मुख्यमंत्री ने वाग्देवी प्रतिमा को विदेश से लाने की पहल को बताया विधिसम्मत प्रक्रिया का हिस्सा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले की भोजशाला के संबंध में बरसों पुराने प्रकरण में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजशाला के संबंध में न्यायालय ने माना है कि यह स्थान भोजशाला का ही था, जहां राजा भोज ने मां वाग्देवी के माध्यम से इस स्थान की महत्ता को स्थापित किया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे स्थान के गौरव को पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से विधिसम्मत तरीके से विदेश से वाग्देवी की प्रतिमा लाने का प्रबंधन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को इस निर्णय के लिए बधाई देते हुए अपील की कि न्यायालयीन निर्णय को शिरोधार्य करें। अयोध्या के देवस्थान के संबंध में न्यायालय के निर्णय के बाद सामाजिक सौहार्द्रता की उत्कृष्ट मिसाल कायम की गई थी। उसी परंपरा का निर्वहन करने वाला मध्यप्रदेश ऐसा दूसरा स्थान बन सकता है, जब हम इस समाधान और न्यायालय के निर्णय के आधार पर हम निर्णय को स्वीकार कर आपसी भाईचारे का परिचय देते हुए इसे स्थायी समाधान बनाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त की कि भविष्य में ऐसे स्थान को अधिक गौरवमयी बनाने के प्रयास भी किए जाएंगे।

 

कुटीर और ग्रामोद्योग को नए आयाम देने की तैयारी में मध्यप्रदेश हथकरघा, खादी, रेशम और महिला रोजगार पर विशेष फोकस

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अब कुटीर एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र को रोजगार, नवाचार और बाजार से जोड़कर नया स्वरूप देने जा रही है। पारंपरिक शिल्प को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाने और ग्रामीण कारीगरों को बेहतर आय और पहचान दिलाने के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की पहचान महेश्वरी, चंदेरी, खादी और रेशम जैसे उत्पादों को सिर्फ संरक्षित ही नहीं, बल्कि विस्तारित और प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

हथकरघा क्लस्टर का विस्तार : महेश्वरी और चंदेरी की सफलता को देखते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में भी नए हथकरघा क्लस्टर चिन्हित कर विकसित किए जाएंगे।

खादी उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा: पुराने कॉटन मिल क्षेत्रों और पारंपरिक बुनाई वाले इलाकों को जोड़कर खादी उत्पादन की नई योजना बनेगी। इसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना और स्थानीय रोजगार सृजित करना है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर: लूम और चरखा प्रदाय योजना को महिला एवं बाल विकास तथा कृषि विभाग के साथ जोड़कर रोजगारपरक बनाया जाएगा। रेशम उत्पादन को लखपति दीदियों से जोड़ने का लक्ष्य है।

ब्रांड आउटलेट का विस्तार : मृगनयनी, कबीरा और विंध्यावैली जैसे ब्रांड के एम्पोरियम अब फ्रेंचाइजी मॉडल पर अन्य जिलों में खुलेंगे। पर्यटन निगम के साथ मिलकर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।

धार्मिक और सांस्कृतिक उत्पादों को बढ़ावा: धार्मिक स्थानों के लिए गुणवत्तापूर्ण पूजन सामग्री के उत्पादन और विक्रय को अनुदान और बैंक ऋण आधारित योजना से जोड़ा जाएगा।

नवाचार और युवा जुड़ाव: इंदौर की साड़ी वॉकथॉन की तर्ज पर उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर में आयोजन होंगे। साड़ी पहनावे को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार योजना भी शुरू होगी।

रेशम और सिल्क टेक पार्क का विस्तार: ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में “प्राकृत” रेशम शोरूम खुलेंगे। पचमढ़ी के सिल्क टेक पार्क की तर्ज पर रातापानी और अमरकंटक में भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

ग्रामोद्योग इकाइयों को एमएसएमई से जोड़ना: ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना के लिए एमएसएमई विभाग की उद्यम क्रांति योजना के तहत लक्ष्य और आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन अनुसार कुटीर और ग्रामोद्योग सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का आधार है।

