MP में भीषण गर्मी का कहर, 45 शहर हीटवेव की चपेट में; 5 जिलों में रेड अलर्ट जारी

भोपाल 

मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा की शुरुआत अलग अंदाज में हुई है। एक तरफ प्रदेश के 45 शहर भीषण लू और तेज गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ कई जिलों में आंधी और बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। मौसम विभाग ने 28 मई से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने के संकेत दिए हैं। इसके तहत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। वहीं भोपाल, ग्वालियर समेत 45 जिलों में हीटवेव जैसे हालात बने रहे। इधर, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग में गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार जताए गए हैं। 

एमपी के सबसे गर्म शहर
शहर     तापमान
खजुराहो    47.2
नौगांव    46.8
दतिया    45.6
मंडला     45.5
टीकमगढ़    45.3
खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म

निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। अभी छतरपुर के दो शहर-खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। यहां पारा लगातार 45 डिग्री के पार बना हुआ है। भोपाल-ग्वालियर समेत कुल 45 जिले हीटवेव की चपेट में रहेंगे। इंदौर, नर्मदापुरम में भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
प्रमुख शहरों का तापमान
शहर     तापमान
भोपाल    43.4
ग्वालियर    44.0
नर्मदापुरम     44.6
इंदौर    41.6
उज्जैन    41.8
जबलपुर    43.9
रीवा    44.6

तीन दिन बाद बारिश का दौर

मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक मौसम का फोरकास्ट जारी किया है। इनमें 28 मई को ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के 14 जिलों में बारिश, गरज-चमक का अलर्ट है। इससे पहले 25 मई को भी बारिश हुई। पश्चिमी हिस्से से एक टर्फ के गुजरने की वजह से ऐसा मौसम रहा।
इन शहरों में रातें सबसे गर्म
शहर    तापमान
ग्वालियर, दतिया    32.0
गुना     31.6

रायसेन-राजगढ़
    31.0
टीकमगढ़    30.2
जबलपुर     30.1
छिंदवाड़ा    30.0

भोपाल में हर साल नौतपा में बारिश

भोपाल में पिछले 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार सिर्फ बूंदाबांदी हुई थी। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई है। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था।

खजुराहो में पारा 47.2 डिग्री

प्रदेश में नौतपा के पहले दिन कहीं बारिश तो कहीं भीषण गर्मी रही। छतरपुर के दोनों शहर- खजुराहो और नौगांव भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहे। खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ओवरआॅल पहली बार इतना पारा पहुंचा। नौगांव में तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

28 मई से बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक प्रदेश में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन 28 मई से मौसम करवट ले सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में हल्की बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसके पीछे पश्चिमी हिस्से से गुजर रहा टर्फ सिस्टम बताया जा रहा है। 28 मई को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में हल्की बारिश हो सकती है।

इन जिलों में लू का सबसे ज्यादा खतरा
रेड अलर्ट-निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना।
ऑरेंज अलर्ट-  रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, गुना, नरसिंहपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, भिंड और दतिया।
येलो अलर्ट- भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शहडोल, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और अनूपपुर।

दोपहर 12 से 3 बजे तक सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बेवजह बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने को कहा गया है। पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। 

भोपाल में 43.4 डिग्री पर पारा

चंबल अंचल के दतिया में 45.6 डिग्री, मंडला में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.3, सतना में 44.9, दमोह-रीवा में 44.6 डिग्री, राजगढ़ में 44.5 डिग्री, गुना में 44.3 डिग्री और शाजापुर में 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44 रहा। भोपाल में 43.4, इंदौर में 41.4, उज्जैन में 41.8 और जबलपुर में 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।

18 जिलों में तीव्र लू का आरेंज अलर्ट:  रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, गुना, नरसिंहपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, भिंड और दतिया में तीव्र लू का आरेंज अलर्ट है।

22 जिलों में लू का येलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शहडोल, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और अनूपपुर में लू का येलो अलर्ट है।

PM मोदी पर लिखी शिवराज की किताब का विमोचन, बोले- करीब से देखा उनका कर्मयोगी व्यक्तित्व

भोपाल 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपनी नई पुस्तक ‘अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की पारंपरिक कार्यशैली और तकनीक को अपनाने में आई शुरुआती झिझक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता पारंपरिक तरीके से काम करते रहे हैं और कई बार तकनीक का व्यापक उपयोग करने की मानसिकता नहीं रही। उन्होंने मोबाइल फोन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इसे ‘फाइव-स्टार कल्चर’ से जोड़ा जाता था।

सुनाया ईमेल आईडी और पीएम मोदी से जुड़ा किस्सा
विमोचन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब नरेंद्र मोदी पार्टी के प्रभारी के तौर पर मध्य प्रदेश आए थे, तब मैं राज्य इकाई में महासचिव था। इस दौरान चुनाव तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई थी।

