रक्तदान से लेकर मैराथन तक… आईसीएआई भोपाल ने दिया स्वस्थ और विकसित भारत का संदेश

विवेक झा, भोपाल। सामाजिक सरोकार, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा देते हुए द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की भोपाल शाखा ने रविवार को मेगा स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर और ‘सीए रन फॉर विकसित भारत’ का भव्य आयोजन किया। पूरे दिन चले इन कार्यक्रमों में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, सीए विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईसीएआई के सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए अभय छाजेड़ रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआई भोपाल शाखा के अध्यक्ष सीए आदित्य श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर शाखा के पदाधिकारी, वरिष्ठ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रक्तदान शिविर में उमड़ा सेवा का जज्बा

दिन की शुरुआत आईसीएआई भवन में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर से हुई। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस शिविर में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, सीए विद्यार्थियों और नागरिकों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।

शाखा अध्यक्ष सीए आदित्य श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा जीवनदान है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों की जान बचा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने में सीए समुदाय हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहा है और इस प्रकार के अभियान उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।

निशुल्क स्वास्थ्य जांच से मिला जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम के अंतर्गत अपोलो सेज अस्पताल के सहयोग से एक व्यापक स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सदस्यों और विद्यार्थियों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर सहित कई आवश्यक स्वास्थ्य जांचें की गईं तथा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।

डॉक्टरों ने प्रतिभागियों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

‘सीए रन फॉर विकसित भारत’ में दौड़ा फिटनेस का उत्साह

स्वस्थ जीवनशैली और विकसित भारत के संकल्प को जोड़ते हुए आयोजित ‘सीए रन फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। सुबह 6:15 बजे शुरू हुई मैराथन में युवा, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, विद्यार्थी और फिटनेस प्रेमियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

मैराथन को दो वर्गों—3 किलोमीटर फन रन और 10 किलोमीटर प्रतियोगी दौड़—में आयोजित किया गया। 3K रन में प्रतिभागियों ने आईसीएआई भवन से एम्स गेट नंबर-4 तक का मार्ग तय किया, जबकि 10K प्रतियोगिता में धावकों ने एम्स रोड, मेट्रो लाइन और अमरावती तिराहा होते हुए निर्धारित लूप पूरा किया।

सुरक्षित दौड़ के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं

आयोजकों ने प्रतिभागियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा। सभी पंजीकृत धावकों को टी-शर्ट प्रदान की गई तथा दौड़ पूरी करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को मेडल देकर सम्मानित किया गया।

पूरे मार्ग पर पानी, ग्लूकोज और अन्य हाइड्रेशन सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। दौड़ से पहले प्रतिभागियों को सुरक्षित रनिंग, पर्याप्त जल सेवन और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी गई।

स्वस्थ सीए ही विकसित भारत की ताकत : अभय छाजेड़

मुख्य अतिथि सीए अभय छाजेड़ ने आईसीएआई भोपाल शाखा की पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उनका स्वस्थ रहना विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज सेवा, जनजागरूकता और राष्ट्रीय विकास के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देते हैं।

सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दे रही भोपाल शाखा

कार्यक्रम के दौरान शाखा के पदाधिकारियों ने कहा कि आईसीएआई भोपाल शाखा केवल व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में भी निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही है। भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

सभी सहयोगियों का किया आभार व्यक्त

कार्यक्रम के अंत में शाखा के सचिव सीए अभिषेक जैन ने डॉक्टरों, वालंटियर्स, रक्तदाताओं, प्रतिभागियों, सीए सदस्यों, विद्यार्थियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा।

कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

समारोह में शाखा अध्यक्ष सीए आदित्य श्रीवास्तव, सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए अभय छाजेड़, उपाध्यक्ष सीए प्रदीप मुतरेजा, पूर्व अध्यक्ष सीए अर्पित राय, सचिव सीए अभिषेक जैन, कोषाध्यक्ष सीए नंदन नरूला, सीआईसीएएसए अध्यक्ष सीए पीयूष चत्तर तथा कार्यकारिणी समिति सदस्य सीए सुचिता गोयल सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

आयोजन की प्रमुख विशेषताएं

  • आईसीएआई भोपाल शाखा द्वारा तीन बड़े सामाजिक एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन।
  • मेगा रक्तदान शिविर में सीए सदस्यों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने किया रक्तदान।
  • अपोलो सेज अस्पताल के सहयोग से निशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श।
  • ‘सीए रन फॉर विकसित भारत’ के तहत 3K और 10K मैराथन का आयोजन।
  • सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट और फिनिशर्स को मेडल प्रदान किए गए।
  • दौड़ मार्ग पर हाइड्रेशन और स्वास्थ्य सुरक्षा की विशेष व्यवस्था।
  • स्वस्थ भारत, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश।

पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, जेल एवं फॉरेंसिक सभी पाँच स्तंभों के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर आए