भोपाल में पूर्व जज और उनके वकील बेटे पर दहेज हत्या का केस, 18 घंटे में मिली अग्रिम जमानत

भोपाल
 
कटाराहिल्स क्षेत्र स्थित बागमुगालिया में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने पूर्व जज गिरीबाला सिंह और उनके बेटे वकील समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस ने गुरुवार-शुक्रवार की रात करीब एक बजे मृतका के पति और सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

केस दर्ज होने के 18 घंटे के भीतर भोपाल कोर्ट से गिरीबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई। वहीं जज ने समर्थ सिंह की जमानत की याचिका सुरक्षित रखी है, जिस पर 18 मई को सुनवाई की जाएगी।

उधर केस दर्ज होने के बावजूद तीसरे दिन भी ट्विशा का शव एम्स की मर्चूरी में रखा है। स्वजनों ने शव नहीं लिया, जिससे अंतिम संस्कार नहीं हो सका। शनिवार को सुबह वे शव लेकर नोएडा जाएंगे।

अग्रिम जमानत के लिए उम्र का हवाला दिया

केस दर्ज होने के बाद पूर्व जज जिला उपभोक्ता फोरम बैंच-2 गिरीबाला सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए जिला कोर्ट में आवेदन किया था। अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी ने सुनवाई की। न्यायालय ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में आरोपित को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया जाए।

मामले की सुनवाई के दौरान आरोपित पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि गिरीबाला सिंह उच्च न्यायिक सेवा में लंबे समय तक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं। साथ ही उनकी उम्र 63 वर्ष होने का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत दिए जाने की मांग की गई।

वहीं अभियोजन की ओर से जमानत आवेदन का विरोध किया। अभियोजन ने न्यायालय को बताया कि मृतिका का गर्भपात कराए जाने की बात सामने आई है तथा भ्रूण की एफएसएल जांच कराई जानी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।

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सेना के जवान भी रहे कोर्ट में मौजूद

शुक्रवार शाम जमानत पर सुनवाई के लिए ट्विशा के स्वजन भी कोर्ट में पहुंचे थे। आरोप है कि कोर्ट में उनसे वकीलों द्वारा धक्का-मुक्की की गई थी। स्वजनों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट में अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कोर्ट परिसर में सेना के जवान भी तैनात रहे। शाम करीब चार बजे से जवान परिसर में मौजूद थे, जो शाम करीब सात बजे तक मौजूद रहे।
यह था प्रकरण

12 मई की रात 32 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि ट्विशा ने अपने छत पर फांसी लगाई थी। वहीं घटना के बाद मायके पक्ष के लोगों ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर हत्या के आरोप लगाए थे। भाई हर्षित शर्मा का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। उसका गर्भपात भी करवाया गया था। कटाराहिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे का कहना है कि केस दर्ज कर लिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 

जल गंगा संवर्धन अभियान में व्यापक रूप से हो रहे हैं जल-संरक्षण और जल-संवर्धन के कार्य : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल

जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत गांव-गांव, नगर-नगर में जल-संरक्षण एवं जल-संवर्धन के कार्य व्यापक रूप से कराए जा रहे हैं। प्रदेश में गत तीन वर्षों से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य वर्षा काल के पूर्व जल स्त्रोतों की साफ-सफाई, जीणोद्धार एवं आवश्यक मरम्मत कराए जाना है, जिससे वर्षा काल में इनमें पर्याप्त मात्रा में जल संग्रहण हो सके। इस अभियान में समाज के हर वर्ग का सहयोग लिया जा रहा है तथा इसे जन-आंदोलन का रूप दिया गया है। इस वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत 19 मार्च को इंदौर से की गई थी, तब से यह अनवरत जारी है और 30 जून तक चलाया जाएगा।

