जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्य, सुशासन तिहार जनविश्वास का माध्यम : मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय

रायपुर 

 सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लेमरू में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय शामिल हुए।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से सरकार बनी है और उनकी सेवा करना ही सरकार का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता तक सीधी पहुंच और संवेदनशील कार्यशैली का प्रतीक है।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिवार का मुखिया परिवार के सुख-दुख और जरूरतों का ध्यान रखता है, उसी भावना से सरकार भी गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है और लोगों की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर आम जनता से संवाद कर रहे हैं।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं, किसानों, श्रमिकों, वनवासियों और गरीब परिवारों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें बड़ी संख्या में आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है तथा किसानों से रिकॉर्ड मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है।

उद्योग मंत्रीलखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने “मोदी की गारंटी” के अधिकांश वादों को कम समय में पूरा किया है। गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों को राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं।

वित्त मंत्रीओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय लगातार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ सरगुजा से बस्तर तक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का मुख्यमंत्री को सुनने और उनसे मिलने पहुंचना जनता के विश्वास और आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक है।

शिविर के दौरान मुख्यमंत्रीसाय ने लेमरू क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सिंचाई के लिए एनीकट निर्माण, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्थापना, विभिन्न ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, सीसी रोड और पुलिया निर्माण की घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कोरबा जिले के 18 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

शिविर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों को राशन कार्ड, कृषि उपकरण, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, मछली पालन सामग्री, पंप, पावर स्प्रेयर, सुपोषण टोकरी तथा स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली।

इस अवसर पर प्रमुख सचिवसुबोध सिंह, विशेष सचिवरजत बंसल सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

माओवादी संगठन को बड़ा झटका, 20 लाख के इनामी नरहरि और पत्नी ने किया सरेंडर

जगदलपुर.

माओवादी संगठन को फिर एक बार बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय समिति के सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी पसुनूरी नरहरि ने आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि नरहरि, जिसे संतोष के नाम से भी जाना जाता है, तेलंगाना के हनमकोंडा का रहने वाला है।

वह लंबे समय से झारखंड में माओवादियों की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। नरहरि की पकड़ संगठन में काफी मजबूत मानी जाती थी। वह बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी और पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुका है। आत्मसमर्पण की बड़ी वजह उसका लगातार खराब होता स्वास्थ्य बताया जा रहा है। इसी के चलते उसने तेलंगाना पुलिस के सामने सरेंडर करने का फैसला लिया। खास बात यह है कि नरहरि ने अकेले नहीं बल्कि अपनी पत्नी जोबा उर्फ पूनम के साथ आत्मसमर्पण किया है, जो खुद क्षेत्रीय समिति की सदस्य बताई जा रही है। पुलिस के लिए इसे बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि नरहरि लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था।

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 15 इनामी नक्सलियों ने डाले हथियार
वहीं बुधवार को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 15 इनामी नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। अधिकारियों के मुताबिक, गढ़चिरौली जिले में 11 और कांकेर में चार नक्सलियों ने पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक के समक्ष सरेंडर कर दिया। इन सभी पर 82 लाख और 23 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में नक्सली खोखली माओवादी विचारधारा से निराश होकर मुख्यधारा में लौटने को तैयार हो रहे हैं।

गढ़चिरौली जिले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला के समक्ष जब 11 नक्सलियों ने हथियार डाले, तब उनमें से चार वर्दी में थे। इसमें मंडल समिति के सदस्य 57 वर्षीय रमेश लेकामी, 35 वर्षीय भीमा कोवासी, पार्टी मंच समिति के सदस्य 41 वर्षीय पोरिये गोटा, 32 वर्षीय रतन ओयम, 30 वर्षीय कमल वेलाडी (30) हैं। ये सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। इसके अलावा क्षेत्र समिति के सदस्यों में 36 वर्षीय पोरिये वेलाडी, 35 वर्षीय रामजी पुंगती, 19 वर्षीय सोनू काटो, 22 वर्षीय प्रकाश पुंगती, 21 वर्षीय सीता पालो और 23 वर्षीय साईनाथ माडे शामिल हैं, जो कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे।
इसके अलावा कांकेर जिले में कुल 23 लाख रुपए के इनामी चार नक्सलियों ने सरेंडर किया।

