य-योजना (एपीओ) का भी अनुमोदन किया गया। साथ ही टाइगर फाउण्डेशन समिति की 22वीं बैठक की कार्यसूची के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई।

प्रमुख सचिव  यादव ने कहा कि टाइगर फाउण्डेशन समिति की बैठक हर 3 माह में आयोजित की जाये। उन्होंने कहा कि इससे कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता आयेगी।  यादव ने कहा कि वन्य-जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये जागरूकता बढ़ाने के लिये क्षेत्रीय स्तर पर चरवाहा सम्मेलन आयोजित करने पर बल दिया गया। बैठक में जिन कार्यों की स्वीकृति दी गई है, उन्हें नियमानुसार गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव डॉ. समीता राजौरा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास), अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव)  एल. कृष्णमूर्ति एवं संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान बैठक में उपस्थित रहे। अपर पुलिस महानिदेशक एवं अध्यक्ष टाइगर सेल, सदस्य सचिव, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं संचालक माधव राष्ट्रीय उद्यान, मुख्य वन संरक्षक, वन वृत्त सागर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, क्षेत्र संचालक कान्हा, बाँधवगढ़, पेंच और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व वर्चुअली शामिल हुए।

 

प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना की पहुँच को अंतिम छोर तक पहुँचाने के लिये 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान

प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना की पहुँच को अंतिम छोर तक पहुँचाने के लिये 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान

जिला स्तर पर स्वनिधि महोत्सव और नगरीय निकायों में लगेंगे लोक कल्याण मेले
प्रदेश में 10 लाख से अधिक पथ विक्रेता हुए लाभान्वित

भोपाल 

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने देश में एक गौरवशाली और ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की है। राज्य शासन, नगरीय निकायों तथा ऋणदाता संस्थाओं के समर्पित प्रयासों एवं सक्रिय सहयोग से प्रदेश में अब तक 10 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं को सफलतापूर्वक लाभान्वित कर उनके स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया जा चुका है। इस योजना की पहुँच को अंतिम छोर तक और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त क्षेत्रों में 01 जून 2026 से विशेष अभियान संचालित किया जा रह है, जो 30 जून तक चलेगा।

जिला स्तर होंगे ‘स्वनिधि महोत्सव’

अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालयों पर “स्वनिधि महोत्सव” का आयोजन किया जाएगा।महोत्सव में पीएम स्वनिधि योजना के सफल लाभार्थियों तथा उनके परिवारजनों की आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों, उनके संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियों का उत्सव मनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफल वेंडर्स को सम्मानित करना तथा योजना से जुड़े सभी संबंधित हितधारकों के मध्य इसके प्रति और अधिक व्यापक जागरूकता का संचार करना है।

नगरीय निकायों में सजेंगे ‘लोक कल्याण मेले’

नगरीय निकाय स्तर पर “लोक कल्याण मेलों” के माध्यम से ‘पथ विक्रेताओं के लिए सेवाएँ आपके द्वार’ की पावन संकल्पना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इन मेलों के माध्यम से जरूरतमंद वेंडर्स को वित्तीय, सामाजिक और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिये बिना गारंटी के 15 हजार रूपये तक की आसान ऋण सुविधा, न्यूनतम ब्याज दर पर वित्तीय सहायता, क्रेडिट कार्ड एवं डिजिटल लेनदेन के लिए प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही बैंकर्स एवं पथ विक्रेताओं की विशेष बैठकें आयोजित कर अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच सुलभ कराई जाएगी तथा ‘नगरीय निकाय सहायता केंद्रों’ के माध्यम से वेंडर्स की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

सेन्सस टाउन में ‘स्वनिधि कैंप’ से अंत्योदय की परिकल्पना

अभियान में सेन्सस टाउन स्तर पर “स्वनिधि कैंप” का आयोजन कर दूरस्थ व अर्द्धें-शहरी क्षेत्रों में निवासरत पथ विक्रेताओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विशेष शिविरों के माध्यम से छूटे हुए और नए पथ विक्रेताओं की पहचान कर उन्हें योजना की जानकारी दी जाएगी। ऋण स्वीकृति के लिए उनके पंजीयन की त्वरित कार्यवाही पूरी की जाएगी जिससे कोई भी पात्र वेंडर लाभ से वंचित न रहे।

 

विश्व साइकिल दिवस पर भोपाल की सड़कों पर दौड़ी फिटनेस की रफ्तार

विवेक झा, भोपाल। विश्व साइकिल दिवस 2026 के अवसर पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) भोपाल द्वारा रविवार को ‘संडेज़ ऑन साइकिल’ रैली का आयोजन किया गया। फिट इंडिया मूवमेंट के तहत आयोजित इस रैली में ईपीएफओ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वन विहार से शुरू हुई यह साइकिल रैली बड़े तालाब के किनारे स्थित लेक व्यू तक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।