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रमुख रूप से जल संसाधन विभाग द्वारा विभागीय जल स्तोत्रों के समीप की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना, नहरों की साफ-सफाई, सुदृढ़ीकरण एवं सोंदर्यीकरण, जल संरचनाओं के किनारे फैंसिंग एवं वृक्षारोपण, तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो, घाट मरम्मत, लघु सिंचाई परियाजनाओं के फ्लशबार एवं स्लूस मरम्मत, स्टॉपडैम, बैराज, वियर, गेट मरम्मत, जलाशयों में रिसाव रोकने के लिए आवश्यक मरम्मत आदि कार्य कराए जा रहे हैं। विभाग द्वारा अभियान के अंतर्गत इस प्रकार के 1040 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इसी के साथ विभाग के सभी 9 कछारों में लघु सिंचाई परियोजनाओं में 102 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

जल संसाधन विभाग द्वारा कराए गए महत्वपूर्ण कार्य

मंत्री  सिलावट ने बताया कि अभियान के अंतर्गत भोपाल ज़िले में केरवा नदी के उद्गम स्थल की साफ-सफाई, उज्जैन में काजी खेड़ी, कृष्ण सुदामा तालाब स्‍लूस वैल की सफाई एवं उण्डासा तालाब व घाटों की साफ-सफाई, शाजापुर में रनायरा केलवा तालाब स्‍लूस वैल की सफाई, रतलाम में हसन पालिया एवं इंद्रपुरी बैराज गेट की मरम्मत, मुरैना में कोटा तालाब पर जंगल सफाई, लालोर स्टॉप डैम पर जंगल सफाई एवं मोधना स्टॉप डैम व अंबा शाखा नहर की साफ-सफाई, दतिया में दतिया नहर की सफाई, नर्मदापुरम में उपनहर पर जंगल सफाई एवं तवा बांध के डाउनस्ट्रीम में सफाई, सिवनी में अटारी जलाशय के स्लूस अप्रोच चैनल की साफ-सफाई, सीहोर में दोराहा जलाशय की सफाई, कोलार बांध के रोस्टम पर वृक्षारोपण व बुराड़ी लघु सिंचाई परियोजना एवं झालपिपली लघु सिंचाई परियोजना की पाल की सफाई, सागर में तिनसिमरपनी जलाशय के पाल की सफाई, दमोह में बंदरकोला लघु स्लूस वैल मरम्मत, छतरपुर में बैनी सागर मध्यम बांध की साफ-सफाई, पन्ना में देवी बैराज लघु गेट इंस्टॉलेशन एवं बृजपुर बैराज निर्माण, झाबुआ में काला पीपल तालाब की पाल की साफ-सफाई, सतना में बाणसागर वृहद परियोजना के अंतर्गत पुरवा नहर दुआरी सब माइनर को अतिक्रमण मुक्त करना, निवाड़ी में बेतवा नदी के घाट की साफ-सफाई, भिंड में राजघाट नहर परियोजना के अंतर्गत वी.आर.बी. मरम्मत एवं बेसली डैम पर सफाई, राजगढ़ में कुशलपुरा बांध के आसपास वृक्षारोपण, अशोक नगर में बरखेड़ा छज्जू तालाब की सफाई, गुना में नरेन मध्यम परियोजना के पाल की सफाई, विदिशा में सगड़ परियोजना के पाल की सफाई, रायसेन में ऊंचाखेड़ा जलाशय एवं लोअर पलकमती जलाशय के डाउनस्ट्रीम बंड पर साफ-सफाई, हरदा में तवा परियोजना माचक उपनहर में पुलिया निर्माण, बैतूल में सुनद्रा जलाशय मुख्य नहर साफ-सफाई एवं पारसडोह मध्यम परियोजना की पाइपलाइन मरम्मत, टीकमगढ़ में महेंद्र सागर जंगल सफाई एवं चतुरकारी तालाब कैनाल सफाई, देवास में दतुनी मध्यम परियोजना अंतर्गत गहरीकरण, मंदसौर में काका साहब गाडगिल सागर जलाशय में वृक्षारोपण और छिंदवाड़ा में पेंच व्यपवर्तन परियोजना हरदुआ नहर की साफ सफाई आदि के कार्य किए गए हैं।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान विभिन् जिलों की पुलिस टीमों ने विगत 5 दिनों में 1 करोड़ 43 लाख रूपए से अधिक के मादक पदार्थ, तस्करी में प्रयुक्त वाहन, मोबाइल फोन एवं अन्य सामग्री जब्त करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

