MP Weather Update: ग्वालियर-मुरैना में बारिश, 6 जिलों में लू और आंधी-ओलों का अलर्ट

ग्वालियर

मध्य प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई।

अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। बता दें कि गुरुवार को भी दमोह समेत कई जिलों में ओले गिरे और बारिश हुई।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं भोपाल, जबलपुर समेत 27 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है। यहां पारा 43 डिग्री के ऊपर ही रहेगा।

प्रदेश के 10 शहरों में पारा 45 डिग्री पार…खजुराहो सबसे गर्म
25 मई से नौतपा की शुरुआत हुई है। इसके पहले दिन से ही प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। 18 मई से खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। इस अवधि में यहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 47 डिग्री के पार पहुंच गया।

नौतपा के चौथे दिन गुरुवार को मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर देखने को मिला। 10 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 45 डिग्री या इसके पार पहुंच गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया।

राजगढ़ में 46 डिग्री, दतिया में 45.7 डिग्री, नौगांव, दमोह-मलाजखंड में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.2 डिग्री, सतना में 45.1 डिग्री, मंडला-सागर में 45 डिग्री रहा।

इसी तरह गुना में 44.7 डिग्री, श्योपुर में 44.6 डिग्री, रायसेन में 44.2 डिग्री, रीवा-छिंदवाड़ा में 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44.7 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, भोपाल में 43.8 डिग्री, इंदौर में 41.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

MP के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात! अब मिलेगी 15 दिन की एक्स्ट्रा छुट्टी, 4 लाख टीचर्स को फायदा

भोपाल
 मध्य प्रदेश के 4 लाख शिक्षकों के लिए खुश खबरी है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर्स की गर्मियों की छुट्टियों को 15 दिन और बढ़ाया जा रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा टीचर्स की छुट्टियों को 15 जून तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. टीचर्स एसोसिएशन द्वारा शिक्षकों की छुट्टियां बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी, जिसे विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने हरी झंडी दे दी है. प्रदेश में सरकारी स्कूल स्टूडेंट्स के लिए 23 जून से रीओपन होने जा रहे हैं।

जनगणना ड्यूटी को अतिरिक्त छुट्टी का बनाया गया आधार
प्रदेश में सरकारी टीचर्स की गर्मियों की छुट्टियां 1 मई से 31 मई तक निर्धारित थीं. हालांकि, इस बार गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ही 7 मई से हायर सेकंडरी और हाई स्कूल की दूसरी बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुईं, जो 27 मई तक चलीं. इसके अलावा जनगणना भी चलती रही. इसमें अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी. छुट्टियों के दौरान दूसरे सरकारी काम कराए जाने को आधार बनाकर शिक्षक संगठनों द्वारा स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप से मुलाकात की गई और शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग की गई थी. शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर के नेतृत्व में मंत्री को ज्ञापना सौंपा गया था।

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने दी हरी झंडी
उधर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के मुताबिक, ” प्रदेश में स्कूली टीचर्स का ग्रीष्मकालीन अवकाश का समय बढ़ाया जा रहा है. शिक्षकों को 15 जून तक का अवकाश दिया जा रहा है. इसके लिए अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है. जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा.” उधर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल के पास इसे भेजा जाएगा. प्रमुख सचिव के अनुमोदन के बाद इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा।

अब 23 जून को खुलेंगे स्कूल
प्रदेश में पहले स्कूली शिक्षकों को 2 माह का ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता था, जिसे घटा कर 40 दिन कर दिया गया था. 2024-25 में शिक्षकों की छुट्टियों को 10 दिन और कम कर दिया गया. 2025 के बाद इस साल भी शिक्षकों को 31 दिन का अवकाश दिया गया. हालांकि, अब शिक्षकों के अवकाश को 15 दिन और बढ़ाया जा रहा है. प्रदेश में सरकारी स्कूल अब स्टूडेंट्स के लिए 23 जून को खुलेंगे।

ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन, सास गिरिबाला सिंह को CBI ने किया गिरफ्तार

