दीक्षांत परेड में महिला आरक्षकों का दमदार प्रदर्शन, DGP कैलाश मकवाना ने दी बड़ी खुशखबरी

इंदौर 
 पीटीसी ग्राउंड पर मंगलवार को 988 नए आरक्षकों की दीक्षांत परेड हुई. परेड में शामिल होने के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना पहुंचे. परेड में पहली बार 700 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया. महिला आरक्षकों की फुर्ती और दमखम देखकर डीजीपी कैलाश मकवाना फूले नहीं समाए. डीजीपी ने इस मौके पर युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। 

बहुत जल्द 8 हजार आरक्षकों की भर्ती होगी
डीजीपी कैलाश मकवाना ने नए आरक्षकों को बताया “पुलिस सेवा में रहकर किस प्रकार जनता की सेवा करना है.” पुलिस सेवा में आने वाली चुनौतियों से निपटने के तरीके डीजीपी ने बताए. डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा “मध्य प्रदेश पुलिस में 8 हजार से अधिक वैकेंसी निकलने वाली है. पिछले दिनों साढ़े 7 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति हुई है. आने वाले दिनों में सिंहस्थ की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल लगेगा. उसी को देखते हुए आने वाले दिनों में पुलिस बल की कमी को पूरा करने के लिए वैकेंसी निकाली जाएंगी। 

पुलिस की वर्दी पहनकर फूले नहीं समाए युवा
डीजीपी ने नवआरक्षकों को लेकर कहा “अब ये लोग अपनी-अपनी बटालियन के साथ अलग-अलग जिलों में पदस्थ होंगे. जिन आरक्षकों ने इस परेड में हिस्सा लिया, उन्होंने सालभर अलग-अलग विधाओं में परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया. उसके बाद आज वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं. कार्यक्रम में महिला आरक्षकों ने अलग-अलग मनमोहक प्रस्तुतियां दी। 

महिला आरक्षकों के जोश को देखकर कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अफसरों के चेहरे खिल गए. वहीं नवआरक्षकों ने कहा कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर गर्व महसूस कर रहे हैं. वह देश सेवा व जनसेवा के लिए तैयार हैं. उन्हें बेहतरीन तरीके से ट्रेनिंग दी गई है. उनका सपना साकार हो गया है. डीजीपी ने उन्हें काफी मोटिवेट किया है. उनके दिए निर्देशों का वह पूरी तरह से पालन करेंगे। 

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन

विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति
भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति
आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति
कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय
अब जिलों में कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है।

कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे।

भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है।

आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ‘ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार” के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी।

एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूँ उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आर.बी.आई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किये गए है।

इसके अलावा एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आर.बी.आई. द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी।

कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय — अब जिलों में कोल्डस्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन

मंत्रि-परिषद द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जायेगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जायेगा।

 

छिंदवाड़ा में मंदिर को SDM का नोटिस, 7 दिन का अल्टीमेटम; आस्था और सुरक्षा पर छिड़ी बहस

छिंदवाड़ा 
 शहर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध केसरी नंदन हनुमान मंदिर को जिला प्रशासन से मिले एक नोटिस से बवाल मच गया है. यहां दीवारों पर मान्यता के नारियल हटाने के नोटिस से मंदिर प्रबंधन और भक्तों में खासी नराजागी देखी जा रही है. वहीं एसडीएम सुधीर कुमार जैन ने नारियल की मालाओं में आग लगने का खतरा बताते हुए इन्हें हटाने का 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 

हजारों की संख्या में लटके हुए हैं नारियल
छिंदवाड़ा में बाल रूप में विराजमान भगवान हनुमान का केसरी नंदन हनुमान मंदिर कई मायनों में प्रसिद्ध है. यहां वर्षों से मन्नत की परंपरा चली आ रही है, जिसमें भक्तगण मन्नतों के नारियल मंदिर में चढ़ाते हैं, जिन्हें बाद में गुच्छों में लटका दिया जाता है. लगातार मंदिर में नारियल चढ़ाने और उतारने का सिलसिला चलता रहता है, जिससे यहां हजारों की तादाद में नारियस एकत्रित हो गए हैं. मंदिर में ये बड़ी संख्या में लटके हुए दिखते हैं, और एसडीएम सुधीर कुमार ने 4 जून को इसी पर आपत्ति जताते हुए नोटिस भेजा है, जिसपर सोमवार को मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया सामने आई है। 

