साइबर तहसील 2.0 से नामांतरण प्रक्रिया हुई डिजिटल, पारदर्शी और सरल

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरल, सुगम और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में प्रारंभ की गई “साइबर तहसील 2.0” पहल राजस्व प्रणाली में ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण परिवर्तन का माध्यम बनी है। भूमि नामांतरण प्रक्रिया को डिजिटल और केंद्रीकृत बनाकर इस व्यवस्था ने नागरिक सुविधाओं को अधिक सहज और प्रभावी बनाया है और ईज़ ऑफ़ लिविंग को मजबूत किया है।

डिजिटल व्यवस्था से त्वरित हुआ नामांतरण निराकरण

“साइबर तहसील 2.0” व्यवस्था से अब तक प्रदेश में 5.60 लाख से अधिक ऑनलाइन नामांतरण प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। पहले जहां नामांतरण की प्रक्रिया में लगभग 70 दिन का समय लगता था, वहीं अब अधिकांश प्रकरण मात्र 20 से 25 दिनों में पूरे हो रहे हैं। इससे नागरिकों के समय, श्रम और धन की बचत सुनिश्चित हुई है।

“साइबर तहसील 1.0” से “2.0” तक का सफल विस्तार

राज्य सरकार ने साइबर तहसील व्यवस्था की शुरुआत “साइबर तहसील 1.0” के रूप में की थी। इसके अंतर्गत प्रारंभिक चरण में पूर्ण खसरा से संबंधित नामांतरण प्रकरणों को शामिल किया गया था। रजिस्ट्री के बाद पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होती थी और मैन्युअल हस्तक्षेप को न्यूनतम रखा गया था। इस व्यवस्था की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए “साइबर तहसील 2.0” लागू की। इसमें अब आंशिक खसरा, अर्थात भूमि के किसी हिस्से की बिक्री से संबंधित नामांतरण प्रकरणों को भी डिजिटल प्रणाली में शामिल किया गया है।

आंशिक खसरा प्रकरणों का समाधान हुआ सरल

आंशिक खसरा से जुड़े मामले तकनीकी रूप से अधिक जटिल माने जाते हैं, क्योंकि इनमें भूमि के हिस्से का सीमांकन, रिकॉर्ड संशोधन और संबंधित जानकारी का सटीक अद्यतन आवश्यक होता है। “साइबर तहसील 2.0” ने इस चुनौती का समाधान डिजिटल तकनीक से किया है। इससे राजस्व रिकॉर्ड को अद्यतन करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है। साथ ही भूमि संबंधी विवादों की संभावनाओं में भी कमी आई है।

प्रदेशभर में प्रभावी रूप से लागू व्यवस्था

“साइबर तहसील 2.0” वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों और तहसीलों में प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। यह व्यवस्था प्रदेश की लगभग 1,192 क्षेत्रीय तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अदालतों के साथ रीयल-टाइम समन्वय में कार्य कर रही है। केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली से प्रकरणों की निगरानी, प्रगति की समीक्षा और समयबद्ध निराकरण अधिक प्रभावी हुआ है।

पारदर्शिता और जवाबदेही को मिला बल

“साइबर तहसील 2.0” केवल एक तकनीकी प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन की प्रभावी पहल बनकर उभरी है। ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था और न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के कारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। इससे नागरिकों का शासन की व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

राजस्व सुधारों का प्रेरक मॉडल बन रहा मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल राजस्व प्रणाली में डिजिटल सुधारों का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरी है। “साइबर तहसील 2.0” अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित सेवाओं का प्रेरक मॉडल बन रही है।

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया

भोपाल 

रतलाम जिले के थाना बिलपांक क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हुए बुजुर्ग व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। त्वरित सहायता मिलने से घायल बुजुर्ग को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।

26 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बिलपांक क्षेत्र अंतर्गत बिलपांक-दंतोड़िया रोड पर दो मोटर साइकिलों की टक्कर हो गई है, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति घायल हो गए हैं। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल थाना बिलपांक क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक संजय वास्कले एवं पायलट जशवंत सोलंकी ने मौके पर पहुंचकर पाया कि दो मोटर साइकिलों की आपस में टक्कर होने से एक बुजुर्ग व्यक्ति घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घायल बुजुर्ग को सुरक्षित डायल 112 वाहन से मेडिकल कॉलेज रतलाम पहुँचाया।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्यवाही दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुँचाकर आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की स्थिति में डायल-112 जवान संवेदनशीलता, तत्परता एवं सेवा भाव के साथ लोगों की मदद कर रहे हैं।

