रतलाम के डायल-112 हीरोज ट्रेन से गिरकर घायल हुए युवक को त्वरित सहायता देकर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल 

रतलाम जिले के थाना रावटी क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से ट्रेन से गिरकर घायल हुए एक युवक को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की त्वरित सहायता से युवक को शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।

12 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रावटी क्षेत्र अंतर्गत कोटड़ा गाँव के पास एक युवक ट्रेन से गिरकर घायल हो गया है तथा उसे तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना रावटी क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री बहादुर दांगी एवं पायलट श्री शाहिद अली ने मौके पर पहुंचकर पाया कि कोटड़ा गाँव के समीप ट्रेन से गिरने के कारण एक युवक घायल हो गया था।

डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घायल युवक को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सुरक्षित शासकीय अस्पताल रावटी पहुँचाया। समय पर मिली सहायता के कारण घायल युवक को शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा प्राप्त हो सकी।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन

 

घरों में रखी पाण्डुलिपियों का संरक्षण जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मठ मंदिरों के साथ-साथ कई घरों में भी प्राचीन पाण्डुलिपियां सुरक्षित हैं। हमारी सांस्कृतिक स्मृतियां, ज्ञान, परम्पराएं, विज्ञान और दर्शन पाण्डुलिपियों के रूप में अभी तक विद्यमान हैं। इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अमूल्य विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिए ज्ञान भारतम् मिशन की पहल राष्ट्रीय स्तर पर आरंभ की गई है। जिसके अंतर्गत वर्ष 1950 से पहले की पाण्डुलिपियों का डिजिटल रूप से संरक्षण किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत मंदिरों, मठों, आश्रमों, पुस्तकालयों और शैक्षणिक व शोध संस्थाओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों में ताड़पत्र, ताम्रपत्र, प्रस्तर, भोजपत्र, पोथियों आदि के रूप में विद्यमान पाण्डुलिपियों का संरक्षण होना है। प्रदेश के एतिहासिक और सांस्कृतिक व धार्मिक रूप से समृद्ध है। यहां के धार्मिक स्थलों के साथ-साथ कई परिवारों तथा व्यापारिक संस्थानों के पास भी पर्याप्त मात्रा में पाण्डुलिपियां विद्यमान हैं। भारत की ज्ञान परम्परा को सुरक्षित रखने के इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रदेशवासियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स वीसी में ज्ञान भारतम् मिशन के संबंध में यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई और अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि प्रदेश के जिलों में उपलब्ध पाण्डुलिपियों की अनुमानित संख्या 10 लाख 24 हजार 571 हैं। पाण्डुलिपियों के संरक्षण के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति द्वारा ज्ञान भारतम् मोबाइल एप के माध्यम से पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण और उनकी अपलोडिंग की जा रही है। इस मिशन के लिए भारत सरकार और प्रदेश के पुरातत्व विभाग द्वारा प्रत्येक जिले के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाण्डुलिपि संरक्षण अभियान के लिए पाण्डुलिपि धारकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें अभियान से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन गतिविधियों में शैक्षणिक संस्थानों और शोधार्थियों के भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

 

 

लापरवाही करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा : मंत्री राजपूत

भोपाल

सागर जिले में गेहूं खरीदी में गंभीरिया के लक्ष्मी नगर स्थित  देव प्रभाकर हाउस में गंभीर अनियमितताओं और किसानों के हितों से खिलवाड़ के मामले को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री  राजपूत के निर्देश पर मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, वहीं जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल को सागर जिले प्रभार से हटा कर भोपाल मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री  राजपूत द्वारा कलेक्टर सागर को यह भी निर्देशित किया गया है कि खाद्य विभाग के अतिरिक्त उपार्जन के लिए जिम्मेदार अन्य विभाग के कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी की जाए और दोषी होने पर उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाये। मंत्री  राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की मेहनत और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपार्जन प्रक्रिया में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या समूह लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बोरियों में गेहूं के साथ मिट्टी मिलाने का मामला

जिले के एक वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों में भारी मात्रा में मिट्टी मिलने का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच में कुछ बोरियों में गड़बड़ी दिखाई दी थी। बोरियों में गेहूं के स्थान पर अत्यधिक मात्रा में मिट्टी पाए जाने की पुष्टि हुई। जानकारी के अनुसार कुछ बोरियों में मिट्टी की अधिक मात्रा पाई गई। खाद्य मंत्री  राजपूत के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की और संबंधित स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया। इसके साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध

मंत्री  राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही न हो, इसके लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने, उनकी आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति या अधिकारी किसानों के अधिकारों पर कुठाराघात करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री  राजपूत ने कहा, किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी मेहनत और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। गेहूं खरीदी में हुई गड़बड़ी अत्यंत गंभीर मामला है। मैंने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कदम उठाए हैं। जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत की जाएगी।

 

 

देवपुर में औषधीय वनस्पतियों पर एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला

रायपुर

बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के वनमंडल बलौदाबाजार के देवपुर परिक्षेत्र में शुक्रवार को औषधीय वनस्पतियों की पहचान और महत्व पर केंद्रित एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।
           
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्र में उपलब्ध औषधीय पौधों की पहचान कराना, छाल, पत्ती, तना, जड़, फल एवं फूल के आधार पर वर्गीकरण सिखाना तथा उनके औषधीय महत्व की जानकारी देना था।

80 से अधिक प्रजातियों की पहचान  
       
कार्यक्रम में अर्जुन, आंवला, बहेड़ा, बेल, काली मुसली, हाथीपांव, दूधी, भुईनीम, सतावर, खरहर, ठेलका, नरनारी, गरुड़ सहित लगभग 80 औषधीय वनस्पति प्रजातियों की पहचान कराई गई। विशेषज्ञों ने इन प्रजातियों के पर्यावरणीय व्यवहार, संरक्षण की आवश्यकता और फल, फूल, पत्ती, जड़ आदि के माध्यम से विभिन्न रोगों के उपचार में उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। स्वस्थ, निरोग और दीर्घायु जीवनशैली के लिए प्रकृति आधारित ज्ञान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

वैद्यों से लेकर छात्रों तक की भागीदारी  
           
कार्यशाला में वनमंडल बलौदाबाजार, वनमंडल कवर्धा और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही पारंपरिक वनौषधीय ज्ञान रखने वाले वैद्यगण, वन प्रबंधन समिति के सदस्य, बारनवापारा के गाइड्स और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
          
वन मंडल अधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर ने कहा कि कार्यशाला का मकसद केवल औषधीय ज्ञान का प्रसार नहीं था, इसका उद्देश्य इस ज्ञान को समाज के अधिक लोगों तक पहुंचाकर वृक्षों एवं वनस्पतियों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना भी है।

16 जून 2026 से ही प्रारंभ होगा शैक्षणिक सत्र 2026-27

रायपुर

संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र  दिनांक 12 जून 2026 के अनुसार राज्य की समस्त शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विधिवत संचालन 16 जून 2026 (मंगलवार) से प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित की जा रही यह सूचना कि शैक्षणिक सत्र 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा, पूर्णतः असत्य, भ्रामक तथ्यों से परे एवं फर्जी है। 
        
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों के संचालन की अधिकृत तिथि 16 जून 2026 ही है। अतः विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से अपील की जाती है कि वे केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें।

मत्स्य पालन बना ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम

रायपुर

 छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने मत्स्य क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खोली हैं। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं और अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हजारों मत्स्यपालक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

मत्स्य पालन आज केवल परंपरागत व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के लिए आय और रोजगार का एक सशक्त साधन बन चुका है। शासन की योजनाओं से छोटे और सीमांत किसानों को भी मत्स्य व्यवसाय अपनाने का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

जशपुर में मत्स्य उत्पादन का नया कीर्तिमान

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले ने पिछले 22 महीनों में 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि हजारों किसानों और मत्स्यपालकों की आय में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मत्स्य विभाग के अनुसार जिले में 18.50 करोड़ स्पॉन, 2.55 करोड़ स्टेज फ्राय तथा 2.94 करोड़ मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।

सात हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला लाभ

जिले में ग्रामीण स्तर पर 77.67 हेक्टेयर तालाबों तथा 295.27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही नाव, जाल, फिंगरलिंग, मत्स्य बीमा तथा विपणन सहायता जैसी सुविधाओं के माध्यम से सात हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इन प्रयासों से मत्स्यपालकों को व्यवसाय विस्तार और बेहतर आय अर्जित करने में सहायता मिल रही है।

आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादकता

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण, पौंड लाइनर, बायोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना और अन्य आधुनिक मत्स्य संरचनाओं के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे मत्स्य उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा मिला है और उत्पादन लागत कम होने के साथ उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है।

प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से मिल रहा नया ज्ञान

मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है। इन भ्रमण कार्यक्रमों के माध्यम से किसान और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य वैज्ञानिक मत्स्य पालन, तालाब एवं बीज प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण तथा विपणन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे मत्स्य व्यवसाय अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रहा है।

आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मत्स्य क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

14 जून को योग से बनेगा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, जशपुर भी बनेगा ऐतिहासिक पहल का सहभागी

रायपुर

आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing” निर्धारित की गई है। स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जशपुर जिले की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।

ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास

आयुष विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जून 2026 को प्रातः 6:15 बजे से 7:35 बजे तक आयोजित ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से अधिकतम लोगों की सहभागिता के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस विशेष पहल में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। इच्छुक प्रतिभागी टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं और इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बन सकते हैं।

21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा मुख्य कार्यक्रम

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

योग संगम पोर्टल पर कर सकते हैं पंजीयन

आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों के पंजीयन एवं दस्तावेजीकरण के लिए योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। विभिन्न शासकीय विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय एवं सामाजिक संगठन अपने योग कार्यक्रमों का पंजीयन कर आयोजन उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।

आयुष विभाग ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के राष्ट्रीय प्रयास में अपना योगदान दें तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया जनसंपर्क, ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर 

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कमलपुर, पहाड़गांव एवं पण्डोनगर का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। डोर-टू-डोर जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे।

जनसंपर्क अभियान के दौरान मंत्री राजवाड़े ने ग्रामीणों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा सड़क, पेयजल, बिजली, आवास तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दे उठाए गए, जिन पर मंत्री राजवाड़े ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर सतत निगरानी रखते हुए लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जनसंपर्क कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए मंत्री राजवाड़े का स्वागत किया।

आयकर अधिनियम-2025 और जीएसटी विवादों पर विशेषज्ञों ने खोले नए प्रावधानों के राज

विवेक झा, भोपाल। बदलते कर कानूनों और अनुपालन की नई चुनौतियों के बीच टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल द्वारा शनिवार को मोटल शिराज में एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया। संगोष्ठी में आयकर अधिनियम-2025, प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन और जीएसटी लिटिगेशन जैसे समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि लगभग 150 अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकारों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कर संग्रहण में पेशेवरों की भूमिका अहम : विश्वास कैलाश सारंग

मुख्य अतिथि विश्वास कैलाश सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि देश की कर व्यवस्था को मजबूत बनाने में कर पेशेवरों, अधिवक्ताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली विकसित भारत की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने केंद्र सरकार की समावेशी आर्थिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि कर सुधारों का उद्देश्य अनुपालन को आसान बनाना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

आयकर अधिनियम-2025 से कानून होगा अधिक सरल

प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए पंकज शाह ने “प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन एवं आयकर अधिनियम-2025” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए कहा कि नए आयकर कानून का उद्देश्य प्रावधानों को सरल, स्पष्ट और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है। उन्होंने बताया कि छोटे व्यापारियों, स्वतंत्र पेशेवरों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े करदाताओं के लिए प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन व्यवस्था अनुपालन का आसान विकल्प प्रदान करती है, जिससे जटिल लेखांकन और विस्तृत रिकॉर्ड रखने का बोझ कम हो सकता है।

उन्होंने प्रतिभागियों को समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने, डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाने और वित्तीय अभिलेखों को व्यवस्थित रखने की सलाह दी। सीए शाह ने कहा कि नए कानून में कई प्रावधानों को पुनर्गठित कर अधिक तार्किक स्वरूप दिया गया है, जिससे करदाताओं और पेशेवरों दोनों को सुविधा मिलेगी।

प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन से छोटे कारोबारियों को राहत

अपने व्याख्यान में सीए पंकज शाह ने बताया कि प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन योजना का उद्देश्य छोटे और मध्यम करदाताओं के लिए कर अनुपालन को आसान बनाना है। इस व्यवस्था के तहत पात्र व्यवसायी निर्धारित शर्तों के अनुसार अनुमानित आय के आधार पर कर दे सकते हैं, जिससे विस्तृत खातों और ऑडिट की जटिलताओं से राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि सही योजना का चयन करदाता के व्यवसाय की प्रकृति और आय के आधार पर किया जाना चाहिए।

जीएसटी नोटिस को हल्के में न लें : सीए आंचल कपूर

जीएसटी कानून और उससे जुड़े विवादों पर आयोजित विशेष सत्र में सीए आंचल कपूर ने “जीएसटी लिटिगेशन : नोटिस से अपीलीय अधिकरण तक” विषय पर व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीएसटी विभाग से प्राप्त किसी भी नोटिस का समयबद्ध और तथ्यों पर आधारित उत्तर देना अत्यंत आवश्यक है।