एसडीएम के नोटिस में क्या लिखा
कार्यालय अनुविभागीय दंडाधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा मंदिर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें कहा गया, ” मंदिर परिसर की दीवारों पर टंगे नारियलों को हटाकर सुरक्षित स्थान पर रख दें क्योंकि मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और पूजन में अगरबत्ती, धूप बत्ती और आरती का उपयोग किया जाता है. मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निगम के लिए अलग-अलग मार्ग नहीं हैं, पास ही घनी आबादी क्षेत्र है. ऐसे में मंदिर की दीवारों पर बड़ी संख्या में नारियल टांगे होने से आगजनी की संभावना बनी रहती है, जिससे जन हानी भी हो सकती है. इन मालाओं को हटाकर अन्य सुरक्षित स्थान पर आस्था पूर्वक रखा जावे और 7 दिनों के अंदर कार्रवाई पूरी कार्यालय को सूचित किया जाए। 

पुजारी ने कहा- लोगों की आस्था से जुड़ा है मामला
एसडीएम ने नोटिस मिलने के बाद केसरी नंदन हनुमान मंदिर के उपाध्यक्ष अनिल मालवी ने ईटीवी भारत से कहा, ” एसडीएम कार्यालय द्वारा एक नोटिस प्राप्त हुआ है, जिसमें यहां दीवारों पर कई सालों से सैकड़ों हजारों की संख्या में टंगे हुए नारियलों को हटाने का आदेश दिया गया है. लेकिन हम यहां से नारियल हटाकर रखेंगे कहां? ये भक्तों की आस्था का सवाल है. हमारे पास इन्हें रखने की कोई जगह नहीं है. हम इन्हें नहीं हटा पाएंगे। 

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को राहत, भोपाल मेट्रो को फंड और तबादलों की डेडलाइन तय

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, अधोसंरचना विकास, प्रशासनिक सुधार और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने कृषि, परिवहन, उर्वरक वितरण और ग्रामीण विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव भी पारित किया।

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि बीते 12 वर्ष भारत के विकास, सुशासन और जनकल्याण की दृष्टि से ऐतिहासिक रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सरकार जनता तक पहुंचकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दे रही है।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का फैसला
राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रसायन-मुक्त खेती के लाभों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

15 जून तक पूरी होगी तबादला प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत विभागीय स्थानांतरण की प्रक्रिया 15 जून तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना है।

भोपाल मेट्रो परियोजना को मिली अतिरिक्त वित्तीय सहायता
कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त राशि मिलने से परियोजना के कार्यों में तेजी आएगी और राजधानी भोपाल में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

कपास उत्पादक किसानों को राहत
किसानों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क में कमी करने का फैसला लिया है। अब कपास पर प्रति गठान लगने वाला मंडी शुल्क एक रुपये से घटाकर 50 पैसे कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से कपास उत्पादक किसानों और कृषि व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा कृषि विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उर्वरक वितरण पर रहेगी विशेष निगरानी
खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रत्येक जिले में उर्वरक वितरण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों के विधायक और मंत्री भी समन्वय की भूमिका निभाएंगे ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा सके और किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

मंडी टैक्स बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया गया
कैबिनेट ने मंडी टैक्स को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार इस निर्णय से प्रतिवर्ष लगभग 835 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। इस राशि का उपयोग कृषि मंडियों के अधोसंरचना विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार तथा गोसंवर्धन से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा।

अगले कृषि सीजन की तैयारियां अभी से शुरू
राज्य सरकार ने आगामी कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारियां शुरू करने का निर्णय लिया है। उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कृषि से जुड़ी अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और कृषि कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

MP पुलिस की महिला अफसर ने रचा इतिहास, 5865 मीटर ऊंचे किलिमंजारो शिखर पर फहराया परचम

भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस की इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो फतह कर नया इतिहास रच दिया है। वह मध्यप्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने इस विश्व प्रसिद्ध पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है।

दीपिका भोपाल स्थित एससीआरबी (SCRB) पीएचक्यू में पदस्थ है। उन्होंने 29 मई को करीब 5,895 मीटर ऊंची माउंट किलिमंजारो की चोटी पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। खास बात यह रही कि इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में वह भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं।

‘सपनों को नहीं छोड़ा पीछे’
दीपिका कहती हैं कि नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अक्सर लोग अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनका मानना है कि “सपनों के बिना जिंदगी अधूरी होती है,” और यही सोच उन्हें किलिमंजारो तक ले गई।

पांच दिन का कठिन अभियान
किलिमंजारो पर चढ़ाई पांच दिन का कठिन सफर था, जिसमें तीन बेस कैंप पार करने के बाद अंतिम चढ़ाई रात में शुरू हुई। इस दौरान तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम भी बेहद अनिश्चित था, जो हर पल बदल रहा था।