भोपाल
 ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है।छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। वहां उनका मेडिकल करवाया जाएगा। इसके सीबीआई कोर्ट में उनकी पेशी होगी।

पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
दरअसल, एमपी हाईकोर्ट ने देर रात उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे के करीर सीबीआई की टीम उनके घर में प्रवेश की थी। उसके बाद से लगातार उनसे पूछताछ चल रही थी। पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपने खराब स्वास्थ्य का भी हवाला दिया था। इस दौरान गिरिबाला सिंह के वकीलों ने डॉक्टरों के पर्चे भी प्रस्तुत किए।

बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती
गिरिबाला सिंह पूछताछ के दौरान घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती थी। उनसे तमाम सवाल सीबीआई ने पूछे हैं जो ट्विशा के केस से संबंधित हैं। सीबीआई के अधिकारियों के साथ-साथ घर में एसआईटी की टीम भी मौजूद है। इसके साथ ही सीबीआई की तकनीकी टीम भी घर में मौजूद है।

एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है
इससे पहले CBI ने कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा के अंतिम घंटों को फिर से रचने के लिए ‘टनल व्यू’ जांच पद्धति का इस्तेमाल किया. जांच एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है, ताकि ट्विशा के आखिरी समय की हर गतिविधि को समझा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि कौन कब घर में आया या गया. इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और इंटरनेट रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रद्द की थी जमानत याचिका
CBI ने इस सप्ताह की शुरुआत में मध्यप्रदेश पुलिस से  ट्विशा मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है. पेशे से वकील समर्थ सिंह इसके बाद से फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं.  इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की दहेज मृत्यु के मामले में दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी. बुधवार को जारी आदेश में निचली अदालत द्वारा 15 मई के आदेश के जरिए दी गई राहत को रद्द कर दिया गया था. अदालत ने यह टिप्पणी की कि जमानत देते समय केस डायरी और गवाहों के बयानों से जुड़े अहम तथ्यों पर ठीक से विचार नहीं किया गया था। 

ट्विशा शर्मा केस की टाइमलाइन

    ट्विशा शर्मा ने 12 मई को ससुराल में दी थी जान
    13 मई को परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या हुई
    गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर एफआईआर की मांग को लेकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
    इसके बाद परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की
    भोपाल कोर्ट से याचिका हो गई खारिज
    परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर सीएम से मुलाकात की
    दोबारा पोस्टमार्टम के लिए परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई
    हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश दिए
    सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी
    दिल्ली एम्स की टीम ने ट्विशा शर्मा के शव का किया पोस्टमार्टम
    सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में संज्ञान लिया
    इसके बाद ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने सरेंडर किया
    सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की
    हाईकोर्ट से गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज

समर्थ सिंह को भी लेकर पहुंची थी सीबीआई
दरअसल, गिरिबाला सिंह पूछताछ से पहले सीबीआई की टीम समर्थ सिंह को भी लेकर घर पहुंची थी। बताया जाता है कि गिरिबाला और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई थी। कोर्ट में पेशी के बाद गिरिबाला सिंह को सीबीआई रिमांड पर ले सकती है।

उठ रहे हैं कई सवाल
वहीं, ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर कई सवाल हैं। इसमें सबसे अहम सवाल उसकी मौत की टाइमिंग को लेकर है। पुलिस की डायरी में मौत की टाइमिंग कुछ और है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में कुछ और टाइम दर्ज है। ऐसे में तमाम तकनीकी साक्ष्यों की जांच को इकट्ठा कर रही है। एसआईटी ने भी अभी तक की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। इसके बाद सीबीआई अपने तरीके से जांच कर रही है।

ट्विशा शर्मा मौत मामला: अब तक की बड़ी बातें 

  •     12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा मृत पाई गईं थी.
  •     शुरुआती जांच में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन परिवार ने साजिश और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया.
  •     पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और क्रूरता की धाराओं में मामला दर्ज हुआ.
  •     मामले की गंभीरता और विवाद के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई. 
  •     सीबीआई ने भोपाल पहुंचकर केस दोबारा दर्ज किया और सभी दस्तावेज, डिजिटल सबूत व फोरेंसिक रिपोर्ट अपने कब्जे में ली
  •     एजेंसी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घर की जांच और क्राइम सीन को समझने की प्रक्रिया शुरू की
  •     जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं
  •     सुप्रीम कोर्ट ने मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई को केस सौंपा
  •     सीबीआई ने पति और सास से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए और जांच को आगे बढ़ाया।
  •     ताजा कार्रवाई में सीबीआई ने सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जिससे मामले में जांच तेज हो गई है