शहडोल

पुलिस द्वारा अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए लगभग 04 क्विंटल अवैध गांजा, 03 चारपहिया वाहन एवं 07 मोबाइल फोन सहित 75 लाख रूपए की संपत्ति जब् कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मंदसौर

जिले में पुलिस द्वारा अलगअलग कार्यवाही करते हुए मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त की है। थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक कार से 01 किलो अवैध एमडी ड्रग्स जब् कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्यवाही में लगभग 30 लाख रुपये की संपत्ति जप् की गई।

वहीं थाना अफजलपुर पुलिस ने अवैध डोडाचूरा की तस्करी करने वाले आरोपी को वाहन सहित गिरफ्तार कर लगभग 8 लाख 24 हजार रुपये की संपत्ति जप् की है। दोनों कार्यवाहियों में लगभग 38 लाख 24 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जप् की है।

रतलाम

जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करते हुए थाना रिंगनोद पुलिस ने एमडी ड्रग्स सहित एक आरोपी को गिरफ्तार कर 5 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब् की है।

वहीं थाना बरखेड़ा पुलिस ने 735 ग्राम अवैध अफीम के साथ एक आरोपी एवं एक विधि विरूद्ध बालक को पकड़ा। दोनों कार्यवाहियों में पुलिस ने लगभग 7 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जप् की है।

राजगढ़

जिले मेंऑपरेशन शुद्धिके तहत कार्यवाही करते हुए थाना छापीहेड़ा पुलिस ने स्मैक एवं एक्टिवा स्कूटी सहित 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 लाख 20 हजार रूपए की संपत्ति जब् की है।

वहीं बोडा थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 40.30 ग्राम अवैध स्मैक ( 5 लाख रूपए) जब् किया।

गुना

जिले के मृगवास थाना पुलिस ने राजस्थान से स्मैक तस्करी कर रहे अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 06 लाख रुपये की संपत्ति जब् की है।

भोपाल

थाना हनुमानगंज पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से 37 ग्राम एमडी ड्रग्स (लगभग 04 लाख रुपये) जब् कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

रीवा

रीवा के थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए 608 शीशी कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जप्त कफ सिरप की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 22 हजार रुपये है।

जबलपुर

थाना संजीवनीनगर पुलिस ने गांजा तस्करी में लिप्त आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 03 किलो 110 ग्राम गांजा, मोबाइल फोन, एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 1 लाख 55 हजार रुपये की संपत्ति जब् की है।

सीहोर

जिले के थाना शाहगंज पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 8 किलो 459 ग्राम अवैध गांजा जब् कर लगभग 90 हजार रुपये की संपत्ति जब् की है।

बैतूल

जिले के सारणी थाना पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी करने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 4.783 किलोग्राम गांजा जब् किया। जब् गांजे की कीमत लगभग 80 हजार रुपये है।

उज्जैन

थाना चिमनगंज मंडी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान 09 किलो 142 ग्राम अवैध गांजा जप्त कर 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन भी जप्त किए गए। जब् संपत्ति की कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये का है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं वितरण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

 

1902 के सर्वे से लेकर 2026 के फैसले तक ऐतिहासिक तथ्य उजागर, मस्जिद से पहले सरस्वती मंदिर होने के दावे पर चर्चा तेज

 इंदौर

 98 दिन चले एएसआई सर्वे में भोजशाला परिसर में कई मूर्तियां, सिक्के, स्तंभ और पत्थरों पर संस्कृत में लिखे श्लोक मिले। एडवोकेट विष्णु शंकर जैन और महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अयोध्या फैसले का आधार देते हुए तर्क रखा कि किसी एक समुदाय द्वारा उपयोग करने से दूसरे समुदाय के धार्मिक अधिकार समाप्त नहीं हो जाते।
ऐतिहासिक सर्वे और प्राचीन साक्ष्य

