प्रधानमंत्री ने बजाज समूह की 100 वर्ष की यात्रा को सराहा

प्रधानमंत्री ने बजाज समूह की 100 वर्ष की यात्रा को सराहा

मुंबई
 देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों में शामिल बजाज समूह ने सोमवार को अपने 100 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह को बधाई देते हुए राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि बजाज समूह ने दशकों से रोजगार सृजन, नवाचार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समूह की यह 100 वर्षों की यात्रा केवल लंबे समय तक टिके रहने की कहानी नहीं है, बल्कि समय के साथ खुद को ढालने और निरंतर आगे बढ़ने की क्षमता का भी प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजाज समूह ने देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने समूह के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

 प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बधाई संदेश में कहा, ”दशकों से बजाज समूह ने रोजगार पैदा करने, नवाचार को बढ़ावा देने और सामुदायिक विकास का समर्थन करके राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि 100 साल किसी भी संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण यात्रा है, जो न केवल लंबी अवधि तक टिके रहने, बल्कि समय के साथ खुद को ढालने की क्षमता को भी दर्शाती है।

इस अवसर पर मध्य मुंबई में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजनीति और व्यापार जगत की कई हस्तियों ने शिरकत की।

जमनालाल बजाज ने 1926 में मुंबई में इस समूह की स्थापना की थी और आज इसका बाजार पूंजीकरण 148 अरब डॉलर है और इसमें 1.3 लाख लोग काम करते हैं। संस्थापक जमनालाल बजाज स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय रूप से शामिल थे और उन्हें महात्मा गांधी का बेहद करीबी माना जाता था।

घरेलू विनिर्माण पर जोर देते हुए बजाज ऑटो के चेयरमैन नीरज बजाज ने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा हाल ही में शुरू नहीं हुई है, बल्कि जमनालाल जैसे अग्रदूतों के कारण एक सदी पहले ही शुरू हो गई थी।

दिवंगत राहुल बजाज के पुत्र राजीव बजाज ने कहा, ”हम जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमें हमेशा एक समानता होनी चाहिए। शायद इसीलिए बजाज की यात्रा केवल विकास की कहानी नहीं बनी, बल्कि यह विश्वास की कहानी बन गई।”

इस अवसर पर बजाज परिवार ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उतरने की अपनी योजना भी सार्वजनिक की। इसकी कमान नीरज बजाज के पुत्र नीरव बजाज संभालेंगे, जो व्यवसाय चलाने वाली परिवार की पांचवीं पीढ़ी का हिस्सा हैं।

बजाज इंटीग्रेटेड हेल्थ सिस्टम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीरव बजाज ने कहा, ”हमारा मानना है कि समाज को लाभ से ही लाभ होना चाहिए, ताकि विकास गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचे।”

CNG हुई महंगी: आम आदमी को बड़ा झटका, मुंबई में बढ़े नए रेट जारी

 मुंबई 

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सीएनजी (CNG) के दामों में अचानक बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे रोजाना गैस पर निर्भर लाखों वाहन चालकों की जेब पर असर पड़ना तय है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी की कीमत में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई समेत पूरे एमएमआर क्षेत्र में तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

महानगर गैस लिमिटेड द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद अब मुंबई में सीएनजी का नया रेट 84 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इससे पहले सीएनजी की कीमत 82 रुपये प्रति किलो थी। अचानक हुई इस वृद्धि ने उन हजारों लोगों को झटका दिया है जो पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में सीएनजी को अपना चुके हैं।

पूरे MMR क्षेत्र में लागू हुई नई दरें
यह नई कीमतें केवल मुंबई शहर तक ही सीमित नहीं हैं। एमजीएल (MGL) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बढ़े हुए दाम मुंबई के साथ-साथ ठाणे, नवी मुंबई, मीरा-भायंदर और कल्याण-डोंबिवली समेत पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में प्रभावी होंगे। इसका मतलब है कि पूरे रीजन के लाखों वाहन मालिकों पर इसका सीधा वित्तीय बोझ पड़ेगा।