फिट इंडिया मूवमेंट के तहत हुई पहल

ईपीएफओ मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत आयोजित किया गया, जो स्वस्थ और सक्रिय भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

वन विहार से लेक व्यू तक चला फिटनेस का कारवां

रैली का शुभारंभ वन विहार (भदभदा रोड) से हुआ। साइकिल सवार प्रतिभागी बड़े तालाब के सुंदर किनारों से गुजरते हुए लेक व्यू पहुंचे। इस दौरान प्रतिभागियों ने न केवल फिटनेस के प्रति जागरूकता का संदेश दिया, बल्कि प्रदूषण मुक्त परिवहन के रूप में साइकिल के महत्व को भी रेखांकित किया।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

रैली में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं और मोटापे की रोकथाम के लिए साइकिलिंग एक प्रभावी माध्यम है। नियमित साइकिल चलाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा दैनिक जीवन में सक्रियता बनी रहती है।

प्रतिभागियों ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने व्यस्त जीवन में कुछ समय शारीरिक गतिविधियों के लिए अवश्य निकालें और साइकिलिंग जैसी स्वस्थ आदतों को अपनाएं।

पर्यावरण संरक्षण में साइकिल की अहम भूमिका

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को कम करने के लिए साइकिल सबसे सरल और प्रभावी विकल्प है। साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और शहरों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद मिलती है।

प्रधानमंत्री के ‘फिट और स्वस्थ भारत’ संकल्प से प्रेरित आयोजन

ईपीएफओ अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के ‘फिट और स्वस्थ भारत’ के संकल्प से प्रेरित है। इसका उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए महंगे संसाधनों की आवश्यकता नहीं, बल्कि नियमित व्यायाम और साइकिलिंग जैसी सरल गतिविधियां भी जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने भी की सहभागिता

रैली में अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) श्री गौतम, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 अंचल श्री शलभ दुबे, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 अंचल श्री शिखर शर्मा तथा क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II, भोपाल श्री ललितेश सिंह नायक सहित अनेक अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की।

स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नियमित रूप से साइकिलिंग करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। ईपीएफओ द्वारा आयोजित इस पहल ने स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का सकारात्मक संदेश दिया।

साइकिलिंग के प्रमुख फायदे

  • हृदय और फेफड़ों को मजबूत बनाती है।
  • मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम करती है।
  • मानसिक तनाव को कम करने में सहायक।
  • प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का माध्यम।
  • ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी।
  • फिट और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देती है।

 

देशभक्ति के जज्बे, अनुशासन और आत्मविश्वास से सराबोर दीक्षांत परेड ने किया रोमांचित

भोपाल

देशभक्ति, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों से ओतप्रोत 78वें नव आरक्षकों ने मंगलवार को पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में कठिन प्रशिक्षण के उपरांत भव्य दीक्षांत परेड के माध्यम से अपनी दक्षता, अनुशासन और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश पुलिस के महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बतौर मुख्य अतिथि परेड की सलामी ली तथा खुली जिप्सी में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। लगभग एक वर्ष के कठिन, अनुशासित एवं बहुआयामी प्रशिक्षण के उपरांत 983 नव आरक्षक विधिवत रूप से मध्यप्रदेश पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुए, जिनमें 787 महिला एवं 196 पुरुष नव आरक्षक सम्मिलित हैं।

दीक्षांत समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण)  रवि कुमार गुप्ता, पुलिस आयुक्त इंदौर  संतोष कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन  अनुराग, पुलिस महानिरीक्षक विसबल इंदौर  चंद्रशेखर सोलंकी, पुलिस महानिरीक्षक आरएपीटीसी इंदौर  धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, उप पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) पुलिस मुख्यालय  मनीष कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण  राजेन्द्र कुमार वर्मा, सेनानी प्रथम वाहिनी  अभिषेक आनंद, सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  अनिल कुमार,  दिनेश चंद्र सागर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षुओं के अभिभावक एवं पुलिस परिवारजन उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि आज का दिन सभी नव आरक्षकों के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने परेड के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह दीक्षांत परेड प्रदेश के प्रशिक्षण संस्थानों में आयोजित होने वाले सबसे बड़े एवं प्रभावशाली पासिंग आउट समारोहों में से एक है। उन्होंने प्रशिक्षण संस्थान की उपलब्धियों, उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था तथा देश के सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल होने पर संस्थान के अधिकारियों एवं प्रशिक्षण स्टाफ को बधाई दी।

डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति उसके हथियार, अधिकार अथवा कानून नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। जब कोई पीड़ित व्यक्ति पुलिस के पास आता है तो वह केवल कानूनी सहायता नहीं, बल्कि विश्वास, संवेदनशीलता और न्याय की अपेक्षा लेकर आता है। यह विश्वास किसी नियम पुस्तिका से नहीं मिलता, बल्कि पुलिसकर्मी के व्यवहार, कार्यशैली और मानवीय दृष्टिकोण से अर्जित होता है।

उन्होंने कहा कि आज अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आधुनिक अपराधी डिजिटल माध्यमों, मोबाइल, लैपटॉप, सोशल मीडिया और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डाटा एनालिटिक्स, डिजिटल फॉरेंसिक एवं स्मार्ट पुलिसिंग के इस युग में पुलिसकर्मी को केवल शारीरिक रूप से सक्षम होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से संतुलित, निर्णयक्षम और नैतिक रूप से दृढ़ होना भी आवश्यक है। प्रशिक्षण भले ही आज पूर्ण हो रहा हो, लेकिन सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती।

उन्होंने नव आरक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्दी शक्ति का नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व का प्रतीक है। वर्दी अधिकार अवश्य देती है, लेकिन उससे कहीं अधिक जिम्मेदारी भी देती है। समाज पुलिसकर्मी को उसकी वर्दी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और चरित्र से पहचानता है। वर्दी की वास्तविक प्रतिष्ठा उसके अधिकार में नहीं, बल्कि उसे पहनने वाले व्यक्ति के आचरण और संवेदनशीलता में निहित होती है।

डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक आधारित, जनसहभागी, पारदर्शी, जवाबदेह और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार पुलिस व्यवस्था का निर्माण करना है। हमारा उद्देश्य मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सबसे आधुनिक, संवेदनशील और विश्वसनीय पुलिस संस्थाओं में स्थापित करना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलवाद जैसी गंभीर आंतरिक सुरक्षा चुनौती को समाप्त कर मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश पुलिस एवं सभी सुरक्षा बलों को बधाई दी।

डीजीपी ने साइबर अपराध और नशे को समाज एवं युवा पीढ़ी के सामने उभरती दो सबसे बड़ी चुनौतियां बताते हुए कहा कि ये ऐसे शत्रु हैं जो दिखाई कम देते हैं लेकिन समाज को भीतर से खोखला कर सकते हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में चलाए गए ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का व्यापक आंदोलन था। उन्होंने नव आरक्षकों से इस अभियान को आगे बढ़ाने और समाज को सुरक्षित एवं नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने आगामी सिंहस्थ-2028 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व के सबसे बड़े मानव समागमों में से एक है। सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और तकनीकी समन्वय में पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज प्रशिक्षण पूर्ण कर रहे अनेक नव आरक्षक उस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

 मकवाणा ने कहा कि ईमानदारी, संवेदनशीलता, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति एवं उत्कृष्ट चरित्र ही एक सफल पुलिसकर्मी की पहचान है। उन्होंने सभी नव आरक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान ली गई शपथ को जीवनभर स्मरण रखने और मध्यप्रदेश पुलिस के मूल मंत्र ‘देशभक्ति-जनसेवा’ को अपने आचरण से चरितार्थ करने का आह्वान किया।

उन्होंने प्रशिक्षुओं के अभिभावकों को विशेष बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्य को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के लिए तैयार किया है। उनके संस्कार, त्याग और विश्वास का ही परिणाम है कि आज उनके बेटे-बेटियां इस गौरवपूर्ण अवसर का हिस्सा बने हैं।

उत्कृष्ट प्रशिक्षण और नवाचारों का राष्ट्रीय स्तर पर गौरव

पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर मती वाहनी सिंह ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर देश के प्रतिष्ठित आरक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। बीपीआरएंडडी, नई दिल्ली द्वारा इसे दो बार देश के सर्वश्रेष्ठ आरक्षक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। संस्थान में अब तक 77 बुनियादी प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से 27 हजार से अधिक आरक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर पुलिस सेवा में योगदान दे चुके हैं। आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, साइबर जागरूकता, हार्टफुलनेस, वात्सल्य छात्रावास, किलकारी झूलाघर, पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य नवाचारों के माध्यम से संस्थान पुलिस प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई मिसाल स्थापित कर रहा है।

सांस्कृतिक संध्या में झलकी भारतीय संस्कृति, प्रतिभा और रचनात्मकता

दीक्षांत समारोह के पूर्व 08 जून को पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में 78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया गया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के मुख्य आतिथ्य एवं विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण)  रवि कुमार गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षु नव आरक्षकों ने लोकमाता अहिल्यादेवी के जीवन पर आधारित प्रेरक नाट्य प्रस्तुति सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर की स्मारिका ‘सांदीपनि स्मृति’ का विमोचन किया। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं तथा उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरांत अतिथियों एवं प्रशिक्षुओं के साथ सहभोज का आयोजन भी किया गया।