इनकी पहचान काजल उर्फ रजीता वेड़दा, मंजूला उर्फ लक्ष्मी पोटाई, विलास उर्फ चैतु उसेंडी और रामसाय उर्फ लखन मर्रापी के रूप में हुई है।अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई। अब तक सरेंडर छत्तीसगढ़ में पिछले दो साल में राज्य में 2380 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 2022 से अब तक 146 कट्टर नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं।

संविदाकर्मी को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा व अस्थायी कर्मचारियों का अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी जगह अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ऊर्जा सचिव सहित अन्य अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई संविदा भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया था, जिसे लेकर सेवाकर्ता इकाइयों द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई।

याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति सेवाकर्ता इकाई के पद पर वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए हुई थी, जिनका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ।

अनुबंध समाप्त होने के बाद क्रेडा ने याचिकाकर्ताओ की सेवावृद्धि न करते हुए उनके स्थान पर नया विज्ञापन जारी कर दिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने पैरवी करते हुए कहा कि किसी भी संविदा अथवा अस्थायी कर्मचारियों को उनकी जगह अन्य अस्थायी कर्मचारी रखने की शर्त पर कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता है।

ऐसे कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी नियुक्त किए जाने की स्थिति में ही हटाया जा सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत मनीष गुप्ता विरुद्ध अध्यक्ष जन भागीदारी समिति तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायदृष्टांत मंजू गुप्ता विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन तथा अंकिता नामदेव विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन का हवाला दिया।

सीनियर एडवोकेट ने बताया कि पूर्व में भी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा टेक्नीशियन संविदा के पद विज्ञापन जारी किया गया था, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जारी किए गए विज्ञापन पर रोक लगा दी थी।

याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई के पद पर जारी विज्ञापन पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने ऊर्जा विभाग के सचिव, अधीक्षण अभियंता (क्रेडा), कार्यपालन अभियंता जोनल कार्यालय तथा सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

52 कर्मियों ने दायर की है याचिका
क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन को चुनौती देते हुए रायपुर जिले के कमलेश कुमार साहू व अन्य नौ, राजनांदगांव जिले के योगेश कुमार साहू व अन्य छह, बेमेतरा जिले से लीलाधर साहू व अन्य छह, खैरागढ़ -गंडई-छईखदान जिले से नरेंद्र कुमार साहू वह अन्य पांच, जयपुर जिले से गणेश कुमार साहू व अन्य 26 ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल

रायपुर 

सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय के कोरबा जिले के लेमरू प्रवास के दौरान आत्मीयता, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्रीसाय ने यहां ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी लखपति दीदी श्रीमती मंजू द्वारा संचालित छोटे से स्टॉल पर पहुंचकर उनके हाथों से बने चटपटे गुपचुप का स्वाद लिया और आत्मीय संवाद किया।

बातचीत के दौरान श्रीमती मंजू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने छोटे स्तर से अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। गुपचुप स्टॉल से होने वाली बचत और लगातार मेहनत के बल पर आज वे भवन निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली ‘सेंटरिंग प्लेट’ के व्यवसाय से भी जुड़ गई हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसले, परिश्रम और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है।

मुख्यमंत्रीसाय ने मंजू बहन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना आज महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक मजबूती का मजबूत आधार बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्रीसाय ने श्रीमती मंजू को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेहनत को अवसर और हौसले को सहारा मिलता है, तब बदलाव केवल एक व्यक्ति के जीवन तक सीमित नहीं र

राजनांदगांव के स्कूलों के लघु मरम्मत पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के प्रयास से स्वीकृत हुए 23 कार्य