कितने लोगों पर असर?
इस बढ़ोतरी का सीधा असर मुंबई के लाखों यात्रियों पर पड़ेगा. शहर में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी, बसें और निजी वाहन सीएनजी पर चलते हैं. आंकड़ों के मुताबिक मुंबई क्षेत्र में करीब 12 लाख से ज्यादा वाहन सीएनजी का इस्तेमाल करते हैं. इनमें लगभग 4.7 लाख ऑटो रिक्शा, 1.6 लाख टैक्सियां और 5 लाख से ज्यादा निजी कारें शामिल हैं। 

ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने कहा है कि सीएनजी महंगी होने से उनकी परिचालन लागत बढ़ जाएगी. ऑटो चालकों का कहना है कि अब प्रति किलोमीटर खर्च और बढ़ जाएगा. इसी वजह से किराए में बढ़ोतरी की मांग भी तेज हो गई है. ऑटो यूनियन ने संकेत दिया है कि वे कम से कम 1 रुपये किराया बढ़ाने की मांग करेंगे. वहीं टैक्सी यूनियन 2 रुपये तक किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। 

सीएनजी की कीमत बढ़ने का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ सकता है. BEST, NMMT, MSRTC और दूसरी परिवहन सेवाओं की हजारों बसें सीएनजी पर चलती हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में बस संचालन की लागत भी बढ़ सकती है। 

हालांकि राहत की बात यह है कि पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इससे मुंबई और आसपास के करीब 31 लाख घरों को राहत मिलेगी, जहां खाना बनाने के लिए पाइप गैस का इस्तेमाल होता है। 

MGL का कहना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद सीएनजी अभी भी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता विकल्प है. कंपनी के अनुसार मौजूदा दरों पर भी सीएनजी, पेट्रोल की तुलना में करीब 44 फीसदी और डीजल के मुकाबले लगभग 7 फीसदी तक सस्ती पड़ती है। 

आगे और बढ़ोतरी का खतरा
तेल उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल कच्चे तेल के संकट के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी जल्द बढ़ सकती हैं. मुंबई में ट्रांसपोर्ट का बड़ा हिस्सा CNG पर निर्भर है. आम आदमी, ऑटो-टैक्सी वाले और बस ऑपरेटर सभी पर इसका सीधा असर पड़ेगा. हालांकि MGL ने आश्वासन दिया है कि CNG अभी भी पर्यावरण के हिसाब से सबसे अच्छा और बजट में सस्ता विकल्प बना रहेगा। 

ऑटो और टैक्सी का सफर होगा महंगा?
सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ता है। मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली काली-पीली टैक्सी और ऑटो रिक्शा पूरी तरह से सीएनजी पर आधारित हैं। ऐसे में चालक यूनियनों की ओर से अब किराए में बढ़ोतरी की मांग उठना लाजमी है। अगर आने वाले दिनों में टैक्सी और ऑटो का किराया बढ़ता है, तो इसका सीधा असर मुंबई के आम मुसाफिरों की जेब पर पड़ेगा।

क्यों बढ़ी कीमतें?
महानगर गैस लिमिटेड ने इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य कारण बताया है। हालांकि, उपभोक्ता इस फैसले से नाखुश हैं क्योंकि पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं।

 

बढ़ती तेल कीमतों के बीच Air India का बड़ा फैसला, PM मोदी की अपील का दिखा असर

 नई दिल्‍ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से विदेश यात्राएं कम करने की अपील और बढ़ते कच्‍चे तेल के दाम के बीच एअर इंडिया (Air India) ने एक बड़ा फैसला लिया है. एअर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर अपने इंटरनेशनल ऑपरेशन में कटौती का ऐलान किया है।  

एअर इंडिया ने कई रूटों पर फ्लाइट्स की संख्‍या को एडजस्‍ट किया है. एयलाइंस ने अगस्त 2026 तक, हर महीने 1,200 से ज्‍यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन जारी रखने का फैसला लिया है। 

एअर इंडिया ने कहा है कि हर महीने 1200 इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन करेगा, जिससे एक मजबूत इंटरनेशनल नेटवर्क बना रहेगा, जो पांच महाद्वीपों से होकर जाएगा। 

