सारणी मे ऊर्जीकृत हुआ 160 एम वी ए का पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

सारणी मे ऊर्जीकृत हुआ 160 एम वी ए का पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

45 वर्षो तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने के बाद ट्रांसको का पावर ट्रांसफार्मर हुआ रिटायर

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था के इतिहास में एक भावुक और गौरवपूर्ण अध्याय उस समय जुड़ गया, जब एमपी ट्रांसको के बैतूल जिला स्थित सारणी 220 केवी सबस्टेशन में स्थापित 100 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगातार 45 वर्षों तक निर्बाध सेवाएं देने के बाद सम्मानपूर्वक रिटायर हुआ।

मंत्री तोमर ने बताया कि उल्लेखनीय है कि सन 1978 मे निर्मित इस ट्रांसफार्मर की निर्धारित कार्य अवधि लगभग 25 वर्ष थी, किंतु मध्यप्रदेश विद्युत मंडल तथा बाद में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों की कुशल मेंटेनेंस, सटीक तकनीकी प्रबंधन और उत्कृष्ट कार्य दक्षता के कारण इसने लगभग दोगुनी अवधि तक विश्वसनीय सेवाएं दीं। इसके साथ ही पुराने 100 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर अब सारणी 220 केवी सबस्टेशन में 160 एमवीए क्षमता का अत्याधुनिक पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र की पारेषण क्षमता और विद्युत विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली पहुंचाने में रहा था अहम योगदान

ऊर्जा मंत्री तोमर ने आगे जानकारी दी कि सारणी ताप विद्युत गृह से उत्पादित होने वाली बिजली को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक सुरक्षित एवं सतत रूप से पहुंचाने में इस ट्रांसफार्मर की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीते लगभग साढे चार दशकों में इस ट्रांसफार्मर ने न केवल प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती प्रदान की, बल्कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं सामाजिक विकास की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मौन आधार स्तंभ की तरह योगदान दिया। यह ट्रांसफार्मर प्रदेश की ऊर्जा अवसंरचना के विकास का साक्षी रहा है।

बैतूल के साथ रेलवे ट्रैक्सन फीडर को मिलेगी विश्वसनीय बिजली

एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस नये पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद 220 के वी सबस्टेशन सारणी की क्षमता बढकर 320 एम व्हीए की हो गई है। इससे विश्वसनीयता बढने के साथ तीन 132 के व्ही सबस्टेशनों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा रेलवे ट्रैक्सन घोड़ाड़ोंगरी के दोनों फीडर को भी गुणवत्ता पूर्ण विश्वसनीय सप्लाई उपलब्ध रहेगी।

बैतूल जिले की क्षमता में वृद्धि

शांडिल्य ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से बैतूल जिले की कुल स्थापित क्षमता 740 एमवीए से बढ़कर 800 एमवीए हो गई। एमपी ट्रांसको बैतूल जिले में अपने 220/132 केव्ही के तीन एवं 132/33 के व्ही के छह सब स्टेशन के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो में किया सफर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो में किया सफर

प्रधानमंत्री मोदी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग के आह्वान पर किया अमल

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को दिल्ली प्रवास के दौरान मेट्रो ट्रेन से सफर कर मितव्ययता का उदाहरण प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि देश में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, प्रदूषण और वर्तमान वैश्विक संकट के दृष्टिगत भविष्य के लिए ईंधन की बचत और वर्तमान में की जा रही खपत को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो के अधिक उपयोग की अपील की है। इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो में यात्रा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आम यात्रियों के बीच रहकर सफर किया और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मेट्रो सफर की सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ ही प्रशासनिक क्षेत्र में काफी चर्चा रही। इसे एक प्रतीकात्मक और प्रभावशाली संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आम नागरिकों को भी यह प्रेरणा मिलती है कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकते हैं, तो सभी इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।

 कार्बन उत्सर्जन में कमी और प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी उपयोगी है मेट्रो

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेट्रो सफर के संदर्भ में कहा कि मेट्रो जैसे आधुनिक परिवहन साधन समय की बचत के साथ पर्यावरण-संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बड़े शहरों में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बेहद आवश्यक है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि भारत तेजी से आधुनिक और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां परिवहन व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो की व्यवस्था, समयबद्धता और यात्री सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश के अन्य शहरों में भी इस तरह की व्यवस्थाओं का विस्तार होना चाहिए। मध्यप्रदेश में भोपाल और इंदौर के पश्चात अन्य बड़े नगरों में मेट्रो ट्रेन सुविधा का विस्तार इसी सुविचारित योजना का हिस्सा है। हमारा देश स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन मोबिलिटी और स्मार्ट सिटी मिशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