भोपाल 

राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB), पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा दिनांक 28 जून 2026 (रविवार) को “ICJS Implementation and Digital Integration” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार (मिंटो हॉल), भोपाल में किया गया। यह कार्यशाला अपने स्वरूप और उद्देश्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय आयोजन साबित हुई, जिसमें Interoperable Criminal Justice System (ICJS) के अंतर्गत समस्त स्तंभ – पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक एवं स्वास्थ्य –एक ही मंच पर एकत्रित हुए। कार्यशाला में इन विभिन्न स्तंभो के प्रतिनिधियों ने आपसी अनुभवों, व्यावहारिक चुनौतियों तथा समाधान-आधारित विचारों को साझा करते हुए ICJS के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समन्वित रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया।

उक्त कार्यशाला का आयोजन माननीय न्यायमूर्ति  संजीव एस. कालगांवकर , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य आतिथ्य एवं पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, SCRB  जयदीप प्रसाद के नेतृत्व तथा पुलिस महानिरीक्षक  हरिनारायणचारी मिश्र के समन्वय में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति  संजीव एस. कालगांवकर, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, म.प्र., पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा एवं मंचासीन अतिथि गणों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य ICJS के अंतर्गत पुलिस, अभियोजन, न्यायालय, जेल, फॉरेंसिक व स्वास्थ्य विभागों के मध्य डिजिटल समन्वय को सशक्त बनाना तथा क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों और कमियों पर संवाद कर उनके समाधान की रूपरेखा तैयार करना था।

कार्यशाला में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, जिला न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक और स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

स्वागत उद्बोधन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, SCRB  जयदीप प्रसाद ने कहा कि ICJS केवल एक सॉफ्टवेयर परियोजना नहीं, बल्कि देश की संपूर्ण आपराधिक न्याय प्रणाली को डिजिटल रूप से जोड़ने वाला राष्ट्रीय मिशन है। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक एवं स्वास्थ्य विभागों के बीच निर्बाध डिजिटल समन्वय स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों, राज्य की वर्तमान प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी

मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति  संजीव एस. कालगांवकर ने कहा कि इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) केवल एक तकनीकी मंच नहीं, बल्कि पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, फॉरेंसिक एवं अन्य विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने वाला एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में तकनीक को विधिक मान्यता दी गई है और भविष्य की न्याय व्यवस्था डिजिटल साक्ष्यों, रियल-टाइम सूचना आदान-प्रदान तथा तकनीक आधारित प्रक्रियाओं पर आधारित होगी। मध्यप्रदेश द्वारा ई-समन, ई-वारंट, CCTNS आधारित समन्वय एवं डिजिटल संचार जैसी पहलों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था की सफलता का वास्तविक पैमाना आम नागरिक को मिलने वाला लाभ है। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण डेटा, तकनीकी नवाचारों के उपयोग तथा सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि CCTNS 2.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, त्वरित एवं स्मार्ट बनाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीक का दुरुपयोग करने वाले अपराधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा। उन्होंने ई-कोर्ट, ई-पेमेंट, भूमि अभिलेखों के एकीकरण तथा ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं जैसी डिजिटल पहलों की सराहना करते हुए डिजिटल चार्जशीट, सुरक्षित डिजिटल स्टोरेज, दस्तावेजों की सुव्यवस्थित इंडेक्सिंग एवं विभिन्न एजेंसियों के बीच निर्बाध डेटा साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही आरोपियों एवं गवाहों के डिजिटल संपर्क विवरणों का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार कर ई-समन सेवा तथा पुलिस, न्यायालय एवं जेल प्रणालियों के बेहतर एकीकरण को भविष्य की आवश्यकता बताया।

अपर मुख्य सचिव (गृह)  संजय शुक्ला ने कहा कि प्रशासनिक सुधार तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उपयोग में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं, जबकि ऑपरेशनल एफिशिएंसी, विभागों के बीच डिजिटल इंटीग्रेशन एवं ऑनलाइन प्रक्रियाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने सभी संबंधित विभागों के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है तथा भारत सरकार, NIC एवं अन्य एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि तकनीकी चुनौतियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने उपस्थित विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य केवल रैंकिंग में सुधार करना नहीं, बल्कि नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। आवश्यकता पड़ने पर राज्य शासन प्रत्येक स्तर पर संसाधन, बजट एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध एवं वित्तीय धोखाधड़ी जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीक आधारित पुलिसिंग एवं ICJS समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन में डिजिटल इंटीग्रेशन, वैज्ञानिक विवेचना एवं विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डीजीपी ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस डिजिटल पुलिसिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। विवेचना अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं तथा e-Sakshya, NAFIS, CCTNS एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने तथा समन्वय को और मजबूत करने का आह्वान किया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि ICJS 2.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड एनालिटिक्स एवं रियल-टाइम डिजिटल इंटीग्रेशन भविष्य की पुलिसिंग को नई दिशा देंगे और नागरिकों को अधिक प्रभावी न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराएंगे।