लापरवाही या देरी अनावश्यक विवादों और दंडात्मक कार्रवाई का कारण बन सकती है।

उन्होंने प्रतिभागियों को शो-कॉज नोटिस, जांच प्रक्रिया, मांग आदेश, अपील और अपीलीय अधिकरण तक की संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई।

दस्तावेज और तथ्य ही मजबूत बचाव का आधार

सीए आंचल कपूर ने कहा कि किसी भी जीएसटी विवाद में उचित दस्तावेजी रिकॉर्ड सबसे बड़ा बचाव होता है। उन्होंने वास्तविक मामलों और न्यायिक निर्णयों के उदाहरण देते हुए बताया कि नोटिस का उत्तर विधिक प्रावधानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तैयार किया जाना चाहिए। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन और समय पर अपील दायर करना करदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

प्रतिभागियों ने पूछे व्यावहारिक सवाल

संगोष्ठी के दौरान उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं, उद्योगपतियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने जीएसटी आकलन, शो-कॉज नोटिस, मांग आदेश, अपील प्रक्रिया और अपीलीय अधिकरण से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सभी जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान प्रस्तुत किया, जिसे प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी और व्यवहारिक बताया।

ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों की बढ़ी जरूरत

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने कहा कि बदलते कर कानूनों और बढ़ते कर विवादों के दौर में इस प्रकार की संगोष्ठियां करदाताओं और पेशेवरों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिभागियों को प्राप्त जानकारी भविष्य में कर अनुपालन और विवाद प्रबंधन में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगी।

संस्था के पदाधिकारी और वरिष्ठ सदस्य रहे मौजूद

सेमिनार में टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता मनोज पारख, उपाध्यक्ष मयंक अग्रवाल एवं अंकुर अग्रवाल, सचिव धीरज अग्रवाल, सह-सचिव संदीप चौहान, कोषाध्यक्ष दीपेश भंडारी तथा वरिष्ठ सदस्य आर.के. पारख, अमित जैन, संदीप मुखर्जी, गोविंद वसंता, राजेश्वर दयाल, सौरभ श्रीवास्तव, प्रदीप शर्मा, जयंत जोशी सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

संगोष्ठी से निकले प्रमुख संदेश

  • आयकर अधिनियम-2025 का उद्देश्य कर कानूनों को अधिक सरल और व्यवस्थित बनाना है।
  • प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन छोटे व्यापारियों और पेशेवरों के लिए अनुपालन का आसान विकल्प हो सकता है।
  • समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करना और डिजिटल लेन-देन अपनाना महत्वपूर्ण है।
  • जीएसटी नोटिसों का तथ्यों और विधिक आधार पर समयबद्ध उत्तर देना आवश्यक है।
  • मजबूत दस्तावेजी रिकॉर्ड और सही अपील प्रक्रिया विवादों से बचाव में सहायक होती है।
  • बदलते कर कानूनों को समझने के लिए नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम समय की जरूरत हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीट परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन के संबंध में दिए दिशा-निर्देश

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स वीसी में 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीट परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात के सुचारू संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। पुलिस प्रशासन परीक्षार्थियों के साथ सकारात्मक भाव से हर संभव सहयोग प्रदान करे। जिला स्तर पर सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए तथा अफवाह फैलने की स्थिति में तत्काल वस्तुस्थिति से लोगों को अवगत कराया जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 30 जिलों में नीट परीक्षा के लिए 283 सेंटर बनाए गए हैं। सर्वाधिक 57 केंद्र इंदौर में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मू के प्रदेश में होने वाले दौरे के दृष्टिगत आवश्यकत तैयारियों के संबंध में भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई,  अनुपम राजन और  शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे।

जिलों की बनेंगी विकास पुस्तिकाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर विकास और जनकल्याण योजनाओं के संचालन की स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी। जुलाई माह में कलेक्टर्स-एसपी कांफ्रेंस भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री अपने संबोधन में विस्तृत रूप से जिले की उपलब्धियां प्रस्तुत करेंगे। प्रभारी मंत्रियों के संबोधन से पहले राज्य स्तर से मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। यह सभी जिलों में प्रसारित होगा। जिला स्तर की उपलब्धियों के प्रस्तुतिकरण से जिला स्तर पर संचालित विकास और जनकल्याण गतिविधियों का दस्तावेजीकरण होगा, इसकी तैयारी तत्काल आरंभ की जाए। इस आधार पर जिलों की विकास पुस्तिका बनेगी।

 

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