आयुर्वेद चिकित्सा के सफल प्रयोग की जानकारी और लाभ जन-जन तक पहुंचायें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन से जुड़े स्थानों पर आयुर्वेद पद्धति से चिकित्सा व्यवस्था और वेलनेस केन्द्र स्थापित करने की पहल सराहनीय है। अन्य प्रदेशों में हुए ऐसे सफल प्रयोगों और नवाचारों का अध्ययन कर बेहतर कार्य करते हुए उन्होंने जन-जन तक इनकी जानकारी और इनका लाभ पहुंचाने के आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वृद्ध नागरिकों की डोर टू डोर आयुष देखभाल के लिए वयोमित्र कार्यक्रम उपयोगी है। इसी तरह कारूण्य के अंतर्गत असाध्य रोगों का कष्ट झेल रहे रोगियों के जीवन को गुणवत्तापूर्ण बनाने का कार्य भी प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुष विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के साथ किए गए एमओयू के अंतर्गत प्रदेश में 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें विश्व धरोहर स्थल खजुराहो जिला छतरपुर के साथ ही ओंकारेश्वर जिला खण्डवा, चंदेरी जिला अशोकनगर, चित्रकूट जिला सतना, पचमढ़ी जिला नर्मदापुरम, ओरछा जिला निवाड़ी के अलावा उज्जैन, दतिया, मंदसौर, आलीराजपुर, सिंगरौली और आगर-मालवा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी के साथ ही ऐसी चिकित्सा पद्धतियों का प्रोत्साहन आवश्यक है जो भारतीय परम्परा से जुड़ी हैं। प्रदेश के अनेक स्थानों पर प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य कार्यरत हैं। इनकी सेवाओं से बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित होते हैं। उज्जैन सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का लाभ लेकर शल्य चिकित्सा के बिना रोगियों को लाभान्वित करने के उदाहरण मिलते हैं। सामान्य प्रसव करवाने वाले अस्पताल भी प्रदेश में संचालित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजीवन आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ लेने वाले नागरिकों को भी प्रोत्साहन कार्यक्रमों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य नीति-2017 और विजन-2047 के अनुक्रम में प्रदेश के जिला स्तरीय चिकित्सालयों में विकल्प के रूप में आयुष चिकित्सा के लिए पृथक विंग स्थापित करने का कार्य चल रहा है। प्रत्येक आयुष विंग में पंचकर्म यूनिट की स्थापना भी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यों की गति बढ़ाई जाए। बैठक में बताया गया कि जिलों में आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के व्यापक संचालन के अंतर्गत सुप्रजा, आयुर्विद्या, वयोमित्र, मस्कुलर-स्केलेटल प्रिवेंटिव कार्यक्रम और कारूण्य का लाभ नागरिकों को दिलवाया जा रहा है। जनजातीय बहुल और सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित जिलों में आयुर्वेद औषधियों का वितरण भी सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 22 जिलों के एलोपैथी चिकित्सालयों में आयुष विंग की स्थापना की कार्यवाही चल रही है। पांच नए आयुर्वेदिक कॉलेज स्थापित करने और 12 जिलों में 50 बिस्तर क्षमता के आयुष अस्पताल प्रारंभ करने का कार्य चल रहा है। भारत सरकार से राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत गत दो वर्ष में नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर, झाबुआ और शुजालपुर जिला शाजापुर में नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय के निर्माण की मंजूरी मिली है। भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय के परिसर में 29 करोड़ की लागत से प्रशासनिक और अकादमिक भवन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 6 जिला आयुष कार्यालय बन कर तैयार हो गए हैं। इसी तरह 80 आयुष औषधालयों के भवन बनाए जाने थे, जिनमें से 53 का निर्माण कार्य पूरा हो गया है।

आयुष विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में प्रदेश के सभी 9 आयुष महाविद्यालयों को फर्स्ट रेफेरल यूनिट के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। सभी 9 आयुष महाविद्यालयों में हॉस्टल बनाने, सीट क्षमता का 100 तक उन्नयन करने, यूनानी पाठ्यक्रम हिंदी में उपलब्ध करवाने, आयुष महाविद्यालयों में शोध कार्य बढ़ाने और बालाघाट में आयुष शोध केन्द्र का संचालन प्रारंभ करने का भी लक्ष्य है।