जस्टिस देव नारायण मिश्रा ने भोपाल की एक सत्र अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया. उन्होंने यह टिप्पणी की कि निचली अदालत केस डायरी, गवाहों की गवाही और व्हाट्सअप बातचीत जैसे अहम सबूतों की ठीक से जांच करने में नाकाम रही। 

हाई कोर्ट ने मामले की समीक्षा करने के बाद पाया कि इस आदेश में गंभीर कमियां थीं. बेंच ने यह भी पाया कि ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी में दर्ज गवाहों की अहम गवाही और दस्तावेजी सबूतों को नजरअंदाज कर दिया था, जो सिंह की कथित संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे थे। 

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं. शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध नजरन आने पर परिवार ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना, दहेज की मांग और लगातार उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद भोपाल पुलिस ने 15 मई को दहेज मृत्यु और क्रूरता से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। 

पीएम सूर्य घर योजना में 39 हजार 975 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 311 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

पीएम सूर्य घर योजना में 39 हजार 975 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 311 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयंत्र लगाने पर मिल रही 78 हजार की सब्सिडी

भोपाल

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत आने 16 जिलों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक कुल 39 हजार 975 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इनके खातों में 311 करोड़ 64 लाख से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं।

पीएम सूर्य घर योजना में एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयंत्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

कहां करें आवेदन

पीएम सूर्य घर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्स ऐप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

कंपनी से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।

 

तरबूज से मौत की खबरों का असर, खरीदार गायब; कई शहरों में दाम 30% तक गिरे

भोपाल

गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में शामिल तरबूज इस बार डर की वजह से बाजार में मार झेल रहा है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में तरबूज खाने के बाद कथित मौतों की खबरें सामने आने के बाद लोगों ने इसे खरीदना कम कर दिया है, जिसका सीधा असर बिक्री और कीमतों पर पड़ा है।

बाजार में मांग घटी, कीमतों में बड़ी गिरावट
इन घटनाओं और सोशल मीडिया पर फैली खबरों के बाद भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में तरबूज की मांग तेजी से घट गई है। थोक और खुदरा दोनों बाजारों में बिक्री कम होने से किसानों और छोटे फल विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई जगहों पर दाम 20 से 30 प्रतिशत तक नीचे आ गए हैं। पहले जो तरबूज 18–20 रुपए किलो बिक रहा था, वह अब 12–13 रुपए किलो तक पहुंच गया है, जबकि थोक में कीमत 7–8 रुपए किलो तक गिर गई है।

संदिग्ध मामलों से बढ़ी चिंता
मुंबई के पायधुनी इलाके में अप्रैल के अंत में एक परिवार की मौत के बाद मामला चर्चा में आया, जहां खाने के बाद अचानक सभी की तबीयत बिगड़ गई थी। बाद में फोरेंसिक रिपोर्ट में तरबूज में जिंक फॉस्फाइड जैसे जहरीले रसायन के संकेत मिलने की बात सामने आई, हालांकि जांच अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के श्योपुर में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जहां तरबूज खाने के बाद दो लोगों की मौत हो गई थी और सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

मंडियों में माल, लेकिन ग्राहक गायब
भोपाल की करोंद फल मंडी में रोजाना 15 से 20 मिनी ट्रक तरबूज पहुंच रहा है। थोक व्यापारी मोहम्मद सैफुद्दीन का कहना है कि पिछले 15-20 दिनों में बिक्री पर बड़ा असर पड़ा है। उन्होंने बताया, ‘पहले 25-30 क्विंटल तरबूज वाली गाड़ी सुबह तक खाली हो जाती थी, लेकिन अब दोपहर तक भी मुश्किल से बिकती है। मजबूरी में दाम घटाने पड़ रहे हैं। अगर ये खबरें नहीं आतीं तो इतनी गर्मी में बिक्री दोगुनी होती और भाव 25-30 रुपए किलो तक पहुंच जाते।’