कहां के लिए चलेंगी कितनी फ्लाइट्स? 
उत्तरी अमेरिका के लिए हर हफ्ते 33 फ्लाइट्स, यूरोप के लिए हर हफ़्ते 47 फ्लाइट्स, UK के लिए हर हफ़्ते 57 फ्लाइट्स, ऑस्ट्रेलिया के लिए हर हफ़्ते 08 फ्लाइट्स, सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और SAARC क्षेत्रों के लिए हर हफ़्ते 158 फ्लाइट्स, और मॉरीशस (अफ्रीका) के लिए हर हफ़्ते 07 फ्लाइट्स चलाई जाएंगी। 

पीएम मोदी ने की थी अपील 
एअर इंडिया का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वह 1 साल तक सोना नहीं खरीदें. साथ ही विदेशी यात्राओं को भी कम करें, ताकि संकट के समय में भारतीय रुपये की गिरावट और भारतीय अर्थ्‍व्‍यवस्‍था पर दबाव को कम किया जा सके. अभी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया 95 लेबल के पार पहुंच चुका है और 96 मार्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 

तेल की कीमतों में तेजी से एयलाइंस की बढ़ी परेशानी 
एयरलाइंस का यह फैसला, उसे कुछ राहत दे सकता है, क्‍योंकि ईरान-अमेरिका जंग और होर्मुज के बंद होने के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और 107 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं. ऐसे में एयलाइंस को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके मुनाफे में भारी नुकसान हुआ है। 

एयलाइंस ने लगाई थी मदद की गुहार 
हाल ही में तेल की कीमतों में तेजी के कारण एअर इंडिया से लेकर इंडिगो और स्पाइसजेट समेत तमाम एयरलाइन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताई थी. साथ ही चेतावनी देते हुए कहा था कि विमान ईंधन (एयर टर्बाइन फ्यूल-ATF) की कीमतों में तेज इजाफा होने से एविएशन सेक्टर बेहद तनाव का सामना कर रहा है। 

इस लेटर में एविएशन मिनिस्ट्री से कहा था कि मौजूदा लागत बढ़ने के कारण कई एयर रूट्स को आर्थिक समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है. अगर ATF Price इसी तरह हाई पर बने रहते हैं, तो एयरलाइंस को अपने परिचालन का फिर से वैल्‍यूवेशन करना पड़ सकता है और कई विदेशी उड़ानों को रद्द करना पड़ सकता है और अब एअर इंडिया ने कई रूट में कटौती करने का फैसला लिया है। 

Gold-Silver Prices में जोरदार उछाल: इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ते ही चांदी 3 लाख के करीब, जानें सोने के नए रेट

मुंबई

 सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के फैसले के बाद आज 13 मई, बुधवार को गोल्‍ड-सिल्‍वर की कीमतों में जबरदस्‍त उछाल देखा गया. घरेलू कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोने और चांदी (Gold-Silver) में करीब 30,000 रुपये तक की बढ़त देखी गई. चांदी करीब 18,000 रुपये चढ़कर 3 लाख के करीब पहुंच गई, जबकि सोना भी करीब 10,000 रुपये चढ़कर 1.63 लाख रुपये के करीब पहुंच गया. केडिया एडवायजरी के मुताबिक, सोने-चांदी में इस बढ़त के पीछे सरकार की ओर से सोने के आयात पर लगने वाले टैरिफ में बढ़ोतरी एक बड़ी वजह है. कमोडिटी एक्‍सपर्ट अजय केडिया ने बताया कि सोने-चांदी पर आयात शुल्‍क 6% से बढ़ाकर 15% कर देने का असर कमोडिटी मार्केट में देखा जा रहा है. सोने और चांदी में करीब 6% की उछाल के पीछे ये एक बड़ी वजह है। 

MCX पर कितना चढ़ा सोना, चांदी कितनी महंगी हुई? 
घरेलू कमोडिटी मार्केट MCX पर आज सुबह करीब 9:30 बजे 3 जुलाई को डिलीवरी वाला सोना 6.19 फीसदी या 9,503 रुपये के उछाल के साथ 1,62,945 रुपये/10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा. वहीं 5 जून को डिलीवरी वाली चांदी 6.70 फीसदी या 18,698 रुपये की बढ़त के साथ 2,97,760 रुपये के लेवल पर पहुंच गया।  