वकीलों ने कोर्ट को बताया कि लगभग सवा सौ साल पहले हुए सर्वे में सिद्ध हो चुका है कि धार भोजशाला सरस्वती मंदिर ही है। उस वक्त सर्वे में मिले साक्ष्य इसकी पुष्टि भी करते हैं। यह सर्वे वर्ष 1902 में एएसआई ने किया था। सर्वे से यह बात भी सिद्ध हुई कि भोजशाला का अस्तित्व मस्जिद से बहुत पहले से है। भोजशाला के पत्थरों को ही मस्जिद बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

लिपि विश्लेषण और निर्माण काल का प्रमाण

उज्जैन के जूना महाकालेश्वर मंदिर में लगे पत्थर पर लिखी लिपि और भोजशाला के पत्थरों पर लिखी लिपि एक ही समय की है। इससे यह सिद्ध हुआ कि भोजशाला मंदिर है और इसका निर्माण मस्जिद से बहुत पहले हो चुका था। वकीलों ने हदीस का हवाला दिया और कहा कि इस्लाम के अनुसार जबरन जमीन लेकर मस्जिद बनाई ही नहीं जा सकती।

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मस्जिद पक्ष की दलीलें जो निरस्त हो गई

 पूजा स्थल अधिनियम 1991 को लेकर रखे गए तर्क कोर्ट ने अस्वीकार कर दिए। कोर्ट ने कहा कि पुरातत्व महत्व की संरक्षित धरोहरों पर यह लागू नहीं होता।
    
मस्जिद पक्ष ने तर्क रखा कि विवाद 2003 के आदेश को लेकर है। याचिका आदेश के 19 वर्ष बाद दायर हुई है, समय सीमा के बाहर है, लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को अस्वीकार कर दिया।
   
 मस्जिद पक्ष ने तर्क रखा था कि स्वामित्व का निर्धारण आस्था और विश्वास से नहीं बल्कि कानूनी प्रक्रिया से किया जा सकता है। अयोध्या मामले में रामलला विराजमान पक्षकार थे, लेकिन भोजशाला मामले में ऐसा नहीं है, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया।

मस्जिद पक्ष की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि राजा भोज की मृत्यु के बाद कई बार धार को लूटा गया, हिंदू राजाओं ने ही मंदिरों में की तोड़फोड़ की थी, लेकिन साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने इसे नहीं माना।
मस्जिद पक्ष का कहना था कि धार दरबार ने वर्ष 1935 में ही स्पष्ट कर दिया था कि भोजशाला में नमाज की अनुमति देते हुए इसे मस्जिद मान लिया था, लेकिन तर्क अस्वीकार कर दिया गया।

 

भोपाल के डायल 112 हीरोज सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से तालाब में कूदी युवती की बचाई जान

भोपाल 

भोपाल के थाना तलैया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाही से आत्महत्या के उद्देश्य से तालाब में कूदी एक युवती को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई गई। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

14 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना तलैया क्षेत्र अंतर्गत राजा भोज सेतु के पास एक महिला तालाब में कूद गई है और तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तलैया थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षकशाहीद खान एवं पायलटविपिन श्रीवास ने मौके पर पहुँचकर पाया कि अज्ञात कारणों से 25 वर्षीय युवती आत्महत्या के उद्देश्य से तालाब में कूद गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने स्थानीय लोगों की सहायता से तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर युवती को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद युवती को डायल 112 वाहन की सहायता से हमीदिया अस्पताल पहुँचाया। डायल-112 जवानों द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराते हुए युवती को समझाइश दी गई तथा मेडिकल परीक्षण उपरांत परिजनों के सुपुर्द किया गया।

डायल 112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि संकटग्रस्त लोगों को समय पर संवेदनात्मक सहयोग और जीवन रक्षा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 