समारोह के दौरान प्रशिक्षण के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र एवं नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

दीक्षांत परेड के उपरांत प्रशिक्षु नव आरक्षकों द्वारा आयोजित ‘आरोहण’ कार्यक्रम में टीम भावना, साहस, संतुलन एवं दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षुओं के हैरतअंगेज सामूहिक करतबों और समन्वित प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

सिंगाजी ताप विद्युत गृह में उन्नत डीएसएम सिस्टम का सफल क्रियान्वयन

भोपाल

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने विद्युत उत्पादन क्षेत्र में तकनीकी आधुनिकीकरण और ग्रिड प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की  सिंगाजी ताप विद्युत गृह, दोंगलिया के सभी विद्युत उत्पादन इकाइयों में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग के नवीनतम निर्देशों के अनुरूप उन्नत Deviation Settlement Mechanism (DSM) System को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया है। यह प्रणाली विद्युत गृह को वास्तविक समय में ग्रिड की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सटीक, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से संचालन करने में सक्षम बनाएगी। इसके साथ ही पॉवर जनरेटिंग कंपनी राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने, निर्धारित विद्युत उत्पादन के अनुपालन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा चुकी है।

इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि, “डीएसएम विद्युत उत्पादन कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रणाली है। सटीक पूर्वानुमान, स्मार्ट जनरेशन प्रबंधन तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग में इसकी भूमिका निर्णायक है। इस उन्नत का सफल क्रियान्वयन न केवल ग्रिड संतुलन को और मजबूत करेगा, बल्कि कंपनी को आधुनिक, दक्ष एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्युत उत्पादन प्रणाली विकसित करने में भी यहां भूमिका निभाएंगी।”

क्या होता है DSM सिस्टम

विद्युत उत्पादन क्षेत्र में केवल बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ग्रिड के साथ उसका संतुलित समन्वय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से केन्द्रीय नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2024 में Deviation Settlement Mechanism (DSM) Regulations लागू किए गए हैं। DSM एक ऐसी नियामकीय व्यवस्था है, जिसके माध्यम से निर्धारित (Scheduled) एवं वास्तविक (Actual) विद्युत उत्पादन अथवा उपभोग के बीच होने वाले अंतर की निगरानी और प्रबंधन किया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रिड अनुशासन को सुदृढ़ करना तथा विद्युत प्रणाली को सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय बनाए रखना है।

डीएसएम प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उत्पादन इकाइयों को निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप संचालन के लिए सक्षम बनाती है। इससे ग्रिड स्थिरता में सुधार, परिचालन दक्षता में वृद्धि, डीएसएम शुल्कों में कमी तथा नियामकीय अनुपालन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वर्तमान समय में जब नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और ग्रिड संचालन अधिक जटिल होता जा रहा है, ऐसे में उन्नत डीएसएम प्रणाली आधुनिक विद्युत गृहों के लिए एक अनिवार्य तकनीकी उपकरण के रूप में उभर रही है।

 सिंगाजी ताप विद्युत गृह में स्थापित उन्नत डीएसएम सिस्टम के माध्यम से अब ग्रिड फ्रीक्वेंसी, घोषित क्षमता (Declared Capacity), शेड्यूल्ड जनरेशन (Scheduled Generation) तथा वास्तविक विद्युत उत्पादन की लाइव मॉनिटरिंग एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। नियंत्रण कक्ष में स्थापित बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन पर उपलब्ध यह जानकारी संचालन अभियंताओं को त्वरित निर्णय लेने, उत्पादन को ग्रिड की आवश्यकताओं के अनुरूप समायोजित करने तथा संभावित विचलनों को न्यूनतम रखने में बेहद मददगार साबित होगी।

 

प्रधानमंत्री मोदी को 12 वर्ष के निरंतर कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 9 जून का दिन विशेष महत्व का है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 12 वर्ष के निरंतर कार्यकाल का आज के बाद रिकॉर्ड बनने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी को मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि के लिए 5 से 21 जून तक प्रदेश में कल्याणकारी गतिविधियों से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों की 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि के लिए राज्य मंत्री मती कृष्णा गौर ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जनकल्याण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा को जन्म दिवस की मंगलकामनाएं दीं।