राजनांदगांव 

राजनांदगांव के विद्यालयों में कुल 23 लघु मरम्मत और जीर्णोद्धार विकास के कार्यों को राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह के प्रयास से स्वीकृति मिल गई है। जिसमें अतिरिक्त कक्ष निर्माण के कुल 10 कार्य (₹5 लाख प्रति कार्य), सुलभ शौचालय निर्माण के कुल 8 कार्य (₹5 लाख प्रति कार्य), किचन शेड निर्माण के कुल 3 कार्य (₹5 लाख प्रति कार्य) और साइकिल स्टैंड निर्माण के कुल 2 कार्य (₹5 लाख प्रति कार्य) शामिल थे। 1 करोड़ 15 लाख की लागत से पूर्ण होने वाले इन विकास कार्यों में पनेका, बम्हनी, धनगांव, सोमनी, सुरगी, कुम्हालोरी, बैगाटोला, भोथीपार खुर्द, बिरेझर, भर्रेगांव, मोखला, धर्मापुर, बुचीभरदा, लिटिया, बरगाही, खुटेरी और डिलापहरी के स्कूल शामिल हैं।

स्कूलों के मरम्मत कार्य पूर्ण होने से शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक वातावरण निर्मित होगा। : राजनांदगांव विधायक, डॉ रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह ने डीएमएफ मद से इन कार्यों की स्वीकृति मिलने पर कहा कि विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में लघु मरम्मत/ जीर्णोद्धार विकास कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों की सुविधा में वृद्धि होगी और इन विद्यालयों में अध्यनरत विद्यार्थी बेहतर परिवेश में शिक्षा अर्जित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय जी की सरकार में चहूँमुखी विकास हो रहा है और सभी वर्ग मुख्यधारा से जुड़कर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। इन विकास कार्यों की स्वीकृति पर राजनांदगांववासियों ने मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय और विधायक, राजनांदगांव डॉ रमन सिंह का आभार प्रकट किया है।

छत्तीसगढ़ को मिला नया पूर्णकालिक DGP, अरुण देव गौतम की नियुक्ति के आदेश जारी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को राज्य का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। गृह (पुलिस) विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम अब तक प्रभारी डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए गठित पैनल की अनुशंसा के बाद राज्य शासन ने उन्हें नियमित रूप से डीजीपी पद पर पदस्थ किया है। अरुण देव गौतम को प्रशासनिक और पुलिसिंग अनुभव के लिहाज से प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों में गिना जाता है।

अरुण देव गौतम का परिचय
किसान परिवार से ताल्लुकात रखने वाले अरुण देव उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को हुआ। वे पांच भाई और एक बहन हैं। उन्होंने आठवीं तक की स्कूली शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की, फिर आगे की पढ़ाई के लिए अपने बड़े भाई के पास प्रयागराज आ गए। राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से दसवीं और बारहवीं पूरी करने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्टस लेकर बीए और फिर राजनीति शास्त्र में एमए किया।

जेएनयू से किया एमफिल
इलाहाबाद में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के दौरान उनके कई दोस्तों ने यूपीएससी क्लियर कर लिया। इसको देखते गौतम ने ठान लिया कि वे भी देश की सबसे बड़ी इस प्रतियोगी परीक्षा पास करेंगे। मन में संकल्प लेकर वे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली दाखिला ले लिया। वहां से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की। इसके बाद पीएचडी करना प्रारंभ किया। यूपीएससी परीक्षा में पहली बार असफल रहने के बाद अरुण देव गौतम ने ध्येय की प्राप्ति के लिए पढ़ाई में सब कुछ झोंक दिया। और दूसरी बार मे आईपीएस सलेक्ट हो गए।

सात जिलों के रहे एसपी
अरुण देव गौतम यूपीएससी निकालकर 1992 बैच के आईपीएस बने। 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की। उन्हें पहले मध्यप्रदेश कैडर एलॉट हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई। फिर वे बिलासपुर के सीएसपी बने। बिलासपुर के बाद एसडीओपी कवर्धा और फिर एडिशनल एसपी भोपाल बने। मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रहे। एसपी के रूप में पहला जिला उनका राजगढ़ रहा।

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता

पीपल के पेड़ तले खाट पर बैठकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद: समस्याएं सुनीं और मौके पर दिए समाधान के निर्देश

ग्राम कोसला में “महतारी सदन” एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा

रायपुर 
सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री साय के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री साय का बेहद सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे बिना किसी औपचारिकता के गांव के पीपल पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया और चौपाल आत्मीय संवाद तथा संवेदनशील शासन की मिसाल बन गई।

मुख्यमंत्री साय ने चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे चर्चा करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।

ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पूछा, “पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं?” ग्रामीणों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने गांव के पटवारी शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

चौपाल के दौरान ग्राम कोसला की श्रीमती सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है।

इसी दौरान ग्राम की “लखपति दीदी” श्रीमती नीमा तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में ग्राम कोसला में 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ग्राम कोसला में “महतारी सदन” निर्माण की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

गायत्री परियोजना प्रभावितों के लिए बड़ी सौगात : जोबगा में 95 रोजगार का रास्ता साफ

घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति ने दी सहमति

जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक संपन्न

सूरजपुर,

जिले के तहसील सूरजपुर अंतर्गत केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना, विश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र के लिए जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों के पुनर्वास और रोजगार संबंधी विषयों पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी भूमि से संबंधित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। प्रभावित परिवारों को नीति के तहत निर्धारित रोजगार के दो विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करने के लिए बैठक आयोजित की गई। जिसमें घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर सहमति व्यक्त की गई । बैठक में लिए गए इस निर्णयों के आधार पर ही अब प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि गायत्री भूमिगत परियोजना के अंतर्गत कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी प्रभावित हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम जोबगा में कुल 77.69 हेक्टेयर (191.976 एकड़) भूमि अधिग्रहित की गई है। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 168 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण तिथि के समय इनकी संख्या 161 खातेदार रही।

निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपए मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसमें अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए 95 रोजगार का प्रावधान किया गया है। समिति ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिलाने और पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

सीएम हेल्पलाइन 1076 से आम जनता की शिकायतों का होगा समयबद्ध निराकरण

 

रायपुर,

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक सरल पहुंच और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली छत्तीसगढ़ प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित इस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है।

इसी क्रम में जशपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर   प्रदीप कुमार साहू, सीएम हेल्पलाइन के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी हरिओम द्विवेदी, सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण दल के प्रमुख  नुराग दीवान ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन एक केंद्रीकृत और तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक फोन, व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और लिखित आवेदन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर प्रदान किया जाएगा, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।

उन्होंने बताया कि शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय तंत्र विकसित किया गया है। इसमें एल-1 पर ब्लॉक स्तर, एल-2 पर जिला स्तर, एल-3 पर संभागीय अथवा निदेशालय स्तर तथा एल-4 पर सचिव या विभागाध्यक्ष स्तर पर शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा में समाधान नहीं होने की स्थिति में शिकायत स्वतः अगले स्तर पर प्रेषित हो जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें यूनिक टोकन नंबर के माध्यम से शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध समाधान हेतु SLA आधारित व्यवस्था, समाधान के बाद नागरिकों से संतुष्टि फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा MIS डैशबोर्ड के माध्यम से सतत निगरानी शामिल हैं।

सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर वर्ष के 365 दिन, सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप या लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

यह प्रणाली राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन को मजबूत करने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तत्परता से मटासी गांव में लौटी रोशनी

रायपुर,

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और त्वरित पहल से जशपुर जिले के ग्राम मटासी में बिजली आपूर्ति पुनः सुचारु हो गई। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण गांव की बस्ती लगभग 21 घंटे तक अंधेरे में डूबी रही, जिससे पेयजल व्यवस्था भी बाधित हो गई थी और ग्रामीणों को भीषण गर्मी के बीच भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

जैसे ही इस समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंची, उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विद्युत विभाग की टीम ने तत्परता से नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।

बिजली व्यवस्था पुनः शुरू होते ही गांव में रोशनी लौट आई और पेयजल आपूर्ति भी सामान्य हो गई। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली और लंबे समय से परेशानी झेल रहे लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी दिखाई दी।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर हुए समाधान से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर और प्रतिबद्ध है।

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन-प्रशासन जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

 

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