इंदौर में भी स्थिति अलग नहीं है। फार्मिंग इन्फ्लूएंसर नीलेश पाटीदार के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल खबरों ने पूरे बाजार को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले तरबूज के दाम सामान्य स्थिति में 17-18 रुपए किलो तक जाते, लेकिन अभी 10-12 रुपए से ऊपर नहीं पहुंच पा रहे।

सबसे ज्यादा मार छोटे विक्रेताओं पर
फुटपाथ पर फल बेचने वाले छोटे व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भोपाल के अशोका गार्डन में ठेला लगाने वाले राजू बताते हैं कि गर्मी के मौसम में तरबूज ही उनकी कमाई का सबसे बड़ा सहारा होता है, लेकिन इस बार बिक्री आधी रह गई है।

राजू कहते हैं, ‘वीडियो और खबरें वायरल होने के बाद लोग खरीदने से डर रहे हैं। जो ग्राहक आते भी हैं, वे पूछते हैं कि इसमें कुछ मिलाया तो नहीं गया।’

किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा
खंडवा जिले के किसान अजय सिंह गुर्जर ने बताया कि इस बार मौसम अच्छा होने से उत्पादन बढ़िया हुआ और किसानों को अच्छी कमाई की उम्मीद थी। लेकिन अचानक मांग घटने से हालात बिगड़ गए।

उन्होंने कहा, ‘मंडी में दाम इतने गिर गए कि लागत निकालना मुश्किल हो गया। कई व्यापारी खेत से माल उठाने ही नहीं पहुंचे। कई जगह 5-6 रुपए किलो तक भाव आ गए। मजबूरी में फसल खेतों में ही खराब हो गई।’

खरीदारों में डर, बदल रही आदतें
भोपाल में पढ़ाई कर रहे एक छात्र के अनुसार, ऐसी खबरों के बाद लोग तरबूज खरीदने से बच रहे हैं या फिर बहुत सावधानी से चुनकर खरीद रहे हैं। कई ग्राहक अब इसकी जगह अन्य फलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में मांग और भी कम हो गई है।

मंडियों में माल ज्यादा, ग्राहक कम
भोपाल की करोंद फल मंडी में रोजाना कई ट्रक तरबूज पहुंच रहे हैं, लेकिन बिक्री धीमी पड़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि पहले पूरा माल सुबह तक बिक जाता था, लेकिन अब दिनभर में भी पूरा स्टॉक खत्म नहीं हो रहा। मजबूरी में दाम घटाने पड़ रहे हैं। इंदौर में भी स्थिति लगभग ऐसी ही है, जहां अच्छे क्वालिटी के तरबूज भी सामान्य कीमत से काफी कम दाम पर बिक रहे हैं।

फूड सेफ्टी विभाग अलर्ट
मामले सामने आने के बाद भोपाल, जबलपुर समेत कई शहरों में फूड सेफ्टी विभाग ने जांच अभियान चलाया। एहतियात के तौर पर कई जगह सैंपलिंग की गई है।

भोपाल के फूड सेफ्टी अधिकारी पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक दुकानों और गोदामों से तरबूज, आम समेत कई फलों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कुछ जगहों पर कृत्रिम रूप से फल पकाने में इस्तेमाल किए जा रहे संदिग्ध केमिकल भी जब्त किए गए हैं।

घर पर ऐसे करें तरबूज की जांच
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार तरबूज में कृत्रिम रंग या मिलावट की पहचान घर पर भी की जा सकती है।

