CM की अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ीं कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं, मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर मंथन

भोपाल 

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के पहले से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। 17 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव अलग-अलग मंत्रियों से चर्चा करने वाले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेह हो गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद भाजपा कैबिनेट विस्तार पर फैसला ले सकती है।

जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के बाद अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रहा है। इसके तहत कुछ मंत्रियों से इस्तीफा लेने की भी योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद विवादों में हैं, वहीं कुछ अन्य मंत्रियों का प्रदर्शन भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार से पहले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में सीएम समेत 31 पद भरे हुए है और चार पद खाली हैं और विस्तार से पहले चार मंत्रियों के इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है। 

राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा 
जानकारी के अनुसार इस बार कैबिनेट विस्तार में कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ महिला विधायकों को भी मौका दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर 17 मई को होने वाली बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुलाकात में पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत पर बधाई देने के साथ ही अन्य राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा करने की बात कही जा रही है। इससे पहले नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दो दिन पहले अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं।  

केंद्रीय मंत्रियों से भी सीएम ने की मुलाकात 
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मध्यप्रदेश में शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी से सौजन्य भेंट की। वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू से भी मुलाकात कर प्रदेश में विमानन सुविधाओं और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के इस दिल्ली दौरे को प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार और केंद्र-राज्य समन्वय के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। 

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26: प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावी : लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई – आयुक्त भोंडवे

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26: प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावी : लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई – आयुक्त भोंडवे

भोपाल

                 स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब शहर से कचरा केवल हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की परिकल्पना को साकार करते हुए रिसायकल के लिए इसका जिम्मेदारी से प्रबंधन करना आवश्यक है। इन नवीन नियमों के तहत अब प्रत्येक घर में कचरे का अलग-अलग संग्रहण अनिवार्य किया है, अब नागरिकों को गीला, सूखा और घरेलू हानिकारक कचरा पृथक डस्टबिन में देना होगा। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा तथा सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ”स्वच्छता अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जिम्मेदारी है।” खुले में कचरा फेंकने, प्लास्टिक जलाने या सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने जैसी गतिविधियों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक प्रक्रिया के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त, थोक कचरा उत्पादकों (BWG) को भी अपने परिसर में ही कचरे का ऑन-साइट प्रसंस्करण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

      स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत सुरक्षित पर्यावरण और स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए राज्य के 406 नगरीय निकाय पूर्णतः कटिबद्ध हैं, जिनमें 28 नए निकाय पहली बार इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हो रहे हैं। नागरिकों की छोटी पहल से बड़े बदलाव का लक्ष्य लेकर चल रहे इन निकायों द्वारा जमीनी स्तर पर की जा रही तैयारियों का मूल्यांकन विभिन्न श्रेणियों में किया जाएगा। सर्वेक्षण में मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा विभागीय अमले की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रदेश में 51 क्षमता वर्धन कार्यशालाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है। इसके साथ ही, तीन वृहद राज्य स्तरीय कार्यशालाएं भी की गई। जिनके माध्यम से सभी 406 निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO), यंत्रियों और स्वच्छता नोडल अधिकारियों का प्रभावी क्षमतावर्धन किया गया है। मैदानी स्तर पर कार्य कर रहे अमले को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 874 महिला सफाई मित्रों को भी 15 विभिन्न बैचों में ‘स्वास्थ्य एवं स्वच्छता’ तथा ‘कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों’ पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। सुदृढ़ जन-भागीदारी और इन व्यापक प्रशासनिक तैयारियों के बल पर मध्यप्रदेश का लक्ष्य अपने शहरों को पूर्णतः स्वच्छ बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना गौरव स्थापित करना है।

 