शिवराज सिंह ने कहा, ”बैठक के दौरान जब पीएम मोदी ने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है, तो उस समय शायद ही किसी के पास इसका जवाब था। लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। तब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर ने मजाक में पूछा, ”नरेंद्र भाई, आप यह ‘फीमेल-फीमेल’ क्या कह रहे हैं? इस फीमेल-ईमेल से क्या होगा?” इस पर सब हंस पड़े और कुछ लोगों के चेहरे पर व्यंग्यात्मक भाव भी थे।”इस पुस्तक का विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। समारोह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

शिवराज ने की पीएम मोदी की दूरदर्शिता की तारीफ
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नरेंद्र भाई ने ईमेल और तकनीक के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने कहा कि पीएम मोदी ने दूसरों से बहुत पहले यह समझ लिया था कि अगर भारत के भविष्य को आकार देना है और एक विकसित भारत का निर्माण करना है, तो प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी यह दूरदर्शिता पार्टी के भीतर तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात का किया जिक्र
अपनी पुस्तक के विमोचन पर केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा, “आतंकवाद अपने चरम पर था। कश्मीर घाटी में, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के अध्यक्ष थे। भाजपा ने तय किया कि एकता यात्रा का नेतृत्व वे करेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “नरेंद्र भाई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। जब मैं पहली बार नरेंद्र भाई से मिला, तो उस पहली मुलाकात में ही मैंने उनके विचार देखे: जनता तक पहुंचना, लोगों को एकजुट करना और देशभक्ति की भावना जगाना। उन्होंने कहा  कि तिरंगा सिर्फ श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं फहराया जाएगा। तिरंगा देश के हर नागरिक के दिल में लहराना चाहिए।” 

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और गिरिराज सिंह सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हैं।

1991 से लेकर अब तक के अनुभव
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह किताब उनके लिए सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए लंबे समय का अपनापन है। 1991 की एकता यात्रा से लेकर आज तक के अनुभवों को इसमें शामिल किया गया है। उस समय मुरली मनोहर जोशी की यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक प्रभारी थे।

किताब युवाओं को प्रेरित करेगी
शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह पुस्तक युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करेगी। इसमें अनुशासन, तपस्या, समर्पण और लोगों के साथ अपनापन से बड़े लक्ष्य हासिल करने की सीख दी गई है। किताब में मोदी जी के नेतृत्व, सुशासन, राष्ट्र सेवा और नीति निर्माण के व्यक्तिगत पक्षों को खास तौर पर उजागर किया है।

वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी-कभी आपको ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का मौका मिलता है जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वास्तव में वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान होते हैं। वह इंसान हैं नरेंद्र मोदी।

आज 26 मई का वह ऐतिहासिक दिन है, जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 12 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन मेरा और उनका साथ 35 साल पुराना है। इन 35 वर्षों में मैंने उन्हें हर क्षण देश के लिए जीते हुए देखा है। उनका हर कदम देश की प्रगति और विकास के लिए उठा है। मुझे उनके साथ अनेक भूमिकाओं में संगठन के कार्यकर्ता के नाते काम करने का मौका मिला।

मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया
शिवराज ने कहा- मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया और फिर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में तथा बाद में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री के नाते उनके साथ काम कर रहा हूं। मैंने उनसे अनेक प्रेरणाएं प्राप्त कीं। कैसे ऐसे निर्णय लिए जाएं, जिनसे जनता का जीवन बदले।

इसलिए लिखी अपनापन
शिवराज ने कहा- मुझे लगा कि यह अनुभव केवल मेरे पास तक क्यों रहे। यह केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग प्रशासनिक अधिकारी, प्रोफेशनल्स, उद्योगपति, समाज सुधारक, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण से जुड़े लोगों सभी के लिए उपयोगी है।

इसलिए मेरे मन में यह भाव आया कि अपने अनुभवों और सीख को एक पुस्तक के रूप में देशवासियों को समर्पित करूं। इसी का परिणाम है ‘अपनापन’।

एकता यात्रा से शुरू हुआ था मेरा-उनका साथ
मेरा और उनका पहला साथ एकता यात्रा से प्रारंभ हुआ था। उस समय आतंकवाद चरम पर था और कश्मीर घाटी के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कल्पना भी कठिन थी। भाजपा ने तय किया कि उनके नेतृत्व में एकता यात्रा निकलेगी और कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे पूरे भारत को भावनात्मक रूप से एक किया जा सके।

इस यात्रा का संचालन नरेंद्र मोदी को मिला। मैं उस समय लोकसभा उपचुनाव जीतकर पहुंचा था। मेरे पास प्रमोद महाजन का फोन आया कि एकता यात्रा के लिए केसरिया वाहिनी बनाई जा रही है, तुम्हें उसका संयोजक बनाया जा रहा है।