श्रम विभाग से समन्वय कर प्रदेश के लगभग 13 लाख कर्मचारी राज्य बीमा में पंजीकृत श्रमिक परिवारों को आयुष चिकित्सा पद्धति की कैशलेस सुविधा दिलवाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य बीमा में आयुष को शामिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रदेश में 7 आयुष महाविद्यालयों में फार्मेसी विभाग स्थापित करने, आयुष विश्वविद्यालय की पहल और एक प्राकृतिक एवं योग महाविद्यालय स्थापित करने तथा ऐसे जिलों जहां आयुष चिकित्सा सुविधा नहीं है, वहां 20 आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारंभ करने के कार्यों के लिए लगभग 75 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

बैठक में आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

48वीं जूनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन

भोपाल 

उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में 17 से 21 मई तक आयोजित 48वीं जूनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश रोइंग दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 7 पदक अर्जित किए, जिनमें 2 स्वर्ण, 2 रजत एवं 3 कांस्य पदक शामिल हैं। विशेष उपलब्धि के रूप में मध्यप्रदेश की महिला टीम ने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतर तालमेल और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के दम पर महिला वर्ग की ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है, बल्कि मध्यप्रदेश में विकसित हो रही खेल संस्कृति और रोइंग खेल के बढ़ते स्तर को भी दर्शाती है।

खेल मंत्री  सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने 48वीं जूनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन और महिला वर्ग में ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल करने पर मध्यप्रदेश रोइंग दल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश की खेल पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी।

महिला खिलाड़ियों ने दिलाया ओवरऑल चैंपियनशिप का गौरव

महिला वर्ग में मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों ने पूरे प्रतियोगिता के दौरान प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता दिलाई। सिंगल स्कल्स स्पर्धा में संतोष यादव ने उत्कृष्ट तकनीक, संतुलन और शानदार प्रदर्शन का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। वहीं कॉक्सलेस पेयर स्पर्धा में जिज्ञासा रेगर एवं स्नेहा कालमे की जोड़ी ने बेहतरीन समन्वय और दमदार प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को दूसरी स्वर्णिम सफलता दिलाई।

इसी क्रम में डबल स्कल्स स्पर्धा में प्रियंका एवं वंशिका साहू की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। वहीं कॉक्सलेस फोर स्पर्धा में पूनम, प्रतीक्षा, मेघा लवारिस एवं प्रतिज्ञा चिकाने की टीम ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश की पदक तालिका को और मजबूत बनाया। महिला खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन और लगातार बेहतर परिणामों के आधार पर मध्यप्रदेश ने महिला वर्ग में ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता स्थापित की।

पुरुष वर्ग में भी खिलाड़ियों ने किया प्रभावशाली प्रदर्शन

पुरुष वर्ग में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डबल स्कल्स स्पर्धा में तनिष एवं ऋषभ जोशी की जोड़ी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित किया और अपनी क्षमता का परिचय दिया। वहीं कॉक्सलेस फोर स्पर्धा में राज कारिया, श्लोक डांगी, हरिओम वर्मा एवं अरुण गुर्जर की टीम ने बेहतरीन समन्वय और प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन के आधार पर कांस्य पदक हासिल किया। इसके अतिरिक्त कॉक्सलेस पेयर स्पर्धा में अयान एवं अनुराग ने भी कांस्य पदक जीतकर प्रदेश की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुरुष खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भी यह साबित किया कि मध्यप्रदेश रोइंग के क्षेत्र में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

प्रदेश की खेल प्रतिभा और प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण

48वीं जूनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में प्राप्त यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा, व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रणाली और खिलाड़ियों के निरंतर परिश्रम का परिणाम है। प्रदेश में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अधोसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति, तकनीकी मार्गदर्शन और उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देखने को मिल रहे हैं। खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और खेल प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था ने इस सफलता को संभव बनाया है।

 

श्रम साथी बनकर विद्यार्थी दिलाएंगे उद्यमियों को स्टार रेटिंग

भोपाल 

मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को वल्लभ भवन स्थित कक्ष क्रमांक एफ-326 में “श्रम साथी कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, भोपाल के प्रमुख शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा ने कहा कि श्रम कानूनों की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचना आवश्यक है। उच्च शिक्षा विभाग और श्रम विभाग मिलकर विद्यार्थियों के माध्यम से उद्यमियों, दुकानदारों तथा आम नागरिकों को श्रम कानूनों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है।

श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिक हितों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए श्रम स्टार रेटिंग योजना प्रारंभ की है और इस अभिनव पहल को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत उद्यमी एवं दुकानदार अपने पंजीयन क्रमांक के माध्यम से ऑनलाइन लिंक पर 10 प्रश्नों के उत्तर देकर स्टार रेटिंग प्राप्त कर सकेंगे। यह रेटिंग श्रम कानूनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।