ओबीसी प्रदेश स्त्री सम्मेलन अमरकंटक में. राजमणि पटेल

अनूपपुर
 प्रदेश स्त्री सम्मेलन राष्ट्रीय ओबीसी संगम के आयोजन में एक दिवसीय ओबीसी का सम्मेलन अमरकंटक में आयोजित होने जा रहा है इस सम्मेलन में काफी संख्या में ओबीसी समाज के लोग पहुंचने की संभावना है प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल जी का आगमन होगा तथा प्रदेश के कई दिग्गज नेता इस कार्यक्रम में शिरकत लेंगे राजमणि पटेल जी से हुई वार्तालाप पर उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन अमरकंटक के संगम में आयोजित किया जा रहा है यह कार्यक्रम 16 एवं 17 में 2026 को आयोजित होने जा रहा है जिसमें ओबीसी समाज को एकत्रित करने एवं दिशा निर्देश देने के कार्यक्रम में राजमणि पटेल रीवा से अमरकंटक पहुंचेंगे जहां ओबीसी समाज के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे राजमणि पटेल ने कहा कि इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने

मंत्री विश्वास सारंग ने द्वारका नगर में बावड़ी की सफाई हेतु किया श्रमदान

मंत्री विश्वास सारंग ने द्वारका नगर में बावड़ी की सफाई हेतु किया श्रमदान

विद्युत संबंधी सेवाओं के शिविर का भी किया शुभारंभ

भोपाल 
सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नरेला विधानसभा के द्वारका नगर स्थित प्राचीन बावड़ी की सफाई हेतु श्रमदान किया एवं स्वच्छता मित्रों को किट वितरित कर उनका सम्मान एवं उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेशभर में जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन हेतु व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आगे उन्होंने कहा कि परंपरागत जल स्रोतों जैसे बावड़ी, कुएँ, तालाब एवं सरोवर हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं जिन्हें संरक्षित करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। मंत्री सारंग ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाते हुए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।

विद्युत संबंधी सेवाओं के शिविर का शुभारंभ
मंत्री विश्वास सारंग ने नरेला विधानसभा के चाँदबड़ में संपर्क अभियान के तहत विद्युत संबंधी सेवा शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर में कनेक्शन संबंधी, बिल संबंधी, तकनीकि सेवाएं सहित मीटर व केवल सर्विस संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मंत्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की सरकार में जनता को सरकार के द्वार नहीं आना पड़ता बल्कि सरकार जनता के द्वार आकर समस्याओं का हल करती है। मंत्री सारंग ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में केवल बिजली के बिल आते थे बिजली नहीं वहीं बिजली के संकट से जूझने वाला मध्यप्रदेश आज भाजापा की सरकार में बिलजी आपूर्ति में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास और कल्याण सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री सारंग ने जानकारी देते हुए बताया कि संपर्क अभियान के तहत प्रत्येक माह विभिन्न क्षेत्रों में 8 विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिनके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन को सरल, सुलभ एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान उन नागरिकों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए जिनकी समस्याओं का समाधान 24 घंटे के भीतर किया गया।

उक्त कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, रहवासियों सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश में दूध पर महंगाई की मार: सांची ने फिर बढ़ाए दाम, कल से 2 रुपये लीटर महंगा मिलेगा

भोपाल 

 मध्य प्रदेश सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के उत्पाद सांची ने भी दूघ के दाम में बढ़ोतरी करने का फैसला ले लिया है। अब प्रदेश के उपभोक्ताओं को दूध की सभी श्रेणियों के लिए 2 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त चुकाने होंगे। बता दें कि, नई कीमतें 15 मई से लागू कर दी जाएंगी।

बता दें कि, नई कीमतें प्रभावी होने के बाद आज तक आप जिस आधे लीटर दूध के पैकेट को 35 रुपए में खरीद रहे हैं, वही पैकेट कल से आपको 36 रुपए में मिलेगा। जबकि 70 रुपए वाला एक लीटर दूध का पैकेट कल से 72 रुपए की दर से मिलेगा।

ये है बढ़ोतरी का कारण
इस संबंध में जानकारी देते हुए सांची के एमडी संजय गोवाणी का कहना है कि, उत्पादन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि, इससे पहले सांची ने दूध की कीमतों में मई 2025 को बढ़ोतरी की थी।