हर नौजवान के दिल में फहराया जाएगा तिरंगा
मेरी पहली मुलाकात नरेंद्र भाई से उसी दौरान हुई। पहली बैठक में उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं, बल्कि देश के हर नौजवान के दिल में फहराया जाएगा। 23 जनवरी को फगवाड़ा में आतंकवादियों ने यात्रा में शामिल बस पर हमला किया, जिसमें छह कार्यकर्ता बलिदान हो गए।

लोगों ने सोचा कि यात्रा रुक जाएगी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का संकल्प पूरा होगा।

उस समय केंद्र सरकार ने यात्रा रोकने की कोशिश की, लेकिन देशभक्ति के दीवाने कहां रुकने वाले थे। अंततः निर्णय हुआ कि कुछ लोग ही आगे बढ़ेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा। डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी ने लाल चौक पर तिरंगा फहराया।

उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए
जम्मू में लौटने पर लाखों कार्यकर्ताओं की सभा हुई, जहां उनका भाषण आज भी याद है। उन्होंने कहा था कि वे कार्यकर्ता भी लाल चौक नहीं पहुंच पाए जो दिन-रात इस यात्रा में लगे थे। यह कहते-कहते उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए। मैंने देखा कि काम के लिए जितने कठोर नरेंद्र मोदी हैं, उतने ही कार्यकर्ताओं के लिए संवेदनशील भी हैं।

भविष्य की टेक्नोलॉजी को पहले ही पहचान लिया
पहले जब मोबाइल का उपयोग शुरू हुआ था, तब भी कई लोग इसे ‘फाइव स्टार संस्कृति’ मानते थे। मध्य प्रदेश में जब नरेंद्र मोदी प्रभारी बनकर आए थे, तब मैंने देखा कि वे ईमेल आईडी और कंप्यूटर का महत्व समझते थे। उस समय जब उन्होंने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है तो सन्नाटा छा गया। कुछ लोग इसे समझ नहीं पाए, लेकिन उन्होंने भविष्य की टेक्नोलॉजी को पहले ही पहचान लिया था।

50 हजार से कम फॉलोअर तो नहीं मिलेगी टिकट
उन्होंने हमेशा टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और आधुनिक साधनों के महत्व को समझा और समय के अनुसार उनका उपयोग किया। जब सोशल मीडिया का महत्व लोग ठीक से नहीं समझते थे, तब भी उन्होंने कहा था कि जनता से जुड़ने के लिए इसका उपयोग जरूरी है।

उन्होंने सुझाव दिया था कि हर सांसद और विधायक के 50 हजार से कम फॉलोअर होने पर टिकट मिलने में भी कठिनाई हो सकती है, ताकि जनता से सीधा संवाद मजबूत हो सके।

केंद्रीय मंत्री शिवराज ने मोदी से जुड़े किस्से सुनाए

पानी : मोदी जी ने रेगिस्तान, हमने मालवा में पानी पहुंचा दिया
शिवराज ने कहा– कांग्रेस सरकारों के दौरान नर्मदा पर बांधों को लेकर आंदोलन खड़े किए जाते थे। ऐसा नैरेटिव बनाया जाता था कि बांध बनने से मध्य प्रदेश डूब जाएगा और गुजरात को फायदा होगा। मैं 2005 में मुख्यमंत्री बना। मोदी जी ने मुझे गुजरात भवन बुलाया और फैसला किया कि जो बांध बन चुके हैं, उन्हें भरा जाएगा और उनकी ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। मोदी जी ने गुजरात के रेगिस्तान तक पानी पहुंचा दिया। हमने मालवा के पठार और निमाड़ क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में पानी लिफ्ट कर जल की व्यवस्था की।

MP में CNG फिर महंगी, भोपाल में ₹94.75 प्रति किलो पहुंचा रेट; 10 दिन में दूसरी बढ़ोतरी

भोपाल 

ईरान जंग के बीच मध्य प्रदेश में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी, CNG के रेट 10 दिन में दूसरी बार बढ़े हैं। भोपाल में यह 1 रुपए प्रति किलो तक महंगी कर दी गई है। अब यह 94.75 रुपए प्रतिकिलो में मिल रही है।

इससे पहले 16 मई को करीब 3 रुपए प्रतिकिलो रेट बढ़े थे। फिलहाल थिंक गैस एजेंसी ने कीमतें बढ़ाई हैं। इसकी सप्लाई भोपाल समेत आसपास के जिलों में है। दो महीने में यह तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। तीन बार में सीएनजी 6 रुपए किलो तक महंगी हुई है।