प्रत्येक विकासखंड और नगरीय निकायों पर लगेंगे जनकल्याण शिविर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक विकास खण्ड, नगरीय निकायों में “एक पेड मां के नाम” अभियान संचालित किया गया। अभियान में प्लास्टिक अपशिष्ट की सफाई एवं शासकीय कार्यालयों, स्कूल एवं छात्रावास में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। अभियान के अंतर्गत 12 से 18 जून 2026 की अवधि में जिले के प्रत्येक विकास खण्ड, नगरीय निकाय मुख्यालयों पर जनकल्याण शिविर आयोजित होंगे। इनमें केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण किए जायेंगे। शिविर 03 दिवसीय होगा। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 19 एवं 20 जून 2026 को प्रत्येक जिले में 2 स्थानों पर कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और अन्य अनुभवी व्यक्तियों द्वारा प्रदर्शन तथा व्याख्यान सहित प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 प्रत्येक विकासखण्ड और नगरीय निकायों में स्थानीय योग समूह के सहयोग से मनाया जाऐगा।

स्थानांतरण की समय-सीमा 15 जून तक ही रहेगी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने स्थानांतरण के लिए 15 जून की समय-सीमा निर्धारित की है। सभी विभाग 15 जून तक स्थानांतरण नीति का पालन करते हुये स्थानांतरण की कार्यवाही पूरी कर लें। समय-सीमा नहीं बढ़ेगी।

सोलर रूफटॉप को करें प्रोत्साहित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक उपभोक्ता नामांकित हो चुके है। अगले 6 माह में 6 लाख से अधिक नामांकन करना है। मार्च 2027 तक घरों की छत पर पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेकर सोलर सिस्टम लगवाने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने प्रभार के जिलों में अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए।

लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों को प्रदेश से 3 हजार 835 करोड़ रूपए का हुआ निर्यात

मुख्यमंत्री डॉ. यदव ने बताया कि 6 जून 2026 को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 में लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को प्रदेश में निवेश, उत्पदान और नवाचार के लिये आमंत्रित किया। वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष से 19 प्रतिशत अधिक है। इसमें फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि इंदौर में आयोजित फोरम में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधि के साथ भारत में उरुग्वे, पेरू, पनामा रिपब्लिक, अल-सल्वाडोर, क्यूबा और ग्वाटेमाला के राजदूत और गुयाना के हाई कमिश्नर शामिल हुये।

उर्वरक के लिए हर जिले में नियुक्त करें नोडल अधिकारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष कमजोर मानसून के पूर्वानुमान और खाड़ी में युद्ध की स्थिति के कारण उर्वरक की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। खाड़ी की वर्तमान स्थिति को देखते हुये उर्वरक की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक की उपलब्धता की स्थिति के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी और एक मोबाइल नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए।

नीति आयोग की बैठक 11 जून को नई दिल्ली में

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 11 जून को नीति आयोग की बैठक “इन्क्लूसिव हृयूमन डेव्हलपमेंट फॉर विकसित भारत @ 2047” थीम पर रखी गई है। मिशन GYAN – गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी इन सभी के समग्र विकास के लिये कार्य किया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि आगामी वर्ष युवा वर्ष होगा, सभी विभाग युवाओं पर केंद्रित योजनाएं बनाए।

 

शौर्या दल 22 लाख महिलाओं की देश की सबसे बड़ी साइलेंट आर्मी

शौर्या दल 22 लाख महिलाओं की देश की सबसे बड़ी साइलेंट आर्मी

एमपी कैबिनेट ने दी वर्ष 2030-31 तक निरंतरता को मंजूरी

भोपाल 

मध्यप्रदेश के गांवों और शहरों की गलियों से गुज़रते हुए अगर आपको साड़ी का पल्लू संभाले या कॉलेज का बैग टांगे महिलाओं की कोई टोली दिखाई दे, तो उन्हें सिर्फ राहगीर समझने की भूल मत कीजिएगा। यह मध्यप्रदेश की ‘शौर्या दल’ सेना है—बिना वर्दी के समाज की वो ‘गार्डियन’ जो आज देश में महिला सशक्तिकरण की सबसे बुलंद हुंकार बन चुकी है ,जिसने महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को कागजों से निकालकर धरातल पर साकार कर दिखाया है। वर्ष 2013  में महज़ 6 जिलों से शुरू हुआ यह कारवां आज प्रदेश के कोने-कोने में फैल चुका है, जिसे देखते हुए सरकार ने इसे अगले 5 साल (2026-27 से 2030-31) तक लगातार जारी रखने का महत्वपूर्ण फैसला किया है।

अपराध पर ‘प्री-एंट्री बैन’: पुलिस से पहले पहुंचती है यह ‘जाबांज टोली’

शौर्या दल की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि ये अपराध होने के बाद मोमबत्तियां नहीं जलातीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसकी कमर तोड़ देती हैं। किसी घर में घरेलू हिंसा की सुगबुगाहट हो, किसी गांव में गुपचुप बाल विवाह मंडप सज रहा हो, या कोई संदिग्ध मानव तस्करी (ट्रैफिकिंग) का जाल बुन रहा हो—शौर्या दल का खुफिया नेटवर्क तुरंत एक्टिव हो जाता है। 15 से 45 वर्ष की ये जांबाज महिलाएं पुलिस और कानून के हस्तक्षेप से पहले अपनी ‘सामुदायिक समझाइश’ के ब्रह्मास्त्र से बड़े-बड़े मामलों को शांति से सुलझा देती हैं।