 

खरगोन जिला सहकारी बैंक में 41.58 लाख के गबन का खुलासा, कैशियर निलंबित

खरगोन

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित खरगोन की शाखा ठिबगांव में लगभग 41.58 रुपए लाख की नगद राशि के गबन का गंभीर मामला सामने आया है।

प्रारंभिक जांच में शाखा में पदस्थ कैशियर ऋतु गोयल द्वारा बैंक की नगद शेष राशि में भारी कमी पाए जाने के बाद बैंक मुख्य कार्यपालकन अधिकारी संध्या रोकड़े ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया है और पुलिस को सूचना दे दी गई है।

जानकारी के अनुसार सोमवार को शाखा में नियमित नकद मिलान व भौतिक सत्यापन के दौरान कैश शॉर्टेज सामने आया। जांच में बैंक की वास्तविक नगद शेष राशि और अभिलेखों में दर्ज राशि में 41.58 लाख रुपए का अंतर पाया गया।

त्विषा शर्मा केस में CBI का बड़ा एक्शन, रिटायर्ड जज गिरिबाला से घंटों पूछताछ

 भोपाल

नोएडा की त्विषा शर्मा की भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शुरू कर दी है। मंगलवार को जांच के पहले ही दिन एजेंसी ने मामले से जुड़े प्रमुख लोगों से पूछताछ कर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पहले ही दिन रिटायर्ड जज सास से करीब आधे घंटे पूछताछ

सीबीआइ की टीम सबसे पहले उस घर में पहुंची, जहां त्विषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। यहां अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और त्विषा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से करीब आधे घंटे पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, सीबीआइ के अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से त्विषा और उनके पति समर्थ सिंह के वैवाहिक संबंधों, परिवार के माहौल और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल किए।

 

मपीएसईडीसी द्वारा “यूएक्स4जी एडवांस्ड लेवल वर्कशॉप” हुई

भोपाल 

मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम द्वारा नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को एक दिवसीय “यूएक्स4जी एडवांस्ड लेवल वर्कशॉप” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य सरकार के प्रमुख डिजिटल पोर्टलों जैसे आरसीएमएस, संपदा और एमपी ई-सेवा पर नागरिकों को बेहतर डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराना था।

कार्यशाला में सरकारी डिजिटल सेवाओं को अधिक सरल, आधुनिक और सहज बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से पोर्टलों की उपयोगकर्ता पहुंच बढ़ाने और नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।कार्यशाला का संचालन नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन के सहयोग से किया गया। इस दौरान  अजीत विसेन, सु सबा और  आकर्षण चौहान ने यूआई/यूएक्स ट्रांसफॉर्मेशन और सरकारी डिजिटल सेवाओं में नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की।

कार्यशाला में व्यावहारिक सत्रों और सामूहिक चर्चाओं के माध्यम से सरकारी पोर्टलों को अधिक नागरिक हितैषी बनाने के लिए सुझावों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें विभिन्न विभागों के 25 अधिकारियों एवं डिजाइनरों ने सहभागिता की। 

‘पानी नहीं तो वोट नहीं’: MP के गांव में चुनाव बहिष्कार का ऐलान, नेताओं की एंट्री पर रोक

नरसिंहपुर

इन दिनों चांवरपाठा विकासखंड में पेयजल समस्या अत्यंत गंभीर रूप धारण कर चुकी है। बेतहाशा गिरते जमीनी जल स्तर के कारण क्षेत्र के हैंडपंपों ने पानी की जगह हवा उगलना शुरू कर दिया है। जहां कहीं थोड़ा-बहुत पानी मिल भी रहा है, वह लाल-पीला और दूषित है, जिससे ग्रामीण गंभीर बीमारियों के साये में जीने को मजबूर हैं। इस भीषण जल संकट से विकासखंड का ग्राम मानकपुर बिजोरा बुरी तरह प्रभावित है। अनेक बार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से सूचित करने के बावजूद जब समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकला, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया।

