इम्तियाज अली की ‘मैं वापस आऊंगा’ ने दूसरे हफ्ते में भी बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा ने दूसरे हफ्ते में ऐसा कमाल किया है, जो इसकी रिलीज के दिन शायद ही किसी ने सोचा होगा. दूसरे हफ्ते में इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी पकड़ बनाई है, जो शुक्रवार से इसके सामने आई नई फिल्म कॉकटेल 2 भी नहीं बना पाई. वैसे इन दोनों फिल्मों का एक बहुत दिलचस्प इनडायरेक्ट कनेक्शन भी है.

2012 में आई ओरिजिनल कॉकटेल फिल्म के राइटर इम्तियाज अली थे, लेकिन इसके सीक्वल के राइटर वह नहीं हैं. इम्तियाज की लिखी फिल्म का सीक्वल कॉकटेल 2 जब थिएटर्स में पहुंचा, तो उनकी ही लिखी-डायरेक्ट की हुई मैं वापस आऊंगा एक हफ्ते पहले से बॉक्स ऑफिस पर मौजूद थी. लेकिन इम्तियाज की फिल्म ने दूसरे हफ्ते में होने के बावजूद, कॉकटेल 2 की कमाई में अच्छी-खासी सेंधमारी कर दी.

मैं वापस आऊंगा का तगड़ा बॉक्स ऑफिस होल्ड
इम्तियाज की फिल्म ने बहुत स्लो शुरुआत के बाद, जनता की तारीफों के दम पर धीरे-धीरे अपने दर्शक जुटाए और इस काम में पहला हफ्ता लगा. पहले पूरे हफ्ते में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 12.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, जबकि दूसरे वीकेंड के तीन दिनों में ही मैं वापस आऊंगा ने बॉक्स ऑफिस पर 12 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर डाला. लेकिन फिल्म ने असली कमाल किया दूसरे हफ्ते के वर्किंग डेज में.

सैकनिल्क का डेटा बताता है कि मैं वापस आऊंगा ने गुरुवार को 2.30 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. इतना कलेक्शन फिल्म ने पहले हफ्ते में सिर्फ एक दिन किया था. गुरुवार के कलेक्शन के साथ, पिछले चार वर्किंग डेज में मैं वापस आऊंगा ने 10.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर डाला. यानी पिछले शुक्रवार से शुरू हुए बॉक्स ऑफिस हफ्ते में, वीकेंड के मुकाबले वर्किंग डेज में मैं वापस आऊंगा की कमाई मात्र 12.5% गिरी, जबकि इसी हफ्ते में नई फिल्म कॉकटेल 2 का होल्ड भी इससे बहुत कमजोर रहा.

स्लो पड़ती जा रही कॉकटेल 2
शुक्रवार को रिलीज हुई कॉकटेल 2 ने पहले वीकेंड में बॉक्स ऑफिस पर 47.5 करोड़ रुपये का दमदार कलेक्शन किया था, लेकिन मंडे से ही इसका कलेक्शन सिंगल डिजिट में आ गया. मंगलवार को सस्ते टिकट का ऑफर भी कमाई नहीं बढ़ा पाया और बुधवार को भी कमाई गिरी. गुरुवार का कलेक्शन 4.15 करोड़ रुपये रहा, जो बुधवार के 5.25 करोड़ रुपये से भी कम है. सोमवार से गुरुवार तक, वर्किंग डेज में कॉकटेल 2 का कलेक्शन करीब 27 करोड़ रुपये हुआ है. यानी वीकेंड के मुकाबले इसके वर्किंग डेज का कलेक्शन करीब 43% कम हुआ है.

दोनों फिल्मों की तुलना ही बताती है कि जहां मैं वापस आऊंगा ने दूसरे हफ्ते में, पहले हफ्ते से भी ज्यादा दम दिखाया, वहीं दर्शकों के इसकी तरफ भागने से नई फिल्म कॉकटेल 2 को भी नुकसान हुआ जो पहले हफ्ते में लगातार धीमी पड़ती गई. अब थिएटर्स में अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल नई रिलीज बनकर पहुंच चुकी है और इसकी कॉमेडी की तारीफ हो रही है. देखने वाली बात होगी कि तीसरे हफ्ते में मैं वापस आऊंगा और दूसरे हफ्ते में कॉकटेल 2 बॉक्स ऑफिस पर कितना बच पाती हैं.

वेलकम 3 vs कॉकटेल 2: बॉक्स ऑफिस पर आज से बड़ा क्लैश, टिकट ऑफर से बढ़ी टक्कर

बॉक्स ऑफिस पर आज से एक बहुत बड़ा और दिलचस्प मुकाबला शुरू हो चुका है. अक्षय कुमार की मच-अवेटीड और भारी-भरकम स्टारकास्ट वाली कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) आज यानी 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. लेकिन, अक्षय कुमार की इस मल्टी-स्टारर फिल्म की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है, क्योंकि थियेटर्स में पहले से ही शाहिद कपूर की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ मजबूती से पैर जमाए बैठी है.