फिर आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ
आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। रसोई गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच अब दूध के दामों में भी उछाल आ गया है। प्रदेश के लोकप्रिय ब्रांड सांची ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है, जो 15 मई 2026 से प्रभावी होंगी।

उपभोक्ताओं को प्रति लीटर पर 2 रूपए बढ़े
इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को प्रति लीटर दूध पर 2 रुपए अधिक चुकाने होंगे। अब तक 35 रुपये में मिलने वाला आधा लीटर दूध का पैकेट अब 36 रुपए का मिलेगा, जबकि 70 रुपए वाला एक लीटर दूध पैकेट अब 72 रुपए में मिलेगा।

महीने के बजट पर असर
सुबह की चाय से लेकर बच्चों के नाश्ते और घर की जरूरतों तक दूध हर परिवार की रोजमर्रा की जरूरत है। ऐसे में दाम बढ़ने का सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ेगा। भोपाल सहित प्रदेशभर के उपभोक्ताओं में दूध के बढ़े दाम को लेकर चिंता दिखाई दे रही है।

पूरा घरेलू खर्च ही बढ़ा
लोगों का कहना है कि पहले से ही गैस सिलेंडर, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े हुए हैं, ऐसे में दूध महंगा होने से घरेलू खर्च और बढ़ जाएगा।

खास बातें

-सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ सांची ने एक साल होते ही फिर बढ़ाए दूध के दाम

-2 रूपए प्रति लीटर की दर से सभी श्रेणियों के दूध में बढ़ोतरी का फैसला

-उत्पादन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया

-15 मई यानी कल से उपभोक्ताओं के चुकाने होंगे नई दरों के दाम

खंडवा में विधायक कंचन तनवे की साइकिल यात्रा चर्चा में, महापौर अमृता यादव ई-कार के साथ हुईं शामिल

खंडवा
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल और डीजल बचाने के आह्वान का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। खंडवा में भाजपा नेताओं ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई पहल शुरू की है। एक ओर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने सप्ताह में दो दिन साइकिल से शहर भ्रमण करने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर खंडवा महापौर अमृता यादव ने अपने काफिले से डीजल-पेट्रोल वाहन हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल कर लिया है। हालांकि कांग्रेस ने भाजपा नेताओं की इस पहल को ‘सिर्फ दिखावा’ बताते हुए तीखा हमला बोला है।

साइकिल से भाजपा कार्यालय और दादाजी मंदिर पहुंचीं विधायक
खंडवा विधायक कंचन तनवे ने बुधवार को अपने निवास से साइकिल यात्रा शुरू की। वह साइकिल से भाजपा कार्यालय और बाद में दादाजी मंदिर दरबार पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील की गई है, जिसके बाद उन्होंने स्वयं से शुरुआत करने का निर्णय लिया है।

विधायक ने बताया कि अब वह सप्ताह में कम से कम दो दिन शहर के कार्यक्रमों और भ्रमण के लिए साइकिल का उपयोग करेंगी। उनका मानना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी छोटी दूरी के लिए साइकिल या सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की।

महापौर ने काफिले में शामिल की इलेक्ट्रॉनिक गाड़ी
इधर खंडवा महापौर अमृता यादव ने भी ईंधन बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने काफिले से पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल किया है। महापौर का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक वाहन न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि इससे ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

महापौर ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि खुद इस दिशा में कदम बढ़ाएंगे तो आम जनता भी प्रेरित होगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं ताकि प्रदूषण और ईंधन खपत दोनों में कमी लाई जा सके।

    विधायक कंचन तनवे सप्ताह में दो दिन साइकिल से निकलेंगी
    महापौर अमृता यादव ने डीजल गाड़ियां हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल कर लिया
    ईंधन और समय बचाने महापौर अब नगर निगम की MIC बैठक ऑनलाइन करेंगी
    कांग्रेस ने भाजपा की ‘राजनीतिक नौटंकी’ करार दिया है
    कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने दिखावा कर रही है