ग्राम सभा में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने गांव में एक विशाल ग्राम सभा का आयोजन किया। इस बैठक में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वर्षों से चली आ रही इस भीषण पेयजल किल्लत पर गंभीर चर्चा के बाद, ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि जब तक ग्राम बिजोरा में मां नर्मदा का जल पहुंचाकर समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया जाता, तब तक ग्रामवासी ग्राम पंचायत, विधानसभा और लोकसभा सहित आगामी सभी चुनावों का पुरजोर बहिष्कार करेंगे और किसी भी मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे।

नेताओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध

चुनाव बहिष्कार के साथ ही ग्रामीणों ने यह भी फैसला लिया है कि जब तक पानी की समस्या दूर नहीं होती, तब तक गांव का कोई भी व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल के नेता को अपने निजी या सार्वजनिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करेगा। नेताओं के गांव में प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे आश्वासनों के झांसे में नहीं आने वाले और अपने हक के लिए यह निर्णायक लड़ाई मिलकर लड़ेंगे।

गर्मी में भूमि पड़ी रहती है खाली, खेतों और घरों में मचा हाहाकार

पानी की कमी के कारण किसान ठंड के सीजन में खेतों में आधा-आधा नोजल चलाकर किसी तरह एक-दो एकड़ में हल्की सिंचाई करते हैं और अपना गुजारा चलाते हैं। गर्मी आते ही हजारों एकड़ भूमि पानी के अभाव में खाली पड़ी रहती है। मार्च के बाद से ही हैंडपंप जवाब देने लगते हैं। गांव में स्थिति इतनी बदतर है कि लोगों को अपने स्वयं के ट्रैक्टरों से सुदूर खेतों में बने कुओं/स्रोतों से टैंकर भरकर पानी लाना पड़ रहा है। मर्रावन से लेकर अमथनु तक लगभग 45 ग्राम हर साल गर्मी में पानी की इस विकट समस्या से जूझते आ रहे हैं। फिर पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
 

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की जुबानी

 हमें वर्षों से केवल झूठे आश्वासन मिले हैं, लेकिन गांव की मूल समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामवासी चुप नहीं बैठेंगे। हम अपने मौलिक अधिकार (पानी) के लिए एकजुट होकर यह निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं और जब तक पानी नहीं आता, तब तक कोई चुनाव नहीं होगा। – वृन्दावन पटेल, सेवानिवृत्त शिक्षक
    
पिछले 25 वर्षों से हर एक जनप्रतिनिधि के सामने पानी का मुद्दा उठाया गया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। वन विभाग ने जो तालाब बनवाया था, वह 15 साल पहले टूट गया। पंचायत ने जल भराव के लिए गहरीकरण कराया, तो बाद में तार फेंसिंग (बाउंड्री) करके वहां प्रवेश वर्जित कर दिया गया। – सतीश पटेल, मीडिया प्रभारी, किसान संघ
    
पानी की कमी के कारण किसान ठंड के सीजन में खेतों में आधा-आधा नोजल चलाकर किसी तरह एक-दो एकड़ में हल्की सिंचाई करते हैं और अपना गुजारा चलाते हैं। गर्मी आते ही हजारों एकड़ भूमि पानी के अभाव में खाली पड़ी रहती है। मार्च के बाद से ही हैंडपंप जवाब देने लगते हैं। – यशवंत पटेल, वरिष्ठ पदाधिकारी, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ

गांव में स्थिति इतनी बदतर है कि लोगों को अपने स्वयं के ट्रैक्टरों से सुदूर खेतों में बने कुओं/स्रोतों से टैंकर भरकर पानी लाना पड़ रहा है। मर्रावन से लेकर अमथनु तक लगभग 45 ग्राम हर साल गर्मी में पानी की इस विकट समस्या से जूझते आ रहे हैं। फिर पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। – द्वारका प्रसाद झारिया, सरपंच ग्राम पंचायत मानकपुर बिजोरा

 

महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बनेगा “रिसोर्स पूल” : मंत्री सुभूरिया

भोपाल 

महिला सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए महिला वित्त एवं विकास निगम को नई कार्य संस्कृति और परिणामोन्मुखी भूमिका में लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। महिला-बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्यप्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम की 80वीं संचालक मंडल समिति की बैठक हुई। बैठक में जिसमें निगम की कार्यप्रणाली, लंबित प्रस्तावों, महिला रोजगार, कौशल विकास और संस्थागत सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मंत्री सुभूरिया ने स्पष्ट कहा कि महिला-बाल विकास विभाग का मूल उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि महिलाओं का वास्तविक आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि महिला वित्त एवं विकास निगम को प्रदेश की महिला वर्क-फोर्स तैयार करने वाली प्रमुख संस्था के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए निगम एक व्यापक ऑनलाइन पोर्टल तैयार करेगा, जिसमें महिलाओं की कौशल दक्षता का परीक्षण कर उन्हें कुशल, अर्द्ध-कुशल और अकुशल श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।

मंत्री सुभूरिया ने कहा कि अकुशल एवं अर्द्ध-कुशल महिलाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर विभिन्न विभागों, उद्योगों और संस्थानों की मांग के अनुरूप रोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निगम महिला श्रमिकों, कारीगरों और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित महिलाओं का “रिसोर्स पूल” विकसित करे, जिससे प्रदेश के विभागों और संस्थाओं को आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित महिला वर्क-फोर्स उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि महिला वित्त एवं विकास निगम अब केवल वित्तीय गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कौशल विकास, बाज़ार संपर्क, तकनीकी प्रशिक्षण और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। मंत्री सुभूरिया ने अन्य राज्यों में महिला वित्त विकास निगमों की कार्यपद्धति का अध्ययन कर बेहतर मॉडल अपनाने के निर्देश दिए।

बैठक में निगम के सुदृढ़ीकरण को लेकर पूर्व में प्रस्तावित “चैनल पार्टनर” व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। मंत्री सुभूरिया ने स्पष्ट किया कि निगम को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाते हुए केवल गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण संस्थानों और विशेषज्ञ एजेंसियों को ही जोड़ा जाए। कौशल विकास और फाइनेंशियल लिटरेसी कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए हाई-क्वालिटी संस्थानों के एम्पैनलमेंट पर जोर दिया गया।

बैठक में IPE Global Limited के साथ हुए महत्वपूर्ण एमओयू की भी समीक्षा की गई। “देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन” के तहत यह पहल प्रदेश की युवा महिलाओं को वेतन आधारित रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 1.6 लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ना, 50 हजार महिलाओं को बाज़ार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देना तथा 500 से अधिक कंपनियों में जेंडर डाइवर्सिटी प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

मंत्री सुभूरिया ने निगम के प्रशासनिक ढांचे में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त निर्देश दिए। संचालक मंडल ने निर्णय लिया कि निगम के ऐसे कर्मचारी जो अन्यत्र अटैच हैं, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं तथा एक माह के भीतर मूल पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में उनकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जाए।

बैठक में महिला बाल विकास, सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि, आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती निधि निवेदिता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 

अपनापन’ केवल पुस्तक नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण, संघर्ष और नेतृत्व की कार्यशैली को समझने का दस्तावेज है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के साथ कार्य करने के अनेक अनुभव लाखों कार्यकर्ताओं के पास हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान का लगभग 35 वर्षों का लंबा साथ विशेष महत्व रखता है। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने युवा मोर्चा के अध्यक्ष, केसरिया वाहिनी के दायित्व, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक अपनापन में साझा किया है। यह केवल संस्मरणों का संकलन नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण, संघर्ष और नेतृत्व की शैली को समझने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक ”अपनापन”नई पीढ़ी और कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगी। सभी कार्यकर्ता और युवा यह पुस्तक पढ़ें और उससे मार्गदर्शन प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘’अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” के नई दिल्ली में हुए लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में व्यक्त किए।

पूर्व प्रधानमंत्री  देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति  वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के साथ व्यतीत गए समय और उस काल के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और पुस्तक के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री  एच.डी. देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति  एम. वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्रीगण, अनेक प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पत्रकार, समाजधर्मी और लेखक उपस्थित थे।

