देवास में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 4 की मौत; धमाके से दहला पूरा इलाका

देवास

 मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके से बड़ा हादसा हो गया. धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई. हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है. धमाके के समय फैक्ट्री के अंदर 25 से ज्यादा मजदूर मौजूद थे। 

मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है. देवास से करीब 17 किलोमीटर दूर हुए इस हादसे से इलाके में दहशत का माहौल. एबी रोड पर टोंककला के पास स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने के कुछ ही पलों बाद फैक्ट्री के भीतर रखे बारूद के जखीरे में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए. धमाकों की आवाज कई किलो मीटरदूर तक सुनाई दी। 

4 लोगों मौत कई बुरी तरह झुलसे
जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री में अचानक विस्फोट होने के बाद आग लग गई. धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. घटना के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. इस हृदयविदारक हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. झुलसे हुए लोगों की हालत इतनी नाजुक है कि मौत का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 

सुरक्षा मानकों की अनदेखी
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री में खुलेआम बारूद रखकर पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था और सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही थी. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। 

लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद गांव-गांव में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोगों ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि फैक्ट्री को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था. मौके पर सुबह भारी मात्रा में खुले में बारूद पड़े होने की बात भी सामने आई है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। 

घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि 20 से ज्यादा लोग झुलस गए हैं. घायलों को तुरंत एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से देवास के जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जिला अस्पताल में घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया, लेकिन कुछ लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है. अब तक सात गंभीर घायलों को इंदौर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। 

इलाके में धुएं का गुबार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के इलाके में धुएं का गुबार फैल गया. कई श्रमिक आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए. स्थानीय ग्रामीणों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की और प्रशासन को सूचना दी. हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। 

फिलहाल प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है. पुलिस ने फैक्ट्री परिसर को घेर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती आशंका है कि बारूद या पटाखा सामग्री में अचानक विस्फोट होने से यह हादसा हुआ. हालांकि, विस्फोट के सही कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा. मौके पर ADG उज्जैन राकेश गुप्ता, संभागायुक्त आशीष सिंह, DIG, कलेक्टर और एसपी पहुंचे हैं। 

हादसे की जांच होगी
प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और वहां काम कर रहे मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं. अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं, जिला प्रशासन लगातार अस्पतालों से घायलों की स्थिति की जानकारी ले रहा है। 

50 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण परियोजना से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सतना को होगा सतत विकास

भोपाल

नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्य मंत्री  प्रतिमा बागरी ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला से मुलाकात कर सतना जिले को 50 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण परियोजना की स्वीकृति मिलने पर आभार व्यक्त किया।

यह परियोजना राज्य सरकार के व्यापक ऊर्जा लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत 300 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना (4 घंटे ऊर्जा भंडारण सहित), 300 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना (6 घंटे ऊर्जा भंडारण सहित) तथा 200 मेगावाट 24 घंटे उपलब्धता वाली सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।

यह परियोजना सतना के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, उद्योगों एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास एवं आधारभूत सुविधाओं में सुधार आएगा। ऊर्जा भंडारण तकनीक के माध्यम से अधिक स्थिर एवं प्रभावी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा हरित एवं सतत विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना सतना को देश के उभरते हुए ग्रीन एनर्जी हब के रूप में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

जहरीली हल्दी बनी जानलेवा! शादी से पहले उबटन लगाते ही दुल्हन की मौत

खरगोन

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में मिलावटी हल्दी से एलर्जी होने के कारण एक दुल्हन की मौत हो जाने की बात सामने आई है। खरगोन में मिलावटी हल्दी से कई दूल्हा-दुल्हनों के बीमार होने के मामले सामने आने के बाद एक परिवार ने जानकारी दी है कि इसी तरह के लक्षणों से उनकी बेटी राखी की भी मौत हो चुकी है। मामला अप्रैल के अंतिम सप्ताह का है। मंडप की रस्म के दिन दुल्हन की मौत से शादी की तैयारियों के बीच मातम छा गया। मृतका के परिजन के अनुसार, स्थानीय हाट बाजार से खरीदी गई हल्दी रस्म के दौरान दुल्हन को लगाई गई थी। इसके कुछ समय बाद उसे एलर्जी हो गई। कई दिन उपचार के बाद भी चिकित्सक उसे बचा नहीं पाए।