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल 
इंटरनेशनल मार्केट में बुधवार को सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता दिखा. कारण कि अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्‍यादा रहे, जिसने सर्राफा कीमतों पर दबाव डाला. इसने फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को कम कर दिया. अमेरिका में कंज्‍यूमर इनफ्लेश अप्रैल में बढ़कर 3.8% हो गई, जो बाजार के 3.7% के अनुमान से अधिक है और मई 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है. इसका मुख्य कारण मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़ी ऊर्जा की बढ़ती कीमतें हैं. इस बीच, तेल की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र में तेजी जारी रही क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध को सुलझाने के राजनयिक प्रयास ठप रहे, जिससे महंगाई और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर चिंताएं बढ़ गईं. इसके अतिरिक्त, भारत ने सोने की मांग को नियंत्रित करने और घरेलू मुद्रा को सहारा देने के लिए सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। 

वहीं दूसरी ओर मजबूत औद्योगिक मांग के बीच चांदी दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतें 87 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई. सुधरती औद्योगिक मांग की संभावनाओं के कारण चांदी की कीमतों में ये तेजी आई, जो दो महीनों का इसका उच्चतम स्तर है. इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और औद्योगिक विनिर्माण अनुप्रयोगों में व्यापक उपयोग के कारण चांदी का प्रदर्शन अन्य कीमती धातुओं की तुलना में बेहतर रहा है. हालांकि, निवेशकों का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है.  इस बीच अमेरिका-ईरान संघर्ष पर रुकी हुई राजनयिक वार्ताओं के कारण तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बढ़त देखी गई, जिससे वैश्विक कमोडिटी बाजारों में महंगाई की चिंताएं बनी हुई हैं। 

आज 13 मई, बुधवार को सोने-चांदी के दाम 
आज 13 मई को सोने के भाव की बात करें तो ज्‍वैलरी मार्केट में 24 कैरेट सोना 1,53,990 रुपये/10 ग्राम के करीब है. वहीं चांदी 2,90,100 रुपये/किलो के भाव चल रही है। 

मुंबई में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    मुंबई में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    मुंबई में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    मुंबई में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

दिल्ली में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,140 रुपये/10 ग्राम
    दिल्ली में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,310 रुपये/10 ग्राम
    दिल्ली में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,650 रुपये/10 ग्राम

कोलकाता में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    कोलकाता में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    कोलकाता में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    कोलकाता में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

चेन्नई में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    चेन्नई में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,56,340 रुपये/10 ग्राम
    चेन्नई में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,43,310 रुपये/10 ग्राम
    चेन्नई में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,19,510 रुपये/10 ग्राम

बेंगलुरु में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    बेंगलुरु में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    बेंगलुरु में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    बेंगलुरु में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

हैदराबाद में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    हैदराबाद में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    हैदराबाद में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    हैदराबाद में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

केरल (राज्‍य) में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

केरल में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
केरल में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
केरल में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम
पुणे में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    पुणे में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    पुणे में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    पुणे में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

वडोदरा में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    वडोदरा में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,040 रुपये/10 ग्राम
    वडोदरा में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,210 रुपये/10 ग्राम
    वडोदरा में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,550 रुपये/10 ग्राम

अहमदाबाद में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    अहमदाबाद में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,040 रुपये/10 ग्राम
    अहमदाबाद में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,210 रुपये/10 ग्राम
    अहमदाबाद में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,550 रुपये/10 ग्राम

आपके शहर में चांदी के दाम- 13 मई, बुधवार | Silver Prices Today

    मुंबई में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    दिल्ली में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    कोलकाता में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    चेन्नई में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 3,00,100 रुपये/किलो
    बेंगलुरु में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    हैदराबाद में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 3,00,100 रुपये/किलो
    केरल में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 3,00,100 रुपये/किलो
    पुणे में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    वडोदरा में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    अहमदाबाद में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो

 

पाकिस्तान ने बंद किया एयरस्पेस, एयर इंडिया ने रोजाना 100 उड़ानें रद्द कीं; वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

मुंबई 

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को एक बड़ा झटका दिया है। दुनिया भर में विमान ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में आई भारी तेजी और ईरान में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए एयर इंडिया ने जून महीने से अगले तीन महीनों के लिए अपनी कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या कम करने का फैसला किया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