दरअसल अब ‘वेलकम 3’ के क्रेज को टक्कर देने और अपनी फिल्म की रफ्तार बनाए रखने के लिए ‘कॉकटेल 2’ के मेकर्स ने एक ऐसा तगड़ा और हैरान करने वाला प्लान बनाया है, जो पहले ही दिन अक्षय की फिल्म का खेल बिगाड़ सकता है.

एक टिकट पर दो लोगों के मजे
अक्षय कुमार की बड़ी फिल्म के पहले दिन के कलेक्शन में सेंध लगाने के लिए ‘कॉकटेल 2’ के मेकर्स ने 26 जून यानी आज के लिए एक बेहद आकर्षक ऑफर का ऐलान कर दिया है. मेकर्स ने अपनी फिल्म पर ‘बाय 1 गेट 1 फ्री’ (Buy 1 Get 1 Free) का टिकट ऑफर लॉन्च किया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप सिनेमाघर जाकर ‘कॉकटेल 2’ की एक टिकट खरीदते हैं, तो दूसरी टिकट आपको बिल्कुल मुफ्त मिलेगी. यानी सिर्फ एक टिकट की कीमत पर दो लोग आराम से फिल्म का लुत्फ उठा सकते हैं. हालांकि, मेकर्स ने साफ किया है कि यह धमाकेदार ऑफर सिर्फ आज (शुक्रवार) के लिए ही लागू रहेगा.

क्या ‘वेलकम टू द जंगल’ को पहले ही दिन होगा नुकसान?
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अगर दर्शकों ने शाहिद कपूर की फिल्म के इस ‘एक पर एक फ्री’ वाले ऑफर का फायदा उठाना शुरू किया, तो इसका सीधा और बड़ा नुकसान अपने पहले ही दिन ‘वेलकम टू द जंगल’ को उठाना पड़ सकता है. वीकेंड की शुरुआत में लोग अक्सर कम बजट में मनोरंजन तलाशते हैं और ऐसे में यह ऑफर दर्शकों को ‘वेलकम 3’ के बजाय ‘कॉकटेल 2’ की तरफ खींच सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो ‘वेलकम टू द जंगल’ की ओपनिंग डे की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा. अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि आज ऑडियंस इन दोनों फिल्मों में से किसे ज्यादा भाव देती है.

‘कॉकटेल 2’ का रिपोर्ट कार्ड
अगर ‘कॉकटेल 2’ के अब तक के प्रदर्शन की बात करें, तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा कारोबार कर रही है. बॉक्स ऑफिस ट्रैकर वेबसाइट सैक्लनिक के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने अपने सातवें दिन यानी गुरुवार को 4.90 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया. इसी के साथ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की पहले हफ्ते की कुल कमाई 70 करोड़ रुपये (नेट) के आंकड़े तक पहुंच गई है.

क्या 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो पाएंगे शाहिद कपूर?
ट्रेड एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि ‘कॉकटेल 2’ अपने दूसरे वीकेंड के खत्म होने तक आसानी से 75 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी. लेकिन सबसे बड़ा सवाल इसके आगे के सफर को लेकर है. अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ‘बाय 1 गेट 1 फ्री’ जैसे ऑफर्स और बाहरी मदद मिलने के बाद भी शाहिद कपूर की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये (नेट) का जादुई और प्रतिष्ठित आंकड़ा छू पाती है या नहीं?

वेलकम टू द जंगल रिव्यू: 32 सितारों की ब्रेनरॉट कॉमेडी ने किया सरप्राइज

किसी फिल्म से जब कोई उम्मीद ना हो, तब उसे देखना अपने आप में ही एक थ्रिलिंग एक्सपीरियंस होता है. थिएटर्स में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडर, परेश रावल जैसे 32 सितारों से सजी फिल्म वेलकम टू द जंगल (वेलकम 3) रिलीज हुई है, जिससे कोई कुछ खास उम्मीद नहीं लगा रहा था. इसके पीछे दो कारण हैं. पहला इसका ट्रेलर जिसने काफी निराश किया था, और फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट में कमी पैदा कर दी थी. दूसरा इसके डायरेक्टर अहमद खान, जिनकी पिछली फिल्म हीरोपंती 2 बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी.

वेलकम टू द जंगलजब अनाउंस हुई, तो लोगों के मन में शक पैदा हुआ कि क्या अहमद खान इस फिल्म की नैया पार लगा पाएंगे? रिलीज से पहले तक स्टारकास्ट ने तो डायरेक्टर की जमकर तारीफ की. अब फिल्म रिलीज हो गई है, तो इसे देखने के बाद एक बहुत बड़ा सरप्राइज मिला है. आइए, आपको बताते हैं कि इस मल्टी-स्टारर ‘ब्रेनरॉट’ फिल्म ने किस तरह सरप्राइज किया.