रस्म के बाद बिगड़ी तबीयत, इंदौर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

मृतका 22 वर्षीय राखी खरगोन जिले के टेकड़ी निवासी गजुनाथ की बेटी थी। पिता ने बताया कि बेटी की शादी ग्राम खामखेड़ा में तय की गई थी। 26 अप्रैल को बरात आनी थी। इससे पहले 22 अप्रैल को हल्दी की रस्म हुई। उसी रात बेटी की तबीयत बिगड़ने लगी। गले में जलन और सूजन बढ़ने लगी, होंठ फूल गए और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए। जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन वहां हालत गंभीर होने पर इंदौर के शासकीय एमवाय अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

वहां एक्स-रे, ईसीजी सहित कई जांचें की गईं, लेकिन गले की तकलीफ और चेहरे की सूजन लगातार बढ़ती रही। गजुनाथ ने बताया कि एमवाय में फायदा होते नहीं दिखा तो बेटी को इंदौर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां उपचार का खर्च अधिक आने के कारण वापस एमवाय जाने का फैसला किया, लेकिन रास्ते में ही बेटी ने दम तोड़ दिया। उसी दिन मंडप की रस्म होनी थी। शव लेकर सीधा गांव आ गए और अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस में शिकायत नहीं की, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं हुआ।

स्वास्थ्य विभाग सक्रिय: जांच के लिए भेजे गए सैंपल

खरगोन के सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को पीड़ित परिवार के घर भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि खरगोन में मिलावटी हल्दी से चार दूल्हा-दुल्हनों के बीमार होने के मामले सामने आ चुके हैं। राखी के स्वजन ने शासकीय एमवाय अस्पताल की वह पर्ची भी दिखाई, जिसमें चिकित्सक ने उसे ‘हल्दी से रिएक्शन’ होने का उल्लेख किया है। स्वजन के अनुसार, उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उपयोग की गई हल्दी का सैंपल भी मंगवाया था। यह सैंपल जांच के लिए इंदौर के खाद्य विभाग को दिया गया है।

चिकित्सकों ने की हल्दी से रिएक्शन की पुष्टि

अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हल्दी में किस तरह की मिलावट या रसायन मौजूद थे, जिनसे युवती की तबीयत बिगड़ी। इंदौर स्थित शासकीय एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि स्वजन युवती को गंभीर हालत में लेकर आए थे। प्रारंभिक जांच में हल्दी से रिएक्शन और संक्रमण की आशंका पर उपचार शुरू किया गया था।

आई.डी.बी.आई. बैंक द्वारा दो बोलेरो कैम्पर वाहन का प्रदाय एवं बाघ का किया अंगीकरण

भोपाल

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में वन्यप्राणी अंगीकरण योजना 01 जनवरी 2009 को प्रारंभ की गई थी। इस योजना अंतर्गत आई.डी.बी.आई. बैंक भोपाल ने पर्यावरण तथा वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति प्रेम की ओर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। बैंक द्वारा मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों को भोजन प्रदाय के लिये 2 बोलेरो कैम्पर वाहन प्रदाय किये गये एवं एक नर बाघ ‘बाजीराव’ को एक वर्ष के लिये गोद लिया।