एयर इंडिया ने अपने दिल्ली हब से कई महत्वपूर्ण रूटों पर उड़ानों को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है। इसमें शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इसके अलावा, सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसी जगहों के लिए उड़ानों की संख्या (Frequency) घटा दी गई है। कुल मिलाकर एयरलाइन ने अपने नेटवर्क से रोजाना लगभग 100 उड़ानों की कटौती की है।

8 मई 2026 को खत्म हुए हफ्ते में विमान ईंधन की वैश्विक औसत कीमत 162.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में मात्र 99.40 डॉलर थी। किसी भी एयरलाइन के संचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40% होती है। ऐसे में कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी ने एयर इंडिया के मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को बताया कि हवाई क्षेत्र (Airspace) के प्रतिबंधों और महंगे ईंधन ने कई रूटों को ‘घाटे का सौदा’ बना दिया है। उनके पास पीक ट्रैवल सीजन के दौरान उड़ानों में कटौती करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

एयर इंडिया को अपने प्रतिद्वंद्वी इंडिगो के मुकाबले ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का बंद होना है। इस वजह से यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों को लंबे रास्तों से जाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और क्रू का खर्च काफी बढ़ गया है। अब अमेरिका जाने वाली उड़ानों को वियना या स्टॉकहोम में रुकना पड़ता है, जिससे लागत और भी बढ़ जाती है।

एयर इंडिया पहले ही ₹20,000 करोड़ से अधिक का घाटा झेल रही है। टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस पर लागत कम करने का भारी दबाव है। एयरलाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम कई उड़ानों पर अपनी परिचालन लागत (Operating Cost) भी नहीं निकाल पा रहे हैं। पिछले महीने, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (IndiGo, Air India, SpiceJet) ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने टैक्स या ईंधन की कीमतों में राहत नहीं दी, तो सेवाएं निलंबित करना मजबूरी हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरान युद्ध के कारण उपजे आर्थिक संकट को देखते हुए देश के 140 करोड़ लोगों से ईंधन और यात्रा पर कम खर्च करने की अपील की है। एयर इंडिया का यह कदम उसी गहरे आर्थिक संकट का संकेत है, जहां बढ़ती लागत के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा अब आम आदमी की पहुंच से और दूर हो सकती है।

दी हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए थे। जहां 24 अप्रैल 2025 से भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद है, वहीं पिछले साल 30 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी विमानों को भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। इनमें भारतीय पंजीकृत विमान, भारतीय एयरलाइंस/ऑपरेटरों द्वारा संचालित/स्वामित्व वाले विमान, सैन्य उड़ानें भी शामिल हैं। इनके लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र उपलब्ध नहीं है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद करने की अवधि को 24 मई 2026 तक बढ़ा दिया है।

इंपोर्ट ड्यूटी का बड़ा असर: सोना ₹9231 और चांदी ₹16675 तक हुई महंगी

मुंबई 

केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट टैरिफ को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है. इन कीमती धातुओं पर इंपोर्ट टैरिफ में यह बढ़ोतरी सोने के इंपोर्ट को कम करने और चालू खाता घाटे (CAD) पर लगाम लगाने के उपायों में से एक है. इस कदम से भारतीय मुद्रा को भी सहारा मिलने की संभावना है, जो लगभग हर हफ्ते नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच रही है। 

इसी के साथ MCX पर चांदी की कीमत 2,95,805 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जबकि सोना 1,62,648 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. यह महंगाई और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक स्तर पर मिल रहे मजबूत समर्थन को दर्शाता है. चांदी की कीमत 6% के अपर सर्किट पर पहुंच गई है। 

  •     सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से 15% कर दी.
  •     यह कदम चालू खाता घाटा और डॉलर की निकासी रोकने हेतु.
  •     ड्यूटी बढ़ने से चांदी 7.25% बढ़कर 2,99,283 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंची.
  •     भारत का गोल्ड इम्पोर्ट बढ़ा, व्यापार घाटा 333.2 अरब डॉलर पहुंचा.