कार्यशाला के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा वर्ष जून 2025 से मई 2026 की अवधि में CCTNS डेटा गुणवत्ता एवं डेटा एंट्री के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को “बेस्ट परफॉर्मर अवार्ड” प्रदान किए गए। CCTNS डेटा रैंकिंग में रतलाम जिले ने प्रथम, अशोकनगर एवं गुना ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा राजगढ़ जिले ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त फिंगरप्रिंट प्रबंधन एवं पहचान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु भोपाल कमिश्नरेट, देवास एवं इंदौर को भी सम्मानित किया गया।

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में देशभर के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।

एनसीआरबी, नई दिल्ली के उप निदेशक  प्रसून गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) एवं CCTNS के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस के तकनीकी नवाचारों एवं डिजिटल पुलिसिंग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एनसीआरबी का लक्ष्य “वन कंट्री, वन डेटा, वन एंट्री” के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी स्तंभों के बीच निर्बाध डिजिटल समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि ICJS 2.0 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड एनालिटिक्स, पेपरलेस डेटा शेयरिंग एवं रियल-टाइम इंटीग्रेशन जैसी आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जाएगा।

मुंबई के डॉ. सैयद शफीक महदी रिजवी ने Digital Forensics एवं Electronic Evidence के महत्व तथा न्यायिक उपयोगिता पर विस्तृत व्याख्यान दिया।

विशेष पुलिस महानिदेशक  पंकज वास्तव ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया।

व्यावहारिक सत्र में साझा हुई सफलता की कहानियां

दोपहर बाद आयोजित प्रायोगिक सत्र में ICJS Road Map 2026-27 प्रस्तुत किया गया। इंदौर कमिश्नरेट, देवास एवं रतलाम जिला पुलिस टीमों ने ICJS डिजिटल इंटीग्रेशन के अंतर्गत अपने उत्कृष्ट नवाचार, सफलता की कहानियां तथा व्यावहारिक अनुभव साझा किए। प्रत्येक प्रस्तुति के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने व्यावहारिक समस्याओं एवं समाधान पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यशाला के समापन सत्र में प्रतिनिधियों के साथ समूह चर्चा (Group Discussion) आयोजित कर ICJS के क्रियान्वन को लेकर ठोस सुझाव एकत्रित किए गए। उक्त कार्यशाला में संकलित सुझाव ICJS के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। कार्यशाला में विभिन्न पिलर्स के Experts के द्वारा दिया गया मार्गदर्शन ICJS के सशक्त क्रियान्वयन हेतु ठोस दिशा प्रदान करते हुए, इस पहल को एक निर्णायक उपलब्धि की ओर अग्रसर करेंगे।

 

मध्यप्रदेश की चार कृषि उपजों सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर, छत्रिय धान को मिला जीआई टैग

भोपाल

प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के चलते जब किसानों की समृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है मध्य प्रदेश को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मध्यप्रदेश की चार कृषि उपजों सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर एवं छत्रिय धान को जीआई टैग मिल गया है। महाकौशल के किसानों ने प्रसन्नता जाहिर की है। इन कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि बढ़ाने के लिए संकल्पित है। उनकी आय दोगुनी करने के लिए विशेष कार्यक्रम बनाए जा रहे हैं। जैविक, प्राकृतिक एवं परंपरागत खेती के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के मार्गदर्शन एवं मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के सहयोग तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रयासों से प्रदेश की चार विशिष्ट कृषि उपजों—सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर एवं छत्रिय धान—को भोगौलिक संकेतक मिलना एक बड़ी उपलब्धि है।

अब इन उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी । जीआई टैग मिलने से इन कृषि उपजों को कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा। उनकी ब्रांड वैल्यू एवं बाजार प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी तथा किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ कृषि निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

ये चारों कृषि उपजें प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों से संबंधित हैं। इससे विशेष रूप से महाकौशल क्षेत्र के किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा। इन उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी, क्षेत्र की पारंपरिक कृषि पद्धतियों एवं जैव-विविधता का संरक्षण होगा तथा कृषि आधारित प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं निर्यात को गति मिलेगी।

पूर्व सीहोर शरबती गेहूं एवं रीवा सुन्दरजा आम को जीआई टैग दिलाने में किसान कल्याण विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

यह उपलब्धि प्रदेश की कृषि विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्रीऐन्दल सिंह कंसाना ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अन्य उपजों को भी जी आई टैग दिलवाने की पहल की जायेगी।

भविष्य में भी प्रदेश की अन्य विशिष्ट कृषि उपजों के जीआई पंजीयन के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

श्री निशांत वरवड़े, सचिव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने कहा कि जीआई टैग प्राप्त होने से विशेष रूप से महाकौशल क्षेत्र के किसानों को नए बाजार, बेहतर मूल्य एवं निर्यात के अवसर प्राप्त होंगे। मंडी बोर्ड भविष्य में भी प्रदेश की अन्य विशिष्ट कृषि उपजों के जीआई पंजीयन एवं विपणन संवर्धन के लिए सक्रिय सहयोग प्रदान करता रहेगा।“ , राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के प्रबंध संचालककुमार पुरुषोत्तम ने कहा कि मंडी बोर्ड ऐसे रचनात्मक और किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने वाले कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग करता रहेगा।