आई.डी.बी.आई बैंक से महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  महेश चन्द्र कारी, उप महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  राजेश अग्रवाल, सहायक महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  अचल जैन, सहायक महाप्रबंधक आंचलिक कार्यालय भोपाल  ब्लेसियन डेनियल, प्रबंधक, आंचलिक कार्यालय भोपाल  आदित्य अग्रवाल द्वारा सीएसआर अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक  विजय कुमार को 2 बोलेरो कैम्पर वाहन की चाबी प्रदाय की गई एवं नर बाघ ‘बाजीराव को एक वर्ष के लिये अंगीकरण लिया गया। इस अवसर पर सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं इकाई प्रभारी पर्यटन  के.एन शर्मा भी उपस्थित रहे। संचालक वन विहार द्वारा आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को अंगीकरण सम्बधी प्रमाण-पत्र प्रदाय किया। इस योजना में अब तक 107 वन्यप्राणियों को गोद लिया जा चुका है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य मंत्री जायसवाल के पुत्र के विवाह समारोह में हुए शामिल

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल के सुपुत्र अभिशंख जायसवाल एवं पुत्रवधू स्तुति जायसवाल के पावन वैवाहिक बंधन मांगलिक अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगल आशीष प्रदान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से नवदंपति के सुखमय, समृद्ध एवं आनंदपूर्ण दाम्पत्य जीवन की कामना करते हुए कहा कि यह नवीन जीवन यात्रा प्रेम, विश्वास, सम्मान और अटूट साथ के पवित्र सूत्र से सदैव सुसज्जित रहे। उनके जीवन में सुख, शांति, वैभव, उत्तम स्वास्थ्य और उन्नति का प्रकाश निरंतर बना रहे तथा परिवार का आंगन सदैव खुशियों, सौभाग्य और मधुर संबंधों की सुगंध से महकता रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिजुरी में आयोजित वैवाहिक समारोह में सम्मिलित हुए और नवविवाहित दंपति को अपने स्नेहिल आशीर्वचनों से अभिसिंचित कर उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्यमंत्री  जायसवाल एवं उनके परिवारजन से आत्मीय भेंट कर इस सुखद अवसर की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं अतिथियों से भी मुख्यमंत्री ने आत्मीय चर्चा की।

इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती सम्पतिया उइके, शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद मती हिमाद्री सिंह, मंडला सांसद  फग्गन सिंह कुलस्ते, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री तथा अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार, विधायक एवं पूर्व मंत्री  बिसाहूलाल सिंह, विधायक जैतपुर  जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर मती मनीषा सिंह, कलेक्टर  हर्षल पंचोली, उपाध्यक्ष जिला पंचायत अनूपपुर मती पार्वती राठौर, जिला पंचायत सदस्य भारती केवट नर्मदा सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी की द्वितीय परीक्षा में किया आंशिक संशोधन

भोपाल 

माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा आयोजित हाई स्कूल/हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा वर्ष 2026 के परीक्षा कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है।

यह संशोधन कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG-2026) की परीक्षाओं के दृष्टिगत किया गया है।

इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश भी जारी किए गए है। साथ ही संशोधित परीक्षा कार्यक्रम को विद्यालय के सूचना पटल पर प्रमुखता से प्रदर्शित करने और संबंधित विद्यार्थियों को इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाने को कहा है।

परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। नियमित, स्वाध्यायी एवं दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों की परीक्षाएं समान तिथि एवं समय पर संपन्न होंगी।

विद्यार्थी संशोधित परीक्षा कार्यक्रम मंडल की वेबसाइट माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश पर भी देख सकते हैं।

मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व निर्धारित परीक्षा तिथियों में परिवर्तन किया गया है। 14 मई 2026 को आयोजित होने वाली कृषि (Agriculture), गृह विज्ञान (Home Science) एवं अकाउंटेंसी (Accountancy) विषयों की परीक्षाएं अब 19 मई 2026 को होंगी। वहीं 21 मई को होने वाली गणित (Mathematics) एवं मनोविज्ञान (Psychology) विषयों की परीक्षाएं अब 26 मई 2026 आयोजित की जाएंगी।