आज सोने का लेटेस्ट रेट 

शहर  24 कैरेट सोने की कीमत (प्रति ग्राम) 22 कैरेट सोने की कीमत (प्रति ग्राम)
दिल्ली 16,804 14,331
मुंबई 16,789 15,390
चेन्नई 15,634 14,331
कोलकाता  16,789 15,390
बेंगलुरु 16,789 15,390
केरल 16,789 15,390
वडोदरा 16,794 15,395
अहमदाबाद 16,794 15,395
पुणे 16,789 15,390

चांदी की कीमत 
इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के सरकार के फैसले के बाद आज वायदा (MCX) और रिटेल बाजारों में चांदी की कीमतों में करीब 16675 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है. इम्पोर्ट ड्यूटी का ऐलान होते ही MCX पर चांदी का जुलाई कॉन्ट्रैक्ट 7.25 परसेंट की भारी तेजी के साथ 2,99,283 प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गया. चेन्नई जैसे देश के कई बड़े शहरों में आज चांदी का भाव उछलकर 3,00,100 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे महानगरों में भी कीमत 2,90,100 रुपये प्रति किलो पर बनी हुई हैं । 

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक है. हालांकि, अधिकारियों ने सरकार के इस कदम पर चिंता जताते हुए कहा है कि कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से कीमती धातुओं की स्मगलिंग बढ़ सकती है. अधिकारियों का तर्क है कि साल 2024 के बदा से स्मगलिंग के मामलों में कमी आई थी. गौरतलब है कि भारत सरकार ने साल 2024 के बजट में सोने-चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी। 

भारत सरकार ने तब सोने-चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया था. सरकार के इस कदम के बाद सोना-चांदी के आयात में रिकॉर्ड इजाफा देखने को मिला था. अब ताजा फैसले के बाद कस्टम ड्यूटी फिर से 2024 के बजट से पहले वाले स्तर पर पहुंच गया है। 

सरकार ने एकाएक क्यों बढ़ाई इम्पोर्ट ड्यूटी? 

भारत अपनी जरूरत का लगभग पूरा सोना और चांदी विदेशों से आयात करता है. इसका भुगतान डॉलर में होता है. पश्चिम एशिया में संकट के चलते वैश्चिक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हें, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से खर्च हो रहा है. डॉलर की इसी बाहरी निकासी को रोकने के लिए सरकार ने गैर-जरूरी आयातों पर रोक लगाई है.

कारोबारी साल 2025-26 में भारत का टोटल गोल्ड इम्पोर्ट 24 परसेंट बढ़कर 71.98 अरब डॉलर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर पहुंच गया. इससे देश का कुल व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़कर 333.2 अरब डॉलर हो गया और चालू खाता घाटा (CAD) भी GDP के 1.3 परसेंट तक पहुंच गया. इस बढ़ते हुए आर्थिक अंतर को पाटने के लिए टैक्स बढ़ाना जरूरी हो गया था. 

Gold Price Prediction: 2027 तक कितना महंगा होगा सोना? अगर 1 साल रोक दी खरीदारी तो कितना होगा फायदा

मुंबई

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की कि वे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक साल तक सोना न खरीदें. भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक है और त्योहारों और शादियों के मौसम में विदेशों से टन सोना आता है. नतीजतन, देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है और रुपये के मूल्य पर बहुत दबाव डाल रहा है. इसी पृष्ठभूमि में मोदी ने देश की आर्थिक ताकत बढ़ाने के लिए यह पहल की है।भारत को सोना आयात करने के लिए हर साल लाखों करोड़ रुपये विदेशी कंपनियों को देने पड़ते हैं. इससे देश का चालू खाता घाटा बढ़ेगा. सरकार का हिसाब है कि अगर लोग सोने में निवेश करने के बजाय बैंक योजनाओं या शेयर बाजार में निवेश करेंगे तो उस पैसे का इस्तेमाल देश के विकास के लिए होगा।

जैसे ही हम सोने की खरीद कम करते हैं, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत मजबूत हो जाती है. जब बाजार में डॉलर की मांग घटेगी तो रुपये का अवमूल्यन होगा और आयातित पेट्रोल और गैस की कीमतों में भी गिरावट आएगी. इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव आम आदमी की जेब पर पड़ता है।