युवाओं को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक अभियान है शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना: राज्यमंत्री गौर

भोपाल

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शुक्रवार को अपेक्स बैंक परिसर के समन्वय भवन में ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर  मालती राय, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में योजना के अंतर्गत भोपाल, नर्मदापुरम और रायसेन जिले के चयनित अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें राज्यमंत्री  गौर ने प्रशिक्षण किट वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राज्यमंत्री  गौर ने युवाओं का स्वागत करते हुए इसे अपने राजनीतिक जीवन का एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमने यह प्रण लिया था कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं का जीवन बेहतर बनाने के लिए हम कुछ ठोस करेंगे और यह योजना युवाओं को सशक्त बनाने का एक बड़ा अभियान है। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि 45 दिन तक चलने वाली यह विभाग की पहली ऐसी रोजगार परक प्रशिक्षण योजना है, जो ओबीसी अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, शौर्य, समर्पण और संकल्प का ज्ञान भी देगी। हमारी योजना का नाम ही ‘शौर्य और संकल्प’ है, जो अपने आप में एक प्रेरणा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नियत किए गए विकास के 4 स्तंभों में युवाओं को एक अहम स्तंभ बताते हुए मंत्री  गौर ने युवा शक्ति का आह्वान किया कि वे किसी के भ्रम में न आएं। हमारी केंद्र और राज्य सरकार कौशल, संकल्प और प्रेरणा के जरिए युवाओं को निखारने का काम कर रही है, जो राष्ट्रसेवा की सशक्त राह पर आगे बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए मंत्री  गौर ने विभागीय उपलब्धियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार ओबीसी हॉस्टल में ‘मेस’ की सुविधा शुरू होने जा रही है, जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संवेदनशीलता है कि ‘दिल्ली छात्रगृह योजना’ की सहायता राशि को 1,550 रुपए से बढ़ाकर सीधे 10 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अलावा छात्राओं को बेहतर वातावरण देने के लिए 31 कन्या छात्रावासों को ‘आदर्श छात्रावास’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य और हमारा विभाग पहला विभाग है, जो ‘सोशल इंपैक्ट बॉन्ड’ के माध्यम से युवाओं को ट्रेनिंग देकर विदेश भेजने की तैयारी कर रहा है। ‘सरदार पटेल कोचिंग योजना’ के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी विद्यार्थियों को नीट, क्लैट और जेईई जैसी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प हमारी सरकार ने किया है।

कार्यक्रम में महापौर  मालती राय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि राज्यमंत्री  गौर ने ओबीसी वर्ग के छात्रों की बेहतरी के लिए एक शानदार योजना को जमीन पर उतार दिया है। मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि राज्यमंत्री  गौर के प्रयासों से ही आज यह ऐतिहासिक योजना मूर्त रूप ले रही है। विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण’ जैसी योजना देशभर में केवल मध्यप्रदेश सरकार ने ही शुरू की है। इससे प्रतीक होता है कि सरकार सभी वर्गों के विकास के प्रति कितनी संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रही है।

आयुक्त पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री सौरभ सुमन ने बताया कि इस योजना के लिए कुल 6,687 आवेदन प्राप्त हुए थे। पारदर्शी स्क्रीनिंग के बाद 3,664 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए अंतिम रूप से चयनित किया गया है, जिनमें 2,030 छात्र और शेष छात्राएं शामिल हैं। इन चयनित अभ्यर्थियों को सैद्धांतिक और प्रैक्टिकल शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा, आधुनिक तरीके से तैयारी करने के लिए ‘ऐप बेस्ड ट्रेनिंग मटेरियल’ भी उपलब्ध रहेगा। आयुक्त श्री सुमन ने छात्रों को विश्वास दिलाया कि योजना की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अगर आवश्यकता हुई तो मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद अन्य जिलों तक इस योजना का विस्तार किया जाएगा और सीटों की संख्या में भी विस्तार किया जाएगा।