 

सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज: ओंकारेश्वर में शासकीय जमीन पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

खंडवा

आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह नगर परिषद, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शासकीय जमीन पर बने बड़े अतिक्रमणों को बुलडोजर से हटाया। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, आईकार्ड व्यवस्था तथा अन्य विकास कार्यों हेतु जमीन खाली कराई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई स्थायी निर्माणों और बाउंड्रीवाल को हटाया गया।

सिंहस्थ की तैयारियां और कलेक्टर के निर्देश

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर में विकास कार्यों की तैयारी तेज कर दी गई है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर वहां पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में हटाए गए अतिक्रमण वाले क्षेत्रों को समतल किया जा रहा है और वास्तविक विस्थापितों के पुनर्वास की कार्रवाई भी शीघ्र की जाएगी।

धर्मशालाओं और गौशाला पर चला बुलडोजर

सीएमओ मोनिका पारधी ने बताया कि मंगलवार को पागलदास बाबा गौशाला और दिनेश दयाराम लोवंशी धर्मशाला की बाउंड्रीवाल को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके अलावा लोवंशी धर्मशाला, राजपूत धर्मशाला और सोनी धर्मशाला को भी नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आगामी दिनों में भी जारी रहेगा अभियान

पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वार्ड क्रमांक-7 ब्रह्मपुरी क्षेत्र में अवैध पक्के और कच्चे निर्माण तथा दुकानों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। हटाए गए स्थानों का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कुछ अतिक्रमण हटाए गए हैं और आने वाले दिनों में भी अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

नौतपा का कहर: खजुराहो में पारा 46.4°C के पार, MP के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी

भोपाल 

प्रदेश में नौतपा के दूसरे दिन भीषण और झुलसाने वाली गर्मी से आम जनजीवन बुरी तरह बेहाल रहा। प्रदेश के दिन और रात दोनों के तापमान बढ़े हुए हैं। दिन के समय चुभती हुई धूप लोगों को झुलसा रही है, वहीं रात के समय हवाओं में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ी हुई है, जिससे रातें भी बेहद बेचैन करने वाली हो गई हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को प्रदेश का सबसे अधिकतम तापमान छतरपुर जिले के खजुराहो में 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इसी जिले के नौगांव में पारा 45.6 डिग्री रहा। प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में दिन का तापमान 42.2 डिग्री से 46.4 डिग्री और रात का न्यूनतम पारा 25.6 डिग्री से 31.0 डिग्री के बीच रहा। वहीं प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों दतिया में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री रहा, जबकि शेष हिस्सों में पारा 41.2 डिग्री से 45.2 डिग्री के बीच दर्ज हुआ। यहां रात का तापमान 25.0 डिग्री से 33.3 डिग्री तक पहुंचा।

 

बुरहानपुर समेत कई क्षेत्रों में पड़ी बौछारें, शाम को बदला मौसम का मिजाज

भीषण गर्मी के बीच शाम होतेहोते प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने करवट बदली। बुरहानपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी और पांढुर्णा में गरजचमक के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं राजधानी भोपाल में भी दोपहर तीन बजे के बाद धूपछांव का सिलसिला चलने से लोगों को तीखी धूप से थोड़ी राहत मिली।

कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

  • रेड अलर्ट (तीव्र लू और गर्म रात): रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी में तीव्र लू और टीकमगढ़ में गर्म रात का रेड अलर्ट।
  • ऑरेंज अलर्ट (तीव्र लू): ग्वालियर, दतिया (गर्म रात के साथ), शिवपुरी, भिंड, मुरैना, श्योपुर के साथसाथ सागर, जबलपुर, दमोह और मैहर सहित 16 जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
  • येलो अलर्ट: भोपाल, इंदौर संभाग के खरगौन, खंडवा, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और सीहोर सहित कई जिलों में लू का येलो अलर्ट रहेगा।

तापमान का पूरा गणित: प्रदेश के चार बड़े शहरों का हाल

शहर

अधिकतम तापमान (°C)

न्यूनतम तापमान (°C)

भोपाल

43.2

29.4

इंदौर

41.2

27.0

ग्वालियर

44.1

33.3

जबलपुर

43.9

30.0

 

 

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