झाबुआ से देश को पोलियो मुक्त रखने का संकल्प

भोपाल 

देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के राष्ट्रीय संकल्प के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने रविवार को झाबुआ जिले में तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान’ का शुभारंभ किया। जिला चिकित्सालय झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री  भूरिया ने फीता काटकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान के जिला स्तरीय चरण की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं बच्चों को पोलियो रोधक दवा की दो बूंद पिलाकर आम जनता को जागरूकता का संदेश दिया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री  भूरिया ने पोलियो उन्मूलन की दिशा में भारत की ऐतिहासिक सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन की दिशा में हमारे देश ने दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम की है, लेकिन इस बड़ी सफलता और सुरक्षा चक्र को बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हर पीढ़ी के प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो रोधक दवा की खुराक मिले। मंत्री  भूरिया ने बल देकर कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और उनका सुरक्षित भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी नागरिकों और अभिभावकों से भावुक अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा अवश्य पिलवाएं और इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।

मंत्री  भूरिया द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत झाबुआ जिले में 0 से 5 वर्ष तक के कुल 2,13,504 बच्चों को दवा पिलाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) श्री एम.एल. चोपड़ा ने बताया कि जमीनी स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसके तहत जिले में कुल 1,185 टीमें मुस्तैद की गई हैं। इन टीमों में निर्धारित केंद्रों पर दवा पिलाने के लिए 424 बूथ टीमें, छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए 610 घर-घर भ्रमण करने वाली टीमें, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं मुख्य चौराहों पर सक्रिय रहने वाली 44 ट्रांजिट टीमें तथा सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 07 मोबाइल टीमें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पूरे अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए विशेष सुपरवाइजरी टीमों का भी गठन किया गया है।

 

जुलाई से ‘वीबीजीराम-जी’ योजना होगी लागू, मध्य प्रदेश में तैयारियां पूरी

भोपाल

मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण’ (वीबीजीराम-जी) योजना एक जुलाई से स्थान लेने जा रही है। मध्य प्रदेश में इसकी तैयारी हो गई है। सभी जिलों को एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा गया है।

इसके पहले मनरेगा के अंतर्गत उन कार्यों को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य है, जो नई योजना में नहीं हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि इस अवधि तक काम पूरे नहीं हुए तो बचे कार्यों पर खर्च होने वाली राशि का बोझ राज्य सरकार पर आएगा। इनमें गैर-अनुमत कार्य जैसे तालाबों में पानी का कटाव रोकने के लिए पत्थर का बंधान बनाना आदि शामिल हैं।

100 की जगह मिलेंगे 125 दिन रोजगार

योजना लागू होने के बाद कई बड़े परिवर्तन होने जा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा यह कि मनरेगा में 266 तरह के कार्य थे, जबकि नई योजना में 318 तरह के सम्मिलित किए गए हैं। वर्ष में 125 दिन रोजगार की गारंटी रहेगी, जबकि मनरेगा में सौ दिन की थी।

वर्ष में 60 दिन का ड्राई पीरियड रहेगा, यानी इस अवधि में काम नहीं होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अभी इस पर निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि, खेती की कटाई का समय इसके लिए रखा जा सकता है। कारण, इस समय मजदूर कटाई में व्यस्त रहते हैं।

बनाए जाएंगे नए जॉब कार्ड, तीन श्रेणियों में बंटेंगी पंचायतें

मजदूरों के नए जॉब कार्ड बनाए जाएंगे, लेकिन जब तक नहीं बनते पुराने कार्ड के आधार पर ही उन्हें रोजगार दिया जाएगा। पंचायतों को तीन श्रेणी में बांटकर विकास कार्य कराए जाएंगे।

पिछड़ी, जिला मुख्यालय से दूर और अधिक एससी-एसटी आबादी वाली पंचायतों को ‘सी’ श्रेणी में रखा जाएगा। यानी, यहां ज्यादा काम कराए जाएंगे। इसके बाद ‘बी’ श्रेणी की पंचायतों में इससे कम और ‘ए’ श्रेणी वाली में सबसे कम काम होंगे। वर्गीकरण का आधार अभी तक हुए विकास कार्य होंगे।