 

विदेशी TV सीरीज में चमकेगा प्रदेश: दुनिया के 80 देशों तक पहुंचेगा रोचक इतिहास

भोपाल 

 मध्यप्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और वन्यजीवन अब सरहदों को पार कर वैश्विक पटल पर अपनी चमक बिखेरने को तैयार है। स्पेन के मशहूर प्रोडक्शन हाउस कलर्स क्युनिकेशन ग्रुप (RTVV) द्वारा निर्मित इंटरनेशनल सीरीज रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड की शूटिंग इन दिनों प्रदेश (MP Tourism) के विभिन्न अंचलों में जारी है। यह सीरीज जब दुनिया के 80 से अधिक देशों में प्रसारित होगी, तो मध्यप्रदेश का ‘अतिथि देवो भव:’ वाला अंदाज सात समंदर पार गूंजेगा। स्पेनिश क्रू ने अपनी इस डॉक्यूमेंट्री (MP Tourism) में एमपी की विविधता को पिरोने के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों से लेकर अनछुए ग्रामीण अंचलों तक का सफर तय किया है।

प्रमुख शूटिंग लोकेशंस
भोपाल- मेंबड़ा तालाब, जगदीशपुर और पुरानी हवेली के दृश्य शूट किए गए हैं। 

रायसेन व सीहोर: मेंसांची स्तूप, तवा डैम और मढ़ई में भी गई टीम।

महेश्वर व मांडू: में नर्मदा घाट और ऐतिहासिक किले भी आए पसंद।

भेड़ाघाट:मेंधुआंधार जलप्रपात और ग्रामीण जीवन ने किया आकर्षित।

कैमरे में कैद एमपी की रूह
सांची और भीमबेटका: इस TV सीरीज (MP Tourism) के लिए क्रू ने प्राचीन इतिहास और पुरापाषाण काल के शैलचित्रों से प्रदेश की ऐतिहासिक गहराई को फिल्माया गया है।

सतपुड़ा और पचमढ़ी: सीरीज में एमपी के सतपुड़ा और पचमढ़ी की बोट सफारी और घने जंगलों के जरिए वन्यजीव पर्यटन की वैश्विक संभावनाओं को उभारा गया है।

महाकाल की नगरी: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर (MP Tourism) की आध्यात्मिक भव्यता इस सीरीज का एक प्रमुख आकर्षण होगी।

क्रू का जीता दिल
वहीं स्पेनी फिल्म डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने तामिया, साबरवानी और धुसावानी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के बीच रहकर हुए अपने अनुभवों को जादुई बताया। उन्होंने कहा कि अगर आप असली भारत को समझना चाहते हैं, तो यहां आना ही होगा। यहां की गोंड पेंटिंग, स्थानीय खान-पान और होमस्टे के खास अनुभवों ने अंतरराष्ट्रीय टीम को काफी प्रभावित किया है।

स्पेन के साथ हुए MOU का नतीजा
यह स्पेन के साथ हुए एमओयू का बड़ा नतीजा (MP Tourism) है। एमपी अब केवल घूमने के लिए नहीं, बल्कि शूटिंग के लिए भी दुनिया की पसंद बनता जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे कई और वैश्विक फिल्म एवं कंटेंट प्रोडक्शन प्रोजेक्ट्स देखने को मिलेंगे।

-डॉ. इलैयाराजा टी., प्रबंध संचालक, एमपीटीबी

MP के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी तैयारी: बदलेंगे 2 पुराने नियम, जल्द आएंगे नए आदेश

भोपाल 

मोहन सरकार अपने कर्मचारियों (MP Government employees) से जुड़े दो बड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। वर्षों पहले ‘दो ही बच्चे अच्छे’ वाली जो बंदिशें लगाई थी, उसे हटाने पर सहमति बन गई है। आदेश कभी भी जारी हो जाएंगे। जिसके बाद उन सैकड़ों कर्मचारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट जाएगी, जिन्होंने जाने अनजाने में दो से अधिक बच्चे पैदा किए हैं। सरकार का यह फैसला राहत देने वाला होगा।