‘फेक’ फिल्म के चक्कर में असली खतरा से हुआ सामना
एक अरबपति बिजनेसमैन काजा (जाकिर हुसैन) इंडिया में अपनी काली कमाई से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा है. एक दिन उसे खबर मिलती है कि अगर उसने अपनी काली कमाई का कोई हल नहीं निकाला तो उसपर इनकम टैक्स की रेड पर जाएगी. ऐसे में वो अपने मैनेजर दुबे (जॉनी लिवर) के साथ मिलकर 2000 करोड़ रुपये की एक फ्लॉप फिल्म बनाने का प्लान करता है. मैनेजर देव (परेश रावल) और दास (राजपाल यादव) जैसे दो फ्लॉप डायरेक्टर और नयनसुख (श्रेयस तलपड़े) जैसे आधे-अंधे कैमरामैन को हायर करता है. देव और दास के पास एक धांसू स्क्रिप्ट है- वेलकम टू द जंगल. इसके लिए वो एक फ्लॉप का हीरो राजीव (अक्षय कुमार) को कास्ट करते हैं. राजीव के साथ-साथ येड़ा शेट्टी अन्ना (सुनील शेट्टी) और रोमियो भाई (अरशद वारसी) जैसे डॉन की भी फिल्म में एंट्री हो जाती है, जो दरअसल उदय-मजनू के कजिन हैं.

इस फ्लॉप फिल्म में देव और दाव नादिया (दिशा पाटनी) को बतौर हीरोइन कास्ट करते हैं, जो पहले भी राजीव की गर्लफ्रेंड थी. इस फ्लॉप फिल्म में सिर्फ इतने एक्टर्स नहीं, टीवी-भोजपुरी-पंजाबी सिनेमा हर तरफ से एक्टर्स को कास्ट किया जाता है. बिजनेसमैन काजी अपनी फिल्म को फ्लॉप करने का पूरा प्लान बना लेता है, लेकिन तभी बाजी उसपर उलटी पड़ जाती है. इनकम टैक्स की रेड में काजा के सारे पैसे चले जाते हैं, जिससे वो कंगाल हो जाता है. अब उसे ये फिल्म किसी भी हाल में हिट चाहिए, जिसके लिए पूरी टीम एक रियल लोकेशन में जाकर असली लोगों के बीच शूटिंग करने लगती है. वहां उनका सामना असली आतंकवादी जतारा (जैकी श्रॉफ) से होता है. अब क्या ये फ्लॉप फिल्म वेलकम टू द जंगल पूरी बन पाएगी? यही इसका बेसिक प्लॉट है.

एंटरटेनिंग है ये ब्रेनरॉट फिल्म
अक्षय की मल्टी-स्टारर फिल्म का असली मजा इसकी कास्ट है, जिन्होंने इस पूरी फिल्म को एक एकसाथ अपने मजबूत कंधों पर उठाए रखा. फिल्म की कहानी एक पॉइंट के बाद भले ही मायने नहीं रखेगी, मगर जो एंटरटेनमेंट ये आपको दिलाती है उसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी. फिल्म में कई सारे ऐसे मोमेंट्स हैं जहां आप दिल खोलकर हंसते हैं. इसकी सबसे खास बात यही है कि फिल्म खुद को ‘ब्रेनरॉट’ कहला रही है. लेकिन वो देखने में भी आपको मजा ही आता है. सभी एक्टर्स की आपस में जुगलबंदी काफी अच्छी है. कॉमेडी सरप्राइजिंगली काफी क्लीन और देखने में अच्छी है. हालांकि वेलकम 3 में कुछ मोमेंट्स हैं जब आप थोड़े बोर से होने लगेंगे. लेकिन अंत में आते-आते फिल्म काफी दिलचस्प और मजेदार बन जाती है. जिस तरह की एक्साइटमेंट ट्रेलर ने सेटअप की थी, उसके मुताबिक फिल्म काफी बेहतर निकलकर आई है.

वेलकम टू द जंगल का फर्स्ट हाल्फ काफी सही है, इसमें कहानी और विलेन को अच्छे से सेटअप किया जाता है. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, परेश रावल, और जॉनी लिवर के काफी सीन्स ऐसे हैं, जो आपको खुलकर हंसने पर मजबूर करेंगे. इन सभी एक्टर्स को बाकी स्टारकास्ट का भी बढ़िया सपोर्ट मिला है. सेकेंड हाल्फ में चीजें थोड़ी गड़बड़ होने लगती हैं, मगर अंत आते-आते वो संभल भी जाती हैं. इस फिल्म से एक बड़ी शिकायत ये है कि इसका वीएफएक्स काफी सस्ता सा लगा. इसकी वजह से कुछ सीन्स बेहद अटपटे लगे. लेकिन अंत में ये एक फुल-टाइमपास कॉमेडी फिल्म बनकर सामने आती है, जिसमें डायरेक्टर अहमद खान की तारीफ बनती है.

डायरेक्टर की होगी तारीफ
अभी तक डायरेक्टर अहमद खान को लेकर जो सवाल उठे थे, ऐसा लगता है कि उन्होंने इस फिल्म से दूर कर दिया है. सबसे पहले उनकी इस बात की तारीफ होगी कि उन्होंने 32-34 स्टार एक्टर्स को एक ही फिल्म में लेने का फैसला लिया. और यही नहीं, सबको एक जैसा स्क्रीन टाइम देने की कोशिश की. उन्होंने अपनी फिल्म में हर एक्टर से कुछ ना कुछ ऐसा कराया, जिसे देखकर मजा जरूर से आया. इस 2 घंटे 45 मिनट की फिल्म को उन्होंने काफी अच्छी तरह से संभालकर रखा. लेकिन ऐसा भी लगता है कि वो इस फिल्म को थोड़ी और बेहतर बना सकते थे. इसी में उनकी बतौर डायरेक्टर थोड़ी बहुत कमी नजर आई. बाकी दिवंगत राइटर नीरज वोहरा की इस ओरिजिनल कहानी को उन्होंने सही तरीके से पर्दे पर दिखाया है. हालांकि फिल्म में ऐसा कोई गाना नहीं था, जो बाद में चलकर याद रह जाए जिसमें अहमद खान शायद थोड़ा चूक गए हैं.

स्टार्स-कैमियो के दम पर उठी फिल्म
फिल्म वेलकम टू द जंगल को लेकर अब ये कहा जा सकता है कि अगर इसमें 32-34 एक्टर्स नहीं होते, तो शायद ये फिल्म उतनी एंटरटेनिंग नहीं होती. इसके पीछे की वजह ये है कि हर एक एक्टर स्क्रीन पर अपनी ओर से कुछ अनोखा और क्रिएटिव लेकर आया, जिसे देखने में मजा आता है. अक्षय ने जो इस फिल्म में अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाली है, उसके लिए आप थिएटर में ताली जरूर बजाएंगे. वैसे तो वो कॉमेडी के ‘खिलाड़ी’ है हीं. मगर उनके साथ परेश रावल, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े और जॉनी लिवर ने जो केमिस्ट्री बिठाई, वो सोने पर सुहागा जैसा था.

वहीं बात करें बाकी एक्टर्स—कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, तुषार कपूर, और जाकिर हुसैन की—तो उन्होंने अपना काम अच्छे से निभाया. उन्हें जितना रोल दिया गया, वो उन्होंने पूरी सच्चाई के साथ प्ले किया. बस सिंगर दलेर मेहंदी इस फिल्म में मिसकास्ट लगे. उन्होंने बड़ी कोशिश की कि वो अपने काम से इंप्रेस कर सकें, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. इनके अलावा फिल्म में दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस भी थीं, जिन्होंने ग्लैमर के मामले में कोई कमी नहीं छोड़ी.

छा गई अक्षय-रवीना की केमिस्ट्री
फिल्म में रवीना टंडन भी हैं, जो करीब 20 साल बाद अक्षय के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आईं. सच कहा जाए तो वो फिल्म में इकलौती हीरोइन लगीं, जिनके पास करने के लिए काफी कुछ था और उन्होंने अपना काम सही ढंग से किया भी है. वहीं आफताब शिवदसानी, हेमंत पांडे अपने रोल के साथ सही से न्याय कर पाए. मगर फिल्म में अगर किन्हीं सितारों के काम सबसे अलग नजर आए, तो वो थे फरीदा जलाल और किरण कुमार. वेटरन एक्ट्रेस फरीदा जलाल को आप इस फिल्म में कुछ ऐसा करते देखेंगे, जिसे देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा. घबराइए नहीं, उन्होंने एक ऐसा यादगार काम किया है जिसे देखने में आपको सचमुच मजा आएगा. वहीं किरण कुमार ने उनका बढ़िया साथ दिया.

फिल्म में अक्षय का डबल रोल है; ये तो मेकर्स ने खुद ही अपने गानों से रिवील कर दिया था. उनके साथ महाभारत के दुर्योधन, करण और अर्जुन, यानी पुनीत इस्सर, पंकज धीर और फिरोज खान हैं, जो कुछ देर के लिए ही सही, मगर बढ़िया काम करके निकल जाते हैं. वहीं, वेलकम 3 के विलेन जैकी श्रॉफ बने, जिनका खूंखार अवतार आपको डराने और हंसाने का काम करेगा. उनके चमचे बने विंदु दारा सिंह भी अच्छे दिखे. इस फिल्म में दो कैमियो हैं—उर्वशी रौतेला और लारा दत्ता. दोनों ही एक्ट्रेसेस ने अपना काम बढ़िया किया है.

कुल मिलाकर, अगर आप एक फैमिली-कॉमेडी फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो वेलकम टू द जंगल आपकी लिस्ट में जरूर आ सकती है, बशर्ते, आपको अपना दिमाग थिएटर हॉल से बाहर छोड़ना पड़ेगा. अगर आप कहानी की बारीकियों और उसके निष्कर्ष को ढूंढने में लगे रहेंगे, तो ये फिल्म आपको हंसाएगी कम, परेशान करेगी. ये एक नो-ब्रेनर कॉमेडी फिल्म है, जिसे सिर्फ बिना लॉजिक के एंजॉय किया जा सकता है.