 

दिल्ली में राहुल गांधी के ‘गुमशुदा’ पोस्टर, सियासत तेज—किसने लगाए सवाल अनसुलझा

नई दिल्ली
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर दिल्ली के कुछ इलाकों में पोस्टर लगे हैं। इन पोस्टर्स में राहुल गांधी को ‘गुमशुदा’ बताया गया है। इसमें उनके नाम के साथ पहचान का भी जिक्र किया गया है। दिल्ली के फिरोजशाह रोड समेत कई जगह पर राहुल गांधी के गुमशुदा होने के पोस्टर सामने आए हैं। जैसे ही ये पोस्टर सामने सवाल उठा कि आखिर इसे किसने लगाया है। ऐसा इसलिए क्योंकि पोस्टर में इसे लगवाने वालों को संदर्भ में कोई जानकारी नहीं दी गई है। उधर बीजेपी ने कांग्रेस नेता के इस पोस्टर पर निशाना साधा है।

राहुल गांधी के ये पोस्टर किसने लगवाए?
दिल्ली में राहुल गांधी के गुमशुदा होने के पोस्टर रविवार को नजर आए। यह सब ऐसे वक्त में हुआ है जब केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी की कथित विदेश यात्रा को लेकर उन पर लगातार हमले कर रही है। एक दिन पहले ही केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया था कि जब भी संसद, चुनाव या उनकी पार्टी को उनकी जरूरत होती है, तो वह गायब रहते हैं। यही नहीं राहुल गांधी ‘एक और विदेश यात्रा’ पर चले जाते हैं।

बीजेपी के निशाने पर राहुल गांधी
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस संबंध में कांग्रेस सांसद पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए LoP का मतलब ‘Leader of the Opposition’ (विपक्ष के नेता) नहीं, बल्कि ‘Leader of Paryatan (लीडर ऑफ पर्यटन) and Partying’ (पर्यटन और पार्टी करने वाले नेता) है। शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो बयान में कहा कि राहुल गांधी को LoP का नाम बदलकर ‘Leader of Paryatan and Partying’ कर देना चाहिए क्योंकि वह हमेशा यही करते हैं- पार्टी करना, घूमना-फिरना और यात्रा करना।

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने क्या कहा
    बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से ज्यादा विदेश यात्राओं को अहमियत देते हैं।
    उन्होंने ये भी दावा किया कि वह लोगों, संसद या देश को प्राथमिकता नहीं देते। वह घूमना-फिरना ज्यादा पसंद करते हैं।
    बीजेपी नेता बोले- अहम मौकों पर, जब पार्टी को संगठनात्मक मदद की जरूरत होती है, तो वह बाहर चले जाते हैं।
    ‘संसद सत्र के दौरान भी वह चले जाते हैं। राहुल गांधी हमेशा छुट्टियों के मूड में रहते हैं।’
    शहजाद पूनावाला ने ये टिप्पणी ऐसे समय में की है जब राष्ट्रीय राजधानी में कई अहम जगहों पर राहुल गांधी की तस्वीर के साथ ‘गुमशुदा’ लिखे पोस्टर देखे गए। यह तुरंत पता नहीं चल सका कि ये पोस्टर किसने लगाए थे।

पीएम मोदी और राहुल गांधी की तुलनाकर ये बोले पूनावाला
शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता के बीच तुलना की और दावा किया कि बार-बार विदेश यात्राओं के कारण राहुल गांधी ‘सबसे लंबे समय तक विपक्ष के नेता’ बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ, प्रधानमंत्री मोदी देश के सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री बन गए हैं। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर, सरकार के प्रमुख के रूप में 9,000 से ज्यादा दिनों तक उन्होंने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली है। इसे ही काम करने का तरीका या सेवा भाव कहते हैं। दूसरी तरफ, राहुल गांधी सबसे लंबे समय तक विपक्ष के नेता बन सकते हैं क्योंकि वह तो बस छुट्टियों पर ही रहते हैं।”