22 लाख से अधिक की ‘साइलेंट आर्मी’, जहां किशोरी और गृहणी हैं एक साथ

यह देश का शायद सबसे अनोखा और विशाल सामाजिक नेटवर्क है, जिसमें वर्तमान में 22.52 लाख से अधिक महिलाएं और बेटियाँ सीधे तौर पर जुड़ी हैं। इस दल की खूबसूरती देखिए—एक तरफ जहां 7.64 लाख कॉलेज और स्कूल जाने वाली नई पीढ़ी की लड़कियां अपने तकनीकी और आधुनिक विचारों के साथ इसमें शामिल हैं, वहीं दूसरी तरफ 14.88 लाख अनुभवी गृहणियां और बुजुर्ग महिलाएं हैं, जो समाज की विविधताओं से भलीभाँति परिचित हैं। युवा जोश और अनुभव जब एक मंच पर आता है, तो दकियानूसी सोच और नकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण को घुटने टेकने ही पड़ते हैं।

आदिवासी अंचलों से शहरों तक हक की हुंकार

महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल ने सुदूर आदिवासी क्षेत्रों से लेकर शहरी वार्डों तक की महिलाओं को अपनी बंदिशें तोड़कर खुलकर सांस लेने का मौका दिया है। आज ये शौर्या दल सिर्फ सुरक्षा कवच नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर महिलाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करने का जरिया बन चुके हैं। महिलाएं अब सिर्फ सरकारी योजनाओं की कतारों में खड़ी नहीं होतीं, बल्कि अपने मौलिक अधिकारों के लिये लड़ना सीख चुकी हैं।

देश के लिए नया रोल मॉडल बना ‘मध्यप्रदेश’

शौर्या दल ने यह साबित कर दिया है कि असली महिला सशक्तिकरण तब आता है जब चाबी खुद महिलाओं के हाथ में सौंप दी जाए। समाज की नकारात्मक सोच और रूढ़ियों पर प्रहार करता मध्यप्रदेश का यह ‘शौर्या मॉडल’ आज पूरे देश के सामने एक मिसाल है, जो यह संदेश देता है कि जब महिलाएं खुद अपनी और समाज की रक्षक बन जाएं, तो बदलाव को आने से कोई नहीं रोक सकता।। 

सिंहस्थ : 2028 के लिए 17 नए विकास कार्यों को मिली मंजूरी

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए जारी बेहतर रोड नेटवर्क के लिए इंफ्रॉस्ट्रक्चर निर्माण, शिप्रा घाटों के निर्माण, पुण्य स्नान के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता, श्रद्धालुओं के ठहरने और आवागमन की सुगम व्यवस्था तय समय-सीमा में पूर्ण की जाए। बेहतर प्रबंधन के लिए स्टाफिंग और उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से आरंभ हो। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा के लिए अद्यतन तकनीक के उपयोग और आपदा प्रबंधन व चिकित्सा सुविधाओं के लिए माइक्रो प्लानिंग की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई सिंहस्थ : 2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में यह दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय समिति ने 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन एवं आसपास के 07 जिलों में जारी 16 हजार 910 करोड़ से अधिक लागत के 148 विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंत्रालय में संपन्न बैठक में उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, श्रम मंत्री श्री गौतम टेटवाल तथा पर्यटन राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उज्जैन के विकास कार्यों को मिली स्वीकृति

    उज्जैन में शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा मार्ग तक पुल और एप्रोच रोड का 30 करोड़ की लागत से निर्माण।

    तपोभूमि से पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर कान्ह नदी पर 12 करोड़ रूपए की लागत से समानन्तर नया पुल।

    तपोभूमि से गंगेडी व्हाया राघोपिपल्या तक 5.5 किलोमीटर की 30 करोड़ रूपए लागत की दो लेन की नई सड़क।

    देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक ढाई किलोमीटर लंबा पंचक्रोशी मार्ग। फोर लेन की यह सड़क 18 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।

    उज्जैन में देवास रोड पर लोक निर्माण विभाग 2.36 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह (रेस्ट हाउस)।

    उज्जैन के देवास रोड स्थित पीडब्लयूडी सर्किट हाउस का विस्तार और नवीनीकरण।

    लेकोड़ा से टनकारिया रेलवे स्टेशन रोड तक 13.28 करोड़ रुपये से 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क‍।

    महाकाल पुलिस थाने से चौबीस खंबा मार्ग तक 4 करोड़ रुपये लागत से 180 मीटर लंबी नई सड़क।

    कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक 36.75 करोड़ रुपये लागत से सड़क चौड़ीकरण कार्य।

ओंकारेश्वर के निर्माण कार्य स्वीकृत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के 160 करोड़ रूपए लागत के निर्माण कार्य, नगर परिषद ओंकारेश्वर में 12.63 करोड़ रूपए लागत की सीसी रोड निर्माण, ओंकारेश्वर रोड सनावद पर 9.23 करोड़ रूपए लागत के रेलवे आरओबी निर्माण, ओंकारेश्वर में 24.99 करोड़ रूपए लागत की मल्टी लेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और एडमिन ब्लॉक निर्माण, ओंकारेश्वर में 1.46 करोड़ रूपए लागत के बैरिक तथा प्रशिक्षण हॉल आदि के निर्माण, 4.74 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर, 38 करोड़ रूपए लागत की 3 फ्लोर कुबेर भंडारी पार्किंग और 12.68 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल भवन उन्नयन कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ : 2028 के लिए जारी विभिन्न गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा की स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे। एयर एम्बुलेंस के संचालन में भी इससे मदद मिलेगी।

ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के विकास के लिए पृथक प्राधिकरण गठित करें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए पृथक से प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे खंडवा खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए।

क्षिप्रा घाटों के प्रबंधन में आश्रमों और गुरूकुलों को भी जोड़ा जाए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास के आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी। साथ ही सिंहस्थ के बाद भी घाटों का दीर्घकालिक उपयोग हो सकेगा।

पुलिस-प्रशासन-नगर निगम बेहतर समन्वय के लिए अभी से अभ्यास करें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के लिए सम्पर्ण व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन का समन्वय कंट्रोल रूम से होगा। इसका सम्पूर्ण नियंत्रण पुलिस द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम तथा अन्य सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि इसके लिए प्रशिक्षण और अभ्यास की प्रक्रिया अभी से आरंभ की जाए।

अतिक्रमण हटाने में भेदभाव न हो

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कोई भेदभाव न हो, सबके लिए एक समान कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐसे मामलों में तत्काल मुआवजा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग पर सघन पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया कि उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है।

जनसुविधा उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का सहयोग लिया जाए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता और सुविधा के लिए उज्जैन से लगे क्षेत्रों जैसे देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन आदि में भी उपयुक्त विकास कार्य किए जाएं। पीने के पानी, छायादार स्थलों, जनसुविधा केन्द्रों, पार्किंग एरिया, आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने मंदसौर के पशुपतिनाथ, आगर-मालवा के नलखेड़ा, देवास, महेश्वर-मंडलेश्वर आदि के मंदिरों और श्रद्धा के केन्द्रों का भी समुचित विकास किया जाए तथा श्रद्धालुओं के आवागमन और सुविधाजनक आवास के लिए समुचित व्यवस्था की जाए।

इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में होटल निर्माण से संबंधित बिल्डिंग परमिशन का त्वरित निराकरण करें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि इंदौर, उज्जैन क्षेत्र में होटल निर्माण से संबंधित बिल्डिंग परमिशन के आवेदनों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए। यह सब संसाधन सिंहस्थ : 2028 में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होंगे। उज्जैन, इंदौर, देवास क्षेत्र के सभी होटलों, लॉज, धर्मशाला, होम-स्टे आदि की रहने की क्षमता और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एकत्र करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि सभी मंदिरों तथा श्रद्धा के केन्द्रों पर पेयजल, भोजन सामग्री के साथ ही अतिरिक्त चप्पल-जूतों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उज्जैन स्मार्ट सिटी कार्यों के बेहतर अनुवीक्षण के लिए भारत सरकार से संबद्ध थर्ड पार्टी कंसलटेंट नियुक्त किया जाए। उज्जैन को मूर्तिकला केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए। महाकाल लोक परिसर में ही प्रतिमाएं तैयार की जाए एवं निर्माण में कटनी, छतरपुर और बालाघाट में उपलब्ध बेहतर क्वालिटी के पत्थर का उपयोग किया जाए तथा स्थानीय मूर्तिकारों को प्रोत्साहन दिया जाए। महाकाल लोक में स्थित फायबर प्रतिमाओं के स्थान पर पत्थर और धातु से निर्मित 99 प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।

युवाओं को दें आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वार्ड स्तर और सड़क किनारे के ग्रामों में युवाओं को आपदा प्रबंधन और दुर्घटना में घायलों को राहत पहुंचाने का प्रशिक्षण देने तथा राहवीर योजना की जानकारी का अधिक से अधिक विस्तार करने के भी निर्देश दिए। 

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : एमडी यादव

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : एमडी यादव

गुणवत्ता में लापरवाही पर 8 निर्माण एजेंसियाँ होगी ब्लैक लिस्टेड
जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा 29 कार्यों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश
बारिश से पहले सड़क एवं पुलों की मरम्मत, सीएम हेल्पलाइन और लोक कल्याण सरोवरों की समीक्षा
लोक निर्माण विभाग के 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण

भोपाल

प्रदेश में अधोसंरचना विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा नियमित रूप से किए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान अन्तर्गत दिनांक 5 जून 2026 को मुख्य अभियंताओं के 7 विशेष निरीक्षण दलों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। रायसेन, सिवनी, दतिया, बड़वानी, शहडोल, रतलाम एवं पन्ना जिलों में निरीक्षण किया गया। इसमें कुल 35 निर्माण कार्यों का रेंडमली चयन कर उनकी गुणवत्ता, प्रगति, तकनीकी मानकों एवं रखरखाव की स्थिति का परीक्षण किया गया।

निरीक्षण किए गए कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 6 कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के भवन निर्माण कार्य, 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) तथा 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपीबीडीसी) से संबंधित था।

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निरीक्षण दलों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (एमपीबीडीसी) अजय श्रीवास्तव, तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा सहित प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षण दलों के अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे।

एमडी यादव ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना निर्माण, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही, निम्न गुणवत्ता अथवा अनुबंधीय शर्तों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों को चिन्हित करना नहीं बल्कि निर्माण गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित करना है।

गंभीर अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई

एमडी यादव ने कई कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन भामौरी से पटना सड़क मार्ग के कार्य में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स आशीष गुप्ता को मुख्य अभियंता रीवा परिक्षेत्र द्वारा ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

पन्ना जिले में करिया से महोद खुर्द मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.के. ट्रेडर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार करिया से महोदकला सड़क निर्माण कार्य में गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित उपयंत्री को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी, छतरपुर को ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिए गए।

पन्ना जिले में ही मोहेंद्र-गोलही-पलोही मार्ग, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के अंतर्गत है, उसकी स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.एस. इन्फ्रा, सतना के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

रायसेन जिले में एसएच-15 से बासा-धामनपानी-कुचवाड़ा-किटुआ मार्ग के निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स जगदीप सिंह एंड कंपनी, उत्तर प्रदेश के विरुद्ध ब्लैक लिस्ट करने को कहा गया। अमरावद-चांदपुरा-भिश्ती से मोकलवाड़ा-पालका-मार्ग की 7 किलोमीटर लंबी सड़क, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है, की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स चौधरी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, भोपाल को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

रायसेन जिले के गैरतगंज स्थित विश्राम गृह निर्माण कार्य के निरीक्षण में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स शशि कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुरैना को ब्लैक लिस्ट में दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

सिवनी जिले में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्माणाधीन गवर्नमेंट एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल, धनोरा के कार्य में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समीक्षा बैठक में संबंधित वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने, परियोजना से जुड़े कंसल्टेंट आईक्यूटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इंदौर को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

29 कार्यों में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकांश कार्यों में सामान्य अथवा आंशिक कमियां पाई गईं। एमडी यादव ने ऐसे कुल 29 कार्यों में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एमडी यादव ने कहा कि आगामी निरीक्षणों में इन कार्यों की पुनः जांच की जाएगी तथा यदि कमियों का निराकरण नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

पुराने निरीक्षण प्रतिवेदनों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

एमडी यादव ने निर्देश दिए कि पूर्व में किए गए औचक निरीक्षणों के प्रतिवेदनों में उल्लेखित सभी कमियों का निराकरण अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निरीक्षण प्रतिवेदन पर की गई कार्रवाई की अलग से समीक्षा की जाएगी और लंबित मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को समाधान की जानकारी देकर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की रैंकिंग में निरंतर सुधार लाने के लिए शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

वर्षाकाल पूर्व सड़क एवं पुलों की सुरक्षा पर विशेष जोर

एमडी यादव ने आगामी वर्षाकाल को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा सड़कों पर गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कहा गया कि वर्षा के दौरान नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही सभी जलमग्नीय पुलों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, जलस्तर संबंधी जानकारी एवं आपातकालीन सहायता के लिये हेल्पलाइन नंबर 1099 का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लोक कल्याण सरोवरों के लक्ष्य 30 जून तक पूरे करने के निर्देश

बैठक में वर्ष 2026 के लिए निर्धारित लोक कल्याण सरोवरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति 30 जून 2026 तक सुनिश्चित की जाए तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

एमडी यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग जारी रहेगी तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा की अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे निर्माण कार्यों के प्रत्येक चरण में तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करें ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सके।

 

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