तलाक के बाद छलका ईशा देओल का दर्द, बोलीं- ‘गलती हो जाती है’, रोमांस पर भी खुलकर की बात

मुंबई 

ईशा देओल ने 2012 में बिजनेसमैन भरत तख्तानी से शादी रचाई थी. 2024 में आपसी सहमति से दोनों ने 12 साल पुरानी शादी को खत्म करने का ऐलान किया. तलाक के बाद ईशा ने जिंदगी में खालीपन और प्यार की कमी पर बात की है. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें रोमांस पसंद है। 

तलाक के बाद प्यार की कमी 
Curly Tales संग बातचीत में ईशा ने कहा कि मेरा मानना है कि प्यार और रोमांस किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में सबसे अहम चीजें हैं, और फिलहाल ये चीजें मेरी जिंदगी में मिसिंग हैं. मुझे रोमांटिक होना बहुत पसंद है, मैं पूरी तरह एक रोम-कॉम वाली इंसान हूं. मुझे प्यार के गाने और प्यार की कहानियां बहुत पसंद हैं। 

ईशा से पूछा गया कि क्या पति से अलग होने के बाद प्यार के लिए उनका नजरिया बदला. इस पर उन्होंने कहा कि नहीं, ये चीजें बदलती नहीं हैं. ब्रेकअप होते रहते हैं. मेरे भी पहले बॉयफ्रेंड रहे हैं जिनसे मैं अलग हुई. ऐसी चीजें होती हैं, पर इससे प्यार के प्रति मेरा नजरिया नहीं बदला है. ना ही इसमें कोई कमी आई है.  हम सबने हेमाजी और धर्मेंद्रजी के बीच के निःस्वार्थ प्यार को देखा है। 

तलाक के बारे में उन्होंने कहा कि ये कुछ बहुत निजी है. ये दो लोगों के बीच की बात है. हमारे पेशे के कारण यह सब सार्वजनिक हो जाता है. मैं ऐसी इंसान नहीं हूं  और न ही भरत या उनका परिवार, जो हर चीज को इतना खुलकर बताए. पर उस वक्त हमें सार्वजनिक किया गया और इसमें बच्चों का भी सवाल आता है. ये जिंदगी के बहुत संवेदनशील हिस्से हैं. इनमें बहुत संभलकर चलना होता है. ईशा ने ये भी कहा कि उनके इस फैसले में परिवार ने साथ दिया। 

एक्ट्रेस ने कहा कि वो अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेती हैं. ना कि किसी की सलाह पर निर्भर रहती हैं. ईशा का कहना है कि उनका फैसला सही हो या गलत उसकी जिम्मेदारी वो खुद लेती हैं। 

बता दें कि ईशा और भरत की दो बेटियां राध्या और मिराया हैं. बड़ी बेटी का जन्म 2017 में हुआ और छोटी का जन्म 2019 में हुआ. तलाक के बाद ईशा और भरत मिलकर बेटियों की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं।  

संजय कपूर से बहुत कुछ सीखने को मिला, बोलीं निर्मित कौर अहलूवालिया

मुंबई
 अभिनेत्री निर्मित कौर अहलूवालिया ने कहा है कि शो अब होगा हिसाब के सेट पर अनुभवी अभिनेता संजय कपूर के साथ काम करना उनके लिए सीखने और खुद को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।निर्मित ने कहा कि संजय कपूर का लंबा अनुभव, सहज स्वभाव और सेट पर सभी के लिए सकारात्मक माहौल बनाने की क्षमता उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करती है।उन्होंने कहा, “संजय सर हमारी पूरी कास्ट में सबसे वरिष्ठ कलाकार हैं और शुरू से ही मैंने इस प्रोजेक्ट को उनसे सीखने के अवसर के रूप में देखा। उनका परिवार कई दशकों से सिनेमा से जुड़ा रहा है और उनके साथ काम करना मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा।”

निर्मित ने कहा कि संजय कपूर की सबसे बड़ी विशेषता उनका विनम्र और सहयोगी स्वभाव है। उन्होंने बताया कि इतने अनुभव और प्रतिष्ठा के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने वरिष्ठ होने का एहसास नहीं होने दिया और हमेशा कलाकारों की मदद के लिए तैयार रहे।उन्होंने कहा, “वह हमेशा समय निकालकर सीन पर चर्चा करते थे, अपने अनुभव साझा करते थे और कलाकारों के साथ सहजता से घुलमिल जाते थे। हम अक्सर साथ बैठकर खाना खाते, बातचीत करते और काम पर चर्चा करते थे। इन छोटी-छोटी बातों ने पूरे माहौल को बेहद आरामदायक बना दिया था।”

निर्मित के अनुसार, इस अनुभव ने उन्हें केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि यह भी सिखाया कि एक कलाकार को सेट पर किस तरह का व्यवहार करना चाहिए और दूसरों को सहज महसूस कराने का महत्व क्या होता है।

क्राइम-थ्रिलर आधारित शो ‘अब होगा हिसाब’ में निर्मित कौर अहलूवालिया एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनका मानना है कि अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने से उनके अभिनय को नई मजबूती मिली है और यह प्रोजेक्ट उनके करियर के यादगार अनुभवों में शामिल हो गया है।

‘बालिका वधू’ की सुमित्रा स्मिता बंसल का छलका दर्द, बोलीं- काम की वजह से बेटी से बढ़ गई थी दूरी