 

लघु उद्योग निगम के क्रियाकलापों को व्यापक स्वरूप देकर व्यवसाय और मुनाफा बढ़ाएं : मंत्री काश्यप

भोपाल 

एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि लघु उद्योग निगम के क्रियाकलापों को मौजूदा बाजार और आनलाइन प्लेटफार्म के जरिए व्यापक स्वरूप देकर व्यवसाय बढ़ाना चाहिए।मंत्री  काश्यप और निगम के अध्यक्ष  सत्येंद्र भूषण सिंह गुरुवार को पंचानन भवन स्थित सभागार में निगम के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे ।बैठक में प्रबंध संचालक और एमएसएमई विभाग के सचिव  दिलीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे

मंत्री  काश्यप ने संतोष व्यक्त किया कि विगत दस वर्षों से निगम घाटे में नहीं रहा है और हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को 8 करोड़ का लाभांश भी सौंपा है।उन्होंने प्रबंधकों सहित अन्य रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही भी समय सीमा में करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में बताया गया कि निगम ने अपने 8 एम्पोरियम,कोयला व्यवसाय,कच्चा माल,संपदा एवं निर्माण और टेस्टिंग लैब जैसी सभी गतिविधियों में लाभ अर्जित किया है।बैठक में निगम के कुल व्यवसाय और कार्य परिणाम पर भी विमर्श किया गया।

बैठक में 36 औद्योगिक क्षेत्रों के नवीन कार्य और 17 केंदों के उन्नयन,20 जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के विकास कार्यों और गोविन्दपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बहुमंजिला इंडस्ट्री पार्क के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गईं ।इस दौरान 3 एमएसएमई सीडीपी क्लस्टर और 4 अपग्रेडेशन क्लस्टर कार्य को भी संतोषजनक पाया गया।

प्रबंध संचालक ने बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा कोल आबंटन 1 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 6 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।मंत्री  काश्यप ने कहा कि लक्ष्य की पूर्ति के लिए नवीन उद्योगों तक एप्रोच बढ़ाने के लिए कलेक्टर्स से कहा जाए और जिले के अधिकारियों को भी सक्रिय किया जाए।बैठक में बताया गया कि निगम की जबलपुर और इंदौर की टेस्ट लैब का आधुनिक उन्नयन करने के कार्य प्रारंभ किए गये हैं।निगम के अध्यक्ष  सिंह ने 8 एम्पोरियम की संख्या में और बढ़ोतरी करने पर ध्यान केंद्रित करने का कहा है ।निगम के मृगनयनी एंपोरियम विभिन्न प्लेटफार्म पर आन लाइन व्यवसाय भी कर रहे हैं।निगम ने स्वयं के शापिंग पोर्टल से भी 65 लाख का व्यवसाय किया है। बैठक में विगत 3 वर्षों में निगम को भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में गोल्ड और रजत पदक मिलने पर संतोष व्यक्त किया गया।

बैठक में भारत सरकार की निगम द्वारा संचालित आर ए एम पी योजना में देश में मध्यप्रदेश के अग्रणी होने के साथ ही संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। बैठक में स्टार्टअप योजना की भी समीक्षा की गईं।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पहुंचकर देवास हादसे के घायलों से की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पहुंचकर देवास हादसे के घायलों से की भेंट

प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय और चोइथराम अस्पताल में भर्ती घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए

इंदौर 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के घायल नागरिकों से भेंट कर उनके उपचार की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस हादसे से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे और घायलों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अन्य कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती घायलों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमलतास अस्पताल में इलाज करवा रहे घायल नागरिकों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज पूर्वान्ह में इस हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे। इंदौर में उपचार करवा रहे घायलों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिल्ली से ही दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिये।

 

इंदौर में खतरनाक बसों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 11 बसें जब्त और कई पर जुर्माना

इंदौर

शहर में लोक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी सड़क पर दौड़ रही खतरनाक बसों पर सख्ती करते हुए कार्रवाई की गई। परमिट शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 बसों को जब्त किया गया। वहीं दो बसों के फिटनेस निरस्त किए गए। जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा गुरुवार को तीन इमली चौराहा और राजकुमार ब्रिज के नीचे यात्री बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया।

सुरक्षा उपकरणों की सूक्ष्म जांच और नियमों की अनदेखी

जांच के दौरान बसों में सुरक्षा और परिवहन नियमों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की सूक्ष्मता से जांच की गई। अधिकारियों ने इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पैनिक बटन, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और प्रेशर हार्न की स्थिति देखी। साथ ही बसों की निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, ओवरलोडिंग और अधिक किराया वसूली की भी जांच की गई। बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और पीयूसी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई।