दूसरी तरफ कुछ शर्तों के साथ अधिकारी, कर्मचारियों के लिए गिफ्ट लेना पहले से आसान हो जाएगा। ये एक वर्ष के भीतर अपनी एक सैलरी के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे। ज्यादा कीमती गिफ्ट लेने पर कार्रवाई के दायरे में आएंगे। अधिकारी, कर्मचारियों को निवेश भी सोच समझकर ही करना होगा।

गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाया तो खैर नहीं
निवेश की जाने वाली रकम, कमाई से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ये सभी प्रावधान नए सिरे से तैयार किए जा रहे सिविल सेवा आचरण नियमों में किया जा रहा है। संशोधित सेवा नियम जारी होने बाकी है। सूत्रों के मुताबिक सरकार उक्त नियमों में संशोधन कर एक तरफ जहां राहत देने जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाने से रोकने को लेकर भी कई कड़े प्रावधान किए जाने पर विचार चल रहा है।

वास्तविकता से दूर गिफ्ट लेने की शर्त
पुराने नियमों के तहत अभी अधिकारी-कर्मचारी 1500 या इससे अधिक का गिफ्ट स्वीकार नहीं कर सकते। समय के साथ यह बात वास्तविकता से मैच नहीं खा रही है। विवाह आयोजन, विवाह वर्षगांठ, धार्मिक समारोह जैसे अवसरों पर एक सामान्य व्यक्ति, जो कि शासकीय सेवक नहीं है, उसे भी कई गुना अधिक राशि के नकद उपहार मिलते हैं। ऐसे में शासकीय सेवकों के लिए पूर्व से लागू शर्त अव्यावहारिक है। समिति ने केंद्र सरकार के नए प्रावधानों का अध्ययन किया और पाया कि यह शर्त वास्तव में अव्यावहारिक है।

महंगे गिफ्ट के प्रवेश पर लग सकती है रोक
मंत्रालय में लगे सीसीटीवी कैमरे इस बात के प्रमाण है कि दीपावली जैसे मौकों पर लाखों के गिफ्ट पैक को मंत्रालय में प्रवेश दिया जाता है। जिसके पीछे बड़ी फर्मों व लोगों का हाथ होता है। ये गिफ्ट पैक कुछ बड़े अफसरों के कैबिन से लग्जरी वाहनों में घरों तक पहुंचते हैं।

रुकेंगे ऐसे मामले
मध्यप्रदेश में इस आदेश के आने पर बच्चों को मारने की घटनाओं पर विराम लगेगा। बीते महीनों पहले छिंदवाड़ा के नांदनवाड़ी प्राइमरी स्कूल के टीचर बबलू डांडोलिया के पहले से तीन बच्चे थे। नौकरी जाने के डर से बबलू ने पत्नी राजकुमारी के गर्भवती होने की जानकारी छिपाई। 23 सितंबर को रात करीब 3 बजे घर में ही बच्चे का जन्म हुआ।

इसके बाद दोनों नवजात को नांदनवाड़ी गांव के जंगल ले गए। यहां उन्होंने बच्चे लावारिस छोड़ा और उसे पत्थरों से दबा दिया। दूसरे दिन ग्रामीण जब जंगल की तरफ गए तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पत्थर हटाकर देखा तो मासूम जिंदा था। रातभर ठंड में पड़े होने और चींटियों के काटने की वजह से उसे इन्फेक्शन हो गया था। ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए थे।

सिंहस्थ 2028 होगा हाईटेक: उज्जैन में AI आधारित सुरक्षा मॉडल तैयार

उज्जैन
 धार्मिक आस्था के सबसे बड़े आयोजनों में से एक सिंहस्थ महापर्व 2028 को लेकर उज्जैन में तैयारियां अब हाईटेक मोड पर पहुंच गई हैं। इस बार मेले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जरिए भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक को पूरी तरह स्मार्ट बनाया जाएगा।

सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। विशेष पुलिस महानिदेशक उपेन्द्र जैन ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि इस बार सिंहस्थ को AI आधारित निगरानी सिस्टम से लैस किया जाएगा। आधुनिक CCTV कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों की पहचान की जाएगी।

मेला क्षेत्र में संवेदनशील और अति-संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। वहीं भीड़ नियंत्रण, लापता लोगों की खोज, महिला सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। इसके साथ ही ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर भी विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है। डायवर्जन रूट, पार्किंग जोन और इमरजेंसी वाहनों के लिए अलग कॉरिडोर बनाए जाएंगे ताकि भारी भीड़ के बावजूद यातायात सुचारू बना रहे।

टेंट सिटी और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा को देखते हुए फायर सेफ्टी पर विशेष जोर दिया गया है। फायर ब्रिगेड को अलर्ट रखने और समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आपदा प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।

एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और रेस्क्यू यूनिट को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा की समीक्षा की।

ऑक्शन में प्रारंभिक न्यूनतम दर की तुलना में 35 प्रतिशत कम दर हुई प्राप्त: मंत्री शुक्ला

भोपाल

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने बताया है कि बुधवार 13 मई को प्रदेश में पहली बार सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ई-रिवर्स ऑक्शन हुई है। उन्होंने बताया है कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा राज्य के विभिन्न सोलर पार्कों की आंतरिक विद्युत निकासी प्रणाली (उपकेन्द्र एवं उनसे संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों) के संचालन एवं संधारण कार्य के लिये प्रदेश में पहली बार सफलतापूर्वक ई-रिवर्स ऑक्शन हुई। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि ऑक्शन में प्रारंभिक न्यूनतम दर (वर्तमान प्रक्रिया) की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम दर प्राप्त हुई है।

मंत्री  शुक्ला ने बताया कि यह कार्य आरयूएमएसएल द्वारा विकसित सोलर पार्कों के 33/220 केवी पूलिंग सब-स्टेशनों, संबद्ध 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों, सुरक्षा व्यवस्था, रख-रखाव तथा संपूर्ण आंतरिक विद्युत निकासी अवसंरचना के संचालन एवं संधारण से संबंधित है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 1930 एमवीए क्षमता के पूलिंग सब-स्टेशनों तथा लगभग 171 किलोमीटर लंबी 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन एवं रख-रखाव किया जाएगा।

मंत्री  शुक्ला ने बताया कि तकनीकी मूल्यांकन के बाद वित्तीय बोली में प्राप्त प्रारंभिक न्यूनतम दर (बेस्ट कोट/एल-1 रेट) रुपये 1,34,93,280.97 थी। इसके आधार पर ई-रिवर्स ऑक्शन हुई, जो लगभग 3 घंटे तक चली। प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के परिणामस्वरूप अंतिम दर घटकर रुपये 88,43,280.97 प्राप्त हुई, जो प्रारंभिक एल-1 दर की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम है।

मंत्री  शुक्ला ने बताया कि आरयूएमएसएल द्वारा अपनाई गई यह पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया सार्वजनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा लागत में उल्लेखनीय बचत सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे संचालन एवं संधारण कार्यों में दक्षता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। साथ ही प्रदेश की अक्षय ऊर्जा अवसंरचना को भी और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने बताया कि आरयूएमएसएल द्वारा रीवा, आगर, शाजापुर, नीमच एवं ओंकारेश्वर जैसी सोलर पार्क परियोजनाएँ पूर्व में विकसित की गई हैं। इन परियोजनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट योजना, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहचान बनाई है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है तथा इसे देश में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की एक मॉडल परियोजना माना जाता है। आरयूएमएसएल लगातार नवीन एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रियाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिये कार्य कर रहा है।

 

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