विद्यार्थियों को पहचान पत्र प्रदान करेगा श्रम विभाग

कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों ने “श्रम साथी” के रूप में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह दिखाया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर उद्यमियों और दुकानदारों को श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान से जुड़े विद्यार्थियों को श्रम विभाग के लोगोयुक्त टी-शर्ट, श्रम साथी पहचान पत्र तथा संबंधित महाविद्यालय के नाम आधिकारिक पत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अधिक प्रभावी ढंग से जनजागरूकता अभियान चला सकें।

कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने एवं रेटिंग प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय के लिए एक विशेष व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाएगा, जिसमें अभियान से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां साझा की जाएंगी।

 

प्रदेश में मनाया जायेगा गंगा दशहरे का पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में 25 और 26 मई को विभिन्न आयोजनों में होंगे शामिल

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गंगा दशहरा के अवसर पर 25 और 26 मई को उज्जैन में क्षिप्रा तट पर आयोजित परिक्रमा, चुनरी अर्पण, पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और जल संरक्षण के संदेश से जुड़े विविध आयोजन किए जायेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा पर 25 मई को प्रदेशभर में वृहद कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रभात फेरियां, नदी एवं जलाशय परिक्रमा, साइकिल रैली, चुनरी अर्पण-पूजन तथा जल और नदियों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जायेंगीं।

भारत भवन, भोपाल में ‘सदानीरा’ का आयोजन 27 मई से 2 जून 2026 तक किया जायेगा। कार्यक्रम में जल, प्रकृति और संस्कृति से जुड़े विविध आयामों को प्रस्तुत किया जायेगा। युवाओं एवं आमजन को जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संगोष्ठी, सेमीनार और व्याख्यान भी आयोजित किए जायेंगे। कार्यक्रम जिला मुख्यालयों के साथ प्रमुख नदियों, जलाशयों और जल स्रोतों के किनारे भी आयोजित होंगे।

राज्य शासन द्वारा जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में गंगा दशमी पर्व पर 25 मई को संपूर्ण प्रदेश में गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किये जायें। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना तथा जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित करना है।

 

उपभोक्ता हित में अन्य विभागों से समन्वय बढ़ाकर कार्य करे खाद्य विभाग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खाद्य विभाग अन्य विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर उपभोक्ता हित में कार्य करे। खाद्य विभाग ने अनेक नवाचार किए हैं जिनका लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है। नवाचारों और उपभोक्ता हित का कार्य निरंतर किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य विभाग ने उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण मार्ट के रूप में उन्नयन किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मोबाइल पर संदेश भेजकर राशन प्रदाय और वितरण की सूचना देने का प्रावधान किया गया है। यह नवाचार उपभोक्ताओं के कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता के रूट ऑप्टिमाइजेशन के कार्य से परिवहन लागत में सरकार को 42 लाख रुपए प्रति माह की बचत हुई। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमांड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग व्यवस्था की गई। इसी तरह सिविल सप्लाई कारपोरेशन ने सभी स्तरों पर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गोदाम में स्कंध के भंडारण की क्षति को कम करने के लिए वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अमले को भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण दिलवाने की पहल की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निगम कर्मियों के कौशल उन्नयन की गतिविधियां जारी रखी जाएं।इसी तरह उपार्जन, मिलिंग और परिवहन के लिए उपयोग में लिए जा रहे वाहनों का यूलिप (ULIP) सॉफ्टवेयर से सत्यापन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन के लिए जूट कमिश्नर से खाली बारदाने क्रय करने के लिए सीसी लिमिट से भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश, उड़ीसा और पंजाब के पश्चात तीसरा प्रांत है। इस प्रणाली से 18 करोड़ रुपए की ब्याज राशि की बचत करने में सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन कार्य की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ऐसा मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए जिससे गेहूं की जींस की प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग आदि के कार्य लघु मध्यम और सूक्ष्म विभाग के सहयोग से किए जा सकें। इस कार्य में स्व-सहायता समूह की भूमिका भी हो सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शहरी गैस वितरण, नेटवर्क विकास और विस्तार नीति 2025 लागू करने, पीडीएस के हितग्राहियों का ई-केवाईसी किए जाने के कार्य और उपभोक्ता हित में किए गए अन्य प्रयासों की जानकारी भी प्रदान की गई। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