खराब सुरक्षा उपकरण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई

आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच में 13 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। इसमें कुछ बसों में फायर सेफ्टी उपकरण खराब पाए गए, कई बसों के इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले और मेडिकल किट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा कई बसें अवैध पार्किंग में खड़ी पाई गईं। संयुक्त कार्रवाई के दौरान एसडीएम ओमनारायण सिंह बड़कुल, एआरटीओ राजेश गुप्ता मौजूद रहे।

भारी जुर्माना और बस स्टाफ को कड़ी समझाइश

जांच के दौरान आठ बसों से 80 हजार जुर्माना वसूला गया। वहीं अन्य 3 बसों से डेढ़ लाख रुपये जुर्माना प्रस्तावित किया गया। अधिकारियों ने बस चालक-परिचालकों को समझाइश भी दी कि वे बसों में किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ परिवहन न करें और यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में बचाव संबंधी जानकारी दें।

 

PM मोदी और शिवराज का खास रिश्ता: केंद्रीय मंत्री ने लिखी प्रधानमंत्री पर भावुक किताब

भोपाल
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों पर एक किताब लिखी है। किताब का नाम ‘ अपनापन ‘ है। इसका लोकार्पण 26 मई को नई दिल्ली में है। शिवराज सिंह चौहान ने खुद इसकी जानकारी दी है। किताब की कहानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान के अनुभवों पर है।

पीएम के साथ अनुभवों को किताब में लिखा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि तीन दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनेक भूमिकाओं और विभिन्न दायित्वों में कार्य करते हुए मुझे उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व, सेवा, संगठन, सुशासन और राष्ट्र समर्पण के अनेक दुष्टिकोणों से देखने समझने का अवसर मिला है। इन्हीं अनुभवों, भावनाओं, प्रेरणाओं और जीवन-मूल्यों को मैंने अपनी पुस्तक ‘अपनापन’ में संजोने का विनम्र प्रयास किया है।

26 मई को किताब का लोकार्पण
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरी इस कृति ‘अपनापन’ का लोकार्पण 26 मई 2026 को सुबह साढ़े दस बजे, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा, नई दिल्ली में होगा। मेरा विश्वास है कि यह पुस्तक सभी पाठकों को, विशेषकर हमारे युवा मित्रों को, सेवा, संवेदना, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण के विचारों के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देगी। पुस्तक का लोकार्पण पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा करेंगे।

प्रधानमंत्री के साथ करीब से जिया है
उन्होंने कहा कि मेरे लिए ‘अपनापन’ केवल एक पुस्तक नहीं है, यह उन तैंतीस वर्षों को शब्दों में उतारने का प्रयास है, जिनको मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत करीब से जिया है। लोगों ने मंचों से उन्हें भाषण करते हुए देखा है, लेकिन मैंने उनमें उस व्यक्ति को देखा है, जो दिन भर देर रात तक काम करने के बाद भी अगली सुबह उसी ऊर्जा के साथ देश के लिए खड़ा होता है। लोग उनके निर्णय को देखते हैं, लेकिन मैंने देखा है कि कैसे उनका दिल हर गरीब, हर किसान, मां, बहन-बेटी और हर कार्यकर्ता के लिए धड़कता है।

1991 की एकता यात्रा का जिक्र
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे आज भी 1991 की एकता यात्रा याद है। तब कई लोग उसे राजनीतिक यात्रा के रूप में देखते थे, लेकिन मोदी जी ने उसे राष्ट्रीय चेतना का अभियान बना दिया। उनकी सोच स्पष्ट थी कि तिरंगा श्रीनगर के लाल चौक तक ही नहीं, देश के हर युवा के दिल तक पहुंचना चाहिए। और तब मैंने पहली बार महसूस किया कि नेतृत्व सिर्फ भाषण से नहीं आता, नेतृत्व तपस्या से आता है, नेतृत्व अनुशासन से आता है, नेतृत्व समर्पण से आता है और सबसे ज़्यादा नेतृत्व अपनेपन से आता है।

