भानपुरी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बस्तर जिले के भानपुरी में शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्र के सांसद  महेश कश्यप भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में दोनों अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। बच्चों को स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई।

शिक्षा से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्य

वनमंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि शिक्षा एक मजबूत और विकसित समाज की सबसे बड़ी आधारशिला है। राज्य सरकार का उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर सकें।

सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीक का लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

बनियागांव में नए स्कूल भवन का लोकार्पण

शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर ग्राम बनियागांव में 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार रुपये की लागत से निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया गया। नए भवन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधायुक्त वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।

स्मार्ट टीवी और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम में विद्यालयों को डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट टीवी प्रदान किए गए। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।

बच्चों के साथ किया सहभोज

कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री  केदार कश्यप और सांसद  महेश कश्यप ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शाला प्रवेश उत्सव ने क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह का नया संदेश दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देश

रायपुर

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को बस्तर अंचल के महारानी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल की गौरवशाली पहचान के अनुरूप मानवीय संवेदनाओं के साथ मरीजों को बेहतर उपचार एवं सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल को आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल की वर्तमान 200 बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर 300 शैयायुक्त करने के निर्देश देते हुए नए सेटअप तथा अस्पताल भवन उन्नयन का प्रस्ताव विभाग को भेजने कहा।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डायलिसिस सेंटर एवं कैंसर यूनिट के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की अंदरूनी सड़कों की मरम्मत भी शीघ्र करवाने कहा। उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, ईसीजी यूनिट तथा ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और उपचार के लिए आए मरीजों तथा उनके परिजनों से आत्मीयता से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने अटल आरोग्य लैब का भी निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक उपकरणों की शीघ्र स्थापना कर सभी 134 प्रकार की जांच सुविधाएं जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर महारानी अस्पताल में केक काटकर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से समर्पण और सेवा भाव के साथ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया।

रायपुर : मुख्यमंत्री के संकल्प से कुनकुरी में आकार ले रहा आधुनिक नालंदा परिसर

रायपुर : मुख्यमंत्री के संकल्प से कुनकुरी में आकार ले रहा आधुनिक नालंदा परिसर

250 सीटर अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र से युवाओं को मिलेगी महानगरों जैसी सुविधा

24 घंटे खुली रहने वाली लाइब्रेरी में डिजिटल संसाधन, ऑक्सी रीडिंग जोन और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष व्यवस्था

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से 250 सीटर सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह परिसर क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री साय ने 21 जून 2025 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। जशपुर जिले में जिला मुख्यालय जशपुर और कुनकुरी के सलियाटोली में ऐसे आधुनिक परिसर बनाए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को विशाल पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और तकनीकी सुविधाओं से युक्त अध्ययन वातावरण मिलेगा। यह परिसर विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुला रहेगा।

’आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर’

    नालंदा परिसर में इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। विद्यार्थी प्राकृतिक वातावरण के बीच विकसित ऑक्सी रीडिंग जोन में भी अध्ययन कर सकेंगे। परिसर को पर्यावरण अनुकूल अवधारणा के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन तथा 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा।

’ज्ञान के साथ स्वास्थ्य और नवाचार पर भी रहेगा फोकस’

    परिसर में विद्यार्थियों की समग्र आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप इसे स्वायत्त एवं स्ववित्तपोषित संचालन मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।

’डिजिटल लाइब्रेरी और अत्याधुनिक प्रबंधन प्रणाली’

    नालंदा परिसर की लाइब्रेरी में 50 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इसके साथ डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-स्पीड वाई-फाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष पुस्तकें तथा ई-लर्निंग संसाधनों की सुविधा भी रहेगी। परिसर में आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान, आरएफआईडी से पुस्तकों की ट्रैकिंग तथा आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी।
    यह नालंदा परिसर जशपुर जिले के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही महानगरों के समान आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की बेहतर तैयारी का सशक्त केंद्र बनेगा।

जनदर्शन में मंत्रीराजेश अग्रवाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड लखनपुर की ग्राम पंचायत परसोंडी पहुंचकर ग्रामीणजनों से आत्मीय भेंट-मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने पेयजल, सड़क, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विषय मंत्रीअग्रवाल के समक्ष रखे। मंत्रीअग्रवाल ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है, जहां आम नागरिक अपनी बात सीधे रख सकता है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलती है।

उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

मंत्रीअग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए।

जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्रीराजेश अग्रवाल के सहज, सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हुए अपनी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करने पर आभार व्यक्त किया। जनदर्शन के इस कार्यक्रम ने शासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।

रायपुर में प्रशासनिक फेरबदल, मुकेश कोठारी बने तिल्दा-नेवरा के नए SDM

रायपुर.