मध्यप्रदेश की 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर

भोपाल 
मध्य प्रदेश की 3 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज गया है. भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव के संबंध में कार्यक्रम जारी कर दिया है. 1 जून 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी. 18 जून को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने राज्यसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दी है, लेकिन सबसे ज्यादा नजर कांग्रेस की उस एक सीट पर टिकी है, जिसे बचाए रखना पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. दिग्विजय सिंह के राज्यसभा जाने से मना करने के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। 

तीन सीटों पर मुकाबला, सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस की
वरिष्ठ पत्रकार अजय द्विवेदी के अनुसार “प्रदेश में खाली हो रही 3 सीटों में 2 सीटें भाजपा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जार्ज कुरियन की हैं, जबकि तीसरी सीट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पास है. भाजपा अपनी दोनों सीटों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस की एकमात्र सीट को लेकर अंदरखाने चिंता बढ़ गई है। 

दिग्विजय सिंह ने बनाई दूरी, नए चेहरों की लॉबिंग शुरू
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वे इस बार राज्यसभा नहीं जाना चाहते. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कहा है कि अब किसी नए चेहरे को मौका मिलना चाहिए. दिग्विजय सिंह ने यह भी इच्छा जताई है कि उनकी जगह अनुसूचित जाति वर्ग से किसी नेता को अवसर दिया जाए. इसके बाद कांग्रेस में दावेदारों की लंबी कतार लग गई है. कई वरिष्ठ और युवा नेता दिल्ली तक सक्रिय हो गए हैं। 

कांग्रेस को सता रहा क्रॉस वोटिंग का डर
संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस अपनी एक सीट निकाल सकती है, लेकिन पार्टी को क्रॉस वोटिंग का बड़ा खतरा दिखाई दे रहा है. भाजपा यदि तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारती है तो मुकाबला रोचक हो सकता है. कांग्रेस नेताओं को आशंका है कि कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं या मतदान के दौरान रणनीतिक गच्चा हो सकता है। 

2020 और 2022 का इतिहास बढ़ा रहा बेचैनी
वरिष्ठ पत्रकार खिलावन चंद्राकर बताते हैं “राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश की राजनीति में कई बार समीकरण अचानक बदले हैं. साल 2020 के राज्यसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे से पूरा गणित बदल गया था. वहीं 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस को झटका दिया था. ऐसे में इस बार पार्टी कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। 

चुनाव का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है

    नामांकन शुरू – 01 जून 2026
    नामांकन की अंतिम तारीख – 08 जून 2026
    नामांकन पत्रों की जांच – 09 जून 2026
    नाम वापसी की आखिरी तारीख – 11 जून 2026
    मतदान – 18 जून 2026, सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक
    मतगणना – 18 जून 2026, शाम 5 बजे से

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी द्वारा 30 एवं 31 मई को आयोजित होगा “कैरियरनेक्स्ट – करियर डिस्कवरी इंडस्ट्री बूट कैंप”

भोपाल 

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी द्वारा 12वीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों को सही करियर एवं उपयुक्त कोर्स चयन में प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से भोपाल में पहली बार “कैरियरनेक्स्ट – करियर डिस्कवरी इंडस्ट्री बूट कैंप” का आयोजन 30 एवं 31 मई 2026 को मैरियट होटल, डीबी मॉल के समीप, भोपाल में किया जा रहा है। 

दो दिवसीय इस बूट कैंप में कई विशेष एक्सपर्ट सेशन एवं प्रेरणादायक व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर उज्ज्वल पाटनी विद्यार्थियों को सफलता, आत्मविश्वास एवं करियर निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

इस आयोजन की विशेष बात यह है कि इसमें 19 से अधिक इंडस्ट्री सेक्टर्स एवं देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में गूगल, आईबीएम, रिलायंस एनीमेशन अकादमी, हुंडई, हीरो, एल एंड टी इन्फोटेक, नेक्स्ट वेव टेक्नोलॉजीज, एमसीड, गीक्स ऑफ गुरुकुल, आईटीएचएस एवं आईआईसीए सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञ विद्यार्थियों को इंडस्ट्री की वास्तविक आवश्यकताओं, रोजगार के अवसरों, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट आधारित स्किल्स की जानकारी प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी, एनीमेशन एवं फिल्म मेकिंग, फैशन डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन, फाइन आर्ट्स सहित कई आधुनिक एवं उभरते हुए क्षेत्रों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया जाएगा कि वर्तमान समय में कौन-सी स्किल्स एवं कोर्स इंडस्ट्री में सबसे अधिक मांग में हैं और किन क्षेत्रों में बेहतर करियर अवसर उपलब्ध हैं।