पहले कर चुकी हैं कई ट्रेक
हालांकि यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान था, लेकिन इससे पहले वह अमरनाथ और केदारनाथ जैसे धार्मिक ट्रेक कई बार कर चुकी हैं। खुद को मल्टीटास्किंग बताते हुए दीपिका लगातार नई चुनौतियों को अपनाने में विश्वास रखती हैं।

अगला मिशन जल्द
इस उपलब्धि के बाद अब उनका अगला लक्ष्य भी तय है, हालांकि उन्होंने इसे फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया है। संकेत दिए हैं कि अगले साल वह विदेश में एक और पर्वत अभियान पर जा सकती हैं।

वरिष्ठजन की सेवा ही मानवता की सच्ची सेवा : मंत्री कुशवाह

वरिष्ठजन की सेवा ही मानवता की सच्ची सेवा : मंत्री कुशवाह

भोपाल 

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने मंगलवार को शाहजहानाबाद स्थित आसरा वृद्धाश्रम पहुंचकर वरिष्ठजन के साथ समय व्यतीत किया और उनकी सेवा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वृद्धाश्रम में आयोजित धार्मिक एवं सेवा कार्यक्रम के दौरान मंत्री कुशवाह ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुंदरकांड पाठ में सहभागिता की।

मंत्री कुशवाह ने वृद्धाश्रम में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद कर कुशलक्षेम जानी तथा उनकी आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मंत्री कुशवाह ने वृद्धजन को वस्त्र भेंट कर भोजन प्रसादी भी वितरित की। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजन अनुभव, संस्कार और परंपराओं के संवाहक हैं। उनका सम्मान, सेवा और देखभाल करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।

मंत्री कुशवाह ने कहा कि वृद्धजन के स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और उनके चेहरे पर आई मुस्कान से उन्हें आत्मिक शांति एवं संतोष की अनुभूति हुई। उन्होंने समाज से वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का भाव बनाए रखने का आहवान किया।

वृद्धाश्रम के बुजर्गों ने मंत्री कुशवाह के इस आत्मीय प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वरिष्ठजन की सेवा को भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का सशक्त प्रतीक बताया।

 

बड़वाह-ओंकारेश्वर-खेड़ीघाट को मिलाकर बनेगा विकास प्राधिकरण, सिंहस्थ समिति का बड़ा फैसला

भोपाल 

प्रदेश में सिंहस्थ 2028 के लिए बनाई गई मंत्रिमंडलीय समिति ने ओंकारेश्वर में बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ी घाट क्षेत्र को मिलाकर नया विकास प्राधिकरण गठित करने को मंजूरी दे दी है। इससे खंडवा और खरगोन जिले के विकास कार्यों में तेजी आएगी। इसके साथ ही समिति ने ओंकारेश्वर में हेलीपैड और अस्पताल बनाने को भी स्वीकृति दी है। यह निर्माण कार्य किसी भी तरह की आपदा के दौरान सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह निर्णय आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सिंहस्थ 2028 के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की छठवीं बैठक में लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में सिंहस्थ के लिए 17 नए कार्यों को स्वीकृति दी गई। इनमें उज्जैन सहित ओंकारेश्वर के कार्य भी शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में बड़ा अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा के स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे।

विकास प्राधिकरण को मंजूरी
मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए अलग से प्राधिकरण गठित किया जाए। इससे खंडवा- खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी।

वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास मौजूद आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी और सिंहस्थ के बाद भी घाटों का लंबे समय तक उपयोग हो सकेगा।

भोजशाला पहुंचे विधायक रामेश्वर शर्मा, बोले- मुस्लिम समाज सत्य स्वीकार कर धरोहर हिंदुओं को सौंपे

धार
धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने भोजशाला को राजा भोज द्वारा निर्मित मां सरस्वती का पावन मंदिर बताया। विधायक ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे ऐतिहासिक सत्य को स्वीकार करता है। विधायक शर्मा ने कहा कि भोजशाला को लेकर सदियों से चला आ रहा संघर्ष अब सत्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। न्यायपालिका ने भी इससे जुड़े तथ्यों और ऐतिहासिक सत्य को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सभी पक्षों से सच्चाई को स्वीकार करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर का विषय नहीं है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रश्न है।

हिंदू समाज के 700 वर्षों के संघर्ष की सराहना धार के हिंदू समाज की जमकर सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने लगभग 700 वर्षों तक इस संघर्ष की ज्योति को जलाए रखा है। मां सरस्वती का यह मंदिर ज्ञान, संस्कृति और भारतीय परंपरा का प्रतीक है। राजा भोज द्वारा निर्मित यह धरोहर पूरे देश की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसका गौरव हर हाल में पुनर्स्थापित होना चाहिए।