    कॉटन टेस्ट: तरबूज के लाल हिस्से पर सफेद कॉटन या टिशू पेपर रगड़ें। अगर कॉटन गहरा लाल या चटक गुलाबी हो जाए तो कृत्रिम रंग होने की आशंका हो सकती है।
    वाटर टेस्ट: तरबूज का छोटा टुकड़ा पानी से भरे ग्लास में डालें। यदि पानी तुरंत लाल या गुलाबी होने लगे तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है। इसके अलावा तरबूज के अंदर बड़े क्रैक, ज्यादा सफेद-पीले रेशे या असामान्य रूप से चमकदार सतह भी कृत्रिम पकाने के संकेत माने जाते हैं। विशेषज्ञ भरोसेमंद दुकानदार से ही ताजा फल खरीदने की सलाह दे रहे हैं।

आमजन सामाजिक दायित्‍वों के निर्वहन के साथ कंपनी का करें सहयोग

आमजन सामाजिक दायित्‍वों के निर्वहन के साथ कंपनी का करें सहयोग

विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के प्रति सतर्कता बरतें

भोपाल

विद्युत वितरण कंपनियों ने कतिपय प्राकृतिक और मानवीय कारणों से होने वाली विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आमजनों और उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे विद्युत लाइनों, वितरण ट्रांसफार्मरों तथा अन्‍य विद्युतीय उपकरणों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड न करें तथा सजगता और सतर्कता बरतते हुए अपने दैनिक कार्यों का निर्वहन करें। आमजन अमूल्‍य जीवन और विद्युत सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान देते हुए पूर्व से विद्यमान विद्युतीय उपकरणों, लाइनों तथा वितरण ट्रांसफार्मरों के समीप भवन निर्माण, कालोनी के निर्माण और रोड के विस्तार के दौरान विद्युत सुरक्षा के मापदण्डों के अनुसार उचित दूरी का ध्यान रखें।

विद्युत उपकरणों के साथ छेड़खानी करना या उन्‍हें नुकसान पहुंचाना अथवा चुराकर ले जाना कानूनी अपराध है और इसके लिए जुर्माने और सजा का प्रावधान है। आम लोगों से अपील की गयी है कि वे इस प्रकार की घटना होने पर तत्‍काल इसकी सूचना नजदीकी विद्युत वितरण केन्द्र पर दें। साथ ही इस प्रकार से गैर कानूनी कार्य करने वालों को रोकने के लिए आमजन अपना सामाजिक दायित्‍व समझकर इस तरह की अव्‍यवस्‍थाओं पर अंकुश लगाने में कंपनी का सहयोग करें।

अक्सर यह देखने में आया है कि कालोनी के विद्युतीकरण के दौरान कालोनाइज़र अपनी सुविधा से बिजली के खम्बों को लगा देता है तथा सड़क विस्तार के दौरान सड़क को ऊंचा कर दिया जाता है। कई बार यह पाया जाता है कि रोड ऊंची कर ली जाती है परन्तु बिजली के खम्बों से रोड के बीच का विस्तार और दूरी को ध्यान में नहीं रखा जाता तथा सुरक्षा के नियमों को अनदेखा कर दिया जाता है। फलस्वरूप दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और कभी-कभी दुर्घटनाएं हो भी जाती है।

कंपनी ने कहा है कि भवन निर्माण और विस्तार के दौरान यदि कोई भवन निर्माता/संस्था निर्धारित प्रावधान के अनुसार काम नहीं करता है तो संबंधित संस्थाओं अथवा व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए। कंपनी ने अपने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विद्युत लाइनों की पेट्रोलिंग कराते समय यदि कहीं रोड, भवन, स्ट्रक्चर का निर्माण नियम विरूद्ध होता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उपभोक्ता, एजेन्सी और भवन स्वामी को विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार सुरक्षित अंतराल रखने के लिये रजिस्टर्ड नोटिस जारी करें तथा नोटिस की अवधि के दौरान सुरक्षित अंतराल बनाये रखने के लिये कार्यवाही नहीं किये जाने पर उसके विरूद्ध वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार त्वरित कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।

नई लाइनों के निर्माण में रोड, भवन या स्ट्रक्चर से नियमानुसार निर्धारित सुरक्षित दूरी रखते हुए ही कार्य कराए जाएं। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत बनने वाली सड़क मार्गों के ऊपर से गुजरने वाली लाइनों का अंतराल यदि प्रस्तावित सड़क के कारण कम हो रहा है तो विद्युत लाइन के खम्बों की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव कम्पनी के प्रचलित नियमानुसार संबंधित एजेन्सी को नोटिस के साथ भेजें और साथ ही सुनिश्चित करें कि निर्धारित सुरक्षित अंतराल मेन्टेन करने के बाद ही उस लोकेशन पर सड़क निर्माण हों।