सिताही कुटकी

सिताही कुटकी एक कम अवधि (60 दिन) वाली ‘लिटिल मिलेट’ (छोटी बाजरा) की देशी किस्म है। यह वर्षा-आधारित क्षेत्रों और देर से बुवाई की स्थितियों के लिए उपयुक्त है। यह सूखे की मार, नमी की कमी, और प्रमुख कीटों (शूट फ्लाई), ‘ग्रेन स्मट’ व ‘ब्राउन स्पॉट’ जैसी बीमारियों का सामना करने में सक्षम है। इस प्रकार, यह किसानों को एक स्थिर पैदावार दिलाने में मददगार साबित होती है। सिताही कुटकी की मध्यम ऊँचाई और मोटे तने के कारण फसल के गिरने की समस्या नहीं रहती। इसे पहाड़ी, ऊबड़-खाबड़ तथा कमज़ोर मिट्टी वाली स्थितियों में भी उगाया जा सकता है। डिण्डोरी के ‘बैगा’ तथा ‘गोंड’ जनजातियों के किसानों के लिए अच्छी आय दे सकती है।

डिंडोरी में ‘सिताही कुटकी’ की खेती की 10,395 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ोतरी और 10-11 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की स्थिर पैदावार से इस क्षेत्र में लोगों की आजीविका, भोजन और पोषण सुरक्षा में मदद मिली है। जनजातीय ज़िलों के लगभग 60,000 आदिवासी किसान—खासकर डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, शहडोल, उमरिया, बालाघाट और जबलपुर के कुछ हिस्सों के किसान पैदावार बढ़ाकर आर्थिक ले सकते हैं। डिंडोरी के पहाड़ी और मुश्किल इलाकों के 54 गाँवों के किसानों को मुनाफ़ा हुआ है। इन इलाकों में दूसरी रबी फ़सलों की खेती नहीं होती।

नागदमन कुटकी

नागदमन कुटकी डिंडोरी जिले में उगाई जाने वाली कुटकी की एक विशिष्ट स्थानीय किस्म है। यह अपने औषधीय गुणों और उच्च पोषण मूल्य के लिए जानी जाती है।

बैंगनी अरहर दरअसल अरहर की विशेष किस्म है। इसमें पौधे या फलियों पर बेंगनी रंग की झलक हेती है। इसमें भरपूर प्रोटीन होता है। रोगों से लड़ने की जबरदस्त क्षमता होती है। अच्छी देखभाल होने पर 15 से 20 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक उत्पादन हो सकता है।

 

उफनते पहाड़ी नाले में बहा ट्रैक्टर, बड़वानी में चालक लापता, तलाश जारी

ओझर/नागलवाड़ी (बड़वानी)

 क्षेत्र में हो रही तेज वर्षा के कारण पहाड़ी नाले उफान पर हैं। इसी बीच रविवार शाम को एक बड़ी घटना में उफनते नाले को पार करने के प्रयास में एक ट्रैक्टर तेज बहाव में बह गया। हादसे में ट्रैक्टर के साथ चालक भी पानी के तेज बहाव में बह गया, जिसका रात तक कोई पता नहीं चल सका।
पीपरखेड़ा गांव के समीप हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर नागलवाड़ी निवासी प्रकाश बर्फा का है। ट्रैक्टर चला रहे बंसी पुत्र धूलिया, निवासी पीपरखेड़ा, गांव के समीप उफनते नाले को ट्रैक्टर सहित पार करने की कोशिश में बह गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस द्वारा आसपास के नालों और संभावित स्थानों पर सघन तलाश अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीण भी खोजबीन में सहयोग कर रहे हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर ट्रैक्टर तो मिल गया, लेकिन चालक अब भी लापता है।

डेब और देवनली नदियों में सर्च ऑपरेशन

चालक की तलाश जारी है। नागलवाड़ी थाने के सब इंस्पेक्टर कमल किशोर चौहान ने बताया कि घटना रविवार शाम 4 से 5 बजे की है। चालक की तलाश डेब व देवनली नदियों में की जा रही है। क्षेत्र के नालों का पानी उक्त नदियों में आता है।

प्रशासन ने लोगों से आह्वान किया है कि वर्षा के दौरान किसी भी उफनते नाले या नदी को पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि तेज बहाव जानलेवा साबित हो सकता है।

 

त्विषा शर्मा की सास गिरिबाला के घर चोरी, जेवर और अहम दस्तावेज लेकर फरार हुए बदमाश