मुंबई 
 टेलीविजन की दुनिया में अभिनेत्री स्मिता बंसल ने ‘बालिका वधू’ शो में ‘सुमित्रा’ का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। हाल ही में उन्होंने एक टीवी टॉक शो ‘तुम हो ना- घर की सुपरस्टार’ में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक अनुभव साझा किया और बताया कि लगातार शूटिंग और काम की व्यस्तता के कारण उन्हें अपने घर और बच्चों के साथ समय नहीं मिल पाता था। शो के दौरान बातचीत में स्मिता बंसल ने कहा, ”एक कलाकार होने के नाते मैं अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाती हूं लेकिन इसी बीच कई बार परिवार से दूर रहने का दर्द भी मुझे अंदर ही अंदर महसूस होता है। प्रोफेशनल कमिटमेंट्स के चलते कई बार मैं अपने निजी रिश्तों को उतना समय नहीं दे पाती, जितना एक मां के रूप में देना चाहिए।”

 शो के दौरान स्मिता ने बताया, “एक बार जब मैं शूटिंग से घर लौटी, तो मैंने अपनी बेटी को खुद सुलाने का फैसला किया। उस समय मेरी बेटी ने मेरे साथ सोने से मना कर दिया और अपनी दादी के साथ सोने की इच्छा जताई। उस पल मुझे एहसास हुआ कि काम की वजह से मेरे और मेरी बेटी के बीच भावनात्मक रूप से थोड़ी दूरी आ गई है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा दर्द था।”

स्मिता बंसल ने आगे बताया, ”लोग मुझे टीवी पर अलग-अलग किरदारों के लिए जानते थे। कभी कोई मुझे ‘आनंदी की मां’ कहता था, तो कभी ‘जग्या की मां’। हालांकि असल जिंदगी में मैं अपनी ही बेटी के साथ उतना समय नहीं बिता पा रही थी, जितना मैं चाहती थी। एक मां के रूप में यह मेरे लिए सबसे बड़ी कमी और सबसे बड़ा पछतावा रहा है, जिसे चाहकर भी मैं पूरी तरह बदल नहीं सकती।”

बातचीत के दौरान स्मिता ने अपने अभिनय करियर को लेकर कहा, ”मैंने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए हैं जो मजबूत महिलाओं की कहानियों को दिखाते हैं। ये वे महिलाएं थीं, जो बिना ज्यादा बोले भी अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करती हैं और मजबूती से आगे बढ़ती हैं। इन किरदारों ने मुझे यह समझने में मदद की कि असली ताकत हमेशा बड़े-बड़े शब्दों या दिखावे में नहीं होती, बल्कि कई बार यह रोजमर्रा की जिंदगी के छोटे-छोटे त्याग और धैर्य में छिपी होती है।”

उन्होंने कहा, ”समय के साथ मैं इन किरदारों से खुद को जोड़ने लगी हूं, क्योंकि वास्तविक जीवन में भी महिलाएं कई बार बिना शिकायत किए अपने परिवार और जिम्मेदारियों के लिए बहुत कुछ सहती हैं।”

अगर उनके निजी जीवन की बात करें तो स्मिता बंसल ने साल 2002 में निर्देशक और अभिनेता अंकुश मोहला से शादी की थी। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम स्टाशा बंसल और अनघा बंसल हैं।

राम चरण बोले- अच्छी कहानियां आज भी दर्शकों को थिएटर तक खींच लाती हैं, ‘धुरंधर’ की जमकर तारीफ

 साउथ सुपरस्टार राम चरण ने अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘पेड्डी’ और आदित्य धर और रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता पर बात की. उन्होंने दावा किया कि इन फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर मिली जबरदस्त कामयाबी इस बात का सबूत है कि अच्छी कहानियों ने पूरे देश के दर्शकों को एकजुट किया है. अभिनेता ने आगे कहा कि कोविड-19 के बाद सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या कम होने के बावजूद, ‘केजीएफ’ और ‘पुष्पा’ जैसी अच्छी फिल्मों सुपरहिट रही.

राम चरण बोले- अच्छी फिल्में आज भी दर्शकों को थिएटर तक खींच लाती हैं
रिपब्लिक पत्रिका के शिखर सम्मेलन में राम चरण से पूछा गया कि लोग सिनेमाघरों में आना क्यों बंद कर चुके हैं. उन्होंने कहा, ”जब केजीएफ, पुष्पा 2, धुरंधर, कांतारा, आरआरआर जैसी बेहतरीन फिल्में आती हैं, तो लोग सिनेमाघरों में वापस आने लगते हैं. कोविड के बाद, हम सभी थोड़े डरे हुए थे कि क्या वे वापस आएंगे. भारत में आज भी सिनेमा सबसे किफायती एंटरटेनमेंट ऑप्शन है. पूरा परिवार साथ में फिल्म देखने जाता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी उसी की बातें करता रहता है. यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने वाला एक शानदार एक्सपीरियंस भी है. हां, अगर पॉपकॉर्न के दाम थोड़े कम हो जाएं तो बात और भी बेहतर हो जाएगी.”