क्यों लिखा ‘अपनापन’
उन्होंने कहा कि उन अनुभवों को यादों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि एक पुस्तक के रूप में जनता तक पहुंचाना चाहिए और इसी सोच ने मुझे लेखक बना दिया। ‘अपनापन’ यह पुस्तक आपके सामने है। इस पुस्तक में संगठन और सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले लोग यह देखेंगे कि बड़े लक्ष्य केवल भाषण से पूरे नहीं होते। बड़े लक्ष्य अनुशासन, समर्पण, तपस्या और सामूहिक प्रयासों से पूरे किए जा सकते हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस पुस्तक में युवा देखेंगे कि कैसे जनता से जुड़कर, उनकी समस्या जानकर और उनको साथ लेकर मेहनत करके बदलाव लाया जा सकता है। वे लोग, जो भारत में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव को देख रहे हैं, इस पुस्तक में एक ऐसी झलक देखेंगे कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े राष्ट्रीय परिवर्तन का वातावरण बनाया जा सकता है। और दुनिया में वे लोग, जो नरेंद्र भाई के नेतृत्व को देख रहे हैं, उनको इस पुस्तक में उनके व्यक्तित्व को ज़्यादा निकटता से समझने का अवसर मिलेगा।

पुस्तक से देश बदलने का साहस मिलेगा
इस पुस्तक ‘अपनापन’ में आपको सिर्फ घटनाएं नहीं, वह सोच मिलेगी जिसने देश को बदलने का साहस किया। वह अनुशासन मिलेगा, जिसने सपनों को सिद्धि में बदल दिया और वह अनुभव मिलेंगे, जो नेतृत्व को देखने के आपके नजरिये को बदल देंगे। इस पुस्तक को पढ़ते समय अगर आपने यह महसूस किया कि देश बदलने के लिए बड़े पद नहीं, बड़े संकल्प की जरूरत होती है, तो मैं मानूँगा कि मेरा प्रयास सार्थक हुआ।

 

Milk Price Hike: सांची दूध हुआ महंगा, 15 मई से लागू हुईं नई कीमतें; जानिए ताजा रेट

भोपाल
 लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है. दरअसल रसोई गैस, सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के बाद अब दूध भी महंगा हो गया है. देशभर में अमूल और मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद अब मध्य प्रदेश के प्रमुख सहकारी दुग्ध ब्रांड सांची ने भी दूध के दाम बढ़ाने की घोषणा कर दी है. सांची की नई दरें आज  15 मई 2026 से लागू होंगी, जबकि अमूल और मदर डेयरी की नई कीमतें 14 मई से प्रभावी हो जाएंगी. कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को प्रति लीटर दूध पर 2 रुपये अधिक चुकाने होंगे। 

2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा सांची दूध का दाम
जानकारी के अनुसार सांची ने दूध के सभी प्रमुख पैकेटों की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. इसके तहत अब तक 34 रुपये में मिलने वाला आधा लीटर दूध पैकेट 35 रुपये में मिलेगा, जबकि 68 रुपये वाला एक लीटर पैकेट अब 70 रुपये में मिलेगा. डेयरी प्रबंधन का कहना है कि दुग्ध उत्पादन लागत, पशु आहार, पैकेजिंग और परिवहन खर्च में लगातार वृद्धि होने के कारण यह फैसला लिया गया है। 

अमूल ने भी पूरे देश में बढ़ाया दाम
अमूल ने भी पूरे देश में दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान किया है. कंपनी ने अलग-अलग दूध उत्पादों की कीमतों में 1 से 3 रुपये तक की बढ़ोतरी की है. अमूल के अनुसार यह वृद्धि पशुओं के चारे, ईंधन और पैकेजिंग सामग्री की बढ़ती लागत के कारण की गई है. गुजरात कोआपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने बयान जारी कर कहा है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी किसानों और डेयरी संचालन पर बढ़ते आर्थिक दबाव को संतुलित करने के लिए जरूरी थी. नई दरें 14 मई 2026 से लागू होंगी। 

मदर डेयरी ने 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी
मदर डेयरी ने भी अपने टोकन, फुल क्रीम और टोंड दूध समेत सभी प्रमुख वेरिएंट्स के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है. कंपनी ने बढ़ती उत्पादन लागत और परिवहन खर्च को इसकी मुख्य वजह बताया है. दूध की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है।  

 

प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने एनएचएम एवं भार्गवी हेल्थ केयर के मध्य एमओयू

भोपाल 

मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर जांच एवं प्रभावी प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश एवं भार्गवी हेल्थ केयर (बीजीएच), हैदराबाद के मध्य एमओयू किया गया है। यह समझौता राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिये क्षमता निर्माण एवं तकनीकी सहयोग पर केंद्रित है।