प्रदेश में 3 कंपनियों की सप्लाई मध्य प्रदेश में 3 गैस एजेंसियां- थिंक, गेल और अवंतिका सीएनजी की सप्लाई करती हैं। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शिवपुरी, विदिशा समेत आसपास के जिलों में थिंक कंपनी सप्लाई करती है, जबकि इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर संभाग में अवंतिका की सप्लाई है। गेल कंपनी की भी कई जिलों में सप्लाई है।

भोपाल के 25 पंपों पर सीएनजी राजधानी में कुल 152 पेट्रोल पंप है। इनमें से 12 पंप ऐसे हैं। जहां सीएनजी गैस भी मिलती है। वहीं थिंक गैस के मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड, बैरागढ़ रोड समेत कई जगहों पर भी कुल 25 स्टेशन है। यहां पर रेट बढ़े हैं।

50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री पिछले तीन साल में भोपाल में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री 50% तक बढ़ी है। शोरूम से हर रोज सीएनजी बेस्ड 10 से 15 गाड़ियां बिक रही है। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सीएनजी से एवरेज ज्यादा मिलना है। वहीं, सीएनजी के रेट भी कम है।

सीएनजी क्या है और यह कैसे बनती है? सीएनजी का पूरा नाम कंप्रेस्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनती है और पेट्रोल-डीजल के मुकाबले बहुत कम प्रदूषण फैलाती है। यह गैस जमीन के नीचे बने तेल और गैस के कुओं से प्राकृतिक रूप से निकलती है।

इसके बाद फैक्ट्रियों में इसे रिफाइन करके इसकी नमी और अशुद्धियां साफ की जाती हैं। फिर इस प्राकृतिक गैस पर बहुत ज्यादा प्रेशर डाला जाता है, जिससे यह भारी गैस कम जगह में सिमट जाती है। इसी दबी हुई गैस को सिलेंडरों में भरकर गाड़ियों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

ईंधन महंगा…पेट्रोल-डीजल के चार बार बढ़ चुके हैं रेट इससे पहले सोमवार को ऑयल कंपनियों ने 11 दिन के अंदर पेट्रोल-डीजल के रेट चौथी बार बढ़ा दिए थे। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा किया गया। मध्य प्रदेश में रेट 3 रुपए तक बढ़े हैं। नए रेट के बाद एमपी में डीजल 100 रुपए के पार पहुंच गया, जबकि पेट्रोल 116 रुपए या उससे ज्यादा हो गया है।

नए रेट के मुताबिक भोपाल में पेट्रोल 114.65 रुपए और डीजल 99.74 रुपए प्रति लीटर हो गया है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन में तेल सबसे महंगा है। वहां डीजल 100.11 रुपए और पेट्रोल 115.03 रुपए में मिलेगा। इंदौर में पेट्रोल 114.54 रुपए और डीजल 99.57 रुपए में मिलेगा। जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतें बढ़ी हैं।

6 साल बाद एक्टिव हुआ MP महिला आयोग, घरेलू हिंसा और पारिवारिक मामलों में दिखा सख्त रुख

भोपाल 
 मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग में करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर जनसुनवाई की शुरुआत होने से पीड़ित महिलाओं में न्याय की नई उम्मीद जगी है. भोपाल में सोमवार को आयोजित पहले सत्र में आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक की संयुक्त बेंच ने घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और उत्पीड़न से जुड़े गंभीर मामलों की सुनवाई की. पहले ही दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं, जहां उनकी समस्याएं विस्तार से सुनी गईं और संबंधित पक्षों को भी बुलाकर जवाब-तलब किया गया। 

ह साल बाद शुरू हुई जनसुनवाई, महिलाओं को राहत की उम्मीद
महिला आयोग के नए गठन के बाद यह पहला मौका है, जब जनसुनवाई आयोजित की गई. लंबे समय से लंबित मामलों और शिकायतों के कारण पीड़ित महिलाओं को काफी इंतजार करना पड़ा था. ऐसे में इस पहल को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। 

पहले दिन 40 मामलों की सुनवाई
आयोग कार्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई में भोपाल जिले के करीब 40 प्रकरण प्रस्तुत किए गए. अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक ने एक-एक कर सभी मामलों को गंभीरता से सुना. आवेदिकाओं की शिकायतों के साथ-साथ दूसरे पक्ष के बयान भी दर्ज किए गए, ताकि मामलों का निष्पक्ष समाधान किया जा सके। 

बेटी से मिलने नहीं देने का मामला बना चर्चा का केंद्र
जनसुनवाई के दौरान एक संवेदनशील मामला सामने आया, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उसे अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है. महिला ने बताया कि ससुराल पक्ष उस पर मानसिक दबाव बना रहा है. वहीं, दामाद पर आरोप है कि वह अपनी पत्नी के जरिए मायके वालों के खिलाफ झूठे केस दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है. इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया, जहां बहू पर ससुराल पक्ष के खिलाफ झूठी घरेलू हिंसा की शिकायत करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और इसके बदले एक करोड़ रुपए के लेन-देन की बात कही गई. आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। 