MIC बैठक ऑनलाइन करने पर भी विचार
महापौर अमृता यादव ने नगर निगम की MIC बैठकों को भी ऑनलाइन करने को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। उनका मानना है कि ऑनलाइन बैठकें होने से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की आवाजाही कम होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत हो सकेगी। साथ ही डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

कांग्रेस ने साधा निशाना
भाजपा नेताओं की इस पहल पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सब केवल “राजनीतिक नौटंकी” है। उनका आरोप है कि भाजपा नेता जनता के बीच दिखावा करने के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं, जबकि वास्तविक मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

कांग्रेस का कहना है कि यदि भाजपा वास्तव में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है, तो उसे महंगाई, बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और शहर की बुनियादी समस्याओं पर भी ठोस कदम उठाने चाहिए।

शहर में चर्चा का विषय बनी पहल
फिलहाल विधायक की साइकिल यात्रा और महापौर की इलेक्ट्रॉनिक वाहन पहल शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे पर्यावरण संरक्षण की सकारात्मक शुरुआत मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल केवल प्रतीकात्मक रहती है या वास्तव में शहर में बड़े बदलाव की दिशा तय करती है।

 

MP के 13 हजार शिक्षकों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने निरस्त की मेरिट लिस्ट

जबलपुर 

 मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने  13 हजार 89 चयनित शिक्षकों की मेरिट लिस्ट रद्द कर दी है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में 5 प्रतिशत बोनस अंक विवाद पर जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने पूरी मेरिट लिस्ट को दोबारा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने गैर-आरसीआई अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने का भी आदेश दिया है।

मध्यप्रदेश के 13 हजार 89 शिक्षकों को बुधवार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की कथित तौर पर बोनस अंक विवाद जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। बुधवार को सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने विवादित मेरिट लिस्ट को निरस्त कर दिया। साथ ही राज्य शासन और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को नए सिरे से मेरिट लिस्ट बनाने को कहा है। नई मेरिट लिस्ट बनने से दोबारा प्रक्रिया होगी और इसका असर मध्यप्रदेश के 13 हजार 89 चयनित शिक्षकों पर पड़ेगा।

कौन है गैर-आरसीआई अभ्यर्थी, जिन्हें करेंगे बाहर
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि जिनके पास आरसीआई (भारतीय पुनर्वास परिषद) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा नहीं है, उन्हें 5 प्रतिशत बोनस का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने ऐसे सभी अपात्रों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने के निर्देश राज्य शासन और कर्मचारी चयन मंडल को दिए हैं। कोर्ट का मानना है कि यदि गलत जानकारी देकर लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को बाद में सुधार का अवसर दिया जाएगा तो यह ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। कोर्ट ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए लिखा है कि यदि पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थियों को अपने अंक कम कराने या नहीं वाला विकल्प चुनने की अनुमति दी जाती है तो यह सीधे बेईमानी को बढ़ावा देने जैसा हो जाएगा।

कहां से शुरू हुआ था विवाद
नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया और अन्य उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसमें सवाल उठाते हुए कहा था कि भर्ती नियमों के मुताबिक केवल आरसीआई से मान्यता प्राप्त ‘विशेष शिक्षा डिप्लोमा’ धारकों को ही 5 फीसदी बोनस अंक का लाभ दिया जाना था, लेकिन मेरिट सूची में करीब 14984 अभ्यर्थियों ने स्वयं को इसी श्रेणी में दर्शाकर बोनस अंक हासिल कर लिए। जबकि आरसीआई के आंकड़े कहते हैं कि मध्यप्रदेश में केवल 2194 कार्मिक और 3077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। यही विवाद का कारण बना।