वर्तमान समय में सही करियर विकल्प का चयन विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। उचित मार्गदर्शन के अभाव में कई विद्यार्थी अपनी रुचि, क्षमता एवं भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप सही निर्णय नहीं ले पाते। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह विशेष करियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा करियर विकल्पों, इंडस्ट्री डिमांड तथा रोजगारपरक कोर्सेस की वास्तविक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि “कैरियरनेक्स्ट – करियर डिस्कवरी इंडस्ट्री बूट कैंप” का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा और स्पष्ट करियर दृष्टि प्रदान करना है। 12वीं के बाद सही निर्णय जीवन की सफलता की नींव होता है, और हमारा प्रयास है कि हर विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही करियर चुन सके। यह आयोजन विद्यार्थियों को इंडस्ट्री से सीधे जोड़कर उन्हें भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करेगा।
 
वहीं, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलगुरू डॉ. विजय सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने कहा कि यह दो दिवसीय मेगा करियर गाइडेंस कार्यक्रम विद्यार्थियों को 12वीं के बाद उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, प्रोफेशनल कोर्सेस एवं भविष्य की रोजगार संभावनाओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी उद्योग विशेषज्ञ विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे, जिससे वे अपने करियर को लेकर अधिक स्पष्ट एवं सही निर्णय ले सकें। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए कई विशेष सुविधाएं एवं आकर्षण भी उपलब्ध रहेंगे, जिनमें इंडस्ट्री एक्सपीरियंस बूथ, एडमिशन हेल्प डेस्क, स्कॉलरशिप सहायता केंद्र, साइकोमेट्रिक करियर असेसमेंट ज़ोन, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट गाइडेंस डेस्क, सोशल मीडिया लाइव ज़ोन एवं फोटो बूथ शामिल हैं।

कार्यक्रम में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा, हालांकि सीमित सीटों के कारण प्री-रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। इच्छुक विद्यार्थी एवं अभिभावक कैरियरनेक्स्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं अथवा हेल्पलाइन नंबर +91 7880103207 एवं +91 9109310455 पर संपर्क कर सकते हैं।

दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, 500+ कार्यकर्ता BJP में शामिल

दतिया 

 मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस को यहां पर बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के युवा नेता समेत 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने दतिया में कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। नरोत्तम मिश्रा के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने से जिले की सियासत गर्मा गई है और उपचुनाव की तारीखों के पहले ही दलबदल की चर्चाएं एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं।

कांग्रेस को बड़ा झटका
दतिया में कांग्रेस के युवा नेता राजबहादुर के नेतृत्व में 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा में शामिल होने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राजेन्द्र भारती ने कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी की और उन्हें प्रताड़ित करने के साथ ही कार्यकर्ताओं पर झूठे केस भी दर्ज कराए, जिससे कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी है और आगामी चुनाव में इसका परिणाम कांग्रेस को नजर आएगा।

नरोत्तम मिश्रा ने दिलाई सदस्यता
युवा नेता राजबहादुर समेत 500 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की सदस्यता दिलाई। वहीं भाजपा की सदस्यता लेने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने कहा कि वो और अन्य कार्यकर्ता नरोत्तम मिश्रा से प्रभावित होकर ही भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने दतिया जिले के विकास के काफी काम किया है दतिया के विकास और अपने मान-सम्मान के लिए ही वो नरोत्तम मिश्रा के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

दतिया सीट पर होना है उपचुनाव
बता दें कि मध्यप्रदेश की दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद दतिया उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई हैं। एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के बाद दतिया कलेक्टर ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पत्र मिलने के बाद कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल की चेकिंग के लिए बुलाया था। जिला कलेक्टर कार्यालय में 19 मई को इसकी चेकिंग हुई। जिले में 291 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिसके लिए 200 मशीनों की जांच की गई। इसके साथ ही 600 बैलेट यूनिट, 600 कंट्रोल यूनिट और 600 वीवीपैट मशीनों का भी परीक्षण किया गया। हालांकि दतिया सीट पर उपचुनाव कब होंगे, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, 50 साल बाद शिफ्ट होंगी 36 आरा मशीनें

