एल-नीनो की चुनौती को अवसर में बदलें किसान- कृषि विभाग

एल-नीनो की चुनौती को अवसर में बदलें किसान- कृषि विभाग

दलहन-तिलहन की खेती अपनाने पर मिलेगा 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक फसलें बनेंगी किसानों की आय का आधार

रायपुर
प्रदेश में इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को मौसम के अनुरूप फसल प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है। विभाग ने विशेष रूप से अपलैंड एवं कम जलधारण क्षमता वाली भूमि में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।

         कृषि विभाग के अनुसार कम वर्षा की संभावित परिस्थितियों में अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, मूंगफली, तिल, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी जैसी फसलें बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। ये फसलें अपेक्षाकृत कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं तथा प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में किसानों के लिए जोखिम को कम करती हैं।

दलहन-तिलहन की खेती पर मिलेगा प्रोत्साहन

         राज्य शासन द्वारा किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत अपलैंड क्षेत्रों में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही इन फसलों की खरीदी प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर की जाती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी हैं वैकल्पिक फसलें

        कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन एवं तिलहन फसलें कम लागत में बेहतर उत्पादन देने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दलहनी फसलें भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में सहायक होती हैं, जिससे आगामी फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। साथ ही इन फसलों का बाजार मूल्य अपेक्षाकृत अच्छा होने से किसानों की आय में वृद्धि की संभावना रहती है।

अल्प अवधि की धान किस्मों के चयन की सलाह

          कृषि विभाग ने मध्यम भूमि वाले क्षेत्रों के किसानों को भी संभावित कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अल्प अवधि में तैयार होने वाली धान किस्मों का चयन करने की सलाह दी है। इससे जल उपलब्धता की अनिश्चितता के बावजूद उत्पादन जोखिम को कम किया जा सकेगा।

         कृषि विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक सलाह के अनुसार फसल चयन करने, फसल विविधीकरण अपनाने तथा शासन की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है। विभाग का मानना है कि मौसम आधारित कृषि रणनीति अपनाकर किसान न केवल संभावित सूखे के प्रभाव को कम कर सकते हैं, बल्कि अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

बालाघाट-रायसेन समेत 15 जिलों में आंधी-बारिश, 2 दिन में MP में मानसून की एंट्री के आसार

भोपाल 
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून अब कुछ ही दूरी पर है। एक-दो दिनों में यह मध्य प्रदेश में दाखिल होने वाला है। मानसून बालाघाट, सिवनी और मंडला इलाके से आने की संभावना है। मानसूनी बादलों ने पहले ही पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को कवर कर चुके हैं और जल्द ही मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की उम्मीद है।

एक से दो दिन में मानसून देगी दस्तक
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों, महाराष्ट्र के और इलाकों, तेलंगाना और ओडिशा के बाकी हिस्सों, और छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। मानसून की उत्तरी सीमा अभी दहानू, वर्धा, रायपुर डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले एक-दो दिनों में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं।

आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 30.2 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में 30.4 डिग्री, धार में 31 डिग्री, सिवनी में 32.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 35.3 डिग्री, बैतूल-मंडला में 35.5 डिग्री और रायसेन में 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

वहीं प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 33.9 डिग्री, भोपाल में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 41 डिग्री, उज्जैन में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया-सीधी में पारा सबसे ज्यादा 41.2 डिग्री रहा।

जारी है प्री मानसून बारिश
वहीं, मध्य प्रदेश के कई इलाकों में प्री मानसून बारिश का दौर जारी है। भोपाल में बुधवार की सुबह भी बारिश हुई है। साथ ही लोगों को गर्मी और तापमान से राहत मिली है। मंगलवार को भोपाल में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल में बीते 24 घंटों में 19.8 मिमी बारिश हुई।

भोपाल में बुधवार को होगी बारिश
मौसम विभाग ने भोपाल में बुधवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही दोपहर या शाम के समय आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवा की औसत गति लगभग 30 किमी प्रति घंटा रहेगी।

कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।

ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर।

धार में 2 इंच, भोपाल में पौन इंच बारिश, 17 जिलों में पानी गिरा
इससे पहले सोमवार को प्रदेश में प्री-मानसूनी एक्टिविटी देखने को मिली। धार में करीब 2 इंच पानी गिर गया। वहीं, भोपाल में पौन इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इंदौर, खंडवा, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना, सिवनी, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर बना रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पर अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री दर्ज किया गया। धार में 32.9 डिग्री, सिवनी में 34.2 डिग्री, रायसेन में 35.4 डिग्री, शाजापुर में 35.7 डिग्री रहा। दतिया में सबसे ज्यादा 42.2 डिग्री दर्ज किया गया। सीधी, खजुराहो, टीकमगढ़ नौगांव और नरसिंहपुर में 40 डिग्री या इससे ज्यादा रहा।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 34.7 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, जबलपुर में 36 डिग्री और ग्वालियर में 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

आंधी और बारिश की चेतावनी
इसके साथ ही सीहोर, जबलपुर, सागर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल और उमरिया समेत एमपी के कई जिलों में आंधी बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

साथ ही डिडोंरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा, सीधी और नरसिंहपुर के लिए भी चेतावनी जारी है।

MP शिक्षक भर्ती मामले में बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने चॉइस फिलिंग की दी अनुमति; नियुक्ति आदेश पर रोक

 जबलपुर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक मामले में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए चॉइस फिलिंग की अनुमति दे दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि उनके नियुक्ति आदेश फिलहाल जारी नहीं किए जाएंगे और यह प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। यह मामला डेढ़ हजार से अधिक अभ्यर्थियों से जुड़ा है।

कोर्ट के समक्ष भोपाल निवासी प्रिया देव सहित अन्य बनाम मध्य प्रदेश शासन व अन्य प्रकरण की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रवीण कुमार वर्मा व डॉ. ज्योति वर्मा ने पक्ष रखा।

उन्होंने दलील दी कि सभी याचिकाकर्ता एक जैसी शर्तों और विवाद से प्रभावित हैं, इसलिए अलग-अलग याचिकाएं दायर करना व्यावहारिक नहीं होगा। इस पर कोर्ट ने संयुक्त याचिका दायर करने संबंधी आवेदन स्वीकार कर लिया।

चॉइस फिलिंग में भाग लेने की अनुमति दी
अधिवक्ता वर्मा ने यह भी तर्क दिया कि इसी प्रकार के मामले डब्ल्यूपी क्रमांक 21474/2026 में हाई कोर्ट द्वारा 19 जून, 2026 को अंतरिम राहत प्रदान की जा चुकी है। तर्कों से सहमत होते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को चॉइस फिलिंग में भाग लेने की अनुमति दे दी, लेकिन नियुक्ति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी।

राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रवीण नामदेव उपस्थित रहे। कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले को चार सप्ताह बाद संबंधित याचिका के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

भोपाल पहुंची CMRS टीम, सिग्नलिंग सिस्टम की जांच; 2 दिन बंद रहेगी मेट्रो सेवा

भोपाल

राजधानी भोपाल के सुभाषनगर से एम्स के बीच दौड़ रही मेट्रो अगले 2 दिन यानी, बुधवार और गुरुवार को बंद रहेगी। यह आम लोगों के लिए नहीं दौड़ेगी। दो दिन तक कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) सिग्नलिंग सिस्टम की जांच करेगी। यह टीम भोपाल पहुंच गई है।

निरीक्षण के बाद टीम ‘ओके’ रिपोर्ट देगी। इसके बाद सिग्नलिंग सिस्टम चालू हो जाएंगे। जिससे मेट्रो का नया शेड्यूल और टाइमिंग तय होगी। जुलाई में सिग्नलिंग सिस्टम चालू होने के बाद नया शेड्यूल जारी होगा।

मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, निरीक्षण एवं परीक्षण पूरा होने के बाद 26 जून से मेट्रो फिर से अपने निर्धारित समय पर दौड़ने लगेगी।

सुभाष नगर से एम्स के बीच करीब 7 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा हो गया है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑरेंज-येलो लाइन के 2 रूट 30 किलोमीटर लंबे हैं। फिलहाल 12 किमी में ही मेट्रो दौड़ रही है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। इस वजह से सवाल उठने लगे हैं।

800 करोड़ रुपए में नया सिस्टम
भोपाल में मेट्रो संचालन की सुस्त रफ्तार को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा हो गया। करीब 30 किमी के लिए हुए करीब 800 करोड़ रुपए के टेंडर का यह पहला चरण है।

अभी एक ही ट्रैक पर दौड़ रही मेट्रो
जानकारी के अनुसार, भोपाल और इंदौर में अभी सिग्नलिंग सिस्टम नहीं है। इस वजह से मेट्रो प्रबंधन को केवल एक ही ट्रैक (डाउन ट्रैक) पर ट्रेन चलानी पड़ रही हैं। यही वजह है कि भोपाल में ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी 75 मिनट रखी गई है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। यहां दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बाद ही मेट्रो दौड़ रही है।

जिस ट्रैक पर दौड़ती, उसी पर वापसी
सुभाष नगर से एम्स के बीच डाउन ट्रैक पर ही ट्रेन दोनों दिशाओं में चलाई जा रही हैं। यानी जो जा रही है, वह उसी ट्रैक पर लौट रही है। जबकि अप ट्रैक (एम्स से सुभाष नगर) पर ट्रेन नहीं दौड़ती। नए सिस्टम के बाद दोनों तरफ से ट्रेन चलेगी।

मेट्रो की रीढ़ होता है सिग्नलिंग सिस्टम
जानकारों के मुताबिक सिग्नलिंग सिस्टम किसी भी मेट्रो नेटवर्क का सबसे अहम हिस्सा होता है। यही तय करता है कि ट्रेन कितनी दूरी पर चलेगी। ट्रेन की अधिकतम और न्यूनतम गति नियंत्रित करता है। ट्रेनों के बीच सुरक्षित गैप बनाए रखता है।

ऑटोमेटेड ऑपरेशन और इमरजेंसी कंट्रोल संभालता है। सिस्टम के बिना मल्टी-ट्रैक ऑपरेशन संभव नहीं होता, जिससे पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता।

दिल्ली मेट्रो जैसी तकनीक
भोपाल मेट्रो में वही आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जो दिल्ली मेट्रो में इस्तेमाल होती है। इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेन दोनों ट्रैक पर चल सकेंगी। ट्रेनों के बीच का अंतर (हेडवे) कम होगा और फ्रिक्वेंसी तेजी से बढ़ाई जा सकेगी।

नए सिस्टम से यह फायदा
नए सिस्टम के शुरू होने के बाद मेट्रो दोनों ओर से चलेगी। इससे 75 मिनट की टाइमिंग कम होगी। इससे लोगों को आसानी से मेट्रो मिल सकेगी। फेरे भी बढ़ जाएंगे। ऐसे में सुबह और शाम को ऑफिस टाइमिंग पर भी मेट्रो मिल सकेगी।

राहुल गांधी को राहत मिलेगी या बढ़ेंगी मुश्किलें? मानहानि केस पर MP हाईकोर्ट का फैसला आज

 जबलपुर
 मध्य प्रदेश में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह की ओर से दायर मानहानि के केस में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति से राहत मिलेगी या नहीं, इसका निर्णय बुधवार को होगा। इसके लिए दायर राहुल की याचिका पर मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।

प्रकरण में कार्तिकेय सिंह का आरोप है कि वर्ष 2018 में झाबुआ जिले में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स प्रकरण में उनके पिता शिवराज सिंह चौहान और उनके नाम का उल्लेख किया, जिससे उनकी मानहानि हुई।

केस की सुनवाई भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट कर रही है। वहां से सुनवाई में पेश न होने पर राहुल गांधी को समन जारी किया गया था।

इसे समन को हाई कोर्ट की जबलपुर स्थित मुख्य पीठ में चुनौती देते हुए राहुल की ओर से ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दिए जाने की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में ट्रायल कोर्ट से केस संबंधित रिकार्ड तलब किया था।

मंगलवार की सुनवाई में कोर्ट ने रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद प्रकरण में निर्णय बुधवार के लिए पुनः सूचीबद्ध कर दिया। अब हाई कोर्ट यह तय करेगी कि अंतिम निर्णय तक राहुल गांधी को कोई अस्थायी संरक्षण दिया जाए या नहीं।

UN में भारत का दो टूक संदेश, पाकिस्तान और चीन को सुनाई खरी-खरी; कहा- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा

नई दिल्ली

जम्‍मू-कश्‍मीर पर भारत के रुख से पूरी दुनिया वाकिफ है. हर कोई जानता है कि नई दिल्‍ली को उसके स्‍टैंड से कोई नहीं डिगा सकता, लेकिन पाकिस्‍तान अपने यार चीन के साथ मिलकर अक्‍सर ही साजिश रचता रहता है. संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्‍तान ने चीन के साथ मिलकर फिर से जम्‍मू-कश्‍मीर का मुद्दा उठाया. हर बार की तरह इस बार भी भारत ने पाकिस्‍तान के साथ ही चीन को इस कदर रगड़ा कि उनको कोई जवाब नहीं सूझ पड़ा। 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन और पाकिस्तान की ओर से आयोजित अरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया. भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह उसका आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती. ‘Bridging the Implementation Gap: Security Council Resolutions and Maintenance of International Peace and Security’ विषय पर आयोजित इस बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की. इस पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा था, आज भी है और आगे भी भारत का ही रहेगा। 

UN को भी दिखाया आईना
भारत ने इस मौके पर सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए. पी. हरीश ने कहा कि समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलती हैं, ऐसे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और मध्यस्थता ढांचों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्‍टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्र स्थायी नहीं माने जा सकते और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उनकी उपयोगिता का आकलन जरूरी है। 

पाकिस्‍तान का दांव फिर धराशायी
भारत ने यह भी कहा कि जब UN80 पहल के तहत संयुक्त राष्ट्र महासभा के जनादेशों की समीक्षा की जा रही है, तो सुरक्षा परिषद के जनादेशों को भी उसी गंभीरता से परखा जाना चाहिए. भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर मुद्दे को उठाने की कोशिश करता रहा है. भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर पर उसका रुख अडिग है और यह विषय पूरी तरह संप्रभु भारतीय अधिकार-क्षेत्र के भीतर आता है। 

मुंबई में मानसून का कहर, सड़कों और रेलवे ट्रैक पर भरा पानी; अंधेरी सबवे बंद

 मुंबई
 मानसून की पहली बारिश मंगलवार को मुंबई में आफत बनकर आई। सड़कें, रेलवे ट्रैक और सबवे सभी जगहों पर पानी भर गया और शहर के कई हिस्सों में जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए मुंबई में भारी बारिश का अनुमान लगाते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पूरे राज्य में बारिश का मौसम बने रहने के कारण महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं।

जलभराव से रोजमर्रा की जिंदगी बाधित
मंगलवार तक हुई भारी बारिश के कारण मुंबई के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया। सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया और सिविक अधिकारियों द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवाजाही पर रोक लगाने के कारण यात्रियों को ट्रैफिक में रुकावटों का सामना करना पड़ा।

एवरार्ड नगर में पानी से भरे सबवे को भी आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया। साकी नाका मेट्रो स्टेशन इलाके समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरों में भारी बारिश का रोजमर्रा की आवाजाही पर असर साफ दिखा।

‘नहीं ढूंढ़ पाए समस्या का अस्थाई समाधान’
अंधेरी अंडरपास की स्थिति के बारे में बात करते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अधिकारी ऋतिक ने कहा, “हम पानी भरने की इस गंभीर समस्या का कोई अस्थायी समाधान नहीं ढूंढ पाए हैं। हमारे अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए यहां तैनात रहते हैं कि गाड़ियां यहां से न गुजरें। लेकिन कुछ रिक्शा चालक फिर भी अपनी गाड़ियों को वहां से निकालने की कोशिश करते हैं। एक रिक्शा सबवे के बीच में फंस गया था। उसकी जान खतरे में थी। हमारे दो अधिकारियों ने उसे बाहर निकालने में मदद की।”

बीएमसी के एक और अधिकारी रॉबर्ट ने कहा, “हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि अंडरपास के अंदर कोई भी गाड़ी न जाए। हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”
रेल सेवा जारी रही

बीएमसी ने कहा कि पानी से भरे अंधेरी अंडरपास को छोड़कर सभी सबवे चालू रहे, जबकि शहर भर में रेल सेवा सामान्य रूप से चलती रही। जोरदार बारिश के बावजूद, वेस्टर्न रेलवे ने पुष्टि की कि सुबह के व्यस्त समय में हार्बर लाइन और चर्चगेट-दहानू कॉरिडोर समेत मुख्य रूटों पर सबअर्बन ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही थीं। हालांकि, रात भर लगातार हुई बारिश के कारण मुंबई और नवी मुंबई के कुछ हिस्सों में जलभराव हो गया।

भारी बारिश से थमी मुंबई की रफ्तार

वसई, विरार और नालासोपारा क्षेत्रों में बुधवार रात से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है. जलभराव के कारण स्थानीय सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. पहली ही तेज बारिश ने कई क्षेत्रों में परेशानी बढ़ा दी है. वहीं, भवानी पार्क इलाके में एक पेड़ भी गिर गया, जिसे हटाने के लिए दमकल विभाग की टीम युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटी हुई है. लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। 