 धुरंधर की तारीफ करते हुए क्या बोले राम चरण
धुरंधर की तारीफ करते हुए राम चरण ने कहा, “मुझे यह फिल्म बेहद शानदार लगी. हाल ही में मैंने इसे OTT पर देखा और फिल्म का हर पहलू बिल्कुल सही तरीके से काम करता है. इसकी कहानी, ट्रीटमेंट और गति सब कुछ शानदार था. इस फिल्म ने लोगों को एकजुट किया है. यही वजह है कि इसने 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया. बॉक्स ऑफिस का आंकड़ा सिर्फ कमाई नहीं दिखाता, बल्कि यह बताता है कि कितने लोगों ने फिल्म को पसंद किया.

 धुरंधर और धुरंधर- द रिवेंच के बारे में
आदित्य की फिल्म ‘धुरंधर’ दिसंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसने दुनिया भर में 1300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की. ‘धुरंधर: द रिवेंज’ इसी साल मार्च में रिलीज हुई और इसने दुनिया भर में 1800 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया. ये दोनों फिल्में जबरदस्त हिट रहीं और इनमें हमजा उर्फ ​​जसकिरत सिंह रंगी (रणवीर) की कहानी दिखाई गई है, जिसे आतंकी शिविरों में घुसपैठ करने के लिए पाकिस्तान के लयारी भेजा जाता है.

पेड्डी का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
बुची बाबू सना की फिल्म ‘पेड्डी’, जिसमें राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, फिल्म ने भारत में 235 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया और रिलीज के 19 दिनों में दुनिया भर में 331 करोड़ रुपये का कुल कलेक्शन किया.

प्रकाश राज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, एक से ज्यादा वोटर ID रखने का आरोप

मुंबई 

बॉलीवुड-साउथ एक्टर प्रकाश राज को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. बेंगलुरु की एक अदालत ने एक्टर प्रकाश राज के खिलाफ एक गैर-जमानती वॉरंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है. ये मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि उनके पास कई राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं। 

प्रकाश राज के खिलाफ वॉरंट जारी
ये शिकायत 2019 में वकील दिलीप कुमार ने हलासूरू गेट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता का कहना है कि राज के पास चार राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं, जिनमें कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं और अगर ये साबित हुआ, तो यह चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन होगा। 

दिलीप कुमार ने कहा कि पुलिस ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने बाद में बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर और चुनाव आयोग से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया. चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी नागरिक को देश में केवल एक ही जगह मतदाता के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है. शिकायत में आरोप है कि प्रकाश राज ने कई मतदाता पहचान पत्र रखकर इन नियमों का उल्लंघन किया। 

विवादों में प्रकाश राज
48वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत ने कथित तौर पर दो मौकों पर एक्टर को समन भेजे थे और अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे. हालांकि, प्रकाश राज दोनों तारीखों पर पेश नहीं हुए. बार-बार समन के बावजूद उनकी गैरहाजिर होने को देखते हुए अदालत ने अब उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है, जिससे इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। 

प्रकाश राज के वर्कफ्रंट की बात करें, तो वो जल्द ही दृश्यम 3 में नजर आने वाले हैं. फिल्म के 2 सीक्वल बॉक्स ऑफिस हिट रहे हैं. फैन्स को उम्मीद है कि फिल्म का तीसरा पार्ट भी सुपरहिट होगा।  

संजीव कपूर का खुलासा: मास्टरशेफ इंडिया में अक्षय कुमार से ज्यादा फीस की थी शर्त

 सेलेब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने हाल ही में ‘मास्टरशेफ इंडिया’ को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसे फैंस जानते नहीं होंगे. संजीव ने बताया कि जब उन्हें पहली बार ‘मास्टरशेफ इंडिया’ ऑफर हुआ था, तब उन्होंने शो करने से इनकार कर दिया था. वजह थी उनकी एक खास शर्त, जिसे मेकर्स मानने के लिए तैयार नहीं थे.

Sanjeev Kapoor Reveals His Condition: ‘मेरी एक ही शर्त थी’
Culinary Culture से बातचीत में संजीव कपूर ने कहा, “जब वे पहली बार मेरे पास आए थे, तब उन्होंने मेरी शर्त नहीं मानी. मेरी शर्त सिर्फ इतनी थी कि मुझे अक्षय कुमार से एक रुपया ज्यादा फीस मिलनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “यह शो का पहला सीजन था और मुझे लगता था कि इस काम को मुझसे बेहतर कोई नहीं कर सकता. जब उन्होंने मुझसे बात की, तो मैंने कहा कि मेरी एक शर्त है. उन्होंने उसे नहीं माना और मैं समझौता नहीं करना चाहता था. मैं अपने फैसले से खुश था.” संजीव ने यह भी बताया कि शो छोड़ने के बाद भी मेकर्स लगातार उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे.

गेस्ट बनकर भी नहीं पहुंचे शो में
शेफ ने बताया कि मेकर्स ने उन्हें कई बार एक एपिसोड के लिए गेस्ट बनकर आने का ऑफर भी दिया, लेकिन उन्होंने हर बार मना कर दिया. संजीव कपूर ने कहा, “वे लोग बार-बार कहते थे कि सर, एक एपिसोड के लिए आ जाइए. लेकिन मैंने साफ कह दिया था कि मैं ऐसा नहीं करूंगा.”