एमओयू में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रीवा जिले में 25 से 65 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 10 हजार महिलाओं की एचपीवी डीएनए आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा राज्य स्तर पर प्रभावी समन्वय के लिए एएनएम, स्टाफ नर्स, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ताओं का चयन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। भार्गवी हेल्थ केयर, हैदराबाद द्वारा सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं उपचार के लिये विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा। संस्था द्वारा प्रशिक्षण सामग्री एवं मानकीकृत दिशा निर्देश विकसित किए जाएंगे तथा “ट्रेन-द-ट्रेनर” कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में दक्ष मास्टर ट्रेनर्स की टीम तैयार की जाएगी। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत तकनीकी सहयोग, अनुसंधान एवं ज्ञान-साझेदारी से संबंधित गतिविधियाँ भी संचालित की जाएंगी। 

परंपरागत बीजों के संरक्षण में आजीविका मिशन की अनूठी पहल

भोपाल

परंपरागत बीजों के संरक्षण में आजीविका मिशन की कृषि सखियों द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। इन्हें बीज सखी के रूप में स्थापित करने के लिये प्रशिक्षित किया गया है। जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण का आयोजन किया जाकर प्रदेश में कुल 454 बीज सखी तैयार की गयी हैं। ये देशी बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य करेंगी। वर्तमान में 29 जिलों में 99 बीज बैंक स्थापित किये जा चुके हैं। सर्वाधिक 20 बीज बैंक जिला सागर एवं 10 बीज बैंक जिला बालाघाट में स्थापित हुए हैं। देशी बीज स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार ढले होने के कारण कम पानी, खाद व कीटनाशकों में भी बेहतर पैदावार देते हैं। पोषण युक्त होते है, सूखा-रोग प्रतिरोधी होते हैं, इन्हें दोबारा बोया जा सकता है, जो किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को किफायती व टिकाऊ बनाते हैं।

पारंपरिक बीज संरक्षण के गुर सीख रहीं बीज सखियां

बीज सखियों को प्रशिक्षण पद्म  बाबूलाल दहिया, जिला सतना, उद्यानिकी विभाग से  दीनानाथ धोटे, कृषि विभाग से  जितेंद्र सिंह परिहार द्वारा दिया जा रहा है। विगत 16 वर्षों से देशी बीजों का संरक्षण करने वाली जिला डिंडोरी की फुलझरिया बाई द्वारा भी बीज संरक्षण के तरीके भी बताए गये हैं। कर्नाटक राज्य की बी.बी. जान जो विगत 9 वर्षों से परंपरागत बीज संरक्षण का कार्य कर रही हैं, उनके द्वारा भी प्रतिभागियों को बीज संरक्षण के लिये प्रशिक्षण दिया गया है।

बीज बैंक के माध्यम से किसानों को मिल रहे निःशुल्क देशी बीज

जिला बालाघाट की बीज सखी सुनीता सिहोरे बताती हैं कि उनके द्वारा लगभग 70 प्रकार के देशी बीजों का संरक्षण किया गया है जिनमें सब्जी, अनाज, दलहन आदि शामिल हैं। उनके द्वारा कृषकों को नि:शुल्क देशी बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उत्पादन आने पर कृषक द्वारा जितना बीज लिया गया है बस उसका दो गुना बीज बैंक में जमा करना होगा जिससे और कृषकों को भविष्य में देशी बीज उपलब्ध कराया जा सके। आगामी खरीफ मौसम के लिये कृषक यदि देशी बीज लगाना चाहते हैं तो अपने विकास खण्ड के ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से बीज सखियों की सूची प्राप्त कर उनसे संपर्क कर सकते हैं।

 

राज्यमंत्रीगौर शुक्रवार को करेंगी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. कुसमरिया भी होंगे शामिल

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर शुक्रवार 15 मई 2026 को सुबह 11 बजे ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026’ का शुभारंभ करेंगी। अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित रहेंगे। भोपाल, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

राज्यमंत्रीगौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए ये योजना विभाग द्वारा शुरू की गई है। यह योजना प्रदेश के 20 चयनित जिलों में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य अर्ध सैनिक बलों की भर्ती परीक्षाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना है। योजना में प्रदेश भर से चयनित 4000 प्रतिभागियों को जिला स्तर पर 45 दिनों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 100-100 के बैच में पुरुष और महिला वर्ग के युवाओं को अलग-अलग केंद्रों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।

राज्यमंत्रीकृष्णा गौर ने बताया कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद वैज्ञानिक और सघन बनाया गया है। इसमें कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिदिन 4 घंटे का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और 3 घंटे का शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निशुल्क आवास और भोजन के साथ स्टाइपेंड, अध्ययन सामग्री भी मिलेगी। राज्यमंत्रीगौर ने कहा कि यह योजना युवाओं के लिए एक ‘ऐतिहासिक सौगात’ है, जो न केवल उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेगी बल्कि उनमें देश सेवा का जज्बा और अनुशासन भी पैदा करेगी।

 

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