समझौते के बावजूद भरण-पोषण विवाद
एक अन्य मामले में घरेलू हिंसा के साथ आर्थिक विवाद भी जुड़ा हुआ था. सुनवाई में सामने आया कि पहले ही समझौते के तहत महिला को राशि दी जा चुकी है और बच्ची के नाम पर एक प्लॉट भी रजिस्टर्ड किया गया है. इसके बावजूद आवेदिका अतिरिक्त भरण-पोषण की मांग कर रही थी. आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए। 

आयोग की सख्त चेतावनी
आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. शिकायतों के निराकरण में देरी नहीं होने दी जाएगी और हर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। 

मंगलवार को भी जारी रहेगी सुनवाई
सोमवार की तरह मंगलवार को भी जनसुनवाई का सिलसिला जारी रहेगा. इसके लिए करीब 42 नए मामलों को सूचीबद्ध किया गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में और भी कई पीड़ित महिलाओं को अपनी बात रखने और न्याय पाने का अवसर मिलेगा। 

ट्विशा दहेज हत्या केस में CBI की एंट्री तेज, आज समर्थ की कस्टडी लेकर WhatsApp-Call रिकॉर्ड खंगालेगी टीम

भोपाल 

ट्विशा शर्मा की मौत मामले में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच करेगी. सीबीआई ने ट्विशा के पति समर्थ और सास के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इससे पहले सोमवार (25 मई) को एजेंसी ने जांच का जिम्मा संभालने और आवश्यक दस्तावेज और सबूत जुटाने के लिए भोपाल में एक स्पेशल क्राइम यूनिट भेजी। 

मुलाकात के बाद, सीबीआई ने प्रक्रिया के अनुसार, भोपाल पुलिस की एफआईआर को पुनः दर्ज किया, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया था। 

सीबीआई के हाथ में आई जांच, नई टीम गठित
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है. भोपाल के कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज एफआईआर को एजेंसी ने री-रजिस्टर किया है. इस मामले की जांच दिल्ली में पदस्थ एसपी राजबीर सिंह के नेतृत्व में की जाएगी, वहीं डीएसपी निशु कुशवाहा को जांच अधिकारी (आईओ) नियुक्त किया गया है. सीबीआई टीम अब पूरे मामले की नई सिरे से पड़ताल करेगी।

 आज समर्थ सिंह की कस्टडी लेगी CBI
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई बुधवार को मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर सकती है. एजेंसी डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर उससे गहन पूछताछ करेगी. सीबीआई की नजर व्हाट्सएप चैट्स, कॉल डिटेल्स और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है, जिनके जरिए घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जाएगी। 

12 मई को हुई थी संदिग्ध मौत
यह मामला भोपाल के कटारा हिल्स इलाके का है, जहां 12 मई 2026 की रात करीब 10:20 बजे ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पुलिस को मिली थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि ट्विशा की मौत फांसी लगाने से हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटेमॉर्टम हैंगिंग’ यानी जीवित अवस्था में फांसी की पुष्टि हुई, लेकिन शरीर पर चोटों के निशान मिलने से मामला और संदिग्ध हो गया। 

गिरिबाला सिंह का आरोप, ट्विशा को ड्रग्स की लत थी
ट्विशा (33) का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था. उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. वहीं, ट्विशा के ससुराल वालों ने दावा किया कि उसे मादक पदार्थों की लत थी। 

दहेज और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में कहा गया है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जाता था. बताया गया कि शादी के दौरान करीब 2 लाख रुपए का दबाव डालकर लेन-देन कराया गया और इसके बाद भी लगातार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही. इसके अलावा, ट्विशा के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप भी सामने आए हैं। 

गर्भपात कराने का भी आरोप
एफआईआर के अनुसार, अप्रैल 2026 में ट्विशा गर्भवती थी. परिजनों का आरोप है कि पति और सास ने उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए दबाव बनाकर गर्भपात करवाया. यह आरोप मामले को और गंभीर बना रहे हैं, जिस पर सीबीआई विशेष रूप से जांच कर रही है। 

इन कानूनी धाराओं में दर्ज हुआ मामला
सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत प्रकरण दर्ज किया है. मध्यप्रदेश सरकार की सहमति के बाद केंद्र सरकार ने 25 मई को अधिसूचना जारी कर सीबीआई को जांच का अधिकार सौंपा था। 

डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य होंगे अहम
सीबीआई अब इस मामले में डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच करेगी. व्हाट्सएप चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर घटनाक्रम को पुनर्निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही पोस्टमार्टम में मिले चोटों के निशान और उनके कारणों का भी विश्लेषण किया जाएगा। 