 तीसरे सीजन में बदली पूरी कहानी
संजीव कपूर ने बताया, “तीसरे सीजन में उन्होंने मुझसे कहा कि शो सही तरीके से नहीं चल रहा है और उन्हें मेरी जरूरत है. मैंने कहा कि मुझे नहीं लगता मैं कर पाऊंगा. तब उन्होंने कहा कि हम बिल्कुल वैसा ही करेंगे जैसा आप कहेंगे.” इसके बाद संजीव ने अपनी शर्तों पर शो साइन किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या आखिरकार उन्हें अक्षय कुमार से ज्यादा फीस मिली थी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “बिल्कुल मिली थी. वह शर्त कभी बदलने वाली नहीं थी. अगर मैं अपने फील्ड में यह नहीं कर सकता, तो फिर क्या मतलब है?”

पंकज कपूर ने सुनाया शाहरुख खान से जुड़ा NSD का दिलचस्प किस्सा

दिग्गज एक्टर पंकज कपूर ने हाल ही में पुरानी यादें ताजा करते हुए शाहरुख खान से जुड़ा एक दिल छू लेने वाला किस्सा शेयर किया. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में अपने स्टूडेंट के दिनों को याद करते हुए, पंकज ने बताया कि बॉलीवुड सुपरस्टार ने एक बार उभरते हुए एक्टर्स की जिंदगी में बैकस्टेज एक छोटा लेकिन यादगार रोल निभाया था.

किंडल कास्ट के यूट्यूब चैनल पर अपने पुराने क्लासमेट्स के साथ हाल ही में हुई मुलाकात के बारे में बात करते हुए, पंकज ने कहा कि NSD से ग्रेजुएट हुए उन्हें 50 साल हो गए थे और उन्होंने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर रखा था. इस मुलाकात के दौरान, उनके स्टूडेंट के दिनों की यादें ताजा हो गईं, जिसमें मशहूर थिएटर डायरेक्टर इब्राहिम अल्काज़ी के पुराने किले में किए गए नाटकों की कहानियां भी शामिल थीं.

पंकज ने याद किया कि इब्राहीम अलकाजी जी एक साथ तीन बड़े नाटकों- रजिया सुल्तान, तुगलक और अंधा युग को डायरेक्ट कर रहे थे. ये नाटक किले की पुरानी दीवारों के बैकग्राउंड में किए गए थे, जिससे एक शानदार और यादगार थिएटर का एक्सपीरियंस मिला.

पंकज कपूर ने सुनाया किस्सा
एक्टर को ‘रजिया सुल्तान’ का एक खास सीन याद आया जिसमें भूखे नागरिक शासक के सामने जमा हुए थे. पहले साल के स्टूडेंट के तौर पर, पंकज और उनके दोस्तों को भीड़ का हिस्सा बनाया गया था, जबकि उनके दो क्लासमेट्स ने सैनिक का रोल निभाया था. सीन के दौरान, सैनिकों को भीड़ की तरफ नान फेंकने थे, और स्टूडेंट ने जल्द ही एक चालाक प्लान बनाया.

पंकज ने याद करते हुए कहा, ‘हमने दोस्तों के साथ एक टीम बनाई. वे हमारी तरफ नान फेंकते, हम उन्हें पकड़ते, और इंटरवल के दौरान हम समोसे खरीदते, सब कुछ बैकस्टेज ले जाते और साथ में नान, समोसा और चाय का मजा लेते.’

हालांकि, यह सीक्रेट प्लान ज्यादा देर तक छिपा नहीं रहा. पंकज के मुताबिक, अलकाजी ने आखिरकार देखा कि कुछ एक्टर सीन की स्टेजिंग में बदलाव कर रहे थे और तुरंत उन्हें डांट लगाई. इस कहानी को और भी खास बनाने वाली बात थी समोसे सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान. उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘वे समोसे हमें कोई और नहीं बल्कि शाहरुख खान सप्लाई करते थे. उस समय वह 10 साल का लड़का था. उसके पिता वहां कैंटीन चलाते थे.’

शाहरुख के पिता चलाते थे कैंटीन
इससे पहले, 2016 में टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में, शाहरुख खान ने बताया था कि उनके पिता NSD में कैंटीन चलाते थे. उन्होंने कहा, ‘मैं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का हिस्सा नहीं था, लेकिन मैं वहां के कई एक्टर्स के साथ काम करता था. मनोज बाजपेयी भी वहां से नहीं थे, लेकिन उन्होंने और मैंने रघुवीर यादव जैसे एक्टर्स के साथ काम किया जो NSD का हिस्सा थे. जब हम दिल्ली में थिएटर करते थे, तो वे हमारे बोलने के तरीके और उच्चारण को बेहतर बनाने में मदद करते थे. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा. मेरे पिता NSD में कैंटीन चलाते थे, इसी वजह से मैं वहाँ के सभी बेहतरीन एक्टर्स को जान पाया.’

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