 

हर बच्चे तक पहुंचे पोलियो की सुरक्षा का कवच : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पिलाई जीवनरक्षक खुराक

रायपुर

प्रदेश में चल रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज अंबिकापुर जिले के लखनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अभियान में हर बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक पिलाना अत्यंत आवश्यक है।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि भारत ने वर्षों के सतत प्रयास, जनभागीदारी और स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। अब इस उपलब्धि को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार, मोहल्ले और आसपास के 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि “दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को आजीवन स्वस्थ रखने का राष्ट्रीय संकल्प है। यदि कोई बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है तो अभिभावक घर-घर आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम को अवश्य जानकारी दें और सुनिश्चित करें कि बच्चे को पोलियो की खुराक मिल जाए।
 राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और जागरूकता के बल पर छत्तीसगढ़ भविष्य में भी अपनी पोलियोमुक्त पहचान को सुदृढ़ बनाए रखेगा।

उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। स्वस्थ बचपन ही सशक्त भारत की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने आसपास किसी भी बच्चे को पोलियो की खुराक से वंचित न रहने दे तथा अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करे।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों को उत्साहपूर्वक पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाई गई तथा अभिभावकों को नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया।

छत्तीसगढ़ में 36 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य

प्रदेश में 28 से 30 जून 2026 तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राज्य के लगभग 35 लाख 98 हजार 904 (करीब 36 लाख) बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे प्रदेश में 14 हजार 396 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 28 जून को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है।

अभियान को सफल बनाने के लिए 28 हजार 791 टीमें तथा 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। बूथ दिवस के बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।
विशेष क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के सभी 33 जिलों में अभियान की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक परिवारों, प्रवासी एवं घुमंतू समुदायों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की सुरक्षा से वंचित न रहे।

देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य

वर्तमान राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे को हाल ही में कोई अन्य टीका लगाया गया हो, तब भी पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और अवश्य दी जानी चाहिए। हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार होने पर भी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा सकती हैं।

“दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार”

पोलियोमुक्त भारत और पोलियोमुक्त छत्तीसगढ़ की पहचान बनाए रखने के लिए प्रत्येक परिवार की सहभागिता आवश्यक है।  हम सभी संकल्प लें कि हमारे आसपास का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद से वंचित न रहे। यही स्वस्थ बचपन, सुरक्षित भविष्य और सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।

दो बूंदों से सुरक्षित बचपन की ओर बढ़ा जीपीएम, राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ, 53 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य

रायपुर

 जीपीएम जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को जिला चिकित्सालय में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक दिलाना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त भारत का संकल्प और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने कहा कि “दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. के.के. सोनी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। अभियान के शुभारंभ के साथ ही जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य प्रारंभ किया गया। बूथों पर सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और उत्साहपूर्वक अभियान में भागीदारी निभाई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 53 हजार 490 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के प्रथम चरण में 28 जून को सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि दूसरे एवं तीसरे चरण में 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके लिए जिले भर में विशेष स्वास्थ्य दलों का गठन किया गया है, जिन्हें प्रत्येक गांव, मोहल्ले और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा पोलियो की दवा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली गई हैं। दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष दल तैनात किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके घर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे तो उसका पूरा सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि परिवार के शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाई जाए। विभाग ने स्पष्ट किया कि पोलियो की नियमित खुराक ही इस गंभीर बीमारी से बच्चों को स्थायी सुरक्षा प्रदान करती है। जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से ही पोलियो मुक्त समाज का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है।

विदेशी डॉक्टरों को प्रैक्टिस की अनुमति पर स्वास्थ्य मंत्री का पलटवार, बोले- बयानबाजी छोड़ छत्तीसगढ़ की भी करें चिंता

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को बिना स्थानीय रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस की अनुमति देने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर विवाद गहरा गया है. इस कदम के पीछे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी का हवाला देते हुए कहा कि जो डॉक्टर सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं, वो प्रदेश की भी चिंता करें.