हां लिखते ही मिल गए बोनस अंक
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में यह भी बताया कि
भर्ती प्रक्रिया के वक्त अभ्यर्थियों से न तो आरसीआई रजिस्ट्रेशन नंबर मांगा गया और न ही प्रमाण-पत्र। सिर्फ ऑनलाइन आवेदन में हां लिख देने से ही साफ्टवेयर के जरिए सीधे 5 प्रतिशत बोनस अंक दे दिए गए थे। खास बात यह है कि लोक शिक्षण संचालनालय ने पांच माह पहले ही चेतावनी दे दी थी कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का बोनस के लिए हां लिखा जाना संदिग्ध है। हालांकि तभी कोई ठोस कदम उठा लिए जाते तो आज मेरिट लिस्ट विवादों में नहीं रहती। इस पूरे प्रकरण में याचिकाकर्ता की तरफ से आलोक वागरेचा और विशाल बघेल ने पक्ष रखा था।

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर: छतरपुर में आग उगल रही धूप, बुंदेलखंड-चंबल में ऑरेंज अलर्ट

भोपाल
मध्यप्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है. बीते बुधवार को छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. वहीं कुछ हिस्सों में शाम के समय हल्के बादल और तेज हवाएं चल सकती है। 

मौसम विभाग के अनुसार आज इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम जिलों में तीव्र लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है साथ ही रात के समय तापमान में बढ़ोतरी देखने के मिलेगी. विभाग ने इन इलाकों में वॉर्म नाइट की चेतावनी भी दी है, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं हैं। 

कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ”पश्चिमी मध्य प्रदेश इस समय सबसे अधिक तप रहा है. बुधवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा. इसके अलावा धार में 45 डिग्री, उज्जैन में 44.7 डिग्री और गुना में 44.6 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया.” अरुण शर्मा ने बताया कि, ”लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए रतलाम और आसपास के जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है। 

मौसम विभाग ने 15 मई से 17 मई तक प्रदेश के कई जिलों में लू का असर और बढ़ने की चेतावनी जारी की है. इसके अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, सागर, अलीराजपुर, झाबुआ और धार में हीटवेव लोगों को परेशान करेगी. वहीं 16 और 17 मई को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में भी लू का दायरा फैलने की संभावना है. ऐसे में दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में येलो और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

रात में भी वार्म नाइट का अलर्ट जारी
तेज धूप की वजह से अब सिर्फ दिन की तपिश ही नहीं, बल्कि रात की गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है. इंदौर, उज्जैन और धार में मौसम विभाग ने वार्म नाइट यानी गर्म रातों का अलर्ट जारी किया है. इन शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रात में भी बना हुआ है. इसका असर लोगों की नींद और स्वास्थ्य दोनों पर पड़ रहा है, क्योंकि रात में भी शरीर को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। 

15 से नया विक्षोभ, लेकिन राहत नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है. दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण शुष्क हवाओं को बढ़ावा दे रहा है, जिससे गर्मी और अधिक बढ़ रही है. हालांकि 15 मई के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन मध्य प्रदेश में इससे तत्काल राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। 

सिवनी और जबलपुर में बारिश की संभावना
एक ओर जहां पश्चिमी मध्य प्रदेश गर्मी से झुलस रहा है, वहीं पूर्वी हिस्सों में मौसम का अलग रूप में देखने को मिल रहा है. सिवनी और जबलपुर समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है. जबकि इससे पहले सिवनी में पिछले 24 घंटों के दौरान 6.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर कुछ राहत महसूस की गई। 

इन जिलों में भी 44 के आसपास रहेगा तापमान
इसके अलावा नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में भी लू चलने की संभावना जताई गई है. राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी बनी रहेगी. मौसम विभाग ने दतिया, श्योपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान जताया है। 

मौसम विभाग की सलाह
लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है. शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। 

मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल से 10 मई तक पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण के असर से कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिला था. अब मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में गर्म और शुष्क हवाओं का असर बढ़ गया है. वर्तमान में लू और तेज गर्मी का दौर शुरू हो चुका है. हालांकि स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्के बादल या तेज हवाएं चल सकती हैं। 