जनसहयोग से जल संरक्षण कार्यों में अग्रणी बना है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पानी को बचाने और सहेजने के लिए सरकार के साथ ही आम नागरिक भी सजग और सक्रिय हैं। इसी कारण मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार द्वारा करवाए गए जल संरक्षण और जन संचयन के कार्यों में अग्रणी राज्य है। नर्मदा मिशन जैसी संस्थाएं जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश में सभी शासकीय विभाग पानी बचाने और लोगों को जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार के लिए मिलकर कार्य करने की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने परिसर स्थल में देशी उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बाल चित्रकार श्री विक्रम लोधी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मां नर्मदा का चित्र भेंट किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में नर्मदा चिंतन बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर श्री दादा गुरु भगवान ने प्रवचन द्वारा मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और दादा गुरु ने स्मित अपराजिता की पुस्तक “समर्थ दृष्टि: साधना के शिखर” का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न श्रेष्ठ सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों को समर्थ नर्मदा अलंकरण प्रदान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कुंए, बावड़ियां, पोखर, नहर और अन्य जल स्त्रोतों एवं जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्य चल रहे हैं। गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियां आगामी 30 जून तक निरंतर चलेंगी। इतनी लंबी अवधि के इस अभियान का उद्देश्य जल संरचनाओं को उपयोगी बनाना और पानी के प्रति जन जागृति बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। प्रदेश में अनेक त्यौहार भी शासन-प्रशासन के साथ मिलकर मनाए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास और विरासत के संरक्षण के आहवान पर मध्यप्रदेश अमल कर रहा है।

पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नदियों के उद्गम स्थलों के अवलोकन और उन्हें उपयोगी बनाए रखने की दिशा में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग कार्य कर रहा है। ऐसे प्रयासों में सराहनीय जनभागीदारी मिल रही है। वरिष्ठ राष्ट्रवादी विचारक श्री गोपाल आर्य ने कहा कि हमारे देश में अमृता देवी जैसी महिलाएं हुई हैं, जो वृक्षों को बचाने के लिए बलिदान से भी पीछे नहीं हटी। साधक और शासक जब समाज के बीच में रह कर कार्य करते हैं तो श्रेष्ठ परिणाम सामने आते हैं।

कार्यक्रम में दादा गुरू ने कहा कि भारत की संस्कृति ने दुनिया को दर्शन दिया है। हमारी प्रकृति यह संकेत दे रही है कि हम सभी मिलकर पर्यावरण की चिंता करें। हमारी नदियां हमारी शक्ति है। गंगा-यमुना-नर्मदा जल के रूप में प्रवाहित होने वाली प्रत्यक्ष शक्तियां हैं। नर्मदा पथ व्यक्तित्व निर्माण का पथ है। दादा गुरू ने मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में हो रहे कार्य की प्रशंसा की। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर ने प्रदेश में जनसहयोग से जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्यों का विवरण दिया। कार्यक्रम में खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सदस्य  माया नारोलिया, विधायक श्री भगवानदास सबनानी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

11.54 लाख किसानों से 80.90 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 11 लाख 54 हजार 593 किसानों से 80 लाख 90 हजार 864 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है।

मंत्री  राजपूत ने बताया है कि किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

मंत्री  राजपूत ने बताया कि किसानों को 9522.92 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ में से 69 लाख 12 हजार 735 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है।

भोपाल संभाग में 22 लाख 86 हजार 653, उज्जैन संभाग में 18 लाख 92 हजार 792, नर्मदापुरम संभाग में 6 लाख 43 हजार 490, जबलपुर संभाग में 8 लाख 96 हजार 187, सागर संभाग में 6 लाख 67 हजार 881, ग्वालियर संभाग में 3 लाख 32 हजार 94, रीवा संभाग में 4 लाख 77 हजार 510, इंदौर संभाग में 6 लाख 59 हजार 985, चंबल संभाग में एक लाख 77 हजार 589 और शहडोल संभाग में 5 लाख 66 हजार 83 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ है।

 

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