दरअसल, सरकार के इस फैसले का प्रदेश के डॉक्टर लगातार विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि इससे स्थानीय डॉक्टरों के हित प्रभावित होंगे. लेकिन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि केवल वही डॉक्टर अनुमति के पात्र होंगे, जिनका दूसरे राज्यों में वैध रजिस्ट्रेशन हो, और जो एनएमसी से पंजीकृत हों. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर डॉक्टरों से जल्द बातचीत की जाएगी. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम सोच समझकर उठाया है. वैसे भी छत्तीसगढ़ पहला राज्य नहीं जहां यह पैटर्न लागू किया जा रहा है, देश के चार-पांच राज्यों ने भी इस पैटर्न को अपनाया है. उन्होंने बताया कि प्रोफेसर के 125 पदों पर हमने रेगुलर भर्ती निकाली थी, इसमें कुल 78 आए हैं. हमारे पास वेकेन्सी की कमी नहीं है. भर्ती निकाल रहे हैं, लेकिन उसके बाद भी डॉक्टर न मिले तो हम क्या करें.

मंत्री ने बच्चों को पिलाई ‘जिंदगी की दो बूंद’
राष्ट्रीय पल्स पोलियो दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई. इस दौरान लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को पोलियो पीनी चाहिए. जो 5 साल के कम उम्र के बच्चे हैं. उन्हें पोलियो पिलाने के लिए अलग-अलग जिलों में स्वास्थ्य केंद्र में पोलियो का कार्यक्रम किया जा रहा है.

दुर्ग में गूंजी ‘मन की बात’, किसानों ने लिया जैविक खेती का संकल्प

दुर्ग

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण को लेकर रविवार को दुर्ग जिले में खास उत्साह दिखा। भाजपा किसान मोर्चा दुर्ग ने धनौरा स्थित तुलसी पैलेस में सामूहिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किया, जहां सैकड़ों किसानों और कार्यकर्ताओं ने एक साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने किसानों के साथ बैठकर पूरा कार्यक्रम सुना। इस मौके पर जिला महामंत्री दिलीप साहू, किसान मोर्चा जिला प्रभारी विलास सुतार, सह प्रभारी रविंद्र सिंह चौहान और जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत विशेष रूप से मौजूद रहे।

धनौरा सरपंच रुलेश्वरी बंजारे, जनपद अध्यक्ष सरस्वती साहू, खम्हरिया सरपंच दुलारी देशलहरे, उतई मंडल अध्यक्ष शीतला ठाकुर और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व किसान मोर्चा के पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

‘जैविक खेती से बदलेगी तकदीर’  

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जैविक खेती को भविष्य की खेती बताया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों का इस्तेमाल कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि जैविक खेती से न सिर्फ धरती की सेहत सुधरेगी, बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और लोगों को जहर-मुक्त अनाज मिलेगा।

विधायक ललित चंद्राकर ने कहा, “मन की बात प्रधानमंत्री का देश से सीधा संवाद है। आज पीएम ने जो जैविक खेती का मंत्र दिया है, उसे हम दुर्ग जिले के हर गांव तक पहुंचाएंगे। दुर्ग का किसान अब केमिकल फ्री खेती की मिसाल बनेगा।”

जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत ने बताया कि किसान मोर्चा आने वाले दिनों में गांव-गांव जैविक खेती कार्यशाला चलाएगा। “पीएम का हर शब्द हमारे लिए आदेश है। पर्यावरण बचाना और किसान की आय बढ़ाना ही हमारा लक्ष्य है।” 

कार्यक्रम में विनोद चंद्राकर, राजेंद्र यादव, अजीत चंद्राकर, चंद्रकांत साहू, लुकेश्वर साहू समेत मोर्चा के सभी पदाधिकारियों और सैकड़ों किसानों ने जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया

लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय

रायपुर

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
           
कार्यक्रम के मुख्य वक्ताइंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।
                 
मुख्य वक्ताकुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा। 
            
मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया।साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।                         

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीयनरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था।साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया। 
        
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।
         
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्रीतोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघकैलाश सोनी, विधायकमोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैनदीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वरअजय रामदास,अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्षदिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्षसच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे। 
              
कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर “आपातकाल कभी विस्मृत न हो” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा केसूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग केअंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर “25 जून : संविधान हत्या दिवस” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

रायपुर में संपत्तिकर छूट का बड़ा असर, 27 दिनों में जमा हुए 22 करोड़ रुपये टैक्स

रायपुर.

जून माह में संपत्तिकर का भुगतान करने वालों को नगर निगम 6.25 फीसदी छूट का लाभ दे रही है। इसी के तहत इस महीने अब तक 2732 रहवासियों (संपत्तियों) से 22 करोड़ 19 लाख रुपए की वसूली की गई है। इस छूट का लाभ लेने के लिए अब महज दो दिन ही शेष है.

निगम ने इस वित्तीय वर्ष में 425 करोड़ रुपए राजस्व की वसूली का लक्ष्य रखा है। ऐसे में हर महीने बड़ी वसूली की जा रही है। निगम क्षेत्र में 3.60 हजार प्रापर्टी है, जिसमें से 3.46 लाख प्रापर्टी टैक्सेबल हैं। इन संपत्तियों का इस वित्तीय वर्ष के राजस्व के साथ हजारों संपत्तियों का सालों से टैक्स भुगतान नहीं किया गया। इसलिए हर दिन सभी 10 जोन से मिलाकर 1 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट सेट किया गया है।

छूट का लाभ लेने बचे सिर्फ 2 दिन
बता दें कि संपत्तिकर में 6.25 फीसदी का छूट सिर्फ जून माह में ही मिलेगा। यदि इसका लाभ लेना है तो करदाताओं के पास सिर्फ 2 दिन हैं। सोमवार और मंगलवार को संपत्तिकर के भुगतान में ही यह छूट लागू होगा। इसके बाद 1 जुलाई से संपत्ति कर शत-प्रतिशत लगाया जाएगा। इसलिए लोग ऑनलाइन व जोन कार्यालयों में जाकर संपत्तिकर अदा कर सकते हैं।

लोग आ रहे हैं सामने
नगर निगम राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा ने मीडिया को बताया कि जून माह में बड़ी संख्या में प्रापर्टी होल्डर्स ने छूट का लाभ लिया है। इस महीने 2732 संपत्तियों का करीब 22 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। साथ ही कई जोन क्षेत्र में 20 से अधिक बड़े बकाएदारों की संपत्तियों को भी सील किया गया है। छूट का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने से भी लोग सामने आ रहे हैं.

जोनवार राजस्व की स्थिति
जोन    प्रॉपर्टी    राशि

जोन 1    1156    1.70 करोड़
जोन 2    1246    3.15 करोड़
जोन 3    1020    1.41 करोड़
जोन 4    1182    2.22 करोड़
जोन 5    1303    2.02 करोड़
जोन 6    1360    1.45 करोड़
जोन 7    880    1.85 करोड़
जोन 8    1739    2.03 करोड़
जोन 9    2555    2.75 करोड़
जोन 10    2421    3 करोड़
कुल    14862    21.63 करोड़

रक्तदान से लेकर मैराथन तक… आईसीएआई भोपाल ने दिया स्वस्थ और विकसित भारत का संदेश

विवेक झा, भोपाल। सामाजिक सरोकार, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा देते हुए द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की भोपाल शाखा ने रविवार को मेगा स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर और ‘सीए रन फॉर विकसित भारत’ का भव्य आयोजन किया। पूरे दिन चले इन कार्यक्रमों में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, सीए विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईसीएआई के सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए अभय छाजेड़ रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआई भोपाल शाखा के अध्यक्ष सीए आदित्य श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर शाखा के पदाधिकारी, वरिष्ठ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रक्तदान शिविर में उमड़ा सेवा का जज्बा

दिन की शुरुआत आईसीएआई भवन में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर से हुई। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस शिविर में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, सीए विद्यार्थियों और नागरिकों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।

शाखा अध्यक्ष सीए आदित्य श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा जीवनदान है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों की जान बचा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने में सीए समुदाय हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहा है और इस प्रकार के अभियान उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।

निशुल्क स्वास्थ्य जांच से मिला जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम के अंतर्गत अपोलो सेज अस्पताल के सहयोग से एक व्यापक स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सदस्यों और विद्यार्थियों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर सहित कई आवश्यक स्वास्थ्य जांचें की गईं तथा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।

डॉक्टरों ने प्रतिभागियों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

‘सीए रन फॉर विकसित भारत’ में दौड़ा फिटनेस का उत्साह

स्वस्थ जीवनशैली और विकसित भारत के संकल्प को जोड़ते हुए आयोजित ‘सीए रन फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। सुबह 6:15 बजे शुरू हुई मैराथन में युवा, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, विद्यार्थी और फिटनेस प्रेमियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

मैराथन को दो वर्गों—3 किलोमीटर फन रन और 10 किलोमीटर प्रतियोगी दौड़—में आयोजित किया गया। 3K रन में प्रतिभागियों ने आईसीएआई भवन से एम्स गेट नंबर-4 तक का मार्ग तय किया, जबकि 10K प्रतियोगिता में धावकों ने एम्स रोड, मेट्रो लाइन और अमरावती तिराहा होते हुए निर्धारित लूप पूरा किया।

सुरक्षित दौड़ के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं

आयोजकों ने प्रतिभागियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा। सभी पंजीकृत धावकों को टी-शर्ट प्रदान की गई तथा दौड़ पूरी करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को मेडल देकर सम्मानित किया गया।

पूरे मार्ग पर पानी, ग्लूकोज और अन्य हाइड्रेशन सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। दौड़ से पहले प्रतिभागियों को सुरक्षित रनिंग, पर्याप्त जल सेवन और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी गई।

स्वस्थ सीए ही विकसित भारत की ताकत : अभय छाजेड़

मुख्य अतिथि सीए अभय छाजेड़ ने आईसीएआई भोपाल शाखा की पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उनका स्वस्थ रहना विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज सेवा, जनजागरूकता और राष्ट्रीय विकास के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देते हैं।

सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दे रही भोपाल शाखा

कार्यक्रम के दौरान शाखा के पदाधिकारियों ने कहा कि आईसीएआई भोपाल शाखा केवल व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में भी निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही है। भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

सभी सहयोगियों का किया आभार व्यक्त

कार्यक्रम के अंत में शाखा के सचिव सीए अभिषेक जैन ने डॉक्टरों, वालंटियर्स, रक्तदाताओं, प्रतिभागियों, सीए सदस्यों, विद्यार्थियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा।

कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

समारोह में शाखा अध्यक्ष सीए आदित्य श्रीवास्तव, सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए अभय छाजेड़, उपाध्यक्ष सीए प्रदीप मुतरेजा, पूर्व अध्यक्ष सीए अर्पित राय, सचिव सीए अभिषेक जैन, कोषाध्यक्ष सीए नंदन नरूला, सीआईसीएएसए अध्यक्ष सीए पीयूष चत्तर तथा कार्यकारिणी समिति सदस्य सीए सुचिता गोयल सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

आयोजन की प्रमुख विशेषताएं

  • आईसीएआई भोपाल शाखा द्वारा तीन बड़े सामाजिक एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन।
  • मेगा रक्तदान शिविर में सीए सदस्यों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने किया रक्तदान।
  • अपोलो सेज अस्पताल के सहयोग से निशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श।
  • ‘सीए रन फॉर विकसित भारत’ के तहत 3K और 10K मैराथन का आयोजन।
  • सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट और फिनिशर्स को मेडल प्रदान किए गए।
  • दौड़ मार्ग पर हाइड्रेशन और स्वास्थ्य सुरक्षा की विशेष व्यवस्था।
  • स्वस्थ भारत, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश।
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