 

मध्य प्रदेश में बियर का बड़ा संकट! सरकारी आंकड़ों में 14% कमी, ठेकेदार बोले- असली शॉर्टेज 45%

भोपाल
 मध्य प्रदेश में इस बार गर्मियों का सीजन बियर के शौकीनों के लिए काफी मायूस करने वाला साबित हो रहा है। राज्य में बियर की सप्लाई में भारी गिरावट आई है, जिससे कई बड़े शहरों के आउटलेट्स खाली पड़े हैं। इस संकट की मुख्य वजह आबकारी विभाग द्वारा इसी साल फरवरी में रायसेन स्थित एक निजी मैन्युफैक्चरिंग और बॉटलिंग यूनिट को बंद किया जाना है। इस फैक्ट्री के बंद होने से बाजार में अचानक बड़ा गैप आ गया, जिसकी भरपाई समय रहते नहीं की जा सकी।

सरकार का दावा बनाम इंडस्ट्री की हकीकत
आबकारी कमिश्नर दीपक सक्सेना के मुताबिक, विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए दूसरे राज्यों और स्थानीय डिस्टिलरीज से बैकअप अरेंजमेंट किया है। सरकार का दावा है कि शुरुआती 45% के घाटे को अब घटाकर सिर्फ 14% पर ले आया गया है। हालांकि, शराब कारोबारियों और इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जमीनी स्तर पर यह किल्लत अभी भी 45% के आसपास बनी हुई है, क्योंकि सरकार समय पर वैकल्पिक टेंडर जारी करने में नाकाम रही। दरअसल, पीक सीजन में राज्य में रोजाना दो लाख क्रेट बियर की मांग रहती है, जिसमें से आधी सप्लाई अकेले रायसेन की इसी बंद पड़ी यूनिट से होती थी।

मध्य प्रदेश का सिस्टम उत्तर प्रदेश जैसा नहीं है, जहां कंपनियां सीधे ठेकेदारों से संपर्क करती हैं। यहां सरकार के मदर डिपो से सप्लाई होती है। जब सरकार हमसे भारी आबकारी ड्यूटी लेती है, तो मांग के मुताबिक स्टॉक देना भी उसी की जिम्मेदारी है। विभाग रायसेन प्लांट के बंद होने के बाद के हालात का अंदाजा लगाने में पूरी तरह फेल रहा।

देशव्यापी है बियर की कमी
इसके अलावा, भोपाल के सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि बियर की कमी इस बार देशव्यापी है। इस साल नए सिरे से हुए ठेकों और नीलामी में देरी के कारण वेंडर गर्मियों के लिए एडवांस स्टॉक जमा नहीं कर पाए। रही सही कसर छोटे कस्बों के वेंडर्स ने पूरी कर दी, जिन्होंने प्रीमियम बियर के बड़े स्टॉक पहले ही बुक कर लिए, जिससे भोपाल जैसे मुख्य शहरों में हाई-एंड ब्रांड्स की भारी कमी हो गई है।

 

नौतपा के बीच मौसम का यू-टर्न! 29 मई से MP में आंधी-बारिश का अलर्ट, गर्मी होगी गायब

भोपाल
 पूरे देश में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है. हर कोई बारिश का इंतजार कर रहा है. इसी बीच मौसम विभाग से भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. अनुमान है कि 29 मई से मध्य प्रदेश में प्री मानसून की दस्तक दे सकता है. भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

29 मई से प्री मासनून की बारिश
प्री मानसून सबसे पहले केरल में दस्तक देगा. वहीं 29 मई को प्री मानसून के मध्य प्रदेश में पहुंचने के स्ट्रॉन्ग चांसेस हैं. जिससे प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी और हवाएं चलेंगी. भोपाल सहित कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि, प्रदेश के चंबल इलाके के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, दतिया, भिंड, दतिया, शिवपुरी में बारिश होगी. वहीं टीकमगढ़, निवाड़ी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट में भी बारिश हो सकती है. बारिश होने से तापमान में भी गिरावट आएगी. पारा 2 से 3 डिग्री नीचे जाने का अनुमान है।

​आगामी दिनों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ”मध्य प्रदेश में मानसून आमतौर पर 15 जून के आसपास पहुंचना शुरू होता है और 22 जून तक ग्वालियर-चंबल के कुछ इलाकों को छोड़कर ज्यादातर जिलों में पहुंच जाता है. 7-8 जून के बाद प्रदेश में जो बारिश शुरू होगी, उसे प्री-मानसून गतिविधि कहा जाता है. ऐसे में माना जा रहा है की 29 मई से प्री मानसून की गतिविधियां शुरु हो सकती हैं।

भीषण गर्मी से जूझ रहा मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी की शुरुआत हो गई है. मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिले भीषण गर्मी की चपेट में हैं और आगामी दिनों में राहत के आसार फिलहाल कम दिख रहे हैं. प्रदेश में चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है।

जल्द मिलेगी नौतपा की गर्मी से राहत
रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर और निवाड़ी में तीव्र हीटवेव का असर रहेगा. वहीं टीकमगढ़ में दिन में हीट वेव के साथ वार्म नाईट और छिंदवाड़ा में हीट वेव के साथ वार्म नाईट की चेतावनी जारी की गई है. इनके साथ ही शिवपुरी, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां में भी सीवियर हीट वेव चलेगी, जबकि ग्वालियर और दतिया में वार्म नाईट के साथ के साथ तीव्र हीट वेव का प्रभाव रहेगा।

आगामी दिनों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
​प्रदेश में तीव्र हीटवेव को देखते हुए मौसम विभाग ने आगामी दो से तीन दिनों के लिए कई जिलों में हीट वेव और सीवियर हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. इनमें टीकमगढ़, निवाड़ी, पन्ना, सतना और भिंड जैसे जिलों के लिए रेड और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही सागर, विदिशा, राजगढ़, रायसेन, दमोह, कटनी, सीधी और सिंगरौली सहित कई अन्य जिलों में भी गुरुवार और शुक्रवार को भी भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना है।

भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन पर संकट! भदभदा-भेल रूट में अटकी रफ्तार, 2028 डेडलाइन पर खतरा

भोपाल
शहर को आधुनिक यातायात व्यवस्था से जोड़ने के लिए तैयार की जा रही मेट्रो की ‘ब्लू लाइन’ (भदभदा से रत्नागिरी-भेल) का काम तेजी से आगे तो बढ़ रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई ऐसी अड़चनें सामने आने लगी हैं जो इसकी रफ्तार को धीमा कर सकती हैं। अधिकारियों ने पहले इस लाइन को ऑरेंज लाइन (एम्स से करोंद) से पहले पूरा करने के संकेत दिए थे, मगर अब इसके दिसंबर 2028 के टारगेट टाइमलाइन पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।

जमीन के नीचे छिपी चुनौतियां
मेट्रो रूट पर अंडरग्राउंड पाइपलाइनों और अन्य यूटिलिटी नेटवर्क को शिफ्ट करने में काफी वक्त लग रहा है। इसके चलते कई इलाकों में ब्रॉडबैंड और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भदभदा और जवाहर चौक जैसे व्यस्त इलाकों में संकरी सड़कों के कारण ट्रैफिक को डायवर्ट करना पड़ा है, जिससे रोजाना लंबा जाम लग रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आने वाले मानसून सीजन में ये मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। निर्माण स्थलों के पास उड़ती धूल और ध्वनि प्रदूषण ने सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

मेट्रो परियोजना का मकसद सिर्फ तेज सफर कराना नहीं है, बल्कि शहरी गतिशीलता को बदलना और ट्रैफिक के दबाव को स्थायी रूप से कम करना है। जहां भी एलिवेटेड कॉरिडोर बन रहे हैं, वहां सड़कों को दो से तीन मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है ताकि भविष्य में ट्रैफिक सुगम हो सके।

क्या ऑरेंज लाइन से सबक लेगा प्रबंधन?
सड़क किनारे काम कर रहे न्यू मार्केट के व्यापारियों को डर है कि अगर काम में लंबा खिंचाव हुआ तो व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा। तुलनात्मक रूप से देखें तो ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर को ही बनने में 5 साल से अधिक का समय लग गया और पूरी लाइन अब भी अधूरी है। ऐसे में ब्लू लाइन के टुकड़ों-टुकड़ों में हो रहे निर्माण से डेडलाइन टूटने का जोखिम बढ़ गया है।

काटे गए दशकों पुराने पेड़

झीलों के शहर भोपाल में विकास की रफ्तार अब पेड़ों पर भारी पड़ने लगी है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के ब्लू लाइन एलिवेटेड कॉरिडोर का रास्ता साफ करने के लिए ऐतिहासिक मिंटो हॉल यानी पुरानी विधानसभा के ठीक सामने लगे दशकों पुराने छायादार पेड़ों को काट दिया गया है।

मुसाफिरों का आसरा खत्म
ये पेड़ महज हरियाली का हिस्सा नहीं थे, बल्कि पास के व्यस्त बस स्टॉप पर खड़े यात्रियों के लिए तपती गर्मियों में कुदरती छतरी का काम करते थे। अब वहां सिर्फ सन्नाटा और कंक्रीट का मलबा नजर आता है।

‘सब नियमों के तहत हुआ’
पेड़ों की कटाई को लेकर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि यह काम जरूरी था। एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए खाली जगह की जरूरत होती है। अफसरों के मुताबिक, पेड़ों को काटने के लिए सभी जरूरी कानूनी अनुमतियां ली गई थीं। नुकसान की भरपाई के लिए अब कैपिटल प्रोजेक्ट एडमिनिस्ट्रेशन को दोबारा पौधारोपण की जिम्मेदारी दी गई है।

ब्लू लाइन प्रोजेक्ट: एक नजर में
यह कटाई 12.9 किलोमीटर लंबे ब्लू लाइन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह लाइन भदभदा चौराहे से शुरू होकर रत्नागिरी तिराहे तक जाएगी।

 

कॉरिडोर का नाम       ब्लू लाइन (Blue Line)
कुल दूरी                   12.9 किलोमीटर
स्टेशनों की संख्या     13 एलिवेटेड स्टेशन
समय सीमा               2025 में काम शुरू, 3 साल का लक्ष्य
रूट                        भदभदा से रत्नागिरी तिराहा

विकास बनाम पर्यावरण
पर्यावरणविदों का मानना है कि भले ही काटे गए पेड़ों की संख्या कम हो, लेकिन ऐतिहासिक इमारतों के पास से हरियाली का गायब होना चिंताजनक है। यह मामला एक बार फिर शहर के बुनियादी ढांचे के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच के तनाव को उजागर करता है। जहां एक ओर मेट्रो शहर में यातायात को आधुनिक बनाएगी, वहीं दूसरी ओर पुराने पेड़ों के कटने से भोपाल की ग्रीन सिटी वाली छवि पर सवाल उठ रहे हैं।

गुना के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल दो बुजुर्ग व्यक्तियों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल 

गुना जिले के थाना राघौगढ़ क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो बुजुर्ग व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से दोनों घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

27 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना राघौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत वृंदावन होटल के सामने ए.बी. रोड पर एक मोटर साइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें 02 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना राघौगढ़ क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षक शशि कपूर राजावत एवं पायलट रवि शर्मा ने मौके पर पहुँचकर पाया कि सड़क पर अचानक सामने आई गाय को बचाने के प्रयास में मोटर साइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में मोटर साइकिल सवार दो बुजुर्ग व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को सुरक्षित डायल 112 वाहन की सहायता से तत्काल अस्पताल पहुँचाया।

डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से दोनों बुजुर्गों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। इस मानवीय सहायता के लिए परिजनों एवं स्थानीय नागरिकों ने डायल-112 टीम का आभार व्यक्त किया।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

 

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