जबलपुर हाईकोर्ट में राहुल गांधी मानहानि केस की अंतिम सुनवाई आज, पनामा पेपर बयान पर बढ़ी हलचल

जबलपुर 

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में आज एक बार फिर गुरुवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई जो कि दो दिन पहले हुई थी, उसमें कर्तिकेय सिंह चौहान ने जवाब देने के लिए समय मांगा था, जिसे कोर्ट ने मंजूर किया था।

इससे पहले हुई सुनवाई में दोनों पक्षों राहुल गांधी और कार्तिकेय चौहान के वकीलों ने अपना-अपना पक्ष रखा था। दरअसल, भोपाल की विशेष अदालत में चल रहे मानहानि प्रकरण को MP हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में चुनौती दी गई है।

झाबुआ में चुनावी सभा में दिया था बयान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के द्वारा दायर मानहानि परिवाद से जुड़ा है। एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल के विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। इसी समन और परिवाद को निरस्त कराने के लिए राहुल गांधी ने बीते दिनों मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और अजय गुप्ता ने पक्ष रखा था। कोर्ट को बताया गया कि परिवाद पूरी तरह निराधार हैं और लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

कार्तिकेय सिंह चौहान की और से कहा गया कि साल 2018 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी ने झाबुआ की चुनावी सभा में भाषण दिया था। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय का नाम लिया था।

हालांकि इसके दूसरे दिन ही राहुल गांधी ने अपने बयान पर कहा था कि वे कन्फ्यूज हो गए थे। दरअसल वे छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह के बेटे का नाम लेना चाह रहे थे, लेकिन कार्तिकेय का नाम ले लिया।

कार्तिकेय का दावा- इस बयान से उनकी छवि धूमिल हुई
राहुल गांधी ने अपने बयान में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर हुई कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश में ऐसी कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने दावा किया कि इस बयान से उनकी छवि धूमिल हुई और उन्होंने एमपीएमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया।

इसी मामले में विशेष अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था, जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। अब इस मामले पर संभवता आज अंतिम सुनवाई हो सकती है, जिस पर कि सभी की नजर बनी हुई है।

जस्टिस को कॉल मामले में बढ़ी हलचल, भाजपा विधायक संजय पाठक आज हाईकोर्ट में होंगे पेश

भोपाल
 मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़े जस्टिस को कथित फोन लगाने के मामले में आज एक बार फिर अहम सुनवाई होगी। कोर्ट के निर्देश पर उन्हें अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। डिवीजन बेंच, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की अध्यक्षता में मामले की सुनवाई करेगी। कोर्ट ने पहले ही विधायक की व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग को खारिज कर दिया था।

क्या है पूरा मामला?
पूरा विवाद 1 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में बताया था कि एक विधायक द्वारा उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई थी। उस समय उनके समक्ष विधायक परिवार से जुड़े खनन मामले की सुनवाई चल रही थी। न्यायिक निष्पक्षता को देखते हुए जस्टिस मिश्रा ने स्वयं को उस केस से अलग कर लिया था।

विधायक का पक्ष
पिछली सुनवाई में संजय पाठक ने हलफनामे में कहा था कि नंबर गलती से डायल हो गया था और कॉल एक ही रिंग में काट दी गई थी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी है।

गंभीर आरोपों की जांच
कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर कोर्ट ने इसे न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए इसे प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना करार दिया था। इसके बाद कोर्ट ने विधायक के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई पर विचार शुरू किया और उन्हें नोटिस जारी किया।

खनन विवाद से जुड़ा मामला
यह पूरा प्रकरण विधायक परिवार से जुड़ी खनन कंपनियों पर कथित अवैध उत्खनन के आरोपों से संबंधित है, जिसकी सुनवाई पहले जस्टिस मिश्रा की बेंच कर रही थी। आज की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट इस मामले में अगला बड़ा कदम तय कर सकता है।

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