बाजार के जानकारों के मुताबिक, अगर भारतीय मोदी की सलाह पर ध्यान देते हैं और एक साल के लिए सोना खरीदना बंद कर देते हैं तो मांग में गिरावट आ सकती है और कीमतों में अस्थायी गिरावट आ सकती है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए 2027 तक 10 ग्राम सोने की कीमत 85,000 रुपये से 95,000 रुपये के दायरे में पहुंचने की उम्मीद है।सरकार चाहती है कि लोग डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का विकल्प चुनें, न कि इसे भौतिक रूप से घर पर रखें. इससे सोने का आयात कम होगा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित निवेश के साथ-साथ वार्षिक ब्याज भी मिलेगा. यह देश और निवेशक, दोनों के लिए फायदेमंद होगा। पीएम मोदी के आह्वान से ज्वैलर्स में चिंता पैदा हो गई है. यह उन लाखों परिवारों को प्रभावित कर सकता है जिनकी आजीविका शादियों और त्योहारों के दौरान सोने के व्यापार पर निर्भर है. हालांकि, सरकार कह रही है कि यह केवल एक साल का अस्थायी अनुशासन है जो देश को लंबे समय में आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा।

2027 तक बाजार में सोने की आपूर्ति और मांग का संतुलन लोगों के फैसलों पर निर्भर करेगा. अगर यह एक साल का ‘गोल्ड फास्ट’ सफल होता है तो इसमें कोई शक नहीं है कि भारत आर्थिक रूप से दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. उस समय कीमत चाहे जो भी हो, भारत की क्रय शक्ति अधिक होगी।प्रधानमंत्री का संदेश है कि सोने का लालच छोड़कर देश के विकास के लिए हाथ मिलाएं. अगर आप एक साल तक सोना नहीं खरीदते हैं तो इस पैसे का इस्तेमाल देश में सड़क, रेलवे और शिक्षा के लिए किया जा सकता है. 2027 में सोने की कीमत के बारे में चिंता करने के बजाय, अब असली मंत्र यह है कि देश की अर्थव्यवस्था को कैसे उठाया जाए।

PM के बयान के बाद शेयर बाजार में भूचाल: 2 दिन में सेंसेक्स 2400 अंक टूटा

मुंबई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 2 दिन में जो बयान दिए हैं उनसे मार्केट में भयानक बिकवाली का दौर जारी हो गया है. 2 दिन में सेंसेक्स लगभग 2400 पॉइंट लुढ़क गया है. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मंगलवार को 1.92 परसेंट या 1456 पॉइंट गिरकर 74559 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 436 पॉइंट या 1.83 फीसदी गिरकर 23379 पर बंद हुआ. पीएम मोदी ने रविवार और फिर सोमवार को भारत के लोगों से अपील की थी कि वे 1 साल तक सोना न खरीदें. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी संकट के दौर से गुजर रहा है और लोग अगर एकजुट होकर इसका मुकाबला करें तो इस मुसीबत से पार पा लेंगे।

हालांकि, यह गिरावट सिर्फ पीएम के बयान की वजह से ही नहीं आई है. इसके पीछे कुछ और कारण भी हैं. इनमें पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव का माहौल बनना, रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतें और आईटी शेयरों में तेज बिकवाली भी शामिल हैं।

सोमवार के बाद मंगलवार को भारतीय भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2% तक लुढ़क गए। रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने, तेल की चढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बेरुखी से बाजार को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।

सेंसेक्स 1,456 अंक से अधिक गिरकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436 अंक से अधिक गिरकर 23,379 पर बंद हुआ। बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 4% बढ़कर 19.26 हो गया। इस गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई, जिससे यह घटकर 457 लाख करोड़ रुपये गया।

भारत में ठप पड़ा गूगल सर्च, यूजर्स को दिख रहा ‘Server Error’ मैसेज

नई दिल्ली
 भारत में आज हजारों यूजर्स के लिए Google डाउन होने की खबर है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस पॉपुलर सर्च इंजन को एक्सेस न कर पाने की शिकायतों की बाढ़ आ गई है। वहीं, आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Downdetector पर भी भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 10:23 बजे 3,300 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं हैं।