देशभर में गूंजेगी धार से उठी आवाज अपने संबोधन में रामेश्वर शर्मा ने विश्वास जताया कि भोजशाला का मुद्दा केवल धार तक सीमित नहीं रहेगा। यहां से उठने वाली यह आवाज देशभर में गूंजेगी और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण को लेकर जनजागरण का माध्यम बनेगी। भोजशाला परिसर में उनके आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद विधायक ने पूरे मंदिर परिसर का अवलोकन भी किया।

नर्मदापुरम में भूकंप से कांपी धरती, 3.8 तीव्रता के झटकों से दहशत में ग्रामीण

नर्मदापुरम

 नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक के ग्राम चिचवानी और छीतापुरा क्षेत्र में सोमवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक आए कंपन से ग्रामीणों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

रात करीब 9:38 बजे महसूस हुआ कंपन
मौसम केंद्र भोपाल और नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, 8 जून 2026 की रात करीब 9:39 बजे भूकंप दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड मापी गई। जबकि इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे बताई गई।

छीतापुरा गांव तक महसूस हुए झटके
चिचवानी गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर छीतापुरा में भी लोगों ने झटके महसूस किए। स्थानीय जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया कि वह रात में छत पर सो रहे थे, तभी अचानक कुछ सेकंड के लिए कंपन महसूस हुआ। शुरुआत में ऐसा लगा कि घर हिल रहा है, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।

हल्की श्रेणी का माना जाता है 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप
विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। ऐसे भूकंप में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम रहती है, लेकिन इसके झटके लोगों को स्पष्ट रूप से महसूस हो सकते हैं।

छत सो रहा था, अचानक से कंपन हुआ
ग्राम चिचवानी से 2 किमी दूर स्थित छीतापुरा में भी झटके महसूस हुए। जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया रात करीब 9.30 बजे के आसपास जब में छत पर सो रहा था, तब कुछ पलभर के लिए कंपन हुआ। ऐसा लगा मानो घर हिल गया है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।

3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है
जानकारों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। इसमें आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन झटके साफ महसूस होते हैं। एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया मुझे इसकी जानकारी मिली है। अधिकृत पता करके थोड़ी देर में बताऊंगा।

हल्की श्रेणी का भूकंप, नुकसान की खबर नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे भूकंपों में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम होती है, लेकिन झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। प्रशासन ने भी फिलहाल किसी तरह की क्षति की पुष्टि नहीं की है।

प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट
एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया कि भूकंप की जानकारी प्राप्त हुई है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अब तक किसी गांव से नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

मप्र पुलिस का मानवीय चेहरा: आरक्षकों ने सीपीआर देकर बचाई आगंतुक की जान

मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण
आरक्षकों ने सीपीआर देकर बचाई आगंतुक की जान
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने आरक्षकों को पुरस्कृत करने की घोषणा की
समय पर दिए गए सीपीआर से अचेत आगंतुक को मिला नया जीवन

भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से प्रदान किए जाने वाले सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम लगातार सामने आ रहे है। इसी के परिणामस्‍वरूप आज पुलिस आयुक्त कार्यालय, भोपाल में पदस्थ दो आरक्षकों ने त्वरित सूझबूझ, तत्परता एवं सीपीआर कौशल से एक अचेत नागरिक को समय रहते जीवनरक्षक सहायता प्रदान कर उसकी जान बचाई। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने दोनों पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यालय पुलिस आयुक्त, नगरीय पुलिस भोपाल में एक आगंतुक अचानक अस्वस्थ होकर अचेत अवस्था में जमीन पर गिर पड़ा। घटना को देखते हुए वहां मौजूद चालक आरक्षक क्रमांक 858 मुकेश साहू एवं गनमैन आरक्षक क्रमांक 3685 रंजीत रघुवंशी ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए प्राथमिक उपचार प्रारंभ किया।
दोनों आरक्षकों ने प्रशिक्षित दक्षता का परिचय देते हुए अचेत व्यक्ति को तत्काल सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। उन्होंने बारी-बारी से लगातार सीपीआर प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ही समय में आगंतुक को होश आ गया। प्राथमिक उपचार के उपरांत उसे बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल भेजा गया।

उल्‍लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा समय-समय पर पुलिसकर्मियों को सीपीआर एवं अन्य आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि दुर्घटना, हृदयाघात अथवा अन्य आपात स्थितियों में नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आज की यह घटना ऐसे प्रशिक्षणों की उपयोगिता और प्रभावशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा एवं सेवा के अपने संकल्प के अनुरूप कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रतिबद्ध है।
 

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