मुंबई में रेड वॉर्निंग के बीच बुधवार शाम से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. इसी दौरान दादर स्टेशन के पूर्वी इलाके में भारी बारिश के कारण एक बड़ा पेड़ गिरकर एक कार पर आ गिरा, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ की शाखाएं काटकर उसे हटाने का काम शुरू कर दिया. लगातार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें हैं। 

 मुंबई में मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक लगातार जारी रही. मुंबई में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. पनवेल से नवी मुंबई आने वाले कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक की रफ्तार बेहद धीमी रही. सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक समय लगा। 

 बारिश का असर मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी साफ दिखाई दिया. पश्चिमी रेलवे की लोकल ट्रेनें 20 से 25 मिनट की देरी से चल रही हैं. वहीं सेंट्रल लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार और भी ज्यादा प्रभावित हुई है तथा कई ट्रेनें लगभग 30 मिनट की देरी से चल रही हैं. सेंट्रल रेलवे की सेवाओं में भी व्यवधान दर्ज किया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

सबसे बड़ा असर हार्बर लाइन पर देखने को मिला. रेलवे प्रशासन ने जानकारी दी है कि तकनीकी कारणों के चलते हार्बर लाइन की सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं. प्रशासन के अनुसार भारी बारिश और उससे जुड़े तकनीकी कारणों की वजह से यह कदम उठाया गया. इससे नवी मुंबई और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। 

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आंकड़ों के अनुसार 23 जून सुबह 8 बजे से 24 जून रात 2 बजे तक शहर क्षेत्र में औसतन 78 मिमी बारिश दर्ज की गई. पूर्वी उपनगरों में 87 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 113 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. रात 1 बजे से 2 बजे के बीच सबसे ज्यादा बारिश भांडुप कॉम्प्लेक्स में 40 मिमी दर्ज हुई. इसके अलावा एस वार्ड में 35 मिमी, टी वार्ड में 31 मिमी और मिथागर म्यूनिसिपल स्कूल क्षेत्र में 29 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। 

पश्चिमी उपनगरों में आनंद नगर म्यूनिसिपल स्कूल क्षेत्र में 32 मिमी, दिंडोशी वसाहत और दहिसर में 30 मिमी तथा मालवणी फायर स्टेशन क्षेत्र में 26 मिमी बारिश हुई. वहीं शहर क्षेत्र में काला किला धारावी में 19 मिमी, आदर्श नगर स्कूल वर्ली में 16 मिमी तथा दादर और वर्ली फायर स्टेशन क्षेत्र में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई. मिटी नदी का जलस्तर भी बढ़कर 1.83 मीटर तक पहुंच गया है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। 

मुंबई में कितनी बारिश हुई?
बीएमसी के बारिश के आंकड़ों के अनुसार, 23 जून को सुबह 8:00 बजे से रात 11:00 बजे के बीच शहर में औसतन 56 एमएम बारिश हुई, जबकि पूर्वी उपनगरों में 23 एमएम और पश्चिमी उपनगरों में 33 एमएम बारिश दर्ज की गई।

रात 10:00 बजे से 11:00 बजे के बीच, पश्चिमी उपनगरों में कई जगहों पर अच्छी-खासी बारिश हुई। इनमें कांदिवली का चारकोप सेक्टर 1 म्युनिसिपल स्कूल (32 मिमी), मलाड का MHB म्युनिसिपल स्कूल (28 मिमी), गजधरबंध स्टॉर्म वॉटर पंपिंग स्टेशन (26 मिमी), बनाना लीफ और जुहू डिस्पेंसरी (22 मिमी) और सांताक्रूज का नारियलवाड़ी स्कूल (21 मिमी) शामिल हैं।

 

शेयर बाजार में अचानक लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी में तूफानी तेजी; बैंकिंग स्टॉक्स बने रॉकेट

मुंबई 
शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को सुस्ती के साथ शुरुआत हुई, लेकिन घंटेभर के कारोबार के बाद ही अचानक बाजी पलट गई. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आने लगे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 700 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 24000 के पार निकल गया. इस दौरान बैंकिंग शेयर रफ्तार पकड़े हुए नजर आए. ICICI Bank से लेकर HDFC Bank तक के स्टॉक ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे। 

सेसेंक्स-निफ्टी की बदली चाल 
शेयर मार्केट में कारोबार की ओपनिंग के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,200 की तुलना में मामूली बढ़त लेकर 76,229 के लेवल पर खुला और कुछ देर सुस्ती के साथ ही कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक 30 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने रफ्तार पकड़ी और 700 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ 76,976 पर जा पहुंचा। 

न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty इंडेक्स की भी चाल बदली-बदली नजर आई. अपने पिछले बंद 23,824 की तुलना में गिरावट के साथ ये इंडेक्स 23,795 के साथ रेड जोन में ओपन हुआ. लेकिन जैसे ही सेंसेक्स ने रफ्तार पकड़ी ये भी अचानक ग्रीन जोन में आ पहुंचा और खबर लिखे जाने तक 180 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 24,013 पर ट्रेड करता दिखा। 

बैंकिंग समेत इन स्टॉक्स ने दिखाया दम
शेयर बाजार में लौटी इस तेजी के बीच बैंकिंग स्टॉक्स समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने अपना दम दिखा. बीएसई लार्जकैप में शामिल Trent Share (3.70%), IndiGo Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.40%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. वहीं बैंकिंग सेक्टर में ICICI Bank Share (2.70%), HDFC Bank Share (2.20%), SBI Share (1.90%), Axis Bank Share (1.30%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप में शामिल AU Bank Share (3.50%), तो Yes Bank Share (1.50%) की तेजी लिए नजर आया। 

विदेशों से मिले ये संकेत 
भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से मिले-जुले संकेत मिल रहे थे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट की वजह से भी बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. अगर एशियाई बाजारों की बात करें, तो बुधवार को कोस्पी से लेकर हैंगसेंग तक में तेजी देखने को मिली, लेकिन शुरुआती कारोबार में धीमी रफ्तार से भागता हुआ Gift Nifty अचानक तेज रफ्तार से भागने लगा और करीब 200 अंक चढ़ गया। 

 

राज्य में सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, आयकर विभाग के 200 से ज्यादा निरीक्षकों के तबादले

भोपाल 
 मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 209 आयकर निरीक्षकों के तबादले किए हैं। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश क्षेत्र की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को नई पदस्थापना स्थल पर 3 जुलाई तक कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी सूची के अनुसार सबसे अधिक तबादले भोपाल और रायपुर में किए गए हैं। भोपाल में 46 और रायपुर में 31 आयकर निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अलावा इंदौर में 21, भिलाई में 10 और बिलासपुर में 6 निरीक्षकों की पदस्थापना बदली गई है।

तबादला सूची में ऐसे कई अधिकारी शामिल हैं जिन्हें छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में भेजा गया है। विभाग का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक जरूरतों और कार्य संतुलन को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 3 जुलाई तक नई पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन कर विभाग को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

LNCT समूह पर ED का शिकंजा, भोपाल-इंदौर समेत 3 शहरों में छापे; 200 करोड़ की हेराफेरी का आरोप

 भोपाल
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भोपाल के एलएनसीटी समूह से जुड़े कई स्थानों पर सोमवार को छापा मारा। जांच देर शाम तक जारी रही। ईओडब्ल्यू में सितंबर 2025 में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत ईडी ने प्रकरण कायम कर कार्रवाई की है।

बताया जा रहा है कि भोपाल के अतिरिक्त ईडी ने इंदौर और बिलासपुर में भी संस्था से जुड़े स्थानों पर तलाशी ली है। सभी जगह से दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस जब्त की गई हैं।

200 करोड़ की हेराफेरी का आरोप
ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर के अनुसार पूरे मामले में लगभग 200 करोड़ रुपये के हेरफेर का आरोप है। इसके अनुसार आस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी के माध्यम से गड़बड़ी की गई थी, जिसमें ग्रुप के मालिकों, अधिकारियों को मिलाकर सात लोगों को आरोपित बनाया गया है।

फीस, स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के लेन-देन जांच के दायरे में
जांच में छात्रों की फ़ीस, स्कॉरशिप और एजुकेशन लोन से जुड़े वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताएं सामने आईं हैं। जो राशि संस्था को मिलनी थी उसे दूसरी जगह उपयोग करने का आरोप है। ईओडब्ल्यू की जांच में सोसायटी में दर्ज कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाकर दिखाने की बात सामने आई थी।

दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही ईडी
ईडी फिलहाल जब्त दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के जरिए प्राप्त राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और क्या इसमें धन शोधन के तत्व शामिल हैं।

 इस संबंध में पक्ष लेने के लिए मालिकों में शामिल अनुपम चौकसे को फोन लगाया, मैसेज भी किया, पर कोई जवाब नहीं मिला।

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