 भोपाल 
शहर के बीच से आरा मशीन टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग पर 50 साल बाद बात बन गई। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की जद में आ रही पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक 36 आरा मशीनों को हटाने पर सहमति बन गई है। आरा मशीन संचालकों को एयरपोर्ट के पास रातीबड़ में जगह आवंटित कर दी गई। 26 आरा मशीनों के दस्तावेज अपडेट है, जबकि दस आरा मशीनों के दस्तावेजों का अपडेटेशन बाकी है। जो अपडेट है, उन्हें नई जगह पर काम शुरू करने की अनुमति पहले दिन से ही मिल जाएगी। डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर की एनओसी बाकी है, जिसके बाद नई जगह पर काम शुरू हो जाएगा।

रातीबड़ में लघु उद्योग निगम ने यहां आरा मशीनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। 12 एकड़ में 36 आरा मशीनों के लिए पूरी तरह नया क्षेत्र विकसित कर दिया गया है। अफसरों का कहना है कि शिफ्टिंग के लिए पांच करोड़ रुपए भी दिए गए। शहर में कुल 165 आरा मशीनें है।

मेट्रो लाइन, अंडरग्राउंड रैंप का काम हो सकेगा शुरू

मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा टिंबर मार्केट है। पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच एलिवेटेड और इसके बाद अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। टिंबर मार्केट के दुकानदारों की सबसे बड़ी ताकत उनका कारोबार है। शहर की जरूरत की 60 फीसदी लकड़ी का सामान और लकड़ियां यहीं से जाती है। सभी दुकानें हटने से फर्नीचर व इसके लिए जरूरी लकड़ियों की आपूर्ति प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखना होगा। इसी कमजोर नब्ज पर लंबे समय से रोड किनारे कारोबार चल रहा है।

सुनसान गली में टिंबर की दुकानें
पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच करीब दो किमी लंबी रोड पहले दुकानदारों और ग्राहकों से भरी रहती थी, लेकिन मेट्रो के काम के चलते हुई तोड़फोड़ ने पूरी रोड पर लगभग सन्नाटे की स्थिति बना दी। यहां सिर्फ लकड़ी बाजार ही बचा है और जब तक ये नहीं हटता काम मुश्किल है। ऐशबाग के 90 डिग्री ब्रिज के बाद इन्हीं टिंबर की दुकानों के बीच अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू होगा।

आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति
आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति बन गई है। उद्योग नियमों के अनुसार प्लॉट आवंटन हो चुका है। अब आरा मशीन संचालक अपने स्तर पर शिफ्टिंग शुरू कर देंगे। एक माह में पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक की आरा मशीनें हट जाएगी।

-बदर आलम, अध्यक्ष, टिंबर मार्केट एसोसिएशन
रातीबड़ में जगह तय

रातीबड़ में आरा मशीनों के लिए जगह तय कर दी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो गया। स्ट्रीट लाइट और कुछ काम बाकी है, इस सप्ताह ये काम पूरा हो जाएगा। डीएफओ की एनओसी मिलना है, नई जगह पर काम शुरू किया जा सकेगा।

-दीपक पांडेय, एसडीएम, सिटी

घुमंतू जनजाति के अगरिया (लोहापीट) समाज को जल्द दिये जाएं पट्टे-राज्यमंत्री गौर

घुमंतू जनजाति के अगरिया (लोहापीट) समाज को जल्द दिये जाएं पट्टे-राज्यमंत्री गौर

राज्यमंत्री गौर ने अशोकनगर जिले के कलेक्टर को दिए निर्देश

चंदेरी में 20 वर्षों से निवासरत परिवारों की समस्या का होगा त्वरित निराकरण-राज्यमंत्री गौर

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर से उनके निवास पर घुमंतू जनजाति वर्ग के अगरिया (लोहापीट/गाड़िया लोहार) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में लंबे समय से निवासरत समाज के लोगों को आवासीय पट्टे दिलाए जाने की मांग रखी।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे श्री राजू राणा ने बताया कि घुमक्कड़ समाज के कई परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से चंदेरी के तमरपुरा क्षेत्र में निवासरत हैं। इन परिवारों के सभी आवश्यक शासकीय दस्तावेज (आधार, वोटर आईडी आदि) भी चंदेरी के ही बने हुए हैं, लेकिन अब तक पट्टे नहीं मिले हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इस पर संज्ञान लेते हुए तत्काल अशोकनगर कलेक्टर को शीघ्र समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रीमती गौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा और पट्टे वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu