ऊर्जा मंत्री ने इंदौर में बिजली उपभोक्ताओं से की सीधे बात

ऊर्जा मंत्री ने इंदौर में बिजली उपभोक्ताओं से की सीधे बात

विद्युत आपूर्ति में लापरवाही पर 2 इंजीनियरों को नोटिस

इंदौर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार रात इंदौर शहर के बिजली सब स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने उपभोक्ताओं से सीधे बात की, बिजली आपूर्ति के संबंध में प्रथम दृष्टया स्थानीय इंजीनियरों की लापरवाही पाए जाने पर 2 के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ऊर्जा मंत्री सिंह ने इंदौर के ओल्ड पलासिया पहुंचकर बिजली उपभोक्ताओं से संवाद किया। कुछ उपभोक्ताओं ने बार-बार बिजली जाने की शिकायत की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य अभियंता आरसी जैन को ओल्ड पलासिया, मनोरमागंज क्षेत्र के बिजली इंजीनियरों सत्यप्रकाश जायसवाल और कमलेश टाले को नोटिस देने के निर्देश दिए। मंत्री तोमर ने निर्देश दिए हैं कि मेंटेनेंस गुणवत्ता से हो ताकि बिजली बार-बार न जाए, मेंटेनेंस की सूचना स्थानीय रहवासियों को दी जाए। बिजली आपूर्ति के संबंध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर 2 इंजीनियरों को मंगलवार दोपहर नोटिस जारी कर दिए गए। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिहं चौहान, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, मुख्य अभियंता कार्य एसएल करवाड़िया, शहर अधीक्षण अभियंता डीके गाठे आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

 

नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन: ऊर्जा मंत्री तोमर

नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन: ऊर्जा मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा ट्रांसमिशन लॉसेस का लक्ष्य 2.75 प्रतिशत निर्धारित किया गया था, जबकि एमपी ट्रांसको ने इसे 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखकर बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि एमपी ट्रांसको को देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ में शामिल करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने बढ़ती विद्युत मांग, सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर ग्रिड में एकीकरण तथा लगातार विस्तारित हो रहे ट्रांसमिशन नेटवर्क जैसी चुनौतियों के बावजूद ट्रांसमिशन लॉसेस को पिछले वर्ष के स्तर 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए एमपी ट्रांसको सहित प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है । उन्होंने कहा कि सभी विद्युत कंपनियों के समन्वित प्रयास, बेहतर तकनीकी प्रबंधन एवं टीम वर्क के कारण ही मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश का ट्रांसमिशन लॉसेस 2.60 प्रतिशत था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इसे इसी स्तर पर बनाए रखना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता, तकनीकी क्षमता और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग के दौरान भी यह उपलब्धि हासिल होना अत्यंत गौरव का विषय है।

 

रीवा कलेक्टर का अनोखा दौरा, 42 अफसरों संग नॉन-एसी बस से गांव पहुंचे; टिकुरी में लगाई चौपाल

रीवा 
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप ग्रामीणों की समस्याओं का गांव में ही निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने गंगेव जनपद पंचायत के टिकुरी गांव में ग्राम चौपाल आयोजित की। इस दौरान उन्होंने 42 विभागीय अधिकारियों के साथ पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर सूर्यवंशी नॉन एसी बस से कलेक्ट्रेट से टिकुरी पहुंचे। ग्राम पंचायत प्रांगण में आयोजित चौपाल में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सीमांकन में देरी पर नाराजगी जताई और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र नियमित न खुलने की शिकायत पर संबंधित सुपरवाइजर को निलंबित करने तथा सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

चौपाल में ग्रामीणों द्वारा उठाए गए रास्ता विवाद को तत्काल सुलझाने और सड़क चौड़ीकरण के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए, ताकि आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने निर्देशित किया कि टिकुरी गांव में शिविर लगाकर विभिन्न विभागों के अधिकारी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन हितग्राहियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया, उनके आवास निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए।

  कलेक्टर ने कहा कि उनका उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को भी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की हिदायत दी। नल-जल योजना के सुचारू संचालन में लापरवाही मिलने पर पीएचई उपयंत्री और रोजगार सहायक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरपंच और जनपद सीईओ को योजना जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने एक स्वर में पानी का शुल्क देने की सहमति भी जताई।

विद्युत विभाग को घर-घर मीटर लगाने की कार्रवाई शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं टंट्या मामा योजना के तहत पात्र हितग्राही को ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने अंत में कहा कि यदि अब इस गांव से शिकायतें जनसुनवाई में आती हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, जनपद सीईओ प्राची चतुर्वेदी सहित जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भोपाल समेत देशभर में कल बंद रहेंगे 8 लाख मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल

भोपाल 

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट व ड्रगिस्ट और मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी प्राइवेट मेडिकल दुकानें बंद रहेंगे। हड़ताल की वजह से मरीजों को जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ सकता है, ऐसे में एक दिन पहले पर्याप्त डोज लेकर रख सकते हैं।

दवा बाजार की हड़ताल में यहां मिलेगी दवाइयां
इस हड़ताल में इमरजेंसी के लिए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल खुली रहेंगी। प्रदेशभर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर भी दवाइयां मिलेंगी। जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल, प्राइवेट अस्पतालों की मेडिकल दुकानों को हड़ताल से दूर रखा गया है।

देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लगभग 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, आपातकालीन दवा सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

कारोबार हो रहा प्रभावित
केंद्रीय औषधि मानक संगठन नियंत्रण (CDSCO) के सूत्रों का कहना है कि कई राज्य स्तरीय रिटेल फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और दवाओं की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और तेज डिलीवरी देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं।

दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर?
हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे। 

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी। 

ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर बिक रही नकली दवाएं
कोरोना काल में अधिसूचना जीआरएस 220 ई के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसे तुरंत वापस ली जाए। अवैध रूप से ई-कॉर्पोरेट्स द्वारा बाजार में कब्जा किया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण में मनमानी कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन फार्मेसियों और प्लेटफार्मों पर मिलावटी या नकली दवाएं बेची जा रही हैं।

इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी
कई केमिस्ट असोसिएशन की ओर से 20 मई को प्रस्तावित भारत बंद और हड़ताल को लेकर दवा कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने खुद को इससे अलग कर लिया है। संगठन ने कहा कि इस बंद का समर्थन नहीं करेंगे। दावा है कि इससे अव्यवस्था बढ़ेगी और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। AICDF के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बंद बुलाने वाले ने संगठनों का उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा से ज्यादा बाजार में दबाव बनाना प्रतीत होता है।

CM मोहन यादव की सख्त नसीहत, निगम-बोर्ड अध्यक्षों से बोले- फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम

भोपाल
 मध्य प्रदेश में नवनियुक्त निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नए अध्यक्ष और सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों को सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने भाषा में सौम्यता रखने की ट्रेनिंग दी है।

योग्यता के आधार पर दी गई है जिम्मेदारी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम योग्यता का सम्मान करना जानते हैं और इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। हमें अटल जी के आदर्शों पर चल कर इस देश और प्रदेश की सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता हो। आपकी यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सेवा का सुनहरा अवसर है।

सेवा भावना से करें काम
मोहन यादव ने कहा कि हमें परमेश्वर ने जनसेवा का अवसर दिया है इसीलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, पूर्ण क्षमता, निष्ठा और सेवा भावना से काम करें। आप सब एमपी सरकार का अभिन्न अंग हैं। आपके काम से ही सरकार की समाज और नागरिकों में साख बनेगी। इसीलिए पहले अपने काम को अच्छी तरह से समझें, विभागीय नीतियों और नियमों का समुचित अध्ययन करें। अपने उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें और बेहतर तालमेल एवं सामंजस्य से अपने कार्य दायित्व को अंजाम दें।

आत्मानुशासन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है
उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इसीलिए अपने दायित्व के दायरे में रहकर आत्मानुशासन से हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन लाना, फिजूल खर्ची पर कड़ा अंकुश लगाना और नवाचारों के माध्यम से आय के नए स्रोत बनाना बेहद जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारी अपने संस्थान के अधिकारियों के साथ टीम भावना से काम करें और अपने मितव्ययिता पूर्ण काम से ही अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी दायित्व दे, उसे हमें एक परिवार भाव और उदात्त कर्तव्य भाव से पूरा करना चाहिए।

अनावश्यक चीजों से बचना है हमें
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी गरिमा से अपने दायित्वों को अंजाम दे। सोच-विचार कर ही अपने सहयोगी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अनावश्यक प्रचार और अनावश्यक चीजों से भी बचना है। कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए अपने संस्थान में किसी भी प्रकार के कदाचार को कतई बर्दाश्त न करें। ऐसे काम और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जनहित आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आपको आपसी समन्वय और टीम वर्क के मार्ग पर चलना है।

 

MP में तरबूज खाने से मौत मामले में बड़ा अपडेट, जांच की आंच भोपाल तक पहुंची

 भोपाल / श्योपुर

मध्य प्रदेश के श्योपुर में तरबूज खाने के बाद ड्राइवर पिता की मौत और बेटे की तबियत बिगड़ने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामला अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। शहर के खातौली तिराहे के पास किराये के मकान में किराये से रहने वाले इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद परिहार की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगडने और कोटा रेफर के दौरान इंद्र सिंह की मौत के मामले में फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। अब इस मामले में पशुपालन विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। रविवार को पशुपालन विभाग ने भी चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिए है।

पशुपालन विभाग पहुंची पोल्ट्री फार्म, भोपाल भेजे सैंपल
सुभाष बाबू दोहरे उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि, तीन पशु चिकित्सक सहित चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिया गया है। टीम द्वारा लिए गए सेंपल को जांच हेतु भोपाल भी भेजा जा चुका है। जहां से जांच उपरांत आने वाले रिपोर्ट के आधार पर ही विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि, गठित टीम पोल्ट्री फार्म की सतत निगरानी व देखरेख करेगी। सुभाष बाबू दोहरे ने बताया कि, टीम के सदस्य डॉ. सचिन उपाध्याय ने जानकारी दी है कि, यहां साफ-सफाई पाई गई है साथ ही मुर्गियों में भी ऐसे कोई लक्षण नहीं पाए गए जिससे किसी प्रकार की आशंका व्यक्त की जा सके।

डॉक्टरों ने बताया था संभाविक कारण
हालांकि इंद्र सिंह की मौत और विनोद की गंभीर हालत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन आशंक व्यक्त की जा रही है कि कोई बर्ड संक्रमण भी हो सकता है, क्योंकि ये दोनों पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। वहीं दूसरी ओ किसी केमिकल का भी दुष्प्रभाव होने की आशंका व्यक्ति की जा रही है, लेकिन चिकित्सक साफ तौर पर रहे है कि तरबूज खाने से मौत होने जैसी स्थितियां कहीं से नजर नहीं आ रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से पाया गया है कि गला चोक होने से इंद्र सिंह की मौत हुई है।

विनोद की हालत अभी स्थिर
मृतक इंद्रसिंह के पुत्र विनोद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और आईसीयू में वेंटीलेटर पर है। दो दिन बाद भी हालत अभी स्थिर है। चिकित्सकों का कहना है कि विनोद की हालत पहले जैसी ही है।

तरबूज खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबियत
बता दें कि, 15 मई शुक्रवार को सुबह 5 बजे इंद्र सिंह व उनके पुत्र विनोद की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। लेकिन इंद्र सिंह की रेफर के दौरान मौत हो गई थी वहीं बेटा विनोद का उपचार अभी जारी है। बताया गया है कि, मृतक इंद्र सिंह अपने परिवार के साथ पोल्ट्री फार्म में काम करते थे। ऐसे में बर्ड संक्रमण की आशंकाओं के बीच इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। 

मंत्री भूरिया की अध्यक्षता में हुई महिला सशक्तिकरण योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु गठित मंत्रि-परिषद समिति की बैठक

भोपाल

महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में महिला सशक्तिकरण योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये गठित मंत्रि-परिषद समिति की बैठक हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीतमी प्रतिमा बागरी बैठक में वर्चुवली शामिल हुईं। समिति द्वारा प्रमुख राज्य प्रवर्तित योजनाओं तथा महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त करने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता एवं योजनाओं में अपेक्षित बदलाव पर विस्तृत चर्चा की गई।

 

‘बच्चा नहीं चाहिए कहकर पिल खाती थी’, ट्विशा की सास का दावा; भोपाल केस में नए खुलासे

 भोपाल

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते सोमवार को आरोपों में घिरी ट्विशा की सास ने मीडिया से बातचीत की. आरोपों में घिरी गिरबाला ने कहा कि मेरे बेटे समर्थ ट्विशा ने एक-दूसरे को पसंद किया था. सबसे पहले ट्विशा ही हमारे घर पर आई थी, उसके बाद उसके माता-पिता आए थे. उसके परिवार और हमारे परिवार में काफी अंतर था, फिर भी हमने शादी करवाई। 

‘दवा लेकर एक दो दिन ठीक रहती थी ट्विशा’
उन्होंने कहा- वह बहुत कम उम्र में ही ग्लैमर वर्ल्ड में आ गई थी. उसका जाना हमारे लिए भी बहुत बड़ा झटका है. उसकी जो दवाई चल रही थी, उससे वह एक-दो दिन ठीक रहती थी, लेकिन फिर उसकी हालत पहले जैसी हो जाती थी. समर्थ कोर्ट में था, तभी ट्विशा ने उसे फोन कर बताया कि उसने MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) पिल ले ली है। 

‘प्रेग्नेंट हुई तो उसने पिल खा ली’
गिरबाला ने कहा -पहला बच्चा परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उसने हमें एक पल की भी खुशी महसूस नहीं होने दी. 7 मई को उसने पिल्स ले ली थीं. मैं खुद उसका सिर गोद में लेकर बैठती थी. ट्विशा के पिता का व्यवहार अजीब रहता है. वह 20 साल तक उज्बेकिस्तान में फार्मा सेक्टर में रहे हैं और मुझे लगता है कि वह इसका संभावित स्रोत हो सकते हैं. मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। 

‘समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था’
उन्होंने कहा-  ये लोग फौज की बात करते हैं, लेकिन हमारी तो पीढ़ियां सेना में रही हैं. मेरे पति ने देश के लिए अपनी जान दी है. मुझे जांच एजेंसियों पर भरोसा है. ऐसा नहीं है कि मुझे सिर्फ इसलिए जमानत मिल गई क्योंकि मैं जिला जज रह चुकी हूं. कोई आम इंसान भी होता, तो उसे भी जमानत मिल जाती. मेरे बेटे को भी बेल मिल जाती। 

ट्विशा की मौत हुई तो समर्थ तो AIIMS में नंगे पैर, बिना चप्पल के दौड़ रहा था और ये लोग कह रहे हैं कि AIIMS में हमारी सेटिंग है. समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था. ड्रग्स के आरोपों पर ट्विशा ने खुद स्वीकार किया था कि उसने भारी मात्रा में मारिजुआना का सेवन किया था. वह बार-बार ज़िद करती थी कि उसे बच्चा नहीं चाहिए था. डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से ट्विशा का इलाज चल रहा था. दवाइयां उसे प्रेस्क्राइब की गई थीं, लेकिन उसने उन्हें लिया नहीं था। 

‘ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर आरोप लगाए’
गिरबाला ने बताया कि ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर ड्रग्स लेने के आरोप लगाए थे, लेकिन वह झूठ था. बाद में उनके पिता ने मुझसे माफी भी मांगी थी. वह ड्रग्स नहीं लेता. ट्विशा के परिवार वाले उल्टा हमें मारने दौड़े और हमें पुलिस बुलानी पड़ी. उसी दिन मैंने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस को पत्र लिखा था। 

‘ट्विशा और समर्थ में लड़ाई नहीं होती थी’
उन्होंने कहा कि- ट्विशा और समर्थ के बीच कभी लड़ाई नहीं होती थी, लेकिन जब भी वह दिल्ली से लौटकर आती थी तो उसका व्यवहार बदल जाता था. MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) के बाद ट्विशा ने समर्थ से कहा था कि उसे स्पेस चाहिए और वह अलग कमरे में सोने लगी थी. ट्विशा कहती थी कि उसके परिवार ने उसे बहुत छोटी उम्र से ही ग्लैमर वर्ल्ड में डाल दिया था. वह 17 तारीख को दिल्ली गई थी, लेकिन वह घर नहीं गई और पूरी रात कहां रही, यह उसने नहीं बताया. उसने पहले भी ऐसा कुछ किया था, जिसकी वजह से उबर ने ट्विशा को ब्लैकलिस्ट कर रखा था। 

बता दें कि  बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा शर्मा के केस में रोज नई परतें खुल रही हैं. वहीं ट्विशा के माता पिता का इसे मर्डर बता रहे हैं। 

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत व्हाट्सऐप चैटबॉट सोलर चाचा एवं मेरा सोलर-बड़ा होनहार अभियान का हुआ शुभारंभ

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत व्हाट्सऐप चैटबॉट सोलर चाचा एवं मेरा सोलर-बड़ा होनहार अभियान का हुआ शुभारंभ

ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर करें कार्य : ऊर्जा मंत्री तोमर
बैंकर्स और वेंडर्स समन्वय पूर्वक कार्य करें : मंत्री शुक्ला

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिये सोलर एनर्जी का इस्तेमाल आज की महती आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर कार्य करने को कहा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये सभी बैंकर्स और सोलर एनर्जी सेक्टर में कार्य करने वाले वेंडर्स से समन्वय पूर्वक कार्य करने का आग्रह किया। ऊर्जा मंत्री तोमर और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित व्हाट्सपेए चेटबॉट, ‘सोलर चाचा’ और ‘मेरा सोलर-बड़ा होनहार’ प्रचार अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं कॉउंसिल ऑफ एनर्जी एन्वायरमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत प्रारंभ किये गये चेटबॉट और प्रचार अभियान से निश्चित की जनता लाभान्वित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जितना अधिक प्रचार-प्रसार होगा उतना ज्यादा लाभ जनता को भी मिलेगा। इससे अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ आम नागरिकों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से अब योजना संबंधी जानकारी आमजन तक और अधिक सरलता एवं त्वरित रूप से पहुंचाई जा सकेगी। साथ ही ऊर्जा विभाग के माध्यम से सभी तरह की सोलर से जुड़े कार्य मे विभाग पूरी तत्परता के साथ सहयोग देगा।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार प्रदेश के हर गाँव की हर छत पर सौर संयंत्र को स्थापित करने के समग्र प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि बिजली के बिल को न्यूनतम किया जाये ताकि सौर एनर्जी का उपयोग करने वालों को अधिकतम आर्थिक लाभ मिल सके। मंत्री शुक्ला ने सभी बेंकर्स और वेंडर्स को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मंशानुसार लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये तत्पर होकर कार्य करने का संकल्प लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि बेंकर्स और वेंडर्स के कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं का यथासंभव शीघ्रता से निराकरण किया जायेगा। मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रदेश तेजी से अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक अमनबीर सिंह बैंस ने बेंकर्स और वेंडर्स से सीधे संवाद कर जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में समन्वित प्रयास किये जायेंगे। इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अब तक 1,97,663 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 1,25,291 सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनकी कुल क्षमता 469.39 मेगावाट है। भारत सरकार द्वारा इन स्थापनाओं के लिए अब तक 888.26 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया जा चुका है।

कार्यक्रम में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एजेंसियों को मंत्री तोमर और मंत्री शुक्ला ने मंच से सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने वेंडर्स श्रेणी में मेसर्स सोलर स्क्वायर एनर्जी मेसर्स आरडी पावर एंड डेफा सॉल्यूशन प्रो. रूपेश राठौट मेसर्स एचएम सोलर एनर्जी सेटार्स शुभम सोलर सॉल्यूशन, मेसर्स भंडारी सोलट, मेसर्स सूर्यमटेक इंजीनियरिंग, मेसर्स ए जी सोलर मेसर्स ट्रायंगल एंटरप्राइजेज, मैसर्स कान्हा उठटपाइजेज, मेसर्स ग्रीन एटा सोलर सॉल्यूशंस मेसर्स ऑटोसिस इंदौर, मेसर्स महावीर मल्टी इंजीनियरिंग को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बैंक श्रेणी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब एण्ड सिंध बैंक और डिस्कॉम श्रेणी में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में नवकरणीय ऊर्जा कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण कंपनियों के अधिकारी तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत कार्यरत पंजीकृत वेंडर्स उपस्थित रहे।

 

आजीविका मिशन अंतर्गत योजनाओं का वित्तीय प्रबंधन करें बेहतर : मंत्री पटेल

आजीविका मिशन अंतर्गत योजनाओं का वित्तीय प्रबंधन करें बेहतर : मंत्री पटेल

संविदा कर्मियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का हो निर्धारण, पदों का करे युक्तियुक्तकरण
राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक में मंत्री पटेल ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

भोपाल 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक ली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विगत बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के एचआर मैनुअल पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग में ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का निर्धारण किया जाए और आवश्यकतानुसार पदों का युक्तियुक्तकरण भी किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने योजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की बात कही, जिससे क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध रहे और विभाग की देयताएं (लायबिलिटी) कम हो सकें।

बैठक में मंत्री पटेल ने जनोपयोगी सुविधाओं के लिए वन भूमि के उपयोग की अनुमति देने वाले नए वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप एफआरए लैंड डायवर्शन’ की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पारदर्शी, सुगम और त्वरित प्रक्रिया से वन भूमि पर रहने वाले अनुसूचित जनजाति के कृषकों और मजदूरों को बड़ी सुगमता होगी। इसके साथ ही, प्रदेश के 52 जिलों में स्थापित 85 आजीविका पुस्तकालयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने इन केंद्रों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्किल ट्रेनिंग देने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें अंग्रेजी भाषा और अन्य आवश्यक कौशलों में प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रीकृत वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।

मंत्री पटेल ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना 2.0 के तहत वर्तमान बाजार की मांग के अनुसार स्किल्स की पहचान करने और स्किल गैप एनालिसिस के आधार पर ही नवीन परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की सफलता की कहानियों को बुकलेट, फ्लेक्स और फिल्मों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एमपीएसईडीसी के माध्यम से फंड फ्लो की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बनाए जा रहे पोर्टल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए त्वरित कार्य करें। 5 हेक्टेयर से ऊपर के तालाबों की सूची तैयार करें और आवश्यकता के आधार पर अधूरे कार्यों को पूरा करें। 1 जुलाई से विकसित भारत – जी-राम-जी के तहत सभी निर्माण कार्य होने हैं इसलिए पूर्व से कार्य योजना तैयार रखें।इसमें विस्थापन के कारण शिफ्ट हुए परिवारों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें इस योजना का लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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