परिवार को निष्पक्ष जांच की उम्मीद
सीबीआई की एंट्री के बाद परिजनों को अब निष्पक्ष और सटीक जांच की उम्मीद जगी है. यह मामला न सिर्फ एक संदिग्ध मौत बल्कि दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को भी उजागर करता है. आने वाले दिनों में आरोपी से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। 

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो। 

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. प्राथमिकी में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास एवं पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है। 

दोनों परिवारों को सलाह- मीडिया से बात न करें
पीठ ने कहा, ‘‘हम पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आरोपियों के परिवार के सदस्यों से भी कहना चाहेंगे कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया मंचों पर बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपनी बात दर्ज कराएं, ताकि जारी जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और कोई पूर्वाग्रह नहीं हो। 

आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बनेगा खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर : मंत्री सारंग

आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बनेगा खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर : मंत्री सारंग

लगभग 100 करोड़ की लागत से तेजी से आकार ले रहा खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर
मंत्री विश्वास सारंग ने दिए तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

भोपाल 

राजधानी भोपाल के प्राचीनतम और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर के निर्माणाधीन कार्यों का सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि कॉरिडोर का निर्माण चरणबद्ध तरीके से तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को शीघ्र बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

आस्था और विरासत को मिलेगा भव्य स्वरूप

मंत्री सारंग ने कहा कि छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सदियों से यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। इसी विरासत को संरक्षित करते हुए “विरासत भी और विकास भी” की भावना के साथ खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भोपाल की सांस्कृतिक धरोहर को भव्य स्वरूप प्रदान करेगी और आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगी।

निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में श्रद्धालुओं, स्थानीय रहवासियों एवं व्यापारियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों के क्रियान्वयन में न्यूनतम विस्थापन सुनिश्चित किया जाए तथा यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

100 करोड़ की लागत से विकसित होगा हनुमान लोक

मंत्री सारंग ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। करीब 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था, भव्य कॉरिडोर, दर्शक दीर्घा, सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए अधोसंरचना, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

नागर शैली में होगा मंदिर परिसर का विकास

मंत्री सारंग ने बताया कि मंदिर परिसर के विकास कार्यों में राजस्थान के व्हाइट मार्बल का उपयोग करते हुए प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है। मंदिर परिसर में सुंदरकांड की झलक दर्शाने वाला भव्य और गरिमामयी कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।

दशहरा मैदान में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

मंत्री सारंग ने कहा कि दशहरा मैदान के खुले स्वरूप को संरक्षित रखते हुए वहां दर्शक दीर्घा, विशाल मंच, रावण दहन स्थल एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। साथ ही परिसर के चारों ओर 15 मीटर चौड़ी कांक्रीट सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के आवागमन में सुविधा होगी।

रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित

मंत्री सारंग ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दुकानें एवं अन्य सुविधाएं आधुनिक व्यवस्थाओं से युक्त होंगी।

भोपाल की नई पहचान बनेगा हनुमान लोक

मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल की आस्था, संस्कृति और विकास का प्रतीक बनेगा तथा आने वाले समय में यह परियोजना शहर की नई पहचान के रूप में स्थापित होगी।

 

समर्थन मूल्य पर 13.27 लाख किसानों से हुआ 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन

समर्थन मूल्य पर 13.27 लाख किसानों से हुआ 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन

गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी

भोपाल 

मध्यप्रदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 27 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में नंबर-1 स्थान पर है। अब तक लगभग 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है।

मुख्यमंत्री कर रहे सतत मॉनिटरिंग

मंत्री राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन लक्ष्य को केन्द्र सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये हैं, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी है।

किसानों को 22,165.21 करोड़ से अधिक का भुगतान

किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 22,165.21 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया है। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल काटें, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई।

 

मैपकास्ट के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग में विज्ञान आधारित कार्यशालाओं का हुआ आयोजन

मैपकास्ट के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग में विज्ञान आधारित कार्यशालाओं का हुआ आयोजन

विद्यार्थियों ने वर्चुअल वैज्ञानिक उपकरणों एवं ध्वनि विज्ञान की प्रयोगात्मक गतिविधियों से बढ़ाई वैज्ञानिक समझ

भोपाल

मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के अंतर्गत संचालित “सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग” में “वर्चुअल साइंस फन कैंप” एवं “साइंस ऑफ साउंड्स” विषयक कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, रचनात्मक चिंतन एवं तकनीकी समझ विकसित करना था। कार्यशालाओं में विभिन्न विद्यालयों से आए 34 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े आधुनिक डिजिटल उपकरणों, प्रयोगात्मक गतिविधियों एवं व्यवहारिक वैज्ञानिक अवधारणाओं की जानकारी प्राप्त की। मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रवि भारद्वाज, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण डिगर्रा, संयुक्त परियोजना संचालक डॉ. मनोज राठौर और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. समीर द्वारा प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

मैपकास्ट के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विकास शेंडे, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अजय चौधरी और वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी भूपेश सक्सेना ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विज्ञान शिक्षा में प्रयोगात्मक अधिगम, जिज्ञासा एवं रचनात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को ऑनलाइन वैज्ञानिक उपकरणों एवं डिजिटल लैब टूल्स के उपयोग की जानकारी दी गई। वर्चुअल माइक्रोस्कोप, स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप, ओरिगामी और विभिन्न डिजिटल प्रयोगशाला उपकरणों के वैज्ञानिक उपयोग एवं महत्व को विद्यार्थियों ने समझा।

कार्यशाला में रोचक गतिविधियों एवं हैंड्स-ऑन प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बताई गई। ब्रेन एक्टिविटीज़ के जरिए विद्यार्थियों को मस्तिष्क की कार्यप्रणाली एवं उसकी सुरक्षा के लिए हेलमेट के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही “साइंस ऑफ साउंड्स” कार्यशाला में विद्यार्थियों को ध्वनि विज्ञान से संबंधित वैज्ञानिक सिद्धांतों एवं व्यवहारिक प्रयोगों से अवगत कराया गया।

विद्यार्थियों ने फ्रीक्वेंसी, वेवलेंथ, एम्प्लिट्यूड एवं विभिन्न प्रकार की तरंगों के वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से समझा। माउथ ऑर्गन किट एवं विभिन्न प्रकार की साउंड किट्स तैयार कर ध्वनि के उत्पन्न होने एवं उसके संचरण की प्रक्रिया को जाना। साथ ही उन्हें वैक्यूम में ध्वनि के संचरण न होने के वैज्ञानिक कारणों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों ने विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों से उत्पन्न ध्वनियों के भेद एवं उनकी विशेषताओं को भी समझा।

कार्यशालाओं में वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विज्ञान को व्यवहारिक रूप में समझने और दैनिक जीवन में उसके उपयोग के प्रति प्रेरित किया।

 

सड़क सुरक्षा में देवास पुलिस का प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन — राहत, उपचार और जागरूकता के समन्वित मॉडल से बनी नई पहचान

सड़क सुरक्षा में देवास पुलिस का प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन — राहत, उपचार और जागरूकता के समन्वित मॉडल से बनी नई पहचान

देवास मॉडल से सड़क सुरक्षा को मिली नई दिशा, दुर्घटनाओं में 18% एवं मृत्यु में 25% की ऐतिहासिक कमी
हिट एंड रन योजना, राह वीर योजना एवं पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में देवास प्रदेश में प्रथम

देवास
​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने संबंधी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन में देवास जिला प्रदेशभर में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह एवं पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयासों से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं। समन्वित कार्यवाही, वैज्ञानिक विश्लेषण, मानवीय दृष्टिकोण एवं त्वरित राहत व्यवस्था के कारण वर्ष 2026 में देवास जिले में वर्ष 2025 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 18 प्रतिशत तथा सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के मामलों में 25 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।

देवास जिले में सड़क सुरक्षा को केवल प्रशासनिक कार्यवाही तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी आधारित अभियान का स्वरूप दिया गया। प्रत्येक सड़क दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एसडीओपी द्वारा मौके पर पहुँचकर दुर्घटना का विस्तृत विश्लेषण किया गया तथा इन रिपोर्टों की प्रति माह आयोजित रोड सेफ्टी समीक्षा बैठकों में गहन समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित स्थलों पर NHAI, PWD एवं MPRDC द्वारा त्वरित इंजीनियरिंग सुधार कराए गए। वहीं ट्रैफिक पुलिस एवं जिला पुलिस द्वारा गाँव-गाँव चौपाल लगाकर हेलमेट एवं सीट बेल्ट के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया तथा हजारों हेलमेट निःशुल्क वितरित किए गए।

राह वीर योजना में भी देवास प्रदेश में प्रथम

सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन ऑवर” के महत्व को ध्यान में रखते हुए देवास जिले में “राह वीर योजना” का भी प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाने वाले नागरिकों को चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेजे गए। जिले से भेजे गए 14 प्रकरणों में से 4 नागरिकों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा “राह वीर” के रूप में सम्मानित करते हुए प्रशंसा पत्र एवं 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। राह वीरों को सम्मानित करवाने में भी देवास जिला प्रदेश में प्रथम रहा।

पीएम राहत योजना से 200 से अधिक घायलों को मिला जीवनदान

प्रधानमंत्री राहत योजना अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को 1 लाख 50 हजार रूपए तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी देवास जिले में प्रभावी रूप से लागू किया गया। मात्र दो माह की अवधि में 200 से अधिक घायलों का निःशुल्क उपचार कराया गया, जिनमें से 150 से अधिक घायल पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।

हिट एंड रन योजना में 68 परिवारों को मिली 61 लाख रुपये की राहत राशि

देवास पुलिस द्वारा “हिट एंड रन योजना” के अंतर्गत भी उल्लेखनीय कार्य किया गया। ऐसे मामलों में, जहाँ दुर्घटना करने वाला वाहन अज्ञात रहता है और पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाती, शासन द्वारा घायल को 50 हजार रूपए एवं मृतक के परिवार को 2 लाख रूपए तक की राहत राशि प्रदान की जाती है। देवास जिले में वर्ष 2022 से 2026 के मध्य हिट एंड रन के कुल 130 प्रकरणों का प्रभावी निराकरण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 68 पीड़ित परिवारों को लगभग 61 लाख रूपए की राहत राशि उनके खातों में दिलाई जा चुकी है।

कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह ने बताया कि रोड सेफ्टी बैठकों को औपचारिकता तक सीमित न रखकर परिणाम आधारित एवं विश्लेषणात्मक बनाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम आज सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिट एंड रन योजना के शेष प्रकरणों में भी शीघ्र राहत राशि प्रदान करवाई जाएगी तथा राह वीर योजना के लंबित प्रस्तावों को भी प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कराया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद ने बताया कि जिले में “360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल” के तहत कार्य किया जा रहा है, जिसमें दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ-साथ शासन की सभी सड़क सुरक्षा योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी केवल आँकड़े नहीं हैं, बल्कि वे अनेक परिवारों की बची हुई खुशियाँ और सुरक्षित जीवन हैं।

 

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन

देव मीणा ने जीता स्वर्ण, कुलदीप कुमार, विनोद सिंह ने रजत पदक
समरदीप सिंह गिल शॉटपुट में रहे स्वर्ण विजेता
पुरुष पोल वॉल्ट में 5.45 मीटर प्रदर्शन के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, एशियन गेम्स एवं एशियन अंडर-23 के लिए हासिल किए क्वालीफाइंग मार्क

भोपाल 

रांची में 22 से 25 मई 2026 तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। अकादमी के प्रतिभाशाली खिलाड़ी देव मीणा ने पुरुष पोल वॉल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक अर्जित किया, जबकि कुलदीप कुमार ने रजत पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों ने 5.45 मीटर का शानदार प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया।

इसके साथ ही अकादमी के खिलाड़ी विनोद सिंह ने पुरुष 5000 मीटर दौड़ स्पर्धा में 14:15.50 सेकेंड का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित किया। वहीं शॉटपुट स्पर्धा में समरदीप सिंह गिल ने 20.46 मीटर के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतकर अकादमी को एक और बड़ी सफलता दिलाई।

कॉमनवेल्थ गेम्स एवं एशियन गेम्स के लिए हासिल किया क्वालीफाइंग मार्क

देव मीणा और कुलदीप कुमार ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए निर्धारित 5.25 मीटर क्वालीफाइंग मार्क को पार करते हुए प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया। साथ ही दोनों खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स के लिए निर्धारित 5.45 मीटर क्वालीफाइंग मानक भी हासिल कर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत दावेदारी प्रस्तुत की है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश एवं देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण है।

इसी क्रम में समरदीप सिंह गिल ने पुरुष शॉटपुट स्पर्धा में 20.46 मीटर का प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए निर्धारित 20.36 मीटर क्वालीफाइंग मानक एवं एशियन गेम्स के लिए निर्धारित 19.41 मीटर क्वालीफाइंग मार्क भी हासिल किया।

एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप के लिए भी किया क्वालिफाई

विनोद सिंह ने पुरुष 5000 मीटर दौड़ में 14:15.50 सेकेंड का प्रदर्शन करते हुए चीन के ओरोडोस में आयोजित होने वाली प्रथम एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 के लिए निर्धारित 14:22.00 सेकेंड के क्वालीफाइंग मार्क को पार कर प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया।

प्रदेश में विकसित हो रही मजबूत खेल संस्कृति

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण एवं अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रही मजबूत खेल संस्कृति और खेल अधोसंरचना का प्रमाण है।

खेल मंत्री सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने देव मीणा, कुलदीप कुमार, विनोद सिंह एवं समरदीप सिंह गिल को इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता एवं उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। दबावपूर्ण मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर पदक अर्जित करना खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। मंत्री सारंग ने कहा कि इस उपलब्धि में अकादमी के प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास एवं तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया गया, जिसका परिणाम इस ऐतिहासिक सफलता के रूप में सामने आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खिलाड़ी आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।

युवा खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणास्रोत

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों की यह सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उनका प्रदर्शन यह दर्शाता है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

 

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