राज्य शासन ने प्रशासनिक कार्य संचालन को ध्यान में रखते हुए रायपुर जिले में अधिकारियों के पदस्थापना आदेश में संशोधन किया है। जारी आदेश के अनुसार, संयुक्त कलेक्टर मुकेश कुमार कोठारी को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तिल्दा-नेवरा के पद पर पदस्थ किया गया है।

वहीं वर्तमान में तिल्दा-नेवरा में एसडीएम के रूप में कार्यरत आशुतोष कुमार देवांगन को प्रोटोकॉल अधिकारी, रायपुर के पद पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 16 अगस्त 2024 को जारी आदेश के तहत आशुतोष कुमार देवांगन को डिप्टी कलेक्टर रायपुर से तिल्दा-नेवरा का एसडीएम बनाया गया था। अब प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से शासन ने उक्त आदेश में संशोधन करते हुए नई पदस्थापना की है। इसका आदेश कलेक्टर कार्यालय के वित्त शाखा ने जारी किया है।

ज्ञात हो कि रायपुर जिले में तहसीलदारों में भी फेरबदल किया गया है। इसका आदेश कलेक्टर ने जारी किया है। तबादला आदेश के मुताबिक आरंग, धरसीवां, मंदिर हसौद, खरोरा, गोबरा नवापरा के तहसीलदारों को इधर से उधर किया गया है।

एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास एवं विस्तार, मोबाइल नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, सेवा सेतु, ई-प्रगति पारस (प्रोजेक्ट असेसमेंट रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स तथा विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित सुशासन को नई गति देने के विभिन्न आयामों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य इस क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रभावी माध्यम है। एआई के प्रभावी उपयोग से शासन-प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी, त्वरित एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों को एआई के लिए तैयार करना, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आय में वृद्धि करना तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य में मजबूत एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई के उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में प्रस्तुत विजन दस्तावेज में बताया गया कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक अपनी भाषा में एआई सीख सके, सरकार तकनीक आधारित भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करे और उद्योगों तथा व्यवसायों को नई गति मिले। इस मिशन के अंतर्गत पांच प्रमुख स्तंभों – एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता एवं आउटरीच, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई के उपयोग – पर कार्य किया जाएगा। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों तथा सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, एआई एवं रोबोटिक्स क्लब तथा हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। महाविद्यालयों में एआई सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, छात्र परियोजनाओं के लिए अनुदान, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एआई डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई आधारित स्टार्टअप, डेटा सेट तथा अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग तथा उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से अत्याधुनिक एआई आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

बैठक में सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई उपयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर एआई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें डेटा सुरक्षा, नागरिकों की निजता का संरक्षण, नियमित तकनीकी ऑडिट तथा केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शासन में एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी, प्रत्येक विभाग का अलग रोडमैप तैयार होगा, एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी एआई पायलट परियोजनाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बन सकें।

बैठक में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में डीबीएन वित्तपोषित लगभग एक हजार मोबाइल टॉवर स्थापित कर राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसके अतिरिक्त 577 नए मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 406 टावरों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष 171 प्रकरणों का निराकरण आगामी एक माह के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भारतनेट फेज-3 की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आईपी-एमपीएलएस आधारित एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा गांवों तक एफटीटीएच सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हो सकें और डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 36 विभागों की 520 सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिनमें 111 होस्टेड तथा 409 रीडायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में संचालित 16 हजार 726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु के माध्यम से 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए 94.3 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु में क्यूआर आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, डिजिलॉकर एकीकरण, ट्रेजरी एवं ई-चालान प्रणाली तथा डीबीटी आधारित भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे सेवाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सुरक्षा संचालन केंद्र, जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा डिजिटल निगरानी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

 अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से प्रदेश में आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र को नई गति मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बैठक में मुख्य सचिवविकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिवसुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिवराहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिवअंकित आनंद, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिवप्रभात मलिक , सुशासन तथा अभिसरण विभाग के संयुक्त एवं  चिप्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसरमयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

रायपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 9 तहसीलदारों के तबादले का आदेश जारी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में तहसीलदारों का फेरबदल किया गया है। इसका आदेश कलेक्टर ने जारी किया है। तबादला आदेश के मुताबिक आरंग, धरसीवां, मंदिर हसौद, खरोरा, गोबरा नवापरा के तहसीलदारों को इधर से उधर किया गया है।

इन अधिकारियों की नई पदस्थापना भी कर दी गई है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह तीन वर्ष की स्थानापन्न अवधि के लिए की गई है। अब ये अधिकारी छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के नियमों के तहत अपनी सेवाएं देंगे। संबंधित अधिकारियों को जल्द नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन साल की स्थानापन्न अवधि के लिए पदोन्नति
जारी आदेश में बताया गया है कि इनकी तीन वर्ष की स्थानापन्न अवधि है। अधिकारी अब छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के नियमों के तहत अपनी सेवाएं देंगे।

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार रहेगा अनिवार्य, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र बोले- आदेश वापस नहीं होगा

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार के आदेश को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है. आदिवासी संगठन, ईसाई संस्थाओं के साथ कांग्रेस ने राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. इस घटनाक्रम के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंन्द्र यादव का बड़ा बयान सामने आया है.

उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने के उद्देश्य से मंत्रोच्चार कराने का फैसला लिया गया, लेकिन दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाई है. शिक्षा गजेन्द्र यादव का कहना है कि फिलहाल सरकारी स्कूलों में निर्बाध रूप से मंत्रोच्चार चलेगा. मामले में कोर्ट जो फैसला सुनाएगी, उसके अनुसार आगे होगा. सरकार अपने आदेश पर कायम है और अदालत का जो भी फैसला आएगा, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी.

रिटायर्ड शिक्षकों को बड़ी राहत
छत्तीसगढ़ में शिक्षा सत्र 2026-27 के दौरान रिटायर होने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई है. वह पूरे शैक्षणिक सत्र तक पढ़ा सकेंगे. इस फैसले को लेकर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि शैक्षणिक सत्र के बीच अगर कोई शिक्षक रिटायर होता है तो वह सत्र के आखिर तक स्कूलों में पढ़ा सकेगा. हालांकि अगर कोई ऐसा नहीं करना चाहता है, तो यह अलग विषय है, लेकिन ज्यादातर लोगों की इस पर सहमती रहती है.

सीमावर्ती गांवों को बड़ी सौगात, अब छत्तीसगढ़ से मिलेगी बिजली सप्लाई

बीजापुर-सुकमा.

सीमावर्ती गांवों में बिजली व्यवस्था अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। घने जंगल और सुरक्षा चुनौतियों के कारण वर्षों से तेलंगाना से बिजली ली जा रही थी। अब छत्तीसगढ़ की ओर से बिजली पहुंचाने का काम तेज कर दिया गया है।

पामेड़ समेत कई गांव अभी तेलंगाना के ग्रिड से जुड़े हुए हैं। विद्युत विभाग ने लाइन विस्तार का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द सभी गांव राज्य के अपने नेटवर्क से जुड़ेंगे। इलाके में लाइनमैन और हेल्पर की स्थायी तैनाती भी की गई है। फाल्ट आने पर तत्काल सुधार की व्यवस्था बनाई गई है।

नक्सल प्रभाव कम होने से विकास कार्यों को गति मिलने लगी है। राज्य में पर्याप्त बिजली उत्पादन होने के बावजूद खरीद की मजबूरी रही है। नई लाइन बनने के बाद यह निर्भरता समाप्त होने की उम्मीद है। बिजली पहुंचने से सीमावर्ती गांवों के विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश

रायपुर
 राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों में महापौर निधि, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि तथा तीनों तरह के निकायों में पार्षद निधि के रूप में 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपए जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इन निधियों का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस राशि से निकायों में मूलभूत विकास के कार्य किए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगमों में महापौर निधि तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि की 50-50 प्रतिशत राशि की प्रथम किस्त के रूप में कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपए जारी किए गए हैं। तीनों तरह की नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में कुल 73 करोड़ 38 लाख रुपए भी जारी किए गए हैं। 

विभाग द्वारा 14 नगर निगमों में महापौर निधि के 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए, 57 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष निधि के 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए तथा 121 नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि के 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं। वहीं पार्षद निधि के प्रथम किस्त (50 प्रतिशत) के रूप में नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपए, नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए एवं नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

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