भोपाल

 त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के बहुचर्चित मामले में आरोपित सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोरी की वारदात हुई। बदमाशों ने पीछे के रास्ते घर में घुसकर सोने के जेवरात और गिरिबाला व समर्थ सिंह से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की एक फाइल चुरा ली। वे लेकर भागने की कोशिश ही कर रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में गश्त कर रही चार्ली पुलिस की सतर्कता से उनकी योजना विफल हो गई।

क्या है पूरा मामला

पुलिस की मौजूदगी का एहसास होते ही बदमाश चोरी किया गया सामान मौके पर छोड़कर भाग निकले। कटाराहिल्सा थाना पुलिस के अनुसार, घटना के समय गिरिबाला के भाई उनके बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित घर के भीतर मौजूद थे। बदमाश मकान के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए, जिससे किसी को उनकी आहट तक नहीं लगी। इसी बीच चार्ली पुलिस की टीम गश्त करते हुए घर के बाहर पहुंची और सायरन बजाया। सायरन की आवाज सुनते ही बदमाश घबरा गए और जेवरात व महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरी फाइल वहीं छोड़कर भागने लगे।

मौके से सोने के जेवरात और दस्तावेजों वाली फाइल जब्त

पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। वारदात के बाद पुलिस ने मौके से सोने के जेवरात और दस्तावेजों वाली फाइल जब्त कर ली है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

हर पहलू की गहन जांच की जा रही है

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी का उद्देश्य केवल जेवरात हासिल करना था या फिर ट्विषा शर्मा मौत मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंचने की कोई सुनियोजित कोशिश की गई थी। फोरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में जनभागीदारी से मध्यप्रदेश बना है अग्रणी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अग्रणी है। सुमन पंचायत का नवाचार और अच्छे परिणाम लाने में सहयोगी होगा क्योंकि जो पंचायतें ग्रामवासियों को विशेष कर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए सक्रिय रहेंगी, उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वर्तमान में भी मातृ वंदना योजना, सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने और बच्चों को खसरा सहित अन्य रोगों से बचाने के लिए जनभागीदारी से बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्चतम मापदंड स्थापित करने का कार्य किया है। कोविड जैसे बड़े संकट से निपटने के लिए उन्होंने प्रबल इच्छाशक्ति का परिचय दिया। आज पूरे देश में मातृ और शिशु दर कम करने और रोगों को जागरूकता से नियंत्रित करने की दिशा में सार्थक कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में अनेक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अच्छे परिणाम दिए हैं। जनकल्याण का यह अभियान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की जन स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, जनभागीदारी आधारित अभिनव नवाचारी पहल “सुमन पंचायत” योजना का शुभारंभ और स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। साथ ही स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का लोकार्पण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी लघु फिल्में भी दिखाई गईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी ने भगवान को नहीं देखा लेकिन चिकित्सक द्वारा अपनेपन के साथ की गई देखरेख और दिया गया उपचार रोगी को स्वस्थ बनाता है। इस नाते चिकित्सक ईश्वर का ही रूप है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया था। मध्यप्रदेश में जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का श्रेष्ठ क्रियान्वयन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले के कुकरू में रविवार की सुबह राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत तीन बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और प्रशासन अकादमी में हुए विशेष कार्यक्रम में इस तीन दिवसीय विशेष अभियान में प्रतीक स्वरूप पांच बच्चों को दवा ‍पिलाई। अभियान के अंतर्गत 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के कार्य में पूरे देश में अव्वल है। यह नतीजे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, अधिकारियों, पैरा-मेडिकल स्टॉफ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जन प्रतिनिधियों और नागरिकों की सामूहिक भूमिका से प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए सभी अभिनंदन के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण अभियान एवं स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया। इन जिलों में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए राजगढ़, डिंडौरी और मुरैना क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तीसरे स्थान पर रहे हैं। स्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों में बालाघाट को प्रथम, छिंदवाड़ा को द्वितीय और शाजापुर को तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया।

उप-मुख्यमंत्रीराजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए मार्गदर्शन दिया है। हमारे देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के पश्चात् सर्वाधिक ध्यान स्वास्थ्य क्षेत्र पर दिया गया है। नागरिकों को अनेक प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं देने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में मध्यप्रदेश आगे है। सिर्फ दो माह की अवधि में आठ लाख से अधिक बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करने में सफलता मिली है। ऐसी ही सफलता स्वस्थ यकृत मिशन के कार्य में प्राप्त हुई है। लगभग डेढ़ करोड़ लोगों की लिवर की जांच एक वर्ष से कम समय में कर ली गई। प्रदेश में करीब ढाई हजार नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोगी चिन्हित किए गए हैं। मातृ और शिशु दर के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश सुधार की गति बढ़ाने में सफल हुआ है। रोग की शीघ्र पहचान पर भी जोर दिया जा रहा है। सुमन पंचायत योजना के माध्यम से प्रत्येक पंचायत को जागरूक कर हेल्थ सेक्टर में अच्छे नतीजे हासिल किए जाएंगे।

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्रीनरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सुमन पंचायत अर्थात (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) के साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं। स्वस्थ यकृत का महत्व समझाने के लिए मिशन के अंतर्गत बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है, जिससे ऐसे रोगी सामने आए जो शराब आदि का सेवन नहीं करते लेकिन लिवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाने की समस्या से प्रभावित हैं। दोषपूर्ण जीवनशैली से उत्पन्न होने वाले इस लक्षण को पहचान कर सुधार की ओर बढ़ने के लिए यह स्क्रीनिंग कार्य उपयोगी सिद्ध होगा।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान : 1.07 करोड़ बच्चों को मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा

कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 से 30 जून तक 5 वर्ष तक आयु के प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया। अभियान के सफल संचालन के लिए लगभग 83 हजार पोलियो बूथ, 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। आगामी 29 और 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 3800 ट्रांजिट बूथ तथा प्रवासी एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए 1400 विशेष मोबाइल टीम को दायित्व दिया गया।

‘सुमन पंचायत’ से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगा बल

प्रदेश में प्रारंभ की गई “सुमन पंचायत” (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। ऐसी पंचायतें जिनमें एक वर्ष तक मातृ मृत्यु पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा एवं रूबेला के मामले दर्ज नहीं होंगे, उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह पहल संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान को प्रोत्साहित करेगी।

एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियंत्रण की दिशा में प्रभावी पहल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि एंटीबायोटिक दवाओं के अनुचित उपयोग से उत्पन्न बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। भारत सरकार के राष्ट्रीय एक्शन प्लान के अनुरूप तैयार इस राज्य कार्य योजना में जन जागरूकता, संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशाला क्षमता सुदृढ़ीकरण, एंटीबायोटिक उपयोग का विवेकपूर्ण प्रबंधन, अनुसंधान तथा “वन हेल्थ” दृष्टिकोण पर आधारित बहु-विभागीय समन्वय को प्रमुखता दी गई है।

प्रदेश में 7 लाख 64 हज़ार किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण और 1 करोड़ 49 लाख से अधिक की हुई स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम के दौरान एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 8.03 लाख पात्र किशोरियों को लक्षित किया गया, जिनमें से 7.64 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण कर राज्य ने लगभग 96 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। मप्र ने देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है। स्वस्थ यकृत मिशन में जून 2025 से मार्च 2026 तक प्रदेश में 149.26 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मिशन के तहत नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज सहित यकृत रोगों की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति व्यापक जन जागरूकता भी विकसित की जा रही है।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणअशोक बर्णवाल, स्वास्थ्य आयुक्तधनराजू, एनएचएम की एमडी श्रीमती सलोनी सिडाना और अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वास्थ्य संचार से जुड़े प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन से हुआ।

 

धरती आबा और जनमन योजना, जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान : राज्यपाल श्री पटेल

भोपाल 

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” और “प्रधानमंत्री जनमन योजना” जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होaने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकलसेल बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए मरीजों के उपचार के साथ-साथ जन-जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है।

राज्यपाल  पटेल रविवार ने यह बात खरगोन के झिरन्या में आयोजित सिकलसेल शिविर कार्यक्रम में कहीं।  इस दौरान ब्लड बैंक का शुभारंभ किया तथा दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत कुमारी आस्था को पोलियोरोधी दवाई पिलाई। उन्होंने सिकलसेल प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने क्षय रोगियों को फूड बास्केट भेंट की। राज्यपाल  पटेल ने इस अवसर पर ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम को भी सुना।

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकलसेल रोग अनुवांशिक रोग है। इसकी जांच गर्भावस्था में भी संभव है। बच्चों के गर्भावस्था के दौरान भी सिकल सेल रोग का उपचार प्रारंभ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “सिकलसेल मित्र” मरीजों की मदद में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेद में भी सिकलसेल रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। अब टीबी रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। मरीज यदि 6 माह तक नियमित रूप से दवाई ले, तो टीबी रोग ठीक किया जा सकता है।       

राज्यपाल  पटेल ने इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा विकास योजनाओं के प्रदर्शन के लिए लगाए गए स्टाल पर जाकर उपस्थित अधिकारियों से विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली।

सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल ने प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश तेजी मे विकास और गरीबों के कल्याण के काम तेजी से हो रहे हैं। झिरन्या में 1500 करोड़ रुपए लागत की उदवहन सिंचाई योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी।

राज्यपाल  पटेल ने मारूगढ़ निवासी कालू के पीएम आवास में किया भोजन

राज्यपाल  पटेल ने रविवार को खरगोन जिले के झिरन्या विकासखंड की ग्राम पंचायत शाहपुर के ग्राम मारूगढ़ निवासी कालू पिता रतन के प्रधानमंत्री आवास में भोजन किया। उन्होंने उपस्थित  ग्रामीणों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विधायक  छाया मोरे, खरगोन के विधायक  बालकृष्ण पाटीदार, महेश्वर के विधायक  राजकुमार मेव, जिला भाजपा अध्यक्ष  नंदा ब्राह्मणे एवं कलेक्टर  भव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक  रवींद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

 

प्रधानमंत्रीमोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 135 वें संस्करण का प्रसारण

भोपाल

प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्रीमोदी के “मन की बात” कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्रीदुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्षहेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायकमहेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के लिए रविवार को तब गौरव और सम्मान क्षण रहा, जब प्रधानमंत्रीमोदी ने ‘मन की बात’ में ब्यावरा में चल रहे ‘प्लास्टिक मुक्त अभियान’ का उल्लेख किया। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सभी की सराहना की। प्रधानमंत्रीमोदी ने अभियान को ‘जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन’ और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया।

प्रधानमंत्रीमोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गई। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को Recycle कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो।

आखिर क्या है यह अभियान

ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संस्था के संयोजकअनिल कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से नगर में घर-घर से निकलने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथीन को एकत्र कर इको ब्रिक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन इको ब्रिक्स से पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच, सजावटी संरचनाएं, गार्डन फर्नीचर तथा अन्य उपयोगी सामग्री निर्मित की जा रही है। यह पहल ‘वेस्ट टू वैल्यू’ की अवधारणा को साकार कर ‘प्लास्टिक कचरे को बहुपयोगी संसाधन’ में बदल रही है। उन्होंने बताया कि अभियान की सबसे बड़ी ताकत जन सहभागिता है। यहां शहर की सभी गृहिणियां अपने घरों से निकलने वाली पॉलीथीन अलग से एकत्र कर रही हैं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों का प्लास्टिक इस संस्था को सौंप रहे हैं और शहर के युवा समय निकालकर प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण के इस मिशन से जुड़ रहे हैं। संस्था द्वारा नगर में प्लास्टिक बैंक एवं बोतल बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां नागरिक आसानी से प्लास्टिक्स जमा करा सकते हैं। शहर के विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करके नई पीढ़ी को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

संस्था के सदस्यतरुण सेन बताते हैं कि वर्तमान में 40 से 50 युवाओं एवं महिलाओं की टीम रोजाना स्वैच्छिक रूप से अभियान में काम कर रही है। अब तक 2 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक को इको ब्रिक्स में बदल कर नगर के विभिन्न स्थानों में इनका उपयोग किया जा चुका है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग भी दिनों-दिन बढ़ रहा है, इससे अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है।

नगरपालिका ब्यावरा ने भी इस अभिनव पहल से जुड़कर भविष्य में इको ब्रिक्स से निर्मित उत्पादों का सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक उपयोग करने की मंशा जाहिर की है।

 

जबलपुर में मृत महिला को जिंदा दिखाकर 76 लाख की जमीन की ठगी, दो आरोपियों पर ₹4-4 हजार का इनाम

जबलपुर.

मृत महिला को कागजों में जीवित दर्शाकर उसकी जमीन का फर्जी सौदा करने और 76 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो फरार आरोपियों पर चार-चार हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। एसपी सम्पत उपाध्याय ने इसके आदेश जारी किए।

इनामी आरोपियों में गोहलपुर शांति नगर निवासी राकेश गुप्ता और माढ़ोताल निवासी लखन नायक शामिल हैं। मामले में शाहपुरा किरसौद निवासी कमला सेन के खिलाफ भी माढ़ोताल थाने में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज है।

व्यापारी से 76 लाख रुपये ऐंठे
जवाहरगंज बड़ा फुहारा निवासी व्यापारी दीपक कुमार टिबरेवाला (57) का संपर्क राकेश गुप्ता और लखन नायक से हुआ था। दोनों ने अधारताल के ग्राम ओरिया स्थित फूलमती के नाम दर्ज 37,660 वर्गफीट जमीन का सौदा कराने की बात कही। आरोपियों ने कमला सेन को ही फूलमती बताकर उसकी फर्जी पहचान प्रस्तुत की और व्यापारी से 76 लाख रुपये ऐंठ लिए। उसके बाद में जांच करने पर पता चला कि वास्तविक फूलमती की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।

अन्य फरार आरोपियों पर भी घोषित हुआ इनाम
इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने अन्य फरार आरोपियों पर भी इनाम घोषित किया है। बेलखेड़ा थाने के मामले में फरार पिपरियाकला निवासी हेमराज लोधी उर्फ लक्खू और चरण सिंह लोधी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मदन महल थाने के मामले में फरार आरोपी हर्ष यादव (परसवाड़ा) व श्रीकांत राय (शास्त्री नगर) पर पांच-पांच हजार और हनुमानताल थाने के आरोपित विक्की बंशकार, शिवा सोनकर व बेलबाग थाने के फरार सत्यम कुशवाहा पर भी चार-चार हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ है।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल के पर्यटन स्थल कुकरू के भ्रमण के दौरान यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकुरू के रेस्ट हाउस परिसर में योगाभ्यास कर दिन की शुरूआत की। उन्होंने योग कर प्रदेशवासियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का संदेश दिया। प्राकृतिक वादियों के बीच आयोजित योग सत्र में मुख्यमंत्री ने योग साधक की भांति विभिन्न योगासन कर सभी को नियमित योग के प्रति प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित अन्य आसनों का भी सहजता एवं पारंगत रूप से प्रदर्शन किया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। साथ ही कुकरू में पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा।

ईको टूरिज्म, सनराइज-सनसेट प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं का होगा विकास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट एवं अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी।

जनजातीय समूहों के लिए बनेंगे होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटलों की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा तथा इनकी बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

‘कुकरू नेचुरल’ के तहत होगा स्थानीय उत्पादों का विपणन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा वन विभाग के सहयोग से “कुकरू नेचुर” के नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही इन उत्पादों के विपणन के लिए वन विभाग द्वारा शहरों में आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।

दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र होंगे स्थापित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी रोजगार से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुकरू में रोबुस्टा एवं अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित की जाएगी। कॉफी बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पशुपालन और जल संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम कुकरू में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने तथा पशु शेड निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन विकास को गति देने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी घोषणा की। इनमें आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, ग्राम कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख रुपये तथा जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम खामला में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास तथा ग्राम कसई में 25 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण भी किया जाएगा। अन्य विकास संभावनाओं के संबंध में विस्तृत सर्वे भी कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में खेत में चलाया हल, किसानों का किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू के प्रसिद्ध हिल स्टेशन में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से आत्मीय जुड़ाव का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी कर किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानसहादेव गायनी ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी की जानकारी लेते हुए कृषि कार्यों में रुचि दिखाई तथा किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का आधार बताया। इसी दौरान ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की तथा स्वयं भी लाठी घुमाकर उसका उत्साहवर्धन किया।

ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती नीता धाड़से ने बताया कि वे कृषि सखी के रूप में कार्य करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से प्राप्त ऋण सहायता से वे विभिन्न गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह की सदस्य श्रीमती मैना दामजे ने बताया कि पहले वे छोटे स्तर पर मावा और रबड़ी बनाने का कार्य करती थीं, लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आय बड़ी है। ग्राम खामला की स्व-सहायता समूह सदस्य श्रीमती अर्चना विनोद ने बताया कि सीएलएफ के माध्यम से उनके समूह को 72 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ है, जिससे समूह की महिलाएं कृषि सखी, डेयरी एवं अन्य गतिविधियों से जुड़कर आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रामीणशेषराव बरसाकर ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने तीन वर्षों के अनुभव और उससे प्राप्त लाभों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए सभी ग्रामीणों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया। इस दौरान ग्रामीणों की वन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों से कहा कि कुकरू एवं आसपास का क्षेत्र वनभूमि क्षेत्र है, जहां कॉफी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आम जैसे फलदार वृक्षों के साथ कॉफी पौधों का रोपण कर आय बढ़ाने की बात कही। साथ ही पशुपालन एवं डेयरी उत्पादों के निर्माण की संभावनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में होम-स्टे विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों को आचार्य विद्यासागर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही 33 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज प्रतिपूर्ति भी सरकार द्वारा की जाती है।

‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बैतूल पर्यटन पर केंद्रित ‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तिका में जिले के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी संकलित की गई है। यह पुस्तिका पर्यटकों को बैतूल की समृद्ध पर्यटन विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं और नागरिकों को वितरित किए हेलमेट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं नागरिकों को हेलमेट वितरित किए। उन्होंने श्रीमती वंदना सावे, श्रीमती सविता आठोले, श्रीमती संतोषी बेलकर,धर्मेंद्र सावे,सायबू आठोले तथाअशोक बेतकर को हेलमेट प्रदान किए।

वन रक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति-पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन रक्षक भर्ती परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित 45 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंनेराजू बेगा,प्रमोद ठकरिया,अजय सहरिया, कुमारी रानूबाई बैगा तथा कु. ज्योति मिल्थरे को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए

स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़े

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू स्थित कॉफी बागान का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कॉफी बागान के इतिहास, भू-गर्भीय परिस्थितियों एवं यहां उपलब्ध प्राकृतिक वातावरण की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉफी की खेती की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉफी उत्पादन क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉफी प्रोसेसिंग का कार्य कर रही ल-वॉन कंपनी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर कॉफी प्रोसेसिंग, विपणन एवं क्षेत्र में कॉफी उत्पादन के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। उल्लेखनीय है कि कुकरू में वर्ष 1944 में ब्रिटिश महिला फ्लोरेंस हेंड्रिक्स द्वारा कॉफी बागान की स्थापना की गई थी। यह कॉफी बागान लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और वर्तमान में क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं कृषि धरोहर के रूप में पहचान रखता है।

इस दौरान केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्रीदुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्षहेमंत खण्डेलवाल, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्यमंगल सिंह धुर्वे, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्षमोहन नागर, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, वन मंडलाधिकारीलक्ष्मीकांत वासनिक, आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

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