Downdetector पर लगभग 57% शिकायतें सर्च में आ रही समस्या से जुड़ी हुई थीं, जबकि 28% यूजर्स ने बताया कि कंटेंट ठीक से लोड नहीं हो रहा था। 11% अन्य यूजर्स ने वेबसाइट में ही दिक्कतें बताईं हैं।

क्या अभी काम कर रहा है सर्च इंजन?
वहीं, नेटिजन्स ने Google एक्सेस करने की कोशिश करते वक्त आए एरर मैसेज को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है। ऐसा लग रहा है कि रिक्वेस्ट प्रोसेस करते टाइम कोई इंटरनल सर्वर एरर आ गया है। शुरुआती आउटेज के बाद से Downdetector पर दर्ज शिकायतों की संख्या में तेजी से गिरावट भी आई है, जिससे पता चलता है कि सर्च दिग्गज एक बार फिर से अच्छे से वर्क कर रहा है।

Google आउटेज पर यूजर्स की प्रतिक्रिया
इसी बीच Google आउटेज पर एक यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं यह कह रहा हूं, लेकिन Google.com सच में डाउन हो गया है। मुझे याद नहीं है कि ऐसा आखिरी बार कब हुआ था। ऐसे केस लगातार बढ़ रहे हैं और शायद इसका कारण ‘वाइब कोडिंग’ हो सकता है? साथ ही इस मामले पर एक अन्य यूजर ने लिखा यार, Google का डाउन होना बहुत ही दुर्लभ है। अब तो लग रहा है कि कुछ बड़ा होने हो सकता है।

 

सोना हुआ महंगा, पेट्रोल-डीजल पर PM मोदी की बड़ी अपील… 24 घंटे में दूसरी बार धड़ाम हुआ शेयर बाजार

मुंबई

शेयर बाजार में मंगलवार को भी तेज गिरावट देखने को मिली है. मार्केट के दोनों इंडेक्स सोमवार को क्रैश होने के बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भी धड़ाम नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 160 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था. सबसे ज्यादा गिरावट Infosys, Tech Mahindra, TCS समेत अन्य टेक कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली।

मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का सीमित इस्तेमाल करने की अपील के बाद लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में डर देखने को मिला. PM Modi ने 24 घंटे में अपनी इस अपील को दोहराया भी।

बिखरते चले गए सेंसेक्स-निफ्टी
कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,015 के लेवल से तेज गिरावट लेकर 75,688 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही देर में इसकी गिरावट और तेज होती चली गई. महज 5 मिनट के कारोबार के दौरान ही BSE Sensex 723 अंक से ज्यादा टूटकर 75,291 के लेवल पर लुढ़क गया।

न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty भी रेड जोन में खुलने के साथ देखते ही देखते बिखर गया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,815 की तुलना में गिरकर 23,722 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 23,633 तक फिसल गया।

IT कंपनियों के शेयर क्रैश
शेयर मार्केट में तेज गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नुकसान में आईटी कंपनियां नजर आईं. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल TCS Share (3.61%), Infosys Share (3.30%), Tech Mahindra Share (2.80%), HCL Tech Share (2.30%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स पर नजर डालें, तो मिडकैप में शामिल UPL Share (4.10%), Hindustan petroleum Share (3.60%), Coforge Share (3%) गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।

इस डर का PM Modi कनेक्शन!
शेयर बाजार में लगातार बड़ी गिरावट आने के पीछे के कारणों की बात करें, तो सबसे ज्यादा खौफ पीएम मोदी द्वारा रविवार को की गई अपील का माना जा सकता है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने के लिए कहा था. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट युद्ध और होर्मुज टेंशन का जिक्र करते हुए पेट्रोल-डीजल की सेविंग करने का आग्रह किया था।

PM Narendra Modi ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि हमारे पड़ोस में जंग चल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें।

सिर्फ यही एक कारण नहीं है Stock Market Crash होने का, बल्कि अमेरिका और ईरान में तनातनी के चलते होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बरकरार है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में दिख रहा है. Brent Crude Oil Price 105 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है और महंगाई के जोखिम ने शेयर बाजार पर दबाव बनाया है।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu